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Delhi

प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से राष्ट्र के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने, गलतियों से सीखने और अपने सपनों को पूरा करने का आह्वान किया

01-Aug-2026
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से राष्ट्र के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने, गलतियों से सीखने और अपने सपनों को पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश तेजी से प्रगति कर रहा है और उन्होंने यह इच्छा व्यक्त की कि प्रत्येक युवा को भी जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
पीएम मोदी ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए जंतर-मंतर पर हुई घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने युवाओं को सही राह दिखाने के लिए अपने एक वीडियो संदेश में कहा,
“अपशब्दों से कभी समाधान नहीं निकलता।
आइए, गुमराह लोगों का मार्गदर्शन करें।
आइए, एकजुट होकर प्रयास करें।
आइए, भारत के लिए कार्य करें।”
पीएम मोदी ने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, उसे पूरे देश और दुनिया ने देखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ “शरारती बच्चों” ने बेहद अभद्र और असभ्य भाषा का प्रयोग किया, जो किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देता। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से गालियां दी गईं और उनकी दिवंगत माता के लिए भी अत्यंत आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि घटना का स्वरूप बेहद दुखद था, लेकिन वह इस मुद्दे पर किसी के प्रति कटुता नहीं, बल्कि सुधार और सकारात्मक सोच के साथ बात करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि बचपन में गलतियां होना स्वाभाविक है और बचपन की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि उसमें गलतियों को सुधारने का अवसर भी होता है। उन्होंने कहा कि समाज के भीतर इस घटना को लेकर जो आक्रोश है, उसे वह भली-भांति समझ सकते हैं। उनके अनुसार, यह एक “कल्चरल शॉक” है कि देश की बेटियां इस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर सकती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समय इन बच्चों को गले लगाकर उन्हें सही रास्ता दिखाने का है। उन्होंने कहा कि ये गुमराह बच्चे हैं और उन्हें सही दिशा देना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को सजा देना, अदालतों के चक्कर कटवाना या समाज में प्रताड़ित करना परिस्थितियों को नहीं बदल सकता। उन्होंने कहा, “मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं। समाज भी मेरी इस भावना को स्वीकार करे, क्योंकि मेरे मन में एक ही भाव है। कभी-कभी दांतों तले हमारी जीभ आ जाती है, खून भी निकल आता है, लेकिन हम दांत नहीं तोड़ते, क्योंकि दांत भी हमारे हैं, जीभ भी हमारी है और बच्चे भी हमारे हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुमराह लोगों को सही राह दिखाना आसान काम नहीं होता, लेकिन कठिन कार्यों को ही करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी गलतियों से सीखें, कुछ नया सीखें और देश के विकास की यात्रा में सहभागी बनें।
उन्होंने कहा, “बच्चों आओ, हम देश के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ें। अपनी गलतियों से भी सीखें, अपने सपनों को लेकर आगे बढ़ें। देश बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और आगे भी बढ़ने वाला है। मेरा सपना है कि आपका भविष्य भी उज्ज्वल हो। मैं आपके लिए जीता हूं और आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार खपता हूं।

 


पेपर लीक के सभी मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन, केंद्रीय मंत्री बोले- ‘मील का पत्थर साबित होगा पीएम मोदी का निर्णय’

