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Surguja

लखपति दीदियों के सशक्तिकरण के लिए विभागीय अभिसरण बैठकों की शुरुआत

23-Oct-2026
सरगुजा। ( शोर संदेश ) सरगुजा जिले में लखपति दीदियों की आय बढ़ाने और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभागीय अभिसरण बैठकों की शुरुआत 22 अक्टूबर से हुई। कलेक्टर के निर्देश एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में जिले के सभी महिला आजीविका क्लस्टर संगठनों में 28 अक्टूबर तक चरणबद्ध तरीके से बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
बैठक के पहले दिन कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, रेशम, स्वास्थ्य, आयुष एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने महिलाओं को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान लखपति दीदियों की जरूरतों और मांगों पर चर्चा की गई। इसके आधार पर कार्ययोजना तैयार कर पात्र महिलाओं को संबंधित विभागों की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने खेती बचाओ अभियान, स्वास्थ्य धारा समृद्ध किसान एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड की जानकारी दी। महिलाओं को मिट्टी परीक्षण के आधार पर फसल चयन और संतुलित उर्वरक उपयोग के बारे में बताया गया। पशुपालन विभाग ने पशु बीमा योजना के लाभ एवं पात्रता की जानकारी देते हुए महिलाओं को योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
उद्यानिकी विभाग ने फलदार पौधों के रोपण, बागवानी और विभागीय योजनाओं के तहत मिलने वाले अनुदान एवं सब्सिडी की जानकारी दी। वहीं रेशम विभाग के अधिकारियों ने रेशम कीट पालन, कोकून उत्पादन और इससे आय अर्जित करने के अवसरों के बारे में बताया।
बैठक में वीबी-जी राम जी एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित गतिविधियों को अन्य विभागों की योजनाओं से जोड़ने पर चर्चा हुई। ग्रामीण विकास कार्यों और आजीविका गतिविधियों में समन्वय स्थापित कर महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा सामुदायिक परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत उपलब्ध निःशुल्क दवाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और आयुष स्वास्थ्य शिविरों की जानकारी दी। साथ ही थायरॉइड सहित अन्य बीमारियों की जांच एवं उपचार संबंधी सुविधाओं के बारे में बताया गया।
योजनाओं से जोड़ने और आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहले दिन विभिन्न संकुल संगठनों में संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, क्लस्टर संगठनों के पदाधिकारी, सदस्य एवं लखपति दीदियां शामिल हुईं। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

 


सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी: ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से हरिहर साय ने बढ़ाई आमदनी, कोलकाता तक पहुंच रही उपज

06-Oct-2026
रायपुर ( शोर संदेश ) ।  खेती में आधुनिक तकनीक, फसल विविधीकरण और बाजार की बेहतर समझ किसानों के लिए आमदनी बढ़ाने की नई राह खोल रही है। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम बटईकेला निवासी किसान हरिहर साय ने ग्राफ्टेड बैंगन की खेती को व्यावसायिक रूप देकर अपनी उपज के लिए स्थानीय बाजार से आगे पश्चिम बंगाल के कोलकाता तक बाजार तैयार किया है। 30 सितम्बर 2026 तक वे 19.50 क्विंटल बैंगन बेच चुके हैं और उन्हें अलग-अलग समय पर 27 से 38 रुपये प्रति किलोग्राम तक का भाव मिला है।
हरिहर साय की सफलता की खास बात यह है कि उन्होंने अपनी पूरी कृषि भूमि पर एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय सीमित क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों और उन्नत तकनीक को अपनाया। बेहतर उत्पादन के साथ बाजार से जुड़ाव ने उनकी उपज को दूसरे राज्य के बड़े बाजार तक पहुंचाने की राह बनाई है।
हरिहर साय के पास कुल 4 हेक्टेयर कृषि भूमि है। इसमें उन्होंने 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों की खेती की है। इस वर्ष उन्होंने वीएनआर-212 ग्राफ्टेड बैंगन का चयन किया। फसल की बुआई 15 जून 2026 को की गई और 27 जुलाई से पहली तुड़ाई एवं बिक्री शुरू हो गई।
ग्राफ्टेड पौधों के साथ बेहतर फसल प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर ध्यान देते हुए उन्होंने बैंगन की खेती को बाजार की मांग से जोड़ा। लगातार उत्पादन के कारण फसल की तुड़ाई और बिक्री अभी भी जारी है।
हरिहर साय के खेत में उत्पादित बैंगन अब स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है। उनकी उपज पश्चिम बंगाल के कोलकाता बाजार में बेची जा रही है। 30 सितम्बर तक वे कुल 19.50 क्विंटल बैंगन का विक्रय कर चुके हैं। अलग-अलग समय पर उन्हें 27 रुपये से 38 रुपये प्रति किलोग्राम तक का भाव प्राप्त हुआ है।
बैंगन की तुड़ाई और बिक्री अभी जारी है, इसलिए कुल उत्पादन एवं इससे प्राप्त होने वाली आय आगे और बढ़ सकती है। बाजार से सीधे जुड़ाव और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन ने उन्हें अपनी फसल के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में मदद की है।

