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किसान

रोडमैप बनाकर खेती की तस्वीर बदलने की दिशा में काम करें-आयुक्त

23-Jun-2020

दुर्ग (शोर सन्देश) कृषि उत्पादन आयुक्त ने आज अधिकारियों की समीक्षा बैठक जिसमें खेती किसानी की तरक्की के लिए अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली जिसमें अगले तीन सालों के लिए रोडमैप बनाकर खेती की तस्वीर बदलने की दिशा में काम करें। किसानों को साल में तीन फसल लेने तैयार करें। दलहल-तिलहन के रकबे में बढ़ोत्तरी के साथ यांत्रिकीकरण की दिशा में काम हो। इसके साथ ही बायो फोर्टिफाइड राइस जैसे नवाचारों की ओर भी किसानों को शिफ्ट करें। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता इन तीन बिन्दुओं पर जोर दिया।

इसके लिए कार्ययोजना बनाकर इनके कार्यान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले में खेती-किसानी और इससे संबंधित अनुशांगिक विभागों के लिए बड़ी गुंजाइश है। रायपुर और दुर्ग-भिलाई के रूप में किसानों के लिए बड़ा मार्केट उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि गौठानों को भी ग्रामीण आजीविका केंद्र के रूप में विकसित करना है। इस दिशा में भी लगातार कार्य करें।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने विस्तार से जिले में चल रही कृषि गतिविधियों और नवाचारों की जानकारी दी। इस मौके पर संचालक कृषि नीलेश क्षीरसागर, संचालक उद्यानिकी वी. मथेश्वरन, संचालक मत्स्य वीके शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  बायो फोर्टिफाइड धान जैसी किस्मों से भी किसानों को कराएं परिचित- सचिव ने वैविध्य पर विशेष फोकस किया। उन्होंने कहा कि तीन सल लें। धान की किस्मों में भी वैविध्य ले सकते हैं। जैसे किसानों को बायो फोर्टिफाइड धान, सुगंधित धान और औषधि गुण वाले धान की किस्मों को लेने का आग्रह कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कुपोषण दूर करने में बायो फोर्टिफाइड किस्म के धान की बड़ी भूमिका होती है। इसका बड़ा बाजार तैयार हो रहा है। यदि हमारे यहां के किसानों को इस दिशा में तैयार करें तो उनके लिए लाभ की गुंजाइश काफ बढ़ सकती है। 


सफलता की कहानी : मानसून की दस्तक से खेती-किसानी के कार्याें में आ रही तेजी

19-Jun-2020

राजीव गांधी किसान न्याय योजना से खुश किसान दोगुने उत्साह के साथ जुटे खेती-बाड़ी दलहन-तिलहन फसल का बढ़ेगा उत्पादन 

