
दुर्ग (chhatishgarh)। जिले में खरीफ सत्र अंतर्गत कृषि कार्य के लिए आवश्यक कृषि आदान यथा बीज एवं खाद कृषकों को अग्रिम उपलब्ध हो इस के लिए सेवा सहकारी समितियों में बीज एवं खाद का निरन्तर भण्डारण एवं वितरण किया जा रहा है। जिले में खरीफ के लिए मुख्य फसल धान के 31000 क्वि. बीज की मांग के विरूद्ध अद्यतन छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम रूआबांधा द्वारा 16452 क्वि. बीज का भण्डारण जिले की सहकारी समितियों में किया गया जिसके विरूद्ध 3847.50. क्वि. धान बीज कृषकों को वितरण किया गया है।
शासन के मंशानुरूप कृषकों को मानक स्तर के कृषि आदान उपलब्ध हो सके इसके लिए विभागीय निरीक्षकों द्वारा कृषि आदानों का गुणवत्ता परीक्षण कार्य के लिए निरन्तर नमूने लिये जा कर गुण नियंत्रण प्रयोगशालाओं को प्रेषित किया जा रहा है। छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम रूआबांधा द्वारा जिले में भण्डारित किये गये बीजों में से अद्यतन 63 बीज के नमूनें गुण नियंत्रण परीक्षण के लिए बीज गुण नियंत्रण प्रयोगशाला, रायपुर को प्रेषित किये गये जिसके विरूद्ध 25 नमूनों के परिणाम प्राप्त हुये है, जिसमें से 16 मानक एवं 9 अमानक स्तर के परिणाम प्राप्त हुये है।
धान बीज नमूनों के परिणाम अमानक स्तर के प्राप्त होने पर अनुज्ञप्तिधारी अधिकारी एवं उप संचालक कृषि, दुर्ग द्वारा बीज नियंत्रण आदेश 1983 के प्रावधानों के अनुसार धारा 11 में प्रदत्त अधिकार का उपयोग कर बीज विक्रय तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर संबंधितों को कारण बताओं सूचना जारी की गई । भण्डारित किये गये अमानक स्तर के बीजों को सहकारी समितियों से वापस प्राप्त कर व उसके स्थान पर मानक स्तर का बीज तत्काल भण्डारण करने और उक्त बीजों के कृषकों को वितरण होने की दशा में कृषकों से वापस प्राप्त कर मानक स्तर का बीज उपलब्ध कराने के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के माध्यम से संबंधित समितियों के समिति प्रबंधक को आदेशित करने के निर्देश जारी किये गये है। जिले में कृषि आदानों के समुचित एवं गुणवत्तायुक्त व्यवस्था के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जिसका दूरभाष क्रमांक 0788-2323755 है। नियंत्रण कक्ष में जिला स्तर पर अधिकारियों को नामांकित कर दूरभाष एवं समक्ष भेट के माध्यम से जिले में कृषि आदान से संबंधित समस्त गतिविधियां यथा मांग, उपलब्धता, भण्डारण-वितरण एवं गुण नियंत्रण का नियमित संचालन किया जा रहा है।

दुर्ग(chhatishgarh) जिले में खरीफ सत्र 2020 अंतर्गत कृषि कार्य हेतु आवश्यक कृषि आदान यथा बीज एवं खाद कृषकों को अग्रिम उपलब्ध हो इस हेतु सेवा सहकारी समितियों में बीज एवं खाद का निरन्तर भण्डारण एवं वितरण किया जा रहा है। जिले में खरीफ 2020 हेतु मुख्य फसल धान के 31000 क्वि. बीज की मांग के विरूद्ध अद्यतन छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम रूआबांधा द्वारा 16452 क्वि. बीज का भण्डारण जिले की सहकारी समितियों में किया गया जिसके विरूद्ध 3847.50. क्वि. धान बीज कृषकों को वितरण किया गया है।
शासन के मंशानुरूप कृषकों को मानक स्तर के कृषि आदान उपलब्ध हो सके इस हेतु विभागीय निरीक्षकों द्वारा कृषि आदानों का गुणवत्ता परीक्षण कार्य हेतु निरन्तर नमूने लिये जा कर गुण नियंत्रण प्रयोगशालाओं को प्रेषित किया जा रहा है। छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम रूआबांधा द्वारा जिले में भण्डारित किये गये बीजों में से अद्यतन 63 बीज के नमूनें गुण नियंत्रण परीक्षण हेतु बीज गुण नियंत्रण प्रयोगशाला, रायपुर को प्रेषित किये गये जिसके विरूद्ध 25 नमूनों के परिणाम प्राप्त हुये है, जिसमें से 16 मानक एवं 9 अमानक स्तर के परीणाम प्राप्त हुये है।
छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम रूआबांधा द्वारा उपरोक्त अमानक स्तर के धान बीजों को जिले की 19 सेवा सहकारी समितियों में निम्नानुसार भण्डारित किया गया था, ओटेबंद-50.10 क्वि. सांतरा-30 क्वि. खोपली-21.60 क्वि. अहेरी-15.90 क्वि. बोरीगारका-30 क्वि. ठेगाभाठ-105 क्वि. रिसामा-63.30 क्वि. कोहका-30 क्वि. ननक_ी-61.80 क्वि. बोरी-35.70 क्वि. तर्रा-45 क्वि. जामगांव एम-50.10 क्वि. बटंग-15 क्वि. धमधा-33 क्वि. सांकरा-30 क्वि. मोहरेंगा-60 क्वि. टेमरी-60 तेलीगुण्डरा-2.70 क्वि. उतई-20.70 क्वि. कुल 760.20 क्वि. का भण्डारण किया गया था।
धान बीज नमूनों के परिणाम अमानक स्तर के प्राप्त होने पर अनुज्ञप्तिधारी अधिकारी एवं उप संचालक कृषि, दुर्ग द्वारा बीज नियंत्रण आदेश 1983 के प्रावधानों के अनुसार धारा 11 में प्रदत्त अधिकार का उपयोग कर बीज विक्रय तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर संबंधितों को कारण बताओं सूचना जारी किया गया। भण्डारित किये गये अमानक स्तर के बीजों को सहकारी समितियों से वापस प्राप्त कर व उसके स्थान पर मानक स्तर का बीज तत्काल भण्डारण करने तथा उक्त बीजों के कृषकों को वितरण होने की दशा में कृषकों से वापस प्राप्त कर मानक स्तर का बीज उपलब्ध कराने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के माध्यम से संबंधित समितियों के समिति प्रबंधक को आदेशित करने के निर्देश जारी किये गये है। उप संचालक कृषि, दुर्ग द्वारा कृषकों से भी अपील की गई है कि वे समितियों से उक्त अमानक बीज का उठाव न करें व अमानक बीज प्राप्त किये जाने की दशा में बीज को समिति में वापस कर मानक स्तर का बीज प्राप्त करें

स्थानीय थाना से सटे झारखण्ड प्रांत के गढ़वा जिले के धुरकी थाने के रक्शी गांव में रविवार रात दिल दहला देने वाली घटना घटी। यहां एक किसान अपनी पत्नी और दो बेटियों की हत्या कर खुद फांसी के फंदे से झूल गया। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। उसमें उसने अपनी व अपने परिवार की मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है।
झारखण्ड प्रान्त के गढ़वा जिले के धुरकी थाना के रक्शी निवासी 30 वर्षीय शिवकुमार बैठा ने अपनी 26 वर्षीया पत्नी बबीता देवी, 10 वर्षीय पुत्री तान्या कुमारी एवं छह वर्षीय श्रेया कुमारी की हत्या कर शव को कुएं में डाल दिया। खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार की सुबह जब शिवकुमार की मां उसके घर गई तो उसके घर का दरवाजा खुला था और घर से थोड़ी दूर पर स्थित अमरूद के पेड़ पर उसका शव झूल रहा था। मां के रोने और चिल्लाने पर जुटे लोगों को घर में शिवकुमार की पत्नी और बेटियां भी नहीं मिलीं। इस पर लोगों ने उनकी खोजबीन की तो शुरुआत में एक बच्ची का शव कुएं में मिला। एक बच्ची एवं पत्नी गायब थी। घटना को देखकर लोगों को आशंका हुई कि कहीं शिवकुमार ने पत्नी एवं दूसरे बच्ची की भी हत्या तो नहीं कर दी है। लोगों ने इस लिहाज से फिर से कुएं में खोजबीन की तो दूसरी बच्ची एवं पत्नी का शव उसमें मिला। ग्रामीणों ने बताया कि शिवकुमार के ऊपर लगभग पांच-छह लाख रुपये का कर्ज था। वह छोटा किसान था और बीमार भी रहता था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि उसने गरीबी तथा बीमारी से तंग आकर ऐसा कदम उठाया है। मौके पर मिले सुसाइड नोट में शिवकुमार ने लिखा है कि वह अपने परिवार के साथ मौत को गले लगा रहा है। इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार है। इसके लिए मेरे माता-पिता को परेशान न किया जाए। थाना प्रभारी धुरकी योगेन्द्र कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गढ़वा जिले के धुरकी थाना क्षेत्र के रक्शी गांव में शिवकुमार बैठा नामक किसान ने रविवर रात पत्नी और दो बच्चियों संग खुदकुशी कर ली। सोमवार सुबह शिवकुमार का शव अमरूद के पेड़ से झूलता हुआ मिला जबकि अन्य तीनों का शव घर के पास स्थित एक कुएं से बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि शिवकुमार ने अलग-अलग जगहों से करीब पांच लाख रुपये का कर्ज ले रखा था। आशंका है कि कर्ज में डूबे होने के चलते ही उसने यह कदम उठाया। हालांकि, उसके घर से मिले सुसाइड नोट में इसकी चर्चा नहीं है।
