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किसान

छत्तीसगढ़ में लाख उत्पादक किसानों को भी अब अल्पकालीन कृषि ऋण और ब्याज अनुदान का लाभ*

12-Feb-2021

00 मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल: लाख उत्पादन को मिला कृषि का दर्जा
00 प्रदेश के 50 हजार से अधिक वनवासी किसान होंगे लाभान्वित
00 लाभकारी हो जाएगी लाख की खेती, उत्पादन भी बढ़ेगा
रायपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ में लाख उत्पादन को कृषि का दर्जा मिला है। राज्य शासन द्वारा लाख उत्पादक किसानों तथा किसान-समूहों को भी कृषि फसलों के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण एवं ऋण पर नियमानुसार ब्याज अनुदान से लाभान्वित करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि कुसुम, पलाश, बेर आदि वृक्षों तथा सेमियालता आदि फसलों पर लाख उत्पादन एवं प्राथमिक प्रसंस्करण के लिए कृषकों अथवा कृषक समूहों को कृषि फसलों के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण निर्धारित ऋणमान पर प्रदान किया जाएगा। उन्हें अल्पकालीन कृषिऋण पर नियमानुसार ब्याज अनुदान भी देय होगा।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लाख की खेती की अपार संभावनाएं है। यहां के कृषकों द्वारा कुसुम, पलाश और बेर के वृक्षों में परंपरागत रूप से लाख की खेती की जाती रही है। परंतु व्यवस्थित एवं आधुनिक तरीके से लाख की खेती न होने की वजह से कृषकों को लागत के एवज में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता है। वन विभाग ने लाख की खेती को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से इसे कृषि का दर्जा देने तथा कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से अन्य कृषकों की तरह लाख की खेती करने वाले किसानों को भी ऋण उपलब्ध कराने का सुझाव देते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को प्रेषित प्रस्ताव को मान्य किए जाने का आग्रह किया था। जिस पर मुख्यमंत्री ने अपनी सहमति दे दी है। राज्य सरकार द्वारा कृषकों के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय से छत्तीसगढ़ में लगभग 50 हजार किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। वर्तमान में राज्य में 4500 टन लाख का उत्पादन होता है। राज्य में बड़े पैमाने पर आदिवासी तथा वनवासी कृषक इसकी खेती में लगे हुए है और यहां लाख की खेती की अच्छी संभावनाएं भी है। राज्य सरकार के इस निर्णय के तहत किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण जैसी सुविधा के मिलने से लाख की खेती तथा इसके उत्पादन को और बढ़ावा मिलेगा। इससे राज्य में लाख का उत्पादन बढ़कर 10 हजार टन तक हो जाएगा। 


भाजपा ने जारी की किसान मोर्चा के जिला प्रभारियों की घोषणा देखें सूची...

09-Feb-2021

रायपुर (शोर सन्देश) छत्तीसगढ़ भाजपा किसान मोर्चा ने संभाग जिला प्रभारियों की सूची जारी की है। पांच संभागों के लिए 30 मोर्चा जिलों के लिए प्रभारियों का ऐलान किया गया है। इससे पहले आज किसान मोर्चा की बैठक हुई। इस दौरान प्रदेश प्रभारी संदीप शर्मा ने कृषि कानून की जानकारी मौजूद पदाधिकारियों को दिया, वहीं प्रदेश अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने गमछा पहनाकर पदाधिकारियों का स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष श्यामबिहारी जायसवाल ने मोर्चा के संभागीय प्रभारी जिला प्रभारियों की लिस्ट जारी की है। रायपुर संभाग के प्रभारी युधिष्ठर चंद्राकर बनाये गये हैं, बिलासपुर संभाग हरिकेष पांडेय, बस्तर संभाग आलोक सिंह ठाकुर, दुर्ग संभाग प्रेमशंकर पटेल, सरगुजा संभाग का प्रभारी गौरीशंकर श्रीवास को बनाया गया है। वहीं जिला प्रभारियों में रायपुर शहर में गजेंद्र यादव, जबकि रायपुर ग्रामीण में प्रेमशंकर पटेल, बिलासपुर में गुलाब सिंह चंदेल को जिम्मेदारी दी गयी है। 


