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Jashpur

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर त्वरित पहल, लकवा पीड़ित दो जरूरतमंदों को मिली व्हीलचेयर

14-Oct-2026
जशपुर  (शोर संदेश)।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले के बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय के माध्यम से जरूरतमंदों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को लकवा से पीड़ित दो जरूरतमंदों को तत्काल व्हीलचेयर उपलब्ध कराकर राहत पहुंचाई गई। लंबे समय से शारीरिक असमर्थता के कारण चलने-फिरने में कठिनाइयों का सामना कर रहे दोनों हितग्राहियों के लिए यह सहायता दैनिक जीवन को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
जशपुर जिले के ग्राम बतनीडांड निवासी 50 वर्षीय गुलो बाई, पति रुइया राम तथा ग्राम तामासिंघा निवासी 86 वर्षीय शिवचरण मिंज, पिता गिरवेल मिंज मंगलवार को अपनी समस्या लेकर सीएम कैंप कार्यालय बगिया पहुंचे थे। दोनों लकवा से पीड़ित होने के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हैं। उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति और आवागमन में हो रही परेशानियों से अवगत कराते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से व्हीलचेयर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
दोनों जरूरतमंदों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सीएम कैंप कार्यालय द्वारा तत्काल पहल की गई और उन्हें व्हीलचेयर प्रदान की गई। व्हीलचेयर मिलने से अब उन्हें घर के भीतर और बाहर आवागमन में सहूलियत होगी तथा दैनिक गतिविधियों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। लंबे समय से आवागमन की परेशानी झेल रहे दोनों हितग्राहियों ने तत्काल सहायता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आम नागरिकों की समस्याओं और जरूरतों पर प्राथमिकता से पहल की जा रही है। यहां प्रतिदिन दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से लोग स्वास्थ्य संबंधी सहायता, दिव्यांगजन सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं को लेकर पहुंचते हैं। प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों के समन्वय से आवश्यक कार्रवाई करते हुए पात्र जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।

विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की समस्याओं के निराकरण पर ध्यान दिया जा रहा है। बगिया कैंप कार्यालय के माध्यम से जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाने की पहल से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने और उनके समाधान का अवसर मिल रहा है।

गुलो बाई और शिवचरण मिंज को तत्काल व्हीलचेयर उपलब्ध कराना इसी पहल का उदाहरण है। समय पर मिली इस सहायता से दोनों हितग्राहियों के दैनिक जीवन में सुविधा बढ़ेगी और उन्हें आवागमन में होने वाली कठिनाइयों से राहत मिलेगी।





 

 


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से जशपुर में स्वास्थ्य शिक्षा को नई सौगात, कंडोरा में शुरू होगा फिजियोथेरेपी कॉलेज

09-Oct-2026
 जशपुर  (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर है। जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम कंडोरा में फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू करने की तैयारी की जा रही है। करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित हाईस्कूल भवन में प्रारंभिक रूप से कॉलेज का संचालन किया जाएगा। कॉलेज में 50 सीटों पर इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रारंभ करने की तैयारी है। इस पहल से जिले के विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा।
कंडोरा में निर्मित हाईस्कूल भवन में हाईस्कूल संचालन की अनुमति नहीं मिलने के बाद शासन द्वारा उपलब्ध अधोसंरचना का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए यहां फिजियोथेरेपी कॉलेज संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इससे एक ओर पहले से निर्मित भवन का उपयोग सुनिश्चित होगा, वहीं दूसरी ओर जिले में स्वास्थ्य शिक्षा के नए अवसर विकसित होंगे। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में यह पहल जशपुर को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
फिजियोथेरेपी कॉलेज की शुरुआत से जशपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने के नए अवसर मिलेंगे। प्रारंभिक रूप से 50 सीटों के साथ कॉलेज संचालन की तैयारी की जा रही है। इससे विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी की व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए अन्य शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
कॉलेज के संचालन से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवश्यक प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में भी सहायता मिलेगी। विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

जिले में फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना का लाभ केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त होगा। वर्तमान में जिले के अनेक मरीजों को फिजियोथेरेपी उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर फिजियोथेरेपी शिक्षा और विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार होने से ऐसे मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
कॉलेज के माध्यम से प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होने के साथ फिजियोथेरेपी सेवाओं के विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
फिजियोथेरेपी कॉलेज के लिए चराईडांड के पास करीब 13 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से स्थायी हाईटेक कैंपस विकसित करने की योजना है। स्थायी परिसर के निर्माण तक कंडोरा में पहले से तैयार भवन का उपयोग कॉलेज संचालन के लिए किया जाएगा।
स्थायी कैंपस विकसित होने से भविष्य में विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक अधोसंरचना और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में जिले की क्षमता का विस्तार होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कंडोरा में फिजियोथेरेपी कॉलेज की प्रस्तावित शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे जिले के युवाओं को उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के नए अवसर मिलने के साथ भविष्य में स्थानीय स्तर पर फिजियोथेरेपी उपचार सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिलेगी।