रायपुर (शोर सन्देश) कोरोना महामारी से आयी आर्थिक मंदी के दौरान मानसून की दस्तक आते ही खेती-किसानी के कार्याें में तेजी आयी है। राज्य शासन द्वारा किसानों के लिए गए जनहितकारी फैसलों से जहां किसानों का उत्साह बढ़ा है, वहीं सुकमा जिले के किसान दलहन-तिलहन फसल में भी दोगुने उत्साह से अपनी रुचि दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य शासन की महात्वाकांक्षी योजना राजीव गांधी किसान न्याय योजना प्रारंभ कर किसानों से किए गए अपने वादे को पूरा किया। इस योजना के तहत सुकमा जिले के 7933 किसानों को पहले किश्त के तौर पर पांच करोड़ 74 लाख रुपए का भुगतान किया गया, जिससे खेती किसानी की तैयारियों में जुटे किसानों के खातों में पहुंची इस राशि से उन्हें राहत मिली और कृषि कार्य में उनका उत्साह बढा है। खेती किसानी की तैयारियों में जुटे किसानों के उत्साह को देखकर कृषि विभाग द्वारा इस वर्ष पिछले साल की अपेक्षा लगभग डेढ़ हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अधिक बुआई का अनुमान लगाया गया है। कृषि विभाग से मिली जानकारी अनुसार पिछले साल सुकमा जिले ंमें जहां लगभग 94280 हेक्टेयर में खरीफ की फसल ली गई थी, वहीं इस साल 95830 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ फसल लिए जाने का अनुमान है। इससे दलहन और तिलहन के रकबे में भी अच्छी खासी बढ़ोत्तरी का अनुमान है। जिले में पिछले साल किसानों ने 5615 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी और अन्य दलहन की फसल ली गई थी, जो इस साल बढ़कर लगभग 8300 हेक्टेयर का अनुमान है। तिलहन की फसल भी पिछले साल 1855 हेक्टेयर में ली गई थी, जो इस साल बढ़कर 2440 हेक्टेयर होने का अनुमान है।
खेती किसानी के प्रति किसानों के उत्साह को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा भी सभी तैयारियां की गई हैं। बीज भण्डारण के संबंध में बताया गया कि पिछले साल 6255 क्विंटल बीज का वितरण किया गया था। वहीं इस साल 6629 क्विंटल बीज की मांग की गई है। अब तक 3500 क्विंटल से अधिक बीज का वितरण किया जा चुका है और लगभग 3150 क्विंटल बीज उपलब्ध है। पिछले वर्ष 1726 टन खाद की खपत को देखते हुए इस साल 2500 टन खाद के खपत होने का अनुमान है। वर्तमान में 1362 टन से अधिक खाद का वितरण किया जा चुका है और लगभग 700 टन खाद उपलब्ध है।किसानों को खेती किसानी में किसी भी प्रकार की आर्थिक समस्या आए, इसके लिए अधिक से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। सुकमा में इस साल 4000 नए किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया था और अब तक 1300 से अधिक नए केसीसी जारी किए जा चुके हैं। खेती किसानी के लिए इस साल 21 करोड़ 80 लाख रुपए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 3051 किसानों को लगभग 10 करोड़ 87 लाख रुपए बिना ब्याज का कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। जिले में इस साल कृषि के रकबे में होने वाली वृद्धि से कोरोना वायरस के कारण दूसरे राज्यों से वापस आये मजदूरों को भी स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध उपलब्ध होगा।


किसानों के हित में शीघ्र ही फैसला नहीं लेने पर भाजपा-भाजयुमो का किसानों के साथ आन्दोलन होगा’

06-Jun-2020

 रायपुर (शोर सन्देश) भारतीय जनता पार्टी के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने किसानों को रबी पसल में उत्पादित मक्का की सरकारी ख़रीदी अथवा नेकाफ (एनजीओ) के माध्यम से ख़रीदी करने की मांग की है। श्री उसेण्डी ने मक्का फसल की ख़रीदी 1800 रु. प्रति क्विंटल की दर से करने की मांग करते हुए कहा कि किसानों के हित को देखते हुए यथाशीघ्र यह व्यवस्था की जानी चाहिए।
भाजपा के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष उसेण्डी ने प्रदेश की राज्यपाल अनुसुइया उईके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांकेर जिले के परलकोट (पखांजूर) क्षेत्र के किसानों, भाजपा भाजयुमो द्वारा सौंपे गए उक्ताशय के ज्ञापन के बारे में बताया और कहा कि क्षेत्र के किसानों ने सरकारी खरीदी या नेकाफ के माध्यम से मक्का की 1800 रु. प्रति क्विंटल की दर से खरीदी करने की मांग की है। उसेण्डी ने कहा कि यह व्यवस्था होने पर किसानों को फसल का सही दाम और पारिश्रमिक मिल सकेगा। फिलहाल यह व्यवस्था नहीं होने के कारण कोचिए और व्यापारी किसानों से यह मक्का हजार-12सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर पर औने-पौने खरीद रहे हैं और किसानों की विवशता का नाजायज लाभ उठाकर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुँचा रहे हैं।
भाजपा के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष श्री उसेण्डी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मक्का की सरकारी या नेकाफ के माध्यम से खरीदी की व्यवस्था नहीं होने के कारण एक ओर जहाँ किसान आर्थिक दिक्कतों से दो-चार हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कर्ज के बोझ तले दबे किसानों के सामने आत्मघाती फैसला लेने के अलावा और कोई विकल्प नहीं रह गया है। श्री उसेण्डी ने चेतावनी दी कि किसानों के हित में शीघ्र ही कोई फैसला सरकार नहीं लेती है तो भाजपा और भाजयुमो द्वारा किसानों को साथ लेकर बड़ा आन्दोलन पखांजूर क्षेत्र में किया जाएगा। उसेण्डी ने बताया कि राज्यपाल मुख्यमंत्री को यह ज्ञापन क्रमशः पार्टी और राजस्व अनुविभागीय अधिकारी केमाध्यम से प्रेषित किया गया है।


