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Gariaband

गांव में तेंदुए का खौफ, 3 साल की बच्ची पर हमला, ग्रामीणों ने बचाई जान

22-Apr-2026
गरियाबंद (शोर संदेश)। गरियाबंद जिले के कोटरीछापर गांव में एक बार फिर जंगली जानवरों का आतंक देखने को मिला है। यहां घर के आंगन के बाहर खेल रही 3 साल की मासूम बच्ची पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। इस भयावह घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। हालांकि ग्रामीणों और बच्ची की मां की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, मासूम बच्ची अपने घर के बाहर आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक झपट्टा मार दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेंदुआ इतनी तेजी से आया कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला और उसने बच्ची को पकड़कर खींचने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही बच्ची की मां ने यह दृश्य देखा, उसने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े।
ग्रामीणों ने बिना अपनी सुरक्षा की परवाह किए तेंदुए का सामना किया। शोर-शराबे और भीड़ को देखकर तेंदुआ कुछ देर के लिए विचलित हो गया। इसी मौके का फायदा उठाकर लोगों ने मिलकर मासूम बच्ची को उसके चंगुल से छुड़ा लिया। हालांकि इस हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके गर्दन और पैर में कई जगह चोटें आई हैं। परिजनों ने तुरंत उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गांव में पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ाने और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वन विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता राशि भी प्रदान की गई है, हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यह मदद नाकाफी है क्योंकि क्षेत्र में लगातार जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ रही है।
यह पहली घटना नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग दो महीने पहले भी इसी इलाके में तेंदुए ने एक बुजुर्ग पर हमला किया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोग अब बच्चों को अकेले घर के बाहर खेलने से भी रोकने लगे हैं।
ग्रामीणों की मांग– स्थायी समाधान जरूरी
गांव के लोगों का कहना है कि वन विभाग को केवल सतर्कता या अस्थायी उपायों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि तेंदुए को पकड़ने या सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि गांव के आसपास निगरानी बढ़ाई जाए, कैमरा ट्रैप लगाए जाएं और रात के समय विशेष गश्त की व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर CRPF का बड़ा एक्शन! जंगल से भारी विस्फोटक बरामद

13-Apr-2026
गरियाबंद (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सोनाबेड़ा अभ्यारण्य के ढेकुनपानी जंगल में सर्चिंग अभियान के दौरान सीआरपीएफ जवानों ने भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई को नक्सली नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, ओडिशा के कोमना पुलिस कैंप से निकली सीआरपीएफ टीम इलाके में नियमित सर्चिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान जवानों को जंगल में संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले, जिसके आधार पर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।
सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों को मौके से 70 नग जिलेटिन, 3 स्टील कंटेनर और 4 बंडल इलेक्ट्रॉनिक वायर बरामद हुए। प्रारंभिक आकलन में यह माना जा रहा है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल नक्सली किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए करने वाले थे, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की बरामदगी नक्सली नेटवर्क के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। विस्फोटक सामग्री की जब्ती से संभावित हमले की साजिश नाकाम हो गई है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है।
घटना के बाद ओडिशा पुलिस और सीआरपीएफ ने पूरे जंगल क्षेत्र में सर्चिंग अभियान और तेज कर दिया है। सुरक्षाबल हर संभावित ठिकाने की जांच कर रहे हैं, ताकि छिपे हुए नक्सलियों या उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर लंबे समय से नक्सली गतिविधियां सक्रिय रही हैं। ऐसे में सुरक्षाबलों द्वारा लगातार सर्चिंग और ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इस बरामदगी के बाद सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है।

मेहनत और आत्मविश्वास से हीराबाई बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

