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Balrampur

बलरामपुर में तातापानी महोत्सव का भव्य शुभारंभ, मुख्यमंत्री साय ने दी विकास की सौगात

15-Jan-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर जिले में आयोजित तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति सूर्य उपासना का पर्व है और यह भारतीय संस्कृति, एकजुटता तथा समृद्धि का सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति, लोहड़ी एवं पोंगल की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इस अवसर पर तातापानी महोत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।उन्होंने तपेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में प्राचीन शिव चबूतरे पर पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने जिला मुख्यालय बलरामपुर में शासकीय महिला कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल, डाइट संचालन हेतु भवन, तथा जिला पंजीयन कार्यालय भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने 655 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले को विकास की नई सौगात दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और छत्तीसगढ़ की जनता से किए गए हर वादे को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक पात्र हितग्राही को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। अब किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिल रहा है। 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। 5 लाख से अधिक भूमिहीन किसानों को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 10-10 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की तीर्थ यात्रा कराई जा चुकी है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा सांसद चिंतामणि महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तातापानी में 60 फीट ऊँची भगवान शिव की भव्य प्रतिमा के समीप स्कूली बच्चों के साथ पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और आत्मीय वातावरण में मनाया। इस भावपूर्ण दृश्य ने पर्व की सांस्कृतिक गरिमा के साथ-साथ बच्चों के चेहरे पर उल्लास और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधे 200 जोड़ों को उनके नवदाम्पत्य जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ और मंगलकामनाएँ प्रदान कीं, तथा उनके जीवन में प्रेम, विश्वास और समृद्धि से भरे उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पारंपरिक माटीकला और ग्रामीण हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करते हुए राजपुर विकासखंड के ग्राम आरा निवासी कुम्हार शिवमंगल के साथ स्वयं चाक पर मिट्टी डालकर चाक चलाया, जिससे शिल्पकारों में नया उत्साह और आत्मविश्वास झलक उठा। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम स्थल पर विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए छत्तीसगढ़ की परंपरा और प्रगति के सुंदर संगम को करीब से महसूस किया। प्रदर्शनी में जनजातीय व्यंजन, प्रधानमंत्री आवास योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, सड़क सुरक्षा, साइबर जागरूकता तथा ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसे नवाचारों से जुड़े स्टॉलों ने यह दिखाया कि छत्तीसगढ़ अपनी जड़ों से जुड़ा रहकर भी भविष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक  उद्देश्वरी पैंकरा, विधायक शकुंतला पोर्ते, वन विकास निगम अध्यक्ष राम सेवक पैंकरा, विधायक अनुज शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।


















 

किसानों के दस्तावेज जब्त, 400 बोरी धान बरामद; अवैध कारोबार का भंडाफोड़

28-Dec-2025
 बलरामपुर । ( शोर संदेश ) जिले में किसानों के बैंक पासबुक, चेकबुक व ऋण पुस्तिका व अन्य दस्तावेजों के दुरुपयोग और धान के अवैध परिवहन का मामला पकड़ में आया है। राजस्व और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ग्राम कुर्लडीह निवासी श्याम सुंदर गुप्ता को धान के अवैध कारोबार और किसानों से छल-कपट के आरोप में पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध थाना सनावल में आवश्यक वस्तु अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
दरअसल, गुरुवार रात करीब 8 बजे संयुक्त टीम ने धान से भरे एक पिकअप वाहन को पीछा कर रोका। पूछताछ में पता चला कि धान को कुर्लडीह निवासी श्याम सुंदर गुप्ता के घर उतारा जाना था। इसके बाद टीम ने आरोपी के घर दबिश दी, जहां करीब 400 बोरी धान बरामद की गई। तलाशी के दौरान आरोपी के घर से किसानों की बड़ी संख्या में बैंक पासबुक, किसान किताब (भाग-1 व भाग-2), केसीसी पासबुक, जिला सहकारी बैंक की पासबुक, चेकबुक, भरे व कोरे विड्रॉल फॉर्म, बैंक जमा पर्ची, धान खरीदी केंद्रों की तौल पर्चियां, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल फोन सहित सैकड़ों दस्तावेज बरामद किए गए। इसके अलावा 1 लाख 67 हजार 100 रुपए नगद भी मिले।
इस कार्रवाई में पिकअप वाहन (यूपी 64 सीटी 4218) और मोटरसाइकिल (सीजी 15 डीवाय 4601) को जब्त कर थाना भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सीमावर्ती राज्य से सस्ते दाम पर धान लाकर छत्तीसगढ़ के धान खरीदी केंद्रों में बेचता था। किसानों के हस्ताक्षर पहले से किए गए विड्रॉल फॉर्म अपने पास रखकर बड़ी मात्रा में राशि का लेनदेन अपने और परिजनों के खातों में करता था। जिला प्रशासन का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता भी हो सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। 