हरिहर साय ने अपने कृषि कार्य को केवल बैंगन उत्पादन तक सीमित नहीं रखा है। वे उद्यानिकी के क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाते हुए शेडनेट हाउस में वीएनआर करेला एवं वीएनआर मिर्च के बीज उत्पादन का कार्य भी कर रहे हैं। अलग-अलग उद्यानिकी गतिविधियों से जुड़ने के कारण उनके लिए आय के विविध अवसर तैयार हुए हैं। फसल विविधीकरण का यह प्रयास बताता है कि किसान उपलब्ध कृषि भूमि का योजनाबद्ध उपयोग कर अलग-अलग फसलों एवं कृषि गतिविधियों के माध्यम से अपनी आमदनी के स्रोत बढ़ा सकते हैं।
हरिहर साय का अनुभव बताता है कि परंपरागत खेती के साथ उद्यानिकी फसलों, उन्नत पौध सामग्री और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन को अपनाकर किसान अपने लिए नए अवसर तैयार कर सकते हैं। इसके साथ ही उपज को बेहतर बाजार से जोड़ना भी खेती को अधिक लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बटईकेला के खेत से निकलकर कोलकाता के बाजार तक पहुंच रहा हरिहर साय का बैंगन इसी बदलाव की तस्वीर है। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती के साथ करेला और मिर्च के बीज उत्पादन की दिशा में उनका प्रयास अन्य किसानों के लिए भी फसल विविधीकरण, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार से जुड़कर आमदनी बढ़ाने का प्रेरक उदाहरण है।







 

 


रायपुर-अंबिकापुर-वाराणसी के बीच जल्द शुरू हो सकती है फ्लाइट:एलायंस एयर ने DGCA को भेजा शेड्यूल

24-Sep-2026
सरगुजा। ( शोर संदेश ) एलायंस एयर रायपुर से अंबिकापुर होकर वाराणसी के लिए जल्द हवाई सेवा शुरू करने की तैयारी में है। कंपनी ने इसके लिए विंटर फ्लाइट शेड्यूल DGCA को भेजा है। प्रस्तावित सेवा सप्ताह में दो दिन संचालित की जा सकती है। इसके अलावा एक दिन रायपुर-अंबिकापुर होकर रांची या पटना के लिए भी फ्लाइट शुरू करने की तैयारी है।
अंबिकापुर से हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की कोशिश के बीच एलायंस एयर ने पहले बिलासपुर-अंबिकापुर-दिल्ली और कोलकाता के लिए सेवा शुरू की थी। यात्रियों की कमी के कारण कोलकाता फ्लाइट बंद हो चुकी है।
वर्तमान में दिल्ली के लिए फ्लाइट सप्ताह में दो दिन सोमवार और बुधवार को चल रही है। विंटर शेड्यूल में इसे एक दिन करने की चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कोलकाता सेवा बंद होने के बाद रायपुर से अंबिकापुर होकर वाराणसी के लिए हवाई सेवा शुरू करने की तैयारी की गई है। एलायंस एयर ने इस रूट का प्रस्तावित विंटर शेड्यूल DGCA को भेजा है। प्रस्ताव के मुताबिक सप्ताह में दो दिन फ्लाइट संचालित हो सकती है।
कंपनी की बुकिंग वेबसाइट पर अंबिकापुर-रायपुर रूट शेड्यूल किया गया है, लेकिन वाराणसी, रांची या पटना को अभी इसमें शामिल नहीं किया गया है। शेड्यूल को मंजूरी मिलने के बाद इन रूट की जानकारी अपडेट की जा सकती है।
 

 


सेवा संकल्प से बदली पहाड़ी कोरवा परिवारों की जिंदगी, पक्के घर ने दिया सुरक्षा और सम्मान का आधार

