ब्रेकिंग न्यूज

खेल

Previous123456789...3536Next

खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने टूर्नामेंट आवश्यक : अरुण साव

11-Apr-2026
रायपुर,  (शोर संदेश)।  उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव रायपुर के जोरा स्थित इंटरनेशनल टेनिस स्टेडियम में आयोजित गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मिश्रित और एकल के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए।
उप मुख्यमंत्री साव ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में गोंडवाना कप का आयोजन अनेक वर्षों से हो रहा है। प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं होने से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलता है और अच्छे खिलाड़ी निकल कर आते हैं। टूर्नामेंट में 20 राज्यों के 120 खिलाड़ियों का भाग लेना इसकी सफलता को बताता है।
साव ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ी टूर्नामेंट आवश्यक हैं। इसके बिना खेल और खिलाड़ी दोनों आगे नहीं बढ़ सकते। गोंडवाना कप जैसी प्रतियोगिताएं लगातार होने चाहिए। 
महिला डबल्स के फाइनल मुकाबले में शताक्षी चौधरी और अनन्या जैन (उत्तर प्रदेश) की जोड़ी ने स्निग्धा पाटिबंडला और इरम जैदी को 3-6, 6-3, 10-7 से हराकर खिताब जीता। वहीं पुरुष डबल्स में निरव शेट्टी और अनुप बंगार्गी (महाराष्ट्र) की जोड़ी ने प्रसाद इंगाले और परितोष पवार को 6-2, 6-4 से हराया।
वहीं महिला एकल में राजस्थान की आयुषी तनवार ने उत्तरप्रदेश की शताक्षी चौधरी को 2-6, 6-2, 6-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। पुरुष एकल में तेलंगाना के नैशिक रेड्डी गनागामा ने महाराष्ट्र के प्रसाद इंगाले को 7-6 (7-4), 6-3 से हराकर विजेता बने। उप मुख्यमंत्री साव ने सभी विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान की। समापन समारोह में एआईटीए (AITA) के महासचिव अनिल धुपर, स्टेट टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष और हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, गुरुचरण सिंह होरा, उपाध्यक्ष नरेश गुप्ता और आशीष सराफ सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी मौजूद थे।
साव ने बताया कि 24 अप्रैल से 26 अप्रैल तक श्रीनगर में चिंतन शिविर का आयोजन हो रहा है। इसमें सभी राज्यों के खेल मंत्री और भारत सरकार के मंत्री व अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 2047 में जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरा करे तो देश विकसित बने, इसके साथ ही खेल के क्षेत्र में भी भारत दुनिया में अग्रणी देश बने, इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए योजना बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काम हो रहा है। निश्चित रूप से इस चिंतन शिविर से बड़ा लाभ होगा। 








 

बेंगलुरु में RCB का जलवा, 43 रन से CSK को दी करारी शिकस्त

06-Apr-2026
बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच आईपीएल 2026 का 11वां मुकाबला खेला गया। इस मैच में आरसीबी ने 43 रन से जीत दर्ज की। जीत के साथ ही आरसीबी ने अंकतालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया है। आइए आरसीबी-सीएसके मैच के बाद अंकतालिका और शीर्ष बल्लेबाजों और गेंदबाजों पर नजर डालते हैं।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) 2 मैच में 2 जीत के साथ पहले स्थान पर है। राजस्थान रॉयल्स (आरआर) 2 मैच में 2 जीत के साथ दूसरे स्थान पर है। दिल्ली कैपिटल्स 2 मैच में 2 जीत के साथ तीसरे स्थान पर है। पंजाब किंग्स 2 मैच में 2 जीत के साथ चौथे स्थान पर है।

