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Odisha

भारी भीड़ में फंसने से 600 श्रद्धालु घायल, मोड़ पर अटक गया था भगवान का रथ

28-Jun-2025
पुरी।  ( शोर संदेश ) ओडिशा के पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा उत्सव के दौरान भारी भीड़ उमड़ने के कारण 600 से अधिक श्रद्धालुओं को चोटों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. इस कारण रथ यात्रा में काफी देरी हुई, खास तौर पर भगवान बलभद्र के तलध्वज रथ को खींचने में, जिससे अव्यवस्था फैल गई. रथ यात्रा के रास्ते में पड़ने वाले एक मोड़ पर रथ को खींचने में काफी कठिनाई हुई, जिसके कारण जुलूस की गति धीमी हो गई. रथ के रुकने से मौके पर काफी ज्यादा तादाद में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई.
बड़ी संख्या में लोग प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गए, जिससे रथों की सुचारू आवाजाही में और बाधा उत्पन्न हुई. सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़ उमड़ी, जिसको मैनेज करने में काफी चुनौतियां आईं. इस अव्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी, जिनमें से 600 से ज्यादा लोगों का पुरी मेडिकल कॉलेज में इलाज किया गया. रथ खींचने के दौरान ये घटनाएं पूरे रथ यात्रा मार्ग पर हुईं. गनीमत रही कि भगदड़ की स्थिति नहीं बनी और किसी की जान नहीं गई.
जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के बेहोश होने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए ओडिशा के मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा कि ये घटनाएं संभवतः बहुत अधिक गर्मी और उमस के कारण हुई हैं. उन्होंने कहा, 'मौसम की स्थिति के कारण एक या दो श्रद्धालु बेहोश हो गए, लेकिन बचाव दल ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और उन्हें अस्पताल पहुंचाया. मुकेश महालिंग ने कहा कि मंदिर के पास प्राइमरी हेल्थ सेंटर स्थापित किए गए हैं और उन्होंने आश्वासन दिया कि पानी और ग्लूकोज की व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा, 'मैं व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए भी यहां आया हूं कि पर्याप्त चिकित्सा सहायता उपलब्ध है और देखभाल की जरूरत वाले लोगों की जांच करने के लिए अस्पताल का दौरा करूंगा.'
हर साल होने वाले इस रथोत्सव में देश ओर दुनियाभर से महाप्रभु जगन्नाथ के लाखों भक्त तीर्थ नगरी पुरी पहुंचते हैं. इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके भाई-बहन भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों को 12वीं शताब्दी के पुरी जगन्नाथ मंदिर से लगभग 2.5 किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर तक हाथों से खींचकर लाया जाता है. भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा  एक सप्ताह तक गुंडिचा मंदिर में रहते हैं और फिर इसी तरह के जुलूस में वापस जगन्नाथ मंदिर के गर्भ गृह में लौटते हैं. गुंडिचा मंदिर त्रिदेवों के मौसी का घर माना जाता है. 
यह वर्ष का वह समय है जब महाप्रभु स्वयं अपने भक्तों से मिलने के लिए अपने निवास (जगन्नाथ मंदिर) से बाहर आते हैं. इस समय तीथ नगरी पुरी 'जय जगन्नाथ' और 'हो भक्ते' के नारों से गुंजायमान रहती है. मंगल आरती और विधि विधान से पूजा-पाठ करने के बाद भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र को 12वीं शताब्दी के मंदिर से निकालकर सिंह द्वार पर खड़े उनके रथों नंदी घोष, दर्पदलन और तालध्वज पर विराजमान किया गया. घंटियां, शंख और झांझ बजाते हुए चक्रराज सुदर्शन को सबसे पहले मुख्य मंदिर से बाहर निकाला गया और देवी सुभद्रा के 'दर्पदलन' रथ पर विराजित किया गया. श्री सुदर्शन भगवान विष्णु का चक्र अस्त्र है. पुरी में विराजमान महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान विष्णु के ही रूप हैं. श्री सुदर्शन के पीछे भगवान जगन्नाथ के बड़े भाई भगवान बलभद्र थे, जिन्हें उनके 'तालध्वज' रथ पर विराजमान किया गया. भगवान जगन्नाथ और भगवान बलभद्र की बहन देवी सुभद्रा को सेवकों द्वारा 'सूर्य पहांडी' (रथ पर ले जाते समय देवी आकाश की ओर देखती हैं) नामक विशेष जुलूस में उनके 'दर्पदलन' रथ पर विराजमान किया गया.