20-Sep-2026
सरगुजा । ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ शासन के सेवा संकल्प और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचने से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। सरगुजा जिले के जनपद पंचायत उदयपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत केशमा (वन केशमा) में पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए पीएम जनमन योजना के तहत निर्मित पक्के आवास इसी बदलाव की तस्वीर पेश कर रहे हैं। वर्षों से कच्चे मकान और मौसम की कठिन परिस्थितियों के बीच जीवन यापन कर रहे परिवारों को अब सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिला है।
ग्राम के पहाड़ी कोरवा परिवारों में हुडकू राम/बिरझु और रतन साय/छन्दू का परिवार लंबे समय से पक्के और सुरक्षित घर की उम्मीद लगाए हुए था। पीएम जनमन योजना के माध्यम से दोनों परिवारों को पक्का आवास मिलने से उनकी वर्षों पुरानी चिंता दूर हुई है। घर मिलने के बाद परिवारों में खुशी का माहौल है और अब वे सुरक्षित वातावरण में अपने दैनिक जीवन को आगे बढ़ा रहे हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को बारिश, तेज हवा और ठंड के दौरान अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पक्का आवास मिलने से इन परिवारों को छत टपकने, दीवारों के कमजोर होने और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से होने वाली परेशानियों से राहत मिली है। सुरक्षित घर बच्चों, बुजुर्गों और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करा रहा है।
इन परिवारों के लिए पक्का मकान केवल चार दीवारों का निर्माण नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मान से जुड़ा आशियाना है। अब परिवारों को घर की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता नहीं रहेगी। सुरक्षित आवास मिलने से वे बच्चों की पढ़ाई, आजीविका और दैनिक जीवन की अन्य जरूरतों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
पीएम जनमन योजना का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीव्हीटीजी) के परिवारों तक आवास सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। पक्के आवास जैसी मूलभूत सुविधा मिलने से इन परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव की नींव मजबूत हो रही है।
हुडकू राम और रतन साय के परिवारों के लिए पक्का आवास सुरक्षित जीवन और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कभी कच्चे घर और मौसम की चिंता के बीच गुजरने वाले दिन अब सुरक्षित छत के नीचे सुकून और स्थायित्व के साथ बीत रहे हैं।

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में 96 तो मनेंद्रगढ़ में 41 एमबीबीएस स्टूडेंट ने लिया दाखिला, सामुदायिक भवन में शुरु होंगीं कक्षाएं

07-Sep-2026
अंबिकापुर। अविभाजित सरगुजा संभाग के अंबिकापुर और मनेंद्रगढ़ स्थित मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस प्रवेश प्रक्रिया का पहला चरण पूरा हो गया है। राज्य कोटे के पहले राउंड में अंबिकापुर के राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव मेडिकल कॉलेज में 96 और मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज में 41 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। दोनों कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया अभी जारी है। शासन के निर्देशानुसार 15 सितंबर से एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। बता दें कि मान्यता मिलने के बाद मनेंद्रगढ़ में इस वर्ष पहली बार दाखिला लिया गया है। मेडिकल कॉलेज का अपना भवन नहीं होने की वजह से फिलहाल सामुदायिक भवन में कक्षाएं शुरु करने की तैयारी है।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कुल 125 सीटें हैं। इनमें 104 सीटें राज्य कोटा, 18 ऑल इंडिया और ३ सेंट्रल कोटे की हैं। पहले चरण में राज्य कोटे की 96 सीटों पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। कॉलेज प्रबंधन को उम्मीद है कि दूसरे और तीसरे राउंड में शेष सीटें भी भर जाएंगी।
वहीं मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कुल 50 सीटें हैं। इनमें 42 राज्य कोटा, सात ऑल इंडिया और एक सेंट्रल कोटे की सीट शामिल है। पहले राउंड में राज्य कोटे की 41 सीटों पर प्रवेश हो चुका है। अब कॉलेज प्रबंधन को दूसरे राउंड का इंतजार है।
 

राखी का बंधन, खुशियों का संसार-महतारी वंदन से बहनों को संबल अपार

26-Aug-2026
सरगुजा । ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने में सहयोग दे रही है। रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 31वीं किस्त मिलने से प्रदेश की बहनों के लिए त्योहार की खुशियां और भी बढ़ गई हैं।
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लटोरी निवासी ममता राजवाड़े भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं। ममता महिमा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और जेंडर गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त समय पर मिलने से इस बार त्योहार की तैयारियां उनके लिए आसान हो गई हैं।
ममता ने बताया कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने इस पर्व की तैयारियों में उनका सहारा बढ़ाया है। किस्त मिलने के बाद उन्होंने अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की। इससे त्योहार की तैयारियां सहज हुईं और परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा।
ममता ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इस राशि से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार के खर्चों में भी सहयोग कर पा रही हैं। योजना ने महिलाओं को आर्थिक निर्णयों में भागीदारी बढ़ाने और आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का अवसर दिया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की यह पहल उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बनी है। नियमित सहायता राशि से जरूरत के समय किसी के सामने हाथ फैलाने की स्थिति कम हुई है और महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है।
ममता राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपना “विष्णु भैया” बताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलना बहनों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने कहा, “विष्णु भैया की सरकार बहनों के सम्मान और जरूरतों का ध्यान रख रही है। रक्षाबंधन के समय मिली सहायता से त्योहार की खुशियां बढ़ी हैं और हमें आर्थिक संबल मिला है।”
ममता ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संचार कर रही है। उन्होंने योजना के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से वे सम्मानपूर्वक अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर पा रही हैं।
 

