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Dhamtari

बेटी के जन्म पर दिखी खुशी की मिसाल! आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के साथ निकला जश्न का जुलूसश्

08-Apr-2026
धमतरी (शोर संदेश)। शहर में एक अनोखी और भावनात्मक खुशी का नज़ारा देखने को मिला, जब एक परिवार ने 24 साल बाद जन्मी बेटी का स्वागत ऐसे किया, मानो कोई बड़ा उत्सव हो। मकेश्वर वार्ड निवासी रूपेश कोसरिया और उनकी पत्नी किरण कोसरिया के घर 1 अप्रैल को पहली संतान के रूप में बेटी का जन्म हुआ। परिवार के लिए यह पल बेहद खास था, क्योंकि कोसरिया वंश में पूरे 24 वर्षों के बाद किसी बेटी ने जन्म लिया था।
नाचते-गाते घर लेकर पहुंचे बेटी
इस खुशी को परिवार ने सिर्फ अपने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरे शहर के साथ साझा किया। 6 अप्रैल को जब मां और नवजात को धमतरी-रायपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल से घर लाया जा रहा था, तब स्वजनों ने स्वागत को यादगार बनाने के लिए भव्य आयोजन किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, धूमाल की धुन और आतिशबाजी के बीच करीब डेढ़ से दो किलोमीटर तक सड़क पर जश्न मनाया गया। परिजन और स्थानीय लोग पूरे रास्ते नाचते-गाते हुए बेटी को घर लेकर पहुंचे।
यह नज़ारा इतना खास था कि राहगीर और आसपास के लोग पहले इसे किसी शादी या बड़े समारोह का जुलूस समझ बैठे। लेकिन जब उन्हें पता चला कि यह उत्सव एक नवजात बेटी के स्वागत के लिए है, तो हर कोई हैरान भी हुआ और भावुक भी। जिस कार में बच्ची को लाया गया था, उसे सुंदर तरीके से सजाया गया था और उस पर बड़े अक्षरों में लिखा था- “बेटी हुई है”, जो इस खुशी को और खास बना रहा था।
शिक्षा और बेहतर अवसर देना हर परिवार की जिम्मेदारी
परिवार के बड़े सदस्य दीपक कोसरिया ने बताया कि उनके घर में बहन के बाद पहली बार बेटी का जन्म हुआ है, इसलिए यह पल उनके लिए गर्व और खुशी से भरा है। उन्होंने यह भी कहा कि बेटी किसी भी रूप में बोझ नहीं होती, बल्कि वह परिवार के लिए सौभाग्य और आशीर्वाद होती है। उनका मानना है कि बेटियों को अच्छी शिक्षा और बेहतर अवसर देना हर परिवार की जिम्मेदारी है।
 

गंगरेल में रचा इतिहास: पहली महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप में 52 टीमों का रोमांच

23-Mar-2026
धमतरी,।  ( शोर संदेश ) आज का दिन धमतरी जिले के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार गंगरेल बांध की शांत एवं मनमोहक जलधारा पर ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ के अंतर्गत भव्य महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। मचान हाट प्वाइंट से गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स प्वाइंट तक 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी में आयोजित इस रोमांचक प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अद्भुत गति, संतुलन और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। आयोजन स्थल पर उत्साह, रोमांच और जनसहभागिता का अद्वितीय संगम देखने को मिला।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में धमतरी सहित समीपवर्ती जिलों कांकेर एवं बालोद की कुल 52 टीमों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़े खेल महोत्सव के रूप में उभरकर सामने आया। प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक ओमकार साहू, महापौर रामू रोहरा एवं पूर्व विधायक रंजना साहू द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता ग्रामीण अंचलों की महिला प्रतिभागियों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। ग्राम तिर्रा की श्रीमती चयन बाई, सुमन एवं दिनेश्वरी निधार ने पारंपरिक लकड़ी की नाव के साथ प्रतियोगिता में भाग लेकर न केवल प्रतिस्पर्धा को रोमांचक बनाया, बल्कि महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक संदेश भी दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका आत्मविश्वास और साहस सभी के लिए अनुकरणीय रहा।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए—
    •    प्रथम स्थान: बोट क्रमांक 04 (रोमार निषाद तिरी एवं जीतु निषाद)
    •    द्वितीय स्थान: बोट क्रमांक 1 सत्वंत मंडावी एवं  मिथलेश मंडावी,कोलियारी)
    •    तृतीय स्थान: बोट क्रमांक 10 (कोमल निषाद एवं महेश्वर कुरेटरी, तिर्रा)

