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Jashpur

नेशनल हाईवे 43 पर दर्दनाक सड़क हादसा, पश्चिम बंगाल जा रही मिनी ट्रक ने कई लोगों को रौंदा, एक की मौत

22-May-2026
जशपुर। जशपुर जिले से दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर तेज रफ्तार मिनी ट्रक ने भीषण सड़क हादसे को अंजाम दिया। अनियंत्रित मिनी ट्रक ने सड़क किनारे खड़े लोगों और वाहनों को टक्कर मारते हुए कई लोगों को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, मिनी ट्रक जशपुर से सब्जियां लोड कर पश्चिम बंगाल की ओर जा रहा था। इसी दौरान NH-43 पर चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार में बेकाबू ट्रक ने सड़क किनारे मौजूद लोगों और कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का हुआ समाधान

18-May-2026
जशपुरनगर।  (शोर संदेश) ग्राम पंचायत सेंदरीमुंडा के वार्ड क्रमांक 7 बैशाखूपारा में वर्षों से बनी हुई पेयजल समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। गर्मी के मौसम में वार्डवासियों को अब स्वच्छ पेयजल की सुविधा सहज रूप से उपलब्ध होने लगी है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों को लंबे समय से पेयजल के लिए दूर-दराज क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों को पानी लाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। समस्या के स्थायी समाधान के लिए उमेश यादव, संतोष देहरी एवं ग्राम वासियों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर क्षेत्र की पेयजल समस्या से अवगत कराया तथा हैंडपंप खनन की मांग की।
ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई। इसके तहत बैशाखूपारा में हैंडपंप खनन कार्य कराया गया। हैंडपंप से पानी निकलते ही ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। अब वार्ड क्रमांक 7 के लोगों को घर के समीप ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की संवेदनशील एवं जनहितैषी कार्यशैली के कारण उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हो पाया है।
 

महतारी वंदन योजना में गड़बड़ी पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन, 9 CSC ऑपरेटर्स पर कार्रवाई

26-Apr-2026
जशपुर (शोर संदेश)। जशपुर जिले में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत ई केवाईसी प्रक्रिया में कुछ स्थानी से सीएससी ऑपरेटरों के द्वारा हितग्राहियों से मोटी रकम वसूली करने की लगाताार शिकायतें आ रही थी, इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर रोहित व्यास ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने सीएससी ई गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के राज्य प्रमुख सहित जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए, दोषी ऑपरेटर्स के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार ई केवाईसी प्रक्रिया पूर्णत: नि:शुल्क है, लेकिन जिले में प्राप्त शिकायतों और साक्ष्यों से यह सामने आया है कि कुछ सीएससी ऑपरेटर्स हितग्राहियों से अवैध रूप से राशि वसूल रहे हैं। यह न केवल शासन के निर्देशों का उल्लंघन है, बल्कि जनकल्याणकारी योजना के प्रति आमजन में भ्रम उत्पन्न करने वाला गंभीर कृत्य है। कलेक्टर ने इस कृत्य में लिप्त पाए जाने वाले 9 सीएससी ऑपरेटर्स के विरुद्ध राज्य प्रमुख से कार्रवाई की अनुशंसा की है।
इनमें विनोद राम ग्राम पंचायत बघिमा, श्यामल कुमार विश्वकर्मा ग्राम पंचायत लोदाम, पंचराम गुप्ता ग्राम पंचायत काडरो, कामेश्वर प्रसाद ग्राम पंचायत पंडरीपानी्र, अजर कुमार गुप्ता ग्राम पंचायत कुडकेलखजरी, रमेश्वर नायक ग्राम पंचायत कोहपानी्र, शिवनारायण यादव ग्राम पंचायत लरंगा, कुसुम प्रभा सिंह ग्राम पंचायत सेमरकछार एवं अरमान खान ग्राम पंचायत गोरिया शामिल है। इन सभी के विरुद्ध यूजर आईडी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा पंजीयन निरस्त करने की अनुशंसा की गई है।
कलेक्टर ने जिले के सभी सीएससी ऑपरेटर्स को स्पष्ट चेतावनी दी है कि ई केवाईसी के नाम पर किसी भी प्रकार की राशि वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई ऑपरेटर इस प्रकार की गतिविधि में लिप्त पाया जाता है, तो उसका केंद्र तत्काल बंद कर दिया जाएगा, यूजर आईडी स्थायी रूप से निलंबित की जाएगी तथा भविष्य में किसी भी डिजिटल सेवा संचालन के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा।
कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों, एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे संबंधित सीएससी केंद्रों की तत्काल जांच करें। ई केवाईसी शिविरों का औचक निरीक्षण करें तथा हितग्राहियों के लिखित बयान लें। दोषी पाए जाने पर संबंधित केंद्र को सील कर उपकरण जब्त करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

7 बोरियों में छिपा था 112 किलो गांजा, 108 पैकेट में मिली बड़ी खेप, 2 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