जशपुर दनगरी वाटरफॉल पर हादसा, 7 पर्यटक नदी के तेज बहाव में फंसे

01-Sep-2026
जशपुर। जशपुर जिले में स्थित दनगरी वाटरफॉल में बड़ा हादसा हो गया है। नदी को पार कर वाटरफॉल पहुंचे 7 पर्यटक पानी के तेज बहाव में फंस गए। वहीं कड़ी मशक्ककत के बाद सभी को नदी बचाया गया। वरना बड़ा हादसा हो सकता। यह हादसा रविवार का बताया जा रहा है। अचानक बढ़े पानी के बहाव के कारण पर्यटकों के लिए वापस लौटना मुश्किल हो गया। हालांकि सभी ने मौत से जंग जीत ली।
तेज बहाव के बीच फंसी जान
जानकारी के अनुसार सात पर्यटक दनगरी वाटरफॉल घूमने पहुंचे थे। बता दें कि वाटरफॉल तक पहुंचने के लिए नदी के रास्ते से होकर जाना पड़ता है। रविवार को घूमने पहुंचे लोगों ने ऐसा ही किया। इसी दौरान नदी का बहाव तेज हो गया और सभी पर्यटक बीच रास्ते में फंस गए। पर्यटकों के फंसने की जानकारी मिलते ही उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास शुरू किए गए। घंटों की मशक्कत के बाद सभी को नदी से बाहर निकाला गया। इस दौरान पर्यटकों की जान पर बन आई थी।
बारिश से बढ़ी खुबसूरती
प्रदेश में हो रही लगातार बारिश से झरना, नदिया और अन्य जगहों की खूबसूरती बढ़ गई है। ऐसे में प्राकृतिक जगहों को नजदीक से निहारने के लिए लोग नदी झील और वाटरफॉल के बीच पहुंच रहे हैं। इस दौरान हादसे भी हो रहे है। दनगरी वाटरफॉल में हर दिन बड़ी संख्या में लोग घूमने पहुंच रहे हैं। लेकिन पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई पर्यटक जोखिम उठाकर नदी पार करते हुए वाटरफॉल तक पहुंचते हैं। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ जाता है, ऐसे में यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
न चेतावनी बोर्ड और न ही सुरक्षा कर्मी
दनगरी वाटरफॉल में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने की बात सामने आ रही है। मौके पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और नदी के खतरनाक हिस्सों में निगरानी जैसी व्यवस्थाओं की कमी पर्यटकों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

विष्णु भैया के संबल से अंजू यादव बनीं ‘लखपति दीदी’, बदली परिवार की आर्थिक तस्वीर

25-Aug-2026
 जशपुर  (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने की पहल से जशपुर जिले में भी अनेक महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। कुनकुरी की अंजू यादव की सफलता इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है।
आर्थिक कठिनाइयों के दौर में अंजू यादव के लिए परिवार की जरूरतें पूरी करना और आय का स्थायी साधन जुटाना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में स्व-सहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत बना। समूह के माध्यम से उन्हें ऋण की सुविधा मिली, जिसका उपयोग उन्होंने बकरी पालन के साथ-साथ फैंसी दुकान शुरू करने में किया।
अंजू यादव ने मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास से अपनी दोनों आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाया। धीरे-धीरे उनकी आमदनी बढ़ने लगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती गई। आज उनकी मेहनत रंग लाई है और वे ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं।
अपनी मेहनत से अर्जित आय का बेहतर उपयोग करते हुए अंजू ने पक्का मकान बनवाया और वाहन भी खरीदा। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को पहले से बेहतर ढंग से पूरा कर रही हैं। आर्थिक आत्मनिर्भरता ने उनके जीवन में सिर्फ खुशहाली ही नहीं लाई, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है।
अंजू यादव अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। उनका कहना है कि स्व-सहायता समूह से मिले सहयोग और अवसर ने उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिया।
बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मानकृआत्मनिर्भरता से बढ़ रहा परिवारों का स्वाभिमान” की भावना के साथ अंजू यादव आज अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। उनकी कहानी बताती है कि सही अवसर, मेहनत और सरकारी सहयोग मिल जाए तो महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक तस्वीर बदलने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बना सकती हैं।



 

जशपुर में शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ, 78 हजार से अधिक बच्चों के स्वास्थ्य-पोषण पर रहेगा फोकस

