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Raipur

नवा रायपुर ओपन टूर्नामेंट में सीएम साय बोले- प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन बनेगा छत्तीसगढ़

16-Sep-2026
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया द्वारा 15 सितंबर को नवा रायपुर स्थित फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में आयोजित प्रतिष्ठित डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026 कार्यक्रम को संबोधित किया।
सीएम साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगा और नवा रायपुर को देश-दुनिया के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रतियोगिता की आकर्षक ट्रॉफी का अनावरण भी किया।
नवा रायपुर गोल्फ कोर्स पर मुख्यमंत्री साय ने गोल्फ में हाथ आजमाया और शानदार शॉट लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर 1983 क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम के कप्तान एवं प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कपिल देव उपस्थित थे। टूर्नामेंट में देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल गोल्फर हिस्सा ले रहे हैं।

एसटी, एससी और ओबीसी छात्रवृत्ति के लिए पंजीयन शुरू, 30 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन

16-Sep-2026
रायपुर। अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों के लिए राज्य छात्रवृत्ति योजना के तहत पंजीयन और नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। छात्रवृत्ति का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को आवश्यक दस्तावेज और बैंक खाते से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य किया गया है। शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों का पंजीयन, नवीनीकरण और सत्यापन 30 सितंबर 2026 तक पूरा किया जाना है। ऐसे में विद्यार्थियों और संबंधित संस्थानों को समय-सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा।

जरूरी दस्तावेज और ई-केवाईसी अनिवार्य

छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के पास आवश्यक प्रमाण पत्र होना जरूरी है। इसके साथ ही राशन कार्ड की ई-केवाईसी और आधार से लिंक बैंक खाता भी अनिवार्य किया गया है। विद्यार्थियों को आवेदन से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके दस्तावेज और बैंक खाते से संबंधित जानकारी सही एवं अपडेट हो। बैंक खाता आधार से लिंक नहीं होने या जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में छात्रवृत्ति प्रक्रिया में परेशानी आ सकती है। इसलिए विद्यार्थियों को समय रहते सभी औपचारिकताएं पूरी करने की सलाह दी गई है।
कक्षा परिवर्तन वाले प्रकरण पहले जाएंगे डीईओ लॉगिन पर
जिन विद्यार्थियों की कक्षा में परिवर्तन हुआ है, उनके नवीनीकरण से जुड़े प्रकरणों की प्रक्रिया अलग तरीके से होगी। कक्षा परिवर्तन के साथ नवीनीकरण के प्रकरण पहले जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के लॉगिन पर भेजे जाएंगे। इसके बाद संबंधित स्तर पर आवश्यक जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों और संस्थानों को ऐसे प्रकरणों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
30 सितंबर तक पूरा करना होगा सत्यापन
राज्य छात्रवृत्ति के लिए पात्र विद्यार्थियों का पंजीयन और नवीनीकरण कराने के साथ ही सत्यापन की प्रक्रिया भी तय समय-सीमा में पूरी करनी होगी। 30 सितंबर 2026 अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इसलिए पात्र विद्यार्थियों को अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपना पंजीयन या नवीनीकरण पूरा करने की सलाह दी गई है। संबंधित शैक्षणिक संस्थानों को भी विद्यार्थियों के प्रकरणों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया समय पर पूरी करनी होगी।

छात्रवृत्ति के लिए पात्र विद्यार्थी रखें ध्यान

एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के जिन विद्यार्थियों को राज्य छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेना है, उन्हें आवेदन प्रक्रिया के दौरान अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे। प्रमाण पत्र, राशन कार्ड की ई-केवाईसी और आधार लिंक बैंक खाते की जानकारी विशेष रूप से जरूरी है। पंजीयन और नवीनीकरण के बाद सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने पर ही पात्र विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति प्रकरण आगे बढ़ेंगे। ऐसे में किसी भी तरह की कमी या गलत जानकारी से बचने के लिए आवेदन से पहले सभी विवरणों की जांच करना जरूरी होगा।

प्रॉपर्टी टैक्स पूरा जमा कराने पर अब निगम देगा 5 प्रतिशत छूट, 30 सितंबर तक आखिरी मौका

