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Rajnandgaon

सौर ऊर्जा की ऐतिहासिक छलांग छत्तीसगढ के राजनांदगांव में

18-Feb-2026
राजनांदगांव।  ( शोर संदेश )  भारत जैसे देश में सूरज की रोशनी बहुत है इसलिए यहां प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना देश के हर कोने तक सस्ती और साफ़ बिजली पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है । छत्तीसगढ के राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजना के अंतर्गत जिले में अब तक 8228 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3518 लाभार्थियों द्वारा वेंडर चयन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। 1340 घरों में सोलर पैनलों की स्थापना सफलतापूर्वक की जा चुकी है तथा 875 उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि वितरित की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का उपयोग कर सकेंगें और केंद्र एवं राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप स्थापना अब आम नागरिकों के लिए अधिक किफायती और सुलभ बन गई है। अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर पैसा कमाने का मौका मिल रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के ऑनलाइन पोर्टल से आसान आवेदन प्रक्रिया आसान है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति बढ़ती जनभागीदारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजनांदगांव जिले में केवल इस सप्ताह 181 नए आवेदन प्राप्त हुए तथा 96 इंस्टॉलेशन पूर्ण किए गए। यह आंकड़े जिले में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाते हैं।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का सबसे बड़ा लाभ उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत के रूप में मिल रहा है। बड़ी संख्या में परिवारों के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आई है। कई घरों में बिल शून्य या नकारात्मक तक आ रहे हैं। 
शासन की इस पहल से जहां परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है, वहीं वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा योजना का लाभ पात्र परिवारों तक शीघ्र एवं पारदर्शी रूप से पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।  गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप इंस्टॉलेशन, समयबद्ध सब्सिडी वितरण तथा उपभोक्ताओं को सतत मार्गदर्शन और सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर अपने घरों को स्वच्छ, सस्ती एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा से सशक्त बनाएं।

राजनांदगांव के मोंहदी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग, लाखों की संपत्ति स्वाहा

16-Feb-2026
राजनांदगांव।  ( शोर संदेश ) जिले के घुमका क्षेत्र अंतर्गत मोंहदी स्थित एक केमिकल कारखाने में सोमवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। हादसे में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार मोंहदी में संचालित जया केमिकल्स में सुबह अचानक आग की लपटें उठने लगीं, जब कर्मचारी अपने नियमित कार्य में व्यस्त थे। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। फैक्ट्री में तैयार किए जाने वाले केमिकल अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग तेजी से फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही घुमका पुलिस थाना के प्रभारी विजय मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। दुर्ग, राजनांदगांव और खैरागढ़ से दमकल की करीब पांच गाड़ियां मौके पर पहुंची हैं और आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है।
थाना प्रभारी ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। भीषण आगजनी के कारण दमकल कर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं। समाचार लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने राजनांदगांव के ग्रामों में कृषि योजनाओं की प्रगति का किया निरीक्षण

25-Dec-2025
राजनांदगांव ( शोर संदेश )। कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने राजनांदगांव जिले के ग्राम सोमनी, पार्रीखुर्द, मोखला, जंगलेसर एवं बरगा का भ्रमण कर केन्द्र एवं राज्य शासन के कृषि एवं संवर्गीय विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं तथा फसल चक्र परिवर्तन कार्यक्रम की प्रगति का अवलोकन किया। 
कृषि उत्पादन आयुक्त ने सेवा सहकारी समिति सोमनी में धान खरीदी एवं पीएम-आशा योजनांतर्गत खरीफ एवं रबी फसलों के समर्थन मूल्य पर उपार्जन की तैयारियों का जायजा लिया और किसानों के बीच समयबद्ध प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। ग्राम पार्रीखुर्द में उन्होंने फसल चक्र परिवर्तन कार्यक्रम के तहत किसानों से चर्चा की तथा कम पानी वाली फसलों की खेती के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। ग्राम मोखला में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत संचालित गतिविधियों, जैव आदान सामग्री वितरण एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई। ग्राम जंगलेसर में उद्यानिकी एवं अनुबंध खेती के तहत ली जा रही फसलों का अवलोकन कर किसानों को प्रोत्साहित किया।
आयुक्त निगार ने मिशन जल रक्षा अंतर्गत ग्राम बरगा में जल संरक्षण हेतु किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा, कृषि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर किसानों की आय में वृद्धि एवं कृषि को लाभकारी बनाना है।
 