07-Mar-2026
गरियाबंद( शोर संदेश )गरियाबंद जिले के ग्राम मालगांव की निवासी हीराबाई निषाद ने अपने साहस, दृढ़ निश्चय और निरंतर मेहनत के बल पर महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हुए अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाया और आज वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
वर्ष 2011 में हीराबाई ने गांव की महिलाओं को संगठित कर स्व-सहायता समूह की शुरुआत की। इसके बाद वर्ष 2016 में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ते हुए उन्होंने “माता कृपा महिला स्व-सहायता समूह” की स्थापना की और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया। समूह के माध्यम से आरएफ फंड से 60 हजार रुपये का ऋण प्राप्त कर उन्होंने बकरी पालन का कार्य प्रारंभ किया। शुरुआत में उन्होंने 8 बकरियां खरीदीं और उनकी देखभाल के साथ समय-समय पर बिक्री कर अच्छी आय अर्जित करने लगीं। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी। एक बकरी को लगभग 15 हजार रुपये तक में बेचकर वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने लगीं। आज स्थिति यह है कि उनकी बकरियों की संख्या 8 से बढ़कर लगभग 50 तक पहुंच चुकी है और वे नियमित रूप से बकरियों की बिक्री कर अच्छा मुनाफा कमा रही हैं।
आय में वृद्धि होने के साथ ही हीराबाई ने अपने कार्यों का विस्तार किया। त्यौहार के समय कुछ बकरियों की बिक्री से प्राप्त आय से उन्होंने 1 लाख 50 हजार रुपये की दोना-पत्तल बनाने की ऑटोमैटिक मशीन खरीदी, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार रुपये की अतिरिक्त आय होने लगी। इसके बाद उन्होंने 1 लाख 80 हजार रुपये की लागत से अगरबत्ती बनाने की मशीन भी खरीदी, जिससे उनकी आय के नए स्रोत तैयार हुए।
हीराबाई ने गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। उन्होंने 1 लाख रुपये का डाउन पेमेंट कर लगभग 6 लाख रुपये की छोटी मालवाहक गाड़ी भी खरीदी। इस गाड़ी के माध्यम से उनका बेटा आसपास के गांवों में दैनिक उपयोग की वस्तुएं लेकर जाकर बिक्री करता है, जिससे परिवार की आमदनी में निरंतर वृद्धि हो रही है।
लगातार बढ़ती आय और मेहनत के बल पर हीराबाई ने आगे चलकर ट्रैक्टर, ट्रॉली और थ्रेसर भी खरीदे, जिससे कृषि कार्यों में सुविधा मिली और उनकी आमदनी पहले से कई गुना बढ़ गई।
आज हीराबाई निषाद सच मायनों में अपने परिवार की 'हीरा' बनकर चमक रही हैं। उनकी लगन, मेहनत और आत्मविश्वास ने न केवल उनके परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा प्रदान की है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प और परिश्रम से कोई भी महिला आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सकती है।

 


कलेक्टर के निर्देश पर बोर्ड परीक्षा केंद्रों का जिला शिक्षा अधिकारी व उड़न दस्ता टीम ने की जांच

28-Feb-2026
गरियाबंद( शोर संदेश )। कलेक्टर बी.एस. उइके के निर्देश पर बोर्ड परीक्षाओं की सुचारू, निष्पक्षता तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिले में सतत निरीक्षण की जा रही है। आज जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर, उड़नदस्ता टीम एवं अन्य अधिकारियों ने माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
जिला शिक्षा अधिकारी धीर, जिला स्तरीय उड़न दस्ता टीम एवं अधिकारियों ने हायर सेकंडरी स्कूल अतरमरा, पीपरछेड़ी, खडमा, गोहरापदर, धुरवागुड़ी, रानीपरतेवा सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। टीम ने कक्षावार व्यवस्थाओं, प्रश्नपत्रों के संरक्षण, पर्यवेक्षकों की उपस्थिति और विद्यार्थियों की बैठने की व्यवस्था का बारीकी से परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कहीं भी अनुचित साधनों के उपयोग या किसी प्रकार की अव्यवस्था की जानकारी नहीं मिली। सभी केंद्रों में परीक्षा निर्धारित व्यवस्थाओं के अनुरूप, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो रही थी। 
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर ने केंद्र प्रभारियों एवं कक्ष पर्यवेक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन की पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं नकल प्रकरण पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों को भी नकल से दूर रहते हुए आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने की अपील की।
 