16-Sep-2026
रायपुर। निगम आयुक्त संबित मिश्रा राजस्व वसूली पर पूरा जोर लगा रहे हैं। ताकि लंबे समय से बकाया और इस साल का प्रापर्टी टैक्स शहर के लोगों से जमा कराया जा सके। इसके लिए उन्होंने नगर निगम के सभी 10 जोनों के कमिश्नरों को निर्देश दिए हैँ। लोगों की सुविधा के लिए चालू वित्तीय वर्ष के संपत्तिकर पूरा जमा कराने पर 5% छूट देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 16 से 30 सितंबर तक निगम मुख्यालय से लेकर जोनों में शिविर आयोजित करने का भी निर्देश दिए हैं। ऐसे वार्ड और क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम बकायादार हैं अथवा राजस्व वसूली की संभावना है। विशेष राजस्व वसूली शिविर आयोजित किए जाएंगे। सुबह 10 से शाम 5.30 बजे तक संचालित किया जाए।
वार्डों में मुनादी, नोडल, कर्मचारी अधिकारी की नियुक्ति
प्रत्येक जोन से एक नोडल अधिकारी, कर्मचारी शिविर के संचालन, राजस्व वसूली, नागरिकों की सुविधा तथा दैनिक प्रगति की जानकारी जोन कमिश्नर को देने के लिए नियुक्त किए गए हैं। आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों को निर्देशित किया है कि 5% छूट एवं विशेष राजस्व वसूली शिविर की जानकारी अधिकाधिक लोगों पर व्यापक प्रचार-प्रसार माध्यम से पहुंचाएं। वार्ड स्तर पर सार्वजनिक मुनादी, पम्पलेट, बैनर, होर्डिंग, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप्प,चैटबोट तथा अन्य उपलब्ध माध्यमों का उपयोग करें।
कम बकायादार वाले वार्डों पर भी रहेगा फोकस
नगर निगम की ओर से ऐसे वार्डों और क्षेत्रों को भी चिन्हित किया जाएगा, जहां अपेक्षाकृत कम बकायादार हैं या राजस्व वसूली की अधिक संभावना है। इन क्षेत्रों में विशेष रूप से राजस्व वसूली शिविर लगाए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य सिर्फ चालू वित्तीय वर्ष का टैक्स जमा कराना ही नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित संपत्तिकर की वसूली को भी बढ़ाना है। इसके लिए जोन स्तर पर करदाताओं से संपर्क और शिविर के माध्यम से भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी

16-Sep-2026
रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की ओर से नमूना सहायक/लैब असिस्टेंट पदों की भर्ती परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं। कार्यालय नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नवा रायपुर के अंतर्गत विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। भर्ती परीक्षा 20 सितंबर, रविवार को आयोजित होगी। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक निर्धारित किया गया है। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
तीन पदों के लिए होगी भर्ती परीक्षा
यह भर्ती परीक्षा कार्यालय नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नवा रायपुर के अंतर्गत नमूना सहायक, लैब असिस्टेंट (औषधि) और लैब असिस्टेंट (खाद्य) पदों के लिए आयोजित की जा रही है। इन पदों पर चयन के लिए कर्मचारी चयन मंडल द्वारा परीक्षा प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश पत्र जारी होने के बाद अब परीक्षा की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र में दर्ज परीक्षा केंद्र, परीक्षा तिथि और अन्य जरूरी निर्देशों को ध्यान से देख लें।

सुबह 10 से 12.15 बजे तक होगी परीक्षा

भर्ती परीक्षा का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक किया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश और अन्य प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा के दिन अपना प्रवेश पत्र साथ लेकर जाना जरूरी होगा। प्रवेश पत्र में परीक्षा केंद्र से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। इसलिए परीक्षा से पहले अभ्यर्थी अपने केंद्र का पता और वहां पहुंचने की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें।
कर्मचारी चयन मंडल की भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र में दिए गए सभी दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ने की सलाह दी गई है। परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए अभ्यर्थियों को पहले से तैयारी करने को कहा गया है। 20 सितंबर को होने वाली इस परीक्षा के जरिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अंतर्गत संबंधित पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रवेश पत्र डाउनलोड कर उसकी जानकारी जांचने के साथ परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
 