अंतर्गत कृषि विभाग में खरीफ सीजन के लिए दलहन व तिलहन फसलों का बीज वितरण

06-Jun-2020


उदयपुर (शोर सन्देश) ब्लॉक मुख्यालय उदयपुर अंतर्गत कृषि विभाग में खरीफ सीजन के लिए दलहन तिलहन फसलों का बीज वितरण के लिए अभी तक भंडारण नहीं हो सका है। छत्तीसगढ़ शासन के राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ मौसम के फसल में धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुरथी रामतिल कोदो कुटकी रागी शामिल है। सरकार की ओर से इस योजना के तहत फसलों के उत्पादन पर प्रोत्साहन स्वरूप प्रति एकड़? दस हजार नगद डीबीटी के माध्यम से भुगतान करने की घोषणा की गई है, इसी योजना के तहत विगत खरीफ सीजन के धान का बोनस लोगों के खाते में आने भी लगा है।
मानसून आने वाला है और कृषि विभाग की ओर से बीज भंडारण अभी तक नहीं किया गया है, बीज भंडारण नहीं होने से लोगों को किसान न्याय योजना का लाभ मिलने में भी परेशानी होगी दलहन और तिलहन बीज का भंडारण नहीं होने से किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन किसान कृषि विभाग के दफ्तर का चक्कर लगाकर बीजों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर उपलब्धता नहीं होने की बात सुनकर निराश होकर घर की ओर लौट जाते है। इस बारे में बात करने पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जे एस पंवार ने बताया कि 120 क्विंटल प्रमाणित राजेश्वरी धान आया है। दलहन तिलहन फसलों के बीज शासन स्तर से ही उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, इस वजह से भंडारण नहीं हो सका है। एक सप्ताह में दलहन और तिलहन फसलों के बीच आने की उम्मीद है  


बीज एवं खाद भंडारण व्यवस्था बनाए रखने के दिए निर्देश

05-Jun-2020

राजनांदगांव(शोर सन्देश) कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कल छुरिया विकासखंड के ग्राम गैंदाटोला में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति का निरीक्षण किया। श्री वर्मा ने केन्द्र प्रभारी से बीज एवं खाद के भंडारण तथा उठाव की जानकारी ली। उन्होंने इसकी समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। श्री वर्मा ने केन्द्र प्रभारी को बीज लगाने और खाद के उपयोग के बारे में किसानों को बताने के निर्देश भी दिए, ताकि फसलों की पैदावारी अच्छे से हो सकें।
कलेक्टर श्री वर्मा ने निरीक्षण के दौरान खाद और बीज लेने आए किसानों से चर्चा की। इस दौरान मातेखार के किसान श्री सुदामा साहू ने बताया कि खरीफ मौसम के लिए बीज और खाद लेने आए है। इसके पहले वे मनरेगा में काम करते थे। उन्हें बताया कि मनरेगा मजदूरी राशि प्राप्त हो गया है। साथ ही फसल बीमा राशि, राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किस्त की राशि भी प्राप्त हो गई है। श्री वर्मा ने किसानों से क्वारेन्टाइन सेंटर में रुके हुए मजदूरों की भी जानकरी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी किसान को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस मौके पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तनुजा सलाम, एसडीएम डोंगरगांव विरेन्द्र सिंह, अतिरिक्त जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिलीप कुर्रे एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  