23-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने और केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। पीएम मोदी ने इस संबंध में निर्देश दिए हैं कि संबंधित विभाग जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि पेपर लीक के कारण युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध पीएम मोदी का यह महत्वपूर्ण कदम मील का पत्थर साबित होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भारत के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामलों में तेजी से सुनवाई के लिए ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ बनाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फैसला युवाओं को सशक्त बनाने के प्रति उनके मजबूत संकल्प और अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह निर्णायक कदम उन लोगों के खिलाफ तेज और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा जो हमारे युवाओं की उम्मीदों और भविष्य को खतरे में डालते हैं।
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “युवाओं का हित और उनका उज्ज्वल भविष्य मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भी है और संकल्प भी। प्रधानमंत्री की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के गठन से पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई और कठोर कार्रवाई का निर्णय इसी का प्रतिबिंब है। पेपर लीक के कारण युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह महत्वपूर्ण कदम मील का पत्थर साबित होगा।”
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य और उनके हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। पेपर लीक जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन व दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई का संकल्प हमारी सरकार की संवेदनशीलता और युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।”
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष और उसके नेता राहुल गांधी संसद में इस महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा करने से बचते हुए सड़कों पर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, जो उनके गैर-जिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत आचरण को दर्शाता है।
कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं के हित और उनके उज्ज्वल भविष्य की रक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का निर्णय दोषियों को शीघ्र और कठोर दंड सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मामलों के मंत्री भूपेंद्र यादव ने पोस्ट किया, “युवा शक्ति का विश्वास और उनके सपनों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त प्रहार करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के माध्यम से मामलों के त्वरित निस्तारण तथा दोषियों को शीघ्र और कड़ी सजा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह पहल उन तत्वों के लिए स्पष्ट संदेश है जो युवाओं की मेहनत और उनके भविष्य से खिलवाड़ करते हैं। पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की दिशा में यह कदम देश के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “फास्ट-ट्रैक कोर्ट अब यह सुनिश्चित करेंगे कि पेपर लीक में शामिल लोगों को सजा मिले। भारत के युवा ही देश की सबसे बड़ी संपत्ति हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हमारे युवाओं को एक उज्ज्वल भविष्य मिले और उन्हें अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के अवसर मिलें। हम अपने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाना जारी रखेंगे और अपने युवाओं व अभिभावकों को भरोसा दिलाते हैं कि हम मजबूती से उनके साथ खड़े हैं। देश के युवाओं के भविष्य के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पोस्ट किया, “विपक्ष में बैठने से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर देश को गुमराह करने का लाइसेंस नहीं मिल जाता। विपक्ष के नेता को क्या यह सत्य नहीं पता है कि कांग्रेस ने ही पेपर लीक की समस्या को पनपाया और इसकी जड़ों को गहरा किया।”
उन्होंने कहा, “राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के दौरान लगातार सामने आए पेपर लीक के प्रकरण इस विफलता की खुली गवाही हैं। कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारें युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करती रहीं, जबकि मोदी जी की सरकार ने शोर-शराबे के बजाय कार्रवाई का रास्ता चुना है। कड़े कानून बनाए, व्यवस्था को मजबूत किया और अब फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया है।”
गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने पोस्ट में लिखा, “सवाल पूछने के लिए संसद से बड़ा कोई मंच नहीं है। सरकार चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष ने बहस से भागकर उपद्रव की राजनीति को चुना। ‘भारत के भविष्य’ के साथ राजनीति करने वालों को यह याद रखना चाहिए कि युवाओं को कोरे नारे नहीं, निष्पक्ष परीक्षाएं और न्याय चाहिए।”

 

पेपर लीक पर सरकार चर्चा को तैयार, विपक्ष राजनीतिक लाभ चाहता है : शिवराज सिंह चौहान

23-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर सियासी घमासान जारी है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए युवाओं की आकांक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संसद में व्यापक चर्चा चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पहले चर्चा की मांग करता है, फिर अलग नियम के तहत चर्चा की बात करता है और जब सरकार सभी शर्तें मानने को तैयार हो जाती है, तब भी चर्चा से पीछे हट जाता है। उनके अनुसार विपक्ष को आशंका है कि सदन में बहस होने पर उसके पुराने रिकॉर्ड और भूमिका पर भी सवाल उठेंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के कल्याण से बढ़कर सरकार के लिए कोई विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मुकदमा चलाया जाएगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ हासिल करना और अराजकता फैलाना है।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) एक स्वायत्त संस्था है और यदि उसके कामकाज में किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे, उनके खिलाफ कदम उठाए गए हैं और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक सुधार भी किए गए हैं।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था का फैसला किया है। उनके अनुसार युवाओं की अपेक्षा एक पारदर्शी, फूलप्रूफ और लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली की है। उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है तथा विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार इस विषय पर जितनी देर तक विपक्ष चाहे, उतनी देर तक चर्चा के लिए तैयार है। इसके बावजूद विपक्ष लगातार हंगामा कर संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है। उन्होंने कहा कि इससे करदाताओं के पैसे का नुकसान हो रहा है और विपक्ष समाधान के बजाय राजनीतिक टकराव को प्राथमिकता दे रहा है।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी जायज मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में व्यापक और बुनियादी सुधार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार पेपर लीक की घटनाएं वर्षों से राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर होती रही हैं और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक है, क्योंकि शिक्षा लाखों युवाओं के लिए सामाजिक और आर्थिक प्रगति का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।
भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि सरकार हर स्तर पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान संवाद और बहस के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही में भाग लेकर छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा करने की अपील की।