14-Apr-2026
जशपुर (शोर संदेश)। जशपुर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 112 किलो से अधिक अवैध गांजा जब्त किया है। इस ऑपरेशन में दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो ओडिशा से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश ले जा रहे थे। जब्त गांजे की कीमत करीब 54 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि वाहन सहित कुल जब्ती लगभग 56 लाख रुपये की बताई जा रही है।
पुलिस को रायगढ़ जिले की लैलूंगा पुलिस के माध्यम से मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कार में भारी मात्रा में गांजा तस्करी कर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पत्थलगांव थाना क्षेत्र में पुलिस टीम ने मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन की निगरानी शुरू की।
पुलिस को देखकर भागे आरोपी, पीछा कर पकड़ा
दोपहर करीब 2 बजे संदिग्ध टोयोटा इलियट कार (DL-3CB-5298) को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने वाहन तेज गति से भगाने की कोशिश की। पुलिस टीम ने तुरंत पीछा किया। कुछ दूरी पर वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने नाले में फंस गया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
कार में छिपाकर रखा गया था गांजा
वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। गांजे को कार की पिछली सीट के नीचे और अन्य हिस्सों में छिपाकर रखा गया था। कुल 7 प्लास्टिक बोरियों में 108 पैकेट गांजा मिला, जिसका वजन 112 किलो 770 ग्राम पाया गया। आरोपियों के पास किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज नहीं मिले।
56 लाख की जब्ती, एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज
पुलिस ने गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की गई कार को जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(2)(C) के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
आरोपियों की पहचान और तस्करी का खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजीव कुमार नट (30), निवासी इटावा (उत्तर प्रदेश) और विजय पंडित (28), मूल निवासी वैशाली (बिहार) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में लोनावाला (महाराष्ट्र) में रह रहा था। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि गांजा ओडिशा के संबलपुर से खरीदा गया था और उसे उत्तर प्रदेश तक पहुंचाना था।

दो दर्जन यात्रियों से भरी बस पलटी, 6 की मौत और 9 गंभीर घायल

06-Mar-2026
जशपुर( शोर संदेश ) । जिले में शुक्रवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। करडेगा से कुनकुरी की ओर आ रही एक यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक बच्चे समेत 6 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त बस अनमोल बस एजेंसी की बताई जा रही है। बस में दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे।
हादसा करडेगा चौकी क्षेत्र के गोड़ाअंबा के पास हुआ। बस पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बस से बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को इलाज के लिए कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा रहा है।
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस भी भेजी गई।
वहीं मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की ओर से घायलों के बेहतर इलाज के लिए अधिकारियों को तत्काल आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।


 

जशपुर में पलटी यात्री बस: 4 की मौत, कई घायल

06-Mar-2026
जशपुर। ( शोर संदेश ) जशपुर जिले में शुक्रवार को एक सड़क हादसा हो गया। करडेगा से कुनकुरी जा रही एक यात्री बस दुलदुला क्षेत्र के गोडाअम्बा के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गई और कई यात्री घायल हो गए हैं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
मिली जानकारी के अनुसार, बस में करीब दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे। बस के पलटने से चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हो गए हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बस से बाहर निकाला। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और  एंबुलेंस की मदद सेे घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। 
इधर, हादसे की सूचना मिलते ही दुलदुला थाना और करडेगा पुलिस चौकी की टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है। पुलिस द्वारा घायलों को अस्पताल पहुंचाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा मृतकों की पहचान करने और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर बस के अनियंत्रित होने को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।






 

जशपुर में बड़ी कार्रवाई: 24 किलो गांजा जब्त, दो आरक्षक समेत चार आरोपी गिरफ्तार

03-Mar-2026
जशपुर,(शोर संदेश) । जशपुर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विवेकानंद कॉलोनी स्थित एक किराये के मकान से 24 किलो गांजा बरामद किया है। इस मामले में दो युवकों की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ, जिसमें पुलिस विभाग के दो आरक्षकों की संलिप्तता सामने आई है। सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, जशपुर कोतवाली थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि विवेकानंद कॉलोनी के एक घर में गांजा डंप कर रखा गया है। सूचना पर पुलिस टीम ने दबिश देकर मौके से 24 किलो गांजा जब्त किया और दो आरोपी—सुनील भगत और रवि विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान आरोपी सुनील भगत ने खुलासा किया कि गांजा तस्करी के नेटवर्क में पुलिस विभाग के दो आरक्षक भी शामिल हैं। जांच में तपकरा थाने में पदस्थ आरक्षक धीरेन्द्र मधुकर और अमित त्रिपाठी के नाम सामने आए।
पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरक्षकों को भी गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सुनील भगत और रवि विश्वकर्मा को पहले ही जेल भेजा जा चुका था, जबकि दोनों आरक्षकों को भी न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
 

