ब्रेकिंग न्यूज

Sukma

नक्सल प्रभावित सुकमा से आत्मनिर्भरता की उड़ान, 35 युवा रोजगार के लिए चेन्नई रवाना

21-Feb-2026
सुकमा । ( शोर संदेश ) नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाले सुकमा जिले से आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 35 युवा (16 युवतियां एवं 19 युवक) प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने हेतु चेन्नई के लिए रवाना हुए। यह अवसर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में संचालित प्रयासों का परिणाम है।
जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में संचालित ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित युवाओं को लाइवलीहुड कॉलेज परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर युवाओं में उत्साह, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी।
जिला प्रशासन ने निजी क्षेत्र में रोजगार के ठोस अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चेन्नई स्थित ड्राइव मैनेजमेंट सर्विसेज के साथ एक विशेष एमओयू किया है। इस साझेदारी के माध्यम से सुदूर अंचलों के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल उन युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही है, जिन्हें अब तक अवसरों की सीमित उपलब्धता के कारण प्रतिस्पर्धात्मक मंच नहीं मिल पाता था।
चयनित युवाओं में 16 युवतियों की भागीदारी महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह पहल न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन का भी संकेत है। पहली बार जिले से बाहर रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलने से युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की भावना सुदृढ़ हुई है।
कलेक्टर अमित कुमार ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ कार्यक्रम केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास को नई उड़ान देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि सुकमा का प्रत्येक युवा कौशलयुक्त बने और उसे आजीविका के लिए श्रेष्ठ मंच प्राप्त हो।
ग्राम आसिरगुड़ा, कोंटा निवासी सोड़ी बसंती ने बताया कि यह उनके जीवन का गौरवपूर्ण क्षण है। पहली बार घर से बाहर जाकर रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिला है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर सकेंगी।बोरगुड़ा निवासी सोनिया नुप्पो ने जिला प्रशासन की इस पहल को सराहनीय बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि सुकमा जिला प्रशासन भविष्य में भी रोजगार मेलों, कौशल विकास प्रशिक्षण एवं उद्योग साझेदारियों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्र की पहचान से आगे बढ़कर सुकमा को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और अवसरों से परिपूर्ण जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य दीपिका सोरी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर, लाइवलीहुड कॉलेज के प्रभारी अधिकारी कैलाश कश्यप सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।






 

पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान का असर, 22 नक्सलियों ने किया सरेंडर

17-Feb-2026
सुकमा । ( शोर संदेश )  जिले में 22 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। ये सभी राज्य सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति और ‘पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान से प्रभावित होकर पुलिस के समक्ष सरेंडर हुए।
सुकमा पुलिस  के अनुसार लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों, नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना, बेहतर सड़क संपर्क और विकास कार्यों की बढ़ती पहुंच से माओवादी संगठन का प्रभाव कमजोर पड़ा है। इसी के चलते संगठन से जुड़े सदस्य अब पुनर्वास नीति पर भरोसा जता रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक किरण ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में जीआरडी मिलिशिया कमांडर, आरपीसी मिलिशिया सदस्य, डीएकेएमएस पदाधिकारी और जनताना सरकार से जुड़े सदस्य शामिल हैं। सभी को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सहायता और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
पुलिस का कहना है कि आगे भी विकास और सुरक्षा के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में कार्रवाई जारी रहेगी।

सुकमा के पोटाकेबिनों में एआई आधारित शिक्षा की शुरुआत

17-Feb-2026
सुकमा ( शोर संदेश )  सुकमा जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नवाचार की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘सशक्त छत्तीसगढ़’ विज़न के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा पोटाकेबिन (आवासीय विद्यालयों) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षा प्रारंभ की गई है। यह पहल वनांचल के विद्यार्थियों को डिजिटल युग की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में इस अभियान का शुभारंभ लाइवलीहुड कॉलेज, सुकमा से किया गया। यहां आयोजित विशेष कार्यशाला में पोटाकेबिन विद्यालयों के शिक्षकों को अत्याधुनिक एआई टूल्स का व्यावहारिक एवं गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशासन का मानना है कि शिक्षकों का तकनीकी रूप से सशक्त होना ही विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने की प्रथम शर्त है। इस पहल के माध्यम से महानगरों में उपलब्ध उन्नत शैक्षणिक संसाधनों जैसी सुविधाएँ अब दूरस्थ अंचलों में निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। एआई आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों में कोडिंग, तार्किक चिंतन एवं समस्या समाधान क्षमता का विकास होगा। इससे वे डिजिटल कौशल से लैस होकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकेंगे।
कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ‘फ्यूचर रेडी’ बनाना है। पोटाकेबिन विद्यालयों में स्मार्ट लर्निंग मॉडल एवं स्मार्ट प्रोजेक्टर के माध्यम से गणित एवं विज्ञान जैसे विषयों को सरल एवं रोचक तरीके से पढ़ाया जाएगा। यह पहल सुकमा को शिक्षा के नवाचार मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
 

