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वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोना-चांदी सस्ते, एमसीएक्स पर दाम गिरे

11-Mar-2026
मुंबई। ( शोर संदेश ) वैश्विक बाजार में जारी अस्थिरता के बीच बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह करीब 10:30 बजे सोने के 2 अप्रैल 2026 कॉन्ट्रैक्ट का भाव 0.31 प्रतिशत घटकर 1,62,795 रुपये पर आ गया, जबकि चांदी के 5 मई 2026 कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.78 प्रतिशत गिरकर 2,75,690 रुपये हो गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं में कमजोरी देखी गई। कॉमेक्स पर सोना करीब 0.56 प्रतिशत गिरकर 5,212.64 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, वहीं चांदी 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 88.49 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि युद्ध को लेकर मिलेजुले संकेत मिलने से निवेशकों में सतर्कता का माहौल है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अब बाजार की नजर अमेरिकी जीडीपी और मुद्रास्फीति के आगामी आंकड़ों पर टिकी है। इन आंकड़ों से फेडरल रिजर्व की आगे की मौद्रिक नीति के संकेत मिल सकते हैं, जिससे सोने और चांदी की कीमतों की अगली दिशा तय होगी।

















 

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोना-चांदी में उछाल

07-Mar-2026
मुंबई।  ( शोर संदेश ) मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते शुक्रवार के कारोबारी सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव तथा महंगाई की आशंका के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे कीमती धातुओं में मजबूती दर्ज की गई।
सुबह करीब 10.39 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 1,072 रुपये यानी 0.67 प्रतिशत बढ़कर 1,60,745 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 5,333 रुपये से अधिक की बढ़त के साथ 2,67,524 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,61,525 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,65,560 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इस कारण महंगाई बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है और निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाकर सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी में हल्की तेजी देखी गई। हाजिर चांदी 84.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि सोना 12.60 डॉलर या 0.25 प्रतिशत बढ़कर 5,153.91 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटी विश्लेषक मानव मोदी ने बताया कि हालिया तेजी के बाद सोने में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे कुछ समय के लिए कीमतों पर दबाव आया। हालांकि भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोने में बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल सीमित बनी हुई है।
बाजार में तनाव उस समय और बढ़ गया जब यह खबर सामने आई कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में ईरान के एक युद्धपोत को डुबो दिया। वहीं ईरान की ओर से क्षेत्र के कई हिस्सों में मिसाइल हमलों की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे लंबे समय तक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस अनिश्चित माहौल में निवेशक जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाकर सोने जैसे सुरक्षित एसेट्स में निवेश बनाए रखना पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही फेडरल रिजर्व की संभावित नीतिगत ढील, मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं।
आर्थिक आंकड़ों की बात करें तो अमेरिकी श्रम विभाग के अनुसार शुरुआती बेरोजगारी दावे 2.13 लाख रहे, जो बाजार के अनुमान से बेहतर हैं। अब निवेशकों की नजर यूरोपीय संघ के जीडीपी डेटा, अमेरिका की रिटेल सेल्स, फैक्ट्री ऑर्डर्स और श्रम बाजार से जुड़े अन्य प्रमुख आंकड़ों पर टिकी हुई है।







 

सोने की चमक बढ़ी, चांदी भी 2.60 लाख रुपए के पार

23-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) वैश्विक अस्थिरता बढ़ने और अमेरिकी टैरिफ पर आए अपडेट के चलते सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को बड़ी तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:30 बजे तक सोना का 2 अप्रैल 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1.74 प्रतिशत या 2,724 रुपए की तेजी के साथ 1,59,504 रुपए था। अब के कारोबार में सोने ने 1,60,600 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है।
दूसरी तरफ चांदी में भी खरीदारी देखी जा रही है। चांदी के 05 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 12,531 रुपए या 4.95 प्रतिशत बढ़कर 2,65,475 रुपए थी। अब के कारोबार में चांदी ने 2,68,875 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। कॉमेक्स पर सोना 1.89 प्रतिशत बढ़कर 5,176 डॉलर प्रति औंस और चांदी 5.68 प्रतिशत बढ़कर 87.029 डॉलर प्रति औंस पर थी।
सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ को हटाने को माना जा रहा है। बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा था कि ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम, 1977 के तहत बिना कांग्रेस की अनुमति दिए व्यापक टैरिफ लगाए हैं, जो कि संविधान के खिलाफ है। टैरिफ लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं। इस कारण टैरिफ को रद्द किया जा रहा है।
दूसरी तरफ ट्रंप ने सेक्शन 122 के विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए दुनिया के सभी देशों से अमेरिका में आयात होने वाले उत्पादों पर 10 प्रतिशत का शुल्क लगा दिया था, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के कारण भी वैश्विक अस्थिरता में इजाफा हुआ और इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखा जा रहा है।