किसानों ने केंद्र सरकार के दोहरे नीति एवं इंटरनेट प्रतिबंध को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग को किया अवरुद्ध : छाया वर्मा *

06-Feb-2021

रायपुर (शोर सन्देश) आज पिछले 73 दिन से किसान लगातार कृषि कानून के बिल के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करते रहे है पर केंद्र सरकार के कानों में जु तक नही रेंग रही है। प्रदेश काँग्रेस कमेटी के निर्देश पर विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध किया गया। नेताजी कन्हैयालाल बाजारी ब्लॉक,सरदार वल्लभ भाई पटेल ब्लॉक एवं शहीद भगत सिंह ब्लॉक के द्वारा ब्लॉक अध्यक्ष दाऊलाल साहू,देवकुमार साहू,अशोक ठाकुर के नेतृत्व में मोहबा बाजार चौक में किया गया चक्का जाम। मोहबा बाजार चौक पर राज्य सभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित हुए। राज्यसभा सांसद छाया वर्मा जी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार,बीजेपी सरकार तानाशाही रवैया अपनाते हुए किसानों पर लगातार अत्याचार करते हुए दोहरी नीति अपनाते हुए कुछ उद्योगपतियों को मदद करने के लिए किसानों के साथ अन्नदाताओं को गुलाम बनाना चाहती है। केंद्र सरकार द्वारा जारी कृषि कानून बिल पूरी तरह किसानों के विरुद्ध है केंद्र सरकार एमएसपी पर अपने विचार करना तो दूर आज तक मोदी जी किसानों से मिले नही उनको बात सुने नही।केंद्र सरकार द्वारा इंटरनेट पर भी रोक लगाई जा रही है छाया वर्मा जी ने कहा आज किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर दोपहर 12:00 बजे से 03:00 बजे तक चक्का राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध किये जिसका काँग्रेस पार्टी समर्थन करती है। नेताजी कन्हैया लाल बाजारी ब्लॉक के अध्यक्ष दाऊलाल साहू ने बताया कि कितनी दुख की बात है आज किसान 73 दिन से आंदोलन कर रहे है और इस आंदोलन में 65 से अधिक किसान शहीद होगये उसके बाद भी केंद्र सरकार बीजेपी सरकार किसानों से मिल नही रही आज किसानों के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के चक्का जाम को लेकर काँग्रेस पार्टी,समाजवादी पार्टी एवं गोंडवाना गणतंत्र ने अपना समर्थन दिया है।
शहीद भगत सिंह ब्लॉक काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक ठाकुर ने कहा कि प्रदेश काँग्रेस कमेटी के निर्देश पर शहर जिला काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश दुबे के नेतृत्व पर ब्लॉक काँग्रेस कमेटी द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग पर छक्का जाम किया गया।सरदार वल्लभ भाई पटेल के ब्लॉक अध्यक्ष देव कुमार साहू ने चक्का जाम करते हुए कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसान भाई हमारे देश के अन्नदाता है आज केंद्र सरकार इन्ही किसान भाइयों पर अत्याचार करते हुए गलत कृषि बिल थोपना चाहती है जो सरासर गलत है काँग्रेस पार्टी किसानों के हक ओर अधिकार को लेकर हमेशा किसानों के साथ खड़ी है जिस मोदी जी को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी से सलाह लेते हुए किसानों के हित मे फैसला लेना चाहिए। आज के इस किसान चक्का जाम में काँग्रेस के राज्य सभा सांसद छाया वर्मा जी,वरिष्ठ सदस्य सुनील बाजारी,रवि थॉमस,आशीष शर्मा,किशन बाजारी,डॉ.विकास पाठक,राजू चक्रधारी,हरमेश मानिकपुरी,योगेश दीक्षित,प्रमोद कुमार(टार्जन),गोपाल(मीत)ममता गोस्वामी,हाजरुन बानो,संगीता दुबे,आरती उपाध्याय,दर्शन कोर,डॉ.कोशरिया,आशुतोष मिश्रा एवं समस्त कार्यकर्ता उपस्थित हुए।


किसान आंदोलन पर विदेश से टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं`, भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा `बाहरी लोग न चलाएं अपना एजेंडा*`

