ब्रेकिंग न्यूज

Chhattisgarh

अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख

13-Mar-2026
रायपुर,। ( शोर संदेश )  प्रदेश में अवैध रूप से अफीम की खेती का मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में संभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। 
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के किसी भी क्षेत्र में अवैध रूप से अफीम की खेती न हो रही हो। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि 15 दिवस के भीतर प्रमाण पत्र सहित विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि राज्य में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और कारोबार के प्रति सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के पालन में आयुक्त भू-अभिलेख द्वारा राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को सर्वे कर जांच रिपोर्ट और उनके जिले में अफीम की खेती नहीं किए जाने संबंधी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के संबंध में पत्र जारी किया गया है।

सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़: विष्णुदेव साय

26-Feb-2026
रायपुर,(शोर संदेश)  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि राज्य सरकार सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार पर कड़े प्रहार किए हैं और इसमें लिप्त कई लोग आज जेल के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तथा उद्योग नीति के तहत काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुझे सदन को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारतीय वन संरक्षण देहरादून द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ सरकार निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और उम्मीद जताई कि 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का समूल उन्मूलन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में जहां स्कूलों को जला दिया गया था और हथियारों की फैक्ट्रियां संचालित हो रही थीं, वहीं आज बस्तर में विकास की नई धारा बह रही है। स्कूल संचालित हो रहे हैं, अस्पताल खुल रहे हैं और लोगों का समुचित इलाज हो रहा है। पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल से बड़ा राज्य होने के बावजूद पूर्व में अपेक्षित विकास नहीं हुआ, लेकिन अब प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। बस्तर पंडुम में इस वर्ष 54 हजार कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। होमस्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में विगत दो वर्षों में वन संरक्षण अधिनियम के तहत स्वीकृत खनन प्रकरणों में खनन कार्य हेतु एक लाख 3 हजार 855 पेड़ों की कटाई की गई है, जबकि इसके एवज में खनन एवं औद्योगिक क्षेत्रों में 30 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। हमने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत दो वर्षों में करीब 7 करोड़ पेड़ लगाये हैं। 
नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वहां हजारों पर्यटक पहुंच रहे है और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने भी इसकी प्रशंसा की है। उन्होंने बताया कि प्रदेशवासियों को रामलला के दर्शन कराने के लिए रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, जिसका 42 हजार लोग लाभ उठा चुके हैं। मुख्यमंत्री दर्शन योजना से भी 5 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसे पिछली सरकार ने बंद कर दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 10 महीनों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 5 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं, जो देश में सर्वाधिक है। किसानों से 21 क्विंटल तक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी गई है और अंतर की राशि होली से पहले किसानों को प्रदान कर दी जाएगी। सिंचाई क्षेत्र में जहां पूर्व सरकार ने 5700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, वहीं वर्तमान सरकार ने 10700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है और इसे सुव्यवस्थित करने के लिए नया अधिनियम लाया जाएगा। नया रायपुर में ‘अंतरिक्ष संगवारी’ का उद्घाटन भी किया गया है। शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि रेलवे सेक्टर में 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य प्रगति पर हैं। ‘जी राम जी योजना’ को मनरेगा से बेहतर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें 100 के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा। सरकार