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Dantewada

जिले के किसान सुरेश कुमार नाग को मिला ‘भुइयां के भगवान’ सम्मान

10-Feb-2026
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ की माटी और किसानों के प्रति समर्पण को सम्मानित करने वाले आईबीसी 24 के प्रतिष्ठित ‘भुइयां के भगवान’ पुरस्कार से इस वर्ष दंतेवाड़ा जिले के ग्राम कासौली (विकासखंड दंतेवाड़ा) के प्रगतिशील किसान सुरेश कुमार नाग को सम्मानित किया गया। 06 फरवरी 2026 को राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान निधि प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि दंतेवाड़ा जिले के कृषि जगत के लिए गौरव का क्षण है।
सुरेश कुमार नाग की यह उपलब्धि केवल ग्राम कासौली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले के उन किसानों के लिए प्रेरणा है जो रसायनों को छोड़कर प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर लौट रहे हैं। जैविक खेती के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए नवाचार, निरंतर प्रयास और सफल प्रयोगों को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया है। उन्होंने वर्षों पूर्व रासायनिक खेती के दुष्परिणामों को समझते हुए जैविक खेती को अपनाया और ग्राम कासौली जैसे दूरस्थ क्षेत्र में रहते हुए यह सिद्ध किया कि मजबूत इच्छाशक्ति और परंपरागत संसाधनों से भी बेहतर उत्पादन संभव है।
नाग ने अपने खेतों में रासायनिक उर्वरकों का पूरी तरह त्याग कर जीवामृत, घन-जीवामृत तथा स्थानीय औषधियों से निर्मित कीटनाशकों जैसे ब्रह्मास्त्र और नीमास्त्र का उपयोग शुरू किया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने पर उन्होंने अपने अनुभव आसपास के किसानों के साथ साझा किए और पूरे जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने का कार्य किया। उनके प्रयासों से कई गांवों के किसान प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित हुए हैं। इसके साथ ही वे 100 से अधिक परंपरागत धान की किस्मों के संरक्षण में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जिले में विधि से रागी तथा विधि से कोसरा जैसे नवाचारों के प्रयोग में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।
जिला प्रशासन और कृषि विभाग के मार्गदर्शन में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को सुरेश कुमार नाग जैसे किसानों ने धरातल पर उतारा है। उनकी इस उपलब्धि पर जिले के जैविक खेती करने वाले किसानों, वरिष्ठ अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों ने हर्ष व्यक्त किया है। यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि छत्तीसगढ़ सरकार धरातल पर काम करने वाले वास्तविक भूमि पुत्रों को पहचान कर उन्हें उचित मंच प्रदान कर रही है।
सम्मान समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सुरेश कुमार नाग जैसे किसान समाज के असली नायक हैं, जो न केवल अन्न का उत्पादन कर रहे हैं बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित मिट्टी और शुद्ध पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सम्मान प्राप्ति के बाद सुरेश कुमार नाग ने कहा कि यह पुरस्कार उनका नहीं बल्कि उन सभी किसानों का है जो धरती माता को रसायनों के जहर से बचाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। सुरेश कुमार नाग को मिला यह ‘भुइयां के भगवान’ पुरस्कार दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती आंदोलन के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह युवाओं के लिए भी संदेश है कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि सम्मान और गौरव का मार्ग है। यह उपलब्धि आने वाले समय में जिले के और अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

वीबी जी राम जी योजना से गांव-गांव पहुंचेगा रोजगार, 125 दिन की गारंटी”