03-Feb-2021

नई दिल्ली (शोर सन्देश) कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन का मुद्दा अब अंतरराष्ट्रीय होता जा रहा है। अमेरिकी पॉप स्टार रिहाना, क्लाइमेट चेंज एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग समेत कई सेलेब्रिटी के बयान पर अब विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी की है। भारत की ओर से कहा गया है कि लोकतंत्र में प्रदर्शन का हक है और किसानों का एक छोटा समूह ही प्रदर्शन कर रहा है। ऐसे में बाहरी लोगों को अपना एजेंडा नहीं चलाना चाहिए।   विदेश मंत्रालय द्वारा बुधवार को एक बयान जारी किया गया। भारत ने कहा कि ये देखकर दुख हुआ कि कुछ संगठन और लोग अपना एजेंडा थोपने के लिए इस तरह का बयान जारी कर रहे हैं। किसी भी तरह का कमेंट करने से पहले तथ्यों और परिस्थितियों की जांच करना जरूरी है।


बंगाल विधानसभा ने पारित किया केंद्र के नये कृषि कानूनों खिलाफ प्रस्ताव*

28-Jan-2021

कोलकाता (शोर सन्देश) किसान आंदोलन को लेकर जहां दिल्ली में गहमा-गहमी जारी है, वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल विधानसभा ने तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर दिया। हालांकि इसे लेकर सदन में भारी हंगामा भी हुआ और बीजेपी विधायकों ने वॉक आउट भी किया। बता दें कि इस प्रस्ताव पर लेफ्ट और कांग्रेस का पश्चिम बंगाल सरकार को समर्थन है। मालूम हो कि सदन में आज `जय श्रीराम` के नारे भी लगे।आपको बता दें कि प्रस्ताव पारित होने से पहले ममता बनर्जी ने कहा कि हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि वह तीनों ही कृषि कानूनों को वापस ले। भाजपा हमेशा ही आंदोलन को आतंकवादी गतिविधि करार देती रही है। भाजपा पूरे देश को `लंका कांड` की तरह जला रही है, ये तीनों ही कानून किसान विरोधी हैं और हम पूरी तरह से इन कानूनों का विरोध कर रहे आंदोलनकारी किसानों के साथ हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों किसान आंदोलन कर रहे हैं, एक या दो छोटी घटनाएं हो सकती हैं, लोगों में गुस्सा है और भावनाएं अधिक चल रही है, लेकिन इन्हें `आतंकवादी` नहीं कहा जा सकता है। ममता ने कहा कि पुलिस दिल्ली में स्थिति को सही से संभाल नहीं सकी, अगर ये बंगाल में हुआ होता तो अमित भैया कहते, क्या हुआ। किसानों को `आतंकवादी` करार देने के भाजपा के प्रयासों को हम कतई स्वीकार नहीं करेंगे, भाजपा हर आवाज को दबाना जानती है बस लेकिन हम ऐसा कतई नहीं होने देंगे। मालूम हो कि कृषि कानून को लेकर जहां सड़कों पर किसान हैं वहीं दूसरी ओर संसद के अंदर विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में लगी है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने बजट सत्र शुरू होने से पहले ही अपने तेवर साफ कर दिए हैं। आजाद ने कहा कि विपक्ष के 16 दल 29 जनवरी को होने वाले राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेंगे। आजाद ने कहा कि हम 16 दलों की ओर से बयान जारी करने जा रहे हैं कि शुक्रवार को होने वाले राष्ट्रपति के भाषण का हम बहिष्कार करेंगे, इसकी मुख्य वजह यह है कि कृषि बिलों को सदन में जबरन विपक्ष के बिना पास कराया गया है। 


