ब्रेकिंग न्यूज

Delhi

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले गायक हरिहरन, ‘वंदे मातरम’ का स्पेशल विनाइल किया भेंट

28-Oct-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) गायक हरिहरन राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से एक सौजन्य भेंट (मुलाकात) करने पहुंचे थे। उन्होंने इस मुलाकात को अपने परिवार की चार पीढ़ियों के लिए एक बड़ा सम्मान बताया। गायक ने मुलाकात की कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट की, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके परिवार को राष्ट्रपति को ‘द एंथम – वंदे मातरम’ का एक स्पेशल विनाइल एडिशन और एक खास टर्नटेबल भेंट करने का मौका मिला।

गायक हरिहरन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की जमकर प्रशंसा की और कहा कि राष्ट्रपति की गर्मजोशी और शालीनता देखना बेहद खास रहा। उन्होंने अपनी मां अलमेलु मणि के साथ हुई बातचीत को बेहद स्नेहपूर्ण बताया और कहा कि यह याद उनके परिवार के लिए जीवनभर की यादगार रहेगी।

गायक हरिहरन ने लिखा, “हमारे दिलों में हमेशा के लिए बसा एक दिन।” उन्होंने आगे लिखा, “राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी से मिलना मेरे और मेरे पूरे परिवार के लिए, चार पीढ़ियों के लिए, बहुत बड़ा सम्मान और सौभाग्य की बात थी। हमें उन्हें ‘द एंथम-वंदे मातरम’ का स्पेशल विनाइल एडिशन और एक खास टर्नटेबल भेंट करने का सौभाग्य मिला।”

अपनी बात को खत्म करते हुए गायक हरिहरन ने लिखा, “उनकी गर्मजोशी, शालीनता और सम्मान को देखना, खासकर उन खूबसूरत पलों में जब उन्होंने मेरी मां अलमेलु मणि के साथ स्नेह और आदर साझा किया, एक ऐसी याद है जिसे हम जीवनभर संजोकर रखेंगे। संगीत राष्ट्र के लिए हमारी एक छोटी सी भेंट है और अपने प्रियजनों की मौजूदगी में राष्ट्रपति का आशीर्वाद मिलना इस सफर को सच में पूरा करता है।”

हरिहरन भारत के सबसे मशहूर प्लेबैक सिंगर्स में से एक हैं, जो हिंदी, तमिल, मलयालम, तेलुगु और दूसरी भाषाओं में गाने और वर्सेटिलिटी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 1980 के दशक में अपना करियर शुरू किया था और भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें 2004 में पद्म श्री समेत कई सम्मान मिले। उनके मशहूर गानों में बॉम्बे का ‘तू ही रे’, रोजा का ‘रोजा जानेमन’ और खामोशी का ‘बांहों के दरमियान’ जैसे कई और गाने शामिल हैं।

चक्रवात ‘अर्नब’ का राजस्थान पर असर, बारिश और तेज हवाओं की आशंका

28-Oct-2026
नई दिल्ली।।  ( शोर संदेश )  मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का निर्माण हो चुका है। आज बुधवार तड़के चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश और यनम तट के करीब पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार लैंडफॉल प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
तट पर दस्तक देने के बाद इसके समुद्र में पुनः उभरने, उत्तर की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की आशंका है। आने वाले दिनों में इस विकसित हो रहे मौसम तंत्र के कारण राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में पूर्वी हवाओं के तेज होने की संभावना है।

इस बीच, 29-30 अक्टूबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की आशंका है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे, बारिश, गरज के साथ तूफान और तेज हवाएं चलेंगी। पूर्वी राजस्थान में, भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर डिवीजनों में 29-30 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज के साथ तूफान और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।

पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर डिवीजनों के कुछ पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि, अधिकांश सीमावर्ती क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर को अजमेर, जयपुर, कोटा, भरतपुर, उदयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग में बारिश की भविष्यवाणी की है। 31 अक्टूबर को जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग में भी बारिश की संभावना है।

1 और 2 नवंबर को पूरे राजस्थान में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 29-30 अक्टूबर के लिए निम्नलिखित जिलों अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनू, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, और राजसमंद में येलो अलर्ट जारी किया है। सलूंबर, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, उदयपुर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, नागौर और पाली। अलर्ट में तूफान, बिजली गिरने और 40 किमी/घंटा तक की गति वाली तेज़ हवाओं की चेतावनी दी गई है।