इसके अतिरिक्त—
    •    वेशभूषा पुरस्कार: बोट क्रमांक 06 (पवनबाई निषाद एवं देवनबती निषाद,तिर्रा)
    •    सजावट पुरस्कार: बोट क्रमांक 08 (रामनारायण नेताम एवं रिशीराम निषाद, सटी यारा)
विजेताओं को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए गए—
    •    प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,000
    •    द्वितीय पुरस्कार: ₹50,000
    •    तृतीय पुरस्कार: ₹25,000
साथ ही बोट सजावट एवं वेशभूषा के लिए ₹11,000 के विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए। जिला प्रशासन द्वारा महिला प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए ₹15,000, ₹10,000 एवं ₹5,000 के सांत्वना पुरस्कार की भी घोषणा की गई।
विधायक ओमकार साहू ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा एवं जल पर्यटन को नई पहचान प्रदान करेगा। महापौर रामू रोहरा ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ युवाओं में खेल एवं साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित होगी।
कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। मत्स्य विभाग द्वारा 8 मछुआ समितियों को आइस बॉक्स वितरित किए गए, जिससे मत्स्य व्यवसाय को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। साथ ही जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वॉटर एंबुलेंस का शुभारंभ भी किया गया।
‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ धमतरी जिले में पर्यटन, संस्कृति एवं खेल गतिविधियों के समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि गंगरेल क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
 

महानदी रिवर बोट रेस का आगाज, गंगरेल में 52 टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला

22-Mar-2026
धमतरी। ( शोर संदेश ) गंगरेल बांध एक बार फिर ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। यहां पहली बार महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कुल 52 टीमें हिस्सा लेंगी। ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ के तहत होने वाला यह आयोजन न सिर्फ खेल प्रेमियों के लिए खास है, बल्कि जिले के पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।
रविवार दोपहर 3 बजे से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में धमतरी सहित आसपास के जिलों की टीमें भाग लेंगी। करीब 1000 मीटर लंबी रेस मचान हाट प्वाइंट से ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स प्वाइंट तक आयोजित होगी, जहां प्रतिभागी अपनी ताकत, तालमेल और संतुलन का प्रदर्शन करेंगे।
इस आयोजन की सबसे खास बात महिला टीमों की भागीदारी है। ग्राम लिर्रा की तीन महिला टीमें पारंपरिक लकड़ी की नाव के साथ प्रतियोगिता में उतर रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका उत्साह और जज्बा इस आयोजन को और भी खास बना रहा है।
यह चैंपियनशिप रोमांच, परंपरा और महिला सशक्तिकरण का अनूठा संगम पेश करेगी, जिससे धमतरी को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
 

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : ब्रेल पुस्तकें और 3000 से अधिक ऑडियो बुक्स: दिव्यांग महिलाओं के सशक्तिकरण की प्रेरक पहल