मंत्री डाॅ. टेकाम ने ली संभाग के धान उपार्जन के संबंध में समीक्षा बैठक*

28-Jan-2021

00 समन्वय बनाकर किसानों के हितों के लिए निरंतर अच्छा कार्य करें-मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम
सूरजपुर (शोर सन्देश) आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, स्कूल शिक्षा तथा सहकारिता विभाग, मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम द्वारा एस..सी.एल. रेस्ट हाउस भटगांव के सभाकक्ष में खरीफ विपणन वर्ष 2020-2021 में सरगुजा संभाग के जिलों में धान उपार्जन के संबंध में समीक्षा बैठक ली। स्कूल शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डाॅ प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बैठक में एजेण्डावार खरीफ विपणन वर्ष 2020-2021 में जिले में खरीदी केन्द्रवार धान खरीदी, धान उठाव, धान उठाव के लिए शेष की जानकारी, धान उठाव का प्रतिशत , धान खरीदी नीति के अनुसार निर्धारित तिथि तक समितियों से धान उठाव के लिए कार्य योजना, जिले में कुल धान खरीदी केन्द्रों की संख्या, बफर लिमिट से अधिक धान खरीदी केन्द्रों की संख्या, भण्डारित मात्रा प्रतिशत की जानकारी उठाव के लिए कार्ययोजना, धान की भण्डारण एवं सुरक्षा व्यय तथा प्रसांगिक व्यय में प्राप्त राशि के समितियों को भुगतान उपयोग की समितिवार जानकारी, धान खरीदी के पर्यवेक्षण मद में प्राप्त होने वाली राशि के एवज में बैंक द्वारा किये गये पर्यवेक्षण की समितिवार जानकारी, खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समितियों को प्राप्त कमीशन के समिति खाते में अंतरण, समायोजन की समितिवार जानकारी, धान खरीदी पश्चात किसानों को किये गये भुगतान राषि की बैंक शाखावार, समितिवार एवं खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में संग्रहण केन्द्रों में भण्डारित धान के निराकरण की जानकारी ली। मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सहकारिता विभाग ने सरगुजा सम्भाग के सभी जिला स्तरीय अधिकारियों उप सहायक पंजीयक,सहकारी संस्थाएं, डीएमओ, सीईओ एवं नोडल अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, सूरपपुर की समीक्षा करते हुए पूरे सम्भाग के जिलों में धान खरीदी की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए हैं जिसमें उन्होंने संभाग के जिले में सबसे कम धान उठाव की स्थिति को देखते हुए जल्दी संग्रहण केंद्र खोले जाने तथा मिलर्स के माध्यम से शीघ्र धान उठाव करने के निर्देश उपस्थित जिला विपणन अधिकारी को दिए ताकि समितियों में धान उठाव हो तथा सूखत (शॉर्टेज) की स्थिति निर्मित हो। उन्होंने विशेषकर नए धान खरीदी केंद्रों जहां चबूतरे नहीं बन पाए हैं, वहां से प्राथमिकता के आधार पर धान का उठाव करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी डीएमओ को बफर लिमिट से अधिक धान भंडारित समितियों से जल्दी धान उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए साथ ही कहा कि धान उठाव में विलंब की स्थिति नहीं आनी चाहिए। शासन के द्वारा नई सहकारी समितियां किसानों को सुविधा देने के उद्देश्य से बनाई गई हैं, इसके शेयर होल्डर किसान ही रहते हैं इसलिए किसी भी स्थिति में धान खरीदी में समितियों को नुकसान नहीं होना चाहिए। उपस्थित बैंक के अधिकारियों को समितियों में पर्यवेक्षण करते हुए धान खरीदी एवं उठाव की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए तथा उन्होंने अब तक किसानों को धान खरीदी में हुए भुगतान की जानकारी ली तथा किसानों को समय पर धान का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश बैंक अधिकारियों को दिए। उन्होंने बैंक अधिकारियों को धान खरीदी में बैंक को मिलने वाले पर्यवेक्षण शुल्क की जानकारी लेते हुए बैंक को पर्यवेक्षण कार्य अच्छे से करने के निर्देश दिए। मंत्री डॉ. टेकाम ने धान खरीदी में शासन द्वारा प्राप्त सुरक्षा एवं मंडी लेबर चार्ज की राशि समितियों को समय पर ट्रांसफर करने के निर्देश बैंक को दिए। बैठक के अंत मे उन्होंने कहा कि सभी डीएमओ, सहकारी बैंक अधिकारी .. सहकारी सोसाइटी अधिनियम के तहत पंजीकृत तथा शासित समितियों के अधिकारी कर्मचारी हैं, इसलिए सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर आपस में समन्वय बनाकर किसानों के हितों के लिए निरंतर अच्छा कार्य करें ताकि सहकारी समितियों को आर्थिक नुकसान हो। 