वहीं, 31 अक्टूबर को आठ जिलों में आंधी और बिजली गिरने की आशंका को लेकर अलग से येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने और आंधी-तूफान और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को राजस्थान भर में मौसम शुष्क और धूप वाला रहा, हालांकि जिलों के बीच तापमान में काफी अंतर रहा।

बाड़मेर में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य अधिकतम तापमानों में जोधपुर और पाली के जवाई में 36.4 डिग्री सेल्सियस, जालोर में 35.9 डिग्री सेल्सियस, डूंगरपुर और जैसलमेर में 35.5 डिग्री सेल्सियस, चित्तौड़गढ़ में 35.2 डिग्री सेल्सियस, फलोदी में 34.6 डिग्री सेल्सियस, कोटा में 34.3 डिग्री सेल्सियस और उदयपुर में 34.0 डिग्री सेल्सियस शामिल हैं। वहीं, सीकर में न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
 

‘सपा के बिना रायबरेली भी जीत पाओगे?’ राजनाथ सिंह का राहुल गांधी पर कटाक्ष

16-Oct-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और देश में अराजकता पैदा करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी की राजनीतिक ताकत पर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति का भी जिक्र किया।
रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी से पूछा, “क्या समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना कांग्रेस रायबरेली में अपनी सीट भी जीतने की क्षमता रखती है?” उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में पिछले 37 वर्षों से सत्ता से बाहर है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में ‘रिजीम चेंज’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल हो रहा है। इससे साफ है कि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी कवायद के पीछे देश में अस्थिरता पैदा कर सत्ता हासिल करने की साजिश है। कांग्रेस और उसके सहयोगी युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के बजाय नकारात्मक गतिविधियों में लगा रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने कांग्रेस के इतिहास की याद दिलाते हुए कहा, “मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि 1975 में इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र को सलाखों के पीछे डाल दिया था। उन्होंने लोकतंत्र को कैद कर लिया था। आज राहुल गांधी संविधान को अपनी जेब में रखकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस के इतिहास के पन्ने पलटकर देखिए, आपको कई काले अध्याय मिलेंगे।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए उसके शासनकाल का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में चुनाव आयोग को अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश की थी। इस संदर्भ में उन्होंने 1993 में चुनाव आयोग में किए गए बदलावों और दो नए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का उल्लेख किया। 
उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र का हवाला दिया। गोपालस्वामी ने चुनाव आयुक्त नवीन चावला को पद से हटाने की सिफारिश की थी। राजनाथ सिंह के मुताबिक, गोपालस्वामी ने आरोप लगाया था कि नवीन चावला ने चुनाव आयोग की संवेदनशील जानकारी कांग्रेस नेताओं के साथ साझा की थी। रक्षा मंत्री ने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए कांग्रेस से उसके पुराने रिकॉर्ड पर जवाब देने की जरूरत जताई। 

‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के मद्देनजर मध्य दिल्ली में प्रभावित हो सकता है यातायात

16-Oct-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) की ओर से शुक्रवार शाम को ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के आह्वान के मद्देनजर दिल्ली यातायात पुलिस ने अपराह्न तीन बजे से मध्य दिल्ली की कई सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है।
दिल्ली यातायात पुलिस की ओर से जारी परामर्श के अनुसार, यातायात की स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर मार्गों में बदलाव किया जा सकता है। परामर्श में कहा गया है कि संसद मार्ग, बाबा खड़क सिंह मार्ग, शहीद भगत सिंह मार्ग, पंचकुइयां रोड, बसंत लेन, चेल्म्सफोर्ड रोड, मिंटो रोड, बाराखंभा रोड, कस्तूरबा गांधी मार्ग, तिलक मार्ग और सिकंदरा रोड पर यातायात प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा जनपथ, रेल भवन, रफी मार्ग, सी-हेक्सागन, मंडी हाउस, पटेल चौक, विंडसर प्लेस, गोल डाकखाना, अशोक रोड (जीपीओ से सी-हेक्सागन तक) और टॉलस्टॉय मार्ग पर भी यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

यातायात पुलिस ने लोगों को घर से निकलने के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी है। साथ ही, जहां तक संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और मौके पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने को कहा है। परामर्श में लोगों से सड़क किनारे वाहन खड़े नहीं करने और केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करने की अपील भी की गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आह्वान किया है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने पत्र लिखकर सूचित किया है कि कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा।