 

यूपी व झारखंड का 175 बोरी धान और 03 पिकअप वाहन जब्त

30-Nov-2025
 बलरामपुर  ( शोर संदेश )। जिले में धान के अवैध परिवहन के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए रामानुजगंज और कुसमी क्षेत्रों में कुल 175 बोरी धान के साथ 3 पिकअप वाहनों को जब्त किया है। कलेक्टर राजेंद्र कटारा निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर के मामले लगातार जांच पड़ताल और कार्रवाई की जा रही है। 
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, रामानुजगंज आनंद राम नेताम के नेतृत्व में राजस्व टीम ने ग्राम रामचंद्रपुर क्षेत्र में उत्तरप्रदेश से आ रहे एक पिकअप वाहन को पकड़ा। वाहन में 70 बोरी धान लदा हुआ था। टीम ने लगभग 4 से 5 किलोमीटर तक पीछा कर वाहन को ग्राम विमलापुर के जंगल में रोककर जब्ती की कार्रवाई की। इसी प्रकार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कुसमी करुण डहरिया के नेतृत्व में ग्राम अमटाही में 2 पिकअप वाहनों को पकड़ा गया, जिनमें झारखंड से लाए जा रहे 105 बोरी अवैध धान लोड था। दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर संबंधित थानों को सुपुर्द कर दिया गया है।
गौरतलब है कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में धान की अवैध आवक पर रोक लगाने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और कोचियों एवं बिचौलियों कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि की सूचना प्रशासन को दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

पक्की सड़कों ने बदली बलरामपुर के ग्रामीण जीवन की तस्वीर

07-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )   छत्तीसगढ़ के सुदूर उत्तर में बसे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की पहचान अब केवल हरियाली, जंगलों, पहाड़ी घाटियों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से नहीं, बल्कि विकास की रफ्तार से दौड़ते गांवों से भी होती है। इस परिवर्तन की कहानी लिखी है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) ने, जिसने हर गांव को पक्की सड़क से जोड़कर विकास के रास्ते खोले हैं।
जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत बलरामपुर क्षेत्र में हुई, तब कई गांव ऐसे थे जहां बरसात के दिनों में पहुंचना भी मुश्किल होता था। खेत की उपज बाजार तक नहीं पहुंच पाती थी, मरीजों को अस्पताल तक ले जाना चुनौती था और बच्चों के लिए स्कूल जाना सपना जैसा था, लेकिन वर्ष 2012 में जिला बनने के बाद इस योजना ने नई गति पकड़ी। वर्तमान में जिले के 06 विकासखण्ड बलरामपुर, रामचंद्रपुर, वाड्रफनगर, राजपुर, कुसमी और शंकरगढ़ में 1647.72 किलोमीटर की 330 सड़कों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जो अब गांवों को न सिर्फ शहरों से जोड़ती है बल्कि जीवन से जोड़ती है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करती हुई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सड़कों के जाल बिछ जाने से किसान अब अपनी उपज को समय पर बाजार तक पहुंचा पा रहे हैं। स्कूल में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और शाला त्यागी बच्चों की दर बहुत तेजी से कम हो गयी है। अब हर गांव तक स्वास्थ्य सुविधाएं भी पहुंच रही हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हुई हैं। सडकों के बनने से महिलाएं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। युवाओं के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर अब उपलब्ध हो रहे हैं। इन सड़कों ने न सिर्फ मिट्टी और धूल भरे रास्तों को बदला है, बल्कि गांवों के सपनों को भी दिशा दी है।
अब योजना का चतुर्थ चरण में उन गांवों को जोड़ने का कार्य किया जाएगा। जहाँ अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रथम चरण में जिले में 58 नई सड़कों का सर्वे पूर्ण कर डीपीआर तैयार की जा चुका है। जल्द ही निर्माण कार्य किया जाएगा, जिससे आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक भी विकास की रौशनी पहुंचेगी। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि के साथ ही मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना गांवों की किस्मत बदलने वाली योजना साबित हो रही है।


 

जंगली हाथियों के हमले में चरवाहे की मौत, साथी ने भागकर बचाई जान

06-Oct-2025
बलरामपुर।  ( शोर संदेश )  जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मदनपुर गांव के पास चटनियां जंगल में सोमवार को हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई. वहीं दूसरे ग्रामीण ने भाग कर अपनी जान बचाई। 
जानकारी के अनुसार, कुछ ग्रामीण मवेशी चराने जंगल की ओर गए थे, तभी जंगली ने अचानक दो ग्रामीण पर हमला कर दिया। घटना में एक ग्रामीण ने भागकर अपनी जान बचाई, जबकि एक की मौके पर ही मौत हो गई। 
बताया जा रहा है कि दो हाथियों का जोड़ा इस समय जंगल में विचरण कर रहा है. वह किसानों के धान की फसल को भी नुकसान पहुचा रहे हैं।  दो से तीन गांवों के ग्रामीण पिछले कई दिनों से हाथियों के आतंक से परेशान हैं। 