कृषि यंत्र मिलने से सवर गई लखमा की जिदंगी*

22-Jan-2021

दंतेवाड़ा (शोर सन्देश) कुआकोण्डा विकासखण्ड के ग्राम महाराहाउरनार निवासी लखमा पिता गंगा की कृषि विभाग के मार्गदर्शन एवं डीएमएफ योजना अन्तर्गत कृषि यंत्र मिलने से जिदंगी सवर गई। लखमा का कहना है कि उनके पास बड़े खेत होने से उन्हे जुताई का कार्य दूसरों के किराये के ट्रेक्टर लेकर करना पड़ा था जिसके लिए उन्हे बहुत अधिक किराया पटाना पड़ता था। साथ ही सही समय पर ट्रेक्टर उपलब्ध हाने पर बैलो से जुताई का कार्य करना पड़ता था। जिससे बहुत अधिक समय एवं श्रम लगता था। समय पर सही काम होने पर फसल लगाने में पिछड़ जाते थे। उन्हे कृषि विभाग की मार्गदर्शन एवं डीएमएफ योजना अन्तर्गत ट्रेक्टर दिया गया जिसके बाद उन्होने अपने खेतो की सही समय पर जुताई, बोआई की। साथ ही ट्रेक्टर का उपयोग अन्य कार्यो में जैसे धान के मिजंाई, ढुलाई आदि भी किया। कृषि विभाग की योजना से लाभ लेने के बाद उन्होने खेती में खेत तैयारी में लगने वाले खर्च को बहुत कम कर लिया। जिसकी उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। उन्होने खरीफ एवं फसल 2019-20 में दाल, दलहन तथा सब्जी में क्रमशः 35 हजाररूपये एवं 20 हजार रूपये, 2020-21 खरीफ एवं फसल में दाल, दलहन तथा सब्जी में क्रमशः 40 हजार रूपये एवं 25 हजार रूपये का लाभ कमाया जिसके लिए वो कृषि विभाग एवं शासन को धन्यवाद देते थे।


अन्नदाता है भगवान का रूप : डॉ. शिवकुमार डहरिया*

18-Jan-2021

00 फरफौद और नरसिंगपुर में लगभग 77 लाख के विकास कार्यो का भूमिपूजन-लोकार्पण
00 नगरीय प्रशासन मंत्री शामिल हुए गुहा निषादराज जयंती और मड़ई मेला कार्यक्रम में
रायपुर (शोर सन्देश) नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री शनिवार को आरंग विकाखण्ड के ग्राम फरफौद और घोंट (नरसिंगपुर) में आयोजित गुहा निषादराज जयंती और मड़ई मेला कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर लगभग 77 लाख के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसमें ग्राम फरफौद में 52 लाख रुपये के विकास कार्य और ग्राम घोंट में 25 लाख के कार्यो का लोकार्पण एवं भूमिपूजन शामिल है। मंत्री डॉ. डहरिया ने इस मौके पर फरफौद में 10 लाख के सीसी रोड और घोंट में साहू समाज भवन के लिए 5 लाख रूपए स्वीकृत करने की घोषणा की। मंत्री डॉ. डहरिया ने मड़ई मेला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कोई भगवान है तो वह अन्नदाता किसान है। किसान जब अपनी फसल को एकत्र कर कोठी में भर लेते है तो खुशी में गांव के देवी-देवता की पूजा करने के लिए मड़ई मेला का आयोजन किया जाता है। मड़ई मेला में ग्रामीण अपनी आवश्यकता के समान बर्तन, कपड़े, कृषि औजार आदि खरीदते हैं। उन्होंने कहा कि मड़ई मेला छत्तीसगढ़ की संस्कृति है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने का काम कर रही है। मंत्री डॉ. डहरिया ने गुहा निषादराज को भगवान श्रीराम का सच्चा सेवक बताया। राज्य सरकार भगवान श्रीराम के रास्ते पर चलकर सभी समाज के विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने घोषणा पत्र में किए गए 36 वादों में से 24 पूरे कर लिए हैं। सरकार बनाते ही सबसे पहले किसानों का कर्ज माफ किया, 2500 रूपए समर्थन मूल्य पर किसानों का धान खरीदा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार किसानों, गांव, गरीबो की सरकार है। गांव और किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश और देश समृद्ध होगा। लगभग 85 प्रतिशत बिजली उपभोक्ता 400 यूनिट तक बिजली जलाते है। इस बात को ध्यान में रखते हुए भूपेश की सरकार ने चार सौ यूनिट तक बिजली का बिल हाफ किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जनपद पंचायत आरंग के अध्यक्ष खिलेश देवांगन, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष चन्द्रशेखर चंद्राकर, कोमल साहू, बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