पहले भी डॉ. राधाकृष्णन को बता चुके है देश का दूसरा प्रधानमंत्री

05-Jun-2020

दुर्ग (शोर सन्देश) एकओर जहां प्रदेश सरकार किसानों की कर्जमाफी, न्याय योजना सहित कई राहत भरे फैसले लेकर छग की जनता का विश्वास जीतने का कार्य कर रही है, वहीं दुर्ग शहर विधायक अरूण वोरा ने अपने मेल से जारी विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेशवासयिों की नजर में पहले नंबर है, वहीं उन्होंने अपने विज्ञप्ति में बताया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 25 रूपये क्विंटल धान खरीदी कर न्याय योजना शुरू कर राहत भरा फैसला लिया है। 25 रूपये क्विंटल धान खरीदी का व्यक्तव्य देना बड़ा ही निंदनीय है, यदि कांग्रेस के ऐसे विधायक रहेंगे तो प्रदेश सरकार की भी किरकिरी ही होगी। एक ओर जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 25 सौ रूपये क्विंटल धान खरीदी किये है उसको वे 25 रूपये क्चिंटल बता रहे हैं। ऐसा ही एक वाक्या कुछ साल पहले की है जब अरूण वोरा भिलाई के गालिब मेमोरियल स्कूल में शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि बनाया गया था वहां भी उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि डॉ. राधाकृष्णन बचपन से ही मेघावी थे, वे अपने मेहनत काबिलयत के बल पर शिक्षक से देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने थे। जिस नेता को यह नही बता कि डॉ. राधाकृष्णन देश के दूसरे प्रधानमंत्री नही बल्कि दूसरे राष्ट्रपति बने थे। हमारे संवाददाता द्वारा भाषण के बाद जब बताया गया कि डॉ. राधाकृष्णन देश के दूसरे प्रधानमंत्री नही बल्कि दूसरे राष्ट्रपति थे तो उन्हेांने जो उत्तर दिया था वह भी लाजवाब था कि मंै जिसमें पढा हूं उसमें छपा है डॉ. राधाकृष्णन देश के दूसरे प्रधानमंत्री थे। ऐसे नेता हमारे जनता के कर्णधार है तो उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है। मेल में आया हुआ उनका न्यूज भी नीचे हुबहु दिया जा रहा है। और उनके लेटर पैड में लिखा भी फोटो के रूप में।
00 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेशवासियों की नजर में पहले नंबर पर : वोरा
विधायक अरूण वोरा ने आईएएनएस.सी वोटर स्टेट ऑफ नेशन 2020 सर्वे में देश के दूसरे सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री चुने जाने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बधाई देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य की जनता के नजर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरे देश में सबसे उत्कृष्ट मुख्यमंत्री हैं। मुख्यमंत्री और उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का काम दूसरे नंबर पर नहीं बल्कि पहले नंबर पर है। वोरा ने कहा कि पिछले डेढ़ साल के कार्यकाल में भूपेश सरकार ने किसानों की कर्जमाफी और 25 रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी के साथ न्याय योजना शुरू कर बहुत बड़े राहत भरे फैसले किए हैं। देश में धान का सबसे ज्यादा मूल्य छत्तीसगढ़ सरकार दे रही है। इसी तरह वनोपज का मूल्य भी आदिवासियों को सबसे ज्यादा दिया जा रहा है। इन फैसलों से परेशानहाल किसानों आदिवासियों की आर्थिक स्थिति सुधर रही है। इसी तरह भूपेश सरकार ने हाट बाजार क्लीनिक, मोहल्ला क्लीनिक जैसी योजनाएं शुरू कर लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए उनके इलाज की चिंता की है। हाफ बिजली बिल जैसी योजना लागू कर पूरे छत्तीसगढ़वासियों को बड़ी राहत देने का महत्वपूर्ण फैसला किया गया है। भूपेश सरकार ने कोविड 19 महामारी से बचाव और इलाज के लिए जिस तरह से योजनाबद्ध ढंग से काम किया है उसकी देश विदेश में प्रशंशा हो रही है।

