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Manipur

मणिपुर का समावेशी, स्थायी विकास राष्ट्रीय प्राथमिकता: राष्ट्रपति मुर्मु

12-Dec-2025
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को मणिपुर के नागा आदिवासी बहुल सेनापति जिले पहुंचीं, जहां उन्होंने एक सार्वजनिक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर के समावेशी और स्थायी विकास को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय नेताओं, नागरिक समाज संगठनों और विभिन्न समुदायों के साथ मिलकर काम कर रही है।
नागा जनजाति बहुल सेनापति जिले में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि विकास देश के हर कोने तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में विकास को गति देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। मणिपुर की ताकत उसकी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं में निहित है।
राष्ट्रपति ने कहा, “पहाड़ियां और घाटी हमेशा एक ही खूबसूरत भूमि के दो किनारों की तरह एक-दूसरे के पूरक रहे हैं। मैं सभी समुदायों से शांति, समझ और सुलह के प्रयासों को जारी रखने का आग्रह करती हूं।”
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सरकार मणिपुर के लोगों की आकांक्षाओं को पहचानती है और आदिवासी समुदायों की गरिमा, सुरक्षा और विकास के अवसरों को प्राथमिकता देती है, जिससे राष्ट्र की प्रगति में उनकी अधिक भागीदारी सुनिश्चित होती है।
पीएम जनमन (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान) योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मिशन के तहत की गई पहल आदिवासी समुदायों, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के जीवन को और बेहतर बनाएगी।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि माराम नागा जनजाति मणिपुर में एकमात्र कमजोर जनजातीय समूह है। मैं आपकी चिंताओं और शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य की आपकी इच्छा को पूरी सहानुभूति के साथ समझती हूं। मैं मणिपुर के लोगों, जिसमें आदिवासी क्षेत्रों के लोग भी शामिल हैं, से कहना चाहती हूं कि आइए हम एक शांतिपूर्ण और समृद्ध मणिपुर के लिए मिलकर काम करते रहें।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, उनसे इस क्षेत्र में सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी और सामुदायिक बुनियादी ढांचे में सुधार होगा। हाल के सालों में, मणिपुर के पहाड़ी जिलों को नेशनल हाईवे, ग्रामीण सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं, पीने के पानी और बिजली की सप्लाई और शैक्षिक बुनियादी ढांचे में किए गए खास निवेश से फायदा हुआ है।
राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी समुदायों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए कई आजीविका कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। ये कोशिशें आदिवासी समुदायों को सपोर्ट करने और उनकी अनोखी पहचान और परंपराओं का सम्मान करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाती हैं।
भारत के राष्ट्रपति के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा गया, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सेनापति में कुछ आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों को शिक्षा देने, आजीविका को बढ़ावा देने, घरों के पुनर्निर्माण, लोगों को स्किल देने और रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिए कई कदम उठा रही है, खासकर युवाओं और अन्य लोगों के लिए। उन्होंने मणिपुर के लोगों की शांति और समृद्धि के लिए सद्भाव, एकता और लगातार बातचीत के महत्व पर ज़ोर दिया।” 

 


*मणिपुर में लूटे गए हथियार बरामद, प्रतिद्वंद्वी समूहों के बीच गोलीबारी*

02-Sep-2023

इंफाल (शोर सन्देश)। संयुक्त सुरक्षा बलों ने मणिपुर के इंफाल पश्चिम, कांगपोकपी और थौबल जिलों में लूटे गए पांच हथियार, छह अलग-अलग प्रकार के गोला-बारूद और सात शक्तिशाली बम बरामद किए हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि बिष्णुपुर और चुराचांदपुर जिलों में सशस्त्र प्रतिद्वंद्वी समूहों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी की सूचना मिली है। हालांकि, इलाके में तैनात सुरक्षा बलों ने जवाब दिया और बाद में गोलीबारी कम हो गई। पुलिस ने बताया कि स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। इस बीच, आवश्यक वस्तुओं के साथ इंफाल-जिरीबम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-37) पर 220 वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की गई है। सभी संवेदनशील स्थानों पर सख्त सुरक्षा उपाय किए गए हैं और वाहनों की स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा काफिला उपलब्ध कराया गया है।