मैनपाट की आदिवासी महिलाएं मधुमक्खीपालन को बना रही आय का साधन*

15-Jan-2021

अम्बिकापुर (शोर सन्देश) पारंपरिक खेती-बाड़ी और रोजी-मजदूरी कर जीवनयापन करने वाली मैनपाट के मांझी जनजाति की महिलाएं अब बेहतर आय के साधन के रूप में मधुमक्खीपालन के व्यवसाय को अपना रही है।  उर्मिला मांझी, राजवंती मांझी, सुकवारो मांझी सहित दस महिलाओं ने पहली बार 46 किलोग्राम शहद निकालकर 13 हजार रुपए की कमाई की है। कम समय मे अधिक आय मिलने से मधुमक्खीपालन के प्रति महिलाएं काफी उत्साहित हैं।
कलेक्टर संजीव कुमार झा के निर्देशानुसार जिले में मधुमक्खीपालन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए उद्यानिकी विभाग से गोठानो से जुड़ी स्व सहायता समूह की महिलाओं के साथ ही व्यक्तिगत रूप से महिलाओं को नि:शुल्क हनी बॉक्स वितरित किया जा रहा है। इसी कड़ी में मैनपाट जनपद के आदर्श गोठान कुनिया से जुड़ी सितारा स्व सहायता समूह की महिलाओं को 5 और ग्राम कुनिया के मांझी जनजाति की 9 महिलाओं को 5-5 नग हनी बॉक्स बांटा गया। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने महिलाओं को मधुमक्खी पालन के संबंध में जानकारी के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। इस प्रकार कुल 50 हनी बॉक्स से पहली बार मे उत्तम गुणवत्ता के 46 किलोग्राम शहद का उत्पादन हुआ है। जिसे उद्यानिकी विभाग स्वयं 300 रुपए प्रति किलों की दर से खरीदा है। उप संचालक उद्यान के. एस. पैकरा ने बताया कि मैनपाट के आदर्श गोठान कुनिया के स्व सहायता समूह और ग्राम कुनिया के अन्य 9 महिलाओं को 5-5 नग मधुमक्खी बाक्स सहित एपिस मेलिफेरा प्रजाति के मधुमक्खी दिया गया है। बरसात के मौसम को छोड़कर एक महीने के अंतराल में मधुरस तैयार हो जाता है।  


धान खरीदी केन्द्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर होगी कार्यवाही : कलेक्टर*

12-Jan-2021

जशपुरनगर (शोर सन्देश) कलेक्टर कावरे ने आज फरसाबहार विकासखंड के गंझियाडीह धान खरीदी केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने सोसायटी प्रबंधकों से धान खरीदी की जानकारी ली। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्र में बारदाने सही समय पर जमा नहीं करने और धान खरीदी में लापरवाही बरतने के कारण खाद्य निरीक्षक, फड़ प्रभारी, मैनेजर, आपरेटर सहित सभी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं चलेगी। अन्यथा होगी कार्रवाई। कलेक्टर ने सोसायटी प्रबंधक को हिदायत देते हुए कहा कि टोकन धान खरीदी की क्षमता के अनुसार ही कांटे, ताकि किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की समस्या होने पाए और पुराने बारदाने को समूहों के माध्यम से सिलाई करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने फरवरी का भी राशन उचित मूल्य दुकान के माध्यम से वितरण करवाने के सख्त निर्देश दिए। इस अवसर पर फरसाबहार एसडीएम चेतन साहू, खाद्य अधिकारी जी.एस. कंवर उपस्थित थे।




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