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जशपुरनगर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राजीव गाँधी किसान न्याय योजना से मिली राशि उपयोग जशपुर जिले के किसानों के लिए खेती बाड़ी के दिनों में खाद-बीज खरीदने के साथ ही अन्य जरूरी चीजें खरीदने में मदद मिल रही है। फरसाबहार ग्राम महुआडीह के आदिवासी किसान धनेश्वर साय ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि 21 मई को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत् उनके खातें में 35 हजार रुपए की राशि जमा हुई है। वर्ष 2019-20 में कोनपारा धान खरीदी केन्द्र में उन्होंने अपना धान बेचा था। जिसके तहत् उन्हें राशि प्राप्त हुई है उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में बरसात शुरू होने वाला है और ऐसे समय में खेती बाड़ी करने के लिए पैसे की आवश्यकता होती है। किसान धनेश्वर ने मिली राशि का उपयोग बैंक से लोन में लिए हुए ट्रेक्टर की किश्त जमा करने के लिए करेंगे साथ ही हाईब्रिड खाद-बीज खरीदेंगे।

जगदलपुर (शोर सन्देश)। कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग एवं नगर निगम के अमले द्वारा आज 30 मई को जगदलपुर शहर के प्रवीर वार्ड के दलपत सागर के उत्तर दिशा के नीचे की तरफ निजी स्वामित्व की कृषि उपयोग भूमि पर अन्य प्रयोजन किये गए अवैध विकास कार्य को हटाने की करवाई की जा रही है। यह कार्य कृषि उपयोग की भूमिका अवैध व्यपर्तन की श्रेणी में आता है एवं नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 तीन स्पष्ट उल्लंघन है। नगर निगम द्वारा संबधित व्यक्ति को नोटिस देकर स्थल से डलवाए गए मिट्टी को हटाने के निर्देश भी दिए। अन्यथा उसे हटाने की करवाई की जाएगी एवं हटाने में होने वाला यह भू राजस्व के बकाया की भांति वसूली किया जाएगा।

00 खेती-बाड़ी व खाद्-बीज के लिए आएगी काम
बेमेतरा (शोर सन्देश)। राज्य सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना लॉकडाउन के समय बेमेतरा जिले के लघु-सीमांत किसानों को आर्थिक संबल दे रही है। जिले के नवागढ़ विकासखंड के सुदुरवर्ती ग्राम चक्रवाय के किसान झम्मन कुमार बघेल को इस योजना के तहत उनके खाते मे 16 हजार 700 रुपए की राशि जमा हुई है। बीते खरीफ सीजन 2019-20 मे धान उपार्जन केन्द्र-मारो मे उन्होंने अपना धान बेचा था, जिसके तहत उनके बैंक खाते मे अन्तरण राशि प्राप्त हुई है।
ग्राम-मोहलाईन के किसान बिसौहा राम साहू को किसान न्याय योजना के अंतर्गत 23 हजार 375 रुपए की राशि उनके बैंक खाते मे जमा हुुई है। सुरेश कुमार साहू को 25 हजार 461 रुपए की राशि उनके बैंक खाते में जमा हुुई है। सुशील साहू को 24 हजार 100 रुपए की राशि उनके बैंक खाते मे जमा हुई है। उन्होंने अपना धान, उपार्जन केन्द्र गुंजेरा मे बेचा था। इसी तरह बेमेतरा विकासखंड के ग्राम-दाढ़ी के किसान सुरेन्द्र तिवारी के बैंक खाते मे 23 हजार 700 रुपए की राशि बैंक खाते मे जमा हुई है। इन सभी किसानों ने छ.ग. के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि लॉकडाउन के इस संकट के घड़ी में प्रदेश सरकार ने सही समय पर बैंक खाते मे पैसे दिए है।
जून-जुलाई मे खेती-बाड़ी का काम शुरु हो जाता है और किसानों को खेती-बाड़ी के लिए खाद-बीज की जरुरत होती है, ऐसे समय मे पैसे आने से उनको अपने खेतों के लिए उन्नत बीज और खाद् खरीदने में आसानी होगी, ताकि वे उन्नत खेती करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर सके। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों की समस्यांओं को समझा और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत लॉकडाउन के कठिन दौर से गुजर रहे किसानों के खातों मे धान उपार्जन की राशि अंतरित की गई, जिससे उनको अर्थिक रुप से मदद् मिली है।