10-Feb-2026
दंतेवाड़ा । शासन की महत्वाकांक्षी योजना विकसित भारत जी राम जी (वीबी जी राम जी) के अंतर्गत जिला दन्तेवाड़ा के ग्राम पंचायतों में प्रतिमाह 07 तारीख को रोजगार दिवस, चावल उत्सव एवं आवास दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण जनों एवं जनप्रतिनिधियों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
पूर्व में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत 100 दिवस का रोजगार दिया जाता था, जिसे अब परिवर्तित कर विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत 125 दिवस का रोजगार सुनिश्चित किया गया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि इस योजना का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक रोजगार पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को क्यूआर कोड आधारित प्रणाली की जानकारी दी गई। अब जॉब कार्ड एवं मस्टर रोल का मिलान क्यूआर कोड स्कैन कर किया जा रहा है, जिससे डेटा में हेराफेरी एवं भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सका है।
धानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत स्वीकृत आवासों के हितग्राहियों के नामों का वाचन किया गया। साथ ही आवास निर्माण हेतु प्राप्त किश्तों, मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी भुगतान, निर्माण सामग्री की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के साथ अभिसरण (कन्वर्जेन्स) से मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने हितग्राहियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण पूर्ण करने हेतु आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया। रोजगार दिवस के अवसर पर ग्रामीणों को विकसित भारत जी राम जी गारंटी फॉर रोजगार एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की जानकारी दी गई। बताया गया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों की रोजगार गारंटी उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यक्रम में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने हेतु अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों जैसे बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी प्रणाली तथा नागरिक सहभागिता प्लेटफॉर्म की जानकारी दी गई। इन तकनीकों के माध्यम से कार्यों की निगरानी, उपस्थिति सत्यापन एवं भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त आजीविका डबरी निर्माण कार्य के संबंध में ग्रामीणों को अवगत कराया गया। डबरी निर्माण से मत्स्य पालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों से अपील की गई कि वे प्रत्येक माह की 07 तारीख को आयोजित होने वाले रोजगार, चावल उत्सव एवं आवास दिवस में सक्रिय रूप से भाग लें, योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं तथा ग्राम पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों में सहभागिता सुनिश्चित करें।

बड़े कारली तालाब में आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल, बचाव दल पूरी तरह तैयार

10-Feb-2026
दंतेवाड़ा। जिले के बड़े कारली तालाब में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने हेतु प्रशासनिक अमले एवं गोताखोरों की टीम द्वारा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अभ्यास के दौरान तालाब के मध्य नाव ले जाकर एक युवक को डूबने से बचाने का प्रदर्शन किया गया।
 
तालाब में जलस्तर कम होने के कारण पत्थरों से टकराने की आशंका को ध्यान में रखते हुए तालाब के दूसरे छोर पर सायरन व्यवस्था की गई थी। वहीं से माइक के माध्यम से बचाव दल को दिशा-निर्देश दिए जा रहे थे। बचाव दल को यह जानकारी दी जा रही थी कि किस दिशा में पत्थर हैं और किस ओर खतरे की संभावना है। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि बचाव में प्रयुक्त नाव तकनीकी रूप से पूरी तरह सक्षम है तथा गोताखोर आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार हैं। साथ ही बचाव कार्य के दौरान अपनाई जाने वाली सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
 
 
उल्लेखनीय है कि दंतेवाड़ा जिले में नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका बनी रहती है। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों के फंसने पर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारियों का भी इस अभ्यास के माध्यम से पूर्वाभ्यास किया गया। मौके पर स्वास्थ्य विभाग का अमला भी उपस्थित रहा। बाढ़ आपदा में फंसे लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु प्राथमिक उपचार सामग्री एवं चिकित्सक मौजूद थे, साथ ही आवश्यक जीवनरक्षक औषधियां भी रखी गई थीं। इसके अतिरिक्त मॉक ड्रिल के दौरान अस्थायी राहत केंद्र भी स्थापित किया गया। इस प्रकार आपदा से निपटने की तैयारियों की पूर्ण रूप से रिहर्सल की गई।
 
 
मॉक ड्रिल के पश्चात अपर कलेक्टर द्वारा बाढ़ आपदा से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में जीवन रक्षक जैकेट, नावों के लिए ईंधन, टॉर्च जैसी आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। साथ ही मानसून से पूर्व राहत शिविरों की समुचित तैयारियां पूर्ण कर लेने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष में कर्मचारी चौबीसों घंटे उपस्थित रहें तथा आपदा की स्थिति में प्रत्येक क्षण की सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाए। इसके साथ ही प्रशासन के पास उपलब्ध सभी नावों का तकनीकी परीक्षण पूर्व में ही कर लेने के निर्देश दिए गए।
 
 
इस दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के डिप्टी कमांडेंट पवन जोशी, उप निरीक्षक अरुण लांबा एवं प्रमोद कुमार, जिला सेनानी नगर सेना सिदार, तहसीलदार गीदम एवं कटेकल्याण, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
 