रायपुर में 16 सितंबर से बंद रहेगा ये रेलवे फाटक, 48 घंटे तक सड़क आवागमन प्रभावित

16-Sep-2026
रायपुर। उरकुरा-रायपुर रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित समपार क्रमांक 415 (किमी 824/39-41) पर रेलवे की ओर से मरम्मत कार्य किया जाएगा। अप लाइन में होने वाले इस आवश्यक कार्य के चलते रेलवे फाटक को सड़क यातायात के लिए अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार 16 सितंबर को सुबह 8 बजे से समपार फाटक बंद किया जाएगा। यह फाटक 18 सितंबर को सुबह 8 बजे तक बंद रहने की संभावना है। इस दौरान फाटक से होकर होने वाला सड़क आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहेगा।
अप लाइन में किया जाएगा मरम्मत कार्य
उरकुरा और रायपुर स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक से जुड़े हिस्से में मरम्मत कार्य प्रस्तावित है। यह कार्य अप लाइन में समपार क्रमांक 415 के पास किया जाएगा। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और रखरखाव को देखते हुए मरम्मत कार्य के दौरान फाटक से सड़क यातायात रोकना जरूरी होगा। रेलवे कर्मचारियों और मशीनरी की आवाजाही के साथ कार्य क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए फाटक बंद रखा जाएगा। कार्य पूरा होने के बाद ही सड़क यातायात को सामान्य रूप से शुरू किया जा सकेगा।
16 सितंबर सुबह 8 बजे से बंद होगा फाटक
समपार क्रमांक 415 को 16 सितंबर की सुबह 8 बजे से बंद किया जाना है। रेलवे के अनुसार यह फाटक 18 सितंबर सुबह 8 बजे तक बंद रहने की संभावना है। हालांकि मरम्मत कार्य की स्थिति के अनुसार फाटक खोलने का समय प्रभावित हो सकता है। इस दौरान वाहन चालकों को इस मार्ग से आवागमन करने से बचने की सलाह दी जाएगी। फाटक बंद रहने के कारण आसपास के क्षेत्र में सड़क यातायात का दबाव बढ़ सकता है।
यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी की आशंका
उरकुरा-रायपुर मार्ग से नियमित रूप से आवागमन करने वाले वाहन चालकों को फाटक बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर सुबह और शाम के समय यातायात प्रभावित होने की संभावना है। रेलवे की ओर से मरम्मत कार्य पूरा होने तक लोगों से वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने की अपील की जा सकती है। वाहन चालकों को रेलवे फाटक के आसपास अनावश्यक भीड़ न करने और कार्य क्षेत्र में सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
रेलवे सुरक्षा के लिए जरूरी है मरम्मत कार्य
रेलवे ट्रैक और उससे जुड़े ढांचे का समय-समय पर रखरखाव और मरम्मत किया जाता है। इसी क्रम में उरकुरा-रायपुर स्टेशनों के बीच अप लाइन में यह कार्य किया जा रहा है। मरम्मत के दौरान किसी तरह की दुर्घटना या व्यवधान न हो, इसके लिए समपार फाटक से सड़क यातायात रोकना जरूरी किया गया है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद रेलवे की ओर से स्थिति की समीक्षा की जाएगी और सुरक्षा मानकों के अनुरूप फाटक से सड़क आवागमन फिर से शुरू किया जाएगा। ऐसे में 16 से 18 सितंबर के बीच उरकुरा गेट फाटक से आवागमन करने वाले वाहन चालकों को पहले से वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।

पीएम मोदी 17 सितंबर को सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन करेंगे, 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां लेंगी भाग