*ओडिशा में अनिश्चितकालीन हड़ताल 20 को*

19-Oct-2023

भुवनेश्वर (शोर संदेश)।20 से ओडिशा में अनिश्चितकालीन हड़ताल, प्राइवेट बस ओनर्स एसोसिएशन ने दी चेतावनी . एसोसिएशन के सचिव देबेंद्र साहू और कोषाध्यक्ष बरदा आचार्य ने कहा कि हड़ताल शुरू करने का उनका निर्णय राज्य सरकार द्वारा आश्वासन के कथित उल्लंघन के बाद आया है। ऑल ओडिशा प्राइवेट बस ओनर्स एसोसिएशन (एओपीबीओए) ने 20 अक्टूबर, 2023 से शुरू होने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। यह हड़ताल लोकेशन एक्सेसिबल मल्टीमॉडल इनिशिएटिव (LAccMI) योजना और मो बस सेवाओं की शुरूआत के विरोध में है। ग्रामीण इलाकों। एक प्रेस विज्ञप्ति में, एसोसिएशन के सचिव देबेंद्र साहू और कोषाध्यक्ष बरदा आचार्य ने कहा कि हड़ताल शुरू करने का उनका निर्णय राज्य सरकार द्वारा आश्वासन के कथित उल्लंघन के बाद आया है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ हाल ही में एक चर्चा के दौरान, सरकार ने कथित तौर पर LAccMI योजना के तहत ब्लॉकों से जिला मुख्यालयों तक बसें नहीं चलाने का वादा किया था, इसके बजाय पंचायतों से ब्लॉकों तक सेवाओं का विकल्प चुना था। एओपीबीओए का आरोप है कि सरकार अपनी प्रतिबद्धता को कायम रखने में विफल रही है, जिसके कारण यह कठोर कार्रवाई हुई है। इसके अतिरिक्त, एसोसिएशन ने अपने व्यवसायों पर हानिकारक प्रभावों का हवाला देते हुए, ग्रामीण क्षेत्रों में मो बस सेवाओं की शुरुआत पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है। उन्होंने तब तक हड़ताल जारी रखने की कसम खाई है जब तक सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए कदम नहीं उठाती। आसन्न हड़ताल ने क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन और यात्रियों पर इसके संभावित प्रभाव के बारे में चिंताएँ बढ़ा दी हैं। एओपीबीओए ने मौजूदा मुद्दों को हल करने और यात्रियों और बस उद्योग के लिए हड़ताल के हानिकारक परिणामों को रोकने के लिए सरकार के साथ तत्काल बातचीत का आह्वान किया है। हड़ताल के संबंध में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।

 

 