रायपुर से राजिम चल रही कुंभ स्पेशल मेमू ट्रेनें, प्रतिदिन लगा रही 6 फेरे

04-Feb-2026
गरियाबंद ( शोर संदेश )  राजिम कुंभ मेला 2026 में प्रदेश सहित देशभर के बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के वाणिज्य विभाग द्वारा यात्रियों को रेलवे सेवाओं की जानकारी सरल एवं त्वरित रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “रेल वन ऐप” के प्रचार हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 01 फरवरी 2026 से 15 फरवरी 2026 तक राजिम कुंभ मेला क्षेत्र में प्रतिदिन सहायता डेस्क/हेल्प डेस्क स्थापित की जा रही है। इन हेल्प डेस्कों पर रेलवे के वाणिज्य निरीक्षक एवं वाणिज्य कर्मचारी यात्रियों को “रेल वन ऐप” डाउनलोड करने, इसके उपयोग की प्रक्रिया तथा इसमें उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दे रहे हैं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि “रेल वन ऐप” के माध्यम से यात्री टिकट बुकिंग, ट्रेन की लाइव स्थिति, पीएनआर स्टेटस, शिकायत निवारण, रेल मदद, स्टेशन सुविधाओं सहित अन्य महत्वपूर्ण रेलवे सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकते हैं।
राजिम कुंभ मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेल द्वारा रायपुर-राजिम रेलखंड पर 2 मेमू कुंभ मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यह विशेष रेल सेवा 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक उपलब्ध रहेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सड़क मार्ग पर बढ़ने वाले यातायात दबाव में भी कमी आएगी।
जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 08755 (रायपुर-राजिम मेमू पैसेंजर) रायपुर रेलवे स्टेशन से 11.55 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन मंदिर हसौद 12.15 बजे, सीबीडी (पीएच) 12.24 बजे, केंद्री 12.34 बजे, अभनपुर 12.49 बजे, मानिकचौरी 12.57 बजे होते हुए 13.20 बजे राजिम पहुंचेगी। इसी तरह गाड़ी संख्या 08756 (राजिम-रायपुर मेमू स्पेशल) राजिम रेलवे स्टेशन से 14.00 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन मानिकचौरी 14.07 बजे, अभनपुर 14.14 बजे, केंद्री 14.22 बजे, सीबीडी (पीएच) 14.31 बजे, मंदिर हसौद 14.43 बजे रुकते हुए 15.30 बजे रायपुर पहुंचेगी। इसके अतिरिक्त दूसरी जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन भी किया जा रहा है। गाड़ी संख्या 08757 (रायपुर-राजिम मेमू पैसेंजर) रायपुर से 14.30 बजे प्रस्थान कर मंदिर हसौद 14.48 बजे, सीबीडी (पीएच) 14.49 बजे, केंद्री 15.09 बजे, अभनपुर 15.23 बजे, मानिकचौरी 15.31 बजे होते हुए 16.00 बजे राजिम पहुंचेगी। वहीं गाड़ी संख्या 08758 (राजिम-रायपुर मेमू स्पेशल) राजिम से 20.30 बजे रवाना होकर मानिकचौरी 20.37 बजे, अभनपुर 20.44 बजे, केंद्री 20.52 बजे, सीबीडी (पीएच) 21.00 बजे, मंदिर हसौद 21.12 बजे रुकते हुए 22.00 बजे रायपुर पहुंचेगी।

 

दिल्ली में आयोजित मॉडल यूथ ग्राम सभा में कोसमगुड़ा एकलव्य विद्यालय के युवाओं को मिला प्रथम पुरस्कार

31-Jan-2026
गरियाबंद।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि गरियाबंद जिले के जनपद पंचायत अंतर्गत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा की टीम ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। यह प्रतियोगिता पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के 800 से अधिक विद्यालयों की सहभागिता रही। एकलव्य आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों को इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विजेता छात्रों, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं की क्षमता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है।
राष्ट्रीय विजेता दल से आज उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने सौजन्य मुलाकात कर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता है। विद्यार्थियों ने ग्राम सभा की कार्यप्रणाली, ग्रामीण समस्याओं की पहचान एवं उनके समाधान प्रस्तुत कर अपनी उत्कृष्ट समझ का परिचय दिया है।
आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने भी इस उपलब्धि को जनजातीय अंचलों में शिक्षा के सशक्तिकरण का सकारात्मक परिणाम बताया। वहीं आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे भविष्य के जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण की दिशा में प्रेरणादायक बताया।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के अंतर्गत छात्रों द्वारा मॉक ग्राम सभा सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण विकास, निर्णय-प्रक्रिया तथा स्थानीय समस्याओं पर व्यावहारिक चर्चा की गई। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा की टीम ने इन विषयों पर गहन समझ और प्रभावी प्रस्तुति दी, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। विजेता दल को प्रशस्ति पत्र के साथ संस्थान के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव निहारिका बारिक तथा संचालक पंचायत विभाग प्रियंका महोबिया ने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलाकांत यादव एवं सभी विद्यार्थियों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी।





 

कड़ाके की ठंड में भी आस्था अडिग, छत्तीसगढ़ में धूमधाम से मकर संक्रांति

14-Jan-2026
गरियाबंद।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ में आज मकर संक्रांति का पर्व पूरे श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। गरियाबंद जिले के राजिम स्थित प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों ने महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के संगम में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दीप दान कर भगवान कुलेश्वर नाथ एवं भगवान राजीव लोचन का विधिवत जलाभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार (14 जनवरी) को प्रदेश के विभिन्न जिलों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। राजधानी रायपुर में कई स्थानों पर पतंगबाजी कार्यक्रमों की धूम देखने को मिल रही है। वहीं मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, दीपोत्सव और भोग प्रसाद की आकर्षक व्यवस्था की गई है।
भिलाई के जयंती स्टेडियम के समीप स्थित हेलीपेड ग्राउंड में प्रदेश का सबसे बड़ा पतंग महोत्सव आयोजित किया गया है, जो लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित इस पतंगबाजी उत्सव में शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। इस दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा यातायात नियमों का पालन करने, सुरक्षित पतंगबाजी करने और सामाजिक जागरूकता फैलाने का संदेश भी दिया जा रहा है। मकर संक्रांति का यह पर्व पूरे प्रदेश में आस्था, उल्लास और सौहार्द का संदेश दे रहा है।