 

 


एनडीए के ‘मंगल मिलन’ में पेपर लीक पर गंभीर मंथन, पीएम मोदी ने जताई गहरी चिंता: किरेन रिजिजू

21-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) संसद के मानसून सत्र के बीच आयोजित ‘मंगल मिलन’ बैठक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के सांसदों को संबोधित किया। इस बैठक में सभी सहयोगी दलों के सांसद शामिल हुए। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक की जानकारी देते हुए मीडिया से बताया कि प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा और सभी सांसदों का मार्गदर्शन किया। बैठक में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा हुई और पीएम मोदी ने इसे चिंता का विषय बताया। साथ ही, सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की भी सराहना की गई।
बैठक की शुरुआत हाल ही में निर्वाचित नए राज्यसभा सदस्यों के स्वागत से हुई। प्रधानमंत्री ने सभी नए सांसदों का अभिनंदन करते हुए उनसे जनहित में बेहतर और प्रभावी कार्य करने का आग्रह किया। वहीं, नीट पेपर लीक मामले के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जैसे ही सरकार को पेपर लीक की जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई की गई। इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, इसलिए सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर दोबारा परीक्षा कराई और उसका परिणाम भी बिना किसी देरी के घोषित किया गया। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सरकार ने कई सख्त कदम उठाए हैं। पेपर लीक में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रभावी कानूनी प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न कर सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेपर लीक केवल किसी एक राज्य या केंद्र सरकार का मुद्दा नहीं है बल्कि यह पूरे देश और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। इसलिए सभी राज्यों और सभी राजनीतिक दलों को इस अपराध के खिलाफ मिलकर एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए। यह किसी दलगत राजनीति का विषय नहीं, बल्कि देश और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा का मामला है। युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोषियों को कड़ी सजा देने के साथ-साथ सरकार भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए एक मजबूत और पूरी तरह फूलप्रूफ व्यवस्था तैयार कर रही है।
दूसरी ओर, किरेन रिजिजू ने कहा कि बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले कुछ महीनों में देश की प्रमुख उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने विभिन्न देशों के साथ भारत द्वारा किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) की भी विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भारत ने जिन देशों के साथ भी एफटीए किए हैं, उनमें किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने साफ कहा कि किसी भी व्यापार समझौते से किसानों के हितों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। सरकार का हर फैसला किसानों और देश, दोनों के हित को ध्यान में रखकर लिया गया है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरी तरह किसानों और देश के हित में हैं तथा इनमें किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
रिजिजू ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री ने संसद के मानसून सत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूरा एनडीए सकारात्मक भूमिका निभाएगा और सरकार देशहित में जो भी विधेयक और महत्वपूर्ण कार्य संसद में लाएगी, उन्हें सभी सहयोगी दल मिलकर आगे बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों से भी सहयोग की अपील की है और कहा है कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन संसद देश, युवाओं और राष्ट्र के भविष्य के लिए काम करने का सर्वोच्च मंच है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों को संसद की गरिमा बनाए रखते हुए देशहित के मुद्दों पर मिलकर काम करना चाहिए।

कोच्चि में शुरू हुआ ‘ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस’, 26 देशों के प्रतिभागी हुए शामिल