06-Mar-2026
धमतरी, । ( शोर संदेश )  प्रतिवर्ष 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समाज में महिलाओं की उपलब्धियों, उनके अधिकारों और सशक्तिकरण को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है। इसी भावना को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ में दिव्यांग महिलाओं और बालिकाओं के शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल सामने आई है।
राजधानी रायपुर स्थित लोक भवन, सिविल लाइन में  पिछले माह जनवरी में आयोजित एक गरिमामय राज्य स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका के करकमलों से दो महत्वपूर्ण ब्रेल पुस्तकों—‘दिव्यांग महिलाओं की सफलता की कहानी’ और ‘छत्तीसगढ़ के वीर’—का विमोचन किया गया। साथ ही दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई 3000 से अधिक ऑडियो बुक्स का भी लोकार्पण किया गया।
यह पहल विशेष रूप से उन दिव्यांग बालिकाओं और महिलाओं के लिए आशा की नई किरण बनकर सामने आई है, जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में शैक्षणिक संसाधनों तक पहुँचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ब्रेल पुस्तकें और ऑडियो बुक्स अब उन्हें शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही हैं।
कार्यक्रम में धमतरी जिला की समर्पित शिक्षिका प्रीति शांडिल्य को दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट और नवाचारी योगदान के लिए राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया। उनके प्रयासों से ब्रेल पुस्तकों और ऑडियो बुक्स के निर्माण का कार्य गति पकड़ सका, जिससे दृष्टिबाधित बच्चों विशेषकर बालिकाओं के लिए शिक्षा के नए द्वार खुले हैं।
 लोकार्पित ऑडियो बुक्स में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सभी विषयों के पाठ, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष सामग्री, सरगुजिया लोककथाएं, सामान्य ज्ञान, महिला सशक्तिकरण, तथा दिव्यांगजनों के लिए संचालित शासकीय योजनाओं से जुड़ी जानकारी शामिल की गई है। यह सभी सामग्री “वर्ल्ड ऑडियो बुक” यूट्यूब चैनल पर एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गई है, जिससे दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को निःशुल्क और सरल शैक्षणिक संसाधन मिल सकें।
तब राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षकों के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सामान्य पुस्तकों को ब्रेल और ऑडियो स्वरूप में उपलब्ध कराना समावेशी शिक्षा की उत्कृष्ट मिसाल है। उन्होंने कहा कि इस पहल को अन्य राज्यों तक भी पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि यह राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल बन सके।
इस अभियान की प्रेरणा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित दुर्ग की शिक्षिका के. शारदा को वर्ष 2024 में मिले सम्मान के बाद मिली। 25 अक्टूबर 2024 से शुरू हुए इस अभियान में उन्होंने स्वयं 800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कीं। बाद में विभिन्न जिलों के शिक्षकों के सहयोग से यह संख्या बढ़कर 3100 से अधिक हो गई। पूर्व में के. शारदा और प्रीति शांडिल्य द्वारा संयुक्त रूप से तैयार ब्रेल पुस्तकों को छत्तीसगढ़ के 20 ब्रेल विद्यालयों में 100-100 प्रतियों के रूप में निःशुल्क वितरित किया जा चुका है।
 कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिले की शिक्षिका प्रीति शांडिल्य सहित सभी शिक्षक साथियों द्वारा दिव्यांगजनों के लिए किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल शिक्षा को समावेशी बनाती है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, सेवा भावना और सकारात्मक सोच को भी मजबूत करती है।
इस ऑडियो बुक निर्माण अभियान में 30 शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही। राज्यपाल ने सभी योगदानकर्ता शिक्षकों को सम्मानित करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
महिला दिवस के अवसर पर यह पहल इस बात का प्रमाण है कि जब महिलाएं शिक्षा और सेवा के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों के लिए कार्य करती हैं, तो परिवर्तन की नई संभावनाएं जन्म लेती हैं। ब्रेल पुस्तकों और ऑडियो बुक्स के माध्यम से दिव्यांग बालिकाओं और महिलाओं के लिए ज्ञान के द्वार खुल रहे हैं, जो उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की राह दिखा रहे हैं।

 

गंगरेल, सोंदूर और रूद्री बैराज समेत प्रमुख परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण को मिली मंजूरी

