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Balrampur

बलरामपुर में भी अफीम की खेती, करीब दो एकड़ में लगी फसल बरामद

10-Mar-2026
बलरामपुर। ( शोर संदेश )  बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में करीब दो एकड़ जमीन पर अफीम की खेती मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।
जानकारी के अनुसार सरगुजा संभाग के इस इलाके में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा लीज पर जमीन लेकर अफीम की खेती किए जाने की बात सामने आई है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फसल की जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध लोगों की तलाश तेज कर दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक जिस स्थान पर अफीम की खेती पाई गई है, वह काफी दुर्गम क्षेत्र में स्थित है और वहां चार पहिया वाहन से पहुंचना भी संभव नहीं है। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि खेती लंबे समय से की जा रही थी और बरामद फसल का कुछ हिस्सा पहले ही उपयोग में लाया जा चुका है।
प्रदेश में अवैध अफीम खेती का दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले दुर्ग जिले के समोदा गांव में भी बड़े पैमाने पर अफीम की खेती का खुलासा हुआ था, जिसके बाद प्रदेश की सियासत भी गरमा गई थी।
मामले की पुष्टि करते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया कि कुसमी थाना क्षेत्र के पाट इलाके में दुर्गम स्थान पर अफीम की खेती बरामद की गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और देर शाम तक विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी।



 

बिहान से बदल रहा ग्रामीण परिवेश, पुष्पा बनी लखपति दीदी

03-Mar-2026
बलरामपुर  ( शोर संदेश ) । ग्रामीण अंचलों में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का असर अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है। बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चराई की निवासी पुष्पा पैकरा इसका उदाहरण हैं। जो समूह से जुड़कर लखपति दीदी के रूप में जानी जा रही हैं।
कभी सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण करने को मजबूर पुष्पा एक सफल राइस मिल संचालिका बन चुकी हैं। उन्होंने ओम महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन की दिशा बदली है साथ ही, गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं। 
पुष्पा बताती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आय मुख्यतः कृषि एवं मजदूरी पर निर्भर थी। कृषि से लगभग 35 हजार रुपये और मजदूरी से लगभग 25 हजार रुपये वार्षिक आय होती थी। कुल मिलाकर परिवार की सालाना आय करीब 60 हजार रुपये थी, जिससे परिवार की आवश्यकताएं मुश्किल से पूरी हो पाती थीं। जिसके कारण बच्चों की शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी सीमित संसाधनों के कारण प्रभावित होती थीं।
ओम महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद पुष्पा को समूह से एनआरएलएम अंतर्गत सामुदायिक निवेश निधि 30 हजार रुपये एवं कैश क्रेडिट लिमिट 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। जिससे पुष्पा ने राइस मिल की स्थापना का निर्णय लिया। उन्होंने स्थानीय स्तर पर चावल प्रसंस्करण का कार्य प्रारंभ किया। आज उनकी मिल नियमित रूप से संचालित हो रही है जिससे गांव के किसानों को भी सुविधा मिल रही है।
राइस मिल के सफल संचालन से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। अब पुष्पा की वार्षिक आय 1 लाख 26 हजार रुपए तक पहुंच गई है। आर्थिक सुदृढ़ता के साथ परिवार के जीवन स्तर में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। आय में इस वृद्धि ने पुष्पा को आत्मनिर्भर बनाया है और वे लखपति दीदी की संकल्पना को सार्थक कर रही हैं। अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए शासन को धन्यवाद दिया है।
 

 


बहुआयामी व्यवसाय से संवरा जीवन, रेबेका बनीं ‘लखपति दीदी’

28-Feb-2026
बलरामपुर । ( शोर संदेश )  बहुआयामी व्यवसाय से संवरा जीवन, रेबेका बनीं ‘लखपति दीदी’राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित एक गरीबी उन्मूलन परियोजना है। यह योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने और ग्रामीण गरीबों को संगठित करने पर केंद्रित है। इस कार्यक्रम का मूल विचार गरीबों को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) में संगठित करना और उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है।
बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत चिलमा की रेबेका ने आत्मविश्वास, मेहनत और समूह की ताकत से अपनी जिंदगी की दिशा बदल दी है। कभी मजदूरी पर निर्भर उनका परिवार सीमित आय के कारण आर्थिक तंगी से जूझता था, लेकिन आज वही रेबेका बहुआयामी व्यवसाय के जरिए सालाना लगभग 1 लाख 71 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं और क्षेत्र में ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचानी जा रही हैं।
रेबेका ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत स्वयं शक्ति महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर नई शुरुआत की। समूह के माध्यम से उन्हें नियमित बचत, आंतरिक ऋण और स्वरोजगार संबंधी प्रशिक्षण की जानकारी मिली। उन्होंने समूह से ऋण लेकर बागवानी, बकरी पालन, मुर्गी पालन, किराना दुकान संचालन तथा कृषि कार्य जैसे विविध व्यवसाय शुरू किए।
बहुआयामी आजीविका मॉडल अपनाने से उनकी आय के कई स्रोत बने, जिससे आमदनी स्थिर और सतत हुई। आय में वृद्धि के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। अब वे बच्चों की शिक्षा, बेहतर पोषण और घर की आवश्यकताओं की पूर्ति सहजता से कर पा रही हैं।
रेबेका बताती हैं कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि आत्मविश्वास और प्रबंधन कौशल भी विकसित हुआ। आज वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना से सच हो रहा पक्के आशियाने का सपना