 

गरियाबंद में दर्दनाक सड़क हादसा: एक युवक की मौत, एक गंभीर घायल

02-Jan-2026
गरियाबंद । ( शोर संदेश ) नए साल की खुशियां गरियाबंद जिले के एक परिवार के लिए मातम में बदल गईं। देवभोग थाना क्षेत्र के सरदापुर स्थित आईटीआई कॉलेज के पास एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। दो दोस्तों की बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें जामगांव निवासी पप्पू नागेश (22 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कदलीमुड़ा निवासी ओंकार नागेश (24 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों युवक CG 23 N 8062 क्रमांक की बाइक से घूमकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान आईटीआई कॉलेज के पास उनका वाहन हादसे का शिकार हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पप्पू नागेश ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल ओंकार नागेश को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग लाया गया, जहां से उसकी नाजुक हालत को देखते हुए रायपुर रेफर किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। कोतवाली टीआई फैजुल शाह ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर अज्ञात वाहन की टक्कर से दुर्घटना होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

 

गरियाबंद जिला जल संरक्षण में देश में तीसरे स्थान पर सम्मानित

19-Nov-2025
गरियाबंद। ( शोर संदेश )  जल संचय और जन भागीदारी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला को जोन-1, केटगरी-2 में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कर कमलों से यह सम्मान प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के तहत गरियाबंद जिले को विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रूपए की राशि मिली है। इससे न सिर्फ गरियाबंद जिला, बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस दौरान केंद्रिय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, जल शक्ति एवं रेल मंत्रालय के राज्यमंत्री  वी. सोमन्ना एवं जल शक्ति मंत्रालय के राज्यमंत्री राज भूषण चौधरी उपस्थित थे। यह पुरस्कार जिले के कलेक्टर बी एस उइके, जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता एस के बर्मन एवं सहायक अभियंता मनोज ताण्डिल्य ने प्राप्त किया। राष्ट्रीय जल संचय एवं जलभागीदारी कार्य के लिए तीसरा पुरस्कार के रूप में गरियाबंद जिले को एक करोड़ रूपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ। गौरतलब है कि गरियाबंद जिला, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रतियोगिता में विभिन्न चरणों के निरीक्षण, पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन के बाद ईस्ट जोन का तृतीय बेस्ट जिला चुना गया। 
उल्लेखनीय है कि जिले में संबंधित विभागों के माध्यम से 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए गरियाबंद को छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ एक करोड़ रूपए का पुरस्कार भी प्रदान किया गया। यह उपलब्धि जिले के विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के क्रियान्वयन का परिणाम रहा है, जिसमें जिले के नागरिकों, महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिले में तेजी से गिरते जल स्तर को देखते हुए जिले ने व्यापक रणनीति के साथ जल शक्ति अभियान - कैच द रेन मोर गांव मोर पानी के अंतर्गत मिशन जल रक्षा - नारी शक्ति से जल शक्ति की शुरूआत की गई है। भू-जल रिचार्ज के लिए तकनीकी नवाचार  जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक द्वारा असफल बोरों मे रिचार्ज का प्रयास, परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षाजल को सीधे वाटर टेबल से जोडऩा, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआईएस-आधारित योजना निर्माण, कार्य किए गए है।

साईबीनकछार, कोदोमाली और भूतबेड़ा के जंगलो से नक्सलियों द्वारा डम्प की गई भारी मात्रा में आईईडी बनाने का सामान जप्त

03-Nov-2025

गरियाबंद (शोर संदेश)। थाना शोभा और थाना पायलीखण्ड़ (जुगाड़) क्षेत्रांतर्गत आने वाले ग्राम साईबीनकछार, कोदोमाली और भूतबेड़ा के जंगलों में पुलिस ने दबिश दिया और वहां नक्सलियों द्वारा डम्प की गई भारी मात्रा में आईईडी बनाने का सामान, चार कुकर बम, इलेक्ट्रिक वायर, फटाखे और राशन सामग्री को जप्त किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम साईबीनकछार, कोदोमाली और भूतबेड़ा के जंगलों में जिला पुलिस बल की ऑपरेशन ग्रुप (ई-30) टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वहां दबिश दिया। जहां प्रतिबंधित माओवादी संगठन उदंती एरिया कमेटी के नक्सलियों ने पुलिस बल और ग्रामीणों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से जंगल में विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखा था। तलाशी के दौरान पुलिस को जमीन में गाड़े गए संदिग्ध डम्प मिले जिससे विस्फोटक सामग्री, चार प्रेशर कुकर, इलेक्ट्रिक वायर, फटाखे और अन्य राशन सामग्री बरामद की गई। गरियाबंद पुलिस ने इस सफलता को माओवादी नीतियों के विरुद्ध एक बड़ी उपलब्धि बताया है।


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