घर-घर नल से जल: ग्राम तेलगान को मिला स्थायी पेयजल समाधान

17-Dec-2025
राजनांदगांव ( शोर संदेश )। जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम तेलगान में जल जीवन मिशन से पेयजल संकट का स्थायी समाधान हो गया है। जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत खुर्सीपार के आश्रित ग्राम तेलगान में निवासरत 348 ग्रामीण परिवारों को अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
ग्राम तेलगान की आजीविका मुख्यतः कृषि एवं मजदूरी पर आधारित है। पूर्व में गांव में पेयजल की गंभीर समस्या थी और पानी का एकमात्र स्रोत हैंडपंप थे। जलस्तर गिरने पर पानी निकालना कठिन हो जाता था। ग्रामीणों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था तथा कई बार दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ता था। इस स्थिति का सर्वाधिक प्रभाव महिलाओं पर पड़ता था, जिनका दिन का बड़ा हिस्सा पेयजल की व्यवस्था में व्यतीत हो जाता था।
ग्राम सरपंच महेश यादव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक घर तक नल से जलापूर्ति सुनिश्चित की गई है। अब नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से ग्रामीणों की दिनचर्या में व्यापक बदलाव आया है। पानी भरने में लगने वाला समय बचने से महिलाएं घरेलू, आजीविका एवं बच्चों की देखभाल जैसे कार्यों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं। जल जीवन मिशन ने ग्राम तेलगान में न केवल पेयजल समस्या का समाधान किया है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार लाकर उन्हें बेहतर और स्वस्थ भविष्य की ओर अग्रसर किया है। 

कैमरे में कैद हुआ दुर्लभ प्रवासी पक्षी स्टेपे गल

16-Dec-2025
राजनांदगांव (शोर संदेश)। खैरागढ़ स्थित रूसे जलाशय में एक बार फिर दुर्लभ प्रवासी पक्षी स्टेपे गल की मौजूदगी दर्ज की गई है। करीब पांच साल बाद इस पक्षी को यहां देखा गया है, जिससे क्षेत्र में पक्षी प्रेमियों और वन्यजीव विशेषज्ञों में उत्साह है।
स्टेपे गल अपनी असाधारण प्रवास क्षमता के लिए जाना जाता है। यह पक्षी हर वर्ष हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर अनुकूल जलवायु और सुरक्षित जलाशयों की तलाश में अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचता है। रूसे जलाशय में इसकी मौजूदगी इस बात का संकेत है कि यह इलाका धीरे-धीरे प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल ठिकाने के रूप में उभर रहा है।
पक्षी विज्ञानी ने कैमरे में किया कैद
मैकाल पर्वत श्रृंखला से घिरे खैरागढ़ के जंगलों में इस दुर्लभ प्रवासी पक्षी की तस्वीर पक्षी विज्ञानी प्रतीक ठाकुर ने अपने कैमरे में कैद की है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे अंतराल के बाद स्टेपे गल का दिखाई देना क्षेत्र की जैव विविधता के लिए एक सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत है।
प्रवासी पक्षियों के लिए बढ़ता आकर्षण
रूसे जलाशय पहले भी कई प्रवासी पक्षियों का अस्थायी बसेरा रहा है। साफ पानी, शांत वातावरण और पर्याप्त भोजन की उपलब्धता इसे पक्षियों के लिए उपयुक्त स्थान बनाती है।