दूरस्थ अंचलों में प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी: सुकमा में जन सुविधा शिविरों का व्यापक असर

17-Feb-2026
सुकमा ( शोर संदेश ) शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुकमा जिले में व्यापक स्तर पर जन सुविधा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में 4 फरवरी से प्रारंभ यह अभियान प्रशासन की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
अब तक कोंटा, छिंदगढ़ और सुकमा विकासखंड के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में 23 शिविरों का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 40 ग्रामों के ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ ही उन्हें पात्रतानुसार लाभान्वित किया गया है। यह जन-अभियान 28 फरवरी तक सतत रूप से संचालित होगा। शिविरों में जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी समीक्षा कर रहे हैं। पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही विभिन्न सेवाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है।  
जन सुविधा शिविरों में ग्रामीणों को एक ही स्थान पर आधार अपडेट एवं नवीन पंजीयन, आयुष्मान कार्ड निर्माण, आभा आईडी जनरेशन, वय वंदन योजना कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, किसान पंजीयन एवं उसका अद्यतन, ई-केवाईसी सहित विभिन्न हितग्राहीमूलक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस एकीकृत व्यवस्था से ग्रामीणों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। अब तक कुल 9,473 ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा चुका है। 
 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जन-हितैषी पहल: ‘मिशन कनेक्ट’ से चौपाल तक पहुँचा प्रशासन

20-Jan-2026
सुकमा ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अंत्योदय और सुशासन की सोच को साकार करने के लिए सुकमा जिले में 'मिशन कनेक्ट' की शुरुआत की गई है। संभागायुक्त बस्तर डोमन सिंह के निर्देशन और कलेक्टर के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को खत्म कर सरकारी सेवाओं को लोगों के घर-घर तक पहुँचाना है।
विगत दिनों मिशन कनेक्ट के तहत छिंदगढ़ विकासखंड की लगभग 60 पंचायतों में जिला स्तरीय अधिकारी पहुँचे। यह केवल निरीक्षण नहीं था, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को समझकर मौके पर उनका समाधान करने की एक नई पहल थी। सुबह 10 बजे से ही अधिकारी स्कूलों, आंगनबाड़ियों, आश्रम-छात्रावासों, ग्राम पंचायतों और स्वास्थ्य केंद्रों में सक्रिय दिखाई दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मध्यान्ह भोजन और पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता की स्वयं जांच की। स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं की गंभीरता से जाँच की गई। ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई, ताकि सरकारी राशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएँ और सुझाव सुने, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत हुआ।
निरीक्षण के बाद जनपद पंचायत छिंदगढ़ में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ ने सभी पंचायतों की रिपोर्ट का गहन विश्लेषण किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला स्तर की समस्याओं का समाधान तुरंत किया जाए, जबकि राज्य स्तर के विषयों को संबंधित विभागों को तत्काल भेजा जाए।
कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि मिशन कनेक्ट का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना हमारी प्राथमिकता है।
सुशासन की ओर मजबूत कदम 'मिशन कनेक्ट' ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि अब योजनाएँ सिर्फ कागजों पर नहीं रहेंगी, बल्कि वास्तव में ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाएँगी। अधिकारियों की सक्रियता से क्षेत्र में लोगों में उत्साह और भरोसा बढ़ा है।

नियद नेल्ला नार में आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत, आजीविका को मिला संबल