*मणिपुर में लूटे गए 16 हथियार 11 तरह के गोला बारूद बरामद*

14-Aug-2023

इंफाल (शोर संदेश)। मणिपुर में सुरक्षा बलों ने पिछले 48 घंटों के दौरान लूटे गए 16 हथियार, 11 प्रकार के गोला-बारूद और बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए हैं, अधिकारियों ने रविवार रात को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर राज्य में कहीं से भी हिंसा की कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है, जबकि लोग कई मुद्दों पर धरना-प्रदर्शन करते रहे। संयुक्त सुरक्षा बलों ने लूटे गए हथियारों को बरामद करने के लिए घाटी और पहाड़ी इलाकों दोनों में अपना तलाशी अभियान जारी रखा। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, 3 मई को मणिपुर में भड़के जातीय दंगों के दौरान भीड़, हमलावरों और उग्रवादियों द्वारा विभिन्न पुलिस स्टेशनों और पुलिस चौकियों से 4,000 से अधिक अत्याधुनिक हथियार और लाखों गोला-बारूद लूट लिए गए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अब तक लूटे गए 50 फीसदी से भी कम हथियार और गोला-बारूद बरामद किया जा सका है।


*मणिपुर में उग्रवादियों ने जवान को गोली मारी, जलाए कई घर*

19-Jun-2023

इंफाल (शोर संदेश)। इंफाल पश्चिम जिले में उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में एक जवान घायल हो गया। इन उग्रवादियों ने क्षेत्र के पांच घरों में आग लगा दी। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। रक्षा सूत्रों ने बताया कि हथियारबंद बदमाशों ने रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात इंफाल पश्चिम जिले के चिंगमंग गांव और कांटो सबल में गोलीबारी की, जिसमें एक जवान घायल हो गया। आर्मी कॉलम ने क्षेत्र में ग्रामीणों को ध्यान में रखते हुए नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की। सेना का एक जवान गोली लगने से घायल हो गया और उसे तुरंत लीमाखोंग के सैन्य अस्पताल में ले जाया गया और अब उसकी हालत स्थिर है। एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा, सेना की अतिरिक्त टुकड़ियों को क्षेत्र में तैनात किया गया है और संयुक्त अभियान जारी है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सेना के साथ मुठभेड़ से पहले उग्रवादियों ने लीमाखोंग गांव में पांच घरों को आग के हवाले कर दिया।

 

 


*गृह मंत्री की अपील के बाद लोगों ने पुलिस को सौंपे 140 हथियार*

02-Jun-2023

इम्फाल (शोर सन्देश)।मणिपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के चार दिनों के दौरे का असर देखने को मिला है। शाह ने मणिपुर में कई बैठकें करने के बाद शांति का मार्ग निकालने की पुरजोर कोशिश की थी। इसी के मद्देनजर उन्होंने लोगों से भी शांति बनाने की अपील की थी, जिसका परिणाम अब मिलने लगा है। दरअसल, शाह की अपील के बाद मणिपुर में अलग-अलग जगहों पर 140 हथियार पुलिस को सौंपे गए हैं। सरेंडर किए गए 140 हथियारों में एसएलआर 29, कार्बाइन, एके 47, इंसास राइफल, इंसास एलएमजी, प्वाइंट 303 राइफल, 9 एमएम पिस्टल, प्वाइंट 32 पिस्टल, एम16 राइफल, स्मोक गन और आंसू गैस, स्थानीय निर्मित पिस्तौल, स्टेन गन, राइफल, ग्रेनेड लांचर और जेवीपी शामिल हैं। दरअसल गृह मंत्री ने राज्य के चार दिवसीय दौरे के अंतिम दिन इंफाल में एक संवाददाता सम्मेलन में हिंसा प्रभावित मणिपुर में सभी वर्गों से शांति बनाए रखने और सद्भाव को बढ़ावा देने के साथ-साथ आत्मसमर्पण करने की अपील की थी। शाह ने इसके साथ चेतावनी दी थी कि पुलिस द्वारा तलाशी अभियान के दौरान अगर किसी के पास हथियार मिलते हैं तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शाह ने इसी के साथ मणिपुर के लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की भी अपील की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की ओर से गृह मंत्री ने मणिपुर हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की थी।