रेल यात्री रहें सावधान! AI का दुरुपयोग कर कर बना रहे नकली ई-टिकट

16-Dec-2025
राजनंदगांव (शोर संदेश)। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में AI तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी ई-टिकट तैयार किए जाने का गंभीर मामला उजागर हुआ है। हाल के दिनों में ट्रेनों में एक ही सीट के लिए दो से तीन यात्रियों द्वारा दावा किए जाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक दिलीप सिंह के निर्देश पर नागपुर मंडल में विशेष सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 12 दिसंबर 2025 को गाड़ी संख्या 12833 में नागपुर–गोंदिया सेक्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात टीटीई इंद्रजीत ने टिकट जांच के समय दो यात्रियों को एक ही सीट पर दावा करते हुए पाया।
संदेह होने पर दोनों यात्रियों के ई-टिकट की जांच एचएचटी (हैंड हेल्ड टर्मिनल) उपकरण से की गई। जांच में एक टिकट वास्तविक पाया गया, जबकि दूसरा टिकट निष्क्रिय (फ्लश्ड) पीएनआर के आधार पर तैयार किया गया फर्जी ई-टिकट निकला।
पूछताछ में सामने आया कि फर्जी टिकट एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराया गया था। संपर्क करने पर उसका मोबाइल नंबर बंद मिला। जांच में स्पष्ट हुआ कि फ्लश्ड पीएनआर का उपयोग कर ई-टिकट की पीडीएफ फाइल को डिजिटल रूप से एडिट किया गया और AI टूल्स की मदद से नकली टिकट तैयार किया गया था।
वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक दिलीप सिंह ने मंडल के सभी टिकट जांच कर्मचारियों (टीटीई/टीसी) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी ई-टिकट और एम-टिकट का एचएचटी से अनिवार्य रूप से सत्यापन किया जाए। किसी भी संदिग्ध या संशोधित डिजिटल टिकट को तुरंत फर्जी मानते हुए कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जी टिकट के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही टिकट बुक करें और किसी अनजान व्यक्ति से टिकट लेने से बचें।

 


ग्राम घुपसाल कु में रबी सीजन में धान पर रोक, फसल विविधीकरण का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित

05-Dec-2025
राजनांदगांव  ( शोर संदेश )  राजनांदगांव जिले में भू-जल स्तर के लगातार गिरावट के दृष्टिगत ग्राम पंचायतों में ग्रामसभा आयोजित कर फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत घुपसाल कु में ग्रामसभा का आयोजन कर ग्रीष्मकाल में भू-जल स्तर के गिरावट को ध्यान में रखते हुए रबी सीजन में धान फसल को पूर्णतरू प्रतिबंध करते हुए धान के बदले अन्य फसल लेने का प्रस्ताव पास किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी में धान फसल लेने से पेयजल संकट उत्पन्न हो जाता है, जिससे गंभीर समस्या से गुजरना पड़ता है। ग्रीष्मकाल में धान फसल लेने वाले किसानों को ग्राम स्तर पर ग्रामीणों ने आर्थिक जुर्माना लगाकर दण्डित करने का फैसला भी लिया है। 
जिले में भू-जल स्तर के गिरावट के दृष्टिगत फसल चक्र परिवर्तन से पानी की बचत होगी तथा किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी। पूर्णतरू फसल चक्र परिवर्तन ग्राम पंचायत घुपसाल कु क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गए है। ग्राम घुपसाल कु के ग्रामीणों ने भू-जल स्तर को सुधारने स्वयं से अपने-अपने घरों में सोख्ता गड्ढा का निर्माण किया है। साथ ही नालों में पानी सहेजने श्रमदान से बोरी बंधान करके पानी रोकने में कामयाब हुए है। ग्राम स्तर के बैठक में जनपद पंचायत, कृषि विभाग, वन विभाग के अधिकारियों ने फसल चक्र परिवर्तन के बारे मे ग्रामीणों को अवगत कराया, साथ ही अन्य फसल के फायदे एवं मार्केटिंग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। 