सूरजपुर (शोर सन्देश)। जिले में कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशन और शासन की मंशानुसार आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में खरीफ ऋण वितरण वर्ष 2019-20 के लिए नगद और वस्तु में खाद बीज का वितरण प्रति दिन किसानों को किया जा रहा है। अभी तक जिले के 26 समितियों के अंतर्गत 8217 किसानों को 1408.94 लाख रूपयें का वितरण किया जा चुका है। इस संबंध में बैंक के नोडल अधिकारी अरविन्द सिंह नामदेव ने बताया कि जिले के सभी समितियो में सोशल डिसटेंसिंग का ध्यान रखते हुए किसान भाईयों को खाद बीज एवं नगद राषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होनें किसान भाईयों से अपील किया है कि खाद, बीज बारिश होने से पूर्व समितियों में आकर लेवें।
इसी क्रम में कृषक गुलाब पिता नारायण ग्राम सलका विकासखंड सूरजपुर ने बताया कि ऋण के तौर पर आज समिति से 22965 रू का खाद प्राप्त किया है। जिससे बहुत खुषी है, अब इसका उपयोग खेतों में करके अच्छी फसल का उत्पादन कर सकेेंगें। इसके साथ ही कृषक गुलाब ने बताया कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से उनके खाते में 24838 रूपये प्राप्त हुए है जिससे उनकी परिवार के भरण-पोषण की चिन्ता भी दुर हुई है। इसके लिए उन्होनें राज्य शासन सहित जिला प्रशासन का धन्यवाद किया हैं।

सूरजपुर (शोर सन्देश)। सब्जी और फलों के दुकानों में ग्राहकों के द्वारा सब्जी व फलों को छुकर छांटने से कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना को देखते हुए कलेक्टर दीपक सोनी ने 25 मई 2020 को आदेश जारी करते हुए कहा है, कि ग्राहकों के द्वारा छांट-छांट कर सब्जी और फलों को क्रय किये जाने से संक्रमण के बढ़ने की संभावना अत्यधिक है। जिसे दृष्टिगत रखते हुए सभी सब्जी एवं फलों के व्यवसायियों को ग्राहकों की सहुलियत स्वयं ग्राहकों की मंशा अनुसार सब्जी और फलों को छांटकर विक्रय करने के निर्देश दिये गये हैं। व्यवसायियों को प्रातः 9 बजे से शाम 4 बजे तक ही दुकान खोलने की अनुमति दी गई हैं, जो यथावत रहेगी। सभी संबंधितों के लिए सामाजिक और शारीरिक दूरी के साथ-साथ मुंह को मास्क या गमछा से ढंकना अनिवार्य रहेगा।

दुर्ग (शोर सन्देश)। फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले टिड्डी दल (लोकस्ट स्वार्म) का प्रकोप राजस्थान होते हुए महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश राज्य तक पहुंच गया है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यह हमारे राज्य और जिले में भी प्रवेश कर सकते है। केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केन्द्र के सहायक निर्देशक ने सीमावर्ती जिले के कृषि अधिकारीयों कर्मचारियों और किसानों को सचेत रहने कहा है। टिड्डी दल सायंकाल 6-9 बजे खेतों में झुड़ में रहते है, इनकी गति 80-150 किलोमीटर प्रतिदिन होती है। तदनुसार कृषकों,ग्रामीणों कृषि विस्तार अधिकारी के माध्यम से तत्काल जानकारी प्राप्त करके नियंत्रण हेतु कृषि विभाग द्वारा पूर्ण तैयारी कर ली गई है। इसके रोकथाम के लिए जिले के प्राइवेट डीलर्स के यहाँ प्रभावशील अनुसंशित दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
किसान डेजर्ट एरिया के लिए कीटनाषक मैलाथियोन, फेनवलरेट, क्विनालफोस तथा फसलों और अन्य वृक्षों के लिए क्लोरोपायरीफोस, डेल्टामेथ्रिन, डिफ्लूबेनजुरान, फिप्रोनिल, लेमडासाइहेलोथ्रिन कीटनाशक का प्रयोग कर सकते है।

राजनांदगांव (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ मौसम वर्ष 2020-21 जिले में संचालित है। इसके तहत् खरीफ में मुख्य फसल धान सिंचित, धान असिंचित एवं अन्य फसल मक्का, सोयाबीन शामिल है। योजना के अंतर्गत ऋणी एवं गैर ऋणी किसान (भू-धारक एवं बटाईदार) शामिल हो सकते है। जिस ग्राम में अधिसूचित फसल निहित है वह किसान फसल बीमा करा सकते है। किसानों को फसल बीमा कराने के लिए जिले में फसलवार निर्धारित ऋणमान के आधार पर प्रति हेक्टेयर 2 प्रतिशत प्रीमियम दर से योजना में शामिल हो सकते है। बीमा इकाई में अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी ऋणी एवं गैर ऋणी किसान जो इस योजना में शामिल होने के इच्छुक हो वे बुआई पुष्टि प्रमाण पत्र क्षेत्रीय पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सत्यापित कराकर तथा आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खसरा बी-1 एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज (बोनी प्रमाण पत्र) प्रस्तुत कर योजना में शामिल हो सकते है।