 

24 और 22 कैरेट सोने के भाव में उछाल, सर्राफा बाजार में हलचल

16-Feb-2026
रायपुर। ( शोर संदेश ) राजधानी में 16 फरवरी 2026 को सोने की कीमतों में मजबूती का रुख देखा जा रहा है। सर्राफा बाजार में 24 कैरेट (शुद्ध) सोना लगभग ₹15,236 से ₹15,774 प्रति ग्राम के बीच कारोबार कर रहा है। वहीं 10 ग्राम 24K सोने का भाव करीब ₹1,52,360 से ₹1,57,740 तक पहुंच गया है।
गहनों में इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना ₹14,459 से ₹14,510 प्रति ग्राम के आसपास चल रहा है। 10 ग्राम 22K सोने की कीमत ₹1,44,590 से ₹1,45,100 के बीच बताई जा रही है।
व्यापारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और डॉलर की चाल का असर घरेलू कीमतों पर पड़ रहा है।
शादी-विवाह के सीजन और निवेश मांग के चलते बाजार में खरीदारी बनी हुई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश से पहले कीमतों की तुलना और बाजार रुझान पर नजर रखना जरूरी है।


 

 


टैरिफ कटौती के बाद चमका सर्राफा बाजार, सोना ₹8,246 और चांदी ₹33,732 उछली

03-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर सहमति और टैरिफ में 18 फीसदी की कटौती का असर अब शेयर बाजार के साथ-साथ कमोडिटी बाजार पर भी साफ नजर आने लगा है। बीते पांच कारोबारी सत्रों में लगातार गिरावट के बाद आज सोना और चांदी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में करीब 8,246 रुपये की तेजी आई है, जिससे इसका भाव बढ़कर 1,49,939 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है। वहीं चांदी के दामों में 14.28 फीसदी की बड़ी छलांग देखने को मिली है। चांदी के भाव में 33,732 रुपये की बढ़ोतरी हुई है और यह अब 2,69,993 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है।
इससे पहले सोमवार (2 फरवरी) को अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। चांदी लगातार तीसरे दिन टूटकर 52,000 रुपये गिरते हुए 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई थी। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में चांदी अपने 29 जनवरी के उच्चतम स्तर से करीब 36 फीसदी तक टूट चुकी थी।
वहीं 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत भी 12,800 रुपये गिरकर 1,52,700 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। कॉमेक्स पर मंगलवार सुबह सोना करीब 137 डॉलर यानी लगभग 3 फीसदी की तेजी के साथ 4,789 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी में और भी ज्यादा उछाल देखने को मिला। चांदी 5.81 फीसदी या करीब 4.4 डॉलर की बढ़त के साथ 81 डॉलर प्रति औंस के पार कारोबार करती दिखी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक व्यापार समझौतों में नरमी, निवेशकों की सुरक्षित निवेश की ओर वापसी और डॉलर में उतार-चढ़ाव के चलते आने वाले दिनों में कीमती धातुओं में और हलचल देखने को मिल सकती है।








 

रिकॉर्ड तेजी के बाद सोना-चांदी में जोरदार गिरावट, चांदी 24 हजार और सोना 8 हजार रुपये टूटा