घटना की सूचना मिलने में एसडीपीओ नीरज कुमार भी घटनास्थल पर पहुंच जायजा लिया। शिवकुमार का शव अमरूद के पेड़ से लटका हुआ था जबकि पत्नी बबीता और दो बेटियों तान्या तथा श्रेया का शव कुएं से बरामद किया गया। एसडीपीओ ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है। मामले की छानबीन की जा रही है।
घर में मिला सुसाइड नोट
घर के अंदर से एक सुसाइड नोट भी मिला है। बताया जाता है कि आत्महत्या करने से पहले मृतक ने उसे लिखा था। नोट में लिखा गया है कि उनकी मौत का जिम्मेवार कोई नहीं है, बल्कि आपसी सलाह के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है।
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पांच लाख से ज्यादा का कर्ज था
बताया जाता है कि शिवकुमार ने बैंक और महाजन से पांच लाख रुपये से अधिक का कर्ज लिया था। उसपर इस कर्ज को चुकाने का दबाव था। इसके चलते वह कई महीनों से तनाव में था। दोनों पति-पत्नी भी बीमार चल रहे थे। उसके पिता रामनाथ बैठा ने बताया कि उसका बेटा इलाज के लिए रांची जानेवाला था।
परिवार के लोग बताते हैं कि शिवकुमार पहले बाहर रहकर मजदूरी करता था। फिलहाल कुछ वर्षों से गांव में रहकर ही खेती और अन्य काम करता था। परिजनों ने बताया कि शिवकुमार ने कैशपार, आरोहन, स्पंदना नन बैंकिंग से डेढ़ लाख रुपए का कर्ज लिया था। उसके अलावा केसीसी का लोन भी उसपर था। वहीं महजनों से साढ़े तीन लाख रुपए का कर्ज लिया था।
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मैनपुरी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पड़रिया में कर्ज से परेशान होकर 50 वर्षीय किसान ने आम के पेड़ पर फांसी लगा ली। किसान का शव मंगलवार को तड़के ग्रामीणों ने पेड़ पर लटका देखा तब घटना की जानकारी हो सकी। किसान की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया है। खबर पाकर मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पड़रिया निवासी रामवीर शर्मा पुत्र रामलाल सोमवार की शाम अचानक घर से गायब हो गए। मंगलवार को तड़के गांव से थोड़ी दूर खेतों में आम के पेड़ पर उनका शव लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और परिजन मौके पर जमा हो गए। खबर पाकर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को पेड़ से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। किसान की मौत से परिवार में कोहराम मच गया हैं।
फॉरेंसिक टीम ने मौके पर जाकर किया परीक्षण
मैनपुरो। एसपी अजय शंकर राय के निर्देश पर फॉरेंसिक विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम के सदस्यों ने भी घटनास्थल का परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। परिजनों के मुताबिक मृतक के ऊपर डेढ़ लाख से अधिक का कर्ज़ प्राइवेट लोगों का था। फसल भी साथ नहीं दे रही थी। जिसके चलते कर्ज से परेशान होकर किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कोतवाली प्रभारी ओम हरी वाजपेई का कहना है कि घटना के संबंध में कोई तहरीर नहीं मिली है। मौत का कारण जानने के लिए शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर के आधार पर घटना का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।