राजनांदगांव (शोर सन्देश)। फसलों को नुकसान पहुचाने वाले टिड्डी दल (Locust Swarm) का प्रकोप राजस्थान होते हुए महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश राज्य तक पहुंच गया है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यह हमारे राज्य और जिले भी प्रवेश कर सकते है। केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केन्द्र के सहायक निर्देंशक ने सीमावर्ती जिले के कृषि अधिकारियों, कर्मचारियों और किसानों को सचेत रहने कहा है। किसान डेजर्ट एरिया के लिए कीटनाशक मालाथियोन, फेनवालरेट, क्विनालफोस, फसलों और अन्य वृक्षों के लिए क्लोरोपायरीफोस, डेल्टामेथ्रिन, डिफ्लूबेनजुरान, फिप्रोनिल, लामडासाइहलोथ्रिन कीटनाशक का प्रयोग कर सकते हैं।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ में लाख की खेती को अब कृषि का दर्जा मिलेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लाख की खेती को फायदेमंद बनाने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा इस संबंध में प्रस्तुत प्रस्ताव को उपयुक्त और किसानों के लिए लाभकारी मानते हुए अपनी सहमति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने सहमति प्रदान करते हुए कृषि, वन और सहकारिता विभाग को समन्वय कर लाख और इसके जैसी अन्य लाभकारी उपज को कृषि में शामिल करने का प्रस्ताव मंत्रीपरिषद की अगली बैठक में रखने के निर्देश दिए है। प्रदेश में लाख की खेती को कृषि का दर्जा मिलने से लाख उत्पादन से जुड़े कृषकों को भी सहकारी समितियों से अन्य कृषकों की भांति सहजता से ऋण उपलब्ध हो सकेगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लाख की खेती की अपार संभावनाएं है। यहां के कृषकों के द्वारा कुसुम, पलाश और बेर के वृक्षों में परंपरागत रूप से लाख की खेती की जाती रही है। परंतु व्यवस्थित एवं आधुनिक तरीके से लाख की खेती न होने की वजह से कृषकों को लागत के एवज में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता है। वन विभाग ने लाख की खेती को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से इसे कृषि का दर्जा देने तथा कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से अन्य कृषकों की तरह लाख की खेती करने वाले किसानों को भी ऋण उपलब्ध कराने का सुझाव देते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को प्रेषित प्रस्ताव को मान्य किए जाने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने वन विभाग के इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति देने के साथ ही लाख उत्पादन एवं अन्य कोई ऐसी उपज जिसे कृषि की गतिविधियों में शामिल करना हो तो कृषि, वन एवं सहकारिता विभाग के साथ समन्वय कर प्रस्ताव मंत्रिपरिषद की आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
वनमंत्री मो. अकबर ने भी लाख को कृषि का दर्जा दिए जाने मुख्यमंत्री से विशेष आग्रह किया था। और 15 सालों से छत्तीसगढ़ के किसान भी लाख को कृषि का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे थे। इससे किसानों को भी राहत मिलेगा और कृषि से संबंधित सारी सुविधाएं अब लाख किसानों को भी मिलने लगेगी।

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)। मेहनत करने वाले किसानों के चेहरे बयां कर रहे हैं कि उनकी उन्नति और खुशी। कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के समय विपत्ति की इस घड़ी में किसान परेशान हो रहे थे। ऐसे समय में सरकार उनके हर सुख-दुख की सहभागी बनी और उन्हें मदद पहुंचाई। राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों को बड़ी राहत मिली।
ग्राम सोमनी और अर्जुनी किसान ने कहा किे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार शिद्दत से किसानों के हित में कार्य कर रही है। लॉकडाउन के इस कठिन समय में यह राशि मेरे लिए महत्वपूर्ण है और इस राशि से बारिश से पहले खेती-किसानी के लिए तैयारी कर सकूंगा। ग्राम अर्जुनी के किसान लेखूराम देवांगन ने कहा कि लॉकडाउन में बड़ी राहत मिली और यह राशि हमें सही समय पर मिली है।
छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत जिले के किसान लाभान्वित हुए है। राज्य सरकार इस योजना के तहत किसानों को खेती किसानी के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खरीफ 2019 से धान और मक्का लगाने वाले किसानों को सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित मात्रा के आधार पर अधिकतम 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से अनुपातिक रूप से सहायता राशि देगी ।