प्रशासनिक तत्परता से माहरापारा को मिला पेयजल संकट से स्थायी निजात

05-Feb-2026
दंतेवाड़ा (शोर संदेश)।दंतेवाड़ा जिले के विकासखण्ड कुआकोण्डा अंतर्गत ग्राम माहरापारा में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का जिला प्रशासन की तत्पर पहल से स्थायी समाधान हो गया है। लगभग 450 की आबादी वाले इस ग्राम में लंबे समय से पेयजल के पर्याप्त स्रोत उपलब्ध नहीं थे। गांव में स्थापित दो हैंडपम्पों से अनियमित जलापूर्ति होती थी, वहीं पूर्व में खनित किए गए आठ नलकूप असफल पाए गए थे। सीमित जल उपलब्धता के कारण ग्रामीणों को बारी-बारी से पानी भरने की विवशता झेलनी पड़ती थी।
पेयजल संकट को देखते हुए पूर्व में हवा से पानी बनाने की मशीन भी स्थापित की गई थी, किंतु उससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका। समस्या के निराकरण हेतु ग्राम के महिला एवं पुरुष जनप्रतिनिधियों ने गत सप्ताह जिला कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया। कलेक्टर ने विषय की गंभीरता को समझते हुए तत्काल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पी.एच.ई.) विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देशानुसार पी.एच.ई. विभाग दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंता जगदीश कुमार द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण एवं तकनीकी सर्वे किया गया। इसके पश्चात खनन मशीन के माध्यम से नया नलकूप खनन कराया गया, जो सफल रहा। नलकूप से पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने से ग्रामवासियों को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं पी.एच.ई. विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम बताया है।


 

सुरक्षाबल ने भारी मात्रा में विस्फोटक, राशन और आईईडी बरामद किया

03-Feb-2026
दंतेवाड़ा (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत जिला नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान सुरक्षा बल को एक बार फिर सफलता मिली है। 53वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सेनानी संजय कुमार के मार्गदर्शन एवं उप सेनानी तेजवीर सिंह के नेतृत्व में नारायणपुर पुलिस डीआरजी और आईटीबीपी की संयुक्त टीम द्वारा घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम मडोदा से भोटोर के मध्य एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन संचालित किया गया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान ग्राम भोटोर के समीप सघन जंगलों में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया एक विशाल डंप बरामद किया गया। सुरक्षा बलों की घेराबंदी एवं गहन तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्री प्राप्त हुई। इसी दौरान जवानों को एक प्रेशर कुकर आईईडी भी मिली, जिसे आईटीबीपी की बीडीएस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही सुरक्षित तरीके से विस्फोट कर नष्ट कर दिया गया।
इस पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को किसी प्रकार की कोई क्षति नहीं हुई और न ही किसी तरह की जनहानि हुई है। सभी जवान बरामद सामग्री के साथ सुरक्षित रूप से कैंप वापस लौट आए। क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से नारायणपुर पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा आगे भी इस प्रकार के सघन सर्च ऑपरेशन जारी रखने की बात कही गई है।

कृत्रिम गर्भाधान से नस्ल सुधार और दूध उत्पादन में बढ़ोतरी

16-Jan-2026
 दंतेवाड़ा ।  ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में पशुधन विकास को वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाने के प्रयास लगातार सफल हो रहे हैं। इसी का परिणाम है बंगाली कैंप, भांसी के पशुपालक गौरंग पाल (पिता गोविंद पाल) की उल्लेखनीय सफलता, जो आज क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।
पशुधन विकास विभाग, दंतेवाड़ा द्वारा प्रदान की जा रही कृत्रिम गर्भाधान सुविधा का लाभ उठाते हुए गौरंग पाल ने अपनी डेयरी को नया रूप दिया है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से अब तक 09 स्वस्थ बछड़े-बछिया जन्म ले चुके हैं, जिससे पशुओं की नस्ल में सुधार हुआ है और दूध उत्पादन क्षमता में भी स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्तमान में उनकी डेयरी से प्रतिदिन लगभग 100 लीटर दूध उत्पादन हो रहा है, जिसे वे 70 रुपए प्रति लीटर की दर से विक्रय कर नियमित एवं संतोषजनक आय प्राप्त कर रहे हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत हुई है।
10 जनवरी 2026 को विभाग द्वारा उनके पशुओं में हीट सिंक्रोनाइजेशन (ऊष्मा समकालिकरण) तकनीक के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान किया गया। इस तकनीक से पशुओं में समयबद्ध और प्रभावी प्रजनन सुनिश्चित हुआ, जिससे डेयरी संचालन अधिक वैज्ञानिक, सुव्यवस्थित और उत्पादक बन सका। 
गौरंग पाल की सफलता दंतेवाड़ा जिले के अन्य पशुपालकों के लिए प्रेरक संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और वैज्ञानिक तकनीकों का अपनाने से पशुपालन को एक मजबूत आजीविका मॉडल बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और पशुधन विकास विभाग की पहल ने पशुपालकों के बीच विश्वास बढ़ाया है और जिले में पशुपालन को आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।