पुलिस के अनुसार, एनडीएमसी ने पार्क की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी व्यक्ति को वहां अनधिकृत रूप से प्रवेश करने से रोकने का अनुरोध भी किया है। पुलिस ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने तथा लोगों की जान और सरकारी एवं निजी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा पहले से लागू है।
 दिल्ली पुलिस ने लोगों से मार्च से दूर रहने की अपील की है। हालांकि, पुलिस ने कहा कि वह लोगों के एक सीमित समूह को किसी उपयुक्त स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने की सुविधा दे सकती है।
 

 


मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाने को तैयार काशी हिंदू विश्वविद्यालय, प्रतिभाओं का होगा सम्मान

14-Oct-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयूू) में पहली बार शैक्षणिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह आयोजित किया जा रहा है। पुरस्कार वितरण शुक्रवार को स्वतंत्रता भवन में आयोजित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करना है। इन वार्षिक पुरस्कारों के माध्यम से विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में संचालित सभी विषयों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। यह जानकारी बुधवार को विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क अधिकारी ने दी।

जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर पुरस्कारों की संख्या निर्धारित की गई है। 100 से अधिक विद्यार्थियों वाले पाठ्यक्रमों में प्रथम तीन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। 50 से 100 विद्यार्थियों वाले पाठ्यक्रमों में शीर्ष दो पुरस्कार तथा 50 से कम विद्यार्थियों वाले पाठ्यक्रमों में शीर्ष स्थान वाले एक विद्यार्थी को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2025–26 से प्रारंभ की गई इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को परिश्रम करने और अपने शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इन पुरस्कारों के लिए न्यूनतम 8.5 सीजीपीए प्राप्त करने वाले विद्यार्थी पात्र होंगे।

शैक्षणिक उत्कृष्टता पुरस्कार केवल डिग्री पूरी करने वाले विद्यार्थियों तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि प्रत्येक वर्ष अपने शैक्षणिक कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा। ये पुरस्कार प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष के अंत में विभिन्न पाठ्यक्रमों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रदान किए जाने प्रस्तावित हैं। अपनी डिग्री के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को दिसंबर में आयोजित होने वाले विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के अनुसार, विश्वविद्यालय को ऐसे विद्यार्थियों की पहचान उनके पाठ्यक्रम पूरा करने से काफी पहले ही कर लेनी चाहिए, जिनमें असाधारण शैक्षणिक प्रतिभा है। हमें आशा है कि इन पुरस्कारों से विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी। प्रथम शैक्षणिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। आयोजन से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए कई समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि पुरस्कार समारोह का पूर्वाभ्यास 15 अक्टूबर गुरुवार को आयोजित किया जाएगा।

दुधवा टाइगर रिजर्व में सुहेली नदी के 100 साल के बदलावों का अध्ययन होगा

14-Oct-2026
नई दिल्ली  ( शोर संदेश ) । उत्तर प्रदेश के दुधवा टाइगर रिजर्व (Dudhwa Tiger Reserve) में सुहेली नदी के पिछले 100 वर्षों के प्रवाह मार्ग और जल प्रवाह के तौर-तरीकों में आए बदलावों का आकलन करने के लिए विस्तृत जल-पारिस्थितिक सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य नदी में आए बदलावों का दस्तावेजीकरण करना और उसके संरक्षण एवं पुनर्स्थापन के उपाय सुझाना है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय निदेशक एच. राजमोहन ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि सर्वेक्षण और अध्ययन के लिए 86 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। राजमोहन ने बताया कि राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच), रुड़की के वैज्ञानिकों की एक टीम ने रविवार को सुहेली नदी का दौरा किया। प्रदीप सचान के नेतृत्व में पहुंची इस टीम ने विस्तृत अध्ययन से पहले प्रारंभिक आकलन किया।
नेपाल से निकलने वाली सुहेली नदी दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों के दक्षिणी किनारे से होकर बहती है और तिकुनिया क्षेत्र में घाघरा नदी में मिलती है। यह नदी और इससे जुड़ी जल प्रणालियां क्षेत्र के जंगलों, घास के मैदानों, आर्द्रभूमियों और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों के लिए महत्वपूर्ण हैं। हाल ही में मानसून के दौरान जलकुंभी से भरी सुहेली नदी बंशीनगर के पास किनारों से बाहर बहने लगी थी। इससे दुधवा-गौरीफंटा सड़क को नुकसान पहुंचा था और कुछ दिनों तक इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी थी।