30-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) सोना और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। लगातार रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली और बाजार में करेक्शन के चलते दोनों कीमती धातुओं के दाम अचानक टूट गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत से ही सोना और चांदी लाल निशान में नजर आए।
सबसे ज्यादा दबाव चांदी की कीमतों पर देखने को मिला। MCX पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी करीब 24,000 रुपये टूटकर 3,75,900 रुपये प्रति किलो पर आ गई। इससे एक दिन पहले ही चांदी ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर पार किया था। गुरुवार को इसका भाव 3,99,893 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था, जबकि लाइफ टाइम हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया था। इस स्तर से एक ही दिन में करीब 44,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।
वहीं सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट आई। MCX पर सोना खुलते ही करीब 8,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया। लगातार ऊंचाई पर कारोबार के बाद सोने में भी मुनाफावसूली का असर साफ दिखा।
ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, गुरुवार को चांदी ने लगातार चौथे सत्र में तेजी जारी रखते हुए 19,500 रुपये या 5.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,04,500 रुपये प्रति किलो (सभी करों सहित) का रिकॉर्ड बनाया था। वहीं 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 12,000 रुपये या 7.02 प्रतिशत उछलकर 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
जनवरी महीने में अब तक सोने की कीमतों में 24 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है, जो 1980 के बाद की सबसे बड़ी मासिक तेजी मानी जा रही है। वहीं चांदी की कीमतों में इस महीने करीब 62 प्रतिशत का उछाल आया है, जो इसके इतिहास की सबसे बड़ी मासिक बढ़त की ओर इशारा करता है।
मुंबई में सोना लगभग 1,70,170 रुपये प्रति 10 ग्राम, कोलकाता में 1,69,950 रुपये, दिल्ली में 1,69,880 रुपये, चेन्नई में 1,70,670 रुपये, हैदराबाद में 1,70,440 रुपये और बेंगलुरु में करीब 1,70,310 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। दक्षिण भारत के बाजारों में सोने के दाम उत्तर भारत की तुलना में ऊंचे बने हुए हैं।
मुंबई में चांदी करीब 4,01,760 रुपये प्रति किलो, दिल्ली में 4,01,060 रुपये, चेन्नई में 4,02,920 रुपये, हैदराबाद में 4,02,390 रुपये, बेंगलुरु में 4,02,070 रुपये और कोलकाता में करीब 3,86,420 रुपये प्रति किलो रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी ऑल टाइम हाई के आसपास कारोबार कर रहे हैं, हालांकि शुक्रवार को हल्की नरमी देखने को मिली। कॉमेक्स पर सोना घटकर 5,412.40 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि इससे पहले यह 5,586.20 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका था। चांदी भी फिसलकर 117.45 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की नीतियों को लेकर असमंजस और भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोना-चांदी में लंबी अवधि की मांग बनी हुई है, हालांकि रिकॉर्ड स्तरों के बाद बीच-बीच में ऐसे करेक्शन देखने को मिलते रहेंगे।








 
 