 

सामुदायिक एकजुटता का नतीजा – जल संरक्षण में देशभर में चमका राजनांदगांव

13-Nov-2025
राजनंदगांव।  ( शोर संदेश ) जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 के विजेताओं की घोषणा की गई है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले को देश के ईस्ट जोन में बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार हेतु चयनित किया गया। यह सम्मान जिले में जल संरक्षण, संवर्धन तथा जनभागीदारी आधारित सतत कार्यों के लिए 18 नवम्बर 2025 को देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस पुरस्कार में देशभर के विभिन्न जिलों के नामांकन के बाद सेन्ट्रल ग्राउण्ड वॉटर बोर्ड, सेन्ट्रल वॉटर कमिशन एवं विभिन्न दलों के निरीक्षण व विस्तृत अवलोकन के उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य ही नहीं अपितु पूरे देश के ईस्ट जोन के पांच राज्यों के समस्त जिलों में से बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में यह खिताब राजनांदगांव जिले को प्रदान किया जा रहा है। विगत वर्ष केंद्रीय भू-जल मंत्री द्वारा राजनांदगांव जिले का दौरा कर जिले में चल रहे इस अभियान के प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए देश विभिन्न मंचों में राजनांदगांव जिले की प्रशंसा भी की गई थी।
जनभागीदारी आधारित यह अभियान जल संरक्षण की दिशा में सफल पहल
राजनांदगांव जिले में जल संरक्षण एवं प्रबंधन के कार्यों को शासन-प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, महिला स्वसहायता समूहों, उद्योगपतियों, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से मिशन के रूप में सघन अभियान चलाया गया। गांवों से लेकर शहरों तक नागरिकों ने जल ही जीवन है और जल है तो कल है के संदेश को आत्मसात करते हुए मिशन जल रक्षा को एक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। किसानों द्वारा फसल चक्र परिवर्तन, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के कार्यों से जिले में जल स्तर में सुधार हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। केंद्रीय भू-जल बोर्ड की 2021-22 की रिपोर्ट में जिले के तीन ब्लॉकों को सेमी-क्रिटिकल जोन के रूप में चिन्हित किया गया था। सेमीक्रिटिकल जोन का अर्थ पानी के विषय में 70 प्रतिशत से अधिक पानी का उपयोग करने वाले क्षेत्र इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए मिशन जल रक्षा के व्यापक प्रयासों के साथ जिले ने यह अभियान प्रारंभ किया था, अब यह पूरे देश में मॉडल के रूप में जाना जाने लगा है। इस योजना में जिले की प्राथमिकता है कि पहले तो हम पानी के तेजी से घटते जल स्तर की गति को धीमा कर सके फिर उसे एक स्तर पर स्थिर कर सके तत्पश्चात् अत्यधिक जल दोहन को रोककर इस प्राकृतिक बहुमूल्य धरोहर को संधारित कर सके। इसके लिए अनिवार्य है कि प्रत्येक नागरिक आज से ही अपने आसपास के क्षेत्र में होने वाले जल दोहन को ध्यान में रख कर कम से कम भू-जल का उपयोग करें एवं कम से कम पानी उपयोग वाली फसलों को बढ़ावा दें। 
महिला समूहों ने नीर और नारी जल यात्रा जैसे अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता के लिए कार्य किया गया। जिसमें जिले की पद्मश्री फूलबासन बाई यादव का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने जिले के गांव-गांव में जाकर महिलाओं को एकजुट कर जल यात्राओं के माध्यम से मुहिम को बल प्रदान किया। जिले के समस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने रैलियों, पौधारोपण विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जल संरक्षण हेतु प्रेरित किया। 
मिशन जल रक्षा - सतत विकास की दिशा में अभिनव पहल के रूप में उभर कर आने लगा
पानी के तेजी से घटते जल स्तर की इस चुनौती को प्रयासों में बदलते हुए जिले में जीआईएस आधारित तकनीकी योजनाओं, रिचार्ज संरचनाओं, रिचार्ज सॉफ्ट, बोरवेल सह इंजक्शनवेल, परकोलेशन टैंक, फार्म पॉन्ड और तालाबों के पुर्नजीवन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई। मिशन के अंतर्गत भू- जल दोहन नियंत्रण, वर्षा जल संग्रहण तथा सामुदायिक प्रयासों को जल संरक्षण की प्रमुख रणनीति के रूप में अपनाया गया।
सामुदायिक प्रयासों से मिली राष्ट्रीय पहचान
राजनांदगांव जिले को प्राप्त होने वाला यह राष्ट्रीय सम्मान, जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। साझा प्रयासों से जल बचाओ, भविष्य बनाओ की भावना को व्यवहार में उतारते हुए जिले ने यह साबित किया है कि जनभागीदारी से किसी भी संसाधन का संरक्षण संभव है। साथ ही साथ 18 नवंबर 2025 को ही नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले को एक अन्य जल संचय से जनभागीदारी के क्षेत्र में भी सम्मानित किया जाना है। राजनांदगांव की यह उपलब्धियां अब पूरे देश के सामने आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है। यह सम्मान न केवल जिले की उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए सतत जल प्रबंधन और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।