राजमोहन ने कहा कि जल-पारिस्थितिक सर्वेक्षण के तहत नदी के जल विज्ञान और पारिस्थितिकी से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक दस्तावेज तैयार करना है, जिसमें पिछले 100 वर्षों के दौरान नदी के बहाव, जल प्रवाह और पारिस्थितिकी में आए बदलावों के साथ-साथ भविष्य में संभावित परिवर्तनों का भी आकलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अध्ययन से ऐसे उपाय सुझाने में मदद मिलेगी, जिनसे नदी की स्थिति को और खराब होने से रोका जा सके। इसमें यह भी आकलन किया जाएगा कि नदी से गाद निकालना उचित होगा या नहीं और इसका जलीय जीवन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि अध्ययन में उपग्रह आधारित सर्वेक्षण भी शामिल होगा। उन्होंने इसे नदी की स्थिति का व्यापक वैज्ञानिक आकलन बताते हुए कहा कि अध्ययन के निष्कर्ष राज्य सरकार को सौंपे जाएंगे, ताकि उनके आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सके। राजमोहन के मुताबिक, करीब एक साल पहले नदी से गाद निकालने और अन्य कार्यों को लेकर अलग-अलग राय सामने आने तथा कानूनी कार्यवाही शुरू होने के बाद इस तरह का अध्ययन कराने पर विचार किया गया था। 

 


विदेश मंत्री जयशंकर ने स्विस राष्ट्रपति परमेलिन से मुलाकात की, भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को और मजबूत करने पर जोर

06-Oct-2026
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को नई दिल्ली में स्विस राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर उत्साह की प्रशंसा की।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात से संबंधित जरूरी जानकारी साझा की। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ के बीच बैठक से भारत और स्विट्जरलैंड के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग और बढ़ेगा। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारत की राजकीय यात्रा पर आए स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ से मुलाकात कर खुशी हुई। भारत-ईएफटीए टीईपीए के वादे को आगे बढ़ाते हुए हमारी साझेदारी को गहरा करने के राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ  के विचारों की गहराई से सराहना करता हूं।” उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बैठक से दोनों देशों के बीच व्यापक क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा।
राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ  सोमवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी भारत की पहली राजकीय यात्रा है। इस साल फरवरी में वह नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आए थे। भारत पहुंचने पर गी पार्मेलॉ का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस यात्रा का मुख्य जोर दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और लोगों की आवाजाही समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर है। स्विस राष्ट्रपति के साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी नेताओं का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। राष्ट्रपति मुर्मु ने राष्ट्रपति पार्मेलॉ  के सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन करेंगी।
विदेश मंत्रालय ने भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा है कि यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती देगी। मंत्रालय के अनुसार, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। भारत और ईएफटीए के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) को भी दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। जयशंकर ने भी अपनी मुलाकात के दौरान इस समझौते से पैदा हुए अवसरों का उल्लेख किया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संपर्क ने इस साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ की मौजूदा यात्रा से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे तथा साझा हित वाले नए क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

 


यूक्रेन के सुमी में भारतीय दवा प्लांट पर ड्रोन अटैक, कंपनी ने जारी किया बयान

06-Oct-2026
नई दिल्ली। यूक्रेन के सुमी में भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी कुसुम हेल्थकेयर की विनिर्माण इकाई पर ड्रोन हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई और कई घायल हो गए। कंपनी ने एक बयान जारी कर इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि उसके जीवनरक्षक दवाओं के उत्पादन केंद्र को निशाना बनाया जाना ठीक नहीं है।

कुसुम हेल्थकेयर के मुताबिक, “4 अक्टूबर को हुए ड्रोन हमले में सुमी स्थित उसकी अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा को भारी नुकसान पहुंचा। हमले में एक कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। राहत और स्थिति का आकलन करने का काम जारी है तथा नुकसान का प्रारंभिक अनुमान 5 करोड़ डॉलर से अधिक है।”

कंपनी ने इस घटना को अप्रैल 2025 में यूक्रेन में उसके एक गोदाम पर हुए हमले के बाद दूसरी बड़ी घटना बताया है। उसके अनुसार, “14 अप्रैल 2025 को भी रूसी ड्रोन हमले में उसका यूक्रेनी गोदाम नष्ट हो गया था। उस हमले से उसे एक अरब यूक्रेनी रिव्निया से अधिक का नुकसान हुआ था।”