19-Aug-2026
 जशपुर  (शोर संदेश)। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और उत्तरजीविता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया गया। जिला चिकित्सालय जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव सिंह एवं डॉ. गीतांजलि तिवारी ने बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। अभियान 18 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक संचालित होगा।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि शिशु संरक्षण माह के दौरान प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को वी.एच.एन.डी. सत्र आयोजित किए जाएंगे। अभियान में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए तथा 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को आई.एफ.ए. सिरप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिशु संरक्षण माह केवल विटामिन-ए अनुपूरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि बच्चों की उत्तरजीविता बढ़ाने तथा उनके समग्र स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के लिए विभिन्न स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने का अभियान है। 
अभियान के दौरान निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक के साथ आई.एफ.ए. सिरप की एक बोतल प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही ड्यू बच्चों का टीकाकरण, वजन जांच, पोषण संबंधी परामर्श तथा बच्चों की आयु के अनुरूप संतुलित एवं पौष्टिक आहार की जानकारी दी जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित सत्रों के माध्यम से पात्र बच्चों को पूरक पोषण आहार की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं अति गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचार एवं पोषण पुनर्वास के लिए पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया जाएगा।
शिशु संरक्षण माह के अंतर्गत अगस्त में 18, 21, 25 एवं 29 अगस्त तथा सितंबर में 1, 5, 8, 11, 16, 18, 21 एवं 24 सितंबर को निर्धारित सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में बच्चों को विटामिन-ए एवं आयरन सिरप देने के साथ उनका वजन भी लिया जाएगा।
बच्चों की आयु एवं लंबाई के आधार पर कम वजन वाले बच्चों की पहचान कर आवश्यकतानुसार उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों में 14 दिनों के लिए भर्ती कर उपचार एवं पोषण पुनर्वास की सुविधा दी जाएगी। केंद्र में बच्चे के भर्ती होने पर उसकी मां को कार्य क्षतिपूर्ति राशि भी प्रदान की जाएगी।
जिले में कुल 2766 सत्र आयोजित होंगे। इनमें पत्थलगांव में 485, फरसाबहार में 360, कांसाबेल में 288, बगीचा में 630, कुनकुरी में 320, दुलदुला में 129, लोदाम में 324 तथा मनोरा में 230 सत्र शामिल हैं।
अभियान के तहत जिले में कुल 78,370 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विकासखंडवार लक्ष्य में पत्थलगांव के 19,571, फरसाबहार के 8,456, कांसाबेल के 5,982, बगीचा के 15,848, कुनकुरी के 9,294, दुलदुला के 3,420, जशपुर के 9,580 तथा मनोरा के 6,219 बच्चे शामिल हैं।
डॉ. गीतांजलि तिवारी ने बताया कि विटामिन-ए अनुपूरण एवं एनीमिया नियंत्रण से बाल मृत्यु में कमी लाने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। इसी तरह कुपोषण की रोकथाम, शीघ्र एवं पूर्ण स्तनपान तथा समय पर ऊपरी आहार शुरू करना बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उत्तरजीविता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने पात्र बच्चों को निकटतम वी.एच.एन.डी. सत्र में लेकर जाएं और विटामिन-ए, आयरन सिरप, टीकाकरण, वजन जांच तथा पोषण संबंधी सेवाओं का लाभ अवश्य उठाएं।
 

यूरिया की कालाबाजारी पर कृषि विभाग की कार्रवाई, खाद भंडार 7 दिन के लिए सील

10-Aug-2026

 जशपुर  (शोर संदेश)। किसानों को रासायनिक उर्वरक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने के लिए जशपुर जिले में कृषि विभाग द्वारा लगातार निगरानी और जांच की जा रही है। इसी क्रम में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर यूरिया बेचे जाने की शिकायत पर कृषि विभाग पत्थलगांव की टीम ने पत्थलगांव विकासखंड स्थित अन्नपूर्णा खाद भंडार का निरीक्षण एवं सत्यापन किया।

जांच के दौरान निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया का विक्रय किए जाने की पुष्टि हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों के उल्लंघन पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध कार्रवाई की। अन्नपूर्णा खाद भंडार को 7 दिनों के लिए सील कर दिया गया है। साथ ही संबंधित उर्वरक विक्रेता से मामले में जवाब भी मांगा गया है।
उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण और निर्धारित दर पर बिक्री की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं प्रचलित नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय निर्धारित दर पर ही यूरिया एवं अन्य रासायनिक उर्वरक प्राप्त करें तथा खरीद की पक्की रसीद अवश्य लें। निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने अथवा उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिलने पर तत्काल कृषि विभाग को सूचित करें।
कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय कृषि अधिकारी पत्थलगांव आर.के. पैंकरा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जीवन एक्का, कृषि विकास अधिकारी मंत्री राम राठिया एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी कृष्ण कुमार चौधरी उपस्थित रहे।
 