16-Sep-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को सुबह लगभग 10 बजे राष्ट्रीय राजधानी स्थित यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे। इसमें 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां और प्रतिनिधि भाग लेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बुधवार को दी गई।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया कि 17 से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाला तीन दिवसीय सम्मेलन और प्रदर्शनी ‘सिलिकॉन से सिस्टम तक: इको सिस्टम का निर्माण’ थीम पर आधारित होगा। इसमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला से जुड़े वैश्विक और भारतीय कंपनियां, नीति निर्माता, निवेशक, शोधकर्ता, स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थान और छात्र एकत्रित होंगे।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत में सहयोग, निवेश, नवाचार और प्रतिभा विकास को बढ़ावा देना है। समानांतर सत्रों में डिस्प्ले उद्योग में हुई प्रगति, सहयोग और संयुक्त उद्यमों को सुगम बनाने के लिए डिजाइन किए गए छह कंट्री राउंडटेबल, महिला नेतृत्व पर एक मंच आदि शामिल होंगे।
सेमीकॉन इंडिया 2026 एक व्यापक मूल्य-श्रृंखला दृष्टिकोण अपनाएगा, जिसमें सेमीकंडक्टर सामग्री, उपकरण और चिप डिजाइन से लेकर निर्माण, उन्नत पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम तक की यात्रा प्रदर्शित की जाएगी। नया ‘रेत से सिलिकॉन से सिस्टम तक’ मूल्य श्रृंखला अनुभव सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में इस पूरी यात्रा को प्रस्तुत करेगा।
सेमीकॉन इंडिया 2026 में 600 से अधिक कंपनियां भाग लेंगी और लगभग 50,000 आगंतुकों को आकर्षित करने की उम्मीद है। इनमें 52 देशों के प्रतिनिधि, 400 से अधिक अधिकारी और 150 से अधिक वक्ता शामिल होंगे। प्रदर्शनी में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन का प्रतिनिधित्व करने वाले छह कंट्री पवेलियन, साथ ही 12 स्टेट बूथ, एक स्टार्टअप पवेलियन, इनोवेशन शोकेस, स्टूडेंट हैकाथॉन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन होंगे।








 

मछुआरों को अधिक मूल्य वाली मछली प्रजातियों के दोहन के लिए प्रोत्साहित करेगी केंद्र सरकार

16-Sep-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) सरकार गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को बढ़ावा देने के लिए मछुआरों को ज्यादा कीमत वाली मछली पकड़ने के संसाधनों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत, गुजरात के गांधीनगर में गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को बढ़ावा देने और एक्सेस पास व लेटर ऑफ ऑथराइजेशन रखने वालों के साथ बातचीत करने के लिए एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
इस चर्चा से भारत के गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक अहम मंच मिलने की उम्मीद है। इसमें नीति-निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ, वित्तीय संस्थान, इंडस्ट्री से जुड़े लोग, सहकारी समितियां और मछुआरे एक साथ आकर खास मुद्दों पर चर्चा करेंगे। गुरुवार को गुजरात में होने वाला यह कार्यक्रम मछुआरों को जमीनी चुनौतियों को समझने और इस सेक्टर को और मजबूत करने के लिए संबंधित लोगों से सुझाव लेने का मंच देगा।
बयान में कहा गया है कि कार्यशाला से निकलने वाली चर्चाएं और सुझाव जमीनी चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान खोजने, टेक्नोलॉजी, कौशल, फाइनेंस और बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने और गहरे समुद्र में मछली पकड़ने में मछुआरों की ज्यादा भागीदारी को आसान बनाने में मदद करेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य लोग शामिल होंगे।
यह कार्यशाला ऐसे समय में हो रही है जब भारत के ईईजेड (अनन्य आर्थिक क्षेत्र) में समुद्री मछली पकड़ने की क्षमता का अनुमान 58.6 लाख एमटी है। इससे लगभग 50 लाख मछुआरों की आजीविका चलती है और यह खाद्य सुरक्षा, पोषण, रोजगार, आय सृजन और निर्यात से होने वाली कमाई में अहम योगदान देता है। भारत अभी दुनिया में मछली और एक्वाकल्चर का उत्पादन करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है और इसने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 73,890 करोड़ रुपये मूल्य के समुद्री भोजन का निर्यात किया।
ज्यादातर मछली पकड़ने की गतिविधियां तट से 40-50 नॉटिकल मील के दायरे में होती हैं, जबकि गहरे पानी और राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर के इलाकों में ज्यादा कीमत वाली प्रजातियों, खासकर टूना और टूना जैसी मछलियों को पकड़ने के बड़े मौके हैं। मत्स्य पालन विभाग ने मछली पालन करने वाले किसानों के उत्पादक संगठनों और मछली पालन सहकारी समितियों को मजबूत करने पर खास ज़ोर दिया है, साथ ही कई पहलों के ज़रिए मछली पालन सेक्टर के डिजिटलाइजेशन पर भी ध्यान केंद्रित किया है। कार्यशाला में गहरे समुद्र में मछली पकड़ने की पूरी वैल्यू चेन को कवर करने वाले खास तकनीकी सत्र होंगे। इनमें संसाधन की क्षमता और जहाज़ों के आधुनिकीकरण से लेकर कौशल विकास, फाइनेंसिंग, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और निर्यात बाज़ारों तक पहुंच जैसे विषय शामिल होंगे।