रिकॉर्ड कीमतों के बीच ज्वेलरी उद्योग को बजट 2026-27 से बड़ी उम्मीदें

30-Jan-2026
नई दिल्ली । ( शोर संदेश )  भारत का जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग बजट 2026-27 से कुछ ठोस कदमों की उम्मीद कर रहा है ताकि बढ़ती कीमतों, वैश्विक अनिश्चितता और बदलती ग्राहक पसंद के दौर में इस क्षेत्र को मजबूती मिल सके। सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं, जिससे गहने आम उपभोक्ता की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं।
इस साल अब तक सोने की कीमतों में लगभग 17% की बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले साल 64% के उछाल के बाद आई है। चांदी की कीमतों में पिछले साल 147% का भारी उछाल देखा गया। इसका कारण सुरक्षित निवेश की मांग, केंद्रीय बैंकों की खरीद, अमेरिकी मौद्रिक नीति में ढील और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में रिकॉर्ड निवेश है।
सोने-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद उपभोक्ताओं की मांग बनी हुई है, हालांकि अब वे ज्यादा सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि भारत में गहने सिर्फ एक भावनात्मक खरीद ही नहीं, बल्कि पैसे जमा करने का एक जरिया भी हैं।
सेंको गोल्ड के एमडी एवं सीईओ सुवांकर सेन का कहना है कि आने वाले साल में गहनों की किफायती पहुंच अहम होगी। उन्होंने छोटे टिकट वाले ईएमआई विकल्पों को विनियमित करने और ज्वेलरी पर मौजूदा 3% जीएसटी दर की समीक्षा का सुझाव दिया है। साथ ही, 6% सोना आयात शुल्क पर पुनर्विचार, कारीगरों के लिए प्रशिक्षण, तकनीक अपनाने और घरेलू मांग पूरी करने के लिए एसईजी इकाइयों को लचीलेपन की जरूरत बताई है।
स्काई गोल्ड एंड डायमंड्स के एमडी मंगेश चौहान के मुताबिक, उद्योग वैश्विक चुनौतियों के बीच लागत कम करने और व्यवसाय में आसानी के लिए समझदारी भरी सुधारों की मांग कर रहा है। आयात शुल्क में तर्कसंगत कमी, सीमा शुल्क प्रक्रिया को आसान बनाने, जीएसटी को घटाकर 1 से 1.25% करना और टूरिस्ट जीएसटी रिफंड स्कीम को जल्द लागू करना उनकी प्रमुख मांगें हैं।
मलाबार ग्रुप के चेयरमैन एम.पी. अहमद उम्मीद जताते हैं कि पिछले साल सोने के आयात शुल्क में कटौती के बाद इस बार भी नीतिगत निरंतरता बनी रहेगी। वह सोने के मुद्रीकरण योजना को और आकर्षक बनाने पर जोर देते हैं ताकि घरों में पड़े सोने को अर्थव्यवस्था में लगाया जा सके और आयात निर्भरता घटे।
डिवाइन सॉलिटेयर्स के एमडी जिग्नेश मेहता कहते हैं कि नेचुरल डायमंड पर 5% आयात शुल्क घटाकर 2.5% किया जाना चाहिए, जिससे निर्यात, रोजगार और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, प्राकृतिक और लैब-ग्रोन डायमंड में अंतर स्पष्ट करने वाली बीआईएस अधिसूचना एक सही कदम थी।
लुकसन के सीईओ आनंद लुखी मानते हैं कि बजट में लैब-ग्रोन डायमंड को एक रणनीतिक क्षेत्र के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। कच्चे माल और मशीनरी पर शुल्क में कमी, अपग्रेडेड मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोत्साहन और एमएसएमई को आसान कर्ज मुहैया कराना इसके विकास के लिए जरूरी है।
जेन डायमंड के चेयरमैन नील सोनावाला आशा करते हैं कि बजट में समकालीन और हल्के डिजाइन वाले हीरे के गहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए संगठित खुदरा कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा। एक ऐसा बजट जो डिजिटल समर्थन, मैन्युफैक्चरिंग और उपभोक्ता विश्वास को बढ़ाए, ज्वेरी सेक्टर के अगले चरण के विकास का रास्ता खोलेगा।
कुल मिलाकर, उद्योग एक संतुलित बजट की उम्मीद कर रहा है जो गहनों को किफायती बनाए, निर्माण और निर्यात को मजबूत करे और भारत को वैश्विक गहना बाजार में एक ताकत के रूप में स्थापित करने में मदद करे।










 
 

निवेशकों की सुरक्षित शरण बने सोना-चांदी, दामों में ऐतिहासिक तेजी

29-Jan-2026
मुंबई।  ( शोर संदेश ) सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी का सिलसिला जारी है। बुधवार को हाजिर बाजार में सोने ने पहली बार 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर पार किया, वहीं चांदी 3.58 लाख रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गई। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार 24 कैरेट सोना 5,734 रुपये की जोरदार बढ़त के साथ ऑल टाइम हाई 1,64,635 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो पहले 1,58,901 रुपये था।
22 कैरेट सोने का भाव भी बढ़कर 1,50,806 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि 18 कैरेट सोना 1,23,476 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। चांदी की कीमत में भी 13,703 रुपये की तेजी दर्ज की गई और यह 3,58,267 रुपये प्रति किलो पर कारोबार करती दिखी।
एमसीएक्स पर भी कीमती धातुओं में मजबूती रही। 5 फरवरी 2026 के सोने के कॉन्ट्रैक्ट में 3.80 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि 5 मार्च 2026 की चांदी 6.13 प्रतिशत उछल गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 5,287 डॉलर प्रति औंस और चांदी 112 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, अमेरिका में फेड बैठक से पहले ब्याज दरों में बदलाव की कम संभावना और वैश्विक टैरिफ अनिश्चितता के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, तेज उछाल के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
 