सनराइजर्स हैदराबाद 3 मैचों में 1 जीत के साथ पांचवें, मुंबई इंडियंस 2 मैचों में 1 जीत के साथ छठे, लखनऊ सुपर जायंट्स 2 मैचों में 1 जीत के साथ सातवें स्थान पर है। गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स अपने शुरुआती 2-2 मैच गंवाकर क्रमशः आठवें और नौवें स्थान पर हैं। चेन्नई सुपर किंग्स अपने 3 मैच गंवाकर दसवें स्थान पर है।
समान अंक के बावजूद टीमों की रैंकिंग उनके रन रेट के आधार पर तय की गई है। सर्वाधिक रन बनाने वाले पांच बल्लेबाजों पर गौर करें तो दिल्ली कैपिटल्स के समीर रिजवी 2 मैचों में 160 रन बनाकर शीर्ष पर हैं। रिजवी के पास ऑरेंज कैप है। दूसरे नंबर पर सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासेन हैं। क्लासेन ने 3 मैचों में 145 रन बनाए हैं। मुंबई इंडियंस के रोहित शर्मा तीसरे स्थान पर हैं। रोहित ने 2 मैचों में 113 रन बनाए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने देवदत्त पड्डिकल 2 मैचों में 111 रन बनाकर चौथे और पंजाब किंग्स के कूपर कोनोली 2 मैचों में 108 रन बनाकर पांचवें स्थान पर हैं।
गेंदबाजों में राजस्थान रॉयल्स के रवि बिश्नोई ने 2 मैचों में 5, पंजाब किंग्स के विजय कुमार वैशाक ने 2 मैचों में 5, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के जैकब डफी ने 2 मैचों में 5 और चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज ने 3 मैचों में 5 विकेट लिए हैं। ये सभी गेंदबाज शीर्ष-4 में हैं। रवि बिश्नोई की इकॉनमी सबसे कम है इसलिए वह शीर्ष पर हैं। रवि के पास पर्पल कैप है।
 

विकास और शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस: खेलों की ताकत से बदलती दुनिया

06-Apr-2026
नई दिल्ली।  शोर संदेश )  हर वर्ष 6 अप्रैल को “विकास और शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस” मनाया जाता है। यह दिन केवल खेलों का उत्सव नहीं, बल्कि उस व्यापक प्रभाव का प्रतीक है जो खेल समाज, संस्कृति और वैश्विक शांति पर डालते हैं। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि सामाजिक समावेशन, समानता, संवाद और शांति की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
इस दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2013 में की थी। 6 अप्रैल की तारीख का चयन इसलिए किया गया, क्योंकि इसी दिन 1896 में आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत हुई थी। ओलंपिक का मूल उद्देश्य भी देशों के बीच भाईचारा, सहयोग और शांति को बढ़ावा देना रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, खेल एक ऐसी सार्वभौमिक भाषा है, जो जाति, धर्म, भाषा और सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ती है। यही कारण है कि इस दिवस को मनाने की परंपरा शुरू की गई, ताकि खेलों के जरिए वैश्विक एकता और शांति को मजबूत किया जा सके।
खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और सामाजिक विकास का प्रभावी माध्यम भी हैं। बच्चों और युवाओं के लिए खेल अनुशासन, टीमवर्क, नेतृत्व और आत्मविश्वास जैसे जीवन कौशल विकसित करते हैं, जो उनके भविष्य को मजबूत बनाते हैं।
ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई बार खेल ही वह मंच बनते हैं, जिसके जरिए युवा शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर हासिल करते हैं और अपनी पहचान बनाते हैं।
खेल लैंगिक समानता को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। जब लड़कियां खेलों में सक्रिय भागीदारी करती हैं, तो समाज में उनके प्रति दृष्टिकोण बदलता है और उन्हें सशक्त बनने का अवसर मिलता है।
खेलों में प्रतिस्पर्धा जरूर होती है, लेकिन यह प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होती है। खेल हमें नियमों का सम्मान करना, हार-जीत को स्वीकार करना और प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना सिखाते हैं। यही गुण समाज में शांति और सहिष्णुता को मजबूत करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेल कई बार देशों के बीच तनाव कम करने का माध्यम बने हैं। उदाहरण के तौर पर, ओलंपिक खेलों के दौरान “ओलंपिक ट्रूस” (युद्धविराम) की परंपरा रही है, जिसमें संघर्षरत देश भी शांति का संदेश देते हैं।
खेल समाज के हर वर्ग को जोड़ने की ताकत रखते हैं। चाहे व्यक्ति अमीर हो या गरीब, पुरुष हो या महिला, सक्षम हो या दिव्यांग- खेल सभी को समान अवसर प्रदान करते हैं।
विशेष रूप से पैरालंपिक खेल इस बात का सशक्त उदाहरण हैं कि खेल किस तरह सीमाओं को तोड़कर नई संभावनाएं पैदा करते हैं। इससे समाज में समावेशन और समानता का संदेश और मजबूत होता है।
आज के दौर में, जब जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, खेल और शारीरिक गतिविधियां स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हो गई हैं। नियमित रूप से खेल खेलने से हृदय रोग, मोटापा और मधुमेह जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है।
खेल मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी हैं। यह तनाव को कम करते हैं, सकारात्मक सोच विकसित करते हैं और आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं।
यह दिवस युवाओं को यह संदेश देता है कि वे खेलों को केवल करियर के रूप में न देखें, बल्कि इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। आज कई खिलाड़ी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल देश का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
खेलों के जरिए युवा नशे और अपराध जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रह सकते हैं और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।
हालांकि खेलों के जरिए विकास और शांति का संदेश व्यापक है, लेकिन इसके सामने कई चुनौतियां भी मौजूद हैं, जैसे- सभी के लिए पर्याप्त खेल सुविधाओं की कमी, लैंगिक भेदभाव, आर्थिक असमानता और खेलों का अत्यधिक व्यावसायीकरण।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकारों, संस्थाओं और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे। खेलों को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी नीतियों और योजनाओं का क्रियान्वयन बेहद जरूरी है।
“विकास और शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस” हमें यह याद दिलाता है कि खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को सकारात्मक रूप से बदलने की क्षमता रखते हैं। खेलों के माध्यम से एक स्वस्थ, समावेशी और शांतिपूर्ण दुनिया का निर्माण संभव है।
आज आवश्यकता है कि हम खेलों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और इसके महत्व को समझते हुए इसे बढ़ावा दें। जब हर व्यक्ति खेलों से जुड़ेगा, तभी वास्तविक अर्थों में विकास और शांति का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
 