*सड़क दुर्घटना में 3 छात्रों की मौत, घर में मचा कोहराम*

09-Oct-2023

भुवनेश्वर (शोर संदेश)।ओडिशा के अंगुल और बलांगीर जिलों में दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में रविवार को सुबह की सैर पर निकले तीन छात्रों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान अंगुल जिले के पल्लाहरा के राजेश सुंधी और माधब कुमार समद, तथा बोलांगीर जिले के पुरुषोत्तम भोई के रूप में हुई है। स्थानीय सूत्रों ने कहा, “मृतक दोस्त राजेश और माधब रोजाना सुबह नेशनल हाईवे पर टहलने जाते थे। सुबह छह बजे मुक्तापुर गांव के पास एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। चालक दोनों को खून से लथपथ हालत में छोड़कर वाहन लेकर मौके से भाग गया।” पुलिस उन्हें पास के अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पल्लाहारा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसी तरह, 17 वर्षीय पुरुषोत्तम अपने चार दोस्तों के साथ रविवार तड़के पटनागढ़-बोलांगीर राज्य राजमार्ग पर टहल रहा था। तभी विपरीत दिशा से आ रही एक वैन ने गेंडाबंजी गांव में उसे टक्कर मार दी। आदिवासी छात्र पुरुषोत्तम की दु:खद मौत से स्थानीय लोग नाराज हो गए और उन्होंने वैन के फरार चालक की गिरफ्तारी और मृतक के लिए मुआवजे की मांग को लेकर नाकाबंदी कर दी। जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस द्वारा दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने जाम हटाया।


*रेल मंत्री वैष्णव तीन दिन की यात्रा पर जाएंगे ओडिशा, बालासोर दुर्घटनास्थल का करेंगे दौरा*

19-Jun-2023

भुवनेश्वर (शोर संदेश)।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तीन दिवसीय ओडिशा दौरे पर सोमवार शाम भुवनेश्वर पहुंचेंगे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि भुवनेश्वर में वैष्णव पुरी जाएंगे, जहां वह शाम को पुरी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करेंगे और विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के मद्देनजर तीर्थयात्रियों के लिए की गई व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। वैष्णव मंगलवार को पूर्वाह्न् में रथ यात्रा स्थल भी जाएंगे। बाद में, वह स्थानीय लोगों से बातचीत करने के लिए बहनागा बाजार जाएंगे, जहां 2 जून की शाम को ट्रिपल ट्रेन दुर्घटना हुई थी। वह बालासोर जिला अस्पताल भी जाएंगे और अस्पताल और जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिलेंगे। इसके अलावा बालासोर रेलवे स्टेशन के विकास का निरीक्षण और समीक्षा करेंगे। इस बीच, कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रविवार को एक और घायल यात्री की मौत हो जाने से ओडिशा ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 292 हो गई। मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के पलटू नस्कर (24) के रूप में हुई है।


*ओडिशा ट्रेन हादसा: 101 लाशों की अब तक नहीं हुई पहचान, घटना की सीबीआई जांच शुरू*

06-Jun-2023

भुवनेश्वर (शोर संदेश)।ओडिशा ट्रेन हादसे के बाद रेल यातायात बहाल हो गया है, लेकिन अस्पतालों में अब भी 101 शव ऐसे हैं, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है। रेलवे और स्वास्थ्य विभाग के लिए अब यह काम बड़ी चुनौती बन गया है।
मृतकों के फोटो जारी कर लोगों से अपील की गई है कि पहचान करने की कोशिश करें। भीषण रेल हादसे में अब तक 275 लोगों की मौत हुई है जबकि 1000 से अधिक घायल हुए हैं। दुर्घटना में कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बे पास ही दूसरी लाइन से गुजर रही यशवंतपुर एक्सप्रेस एसएमवी-बेंगलुरु-हावड़ा के आखिरी डिब्बों से टकरा गए थे।

 

इस बीच, जान गंवाने वाले उन लोगों के शवों का दाह संस्कार के बाद अस्थियों का ससम्मान विसर्जन हरिद्वार में किया जाएगा, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है। श्री देवोत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष अनिल नरेन्द्र ने यह जानकारी दी।

 


उन्होंने कहा, अस्थि कलशों को बालेश्वर से एकत्र कर पहले दिल्ली लाया जाएगा। फिर उन्हें दिल्ली से ले जाकर आठ अक्टूबर को हरिद्वार के कनखल के सती घाट से विधि विधान से विसर्जित किया जाएगा।

 

इसके लिए एक पत्र ओडिशा सरकार को भेज दिया गया है, जिसमें सरकार से अंतिम संस्कार के बाद अस्थियों को उन्हें सौंपने का आग्रह किया गया है। इसके लिए समिति का एक दल जल्द ओडिशा रवाना होगा।