17-Jan-2026
सुकमा ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुकमा जिले के दूरस्थ नियद नेल्लानार क्षेत्रों में मनरेगा और मत्स्य पालन योजना के संयुक्त प्रयास से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। इस सत्र में स्वीकृत 150 आजीविका डबरियों ने खेती को मजबूती दी है। साथ ही 30 चयनित ग्रामीणों को वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रदान किया जा रहा है।
नियद नेल्ला नार' छत्तीसगढ़ की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य नक्सल प्रभावित सुदूर क्षेत्रों (सुकमा, बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर) के ग्रामीणों को मनरेगा और अन्य योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है, जिसमें मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जैसे मनरेगा के तहत तालाब निर्माण और मछली पालन प्रशिक्षण के ज़रिए ग्रामीणों की आय बढ़ाना और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है, ताकि वे जल संरक्षण के साथ-साथ आय के नए स्रोत भी विकसित कर सकें।
कलेक्टर और जिला सीईओ के मार्गदर्शन में ग्रामीण स्वरोजगार केंद्र द्वारा दिए जा रहे इस प्रशिक्षण से अब वनांचल के लोगों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। इससे उनकी पारिवारिक आमदनी बढ़ेगी और वे बच्चों की शिक्षा तथा जीवन-स्तर सुधारने में सक्षम होंगे।
आरसेटी सुकमा में आयोजित मत्स्य पालन प्रशिक्षण ने सुदूर क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए स्वावलंबन का नया रास्ता खोला है। इसका प्रेरक उदाहरण कोंटा विकासखंड के पालेम निवासी सोमारू हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने मछली के जीवनचक्र, पालन तकनीक और देखभाल की सभी बारीकियाँ ध्यानपूर्वक सीखी और रेखाचित्रों के माध्यम से समझ भी विकसित की।
सोमारू का कहना है कि इस उन्नत और तकनीकी प्रशिक्षण से वे भविष्य में मछली पालन को एक सफल व्यवसाय के रूप में स्थापित कर पाएँगे। उन्होंने इस लाभदायक पहल के लिए शासन का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप को धन्यवाद दिया है। उनका मानना है कि यह योजना ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





 

सुकमा में साक्षरता का जनआंदोलन, ‘उल्लास’ अभियान से आई उल्लास की लहर

10-Jan-2026
सुकमा  ( शोर संदेश )  राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली की उच्च स्तरीय टीम ने दो दिवसीय बस्तर संभाग प्रवास के दौरान सुकमा जिले में संचालित “उल्लास” साक्षरता अभियान का गहन मूल्यांकन किया। 08 एवं 09 जनवरी को टीम ने जिले के विभिन्न साक्षरता केंद्रों का दौरा कर जमीनी स्तर पर चल रहे प्रयासों का अवलोकन किया तथा नवसाक्षरों एवं जनप्रतिनिधियों से संवाद कर बस्तर संभाग के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए।
टाटा कंसल्टेंसी के किशन गोपाल लड्ढा, उमेन्द्र कटरे एवं एनएसडीसी के प्रतिनिधियों सहित एनसीईआरटी टीम ने सुकमा जिले में साक्षरता के क्षेत्र में प्रशासन की सक्रियता की सराहना की। टीम ने कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ के प्रयासों को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि जिले में शिक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है।
दौरे के दौरान विकासखंड छिंदगढ़ के हमीरगढ़, कुकानार, महिमा, पाकेला तथा सुकमा विकासखंड के पुनर्वास केंद्र मुरतोण्डा का अवलोकन किया गया। विशेष रूप से मुख्यधारा में लौटे नवसाक्षरों के लिए सतत शिक्षा पर जोर दिया गया। जिला जेल में संचालित उल्लास केंद्र और “साक्षरदूतों” की भूमिका को देखकर टीम ने जेल अधीक्षक राजेश बिसेन के प्रयासों की भी प्रशंसा की। इस मूल्यांकन के आधार पर बस्तर संभाग के लिए एक विशिष्ट शैक्षणिक रणनीति तैयार की जाएगी। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी, परियोजना अधिकारी, नोडल अधिकारी, विकासखंड स्तर के अधिकारी, साक्षरदूत एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

 


सुकमा जिले में नीली क्रांति की नई शुरुआत : मछली के साथ झींगा पालन बनेगा किसानों की समृद्धि का आधार

10-Jan-2026
 सुकमा ( शोर संदेश )   छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर स्थित सुकमा जिला अब कृषि एवं मत्स्य पालन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और मार्गदर्शन में जिले में पारंपरिक धान खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर के निर्देशन में सुकमा जिले की पांच ग्राम पंचायतों में झींगा पालन की शुरुआत कर नीली क्रांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत भेलवापाल, झापरा, गोंगला, मुरातोंडा एवं गादीरास के कुल 17 तालाबों को झींगा पालन के लिए चयनित किया गया है। कृषकों को वैज्ञानिक पद्धति से प्रशिक्षण देने हेतु कृषि विज्ञान केंद्र, मुरातोंडा में एक विशेष डेमोंस्ट्रेशन यूनिट की स्थापना भी की गई है। हाल ही में मत्स्य विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंह राठौर, मत्स्य विभाग के डी.एल. कश्यप एवं एनआरएलएम जनपद सुकमा के संयोजक सहित विशेषज्ञ दल ने चयनित तालाबों का निरीक्षण कर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
अब तक जिले में कतला, रोहू, ग्रास कार्प एवं पेटला मछलियों का पालन किया जाता रहा है। झींगा पालन से स्थानीय कृषकों और मछुआरों की आय में वृद्धि होगी। यह पहल सुकमा को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी।
 