21-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) भारतीय नौसेना ने कोच्चि में बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस’ का शुभारंभ किया है। इस चार दिवसीय अभियान में 26 देशों के 254 प्रतिभागी, 74 प्रशिक्षक और चार अंतरराष्ट्रीय संगठनों के विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। यह बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण भारत में पहली बार आयोजित किया गया है।
भारतीय नौसेना के दक्षिणी नौसैनिक कमान मुख्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम भारत में पहली बार हो रहा है। इसका आयोजन भारतीय नौसेना के नेतृत्व वाली संयुक्त कार्यबल-154 (CTF-154) के तत्वावधान में संयुक्त समुद्री बलों (Combined Maritime Forces) के सहयोग से किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में निम्नलिखित विषयों पर जोर दिया जा रहा है:
– नार्कोटिक्स (मादक पदार्थों) के खिलाफ कार्रवाई
– समुद्री सुरक्षा खतरों से निपटना
– पोत पर आग लगने की स्थिति में बचाव
– विपरीत परिस्थितियों में समुद्र में जीवित रहने के तरीके
– पोत प्रबंधन, नौवहन, खगोलीय नौवहन, संकट संचार और क्षति नियंत्रण
प्रतिभागियों को पोत संचालन, नौवहन, खगोलीय नौवहन, समुद्री संकट संचार प्रणाली, क्षति नियंत्रण और अग्निशमन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी के साथ प्रतिभागियों को भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक सिमुलेटरों और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का उपयोग कर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के पहले दिन संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC) ने लाल सागर और पश्चिमी हिंद महासागर क्षेत्र में उभरते समुद्री सुरक्षा खतरों पर विशेष सत्र आयोजित किया।
मुख्य संबोधन देने वालों में शामिल थे:
– संयुक्त कार्यबल-154 के कमांडर कमोडोर मिलिंद एम. मोकाशी
– संयुक्त समुद्री बलों के उप कमांडर कमोडोर डैन थॉमस
– दक्षिणी नौसैनिक कमान के प्रशिक्षण प्रमुख रियर एडमिरल दीपक सिंघल
वक्ताओं ने समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए पेशेवर प्रशिक्षण, अनुभव साझा करने और बहुराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर बल दिया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य साझेदार देशों की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करना, परिचालन समन्वय बढ़ाना और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करना है। भारतीय नौसेना ने इसे क्षेत्र में अपनी भूमिका को और मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया है।
आगामी तीन दिनों तक प्रतिभागी विभिन्न पेशेवर सत्रों, सिमुलेटर-आधारित प्रशिक्षण और व्यावहारिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम भारत और संयुक्त समुद्री बलों के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है।






 

वरिष्ठ वकील आगे आएं, पेपर लीक आरोपियों को दिलाएं कठोर सजा: पीएम मोदी

21-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा केवल किसी एक राज्य या केंद्र सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की चिंता का विषय है। जैसे ही सरकार को पेपर लीक की जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई की गई और अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को एनडीए की ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद मीडिया को प्रधानमंत्री के संदेश की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने पेपर लीक को पूरे देश की चिंता का विषय बताते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए देश के वरिष्ठ वकीलों को भी आगे आना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे अपराध करने वालों के मन में कानून का डर पैदा हो। इसी के साथ उन्होंने वरिष्ठ वकीलों से अपील की कि वे इस गंभीर मुद्दे में आगे आएं और आरोपियों को कठोर सजा दिलाने में मदद करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा किसी एक राज्य या केंद्र सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि जैसे ही सरकार को पेपर लीक की जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई की गई और अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना है। इसी कारण नीट परीक्षा दोबारा कराई गई और परिणाम भी समय पर घोषित किए गए।
रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री का मानना है कि पेपर लीक रैकेट में शामिल सभी लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी राज्यों और राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस अपराध के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार न केवल पेपर लीक रोकने का भरोसा दे रही है, बल्कि युवाओं को विश्व स्तर पर नेतृत्व करने के लिए तैयार भी कर रही है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विक्रम-1 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण की सराहना की और कहा कि भारतीय युवा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।  इसलिए सरकार अपना समय, ऊर्जा और पूरा फोकस युवाओं और उनके भविष्य पर केंद्रित रखेगी।
मानसून सत्र को लेकर पीएम मोदी ने एनडीए सांसदों से कहा कि वे सकारात्मक भूमिका निभाएं और सभी महत्वपूर्ण विधेयकों को एकजुट होकर पास कराएं। उन्होंने विपक्ष से भी संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने का सहयोग मांगा।
रिजिजू ने कहा कि बैठक बेहद सकारात्मक रही, जिसमें प्रधानमंत्री ने देश की हालिया उपलब्धियों और विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का भी जिक्र किया। 

