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Bilaspur

चलती मालगाड़ी दो हिस्सों में बंटी, कपलिंग टूटने से 25 डिब्बे हुए अलग

13-Apr-2026
बिलासपुर (शोर संदेश)। बिलासपुर जिले से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां बिलासपुर-कटनी रेल सेक्शन पर एक गंभीर रेल हादसा होते-होते टल गया। रविवार शाम पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन के पास कोयले से लदी एक मालगाड़ी अचानक दो हिस्सों में बंट गई, जिससे रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, अनूपपुर की ओर जा रही इस मालगाड़ी की कपलिंग अचानक टूट गई। यह घटना पेंड्रारोड और वेंकटनगर स्टेशन के बीच खैरझीटी बैरियर के पास हुई। कपलिंग टूटते ही इंजन से जुड़े करीब 25 डिब्बे अलग होकर पीछे ही छूट गए, जबकि इंजन आगे बढ़ता रहा। इस अप्रत्याशित घटना से स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी, लेकिन समय रहते लोको पायलट की सतर्कता ने बड़ा हादसा होने से बचा लिया।
समय रहते टला बड़ा हादसा
बताया जा रहा है कि लोको पायलट ने जैसे ही गड़बड़ी महसूस की, तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते ट्रेन को नियंत्रित कर लिया गया, वरना पीछे छूटे डिब्बों के कारण बड़ा हादसा हो सकता था, जिसमें जन-धन की हानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

एक सप्ताह के लिए कई ट्रेनें रद्द, बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में काम

11-Apr-2026
बिलासपुर (शोर संदेश)। जिले में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में चल रहे चौथी लाइन निर्माण कार्य के चलते यात्रियों को अगले कुछ दिनों तक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन के अकलतरा स्टेशन पर प्री-नॉन/नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 11 अप्रैल से 18 अप्रैल तक कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इस दौरान ट्रेन संचालन पर व्यापक असर पड़ेगा।
रेलवे द्वारा बिलासपुर-चांपा सेक्शन के अंतर्गत अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। यह कार्य पहले किसी कारणवश स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब इसे 11 अप्रैल से 18 अप्रैल के बीच पूरा करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान प्री-नॉन और नॉन-इंटरलॉकिंग जैसे तकनीकी कार्य भी किए जाएंगे, जिसके चलते रेल संचालन प्रभावित रहेगा और कई ट्रेनों के समय, मार्ग और संचालन में बदलाव करना पड़ा है।
इन प्रमुख ट्रेनों पर पड़ा असर
इस अवधि में बिलासपुर, रायगढ़, रायपुर, कोरबा और गेवरा रोड के बीच चलने वाली कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया है। प्रमुख रूप से:
बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर मेमू (68738/68737)
रायगढ़–बिलासपुर मेमू (68735)
बिलासपुर–रायगढ़ मेमू (68736)
रायपुर–गेवरा रोड मेमू (68746/68745)
रायपुर–कोरबा पैसेंजर (58204/58203)
बिलासपुर–गेवरा रोड मेमू (68734/68733)
बिलासपुर–कोरबा मेमू (68732/68731)
बिलासपुर–गेवरा रोड पैसेंजर (58210)
इन ट्रेनों के रद्द होने से दैनिक यात्रियों, कामकाजी लोगों और छात्रों को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ सकती है।
कुछ ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द
कुछ ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही समाप्त या प्रारंभ किया जाएगा:
गोंदिया–झारसुगुड़ा पैसेंजर (68861) बिलासपुर में ही समाप्त होगी
झारसुगुड़ा–गोंदिया पैसेंजर (68862) बिलासपुर से ही प्रारंभ होगी
झारसुगुड़ा-बिलासपुर के बीच ये ट्रेनें इस अवधि में नहीं चलेंगी।

बिलासपुर जोन की 14 ट्रेनें बहाल, गेवरारोड और झारसुगुड़ा-गोंदिया के यात्रियों को राहत