 

बारसूर-मुचनार: छत्तीसगढ़ का नया रोमांच और एडवेंचर हब

15-Jan-2026
 दंतेवाड़ा।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में बारसूर और मुचनार क्षेत्र तेजी से रोमांचक एडवेंचर, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। ‘अतुल्य दंतेवाड़ा‘ अभियान के तहत विकसित ये स्थल पर्यटकों को जिपलाइन, नाइट कैंपिंग जैसे अनुभव प्रदान कर रहे हैं। सुरक्षित और सुगम सुविधाओं ने इन्हें बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के साथ जोड़कर एक आदर्श पर्यटन गंतव्य बना दिया है।
बारसूर-मुचनार में जिले की सबसे लंबी जिपलाइन पर्यटकों के बीच सबसे बड़ा आकर्षण बन चुकी है। ऊंचाई से जंगल और घाटियों के बीच सरकते हुए मिलने वाला यह रोमांच साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाई दे रहा है। पर्यटक बताते हैं कि हवा की तेज रफ्तार और हरियाली का नजारा उन्हें अविस्मरणीय क्षण प्रदान करता है। इसके अलावा, नाइट कैंपिंग की सुविधा रात के जंगल को जीवंत बना रही है। तारों भरी आकाशमंडल के नीचे टेंट में ठहरना, जंगल की शीतल हवाओं और पक्षियों की चहचहाहट का आनंद लेना पर्यटकों को प्रकृति के करीब ला रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के पूर्ण इंतजाम किए हैं, जिसमें प्रशिक्षित गाइड और आपातकालीन सेवाएं शामिल हैं।
बारसूर अपने 10वीं-11वीं शताब्दी के भव्य मंदिरों के लिए जाना जाता है, जहां नागर शैली के ये स्थापित धरोहरें इतिहास और आध्यात्मिकता का अनुपम संगम प्रस्तुत करती हैं। भगवान शिव, विष्णु और गणेश के ये मंदिर बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत करते हैं। धार्मिक पर्यटक यहां पूजा-अर्चना के साथ इतिहास से रूबरू हो रहे हैं। वहीं, सातधार नदी का कल-कल बहता जल और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों का मन मोह रही है। नदी किनारे पिकनिक, फोटोग्राफी और ध्यान के लिए उपयुक्त यह स्थान शांति की तलाश में आने वालों के लिए वरदान साबित हो रहा है। हाल के दिनों में सैलानियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।
दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ‘अतुल्य दंतेवाड़ा‘ के तहत सड़क, पार्किंग, शौचालय और होमस्टे जैसी सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। यह अभियान स्थानीय रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस और वन विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। आने वाले समय में ट्रेकिंग और बोटिंग जैसी नई गतिविधियां जोड़ी जाएंगी। बारसूर-मुचनार न केवल रोमांच और शांति चाहने वालों के लिए बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक यात्रा के इच्छुक पर्यटकों के लिए भी आदर्श बन रहा है। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान दे रहा है।












 