 

दिल्ली के हरित अभियान को नई दिशा देने की पहल, औषधीय पौधों के रोपण पर केंद्रीय मंत्री प्रताप राव का विशेष जोर

10-Jul-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने दिल्ली सरकार की ओर से दिल्ली रिज इकोसिस्टम के संरक्षण और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान की सराहना की है। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर इस पहल को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में जाधव ने कहा कि दिल्ली में 70 लाख से अधिक स्वदेशी एवं जलवायु-अनुकूल पेड़ लगाने, 70 से अधिक जल निकाय विकसित करने और लगभग 6,000 हेक्टेयर भूमि को वन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना राजधानी के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करेगी।
उन्होंने कहा कि यह अभियान शहरी वायु गुणवत्ता सुधारने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित वातावरण तैयार करने में सहायक होगा। केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से दिल्ली रिज क्षेत्र में विलायती किकर और बाबूल जैसी आक्रामक प्रजातियों को हटाकर पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन और जामुन जैसी देशी प्रजातियों को बढ़ावा देने के निर्णय का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी वृक्ष प्रजातियों का विस्तार दिल्ली के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने में अहम भूमिका निभाएगा और रिज क्षेत्र को शहर के “फेफड़ों” के रूप में और अधिक प्रभावी बनाएगा। पर्यावरण संरक्षण के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य और पारंपरिक चिकित्सा को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए जाधव ने सुझाव दिया कि दिल्ली में प्रस्तावित आठ वनों में कम से कम 20 प्रतिशत क्षेत्र औषधीय पौधों के लिए निर्धारित किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि यह संभव न हो तो कम से कम दो वनों को पूरी तरह समर्पित औषधीय वन के रूप में विकसित किया जाए। जाधव ने कहा कि औषधीय वन आयुष क्षेत्र के लिए गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल का स्थायी स्रोत उपलब्ध करा सकते हैं। साथ ही, वे जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिक बहाली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली की कृषि-जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए औषधीय पौधों की एक सूची भी साझा की। इसमें अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी, ब्राह्मी, शतावरी, आंवला, अर्जुन, अशोक, नीम, बेल और जामुन जैसी प्रजातियां शामिल हैं। प्रतापराव जाधव ने कहा कि आयुष मंत्रालय औषधीय पौधों के संरक्षण और सतत स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली का यह अभियान शहरी वनीकरण, पारंपरिक चिकित्सा और पर्यावरण प्रबंधन को एक साथ जोड़ने वाला देश के लिए एक प्रेरक मॉडल बन सकता है।



















 

पीएम मोदी पहुंचे ऑकलैंड, एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री लक्सन ने किया स्वागत