*मणिपुर में हिंसक घटनाओं के बाद 8 जिलों में कर्फ्यू, 5 दिनों के लिए इंटरनेट बंद*

05-May-2023

इम्फाल (शोर सन्देश)।मणिपुर में हिंसक घटनाओं के बीच बुधवार को 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं हैं। हालांकि, ब्रॉडबैंड सेवाएं चालू हैं। दरअसल, मैतेई/मीतेई समुदाय को एससी श्रेणी में शामिल कराने की मांग के विरोध रैली का आयोजन हुआ था। इसके अतिरिक्त 8 जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है। अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

ATSU ने एक रैली का किया था आयोजन

बकौल एजेंसी मणिपुर सरकार के मुताबिक, युवाओं और विभिन्न समुदायों के स्वयंसेवकों के बीच मारपीट की घटनाओं के बाद राज्य में 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, क्योंकि ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन मणिपुर (ATSUM) द्वारा मैतेई/मीतेई को एसटी श्रेणी में शामिल करने की मांग के विरोध में एक रैली का आयोजन किया गया था। 

एटीएसयूएम ने कहा कि मैतेई समुदाय को एसटी श्रेणी में शामिल करने की मांग जोर पकड़ रही है, जिसके खिलाफ उसने मार्च आहूत किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि रैली में हजारों आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया और इस दौरान तोरबंग इलाके में आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच हिंसा की खबरें आईं।

पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

अधिकारी ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। उन्होंने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है लेकिन कई आंदोलनकारी पहाड़ियों के विभिन्न हिस्सों में अपने घरों को लौटने लगे हैं। 

इन जिलों में लगाया गया कर्फ्यू

उन्होंने कहा कि स्थिति को देखते हुए गैर-आदिवासी बहुल इंफाल पश्चिम, काकचिंग, थौबल, जिरिबाम और बिष्णुपुर जिलों और आदिवासी बहुल चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।


*अग्निकांड के बाद मणिपुर में स्थिति तनावपूर्ण, 5 दिनों के लिए इंटरनेट बंद*

07-Aug-2022

इम्फाल (शोर सन्देश)।मणिपुर के बिष्णुपुर में तीन से चार युवकों द्वारा एक वैन में आग लगाने की घटना के बाद राज्य में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके बाद राज्य सरकार ने पूरे राज्य में पांच दिन के लिए इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है। बताया जा रहा है, वैन को फूंकने वाले युवक एक विशेष समुदाय के थे, जिसके बाद से पूरे राज्य में सांप्रदायिक स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। इसके अलावा प्रशासन ने चुराचंदपुर और बिष्णुपुर में अगले दो महीनों के लिए धारा 144 भी लागू कर दी है।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे थे मैसेज
गृह मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि शनिवार को दोपहर 3:35 बजे पझौगाक्चो इखई अवांग लेइकाई में एक जलती हुई वैन मिली। इस वैन को कथित तौर पर तीन-चार युवकों ने आग लगा दी, वे युवक एक विशेष समुदाय से आते थे। इसके बाद से सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भड़काने के लिए तरह-तरह के मैसेज वायरल होने लगे। इसके बाद मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बाधित कर दिया गया है। वहीं लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।

 


*भूस्खलन में अब तक 14 की मौत, जारी है राहत व बचाव कार्य*

01-Jul-2022

नोनी (शोर संदेश)। मणिपुर के नोनी जिले में भीषण भूस्खलन के कारण ढहे निर्माणाधीन रेलवे साइट के मलबे में अनेकों लोग फंस गए। राहत और बचाव कार्य जारी है। इसके लिए एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर जुटी है। अब तक सेना के 13 जवानों और 5 स्थानीय नागरिकों को बचाया जा चुका है वहीं 9 जवानों और राज्य के एक नागरिक का शव निकाला गया है। लापता सैनिकों की तलाश में राहत और बचाव टीम जुटी है। डीजीपी पी डूंगल ने बताया, ‘अब तक 23 लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है जिसमें से 14 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। तलाश अभियान जारी है। अभी और कितने लोग मलबे में फंसे हैं इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि ग्रामीणों और मजदूर समेत आर्मी और रेलवे के 60 लोगों के भी इस मलबे में फंसे होने का संदेह है। 