26-Feb-2026
बलरामपुर । ( शोर संदेश ) सुदूर वनांचल में जीवन केवल भौगोलिक कठिनाइयों तक सीमित नहीं है, बल्कि असुरक्षा, संसाधनों की कमी और भविष्य की अनिश्चितताओं से भी जूझना पड़ता है। ऐसे ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत बादा निवासी नक्सल पीड़ित धरमपाल ने लंबे समय तक संघर्षपूर्ण जीवन व्यतीत किया। सीमित आय, जर्जर कच्चा मकान और परिवार की सुरक्षा की चिंता उनके जीवन का स्थायी हिस्सा बन चुकी थी।
धरमपाल ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय रामसाय गांव के पटेल थे और कृषि कार्य से परिवार का भरण-पोषण करते थे, किंतु माओवादी हिंसा की घटना में उनके पिता की हत्या हो जाने के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक एवं मानसिक आघात पड़ा। परिवार में उनकी माता, दो पुत्र एवं पांच पुत्रियों के समक्ष आजीविका और सुरक्षा की गंभीर चुनौती उत्पन्न हो गई। पिता के असामयिक निधन के पश्चात धरमपाल ने मेहनत-मजदूरी कर किसी प्रकार परिवार का पालन-पोषण किया।
परिवार लंबे समय से मिट्टी एवं खपरैल से निर्मित जर्जर कच्चे मकान में निवास कर रहा था, जहां वर्षा और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों में असुविधा एवं असुरक्षा बनी रहती थी। ऐसे समय में शासन की पहल से वर्ष 2024-25 में नक्सल पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें स्थायी आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष प्राथमिकता दी गई। इसी क्रम में धरमपाल का चयन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत किया गया और उन्हें पक्का आवास स्वीकृत हुआ।
आवास निर्माण पूर्ण होने के उपरांत अब उनका परिवार सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण में जीवन यापन कर रहा है। धरमपाल का कहना है कि जहां पहले भविष्य को लेकर निरंतर चिंता बनी रहती थी, वहीं अब पक्का मकान मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के प्रति आशान्वित हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आवास जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराकर शासन द्वारा सामाजिक सुरक्षा एवं स्थायित्व सुनिश्चित किया जा रहा है। धरमपाल ने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण निश्चित ही जरूरतमंद परिवारों के जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मान का आधार बन रही है।
 

बलरामपुर में तातापानी महोत्सव का भव्य शुभारंभ, मुख्यमंत्री साय ने दी विकास की सौगात

15-Jan-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर जिले में आयोजित तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति सूर्य उपासना का पर्व है और यह भारतीय संस्कृति, एकजुटता तथा समृद्धि का सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति, लोहड़ी एवं पोंगल की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इस अवसर पर तातापानी महोत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।उन्होंने तपेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में प्राचीन शिव चबूतरे पर पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने जिला मुख्यालय बलरामपुर में शासकीय महिला कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल, डाइट संचालन हेतु भवन, तथा जिला पंजीयन कार्यालय भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने 655 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले को विकास की नई सौगात दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और छत्तीसगढ़ की जनता से किए गए हर वादे को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक पात्र हितग्राही को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। अब किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिल रहा है। 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। 5 लाख से अधिक भूमिहीन किसानों को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 10-10 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की तीर्थ यात्रा कराई जा चुकी है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा सांसद चिंतामणि महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तातापानी में 60 फीट ऊँची भगवान शिव की भव्य प्रतिमा के समीप स्कूली बच्चों के साथ पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और आत्मीय वातावरण में मनाया। इस भावपूर्ण दृश्य ने पर्व की सांस्कृतिक गरिमा के साथ-साथ बच्चों के चेहरे पर उल्लास और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधे 200 जोड़ों को उनके नवदाम्पत्य जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ और मंगलकामनाएँ प्रदान कीं, तथा उनके जीवन में प्रेम, विश्वास और समृद्धि से भरे उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पारंपरिक माटीकला और ग्रामीण हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करते हुए राजपुर विकासखंड के ग्राम आरा निवासी कुम्हार शिवमंगल के साथ स्वयं चाक पर मिट्टी डालकर चाक चलाया, जिससे शिल्पकारों में नया उत्साह और आत्मविश्वास झलक उठा। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम स्थल पर विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए छत्तीसगढ़ की परंपरा और प्रगति के सुंदर संगम को करीब से महसूस किया। प्रदर्शनी में जनजातीय व्यंजन, प्रधानमंत्री आवास योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, सड़क सुरक्षा, साइबर जागरूकता तथा ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसे नवाचारों से जुड़े स्टॉलों ने यह दिखाया कि छत्तीसगढ़ अपनी जड़ों से जुड़ा रहकर भी भविष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक  उद्देश्वरी पैंकरा, विधायक शकुंतला पोर्ते, वन विकास निगम अध्यक्ष राम सेवक पैंकरा, विधायक अनुज शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।


















