गढ़वा जिले के धुरकी थाना क्षेत्र के रक्शी गांव में शिवकुमार बैठा नामक किसान ने रविवर रात पत्नी और दो बच्चियों संग खुदकुशी कर ली। सोमवार सुबह शिवकुमार का शव अमरूद के पेड़ से झूलता हुआ मिला जबकि अन्य तीनों का शव घर के पास स्थित एक कुएं से बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि शिवकुमार ने अलग-अलग जगहों से करीब पांच लाख रुपये का कर्ज ले रखा था। आशंका है कि कर्ज में डूबे होने के चलते ही उसने यह कदम उठाया। हालांकि, उसके घर से मिले सुसाइड नोट में इसकी चर्चा नहीं है।
घटना की सूचना मिलने में एसडीपीओ नीरज कुमार भी घटनास्थल पर पहुंच जायजा लिया। शिवकुमार का शव अमरूद के पेड़ से लटका हुआ था जबकि पत्नी बबीता और दो बेटियों तान्या तथा श्रेया का शव कुएं से बरामद किया गया। एसडीपीओ ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है। मामले की छानबीन की जा रही है।
घर में मिला सुसाइड नोट
घर के अंदर से एक सुसाइड नोट भी मिला है। बताया जाता है कि आत्महत्या करने से पहले मृतक ने उसे लिखा था। नोट में लिखा गया है कि उनकी मौत का जिम्मेवार कोई नहीं है, बल्कि आपसी सलाह के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है।
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पांच लाख से ज्यादा का कर्ज था
बताया जाता है कि शिवकुमार ने बैंक और महाजन से पांच लाख रुपये से अधिक का कर्ज लिया था। उसपर इस कर्ज को चुकाने का दबाव था। इसके चलते वह कई महीनों से तनाव में था। दोनों पति-पत्नी भी बीमार चल रहे थे। उसके पिता रामनाथ बैठा ने बताया कि उसका बेटा इलाज के लिए रांची जानेवाला था।
परिवार के लोग बताते हैं कि शिवकुमार पहले बाहर रहकर मजदूरी करता था। फिलहाल कुछ वर्षों से गांव में रहकर ही खेती और अन्य काम करता था। परिजनों ने बताया कि शिवकुमार ने कैशपार, आरोहन, स्पंदना नन बैंकिंग से डेढ़ लाख रुपए का कर्ज लिया था। उसके अलावा केसीसी का लोन भी उसपर था। वहीं महजनों से साढ़े तीन लाख रुपए का कर्ज लिया था।
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