वोरा ने कहा कि लॉकडाउन की विपरीत परिस्थितियों में लाखों गरीबों, मजदूरों को रोज भोजन देने, प्रवासी मजदूरों को राहत देने के लिए भोजन, नाश्ता, पेयजल के साथ चरणपादुका जैसी व्यवस्थाएं करते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों से मजदूरों को वापस लाने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण काम किया है। वोरा ने दावा किया कि सर्वे एजेंसियों की नजर में भले ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दूसरे नंबर पर हों, लेकिन प्रदेश के हर नागरिक को राहत देने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य की जनता की नजर में पहले नंबर पर हैं। 


सालबीज का अच्छी गुणवत्ता का क्रय के लिए अमलो को निर्देश प्रसारित

04-Jun-2020

कोण्डागांव (शोर सन्देश) वनोपज संग्रहण स्व-सहायता समूह के माध्यम से ग्रामीणों को नगद भुगतान सालबीज और अन्य लघुवनोपज की खरीदी की जा रही है। स्व-सहायता समूह को वनोपज क्रय उपरांत संग्रहक को तत्काल भुगतान प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों की ओर से किया जा रहा है। सालबीज का संग्रहण दर रुपए 20 प्रति किलोग्राम की दर से अच्छी गुणवत्ता का क्रय के लिए अमलो को निर्देश प्रसारित किया जा चुका है। सीजन में सालबीज संग्रहण कार्य का सुचारु रुप से संपादन के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

वन मंडल अधिकारी दक्षिण कोंडागांव उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित रायपुर ने कोण्डागांव वनमंडल के लिए साल बीज का संग्रहण लक्ष्य 34000 क्विंटल निर्धारित किया गया है। जिससे संग्राहको को 6.80 करोड रुपए का आर्थिक लाभ होगा। प्राथमिक लघुवनोपज सहकारी समितियों को लगातार शासन ने राशि प्रदाय की जा रही है। वनमंडल अधिकारी कोण्डागांव ने ग्रामीणों से अपील की है कि अपना वनोपज वन विभाग के माध्यम से क्रय कर रहे स्व-सहायता समूह को ही विक्रय करें, ताकि उनको वनोपज का सही वजन और सही दाम मिल सके। भविष्य में संग्राहाको को बोनस भी मिलने की संभावना है। 


राजीव गाँधी किसान न्याय योजना से मिली राशि उपयोग किसान हाईब्रिड बीज खरीदने में करेंगे

01-Jun-2020

जशपुरनगर (शोर सन्देश) छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राजीव गाँधी किसान न्याय योजना से मिली राशि उपयोग जशपुर जिले के किसानों के लिए खेती बाड़ी के दिनों में खाद-बीज खरीदने के साथ ही अन्य जरूरी चीजें खरीदने में मदद मिल रही है। फरसाबहार ग्राम महुआडीह के आदिवासी किसान धनेश्वर साय ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि 21 मई को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत् उनके खातें में 35 हजार रुपए की राशि जमा हुई है। वर्ष 2019-20 में कोनपारा धान खरीदी केन्द्र में उन्होंने अपना धान बेचा था। जिसके तहत् उन्हें राशि प्राप्त हुई है उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में बरसात शुरू होने वाला है और ऐसे समय में खेती बाड़ी करने के लिए पैसे की आवश्यकता होती है। किसान धनेश्वर ने मिली राशि का उपयोग बैंक से लोन में लिए हुए ट्रेक्टर की किश्त जमा करने के लिए करेंगे साथ ही हाईब्रिड खाद-बीज खरीदेंगे।  


कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व एवं निगम अमले ने की कार्रवाई

31-May-2020

जगदलपुर (शोर सन्देश) कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग एवं नगर निगम के अमले द्वारा आज 30 मई को जगदलपुर शहर के प्रवीर वार्ड के दलपत सागर के उत्तर दिशा के नीचे की तरफ निजी स्वामित्व की कृषि उपयोग भूमि पर अन्य प्रयोजन किये गए अवैध विकास कार्य को हटाने की करवाई की जा रही है। यह कार्य कृषि उपयोग की भूमिका अवैध व्यपर्तन की श्रेणी में आता है एवं नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 तीन स्पष्ट उल्लंघन है। नगर निगम द्वारा संबधित व्यक्ति को नोटिस देकर स्थल से डलवाए गए मिट्टी को हटाने के निर्देश भी दिए। अन्यथा उसे हटाने की करवाई की जाएगी एवं हटाने में होने वाला यह भू राजस्व के बकाया की भांति वसूली किया जाएगा। 


खेती-बाड़ी व खाद्-बीज के लिए आएगी काम

27-May-2020

00 खेती-बाड़ी खाद्-बीज के लिए आएगी काम
बेमेतरा (शोर सन्देश) राज्य सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना लॉकडाउन के समय बेमेतरा जिले के लघु-सीमांत किसानों को आर्थिक संबल दे रही है। जिले के नवागढ़ विकासखंड के सुदुरवर्ती ग्राम चक्रवाय के किसान झम्मन कुमार बघेल को इस योजना के तहत उनके खाते मे 16 हजार 700 रुपए की राशि जमा हुई है। बीते खरीफ सीजन 2019-20 मे धान उपार्जन केन्द्र-मारो मे उन्होंने अपना धान बेचा था, जिसके तहत उनके बैंक खाते मे अन्तरण राशि प्राप्त हुई है।

ग्राम-मोहलाईन के किसान बिसौहा राम साहू को किसान न्याय योजना के अंतर्गत 23 हजार 375 रुपए की राशि उनके बैंक खाते मे जमा हुुई है। सुरेश कुमार साहू को 25 हजार 461 रुपए की राशि उनके बैंक खाते में जमा हुुई है। सुशील साहू को 24 हजार 100 रुपए की राशि उनके बैंक खाते मे जमा हुई है। उन्होंने अपना धान, उपार्जन केन्द्र गुंजेरा मे बेचा था। इसी तरह बेमेतरा विकासखंड के ग्राम-दाढ़ी के किसान सुरेन्द्र तिवारी के बैंक खाते मे 23 हजार 700 रुपए की राशि बैंक खाते मे जमा हुई है। इन सभी किसानों ने .. के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि लॉकडाउन के इस संकट के घड़ी में प्रदेश सरकार ने सही समय पर बैंक खाते मे पैसे दिए है। 

जून-जुलाई मे खेती-बाड़ी का काम शुरु हो जाता है और किसानों को खेती-बाड़ी के लिए खाद-बीज की जरुरत होती है, ऐसे समय मे पैसे आने से उनको अपने खेतों के लिए उन्नत बीज और खाद् खरीदने में आसानी होगी, ताकि वे उन्नत खेती करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर सके। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों की समस्यांओं को समझा और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत लॉकडाउन के कठिन दौर से गुजर रहे किसानों के खातों मे धान उपार्जन की राशि अंतरित की गई, जिससे उनको अर्थिक रुप से मदद् मिली है। 




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