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : कर्नाटक की मनीषा जोंस सिद्दी ने जीता गोल्ड

01-Apr-2026
रायपुर।  ( शोर संदेश ) खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत  सरगुजा जिला मुख्यालय अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में पिछले चार दिनों से जारी कुश्ती स्पर्धा का शानदार समापन हुआ। प्रथम ऐतिहासिक संस्करण में कर्नाटक की बेटी मनीषा जोंस सिद्दी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए कुश्ती के 76 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है। अभावों के बीच पली-बढ़ी मनीषा की यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि उनके वर्षों के कठिन परिश्रम और अटूट संकल्प की विजय है।
मनीषा का खेल जीवन चुनौतियों से भरा रहा है। उन्होंने बताया कि जब वह पाँचवीं कक्षा में थीं, तभी उनके पिता का देहांत हो गया था। इसके बावजूद, उनकी माँ ने हार नहीं मानी और अकेले दिन-रात मेहनत करके मनीषा के सपनों को पंख दिए। पूर्व में कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सिल्वर और ब्रोंज मेडल जीत चुकीं मनीषा के करियर का यह पहला गोल्ड मेडल है।
अपनी सफलता को साझा करते हुए मनीषा ने कर्नाटक के डिवाइस स्पोर्ट्स हॉस्टल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, हॉस्टल के कोच और साथी खिलाड़ियों ने मुझे हमेशा प्रेरित किया। मेरा बड़ा भाई मेरा मार्गदर्शक रहा है, वहीं छोटा भाई, जो खुद एक राज्य स्तरीय एथलीट है, वह मेरी सबसे बड़ी हिम्मत है।
मनीषा ने केंद्र सरकार और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे मंच से जनजातीय समुदाय के बच्चों को अपनी विशेष पहचान के साथ आगे बढ़ने का मौका मिला है। उन्होंने यहाँ की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा मैच के दौरान सुरक्षा, भोजन और यातायात की व्यवस्था बेहतरीन थी। छत्तीसगढ़ के लोगों का व्यवहार और यहाँ का माहौल खिलाड़ियों के लिए अत्यंत सुखद है।
स्वर्ण पदक की चमक के साथ मनीषा की निगाहें अब भविष्य की बड़ी चुनौतियों पर हैं। छत्तीसगढ़ की धरती पर मिली इस सफलता से उत्साहित मनीषा अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी में जुटी हैं। उनका अंतिम लक्ष्य विश्व पटल पर स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाना है।










 

 


खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : सरगुजा में कुश्ती स्पर्धा का शानदार समापन