10-Apr-2026
बिलासपुर (शोर संदेश)। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के अकलतरा में चल रहे चौथी लाइन कनेक्टिविटी काम के चलते 10 और 11 अप्रैल को रद्द की गई 14 ट्रेनों को बहाल कर दिया गया है। इनमें से जेडी पैसेंजर को आधे रास्ते ही चलाया जाना था। इन सभी को री-स्टोर कर दिया गया है।
इस दौरान कोरबा-रायपुर-कोरबा के बीच चलने वाली हसदेव एक्सप्रेस को पैसेंजर बनाकर चलाने का फैसला लिया गया था। इस आदेश को भी निरस्त करते हुए हसदेव एक्सप्रेस को पहले जैसे चलाने का आदेश जारी किया गया है।
रेलवे के इस फैसले से रायपुर, गेवरारोड, बिलासपुर, रायगढ़, झारसुगुड़ा और गोंदिया के यात्रियों की परेशानी कम होंगी। इसके अलावा बिलासपुर रेलवे जोन की 10 पैसेंजर ट्रेनें 11 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच अलग-अलग तारीखों में रद्द की गई हैं।
चौथी लाइन का चल रहा काम
दरअसल, बिलासपुर-झारसुगड़ा के बीच चौथी लाइन निर्माण का काम चल रहा है। इसके तहत अलग-अलग स्टेशनों के यार्ड को कनेक्ट करने का काम चल रहा है। बिलासपुर मंडल अंतर्गत अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जा रहा है।
इस कारण यात्री ट्रेनें कुछ समय के लिए रद्द कर दी गई थीं। अब रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन पैसेंजर ट्रेनों को फिर से चलाने का फैसला किया है। इन ट्रेनों की शुरुआत तय तारीखों में धीरे-धीरे की गई है।
एक्सप्रेस बनकर चलेगी हसदेव एक्सप्रेस
रेलवे प्रशासन ने बताया कि पहले इस काम के कारण 10 और 11 अप्रैल को 18250/18249 और 18252/18251 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस को पैसेंजर ट्रेन की तरह चलाने का फैसला किया गया था। अब यह फैसला बदल दिया गया है और यह ट्रेन पहले की तरह एक्सप्रेस के रूप में ही चलेगी।
 

पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल! 15 अधिकारियों के तबादले, कई थानों की कमान बदली

10-Apr-2026
बिलासपुर (शोर संदेश)। बिलासपुर जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश के तहत 15 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों का तबादला कर उन्हें तत्काल प्रभाव से नए पदस्थापना स्थल पर भेजा गया है। यह तबादले आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से लागू रहेंगे।
जारी सूची के अनुसार जिले के कई महत्वपूर्ण थाना क्षेत्रों और विशेष इकाइयों में पदस्थ अधिकारियों को बदला गया है। इनमें थाना प्रभारी, एसीसीयू, साइबर यूनिट, अजाक थाना, चकरभाठा, कोनी, तोरवा, बिल्हा और सिविल लाइन जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। प्रशासनिक दृष्टि से इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
थाना प्रभारियों की नई नियुक्ति
फेरबदल के तहत निरीक्षक दामोदर मिश्रा को हिरी थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि कृष्णचंद सिदार को मस्तूरी थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रजनीश सिंह को तोरवा थाना और भावेश शेण्डे को चकरभाठा थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं तोपसिंह नवरंग को बिल्हा थाना और राजश्री दामू कोशले को कोनी थाना की कमान दी गई है।
विशेष इकाइयों में भी बदलाव
एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की जिम्मेदारी गोपाल कृष्ण सतपथी को दी गई है। रविशंकर तिवारी को एयरपोर्ट चकरभाठा सुरक्षा की कमान सौंपी गई है। उमेश कुमार साहू को अजाक थाना में पदस्थ किया गया है, जबकि अवनीश पासवान को एसडीओपी कोटा बनाया गया है।
कानून-व्यवस्था पर विशेष फोकस
कोतवाली और सिविल लाइन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी बदलाव किए गए हैं। संजय सिंह को कोतवाली में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उत्तम साहू को सिविल लाइन क्षेत्र में तैनात किया गया है। अभय सिंह बैस को सरकंडा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी मिली है।
अन्य महत्वपूर्ण पदस्थापनाएं
ओंकारघर दीवान को पुलिस कल्याण पेट्रोल पंप बिलासपुर में जिम्मेदारी दी गई है। वहीं उपनिरीक्षक ओमप्रकाश कुर्रे को चौकी प्रभारी मोपका के पद पर यथावत रखा गया है। इस व्यापक फेरबदल को जिले में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और समन्वित बनाने की दिशा में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इससे अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और आम जनता के बीच विश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी।

दत्तक पुत्र होने का प्रमाण नहीं दे पाया युवक, अनुकंपा नियुक्ति का नहीं मिलेगा लाभ