 


अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर बलरामपुर में बुजुर्गों का हुआ सम्मान

02-Oct-2025
बलरामपुर ।  शोर संदेश अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर बलरामपुर जिले में कार्यक्रम आयोजित कर वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया गया। जिला मुख्यालय के जनपद पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समारोह में जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए लगभग 300 बुजुर्ग और वृद्धाश्रम के सदस्य शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सभी बुजुर्गों को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का अनुभव और आशीर्वाद समाज और परिवार के विकास की दिशा तय करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वृद्धजन दिवस सिर्फ एक दिन मनाने के लिए नहीं है, बल्कि हर समय बुजुर्गों के प्रति स्नेह और सम्मान बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श की भी सुविधा प्रदान की गई, जिससे बुजुर्गों की भलाई सुनिश्चित की जा सके। समारोह में मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा, जनपद सीईओ दीपराज कांत, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भानुप्रकाश दीक्षित और अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

लुत्ती बांध हादसा: कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रभावित परिवारों से की मुलाकात

04-Sep-2025
बलरामपुर ।  शोर संदेश बलरामपुर जिले में लुत्ती डैम टूटने से हुए हादसे के बाद कृषि मंत्री रामविचार नेताम स्वयं घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। मंत्री नेताम ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में शासन-प्रशासन उनके साथ खड़ा है। मौके पर ही उन्होंने अधिकारियों से चर्चा कर पशुहानि व फसल क्षति की जानकारी ली और तत्काल मुआवजा राशि का चेक प्रदान किया। इस दौरान कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।
मंत्री नेताम ने प्रभावित परिवारों से संवाद कर घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस आपदा से हुए क्षति की भरपाई भले ही पूरी तरह संभव नहीं है, लेकिन राज्य सरकार हर संभव मदद सुनिश्चित करेगी। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि मकान क्षति, फसल हानि और पशु हानि का विस्तृत सर्वे कर नियमानुसार शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य में लगातार जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीम लगी हुई हैं। साथ ही घायलों के बेहतर ईलाज का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास, भोजन, पानी, चिकित्सकीय सुविधा प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं इस घटनाक्रम की जानकारी ली है और स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि पीड़ि़त परिवार को हर संभव सहयोग व सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में आपके साथ खड़ी है।
इस दौरान मंत्री नेताम के द्वारा प्रभावित परिवार देवंती, संदीप, फुलमतिया को सहयोग राशि प्रदान किया गया। साथ ही उन्होंने पशुहानि के लिए गांगरेल को 64 हजार रुपये, कन्हाई को 37,500 हजार रुपये, खिलबानुस को 32 हजार एवं फसल क्षति के लिए राजेश्वर सिंह को 8,500 रुपये, सुखदेव को 7,520 रुपये, सुरेश को 7,520 रुपये संदीप को 01 लाख रुपये, कुल 02 लाख 57 हजार 40 रुपये का मुआवजा राशि प्रदान किया।
हादसे से न केवल ग्रामीणों की फसल और पशुधन को नुकसान पहुंचा, बल्कि आधारभूत संरचना भी प्रभावित हुई है। बांध का पानी बहने से बांध के नीचे डाउनस्ट्रीम साइड में वर्ष 2014 में निर्मित मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बने दो पुल एवं सड़क को भारी क्षति पहुंची है। दोनों पुल बह जाने से क्षेत्र के आवागमन को सुचारू बनाए रखने कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के आदेशानुसार दोनों पुलों के स्थान पर अस्थायी डायवर्सन निर्माण का कार्य  प्रारंभ कर दिया गया है। वर्तमान में यह कार्य तेजी से प्रगतिरत है और प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द आवागमन को सुचारू किया जा सके ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक, पीड़ित परिवारों को दिलाएँगे हरसंभव सहायता

03-Sep-2025
बलरामपुर ।  शोर संदेश  03 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर जिले के ग्राम धनेशपुर स्थित लुत्ती (सतबहिनी) डैम टूटने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में 4 लोगों की मृत्यु, 3 लोगों के घायल होने तथा 3 लोगों के लापता होने की सूचना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायी घटना है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूँ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी वर्षा के कारण उत्पन्न इस प्राकृतिक आपदा से जनहानि के साथ-साथ भवनों को क्षति पहुँची है, फसलों का नुकसान हुआ है और पशुहानि भी हुई है। यह स्थिति प्रभावित परिवारों के लिए बेहद कठिन और दुखदायी है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है।
उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमें पूरी तत्परता से जुटी हुई हैं। घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था कराई गई है तथा लापता लोगों की खोज के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घटना में हुई जनहानि के लिए शासकीय नियमों के अनुरूप अनुग्रह सहायता स्वीकृति का प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए। प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मकान, फसल और पशुहानि का विस्तृत सर्वे कर शीघ्र राहत सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता एवं सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बलरामपुर जिले के भीतियाही गांव की घटना