01-Apr-2026
रायपुर।   ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 अंतर्गत सरगुजा जिला मुख्यालय अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में पिछले चार दिनों से जारी कुश्ती स्पर्धा का शानदार समापन आज हुआ। पूरे आयोजन के दौरान विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। खिलाड़ियों ने अपनी कुशल तकनीक एवं रणनीति का प्रदर्शन कर पदक अपने नाम किए।
समापन अवसर पर टीम चौंपियनशिप परिणाम घोषित किए। पुरूष वर्ग में हिमाचल प्रदेश राज्य ओवर ऑल चौंपियन रहा, वहीं जम्मू कश्मीर फर्स्ट रनरअप, महाराष्ट्र एवं झारखण्ड सेकंड रनरअप बना। महिला वर्ग में असम राज्य ओवर ऑल चौंपियन रहा, वहीं झारखण्ड फर्स्ट रनरअप, कर्नाटक एवं तेलंगाना सेकंड रनरअप रहे।
आयोजित स्पर्धा में महिला सीनियर 57 किलोग्राम भारवर्ग में तेलंगाना की नागलक्ष्मी ने गोल्ड, कर्नाटक की शालीना सिद्धि ने सिल्वर, कर्नाटक की अमूल्या भीमसेन कुन्दरगी ने कांस्य पदक जीता। महिला सीनियर 68 किलोग्राम भारवर्ग में कर्नाटक के प्रिंसिता पेड्र फ़र्नान्डिस सिद्दी को गोल्ड, मिजोरम के एलिजाबेथ रोहलुपुल्ल को सिल्वर, गुजरात के चावड़ा लीलाबेन मैयाभाई एवं  राजस्थान की बालकेश कुमारी मीना को कांस्य पदक प्राप्त हुआ। 
पुरूष सीनियर फ्रीस्टाइल 57 किलोग्राम भारवर्ग में ओड़िसा के अजीत भुयां को गोल्ड, महाराष्ट्र के पारस सुभाष बिड़कर को सिल्वर, महाराष्ट्र के विकी रामचन्द्र उइके एवं हिमाचल प्रदेश के अब्दुल खान को कांस्य पदक प्राप्त हुआ। पुरूष ग्रीको रोमन सीनियर 77 किलोग्राम में झारखंड के अभिषेक मुंडा ने गोल्ड, हिमाचल प्रदेश के अर्फ़न ने सिल्वर, तेलंगाना के जादव चरण एवं जम्मू-कश्मीर के इंजमाम ने कांस्य पदक प्राप्त किया। पुरूष फ्रीस्टाइल सीनियर 86 किलोग्राम में हिमाचल प्रदेश के सुमित ठाकुर को गोल्ड, जम्मू-कश्मीर के बहादुर खान को सिल्वर, हिमाचल प्रदेश के शब्बीर खान को कांस्य पदक प्राप्त किया। पुरूष ग्रीको रोमन सीनियर 130 किलोग्राम में मध्यप्रदेश के शिवा भलावी को गोल्ड, जम्मू कश्मीर के दिलेर खान को सिल्वर, तेलंगाना के कर्रा राजू को कांस्य पदक प्राप्त हुआ।

छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के फाइनल में

31-Mar-2026
रायपुर(शोर संदेश)। कप्तान किरण पिस्दा की शानदार दोहरी भूमिका से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले संस्करण के फाइनल में जगह बना ली है, जबकि राज्य की महिला हॉकी टीम ने भी कांस्य पदक मुकाबले में पहुंचकर अपनी उम्मीदें बरकरार रखी हैं। भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी किरण ने मंगलवार को स्वामी विवेकानंद कोटा स्टेडियम में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच की स्टार रहीं। उनके हरफनमौला खेल की बदौलत छत्तीसगढ़ ने निर्धारित समय के बाद 2-2 की बराबरी रहने पर पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से रोमांचक जीत दर्ज की। टूर्नामेंट में अब तक करीब 20 गोल कर चुकीं किरण ने एक बार फिर आक्रामक भूमिका निभाते हुए 18वें मिनट में गोल कर मेजबान टीम को 2-0 की बढ़त दिलाई। 