शिवनाथ नदी में नहाने गए दो मासूमों की डूबने से मौत, क्षेत्र में छाया मातम

28-Oct-2025
राजनंदगांव।  ( शोर संदेश ) जिले में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब हल्दी वार्ड क्षेत्र में दो मासूम बच्चे शिवनाथ नदी में नहाने के दौरान डूब गए। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। मृतकों की पहचान प्रिंस सोनकर (8 वर्ष) पिता इन्दु सोनकर, निवासी रामधीन चौक हल्दी वार्ड क्रमांक 51, और प्रियांशु निषाद (7 वर्ष) पिता लिलेश निषाद के रूप में की गई है।
जानकारी के अनुसार दोनों बच्चे शाम करीब चार बजे घर से खेलने निकले थे और शिवनाथ नदी के किनारे पहुंच गए। खेलते-खेलते वे नहाने के लिए पानी में उतर गए, लेकिन अचानक गहराई में चले जाने से उनकी डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे।
पुलिस और गोताखोर टीम ने पहुंचकर बच्चों की तलाश शुरू की। कुछ देर की मशक्कत के बाद दोनों के शव बरामद किए गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के किनारे सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने और निगरानी की कमी के कारण इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और परिजनों को सांत्वना दी जा रही है।
 

राजनांदगांव में सड़क हादसा : खड़ी ट्रक से टकराई बाइक, तीन युवकों की मौत

03-Oct-2025
राजनांदगांव ।  ( शोर संदेश ) नेशनल हाईवे में स्थित चिचोला-पाटेकोहरा बेरियर के पास बुधवार की सुबह 11 से 12 बजे के आसपास एक खड़ी ट्रक से टकराने से बाईक में सवार तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। चिचोला पुलिस मृतकों की शिनाख्ती में जुटी हुई है। डोंगरगढ़ एसडीओपी आशीष कुंजाम ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पाटेकोहरा बेरियर से नागपुर दिशा में एक ट्रक सड़क किनारे खड़ी थी, इसी दौरान एक बाईक में सवार तीन युवक सीधे खड़ी ट्रक से टकरा गए। मौके पर एक युवक की मौत हो गई जबकि हादसे में घायल दो युवकों की राजनांदगांव के मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक तेज रफ्तार में थे। संभवत: बाइक चलाने के दौरान सामने खड़ी ट्रक पर नजर नहीं पड़ी जिसके चलते यह हादसा हुआ।
 


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