20-Aug-2025
 बलरामपुर। ( शोर संदेश ) जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक नाबालिग छात्रा ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।बताया जा रहा है कि आत्मघाती कदम उठाने से पहले छात्रा अपने बॉयफ्रेंड से लगातार चैट कर रही थी। बॉयफ्रेंड के बातचीत से बचने और वीडियो कॉल न करने पर नाराज होकर उसने यह कदम उठाया।
आत्महत्या से ठीक पहले उसने मैसेज भेजकर लिखा कि “आखिरी बार वीडियो कॉल में देख लो, मैं मरने जा रही हूं।” यह घटना तातापानी पुलिस चौकी क्षेत्र के भीतियाही गांव की है। मृतका 12वीं कक्षा की छात्रा थी और भंवरमाल में स्थित एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। फिलहाल छुट्टियों में वह अपने गांव भीतियाही आई हुई थी।
घटना 17 अगस्त की शाम की बताई जा रही है। छात्रा अपने घर के कमरे में अकेली थी। इसी दौरान वह मोबाइल फोन से अपने कथित बॉयफ्रेंड से चैट कर रही थी।
चैट के दौरान युवक ने उससे बातचीत करने से परहेज किया और वीडियो कॉल से भी कतराने लगा। इससे आहत होकर छात्रा ने बॉयफ्रेंड को अंतिम मैसेज भेजा कि “एक बार वीडियो कॉल में देख लो, मैं मरने जा रही हूं।” इसके बाद उसने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
छात्रा के दादा जब घर लौटे और दरवाजा खोला तो उनकी पोती फांसी पर झूलती मिली। यह नजारा देखकर वे दहशत में आ गए और शोर मचाने लगे। पड़ोसियों के साथ मिलकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची तातापानी पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। इस घटना के बाद से गांव में शोक का माहौल है।
इस मामले में जांच अधिकारी रामसेवक भगत ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रा पिछले 4-5 वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी। इससे वह मानसिक तनाव में रहती थी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि छात्रा की मोबाइल चैट और कॉल डिटेल की भी जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के समय उसकी आखिरी बातचीत किन परिस्थितियों में हुई थी। इस घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा दुख है। ग्रामीणों का कहना है कि नाबालिग छात्रा पढ़ाई में ठीक-ठाक थी लेकिन पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान नजर आ रही थी। बॉयफ्रेंड से हुई नाराजगी ने उसकी परेशानी और बढ़ा दी और उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं युवा पीढ़ी में बढ़ते मानसिक तनाव और संबंधों की संवेदनशीलता को दिखाती हैं।







 

सड़क दुर्घटना में एम्बुलेंस चालक की मौत

11-Aug-2025


बिश्रामपुर (शोर संदेश)। कल्याणपुर जंगल में तेज रफ्तार संजीवनी 108 एंबुलेंस सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई. दुर्घटना में एंबुलेंस में सामने सीट पर बैठे युवक की मौत हो गई है. गौरतलब है कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में इन दिनों सड़क की स्थिति काफी दयनीय हो गई है.

इसके मद्देनजर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की राजपुर कैंप की संजीवनी 108 एंबुलेंस क्रमांक 04 एमजेड 5889 मरीज को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल छोड़कर शनिवार की रात वापस कल्याणपुर होते राजपुर जा रही थी. तभी कल्याणपुर में पेट्रोल पंप के समीप वाहन चालक का नियंत्रण हट गया और वाहन सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया. एंबुलेंस वाहन में चालक सीट के बगल में बैठे रामविशाल राजवाड़े पिता मोहन राजवाड़े उम्र ३३ वर्ष निवासी द्वारिकानगर लटोरी के सिर में गंभीर चोट आने से उसकी मौके पर मौत हो गई.

बताया जा रहा है कि मृतक रामविशाल राजवाड़े एंबुलेंस का चालक था, लेकिन वह चालक की बगल सीट पर बैठा था. एम्बुलेंस में चालक के अलावा इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की ड्यूटी होती है, अनुमान लगाया जा रहा है कि एंबुलेंस को ईएमटी ही चला रहा था. घटना के बाद से ईएमटी फरार बताया जा रहा है. लटोरी पुलिस ने मामले में विवेचना शुरू कर दी है. इधर वर्तमान में अंबिकापुर रामानुजगंज मार्ग के जर्जर होने से राजपुर, बलरामपुर, रामानुजगंज अथवा उससे आगे आने जाने वाले कई वाहन वर्तमान समय में कल्याणपुर मार्ग से आना जाना कर रहे हैं। 

 



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