हालांकि अरुणाचल प्रदेश ने 41वें और 86वें मिनट में गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया और मैच को शूटआउट में पहुंचा दिया। इसके बाद किरण ने साहसिक फैसला लेते हुए नियमित गोलकीपर योगिता की जगह खुद दस्ताने पहनकर गोलपोस्ट संभालने का निर्णय लिया। उनका यह निर्णय कप्तानी की मिसाल बन गया, जब उन्होंने दो शानदार बचाव किए और खुद एक पेनल्टी भी सफलतापूर्वक गोल में बदली, जिससे टीम को फाइनल का टिकट मिला। अंतिम पेनल्टी के गोल के साथ ही मेजबान टीम ने मैदान पर जश्न मनाना शुरू कर दिया।

अपने प्रदर्शन पर किरण ने साई मीडिया से कहा, “मैं अपनी टीम को हर हाल में फाइनल में पहुंचाना चाहती थी। मुझे गोलकीपर के रूप में अच्छा करने का भरोसा था। मैंने पहले भी अपनी राज्य टीम के लिए यह भूमिका निभाई है। मेरी मेहनत सफल रही और हम फाइनल में हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है।” अब फाइनल में छत्तीसगढ़ का सामना झारखंड और गुजरात के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। उल्लेखनीय है कि ग्रुप चरण में मेजबान टीम गुजरात को 2-1 से हरा चुकी है, जिसमें किरण ने भी एक गोल किया था।

वहीं, इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में चल रही प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की महिला हॉकी टीम 1 अप्रैल को पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के खिलाफ कांस्य पदक के मुकाबले में उतरेगी। सेमीफाइनल में मेजबान टीम को ओडिशा से 1-5 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब कप्तान कुजूर अश्विन के मार्गदर्शन में टीम पदक जीतने के लिए तैयार है। हॉकी का फाइनल भी 1 अप्रैल को झारखंड और ओडिशा के बीच खेला जाएगा।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता में असम ने सिक्किम और तमिलनाडु ने आंध्रप्रदेश को 3-0 से किया पराजित

30-Mar-2026
रायपुर।  ( शोर संदेश ) खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत आयोजित बालिका वर्ग फुटबॉल प्रतियोगिता के पांचवें दिन रोमांच और प्रतिस्पर्धा का उच्च स्तर देखने को मिला। विभिन्न राज्यों की टीमों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में स्थान सुनिश्चित करने के लिए जोरदार संघर्ष किया।
स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा रायपुर में खेले गए मुकाबले में असम की टीम ने शानदार तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए सिक्किम को 3-0 से पराजित किया। मैच के दौरान असम की खिलाड़ियों ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा और विपक्षी टीम को कोई अवसर नहीं दिया। 
इसी प्रकार पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम में खेले गए एक अन्य मुकाबले में तमिलनाडु की टीम ने आंध्रप्रदेश को 3-0 से हराकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। तमिलनाडु के खिलाड़ियों ने सधे हुए पासिंग, मजबूत डिफेंस और प्रभावी आक्रमण के दम पर मैच को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखा।
प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ और झारखंड की टीमों का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। छत्तीसगढ़ ने ग्रुप ‘ए’ में अपने सभी मैच जीतकर अपराजेय रहते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया, वहीं झारखंड ने ग्रुप ‘बी’ में शानदार खेल दिखाते हुए सभी मुकाबलों में विजय हासिल कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। अन्य टीमों में अरुणाचल प्रदेश और गुजरात ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अंतिम चार में अपनी जगह बनाई। इस प्रकार अब सेमीफाइनल मुकाबलों की रूपरेखा स्पष्ट हो चुकी है, जिसमें छत्तीसगढ़ का अगला मुकाबला अरुणाचल प्रदेश से तथा झारखंड का सामना गुजरात से होगा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस आयोजन में जनजातीय अंचलों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्राप्त हो रहा है। 
रविवार की छुट्टी के चलते आज मैदान पर बड़ी संख्या में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों और खेल प्रेमियों ने शिरकत की और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के मैस्कॉट मोरवीर के साथ युवा एवं बच्चे मनोरंजक खेल खेलते एवं सेल्फी लेते नजर आए। जहां सभी ने आकर्षक खेलों और क्विज का आनंद लिया। इस बार का मैस्कॉट मोरवीर छत्तीसगढ़ी शब्दों 'मोर' (हमारा) और 'वीर' (बहादुरी) से बना है, और यह भारत के जनजातीय समुदायों के गर्व, भावना और पहचान का प्रतीक है।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: जगदलपुर में आज से एथलेटिक्स का रोमांच शुरू