IDBI बैंक की CSR पहल से जशपुर के 8 विद्यालयों में शुरू हुई स्मार्ट क्लास

05-Aug-2026
जशपुर  (शोर संदेश)। प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। IDBI बैंक की कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) योजना के अंतर्गत जिले के आठ सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में स्मार्ट क्लास पैनल स्थापित किए गए हैं। कलेक्टर रोहित व्यास ने सरस्वती शिशु मंदिर, जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया।
IDBI बैंक, जशपुर शाखा की इस पहल के तहत जशपुर, बगीचा, दुलदुला, तपकरा, लोधमा, कुनकुरी, पत्थलगांव सहित जिले के आठ प्रमुख सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों को स्मार्ट क्लास सुविधा से जोड़ा गया है। इन डिजिटल पैनलों के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीक आधारित, गुणवत्तापूर्ण और अधिक प्रभावी शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और विषयों के प्रति रुचि में वृद्धि होगी।
इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल शिक्षा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेंगी। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में प्क्ठप् बैंक की इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के प्रति सकारात्मक योगदान बताया।
कार्यक्रम में IDBI बैंक जशपुर के शाखा प्रबंधक ऋषिकेश महतो, रामनिवास अग्रवाल, सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य संजय यादव, बैंक के राहुल गुप्ता, कलेक्टर कार्यालय से अभिषेक दुबे सहित विद्यालय परिवार, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


 

मुख्यमंत्री साय की पहल रंग लाई, हेल्पलाइन से दिव्यांग को मिला पेंशन का लाभ

20-Jul-2026
जशपुर  (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सीएम हेल्पलाइन प्रदेश के नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रही है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों और जरूरतमंद लोगों के लिए यह व्यवस्था राहत और विश्वास का केंद्र साबित हो रही है। सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का भी समयबद्ध निराकरण किया जा रहा है।
ऐसा ही एक मामला जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी प्रमनाथ मिर्रे का है। पेंशन शुरू कराने के लिए लगातार प्रयासों के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था।
आखिरकार उनके पुत्र प्रताप मिर्रे ने 20 जून को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। परिणामस्वरूप महज 12 दिनों के भीतर उनकी शिकायत का निराकरण कर दिया गया और प्रमनाथ मिर्रे को दिव्यांग पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो गया।
प्रमनाथ मिर्रे और उनके परिवार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो कार्य अनेक प्रयास से नहीं हो पा रहा था वह सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से कुछ ही दिनों में पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था दिव्यांगों और जरूरतमंद नागरिकों के लिए अत्यंत सुविधाजनक और भरोसेमंद साबित हो रही है तथा आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध करा रही है।


 

 


नेशनल हाईवे 43 पर दर्दनाक सड़क हादसा, पश्चिम बंगाल जा रही मिनी ट्रक ने कई लोगों को रौंदा, एक की मौत

22-May-2026
जशपुर। जशपुर जिले से दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर तेज रफ्तार मिनी ट्रक ने भीषण सड़क हादसे को अंजाम दिया। अनियंत्रित मिनी ट्रक ने सड़क किनारे खड़े लोगों और वाहनों को टक्कर मारते हुए कई लोगों को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, मिनी ट्रक जशपुर से सब्जियां लोड कर पश्चिम बंगाल की ओर जा रहा था। इसी दौरान NH-43 पर चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार में बेकाबू ट्रक ने सड़क किनारे मौजूद लोगों और कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का हुआ समाधान

18-May-2026
जशपुरनगर।  (शोर संदेश) ग्राम पंचायत सेंदरीमुंडा के वार्ड क्रमांक 7 बैशाखूपारा में वर्षों से बनी हुई पेयजल समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। गर्मी के मौसम में वार्डवासियों को अब स्वच्छ पेयजल की सुविधा सहज रूप से उपलब्ध होने लगी है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों को लंबे समय से पेयजल के लिए दूर-दराज क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों को पानी लाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। समस्या के स्थायी समाधान के लिए उमेश यादव, संतोष देहरी एवं ग्राम वासियों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर क्षेत्र की पेयजल समस्या से अवगत कराया तथा हैंडपंप खनन की मांग की।
ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई। इसके तहत बैशाखूपारा में हैंडपंप खनन कार्य कराया गया। हैंडपंप से पानी निकलते ही ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। अब वार्ड क्रमांक 7 के लोगों को घर के समीप ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की संवेदनशील एवं जनहितैषी कार्यशैली के कारण उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हो पाया है।
 


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