की मंशा हाफ बिजली बिल से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली बिल की दिशा में जाने की है, जिसके लिए सोलर पैनल स्थापना पर सब्सिडी दी जा रही है। राज्य के 8 नगर निगमों में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) के माध्यम से गेल और बीपीसीएल द्वारा बायोसीएनजी संयंत्रों की स्थापना की जा रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने सुशासन एवं अभिसरण के रूप में एक नया विभाग ही बना दिया। इसका काम प्रचलित तरीकों से इतर नई सोच के साथ आगे बढ़ना है जिसमें तकनीक का समावेश हो, गवर्नेंस की सर्वाेत्तम पद्धतियां जिसमें शामिल हो। हमने ई-आफिस प्रणाली लागू की है, फाइलें अब कंप्यूटर के जरिए बढ़ती हैं, तय समय सीमा में अधिकारियों को अपने अभिमत लिखने होते हैं और आगे फारवर्ड करना होता है। इससे न केवल पारदर्शिता आई है अपितु समय भी बच रहा है। इस प्रणाली को हम राज्य स्तर से जिला स्तर की ओर भी ले जा रहे हैं। हम डिजिटल गवर्नेंस को सभी विभागों में लागू कर रहे हैं, ताकि काम त्वरित गति से हों और लोगों को भटकना न पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हाफ बिजली से मुफ्त बिजली की दिशा में बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री सौर घर मुफ्त बिजली योजना ग्रीन एनर्जी को लेकर प्रधानमंत्री जी की सार्थक पहल है। हमने छत्तीसगढ़ में अब तक 27 हजार से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से रौशन कर दिया है। केंद्र से उपभोक्ताओं को अनुदान लाभ तो मिलता ही है, हम राज्य में भी उपभोक्ताओं को अनुदान लाभ दे रहे हैं।  मैं प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि प्रधानमंत्री सौर घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लें और अगले 25 सालों तक मुफ्त बिजली का लाभ लें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने अमृत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिकीकरण किया जा रहा है। जिसमें 05 स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है। वंदेभारत एक्सप्रेस की सुविधा नागपुर और विशाखापट्नम के लिए आरंभ की गई है। प्रदेश में 51 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेल परियोजनाओं पर काम हो रहा है। रावघाट-जगदलपुर, खरसिया-परमालकसा जैसी महत्वपूर्ण रेल लाइनों के निर्माण से प्रदेश के विकास को तीव्र गति मिलेगी। आज के समय सड़कें जितनी जरूरी हैं उतनी ही जरूरी संचार कनेक्टिविटी भी है, हमारी सरकार ने 500 नये मोबाइल टावर स्वीकृत किये हैं जिससे कनेक्टिविटी की स्थिति और बेहतर होगी। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता की वृद्धि के लिए हम प्रदेश में 5 नये मेडिकल कालेज आरंभ कर रहे हैं। इसमें मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं दंतेवाड़ा जिला में भूमिपूजन हो चुका है और कुनकुरी में भूमि आवंटन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। अटल जी की संकल्पना एम्स में अब रोबोटिक सर्जरी शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत के रूप में देश में हेल्थ केयर का सबसे बड़ा प्लान दिया। इस योजना के माध्यम से 4 हजार 551 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी बनाये। इसकी शुरूआत भी छत्तीसगढ़ से हुई। हमने युक्तियुक्तकरण के रूप में किया। पिछली सरकार के समय दूरस्थ ग्रामीण स्कूल तो पूरी तरह से शिक्षकविहीन हो गये थे। जिन स्कूलों में शिक्षक थे भी तो वहां भी सामान्यतः प्रति सौ छात्र केवल एक शिक्षक थे। अधिकांश शिक्षक शहरी स्कूलों में आ गये थे, कुछ शहरी स्कूलों में यह अनुपात दस छात्र के पीछे एक शिक्षक का भी था। हमने इस समस्या का निराकरण युक्तियुक्तकरण के माध्यम से निकाला। अब ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में भी शिक्षकों की पदस्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत के युवा दुनिया भर में कमाल कर रहे हैं। पिछले साल मैं जापान की राजधानी टोक्यो में बस्तर के एक युवा अविनाश तिवारी से मिला। अविनाश वहां एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्य कर करता है। उगते सूरज के देश में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा का उजाला देखकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। हमारी युवा शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। प्रशासनिक प्रणाली बेहतर तरीके से चले और इसमें युवा ऊर्जा का अधिकतम उपयोग हो, इसलिए हम 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को विकास, सुरक्षा और सुशासन के नए शिखर पर पहुंचाना है।