उन्नत तकनीकी विधि से गेहूं उत्पादन में वृद्धि

02-Mar-2026
 जशपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप कृषि क्षेत्र में उन्नत तकनीकों के विस्तार हेतु कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से कृषकों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की पहल की जा रही है।
जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखण्ड के ग्राम बोखी के 60 वर्षीय कृषक गणेश राम यादव इस प्रयास के प्रेरक उदाहरण हैं। वे पूर्व में परंपरागत देशी विधि से खेती करते थे, जिससे प्रति एकड़ लगभग 4 से 5 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त होती थी। चालू वर्ष में उन्होंने एसएमएसपी योजना अंतर्गत उन्नत तकनीकी विधि से गेहूं की किस्म जीडब्ल्यू-322 का उत्पादन किया। आधुनिक पद्धति अपनाने से उन्हें प्रति एकड़ 7 क्विंटल उपज प्राप्त हुई तथा शुद्ध आय बढ़कर 16 हजार रुपये तक पहुंच गई।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, क्षेत्र फरसाबहार,शशिप्रभा भोय द्वारा किसानों को उन्नत तकनीक से खेती हेतु प्रेरित करते हुए गुणवत्तापूर्ण गेहूं बीज उपलब्ध कराए गए। फसल प्रदर्शन के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए क्षेत्र के अन्य कृषक भी आगामी वर्ष में उन्नत तकनीकी विधि अपनाने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। गणेश राम यादव ने बताया कि वे आगामी वर्ष में गेहूं की खेती अधिक रकबे में आधुनिक तकनीक से करेंगे तथा अन्य किसानों को भी इस पद्धति को अपनाने हेतु प्रेरित करेंगे। यह प्रयास कृषि क्षेत्र में आयवृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।
 

 


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे मयाली–बगीचा पर्यटन विकास परियोजना का भूमिपूजन

05-Feb-2026
 जशपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दो दिवसीय प्रवास पर जशपुर जिले के लिए रवाना हुए। अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 5 फरवरी को जशपुर जिले के मयाली में बहुप्रतीक्षित मयाली-बगीचा पर्यटन विकास परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। यह परियोजना क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित करेगी।
उल्लेखनीय है कि मयाली- बगीचा विकास परियोजना के लिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत सीबीडीडी उप-योजना के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस परियोजना को मधेश्वर पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए मयाली डेम के समीप विकसित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं और जशपुर जिला अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। यहाँ की नदियाँ, झरने, पहाड़, घाटियाँ, घने जंगल तथा समृद्ध आदिवासी और ग्रामीण संस्कृति पर्यटकों को निरंतर आकर्षित करती रही है। इन्हीं संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए जशपुर क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। परियोजना के अंतर्गत पर्यटक रिसॉर्ट एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही मधेश्वर पहाड़ के नीचे स्थित गुफा मंदिर एवं कैलाश गुफा (बगीचा) क्षेत्र में भी पर्यटन विकास से जुड़े कार्य किए जाएंगे, जिससे धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 
राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए होम-स्टे विकसित किये जाने का भी प्रस्ताव है, जिससे स्थानीय नागरिकों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। मयाली बगीचा परियोजना के क्रियान्वयन से जशपुर क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, स्थानीय युवाओं को कौशल विकास का लाभ मिलेगा और क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री साय द्वारा किए जाने वाले भूमिपूजन के साथ ही जशपुर जिले के पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।



 

सरसों की लहलहाती फसल ने बढ़ाई किसान की आमदनी, रबी में खेती को मिली नई दिशा

20-Jan-2026
 जशपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए चल रहे प्रयास निरंतर प्रभावी परिणाम दे रहे हैं। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के कृषक बलदेव राजवाड़े भी इन प्रयासों से लाभान्वित होकर अपनी खेती में नई दिशा प्राप्त कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के अंतर्गत नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स (तिलहन) घटक से कृषक बलदेव राजवाड़े को कृषि विभाग द्वारा सरसों बीज, सूक्ष्म पोषक तत्व खाद तथा कीटनाशक सामग्री अनुदान पर उपलब्ध कराई गई। उन्होंने 1 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की खेती की, जिसकी फसल इस समय उत्कृष्ट स्थिति में है।
कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मनीष कुमार गुप्ता ने समय-समय पर खेत का निरीक्षण करते हुए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे खेती की लागत कम रही और फसल विकास बेहतर हुआ।
कृषक राजवाड़े के पास कुल 2.512 हेक्टेयर कृषि भूमि है। वे खरीफ सीजन में धान की खेती करते थे, किंतु रबी सीजन में सिंचाई के अभाव में जमीन खाली रह जाती थी। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तिलहन फसल अपनाई और सफल परिणाम देखकर प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा  कि सरसों की अच्छी फसल से खाद्य तेल के लिए बाजार पर निर्भरता कम होगी। बेहतर मूल्य मिलने पर आमदनी भी बढ़ेगी। मैं अन्य किसानों को भी तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रेरित करना चाहता हूं, ताकि हम खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकें।
यह उदाहरण दर्शाता है कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और कृषि वैज्ञानिक मार्गदर्शन से किसान न केवल फसल विविधीकरण की ओर अग्रसर हो रहे हैं, बल्कि स्थायी आय एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं।
 


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