10-Jul-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के आखिरी चरण के लिए शुक्रवार को ऑकलैंड पहुंचे। पीएम मोदी के यहां पहुंचने पर न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफ़र लक्सन ने उन्हें गले लगाकर उनका स्वागत किया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इसकी जानकारी दी, उन्होंने कहा, “कुछ देर पहले ही ऑकलैंड पहुंचा। एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए प्रधानमंत्री लक्सन का आभारी हूं ।” प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि चार दशकों में किसी प्रधानमंत्री का न्यूज़ीलैंड का यह पहला दौरा है। मैं प्रधानमंत्री लक्सन के साथ बातचीत करने और भारत-न्यूज़ीलैंड दोस्ती के सभी पहलुओं पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूँ। मैं कल ऑकलैंड में एक कम्युनिटी प्रोग्राम को भी संबोधित करूंगा।
तीन देशों (इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) की राजकीय यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण में पीएम मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री लक्सन के निमंत्रण पर, मेलबर्न से ऑकलैंड के दौरे पर पहुंचे हैं।
वहीं, इन देशों की यात्रा पर रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि मेरी यह यात्रा मार्च 2025 में प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा के बाद हमारे द्विपक्षीय संबंधों में आई मजबूती को और आगे बढ़ाएगी। इस यात्रा के दौरान, मैं प्रधानमंत्री लक्सन के साथ आर्थिक, व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करूंगा। मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही भारत और न्यूजीलैंड ने द्विपक्षीय व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है।
उन्होंने कहा कि हमारे द्विपक्षीय संबंधों में भारतीय प्रवासी समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और इस यात्रा के दौरान, मैं भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करने के लिए उत्सुक हूं, जिन्होंने जीवन के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।










 

भारत और ऑस्ट्रिलया के बीच सीएसआईआर के पारंपरिक ज्ञान डिजिटल पुस्तकालय तक पहुंच के लिए समझौता

10-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और आईपी ऑस्ट्रेलिया ने मेलबर्न में आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान सीएसआईआर के पारंपरिक ज्ञान डिजिटल पुस्तकालय (सीएसआईआर-टीकेडीएल) तक पहुंच के संबंध में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज एमपी की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
भारत ने गलत पेटेंट आवंटन की वजह से अपने समृद्ध पारंपरिक ज्ञान के दुरुपयोग को रोकने के लिए अपनी तरह का पहला पूर्व-कला डेटाबेस, पारंपरिक ज्ञान डिजिटल पुस्तकालय (टीकेडीएल) विकसित किया है। इस समझौते के तहत, आईपी ऑस्ट्रेलिया को टीकेडीएल डेटाबेस तक पहुंच प्राप्त होगी ताकि ऑस्ट्रेलिया के पेटेंट कानूनों और जांच प्रक्रियाओं के अनुसार पेटेंट आवेदनों की जांच करते समय प्रासंगिक पूर्व-कला की पहचान की जा सके। यह समझौता अधिक जानकारीपूर्ण और कुशल पेटेंट जांच को सुगम बनाएगा तथा भारत की प्रलेखित पारंपरिक विरासत का हिस्सा बन चुके ज्ञान पर पेटेंट के आवंटन को रोकने में मदद करेगा।
दरअसल, भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही समृद्ध स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों, पारंपरिक प्रथाओं और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के भंडार हैं जो सदियों से विकसित हुई हैं और दुरुपयोग के प्रति संवेदनशील हैं। समझौते पर हस्ताक्षर दोनों देशों की पारंपरिक ज्ञान की रक्षा करने और प्रलेखित पूर्व कला के प्रभावी उपयोग के माध्यम से बौद्धिक संपदा प्रणालियों को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार ने पारंपरिक ज्ञान डिजिटल पुस्तकालय (सीएसआईआर-टीकेडीएल) की स्थापना वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और आयुष मंत्रालय की संयुक्त पहल के माध्यम से वर्ष 2001 में की थी। यह पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के लिए समर्पित विश्व का पहला डेटाबेस है।
भारतीय पारंपरिक ज्ञान पर आधारित पेटेंटों के गलत अनुदान को रोकने के उद्देश्य से विकसित सीएसआईआर-टीकेडीएल में अभी आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, सोवा रिग्पा और योग से संबंधित 5.2 लाख से अधिक सूत्रों और प्रथाओं की जानकारी शामिल है। इसका पांच अंतरराष्ट्रीय भाषाओं – अंग्रेजी, जर्मन, फ्रेंच, जापानी और स्पेनिश में अनुवाद किया गया है, ताकि विश्व भर के पेटेंट परीक्षकों द्वारा इसका उपयोग किया जा सके।
आईपी ऑस्ट्रेलिया के साथ समझौते पर हस्ताक्षर के साथ अठारह पेटेंट कार्यालयों को अब गोपनीयता समझौतों (एनडीए) के तहत डेटाबेस तक पहुंच प्राप्त है। सीएसआईआर-टीकेडीएल ने भारत के पारंपरिक ज्ञान की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और डेटाबेस से प्राप्त पूर्व कला साक्ष्यों के आधार पर दुनिया भर में 375 से अधिक पेटेंट आवेदनों को रद्द, अस्वीकृत, संशोधित, वापस लिया या त्याग दिया गया है।
गौरतलब हो, टीकेडीएल पहुंच समझौता शिखर सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय चर्चाओं के अठारह प्रमुख नतीजों में से एक है, जिसमें रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, फिल्म निर्माण, पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक संपत्तियों की वापसी सहित कई क्षेत्रों को शामिल किया गया था।