30-Mar-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर के केंद्र बस्तर में सोमवार से खेलों का एक नया इतिहास लिखा जाने वाला है। 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' के प्रथम संस्करण के तहत रायपुर में हुए भव्य उद्घाटन के बाद अब खेल प्रेमियों की नजरें जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर पर टिकी हैं, जहाँ 30 मार्च से एथलेटिक्स की रोमांचक स्पर्धाएं शुरू होने जा रही हैं। इस आयोजन का शुभंकर 'मोर वीर' जनजातीय युवाओं के अदम्य साहस और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व कर रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुरू हुआ यह महाकुंभ अब अपने सबसे प्रतीक्षित चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 443 प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे।
बस्तर में आयोजित होने वाली एथलेटिक्स स्पर्धाओं में कुल 17 विधाएं शामिल हैं, जिनमें 100 मीटर की फर्राटा दौड़ से लेकर 10,000 मीटर की लंबी दूरी की रेस, हर्डल्स, रिले रेस, और ऊँची व लंबी कूद जैसी श्रेणियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पहले ही दिन डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जंप और 110 मीटर हर्डल्स जैसे फाइनल मुकाबले देखने को मिलेंगे। शाम होते-होते 400 मीटर और रिले रेस के रोमांच के बीच विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान किए जाएंगे। इस पूरे आयोजन के दौरान एथलेटिक्स में कुल 102 पदकों के लिए खिलाड़ी पसीना बहाएंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 33 स्थानीय खिलाड़ी भी राज्य का मान बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 
प्रशासनिक स्तर पर इस आयोजन को 'खेलो इंडिया' के अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में खिलाड़ियों के आवास के लिए शहर के 13 प्रमुख होटलों को चिन्हित किया गया है, जबकि उनके आवागमन के लिए एसी वाहनों की सुविधा सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा, चिकित्सा और अग्निशमन की पुख्ता व्यवस्था के साथ-साथ पर्यटन विभाग द्वारा आगंतुक खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स को बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे खेल के साथ-साथ यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और अनूठी संस्कृति से भी रूबरू हो सकें। भारतीय खेल प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित यह स्पर्धा न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी, बल्कि बस्तर की वैश्विक छवि को एक खेल गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगी।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : कुश्ती स्पर्धा के दूसरे दिन रोमांचक मुकाबले, खिलाड़ियों ने दिखाया शानदार प्रदर्शन

30-Mar-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश )   खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित गांधी स्टेडियम में आयोजित कुश्ती स्पर्धा के दूसरे दिन देशभर से आए खिलाड़ियों के बीच बेहद रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। खिलाड़ियों ने पूरे जोश और दमखम के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए जीत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के अंत में विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता के प्रमुख फाइनल मुकाबलों में महिला सीनियर 50 किलोग्राम भारवर्ग में झारखंड की पूनम ओराँव ने तेलंगाना की के. गीता को 6-3 से पराजित किया, जबकि महिला सीनियर 62 किलोग्राम में हिमाचल प्रदेश की प्रियंका चौधरी ने असम की देबी दैमारी को 11-0 से हराया। पुरुष वर्ग में ग्रीको रोमन सीनियर 67 किलोग्राम में झारखंड के अंजीतकर मुंडा ने गुजरात के वसावा मुकेशभाई को 9-0 से हराया तथा 97 किलोग्राम में हिमाचल प्रदेश के नवीश कुमार ने जम्मू-कश्मीर के शमा हुन को 8-0 से मात दी।  वहीं फ्रीस्टाइल सीनियर 74 किलोग्राम में जम्मू-कश्मीर के मुनैर हुसैन ने महाराष्ट्र के विक्रम साहेबराव पवार को 11-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
पदक विजेताओं में महिला 50 किलोग्राम वर्ग में पूनम ओराँव ने स्वर्ण, के. गीता ने रजत तथा चंचला कुमारी और रूपतालिन ने कांस्य पदक प्राप्त किया। महिला 62 किलोग्राम वर्ग में प्रियंका चौधरी को स्वर्ण, देबी दैमारी को रजत तथा चांदनी नरेती और अनिशा बासुमातारी को कांस्य पदक मिला। पुरुष वर्ग में ग्रीको रोमन 67 किलोग्राम में अंजीतकर मुंडा ने स्वर्ण, वसावा मुकेशभाई ने रजत तथा आकाश करदोंग और अक्षय कुमार ने कांस्य पदक जीता। 97 किलोग्राम वर्ग में नवीश कुमार को स्वर्ण, शमा हुन को रजत और साहिल चौधरी को कांस्य पदक मिला।
फ्रीस्टाइल 74 किलोग्राम में मुनैर हुसैन ने स्वर्ण, विक्रम साहेबराव पवार ने रजत तथा अंकुश कुमार और अम्रुत फक्कीरप्पा ने कांस्य पदक हासिल किया। इसी प्रकार फ्रीस्टाइल 125 किलोग्राम में महाराष्ट्र के विनोद यशवंत सलाकार ने स्वर्ण, राजस्थान के अमित कुमार मीना ने रजत तथा हिमाचल प्रदेश के हरपाल सिंह ने कांस्य पदक जीता।
कुश्ती स्पर्धा के दूसरे दिन खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, तकनीकी कौशल और खेल भावना ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया तथा खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के आयोजन को सफल बनाया।