17-Mar-2026
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाते हुए एक व्यक्ति को दत्तक पुत्र घोषित करने के निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि गोद लेने की प्रक्रिया में सबसे जरूरी ‘देने-लेने की रस्म’ का कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया, जिससे दत्तक संबंध कानूनी रूप से सिद्ध नहीं हो सका।
न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू की एकलपीठ ने रेलवे प्रशासन की अपील पर सुनवाई की। यह मामला एक रेलवे कर्मचारी राव से जुड़ा था, जिनकी 2001 में मृत्यु हो गई थी। संबंधित व्यक्ति ने खुद को उनका दत्तक पुत्र बताते हुए अनुकंपा नियुक्ति की मांग की थी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जिस गोदनामे के आधार पर दावा किया जा रहा है, वह कथित गोद लेने की तारीख के लगभग 22 साल बाद तैयार और पंजीकृत किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार, गोद लेने की बात मार्च 1976 की बताई गई, जबकि गोदनामा फरवरी 1998 में रजिस्टर्ड हुआ। कोर्ट ने इसे संदेहास्पद मानते हुए कहा कि यह दस्तावेज गोद लेने के तत्काल बाद तैयार नहीं किया गया था, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठता है।
सुनवाई के दौरान पेश गवाहों के बयान भी स्पष्ट नहीं थे। किसी भी गवाह ने यह नहीं बताया कि गोद लेने की रस्म कहां हुई और किन लोगों की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी हुई। यहां तक कि गवाहों के बयानों में यह भी विरोधाभास था कि यह घटना किस मौसम में हुई थी। कोर्ट ने माना कि ऐसे कमजोर और अस्पष्ट साक्ष्यों के आधार पर दत्तक संबंध को स्वीकार नहीं किया जा सकता। हालांकि संबंधित व्यक्ति ने दावा किया था कि वह बचपन से ही कथित दत्तक माता-पिता के साथ रह रहा था और उसे उनके द्वारा भविष्य निधि और बीमा में नामित भी किया गया था। इसके बावजूद कोर्ट ने कहा कि केवल साथ रहना या नामांकन होना, दत्तक संबंध का कानूनी प्रमाण नहीं बनता, जब तक कि विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी न हो।
कोर्ट ने यह भी माना कि ट्रायल कोर्ट ने बिना ठोस साक्ष्यों के व्यक्ति को दत्तक पुत्र घोषित कर दिया, जो कानून की दृष्टि में टिकाऊ नहीं है।

तेज रफ्तार हाईवा ने बुजुर्ग महिला को कुचला, मौके पर मौत

11-Mar-2026
बिलासपुर।( शोर संदेश )  जिले के कोटा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से 65 वर्षीय जमुना गोड़ की मौके पर ही मौत हो गई। घटना मंगलवार की है, जब वह रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने ग्राम रतखंडी आई थीं और सड़क किनारे पैदल जा रही थीं। इसी दौरान कोटा की ओर से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह पहिये के नीचे आ गईं।
सूचना मिलने पर बेलगहना चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दुर्घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने हाईवा को जब्त कर आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना से नाराज ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। बाद में प्रशासन द्वारा मृतका के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा के बाद स्थिति शांत हुई। पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुटी है।


 

स्पंज आयरन प्लांट में हादसा, पिघला लोहा गिरने से 4 मजदूर झुलसे

11-Mar-2026
बिलासपुर ( शोर संदेश ) । बिलासपुर के बिल्हा थाना क्षेत्र स्थित नोवा स्पंज आयरन प्लांट में देर रात बड़ा हादसा हो गया। फर्नेस सेक्शन में काम के दौरान अचानक पिघला हुआ लोहा मजदूरों पर गिर गया, जिससे चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार सोमवार देर रात करीब 1 बजे शिफ्ट बदलने के बाद बिल्हा के ग्राम भैंसबोड़ निवासी नरेंद्र कोसले, चंद्रहास और बिहार के धर्मवीर व विनय कुमार फर्नेस में पिघले आयरन को लैडल में डालने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक खौलता हुआ लोहा उनके ऊपर गिर गया, जिससे चारों मजदूर झुलस गए।
साथी कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला और प्लांट में मौजूद अधिकारी की कार से अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार मजदूर 25 से 40 प्रतिशत तक झुलस गए हैं और उनका इलाज जारी है।
घायलों का आरोप है कि प्रबंधन की ओर से उन्हें सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराई गई थी। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने घटना की जांच शुरू कर दी है।





 

ट्रेन में शराब पीकर चढ़ने वाले यात्रियों पर शिकंजा, अब ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जीआरपी करेगी जांच