 


पर्यटन विकास को नई गति: मुख्यमंत्री साय ने झुमका पर्यटन स्थल के ओपन थिएटर का किया लोकार्पण

17-Feb-2026
रायपुर, ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
 

राजिम छत्तीसगढ़ की आस्था और संस्कृति का जीवंत प्रतीक : राज्यपाल रमेन डेका

02-Feb-2026
रायपुर, ( शोर संदेश )।  त्रिवेणी संगम राजिम के पावन तट पर  राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प मेला के शुभारंभ अवसर पर  राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।  राज्यपाल डेका, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अतिथियों एवं संत-महात्माओं ने भगवान राजीवलोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
राज्यपाल डेका ने कहा कि राजिम की यह पावन भूमि, जहां महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों का संगम होता है, अत्यंत पुण्य और ऐतिहासिक महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल पर आयोजित मेला, जिसे श्रद्धालु ‘कल्प कुंभ’ के नाम से जानते हैं, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहर का प्रतीक है।
राज्यपाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प के अवसर पर आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता और गौरव का अनुभव हो रहा है। मुझे छत्तीसगढ़ की पवित्र नगरी राजिम के कुंभ मेला में आकर अत्यंत शांति महसूस होती है। धर्म, आस्था और संस्कृति के इस संगम राजिम कुंभ मेले में देश के विभिन्न प्रांतों से आए साधु-संतों, श्रद्धालुजनों का मैं हार्दिक अभिनंदन करता हूं। मैं कुलेश्वर महादेव तथा राजीव लोचन भगवान, राजिम भक्ति माता से प्रार्थना करता हूं कि हमारे देश और प्रदेश पर अपना आशीर्वाद बनाये रखें जिससे यहां हमेशा सुख-शांति और खुशहाली कायम रहे। 
राज्यपाल ने आगे कहा कि राजिम माघी पुन्नी मेला छत्तीसगढ़ की आस्था का प्रतीक है। यह एक ऐसा पावन आयोजन है जिसमें छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ-साथ देश भर के विभिन्न भागों से भी श्रद्धालुओं का आगमन होता है। राजिम प्राचीन समय से ही शैव और वैष्णव धर्म के केंद्र के रूप में विख्यात एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां राजीवलोचन मंदिर में भगवान विष्णु चतुर्भुज स्वरूप में विराजमान है। यहां भगवान शिव कुलेश्वर महादेव के रूप में विराजमान हैं। 
राज्यपाल डेका ने कहा कि कुलेश्वरनाथ महादेव, पटेश्वर नाथमहादेव, चंपेश्वर नाथ महादेव, ब्रम्ह्केश्वर नाथ, फनीकेश्वर नाथ महादेव, करपूरेश्वर महादेव की पंचकोशी यात्रा विश्व प्रसिद्ध है। प्राचीन मंदिरों की बहुलता राजिम को पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता प्रदान करती हैं। इन मंदिरों में मूर्ति कला के गौरवशाली इतिहास के दर्शन होते हैं। 
उन्होंने कहा किशास्त्रों में माघ के माह पुण्य माह माना गया है। माघ माह के इस पावन अवधि में सदियों से ही पवित्र नदियों एवं त्रिवेणी संगमों में पुण्य स्नान की परंपरा रही है। इस माह छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों में मेले का आयोजन की प्राचीन परंपरा रही है। मेलों का विशेष सामाजिक और सामुदायिक महत्व है। इनमें विभिन्न संस्कृतियों का मिलन होता है। इनके माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलता है।
डेका ने कहा कि भारत साधु संतों की भूमि रही है। कहा जाता है जब किसी स्थान पर साधु संतों के चरण पड़ते हैं तो वह स्थान पवित्र हो जाता है। संतों के दिखाये मार्ग पर चलने से ज्ञान की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। जहां संतों का सम्मान होता है वहां समृद्धि, शांति और खुशहाली रहती है। उनका जीवन सदैव परोपकार के लिए समर्पित रहता है। संतो के समागम से हम एक बेहतर मनुष्य बनते है। 
राजिम कुंभ मेला जैसे अद्भुत आयोजनों से पर्यटकों को भी विशेष आनंद आता हैं। मेले में कलाकारों का संगम, श्रद्धालुओं की अनगिनत आस्था और संतो के आशीर्वाद से राजिम मेले ने देश में अपनी विशेष पहचान बनाई है। आधुनिक युग में हमे अपनी कला, साहित्य और संस्कृति को आरक्षित और उन्नत करने की आवश्यकता है। हमें इस प्रकार के कला, संस्कृति और धार्मिक आयोजनों के लिए अपने प्रयासों को बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे छत्तीसगढ़ पर्यटन मानचित्र में और उभर कर सामने आ सके। 
यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत करेगा, बल्कि पर्यटन, लोक संस्कृति और को भी नई दिशा देगा। 
हमारे पूर्वजों ने नदियों, सरोवरों और वृक्षों की महत्ता और उनके संरक्षण पर विशेष बल दिया। आज आवश्यकता है कि हम अपने पूर्वजों द्वारा दिखाए राह पर चलें और अपने प्राकृतिक वातावरण को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखें, नए पौधों का रोपण करें और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। माइक्रो प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक बनें तथा इसकी रोकथाम के उपाय करें।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने  कहा कि राजिम कुंभ कल्प पर्व हमारी सांस्कृतिक उत्सव परंपरा और लोक संस्कृति का जीवंत उत्सव है, जो समाज के मूल्यों को और अधिक प्रगाढ़ बनाता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएं आज विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। इस अवसर पर राज्य गृह भंडार निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि , गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके,  सहित देशभर से आए हुए साधु-संत, एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

