स्थानीय थाना से सटे झारखण्ड प्रांत के गढ़वा जिले के धुरकी थाने के रक्शी गांव में रविवार रात दिल दहला देने वाली घटना घटी। यहां एक किसान अपनी पत्नी और दो बेटियों की हत्या कर खुद फांसी के फंदे से झूल गया। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। उसमें उसने अपनी व अपने परिवार की मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है।
झारखण्ड प्रान्त के गढ़वा जिले के धुरकी थाना के रक्शी निवासी 30 वर्षीय शिवकुमार बैठा ने अपनी 26 वर्षीया पत्नी बबीता देवी, 10 वर्षीय पुत्री तान्या कुमारी एवं छह वर्षीय श्रेया कुमारी की हत्या कर शव को कुएं में डाल दिया। खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार की सुबह जब शिवकुमार की मां उसके घर गई तो उसके घर का दरवाजा खुला था और घर से थोड़ी दूर पर स्थित अमरूद के पेड़ पर उसका शव झूल रहा था। मां के रोने और चिल्लाने पर जुटे लोगों को घर में शिवकुमार की पत्नी और बेटियां भी नहीं मिलीं। इस पर लोगों ने उनकी खोजबीन की तो शुरुआत में एक बच्ची का शव कुएं में मिला। एक बच्ची एवं पत्नी गायब थी। घटना को देखकर लोगों को आशंका हुई कि कहीं शिवकुमार ने पत्नी एवं दूसरे बच्ची की भी हत्या तो नहीं कर दी है। लोगों ने इस लिहाज से फिर से कुएं में खोजबीन की तो दूसरी बच्ची एवं पत्नी का शव उसमें मिला। ग्रामीणों ने बताया कि शिवकुमार के ऊपर लगभग पांच-छह लाख रुपये का कर्ज था। वह छोटा किसान था और बीमार भी रहता था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि उसने गरीबी तथा बीमारी से तंग आकर ऐसा कदम उठाया है। मौके पर मिले सुसाइड नोट में शिवकुमार ने लिखा है कि वह अपने परिवार के साथ मौत को गले लगा रहा है। इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार है। इसके लिए मेरे माता-पिता को परेशान न किया जाए। थाना प्रभारी धुरकी योगेन्द्र कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।