राज्योत्सव (रजत महोत्सव)-2025 का हुआ रंगारंग भव्य समापन

05-Nov-2025
दंतेवाड़ा,( शोर संदेश )। 05 नवंबर 2025 दंतेवाड़ा जिले में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित राज्योत्सव (रजत महोत्सव)-2025 का आज माँ दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण स्थित मेंढ़का डोबरा मैदान मं  भव्य समापन हुआ। 2 से 4 नवंबर तक चले इस तीन दिवसीय राज्योत्सव में जिले की सांस्कृतिक झलकियाँ, पारंपरिक लोकनृत्यों, प्रदर्शनी एवं विविध आकर्षक कार्यक्रमों के माध्यम से दंतेवाड़ा की समृद्ध संस्कृति और विकास की उपलब्धियों का भी प्रदर्शन किया गया।
समापन कार्यक्रम में विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि हम सभी जानते है कि आज के ही दिन इस हमारे छत्तीसगढ़ को राज्य का स्वरूप देना तत्कालीन प्रधानमंत्री माननीय स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई जी की ही देन है। आज हम छत्तीसगढ़ में गौरव के साथ कहे सकते है कि हमारा राज्य छत्तीसगढ़ है। जिस तरह से छत्तीसगढ़ राज्य में विकास की नई परंपराओं की शुरूआत और उनका सफल क्रियान्वयन हुआ है, उसी तरह दंतेवाड़ा जिला भी विकास की राह पर सतत अग्रसर है। इसके साथ ही उन्होंने जिले में शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में हो रही उत्तरोत्तर प्रगति के विषय में ज्रिक करते हुए कहा कि जिस प्रकार राज्य बनने के उपरांत छत्तीसगढ़ में मजबूती आ रही है उसी प्रकार इसकी झलक दंतेवाड़ा जैसे दूरस्थ जिलों में भी दिखाई देने लगी है। राज्य सरकार की विकास योजनाओं का सकारात्मक परिणाम दक्षिण बस्तर में दिखने लगा है। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई एवं अन्य क्षेत्र में जिले की सकारात्मक पहचान बन रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए आवास की सुविधा भी दी जा रही है। एजुकेशन सिटी जावंगा में विद्यार्थियों द्वारा जो उपलब्धि हासिल की जा रही उसे पूरे देश में जिले का नाम रौशन हुआ है इसके अलावा कृषि क्षेत्र में बात की जाए तो जैविक कृषि में भी स्थानीय कृषकों ने नये मुकाम अर्जित की है। इसके अलावा जिले में ‘लक्ष्य’ एवं ‘छू लो आसमान’ जैसे संस्थानों के माध्यम से जिले के विद्यार्थी निरंतर अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रहे हैं। इन संस्थानों से प्रशिक्षित कई विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर बने हैं, वहीं कुछ विद्यार्थियों का चयन प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपीएससी में भी हुआ है और वे वर्तमान में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही उन्होंने उपस्थितों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग सदस्य ओजस्वी मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम ने  अपने उद्बोधन में शालेय छात्र-छात्राओं की रंगारंग प्रस्तुति एवं विभागों के स्टालों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि रजत महोत्सव के अवसर पर उनकी उत्साहवर्धक सहभागिता में चार चांद लगा दिए। वास्तव में हमारे छत्तीसगढ़ राज्य ने 25 वर्षों में विकास के नये आयामों को छुआ है। उस से भी बढ़कर हमारे दंतेवाड़ा जिले के दूरस्थ अंचलों में विकास के लहर जो पहुंची है वह अभूतपूर्व है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में सभी के सहयोग समर्पित भागीदारी से हमारा जिला विकास की राह में मील का पत्थर बनेगा।
राज्योत्सव (रजत महोत्सव)-2025 के समापन अवसर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने उपस्थित नागरिकों एवं बच्चों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि “इस समापन कार्यक्रम में आए प्यारे बच्चों, गणमान्य नागरिकों और अतिथियों का मैं हार्दिक स्वागत करता हूँ। उन्होंने कहा कि विगत तीन दिवस से जिले में हर्षोल्लास के साथ राज्योत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा, उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी जनसामान्य तक पहुँचाई गई।
कलेक्टर दुदावत ने आगे कहा कि राज्योत्सव हमारी संस्कृति, सभ्यता, बोली और छत्तीसगढ़ के निर्माण की गाथा का प्रतीक है। इस बार का राज्योत्सव हमारे लिए विशेष इसलिए भी है क्योंकि हम छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की 25वीं वर्षगांठ रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय राज्योत्सव के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सबका दिल जीता और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया।
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों शालेय छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इस क्रम में शासकीय आदर्श विद्यालय ने प्रथम, डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल द्वितीय तथा कन्या शिक्षा परिसर पातररास ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा सक्षम विद्यालय जावंगा के छात्रों को विशेष पुरस्कार दिया गया। विभागीय स्टालों में महिला बाल विकास विभाग प्रथम, आदिवासी विकास विभाग को द्वितीय तथा स्कूल शिक्षा विभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य कमला नाग,वरिष्ठ जनप्रतिनिधि संतोष गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक, स्कूली छात्र-छात्राएं,शिक्षक, शिक्षिकाएं मौजूद थे।