 

डिजिटल मैपिंग से होगी सफाई की मानिटरिंग

16-Sep-2026
रायपुर। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के बाद अब नगर निगम की सफाई व्यवस्था में भी बड़ा डिजिटल बदलाव होने जा रहा है। सफाई कर्मचारी कहां गया, किस क्षेत्र में सफाई की और कितनी देर काम किया, यह सब अब डिजिटल मैप पर दर्ज होगा। शासन स्तर पर मैकेनाइज्ड और मैकेनिकल सफाई की जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग की तैयारी चल रही है।
पहले चरण में रायपुर और बिलासपुर निगम को इसमें शामिल किया जा रहा है। इसके बाद प्रदेश के दूसरे निगमों में व्यवस्था लागू की जाएगी। नई व्यवस्था में सफाई कर्मचारियों को जीपीएस आधारित सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसके लिए दिल्ली की कंपनी के करीब 1400 सफाई कर्मचारियों को जीपीएस से लैस करने की तैयारी है।
इन कर्मचारियों के सफाई की हर मूवमेंट रिकॉर्ड होगी। निगम के अधिकारी डिजिटल मैप पर देख सकेंगे कि कर्मचारी निर्धारित क्षेत्र में पहुंचा या नहीं और वहां सफाई की या नहीं।
अब सफाई का डिजिटल ट्रैक नगर निगम में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की गाड़ियों की जीपीएस से मॉनिटरिंग पहले से की जा रही है। अब इसी मॉडल को मैकेनाइज्ड और मैकेनिकल सफाई तक बढ़ाया जाएगा। सफाई के रूट और क्षेत्र की डिजिटल मैपिंग होगी। इससे अधिकारियों के पास सफाई व्यवस्था का एक ऐसा डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिसके आधार पर कर्मचारी और एजेंसी दोनों की जवाबदेही तय की जा सकेगी।
शिकायत पर तुरंत पता चलेगा कर्मचारी कहां था किसी मोहल्ले या सड़क पर सफाई नहीं होने की शिकायत आती है तो संबंधित समय का डिजिटल रिकॉर्ड देखा जा सकेगा। इससे यह जांचना संभव होगा कि कर्मचारी उस क्षेत्र में पहुंचा था या नहीं। व्यवस्था लागू होने के बाद शिकायतों की जांच मौके पर पहुंचकर पूछताछ करने के बजाय डिजिटल रिकॉर्ड से भी की जा सकेगी।
 

 


व्यापारी-कर संवाद अभियान...गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में मिली जगह

16-Sep-2026
रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) छत्तीसगढ़ की ओर से आयकर विभाग के सहयोग से आयोजित ‘व्यापारी कर संवाद’ अभियान को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिली है। ‘एक प्रदेश-एक दिन-एक संवाद’ के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में एक ही दिन व्यापारियों और आयकर विभाग के अधिकारियों के बीच कार्यक्रम हुए थे। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने CAIT की टीम को बधाई दी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में CAIT के नेशनल वाइस चेयरमेन और राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी ने छत्तीसगढ़ की टीम के साथ गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का मेडल और प्रमाण-पत्र प्राप्त किया।
गोल्डन बुक की क्षेत्रीय अधिकारी सोनल शर्मा और राजेश शर्मा ने यह सम्मान दिया। इस दौरान CAIT छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय पटेल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
व्यापारियों से जुड़े कार्यक्रम करेगा CAIT
अमर पारवानी ने कहा कि ‘व्यापारी कर संवाद’ का उद्देश्य व्यापारियों को आयकर से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी देना था। कार्यक्रमों में व्यापारियों ने अपनी समस्याएं और सवाल आयकर अधिकारियों के सामने रखे। उन्होंने कहा कि कर संबंधी नोटिस या प्रक्रिया को लेकर कई बार व्यापारियों में चिंता रहती है। सही जानकारी और समय पर जरूरी प्रक्रिया पूरी करने से ऐसी समस्याओं को कम किया जा सकता है।
CAIT ने इस अभियान में सहयोग के लिए मुख्य आयकर आयुक्त, रायपुर संजीव और आयकर विभाग के अधिकारियों का आभार जताया। पारवानी ने कहा कि प्रदेश में व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए शासन, विभाग और व्यापारियों के बीच संवाद जरूरी है। CAIT ने आगे भी व्यापारियों से जुड़े विषयों पर इसी तरह के कार्यक्रम करने की बात कही।
अमर पारवानी ने कहा कि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिलना प्रदेश के व्यापारियों और व्यापारिक संगठनों की सहभागिता का परिणाम है। उन्होंने यह सम्मान छत्तीसगढ़ के 12 लाख व्यापारियों को समर्पित किया।
CAIT प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने भी इस उपलब्धि पर व्यापारियों और संगठन की टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान CAIT और युवा CAIT के पदाधिकारी अमर पारवानी, परमानंद जैन, अवनीत सिंह, विजय पटेल, राम मंधान, भरत जैन, दीपक विधानी, कन्हैया गुप्ता, कान्ति पटेल और रतनदीप सिंह मौजूद रहे।
 