कुसुम हेल्थकेयर ने कहा कि वह भारत से संचालित अपनी विनिर्माण इकाइयों के जरिए 22 देशों को दवाओं का निर्यात करती है और यूक्रेन में भी आवश्यक दवाओं की आपूर्ति करती है। कंपनी ने कहा कि सुमी स्थित संयंत्र का काम लोगों के लिए जरूरी दवाओं का निर्माण करना था और युद्ध के बीच इस तरह की घटना का असर कर्मचारियों के साथ-साथ मरीजों पर भी पड़ता है।

कुसुम ने भारत सरकार से भी इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। कंपनी का कहना है, उसने भारतीय फार्मास्युटिकल मंचों के माध्यम से सरकार के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं और युद्ध क्षेत्र में काम कर रहे निजी स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए राजनयिक स्तर पर कदम उठाने का आग्रह किया है।”

कंपनी के अनुसार, उसके भारतीय परिचालन में राजस्थान के भिवाड़ी में दो और मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित पीथमपुर एसईजेड में एक विनिर्माण इकाई शामिल है। यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच कंपनी को अपने कारोबार और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

कुसुम हेल्थकेयर ने कहा कि भारतीय प्रबंधन घटना के बाद स्थिति की समीक्षा कर रहा है और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। कंपनी के मुताबिक, मौजूदा नुकसान 5 करोड़ डॉलर से अधिक पहुंचने का अनुमान है।

सुमी यूक्रेन के उत्तर-पूर्व में रूस की सीमा के करीब स्थित है और युद्ध के दौरान यहां लगातार रूसी हमलों की खबरें आती रही हैं। ऐसे में वहां काम कर रही कंपनियों और उनके कर्मचारियों के लिए सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कंपनी ने कहा कि उसकी प्राथमिकता फिलहाल प्रभावित कर्मचारियों की सुरक्षा और घायलों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही, वह अपने उत्पादन और दवाओं की आपूर्ति पर पड़े असर का भी आकलन कर रही है।

 


प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से राष्ट्र के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने, गलतियों से सीखने और अपने सपनों को पूरा करने का आह्वान किया

01-Aug-2026
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से राष्ट्र के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने, गलतियों से सीखने और अपने सपनों को पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश तेजी से प्रगति कर रहा है और उन्होंने यह इच्छा व्यक्त की कि प्रत्येक युवा को भी जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
पीएम मोदी ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए जंतर-मंतर पर हुई घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने युवाओं को सही राह दिखाने के लिए अपने एक वीडियो संदेश में कहा,
“अपशब्दों से कभी समाधान नहीं निकलता।
आइए, गुमराह लोगों का मार्गदर्शन करें।
आइए, एकजुट होकर प्रयास करें।
आइए, भारत के लिए कार्य करें।”
पीएम मोदी ने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, उसे पूरे देश और दुनिया ने देखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ “शरारती बच्चों” ने बेहद अभद्र और असभ्य भाषा का प्रयोग किया, जो किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देता। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से गालियां दी गईं और उनकी दिवंगत माता के लिए भी अत्यंत आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि घटना का स्वरूप बेहद दुखद था, लेकिन वह इस मुद्दे पर किसी के प्रति कटुता नहीं, बल्कि सुधार और सकारात्मक सोच के साथ बात करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि बचपन में गलतियां होना स्वाभाविक है और बचपन की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि उसमें गलतियों को सुधारने का अवसर भी होता है। उन्होंने कहा कि समाज के भीतर इस घटना को लेकर जो आक्रोश है, उसे वह भली-भांति समझ सकते हैं। उनके अनुसार, यह एक “कल्चरल शॉक” है कि देश की बेटियां इस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर सकती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समय इन बच्चों को गले लगाकर उन्हें सही रास्ता दिखाने का है। उन्होंने कहा कि ये गुमराह बच्चे हैं और उन्हें सही दिशा देना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को सजा देना, अदालतों के चक्कर कटवाना या समाज में प्रताड़ित करना परिस्थितियों को नहीं बदल सकता। उन्होंने कहा, “मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं। समाज भी मेरी इस भावना को स्वीकार करे, क्योंकि मेरे मन में एक ही भाव है। कभी-कभी दांतों तले हमारी जीभ आ जाती है, खून भी निकल आता है, लेकिन हम दांत नहीं तोड़ते, क्योंकि दांत भी हमारे हैं, जीभ भी हमारी है और बच्चे भी हमारे हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुमराह लोगों को सही राह दिखाना आसान काम नहीं होता, लेकिन कठिन कार्यों को ही करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी गलतियों से सीखें, कुछ नया सीखें और देश के विकास की यात्रा में सहभागी बनें।
उन्होंने कहा, “बच्चों आओ, हम देश के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ें। अपनी गलतियों से भी सीखें, अपने सपनों को लेकर आगे बढ़ें। देश बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और आगे भी बढ़ने वाला है। मेरा सपना है कि आपका भविष्य भी उज्ज्वल हो। मैं आपके लिए जीता हूं और आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार खपता हूं।