27-Feb-2026
धमतरी ( शोर संदेश )। बजट वर्ष 2026-27 में जल संसाधन विभाग को स्वीकृति मिली है। राज्य शासन ने धमतरी, कांकेर और बालोद जिलों की महत्वपूर्ण सिंचाई एवं बांध सुरक्षा परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण को स्वीकृति प्रदान की है। इन कार्यों से सिंचाई क्षमता में बढ़ोतरी, तट संरक्षण को मजबूती और जल प्रबंधन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा।
धमतरी जिले के प्रमुख जलाशयों रविशंकर सागर (गंगरेल बांध), मुरूमसिल्ली बांध, सोंदूर जलाशय तथा न्यू रूद्री बैराज में संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण, तट संरक्षण और सुरक्षा संबंधी व्यापक कार्य किए जाएंगे। गंगरेल बांध में ठेमली आईलैंड निर्माण (200 लाख) और एपाक्सी ग्राउटिंग व हाई प्रेशर वाटर जेट से वीपीडी सफाई (490 लाख) के जरिए बांध की सुरक्षा और दीर्घायु सुनिश्चित की जाएगी। महानदी के बाएं तट पर ग्राम गंगरेल से मरादेव तक गाइड वाल निर्माण (500 लाख) से तट कटाव पर प्रभावी नियंत्रण होगा और ग्रामीणों की भूमि सुरक्षित रहेगी। मुरूमसिल्ली बांध में डेम प्रोफाइल रिसेक्शनिंग (500 लाख) एवं स्टोन पिचिंग (445 लाख) से संरचना की स्थायित्व क्षमता बढ़ेगी। सोंदूर जलाशय में एप्रोच रोड नवीनीकरण, पुलिया निर्माण (500 लाख) और डाउनस्ट्रीम प्रोटेक्शन वाल (500 लाख) से आवागमन सुगम होगा तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
न्यू रूद्री बैराज के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में स्पील चैनल क्लीयरेंस एवं दोनों तटों पर प्रोटेक्शन वाल (500 लाख) के साथ ग्राम सदी क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा दीवार (500 लाख) का निर्माण किया जाएगा। कांकेर जिले के दुधावा बांध में आउटफॉल चैनल के दोनों ओर गाइड वाल (800 लाख) और स्लूस बैरल में एपाक्सी ग्राउटिंग (300 लाख) से जल निकासी तंत्र सुदृढ़ होगा तथा बाढ़ जोखिम में कमी आएगी। बालोद जिले में महानदी प्रदायक नहर की सुरई, सोहपुर एवं लिमोरा शाखा में लाइनिंग और जीर्णोद्धार (1000 लाख) तथा फागुंदाह शाखा नहर व माइनरों में पक्की संरचनाओं का निर्माण (1000 लाख) किया जाएगा, जिससे टेल-एंड तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
इन परियोजनाओं से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को नियमित सिंचाई सुविधा मिलेगी। जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, फसल उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। तट संरक्षण कार्यों से नदी किनारे बसे गांवों की भूमि और आवास सुरक्षित रहेंगे। निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि बजट में स्वीकृत ये सभी कार्य जिले की दीर्घकालीन जल प्रबंधन रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तकनीकी गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों और ग्रामीणों को शीघ्र लाभ मिल सके।

सुमंत जयंती एवं वार्षिक सम्मेलन में सुत सारथी समाज ने दिखाई एकजुटता

24-Feb-2026
धमतरी ( शोर संदेश )। सुत सारथी समाज जिला धमतरी द्वारा साेमवार काे कुरूद के छत्तीसगढ़ महतारी मंदिर परिसर में सुमंत जयंती एवं वार्षिक सामाजिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुमंत सारथी एवं सुत जी महाराज के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना से हुई।
इस अवसर पर समाज की एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सुत सारथी समाज कल्याण बोर्ड के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई गई। सम्मेलन में प्रेस क्लब कुरूद के संरक्षक कृपाराम यादव, महासचिव धनसिंग सेन, रवि शर्मा, श्रवण साहू और दीपक साहू सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष केशव बंछोर ने स्वागत भाषण में कहा कि समाज संख्या में कम जरूर है, लेकिन संगठनात्मक रूप से मजबूत हो रहा है।
अतिथियों ने समाज की परंपराओं, एकता और गौरवशाली इतिहास की सराहना की। कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में बताया गया कि समाज की पारंपरिक घोड़ा-गाड़ी और रथ संचालन की कला आर्थिक तंगी के कारण विलुप्ति की कगार पर है। इसके संरक्षण और समाज के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कल्याण बोर्ड गठन की मांग की गई।


 