एक जुलाई से हो रहे हैं कई बदलाव, एलपीजी से लेकर पासपोर्ट तक, होगा सीधा असर

02-Jul-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) जून के समाप्त होने के साथ ही नया महीना शुरू हो गया है। हर महीने की शुरुआत में कुछ न कुछ बदलाव होते हैं। ऐसे में बुधवार से आधार, पासपोर्ट, गाड़ियों की कीमतों से लेकर एलपीजी में बड़ा बदलाव हुआ है, जिनका असर आपके जीवन पर पड़ेगा।
–तेल वितरक कंपनियों ने एक जुलाई से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती का ऐलान किया है। इससे राष्ट्रीय राजधानी में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का दाम 183.50 रुपए घटकर 2,930 रुपए हो गया है, जो कि पहले 3,113.50 रुपए था। हालांकि, 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और उसे 942 रुपए पर स्थिर रखा गया है।
–भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने ऐलान किया है कि अगर आप अपने आधार में ईमेल आईटी अपडेट करना चाहते हैं तो एक जुलाई-31 दिसंबर तक निशुल्क कर सकते हैं। इससे पहले आधार में ईमेल अपडेट करने के लिए 75 रुपए देने होते थे। इस कदम के जरिए आधार का संचालन करने वाली संस्था यूआईडीएआई की ओर से लोगों को आधार में लेटेस्ट जानकारी अपडेट करने के लिए प्रेरित करना है।
–सरकार की ओर से पासपोर्ट बनाने की फीस को बढ़ा दिया गया है। अब सामान्य पासपोर्ट को बनवाने के लिए 1,500 रुपए की जगह 2,500 रुपए देने होंगे। वहीं, तत्काल पासपोर्ट को बनवाने के लिए 5,000 रुपए देने होंगे, जो फीस पहले 3,500 रुपए थी। यह नई फीस 1 जुलाई से लागू हो गई है।
कई वाहन कंपनियों द्वारा कीमतों में की गई बढ़ोतरी एक जुलाई से लागू हो रही है। इनमें टाटा मोटर्स, किआ मोटर्स, एमजी मोटर्स और बीएमडब्ल्यू का नाम शामिल है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (पीवी) ने अपने वाहनों की कीमतों को 1.5 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। वहीं, टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल (सीवी) ने कीमतों में 2.5 प्रतिशत तक का इजाफा किया है। इसके अलावा किआ मोटर्स और बीएमडब्ल्यू ने कीमतों में 2-2 प्रतिशत और एमजी मोटर्स ने 3 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।
इसके अलावा, कई क्रेडिट कार्ड के नियमों में एक जुलाई से बदलाव लागू हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसबीआई कार्ड ने कुछ चुनिंदा फोनपे एसबीआई कार्ड के लिए रिवॉर्ड पॉइंट में बदलाव किया गया है। इसके तहत कई नई सीमाएं लगाई गई हैं और कुछ ट्रांजैक्शन को रिवॉर्ड पॉइंट्स की कैटेगरी से हटाया गया है। वहीं, एचडीएफसी ने रेगलिया गोल्ड क्रेडिट कार्ड होल्डर्स अब हर कैलेंडर वर्ष की तिमाही में तीन बार मुफ्त डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज का इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए उन्हें हर तिमाही में कम से कम 60,000 रुपए खर्च करने होंगे।
 


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