30-Jan-2026
रायपुर 30 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के सिद्धांत से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। उन्होंने सत्याग्रह के माध्यम से हमें सीख दी की दृढ़ संकल्प से जीवन की सभी चुनौतियों को परास्त किया जा सकता है। गांधी जी के विचार हम सबको आज भी प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और राम गर्ग भी उपस्थित थे।
 

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट बैठक के निर्णयों की दी विस्तृत जानकारी

10-Dec-2025
रायपुर.( शोर संदेश )।  10 दिसम्बर 2025 उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सिविल लाइन, रायपुर स्थित निवास कार्यालय में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने नवीन विश्राम भवन में आयोजित पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।










 

NH-53 रिंग रोड-1 का होगा चौड़ीकरण: सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पहल पर गडकरी की त्वरित स्वीकृति

06-Dec-2025
नई दिल्ली/रायपुर  ( शोर संदेश ) के शहरी विकास और ट्रैफिक समाधान को नया आयाम देने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि रायपुर लोकसभा के लोकप्रिय सांसद, जनसेवी और दूरदर्शी नेता बृजमोहन अग्रवाल के अथक प्रयासों से सामने आई है।
संसद भवन में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से विशेष भेंट के दौरान सांसद अग्रवाल ने रायपुर शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, आम नागरिकों की दिन-प्रतिदिन बढ़ती समस्या तथा NH-53 रिंग रोड नंबर 1 के सर्विस रोड की अपर्याप्त चौड़ाई का मुद्दा मजबूती से रखा।
सांसद अग्रवाल की स्पष्ट, तथ्यपूर्ण और जनहितकारी प्रस्तुति से प्रभावित होकर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने तुरंत इस महत्वपूर्ण परियोजना को सहमति प्रदान की और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री द्वारा परियोजना के अंतर्गत मौजूदा 5 मीटर की सर्विस रोड को बढ़ाकर 11 मीटर किया जाएगा। चौड़ीकरण का कार्य टाटीबंध से तेलीबांधा तक के सबसे व्यस्त मार्ग पर होगा।यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रबंधन के तहत आता है।
सांसद अग्रवाल ने बताया कि रिंग रोड नंबर 1 को कभी शहर की सीमा के बाहर बनाया गया था, लेकिन आज तेजी से हुए शहरीकरण के कारण इसके आसपास बड़ी रिहायशी कॉलोनियां और व्यावसायिक परिसर विकसित हो गए हैं।
 जिससे स्थानीय और भारी वाहनों का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है।
 मौजूदा 5 मीटर चौड़ाई अब शहर के बढ़ते ट्रैफिक भार को संभालने में सक्षम नहीं है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री के समक्ष स्पष्ट कहा कि रायपुरवासियों को राहत प्रदान करना आज की सबसे पहली आवश्यकता है, और इस दिशा में सर्विस रोड का चौड़ीकरण अत्यंत आवश्यक कदम है।
इस मंजूरी के बाद स्थानीय यातायात को सुव्यवस्थित रूप से मेन हाईवे से अलग किया जा सकेगा। 11 मीटर चौड़ी सर्विस रोड पर वाहनों का दबाव आसानी से वितरित हो सकेगा।  NH-53 पर जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। आम नागरिकों, कार्यालय आने-जाने वालों, व्यापारियों और एंबुलेंस/आपात वाहनों के आवागमन में भारी सुधार होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, “रायपुर की जनता की सुविधा और सुरक्षित यातायात व्यवस्था मेरी पहली प्राथमिकता है।
मैं धन्यवाद देता हूँ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी का, जिन्होंने जनहित के इस प्रस्ताव को तुरंत स्वीकार कर अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।”
रायपुर की वर्षों पुरानी ट्रैफिक समस्या के समाधान की दिशा में यह निर्णय एक बड़ी जीत, और सांसद अग्रवाल के सक्रिय, परिणाममुखी और जनता-केंद्रित नेतृत्व का प्रमाण है।


 