धमतरी मॉडल बना मिसाल, BaLA कॉन्सेप्ट अब पूरे छत्तीसगढ़ में लागू

19-Feb-2026
धमतरी । ( शोर संदेश ) बाल शिक्षा और सर्वांगीण विकास की दिशा में धमतरी जिले की अभिनव पहल अब पूरे प्रदेश के लिए मार्गदर्शक बन गई है। जिले में सफलतापूर्वक लागू किए गए “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को अब संपूर्ण छत्तीसगढ़ में लागू किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत ग्राम पंचायतों मं  निर्मित एवं निर्माणाधीन सभी आंगनबाड़ी भवनों में BaLA कॉन्सेप्ट को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशानुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से आंगनबाड़ी भवनों को इस प्रकार विकसित किया जाएगा कि भवन स्वयं बच्चों के लिए शिक्षण-सहायक सामग्री का कार्य करे। BaLA कॉन्सेप्ट के अंतर्गत दीवारों पर वर्णमाला, अंक, आकृतियां, स्थानीय चित्रकथाएं, फर्श पर खेल-आधारित शिक्षण सामग्री, खिड़की-दरवाजों के माध्यम से आकार और माप की समझ जैसे नवाचारी तत्वों को शामिल किया जाएगा। इससे बच्चों में सीखने की जिज्ञासा, रचनात्मकता और बौद्धिक क्षमता का स्वाभाविक विकास होगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी ग्राम पंचायतें स्वीकृत तकनीकी डिज़ाइन एवं निर्धारित वित्तीय प्रावधानों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करें। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के समन्वय से इस पहल को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष बल दिया गया है। साथ ही, प्रदेश में प्रचलित सभी आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ 15 मार्च 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले में BaLA कॉन्सेप्ट के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से देखने को मिले हैं। आंगनबाड़ी केंद्र अब केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के लिए जीवंत शिक्षण प्रयोगशाला के रूप में विकसित हुए हैं। बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि, सीखने की गति में सुधार तथा अभिभावकों की संतुष्टि इस पहल की सफलता को दर्शाती है।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही स्थानीय कलाकारों एवं समुदाय की सहभागिता से आंगनबाड़ी केंद्रों को आकर्षक, सुरक्षित एवं बाल-अनुकूल बनाया जाए।
यह पहल न केवल प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक अधोसंरचना के सृजनात्मक उपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करेगी। धमतरी का यह नवाचार अब पूरे प्रदेश में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव को और मजबूत करेगा।

धमतरी में दहशत: खेत के पाइप कुपाले में घुसा विशाल अजगर, घंटों की मशक्कत

17-Jan-2026
धमतरी।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के आमदी क्षेत्र अंतर्गत रांवा रोड पर उस समय हड़कंप मच गया, जब खेत में पानी डालने के लिए रखे गए मोटे पाइप के कुपाले (भूमिगत संरचना) में करीब 10 फीट लंबा और लगभग 18 किलो वजनी अजगर फंस गया। अजगर के फंसे होने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल वन विभाग और सर्पमित्र सूर्यकांत साहू को सूचना दी।
मौके पर पहुंचने पर सर्पमित्र ने देखा कि अजगर कुपाले के अंदर गहराई तक घुस चुका है, जिससे उसे बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो गया। कई प्रयासों के बाद स्थानीय जेसीबी की मदद से सावधानीपूर्वक खुदाई की गई। खुदाई के दौरान अजगर का एक हिस्सा दिखाई देने लगा। दो लोगों ने उसकी पूंछ पकड़कर खींचा, लेकिन अजगर भी पूरी ताकत से प्रतिरोध करता रहा। काफी मशक्कत और सतर्कता के बाद अजगर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अजगर का आकार और वजन देखकर ग्रामीण हैरान रह गए। सर्पमित्र सूर्यकांत साहू ने बताया कि यह अब तक का सबसे भारी अजगर है, जिसे उठाने में तीन लोगों की मदद लेनी पड़ी। अजगर को रातभर सुरक्षित रखा गया और शनिवार सुबह जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ने की तैयारी की गई। अजगर के सुरक्षित रेस्क्यू से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और सर्पमित्र व जेसीबी ऑपरेटर की सराहना की।











 