बस्तर अब बदल रहा है—शांति, विश्वास और विकास की ओर तेज़ी से बढ़ता नया बस्तर: मुख्यमंत्री साय

08-Jan-2026
सुकमा ।  ( शोर संदेश )  बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले में ₹64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 7 महिलाएँ भी शामिल हैं। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह केवल सुरक्षा मोर्चे पर उपलब्धि नहीं,बल्कि मानवीय विश्वास और संवाद की जीत है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के स्पष्ट संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में लागू संतुलित सुरक्षा रणनीति और संवेदनशील पुनर्वास नीति का प्रत्यक्ष परिणाम अब दिखाई दे रहा है। “पूना मार्गेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान ने उन युवाओं के जीवन में नई आशा जगाई है, जो कभी नक्सलवाद के भ्रम जाल में भटक गए थे।
लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविर, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और सुदूर अंचलों तक शासन की सीधी पहुँच ने बस्तर की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। आज बस्तर में डर नहीं, बल्कि विश्वास की आवाज़ गूंज रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों का स्वागत करते हुए कहा कि हिंसा का मार्ग त्यागने वालों के लिए सरकार के दरवाज़े हमेशा खुले हैं। सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। 
मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि नक्सल समस्या का स्थायी समाधान सुरक्षा, विकास और विश्वास की त्रयी में निहित है। मुख्यमंत्री ने शेष माओवादी साथियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि वे शांति, परिवार और प्रगति का रास्ता चुनें। राज्य सरकार उनकी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में पूरा सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर आज शांति की दिशा में निर्णायक क़दम बढ़ा चुका है और हर आत्मसमर्पण के साथ नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प और अधिक मज़बूत हो रहा है।

 


वनोपज के मूल्यवर्धन और बेहतर बाजार से जुड़ेंगे सुकमा के गांव : उपमुख्यमंत्री शर्मा

07-Jan-2026
सुकमा ।  ( शोर संदेश )  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रशिक्षण प्राप्त करने आये सुकमा जिले के 75 ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों के दल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गांवों के पंचायत प्रतिनिधियों से उनके ग्रामों के विकास पर विस्तृत चर्चा की। इस दल में सुकमा जिले के ग्राम सरपंच, उपसरपंच, पंच शामिल थे। सभी ने उपमुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखी। सभी से मुलाकात कर उन्होंने उनके ग्रामों की समस्याओं को जाना।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने सभी से चर्चा में वनोपज के संग्रहण एवं विपणन के संबंध में जानकारी ली। जिसपर ग्राम पंचायत जनप्रतिनिधियों ने बताया कि वे स्थानीय बिचौलियों को अपने वनोपज का विक्रय करते हैं, जिसपर उपमुख्यमंत्री ने उन्हें वनोपज का ग्राम के युवाओं द्वारा संग्रहण करा कर शासन के माध्यम से बड़े बाजारों तक पहुंचाते हुए अपने वनोत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने वनोपजों के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण कराकर उनका मूल्यवर्धन करने की सलाह दी। इसके लिए सभी ग्रामों के 10-10 लोगों को हैदराबाद जैसे बड़े बाजारों में शैक्षणिक भ्रमण कराकर उन्हें प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के लाभों से अवगत कराने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
उन्होंने सभी पंचायत जनप्रतिनिधियों से गांवों में शांति बहाल होने के साथ ही विकास के तीव्र गति से चलाने और इलवद पंचायत योजना का लाभ लेने को प्रेरित किया। जनप्रतिनिधियों ने भी अपने ग्रामों की समस्याओं को उनके समक्ष रखा जिस पर उपमुख्यमंत्री ने उन्हें जल्द से जल्द निराकरण हेतु आश्वश्त किया। उन्होंने ग्रामों में बिहान योजना, बैंकिंग सुविधा, सड़क,  बस्तर ओलंपिक, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधा पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह भी उपस्थित थीं।




 


+ Load More

kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account