युवा प्रतिभाओं को मिला सशक्त मंच: मुख्यमंत्री साय की मौजूदगी में स्व. लखीराम अग्रवाल टी-20 का भव्य समापन

30-Mar-2026
रायपुर,।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर स्थित राजा रघुराज सिंह स्टेडियम में स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी की स्मृति में आयोजित टी-20 ड्यूस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय लेकर उनका हौसला बढ़ाया और जिले के खेल प्रेमियों को बधाई दी। प्रतियोगिता में देश के 8 राज्यों की टीमों ने भाग लिया, जिसमें कई खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी तथा आईपीएल जैसे बड़े मंचों पर अपना हुनर दिखा चुके हैं। समापन मैच में छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ और खड़गपुर के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी की स्मृति में आयोजित यह प्रतियोगिता अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी से उनका विशेष आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने जीवन भर अद्भुत धैर्य और संघर्ष का परिचय दिया। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और समाज सेवा के कार्यों में अपना जीवन समर्पित कर दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वे राज्यसभा सांसद के रूप में भी लंबे समय तक सक्रिय रहे। आज उनकी स्मृति में आयोजित इस टी-20 प्रतियोगिता में देश के 8 राज्यों से खिलाड़ी भाग ले रहे हैं और 9 दिनों तक चले इस आयोजन ने बिलासपुर के खेल प्रेमियों को एक नया उत्साह दिया है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के लोग क्रिकेट के प्रति विशेष लगाव रखते हैं और बड़ी संख्या में मैदान में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश में खेलों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की खेलो इंडिया योजना के तहत प्रदेश में खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। अभी हमारा प्रदेश खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी भी कर रहा है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों में लाखों खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जो प्रदेश की खेल प्रतिभा को नई दिशा दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने देश के दूसरे और दुनिया के चौथे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कराया और इसका नाम शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर रखा।  राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ओलम्पिक खेलों में भी हमारे बेटे और बेटियां भाग लें, इसके लिए हमारी सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 2 करोड़ रुपये और कांस्य पदक पर 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही प्रदेश में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। 
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि बिलासपुर की पावन धरा पर अटल परिसर का लोकार्पण करते हुए आज हम स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी को भावपूर्ण स्मरण कर रहे हैं। स्व. लखीराम अग्रवाल के योगदान को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। हम सभी उनके योगदान को गहरे सम्मान के साथ याद करते हैं।  आज उनकी स्मृति में आयोजित यह क्रिकेट प्रतियोगिता हमें उनके संघर्षमय जीवन की याद दिलाती है। क्रिकेट की तरह ही उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और कभी हार नहीं मानी। वे हम सभी के लिए प्रेरणा पुंज हैं और उनके विचार सदैव हमारे बीच जीवित रहेंगे। 
बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद  तोखन साहू सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों का भी आभार जताया। 
कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रजनीश सिंह, पूर्व सांसद लखन लाल साहू, कमिश्नर सुनील जैन, आईजी राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, क्रिकेट खिलाड़ी राजेश चौहान उपस्थित थे।



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account