भारत की लॉजिस्टिक्स लागत में आएगी कमी, मालढुलाई में रेलवे का शेयर बढ़ेगा

26-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत की लॉजिस्टिक्स लागत 2035 तक कम होकर 7-8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो कि मौजूदा समय में जीडीपी का 13-14 प्रतिशत है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की लॉजिस्टिक्स लागत कम होने से देश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रांट थॉर्नटन भारत की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में 2025 में 48 डील्स हुई हैं, जिसमें 2024 की अपेक्षा 37 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है। इस दौरान प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल निवेश बढ़कर 659 मिलियन डॉलर हो गया है। इसमें से ज्यादातर निवेश टेक आधारित और एसेट लाइट मॉडल्स पर हो रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया कि भारत के ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बड़े सुधार देखने को मिले हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश और डिजिटल एकीकरण बढ़ा है, जो दिखाता है कि सरकार का फोकस कनेक्टेड और प्रतिस्पर्धी प्रणाली बनाने पर है। ग्रांट थॉर्नटन भारत की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मालढुलाई में सड़कों की हिस्सेदारी 2035 तक कम होकर 50 प्रतिशत हो सकती है, जो कि 2014 में केवल 72 प्रतिशत थी। दूसरी तरफ मालढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत हो सकती है।
ग्रांट थॉर्नटन भारत के पार्टनर और परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स उद्योग प्रमुख भाविक वोरा ने कहा, “नीतिगत सुधारों, इन्फ्रास्ट्रक्चर के तेज निर्माण और बढ़ते डिजिटल एकीकरण के कारण भारत के परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र ने 2025 में संरचनात्मक परिवर्तन के एक चरण का अनुभव किया है।” वोरा ने आगे कहा कि मल्टीमॉडल इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल प्लेटफॉर्म में निवेश माल ढुलाई को नया आकार दे रहा है, जीएसटी सुधारों से लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम सुव्यवस्थित हो रहा है और अधिक कुशल, एकीकृत आपूर्ति श्रृंखलाओं की ओर बदलाव को मजबूती मिल रही है।
सरकार का लंबे समय का विजन भारत को 35 ऑपरेशनल एमएमएलपी, एआई-ड्रिवन शेड्यूलिंग और इंडो-पैसिफिक ट्रेड कॉरिडोर में गहरे एकीकरण के साथ एक डिजिटली सक्षम मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करता है। रिपोर्ट में कहा गया कि यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म अब 11 मंत्रालयों में 125 एपीआई को इंटीग्रेट करता है, जिससे रियल-टाइम डेटा एक्सचेंज संभव होता है और मुख्य इंटरचेंज पर रुकावट कम होती है।
चेन्नई, बेंगलुरु, नागपुर, इंदौर और जोगीघोपा में पांच मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क एडवांस स्टेज में हैं, जो भारत के मॉडल शिफ्ट एजेंडा को मजबूत कर रहे हैं।

सोना नई ऊँचाई पर: 1.28 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार पहुंची कीमत

03-Dec-2025
मुंबई  ( शोर संदेश ) सोने और चांदी में सोमवार को तूफानी तेजी देखने को मिली है,जिससे सोने का दाम बढ़कर 1.28 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का दाम 1.75 लाख रुपए प्रति किलो के पार निकल गया है।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत 2,209 रुपए बढ़कर 1,28,800 रुपए हो गई है, जो कि पहले 1,26,591 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।
इसी तरह, 22 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,17,981 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,15,957 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम 94,943 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 96,600 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।
सोने की अपेक्षा चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। बीते 24 घंटे में चांदी का दाम 10,821 रुपए बढ़कर 1,75,180 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 1,64,359 रुपए प्रति किलो था।
कोटक म्यूचुअल फंड के फंड मैनेजर सतीश दोंदापति ने कहा कि चांदी की कीमतें ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने की वजह वैश्विक स्तर पर आपूर्ति का कम होना है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, ऑटोमोटिव जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर चांदी का उपयोग हो रहा है। साथ ही निवेश के नजरिए से भी मांग लगातार बढ़ती चली जा रही है। इन सभी कारकों ने आपूर्ति पर दबाव पैदा किया है।
वायदा बाजार में भी सोने और चांदी में तेजी देखी जा रही है। सोने के 05 फरवरी, 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.06 प्रतिशत बढ़कर 1,30,874 रुपए हो गया है।
चांदी के 05 मार्च, 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 1.84 प्रतिशत बढ़कर 1,78,200 रुपए हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमत ऑल-टाइम हाई पर है। खबर लिखे जाने तक सोने की कीमत 0.62 प्रतिशत बढ़कर 4,281 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 0.75 प्रतिशत बढ़कर 57.57 डॉलर प्रति औंस थी।

 

 




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