पीएम आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच बहस

16-Sep-2026
रायपुर। (शोर संदेश)  छत्तीसगढ़ की सियासत में पहली बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के 2 बड़े नेता मंच पर आमने-सामने आए। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच पीएम आवास को लेकर 1 घंटे 20 मिनट तक बहस चली। दोनों नेताओं ने आवास के अपने-अपने आंकड़े पेश किए।
रायपुर प्रेस क्लब से यह डिबेट लाइव दिखाई गई। इस दौरान अव्यवस्था को लेकर पत्रकारों ने भी नाराजगी जताई। बता दें कि दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक-दूसरे की चुनौती स्वीकार की थी। इसके बाद ओपन डिबेट तय की गई।
भूपेश बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में करीब 7 लाख मकान बने। विजय शर्मा ने इसे झूठा बताते हुए दावा किया कि साय सरकार ने 18 लाख मकान स्वीकृत किए हैं। विजय शर्मा ने Grok से सही जानकारी लेने की बात कही।
डिबेट में डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा- केंद्र ने 17 लाख 75 हजार आवास पूर्ण किए हैं, भारत सरकार की वेबसाइट में पूरे आंकड़े हैं। 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सर्वाधिक पीएम आवास बनाए।
पिछली सरकार में वित्तीय वर्ष की स्वीकृति में आवास पूर्ण नहीं हुए थे। 5 वर्ष में वित्तीय स्वीकृति 3,900 करोड़ की थी, 3 लाख आवास कांग्रेस सरकार ने पूर्ण किए, जबकि 16 हजार करोड़ भाजपा सरकार ने ढाई वर्ष में खर्च किए।
डिबेट में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा- 2018 में 3 लाख 48 हजार 960 घर स्वीकृत हुए। 1 लाख 39 हजार मकान पूर्ण हुए। 2020-21 में 1 लाख 97 हजार 811 का लक्ष्य था। 1 लाख 22 हजार आवास पूरे हुए। कोरोना काल में किसी सरकार के पास पैसा नहीं था।
2022-23 में पोर्टल बंद कर दिया गया। हमने भारत सरकार से अपना पैसा मांगा, चिट्ठी लिखी गई। पत्राचार किया गया। 2011 की जनगणना के अनुसार 18 लाख आवास बचे थे। 6 लाख 97 हजार हमने स्वीकृत किए। ये आंकड़े पेश करने के दौरान विजय शर्मा ने मंच पर कहा कि एक बार गणना पूरी करिए। गणित सही होनी चाहिए।
विजय शर्मा ने कहा कि PM आवास का पोर्टल बंद नहीं था। कोरोना काल में भी पैसा आ रहा था। विषय पोर्टल का नहीं था, बल्कि भूपेश बघेल ने कहा था कि प्रधानमंत्री आवास है तो प्रधानमंत्री ही जाने। पूरी राशि हम अपनी तरफ से देंगे।

भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र ने हमें राशि ही जारी नहीं की। पोर्टल बंद था। सही क्या था, पत्रकार खुद ही खोज लेंगे कि कौन सच बोल रहा है। 25 सितंबर 2023 से दिसंबर 2024 तक 18 लाख मकान स्वीकृत किए गए।

 



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