दंतेश्वरी धाम में नवरात्र उत्सव, 6 हजार से अधिक ज्योत से प्रज्ज्वलित हुआ मंदिर

23-Sep-2025
दंतेवाड़ा (शोर संदेश)। बस्तर की आराध्य मां दंतेश्वरी की पावन धरा पर शारदीय नवरात्र का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रारंभ हो चुका है। सोमवार को शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ मनोकामना ज्योति कलश स्थापना की गई और प्रथम दिवस पर मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना संपन्न हुई।
नवरात्र के आरंभ से ही जगदलपुर सहित पूरे बस्तर अंचल में धार्मिक उल्लास का वातावरण छा गया है। मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर में सुबह से ही दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर प्रांगण में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और धूप-गर्मी की परवाह किए बिना श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए उत्साहित नजर आए। मंदिर के बाहर का नजारा भी आस्था और भक्ति का अद्भुत स्वरूप प्रस्तुत करता रहा।
नवरात्र के अवसर पर दंतेश्वरी मंदिर परिसर स्थित ज्योति कलश भवन में सर्वप्रथम राजा कमलचंद भंजदेव ने पूजा-अर्चना कर परंपरागत रूप से ज्योत प्रज्ज्वलित की। पुजारी ने बताया कि इस बार कुल 6795 मनोकामना ज्योत कलश जलाए गए, जिनमें 6042 तेल के ज्योति कलश और 753 घी के ज्योति कलश शामिल हैं। भक्तों ने अपनी-अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए ज्योत प्रज्ज्वलित कर माता से आशीर्वाद की कामना की।
दंतेश्वरी शक्तिपीठ दंतेवाड़ा की ओर भी पदयात्रियों का रेला शुरू हो गया है। दूर-दराज़ से श्रद्धालु पैदल यात्रा कर देवी दर्शन के लिए निकल पड़े हैं। नवरात्र के नौ दिनों तक बस्तर अंचल देवी आराधना और भक्ति में डूबा रहेगा। नवरात्र महोत्सव के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था का अनोखा उत्साह देखने को मिल रहा है, जो बस्तर की संस्कृति और परंपरा की गहरी छाप छोड़ता है।

एनएचएम कर्मचारियों की अनोखी पहल, जगदलपुर से दंतेवाड़ा तक शुरू की पैदल यात्रा

23-Sep-2025
जगदलपुर (शोर संदेश)। जिला बस्तर के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तीन कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए एक अनोखी पहल की है। 33 दिनों तक चली प्रदेशव्यापी हड़ताल के बाद तुमेश्वर गजभिए , वाल्मीकि मिश्रा और संदीप ने जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर से दंतेवाड़ा स्थित शक्तिपीठ की ओर पैदल यात्रा शुरू की।
जिन्होने बताया कि, लगभग 84 किलोमीटर लंबी इस यात्रा का उद्देश्य मां दंतेश्वरी से आशीर्वाद प्राप्त करना और अपनी मांगों के जल्द समाधान की प्रार्थना करना है। यह पदयात्रा कर्मचारियों के दृढ़ संकल्प, साहस और अपने अधिकारों के प्रति समर्पण का प्रतीक मानी जा रही है।
एनएचएम के कर्मचारी वर्षों से अपनी नियंत्रिकीकरण, वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के अनुसार यह पहल कर्मचारियों की मेहनत, उमीद और विश्वास का जीवंत उदाहरण है कि वे अपने अधिकारों के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं।
इस पैदल यात्रा को स्थानीय समुदाय और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साहपूर्वक समर्थन मिल रहा है। यात्रा के दौरान कर्मचारी नियमित रूप से अपने संघर्ष और मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं, जिससे इस पहल को और व्यापक ध्यान मिल रहा है।
 


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