इस बीच, सोमवार से सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी। सोमवार को सीबीआई की 10 सदस्यीय टीम के घटनास्थल पहुंचकर जांच शुरू करने की खबर है। खुर्दा रोड डिवीजन के डीआरएम रितेश राय ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार सीबीआई की जांच आरंभ हो चुकी है।

इस बीच रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने भी घटनास्थल पर कंट्रोल रूम, सिग्नल रूम और सिग्नल प्वाइंट की जांच की।

 

दुर्घटना की जांच सीबीआइ से कराने पर विपक्ष की आपत्ति पर सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि शुरुआती जांच में जानबूझकर सिस्टम से छेड़छाड़ के स्पष्ट संकेत मिले हैं। इस कारण केंद्रीय एजेंसी से गहन जांच कराने की आवश्यकता महसूस की गई है।

 

दुर्घटना की जांच सीबीआइ से कराने पर विपक्ष की आपत्ति पर सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि शुरुआती जांच में जानबूझकर सिस्टम से छेड़छाड़ के स्पष्ट संकेत मिले हैं। इस कारण केंद्रीय एजेंसी से गहन जांच कराने की आवश्यकता महसूस की गई है।
 
 

 


ओडिशा रेल हादसे में मरने वालों की संख्या हुई 288...

04-Jun-2023

900 से ज्यादा घायल

भुवनेश्वर(शोर संदेश)। ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार शाम हुए रेल हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 288 हो गई है। 900 से ज्यादा लोग घायल हैं।हादसा बालासोर के बहानगा बाजार स्टेशन के पास शुक्रवार शाम करीब 7 बजे हुआ। न्यूज एजेंसी ने रेलवे के हवाले से जानकारी दी है कि गाड़ियों के बीच टक्कर रोकने वाला कवच सिस्टम इस रूट पर मौजूद नहीं था।हादसे के 23 घंटे बाद यानी शनिवार शाम 6 बजे तक रेल मंत्री या रेलवे मिनिस्ट्री ने हादसे की वजहों पर कुछ नहीं कहा। मंत्री से लेकर अफसर तक जांच कराने की बात दोहराते रहे। इधर न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि सिग्नल फेल होना भी हादसे की वजह हो सकता है।रेल मंत्रालय के प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने बताया कि ट्रेनों की टक्कर रोकने के लिए बनाया गया कवच सिस्टम अगले साल तक ट्रेनों में इन्स्टॉल किए जाने की संभावना है। फिलहाल दुर्घटना स्थल पर मरम्मत का काम चल रहा है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, 1000 से अधिक कर्मी काम में लगे हैं। साथ ही 7 से अधिक पोकलेन मशीन, 2 दुर्घटना राहत ट्रेन, 3-4 रेलवे और रोड क्रेन तैनात हैं।

पीएम मोदी घटनास्थल पर घायलों से मिले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने शोक जताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम करीब 4 बजे घटनास्थल पहुंचे। वे अस्पताल में घायलों से भी मिले। उन्होंने कहा कि दुर्घटना का जो भी दोषी है, उसे बक्शा नहीं जाएगा। हर तरह की जांच के निर्देश दिए हैं। हम इस घटना से सबक लेंगे और व्यवस्था को सुधारेंगे। PM ने घायलों की मदद करने वालों को शुक्रिया कहा।वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस हादसे को लेकर शोक जताया है। व्हाइट हाउस ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा, हमारी संवेदनाएं हादसे के पीड़ितों के साथ हैं।