धान उपार्जन में पारदर्शिता के लिए राज्यभर में सघन कार्रवाई तेज

14-Jan-2026
  धमतरी।  ( शोर संदेश )  जिले में धान उपार्जन में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति मर्यादित मोहदी के आपरेटर एवं समिति प्रबंधक को सेवा से पृथक कर दिया गया है। प्रशासन की टीम द्वारा उक्त समिति में धान उपार्जन की व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान मिलावटयुक्त धान, टोकन का दुरुपयोग एवं अवैध रूप से धान बेचने का मामला पकड़ में आया था।
गौरतलब है कि राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान हितैषी बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन, भंडारण, बिक्री, मिलिंग अनियमितताओं तथा बिचौलियों के विरुद्ध सतत एवं कठोर कार्रवाई की जा रही है। शासन की मंशा है कि धान उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों को ही प्राप्त हो और व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जाए। धमतरी जिले में मोहदी समिति के प्रबंधक एवं ऑपरेटर की बर्खास्तगी, धान उपार्जन की व्यवस्था में गड़बड़ी करने के परिणाम स्वरूप की गई है। 
आज 13 जनवरी 2026 को धमतरी सहित बलौदाबाजार-भाटापारा, सरगुजा, महासमुंद जिले में भी व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम बिलारी (सोनाखान) में अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे 75 कट्टा धान सहित एक पिकअप वाहन को जब्त कर पुलिस थाना सलीहा बिलाईगढ़ के सुपुर्द किया गया।
सरगुजा जिले में कलेक्टर के निर्देशन में राइस मिलों का सघन भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में राजेश राइस मिल खोडरी एवं सिद्धीविनायक राइस मिल दरिमा में धान की  कमी पाई गई। कस्टम मिलिंग आदेश 2016 के उल्लंघन तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत संबंधित मिलों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसी तरह महासमुंद जिले में संयुक्त टीम द्वारा अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 217 कट्टा धान एवं एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। अवैध परिवहन एवं भंडारण के मामलों में मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।










 

50 वर्षों बाद धमतरी के आदिवासी अंचल में लौटी रबी खेती, रागी उत्पादन से बदली तस्वीर

13-Jan-2026
  धमतरी  ( शोर संदेश )   धमतरी जिले के वनाच्छादित एवं आदिवासी बहुल उच्चहन क्षेत्र में कृषि के इतिहास में एक नई इबारत जुड़ गई है। गंगरेल बांध के ऊपरी क्षेत्र में स्थित ग्राम डांगीमांचा और खिड़कीटोला में लगभग 50 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रबी सीजन में संगठित रूप से खेती की शुरुआत की गई है। कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि सुधार एवं विस्तार कार्यक्रम “आत्मा” योजना के तहत इन दोनों गांवों में कुल 35 एकड़ रकबा में लघु धान्य फसल रागी (मिलेट) की खेती की जा रही है।
विशेष भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्चहन क्षेत्र में रागी की खेती की पहल को ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में पोषणयुक्त लघु धान्य फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आत्मा योजना के माध्यम से कृषकों को आधुनिक तकनीक, SMI (Systematic Millets Intensification) पद्धति और बीज उत्पादन की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में मिलेट आधारित खेती का विस्तार करते हुए किसानों को बाजार से जोड़ने के लिए सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाने की योजना है।
विगत सप्ताह जिले में आयोजित मिलेट महोत्सव के बाद आज आत्मा एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम स्तर पर कृषक पाठशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत तुमराबहार के सरपंच श्री दीपक राम ध्रुव, संबंधित विभागीय अधिकारी, 40 महिला कृषक एवं 32 पुरुष कृषक उपस्थित रहे।
कृषक पाठशाला में रागी फसल की उन्नत खेती से जुड़ी SMI पद्धति, बीज उत्पादन, फसल एवं पोषक तत्व प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण तथा उत्पादन लागत कम कर अधिक लाभ अर्जित करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही रागी के पोषण एवं स्वास्थ्य लाभ तथा इसकी बाजार संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान कृषकों को मिलेट आधारित आजीविका सुदृढ़ीकरण, जलवायु अनुकूल खेती और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित कृषकों ने क्षेत्र में रागी की खेती के सफल प्रयोग को भविष्य में और अधिक विस्तार देने की सहमति व्यक्त की।







 


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