 

किसानों के दस्तावेज जब्त, 400 बोरी धान बरामद; अवैध कारोबार का भंडाफोड़

28-Dec-2025
 बलरामपुर । ( शोर संदेश ) जिले में किसानों के बैंक पासबुक, चेकबुक व ऋण पुस्तिका व अन्य दस्तावेजों के दुरुपयोग और धान के अवैध परिवहन का मामला पकड़ में आया है। राजस्व और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ग्राम कुर्लडीह निवासी श्याम सुंदर गुप्ता को धान के अवैध कारोबार और किसानों से छल-कपट के आरोप में पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध थाना सनावल में आवश्यक वस्तु अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
दरअसल, गुरुवार रात करीब 8 बजे संयुक्त टीम ने धान से भरे एक पिकअप वाहन को पीछा कर रोका। पूछताछ में पता चला कि धान को कुर्लडीह निवासी श्याम सुंदर गुप्ता के घर उतारा जाना था। इसके बाद टीम ने आरोपी के घर दबिश दी, जहां करीब 400 बोरी धान बरामद की गई। तलाशी के दौरान आरोपी के घर से किसानों की बड़ी संख्या में बैंक पासबुक, किसान किताब (भाग-1 व भाग-2), केसीसी पासबुक, जिला सहकारी बैंक की पासबुक, चेकबुक, भरे व कोरे विड्रॉल फॉर्म, बैंक जमा पर्ची, धान खरीदी केंद्रों की तौल पर्चियां, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल फोन सहित सैकड़ों दस्तावेज बरामद किए गए। इसके अलावा 1 लाख 67 हजार 100 रुपए नगद भी मिले।
इस कार्रवाई में पिकअप वाहन (यूपी 64 सीटी 4218) और मोटरसाइकिल (सीजी 15 डीवाय 4601) को जब्त कर थाना भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सीमावर्ती राज्य से सस्ते दाम पर धान लाकर छत्तीसगढ़ के धान खरीदी केंद्रों में बेचता था। किसानों के हस्ताक्षर पहले से किए गए विड्रॉल फॉर्म अपने पास रखकर बड़ी मात्रा में राशि का लेनदेन अपने और परिजनों के खातों में करता था। जिला प्रशासन का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता भी हो सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। 








 

यूपी व झारखंड का 175 बोरी धान और 03 पिकअप वाहन जब्त

30-Nov-2025
 बलरामपुर  ( शोर संदेश )। जिले में धान के अवैध परिवहन के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए रामानुजगंज और कुसमी क्षेत्रों में कुल 175 बोरी धान के साथ 3 पिकअप वाहनों को जब्त किया है। कलेक्टर राजेंद्र कटारा निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर के मामले लगातार जांच पड़ताल और कार्रवाई की जा रही है। 
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, रामानुजगंज आनंद राम नेताम के नेतृत्व में राजस्व टीम ने ग्राम रामचंद्रपुर क्षेत्र में उत्तरप्रदेश से आ रहे एक पिकअप वाहन को पकड़ा। वाहन में 70 बोरी धान लदा हुआ था। टीम ने लगभग 4 से 5 किलोमीटर तक पीछा कर वाहन को ग्राम विमलापुर के जंगल में रोककर जब्ती की कार्रवाई की। इसी प्रकार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कुसमी करुण डहरिया के नेतृत्व में ग्राम अमटाही में 2 पिकअप वाहनों को पकड़ा गया, जिनमें झारखंड से लाए जा रहे 105 बोरी अवैध धान लोड था। दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर संबंधित थानों को सुपुर्द कर दिया गया है।
गौरतलब है कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में धान की अवैध आवक पर रोक लगाने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और कोचियों एवं बिचौलियों कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि की सूचना प्रशासन को दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