 


पेपर लीक के सभी मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन, केंद्रीय मंत्री बोले- ‘मील का पत्थर साबित होगा पीएम मोदी का निर्णय’

23-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने और केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। पीएम मोदी ने इस संबंध में निर्देश दिए हैं कि संबंधित विभाग जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि पेपर लीक के कारण युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध पीएम मोदी का यह महत्वपूर्ण कदम मील का पत्थर साबित होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भारत के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामलों में तेजी से सुनवाई के लिए ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ बनाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फैसला युवाओं को सशक्त बनाने के प्रति उनके मजबूत संकल्प और अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह निर्णायक कदम उन लोगों के खिलाफ तेज और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा जो हमारे युवाओं की उम्मीदों और भविष्य को खतरे में डालते हैं।
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “युवाओं का हित और उनका उज्ज्वल भविष्य मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भी है और संकल्प भी। प्रधानमंत्री की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के गठन से पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई और कठोर कार्रवाई का निर्णय इसी का प्रतिबिंब है। पेपर लीक के कारण युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह महत्वपूर्ण कदम मील का पत्थर साबित होगा।”
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य और उनके हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। पेपर लीक जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन व दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई का संकल्प हमारी सरकार की संवेदनशीलता और युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।”
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष और उसके नेता राहुल गांधी संसद में इस महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा करने से बचते हुए सड़कों पर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, जो उनके गैर-जिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत आचरण को दर्शाता है।
कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं के हित और उनके उज्ज्वल भविष्य की रक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का निर्णय दोषियों को शीघ्र और कठोर दंड सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मामलों के मंत्री भूपेंद्र यादव ने पोस्ट किया, “युवा शक्ति का विश्वास और उनके सपनों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त प्रहार करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के माध्यम से मामलों के त्वरित निस्तारण तथा दोषियों को शीघ्र और कड़ी सजा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह पहल उन तत्वों के लिए स्पष्ट संदेश है जो युवाओं की मेहनत और उनके भविष्य से खिलवाड़ करते हैं। पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की दिशा में यह कदम देश के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “फास्ट-ट्रैक कोर्ट अब यह सुनिश्चित करेंगे कि पेपर लीक में शामिल लोगों को सजा मिले। भारत के युवा ही देश की सबसे बड़ी संपत्ति हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हमारे युवाओं को एक उज्ज्वल भविष्य मिले और उन्हें अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के अवसर मिलें। हम अपने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाना जारी रखेंगे और अपने युवाओं व अभिभावकों को भरोसा दिलाते हैं कि हम मजबूती से उनके साथ खड़े हैं। देश के युवाओं के भविष्य के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पोस्ट किया, “विपक्ष में बैठने से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर देश को गुमराह करने का लाइसेंस नहीं मिल जाता। विपक्ष के नेता को क्या यह सत्य नहीं पता है कि कांग्रेस ने ही पेपर लीक की समस्या को पनपाया और इसकी जड़ों को गहरा किया।”
उन्होंने कहा, “राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के दौरान लगातार सामने आए पेपर लीक के प्रकरण इस विफलता की खुली गवाही हैं। कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारें युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करती रहीं, जबकि मोदी जी की सरकार ने शोर-शराबे के बजाय कार्रवाई का रास्ता चुना है। कड़े कानून बनाए, व्यवस्था को मजबूत किया और अब फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया है।”
गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने पोस्ट में लिखा, “सवाल पूछने के लिए संसद से बड़ा कोई मंच नहीं है। सरकार चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष ने बहस से भागकर उपद्रव की राजनीति को चुना। ‘भारत के भविष्य’ के साथ राजनीति करने वालों को यह याद रखना चाहिए कि युवाओं को कोरे नारे नहीं, निष्पक्ष परीक्षाएं और न्याय चाहिए।”

 


+ Load More

Feedback/Enquiry



Log In Your Account