मालगाड़ी से टकराई कोरोमंडल एक्सप्रेस कई बोगी पटरी से उतरे

02-Jun-2023

भुवनेश्वर (शोर संदेश)। ओडिशा के बालासोर जिले में बहानागा रेलवे स्टेशन के पास एक बड़ा ट्रेन हादसा हो गया। बहनागा स्टेशन के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस और मालगाड़ी आपस में टकरा गई। तलाशी और बचाव अभियान के लिए टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। सीपीआरओ दक्षिण रेलवे ने कहा कि ओडिशा के बालासोर में बहानागा स्टेशन के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरी से उतर गई।विशेष राहत आयुक्त कार्यालय ने बताया कि बालासोर कलेक्टर को भी सभी जरूरी व्यवस्था करने के लिए मौके पर पहुंचने और राज्य स्तर से किसी भी अतिरिक्त मदद की आवश्यकता होने पर एसआरसी को भी सूचना दे दी गई है।

हादसे में कई यात्रियों के ट्रेन के पलटे डिब्बों में फंसे होने की खबर सामने आ रही है। वहीं रेलवे प्रशासन ने इस रूट की सभी ट्रेनों को रोक दिया है। साथ ही इस हादसे को लेकर प्रशासन ने इमरजेंसी कंट्रोल रूम का नंबर 6782262286 जारी कर दिया है।


*मन की बात के 100वें एपिसोड पर सैंड आर्टिस्ट ने 100 रेडियो के बीच बनाई मोदी की आकृति*

29-Apr-2023

भुवनेश्वर (शोर संदेश)।प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर मन की बात के 100 एपिसोड का जश्न मनाने के लिए 100 रेडियो के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक रेत की आकृति बनाई है। पटनायक ने लगभग सात टन रेत का उपयोग करके 8 फुट ऊंची रेत कला बनाई है। उन्होंने 100 रेत रेडियो से प्रधानमंत्री की एक रेत की मूर्ति भी बनाई। मूर्तिकला को पूरा करने के लिए उनके सैंड आर्ट स्कूल के छात्र उनके साथ शामिल हुए।पटनायक ने कहा, इससे पहले, मैंने विभिन्न अवसरों पर 'मन की बात' में कुछ रेत की मूर्तियां बनाईं। इसके अलावा, रेडियो पर रेत की मूर्तियां भी विश्व रेडियो दिवस जैसे अवसरों पर बनाई गईं। 3 अक्टूबर 2014 को पहली बार प्रसारित मोदी का प्रमुख रेडियो संबोधन 30 अप्रैल को 100 एपिसोड पूरे करेगा। अब तक, पद्म विजेता कलाकार ने दुनिया भर में 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्ट प्रतियोगिताओं और उत्सवों में भाग लिया है और कई पुरस्कार जीते हैं। वह हमेशा अपनी सैंड आर्ट के जरिए विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता पैदा करने की कोशिश करते हैं। उनकी रेत कलाओं की संयुक्त राष्ट्र, डब्ल्यूएचओ और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण द्वारा सराहना की जाती है।

 

 


*सैंड आर्टिस्ट ने प्रधानमंत्री मोदी की माता को दी श्रद्धांजलि*

31-Dec-2022

पुरी (शोर संदेश) ।ओडिसा के पुरी समुद्र तट पर सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने पीएम नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मोदी की रेत पर तस्वीर बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।


*4 हजार दीयों और 5 टन रेत से सुदर्शन ने बनाई मां काली की मूर्ति...*

24-Oct-2022

भुवनेश्वर (शोर संदेश)।देशभर में दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। दिवाली के मौके पर पद्मश्री विजेता सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने अपने अंदाज में दिवाली की शुभकामनाएं दी हैं। सुदर्शन पटनायक ने ओडिशा के पुरी बीच पर मां काली की रेत से खूबसूरत मूर्ति बनाई है। रेत की मूर्ति बनाने में उन्होंने हजारों दीयों का इस्तेमाल किया है। सुदर्शन पटनायक ने रेत से बनाई मां काली की मुर्ति ट्वीट भी की है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से मां काली की तस्वीर ट्वीट की है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'हैप्पी दिवाली... ओडिशा के पुरी बीच पर 4045 दीयों से मां काली की रेत से मूर्ति बनाई है।'



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