पक्की सड़कों ने बदली बलरामपुर के ग्रामीण जीवन की तस्वीर

07-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )   छत्तीसगढ़ के सुदूर उत्तर में बसे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की पहचान अब केवल हरियाली, जंगलों, पहाड़ी घाटियों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से नहीं, बल्कि विकास की रफ्तार से दौड़ते गांवों से भी होती है। इस परिवर्तन की कहानी लिखी है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) ने, जिसने हर गांव को पक्की सड़क से जोड़कर विकास के रास्ते खोले हैं।
जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत बलरामपुर क्षेत्र में हुई, तब कई गांव ऐसे थे जहां बरसात के दिनों में पहुंचना भी मुश्किल होता था। खेत की उपज बाजार तक नहीं पहुंच पाती थी, मरीजों को अस्पताल तक ले जाना चुनौती था और बच्चों के लिए स्कूल जाना सपना जैसा था, लेकिन वर्ष 2012 में जिला बनने के बाद इस योजना ने नई गति पकड़ी। वर्तमान में जिले के 06 विकासखण्ड बलरामपुर, रामचंद्रपुर, वाड्रफनगर, राजपुर, कुसमी और शंकरगढ़ में 1647.72 किलोमीटर की 330 सड़कों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जो अब गांवों को न सिर्फ शहरों से जोड़ती है बल्कि जीवन से जोड़ती है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करती हुई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सड़कों के जाल बिछ जाने से किसान अब अपनी उपज को समय पर बाजार तक पहुंचा पा रहे हैं। स्कूल में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और शाला त्यागी बच्चों की दर बहुत तेजी से कम हो गयी है। अब हर गांव तक स्वास्थ्य सुविधाएं भी पहुंच रही हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हुई हैं। सडकों के बनने से महिलाएं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। युवाओं के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर अब उपलब्ध हो रहे हैं। इन सड़कों ने न सिर्फ मिट्टी और धूल भरे रास्तों को बदला है, बल्कि गांवों के सपनों को भी दिशा दी है।
अब योजना का चतुर्थ चरण में उन गांवों को जोड़ने का कार्य किया जाएगा। जहाँ अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रथम चरण में जिले में 58 नई सड़कों का सर्वे पूर्ण कर डीपीआर तैयार की जा चुका है। जल्द ही निर्माण कार्य किया जाएगा, जिससे आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक भी विकास की रौशनी पहुंचेगी। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि के साथ ही मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना गांवों की किस्मत बदलने वाली योजना साबित हो रही है।


 

जंगली हाथियों के हमले में चरवाहे की मौत, साथी ने भागकर बचाई जान

06-Oct-2025
बलरामपुर।  ( शोर संदेश )  जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मदनपुर गांव के पास चटनियां जंगल में सोमवार को हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई. वहीं दूसरे ग्रामीण ने भाग कर अपनी जान बचाई। 
जानकारी के अनुसार, कुछ ग्रामीण मवेशी चराने जंगल की ओर गए थे, तभी जंगली ने अचानक दो ग्रामीण पर हमला कर दिया। घटना में एक ग्रामीण ने भागकर अपनी जान बचाई, जबकि एक की मौके पर ही मौत हो गई। 
बताया जा रहा है कि दो हाथियों का जोड़ा इस समय जंगल में विचरण कर रहा है. वह किसानों के धान की फसल को भी नुकसान पहुचा रहे हैं।  दो से तीन गांवों के ग्रामीण पिछले कई दिनों से हाथियों के आतंक से परेशान हैं। 

 


अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर बलरामपुर में बुजुर्गों का हुआ सम्मान

02-Oct-2025
बलरामपुर ।  शोर संदेश अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर बलरामपुर जिले में कार्यक्रम आयोजित कर वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया गया। जिला मुख्यालय के जनपद पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समारोह में जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए लगभग 300 बुजुर्ग और वृद्धाश्रम के सदस्य शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सभी बुजुर्गों को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का अनुभव और आशीर्वाद समाज और परिवार के विकास की दिशा तय करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वृद्धजन दिवस सिर्फ एक दिन मनाने के लिए नहीं है, बल्कि हर समय बुजुर्गों के प्रति स्नेह और सम्मान बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श की भी सुविधा प्रदान की गई, जिससे बुजुर्गों की भलाई सुनिश्चित की जा सके। समारोह में मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा, जनपद सीईओ दीपराज कांत, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भानुप्रकाश दीक्षित और अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


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