05-Mar-2026
बिलासपुर (शोर संदेश)। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में शराब पीकर हंगामा करने वाले यात्रियों पर अब सख्ती बढ़ने वाली है। शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को आखिरकार ब्रीथ एनालाइज़र मशीन उपलब्ध करा दी गई है। होली पर्व के बाद इस मशीन का नियमित रूप से उपयोग शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल जांच प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि मौके पर ही शराब पीने की पुष्टि भी की जा सकेगी।
अब तक जीआरपी के पास शराब की जांच के लिए कोई आधुनिक उपकरण उपलब्ध नहीं था। ऐसे में यदि किसी यात्री पर शराब पीकर उपद्रव करने का संदेह होता था, तो उसे मेडिकल जांच या मुलाहिजा के लिए अस्पताल भेजना पड़ता था। इस प्रक्रिया में काफी समय लगता था और कई बार रिपोर्ट में शराब पीने की पुष्टि नहीं हो पाती थी। परिणामस्वरूप यात्रियों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती थी और जीआरपी कार्रवाई भी कमजोर पड़ जाती थी।
कुछ ही सेकंड में बता देगी शराब पी है या नहीं
नई ब्रीथ एनालाइज़र मशीन से अब संदिग्ध यात्री की मौके पर ही सांस की जांच की जा सकेगी। मशीन कुछ ही सेकंड में यह बता देगी कि व्यक्ति ने शराब पिया है या नहीं और उसकी मात्रा कितनी है। इससे जीआरपी को त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी। जीआरपी के अनुसार होली जैसे त्योहारों के दौरान ट्रेनों और स्टेशनों पर शराब पीकर यात्रा करने तथा हंगामा करने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
सामान्य दिनों में भी इस तरह की दिक्कत होती है। ऐसे में यह मशीन कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी। जीआरपी ने साफ किया है कि सार्वजनिक स्थान पर शराब पीकर अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निर्दोष यात्रियों को परेशान न होना पड़े, इसके लिए जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाया जाएगा। नई मशीन से जीआरपी की कार्रवाई अब और प्रभावी मानी जा रही है। मालूम हो कि ब्रेथ एनालाइज़र एक ऐसी मशीन होती है जो व्यक्ति की सांस में मौजूद अल्कोहल की मात्रा मापती है। पुलिस इसे ड्रिंक-एंड-ड्राइव जांच में इस्तेमाल करती है।

तालाब में डूबने से दो युवकों की मौत

02-Mar-2026
बिलासपुर।  (शोर संदेश)  सरकंडा थाना क्षेत्र में अमहां तालाब में डूबने से दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों अपने पांच दोस्तों के साथ रविवार दोपहर घूमने निकले थे। जानकारी के अनुसार बंधवापारा निवासी हिमांशु चहांदे (21) और देवरीखुर्द निवासी शिवम मानिकपुरी (20) खमतराई की ओर गए थे। सभी युवक तालाब किनारे पेड़ के नीचे बैठकर बातचीत कर रहे थे।
शाम करीब चार बजे हिमांशु और शिवम हाथ-मुंह धोने तालाब की ओर गए। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में समा गए।
बताया जा रहा है कि तालाब से मुरूम निकालने के कारण जेसीबी से गहरी खुदाई की गई है, जिससे किनारे से ही गहराई शुरू हो जाती है।
दोनों को तैरना नहीं आता था, जिससे वे डूबने लगे। साथियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों लापता हो चुके थे। जिले में पिछले तीन वर्षों में तालाब, नदी और खदान में डूबने से 17 लोगों की जान जा चुकी है।
 

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म व आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप, युवक गिरफ्तार

02-Mar-2026
बिलासपुर। (शोर संदेश) मस्तूरी क्षेत्र के मल्हार में रहने वाली युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
मामला उस समय सामने आया जब शुक्रवार सुबह धनगंवा निवासी राजू लहरिया के घर युवती की लाश फांसी पर लटकी मिली।
पूछताछ में पता चला कि युवती मंगलवार को मेला देखने के नाम पर घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी।
बाद में राजू ने युवती के परिजनों को फोन कर बताया कि वह उसके घर पर है और उसे ले जाने को कहा। परिजनों के इनकार करने पर उसने पुलिस को सूचना दी। समझाइश के बाद भी युवती नहीं लौटी।
शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। परिजनों ने राजू पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म व प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी की मांग की और अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। हंगामे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।


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