आदिवासी समाज के उत्थान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

02-Dec-2025
रायपुर  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ के बोईरदादर में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने समाज की मांग पर 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन के प्रथम तल का लोकार्पण किया। समाज के वरिष्ठजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री साय ने कंवर समाज के पुरोधाओं को नमन करते हुए कहा कि समाज का विकास शिक्षा से ही संभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि विभिन क्षेत्रों में सफल बनने का माध्यम भी है। हर बेटा-बेटी को शिक्षित करना ही समाज को मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज के उत्थान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। आदिवासियों एवं क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है जिसका लाभ लोगों को मिल रहा है। उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आव्हान भी किया। 
मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर जनजातीय समुदाय के सम्मान को नई ऊंचाई दी है। उन्होंने बताया कि आदिवासी समाज को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धरती आबा ग्राम उत्कर्ष और पीएम जनमन कार्यक्रम की शुरूआत की है। यह आदिवासी कल्याण के क्षेत्र में आजादी के बाद सबसे बड़ा अभियान है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं जनजातीय परिवारों को उपलब्ध करायी जा रही है। इन योजनाओं से जनजातीय क्षेत्रों में तेज गति से विकास हो रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की रजत जयंती समारोह के अवसर पर रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह संग्रहालय का लोकार्पण किया है। संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों का देश के लिए योगदान जीवंत रूप में प्रदर्शित हो रहा है। यह आने वाली पीढ़ियों को हमारे वीर नायकों के शौर्य और बलिदान से परिचित कराता रहेगा। यह हमारे आदिवासी समाज के लिए भी गौरव की बात है। 
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर राज्य के विकास-पीडीएस प्रणाली, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के व्यापक विस्तार का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद गांव-गांव तक पहुंच मार्ग और विकास की रोशनी पहुँची है। राज्य में नक्सलवाद विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, लेकिन सरकार के प्रयासों से यह अंतिम सांस ले रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। 
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नई औद्योगिक नीति के बारे में उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। हम उद्योग धंधों के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रहे है। इसके साथ ही हमारी सरकार प्रदेश के सभी समाज को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए। 
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें कंवर समाज के लिए बोईरदादर रायगढ़ मे एक और सांस्कृतिक भवन के साथ मुख्य मार्ग तक सीसी रोड का निर्माण, लैलूंगा के टुरटूरा में नए समाजिक भवन, लैलूंगा और घरघोड़ा में निर्मित सामाजिक भवन के विस्तार की घोषणा की।  
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, भरत साय, सत्यानंद राठिया, अनंतराम पैंकरा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

रायपुर में 29-30 नवंबर को प्रधानमंत्री शामिल होंगे पुलिस महानिदेशक सम्मेलन के 60वें संस्करण में

27-Nov-2025
रायपुर  ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री 29-30 नवंबर, 2025 को भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर, छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन के 60वें संस्करण में भाग लेंगे।
यह सम्मेलन 28 से 30 नवंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य अब तक प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा करना और 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप 'सुरक्षित भारत' के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप की रूपरेखा तैयार करना है।
'विकसित भारत: सुरक्षा आयाम' विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान एवं एआई के उपयोग जैसे प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे।
यह सम्मेलन देश भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर खुले और सार्थक विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण संवादात्मक मंच प्रदान करता है। यह पुलिस बलों के सामने आने वाली परिचालन, अवसंरचनात्मक और कल्याण संबंधी चुनौतियों पर चर्चा के साथ-साथ अपराध से निपटने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आंतरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पेशेवर प्रथाओं के निर्माण और साझाकरण को भी सुगम बनाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस वार्षिक सम्मेलन में निरंतर गहरी रुचि दिखाई है, और स्पष्ट चर्चाओं को प्रोत्साहित किया है। उन्‍होंने एक ऐसा माहौल तैयार किया है जहां पुलिस व्यवस्था पर नए विचार उभर सकें। व्यावसायिक सत्र, विस्तृत बातचीत और विषयगत चर्चाएं प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा और नीतिगत मामलों पर सीधे प्रधानमंत्री के साथ अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं।
वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन के स्वरूप में निरंतर सुधार हुआ है, जिसमें देश भर के विभिन्न स्थानों पर इसका आयोजन भी शामिल है। यह सम्मेलन गुवाहाटी (असम), कच्छ के रण (गुजरात), हैदराबाद (तेलंगाना), टेकनपुर (ग्वालियर, मध्य प्रदेश), स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया, गुजरात), पुणे (महाराष्ट्र), लखनऊ (उत्तर प्रदेश), नई दिल्ली, जयपुर (राजस्थान) और भुवनेश्वर (ओडिशा) में आयोजित किया जा चुका है। इसी परंपरा को जारी रखते हुए, इस वर्ष 60वां पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक सम्मेलन रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित किया जा रहा है।
इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे। नए और अभिनव विचारों को सामने लाने के लिए, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के गृह विभाग के प्रमुख और डीआईजी तथा एसपी स्तर के कुछ चुनिंदा पुलिस अधिकारी भी इस वर्ष सम्मेलन में भाग लेंगे।












 


+ Load More

kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account