राहत व बचाव कार्य में भारतीय रेलवे ने भी दिया सहयोग

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट कर कहा, ‘रेलवे, NDRF, SDRF और राज्य की टीम मिलकर काम कर रही है। तुपुल में हए इस हादसे के बाद हालात की काफी करीब से मानिटरिंग की जा रही है।’ भूस्खलन की यह घटना नोनी जिले के तुपुल रेलवे स्टेशन के करीब बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात को हुई। इसके पास ही सेना की कंपनी लोकेशन भी है। आर्मी असम राइफल्स और टेरिटोरियल आर्मी के जवानों की टीम राहत कार्य में जुटी है। इसके अलावा भारतीय रेलवे, प्रशासन, NDRF, SDRF और नोनी जिले के स्थानीय लोग भी तलाश में अपना योगदान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह से मणिपुर में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन का जायजा लिया और केंद्र सरकार की ओर से संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया ।


*यहां बन रहा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज ढाई घंटे में तय होगा 220 किमी का सफर*

28-Nov-2021

इम्फाल (शोर सन्देश)। मणिपुर में भारतीय रेलवे दुनिया का सबसे ऊंचे पुल बना रहा है। यह 111 किलोमीटर लंबी जिरीबाम-इंफाल रेलवे परियोजना का एक हिस्सा है। यह पुल यूरोप के मोंटेनेग्रो में 139 मीटर माला-रिजेका वायडक्ट के मौजूदा रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 141 मीटर (34 मंजिला इमारत के बराबर) की ऊंचाई पर बनाया जा रहा है।

परियोजना के मुख्य अभियंता संदीप शर्मा ने बताया कि परियोजना के पूरा होने के साथ 111 किमी की दूरी 2-2.5 घंटे में तय की जाएगी। वर्तमान में जिरीबाम-इंफाल (एनएच -37) के बीच की दूरी 220 किमी है, जिसमें यात्रा के लगभग 10-12 घंटे लगते हैं। निर्माण के बाद, नोनी घाटी को पार करने वाला पुल दुनिया का सबसे ऊंचा घाट पुल बन जाएगा।

यह परियोजना सरकार की `एक्ट ईस्ट` नीति का हिस्सा है, जो पूर्वोत्तर में सभी राज्यों की राजधानियों को ब्रॉड गेज से जोड़ने और क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल नेटवर्क को मजबूत करने पर केंद्रित है।

इसी के साथ रेल मंत्रालय ने बताया कि पुल की कुल लंबाई 703 मीटर होगी। पुल के खंभों का निर्माण हाइड्रोलिक ऑगर्स का उपयोग करके किया गया है। लंबे पियर्स को कुशल और निरंतर निर्माण सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन `स्लिप-फॉर्म तकनीक` की जरूरत है।

 

कथित तौर पर, परियोजना को मार्च 2022 तक पूरा किया जाना है। केंद्र सरकार ने इसके लिए बजट में 13,809 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी। इस परियोजना को 2008 में शुरू किया गया था और इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया था।

 


आतंकी हमले में कमांडिंग अफसर का परिवार शहीद, पीएम मोदी ने जताया शोक…

13-Nov-2021

चूड़ाचंद्रपुर (शोर संदेश)। मणिपुर के सिंघट इलाके में शनिवार को आतंकी हमले में कमांडिंग अफसर के परिवार समेत अन्य जवान शहीद हो गए। मरने वालों में कमांडिंग अफसर, उनकी पत्नी व 5 वर्षीय बेटा तथा सैनिक शामिल हैं।मणिपुर के चूड़ाचंद्रपुर जिले के सिंघट इलाके में शनिवार दोपहर आतंकियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला कर दिया। हमले में 46 असम राइफल्स के कमांडिंग अफसर समेत पांच जवान शहीद। हमले में जवानों के परिवार के दो सदस्यों की भी मौत हो गई है। मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने इस घटना की पुष्टि की है। पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस कायराना हमले कर निंदा की है।



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