अभिसरण से बदली सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र की तस्वीर, नौनिहालों को मिला सुरक्षित और सुविधायुक्त भवन

14-Aug-2026
सरगुजा । ( शोर संदेश )  राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिल रही है। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सलका स्थित सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र इसका उदाहरण है। कभी किराए के जर्जर और सीमित स्थान वाले भवन में संचालित यह केंद्र अब 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित नवनिर्मित भवन में संचालित हो रहा है। इससे बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त वातावरण मिलने के साथ आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाओं का संचालन भी अधिक व्यवस्थित हुआ है।
सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृति दी गई थी। भवन निर्माण में एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) और विकसित भारत जी राम जी योजना के संसाधनों का अभिसरण किया गया। कुल 11.69 लाख रुपए की लागत में आईसीडीएस से 3.69 लाख रुपए तथा विकसित भारत जी राम जी योजना से 8 लाख रुपए का प्रावधान किया गया। भवन निर्माण के दौरान 494 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ।
नवनिर्मित भवन से पहले आंगनबाड़ी केंद्र किराए के जर्जर भवन में संचालित होता था। सीमित जगह और आवश्यक सुविधाओं के अभाव में बच्चों को बैठाने, प्री-स्कूल गतिविधियां संचालित करने तथा पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने में कठिनाइयां आती थीं। नए भवन के निर्माण से इन समस्याओं का समाधान हुआ है और केंद्र के संचालन के लिए स्थायी आधारभूत सुविधा उपलब्ध हुई है।
नए आंगनबाड़ी भवन में बड़ा हॉल, रसोई, स्टोर, शौचालय, बाथरूम और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्याप्त स्थान होने से बच्चों के लिए प्री-स्कूल शिक्षा, खेलकूद, पोषण एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियां व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही हैं। रसोई और स्टोर की सुविधा से पोषण आहार के रख-रखाव एवं वितरण में भी सुविधा हुई है।
वर्तमान में सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र से 35 बच्चे नियमित रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्हें प्री-स्कूल शिक्षा के साथ पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण मिलने से बच्चों की केंद्र में उपस्थिति और गतिविधियों में सहभागिता को भी बढ़ावा मिला है।
आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से गर्भवती माताओं और किशोरी बालिकाओं को भी स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में 5 गर्भवती माताएं स्वास्थ्य जांच एवं पोषण परामर्श का लाभ ले रही हैं, जबकि 17 किशोरी बालिकाएं पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ी सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। नए भवन से इन हितग्राहियों को भी बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी पैकरा ने बताया कि पहले कम जगह के कारण बच्चों को बैठाने और विभिन्न गतिविधियां कराने में परेशानी होती थी। नए भवन में पर्याप्त जगह और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से अब बच्चों की गतिविधियां आसानी से संचालित हो रही हैं। बच्चे भी उत्साह के साथ केंद्र पहुंच रहे हैं।
सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र का भवन योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से तैयार हुई ऐसी स्थायी परिसंपत्ति है, जिसका लाभ ग्रामीण समुदाय को लंबे समय तक मिलेगा। इस पहल से एक ओर बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा मिली है, वहीं गर्भवती माताओं और किशोरी बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की पहुंच बेहतर हुई है। साथ ही भवन निर्माण से स्थानीय स्तर पर 494 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ।
इस प्रकार सलकापारा का आंगनबाड़ी केंद्र केवल एक नए भवन की उपलब्धि नहीं, बल्कि बाल पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य, किशोरी स्वास्थ्य और ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं को एक साथ मजबूत करने वाली अभिसरण आधारित पहल का उदाहरण बनकर उभरा है।
 

राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान: छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दी जानकारी

05-Aug-2026
सरगुजा । ( शोर संदेश ) राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरगुजा जिले के विभिन्न विद्यालयों में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम तथा एचपीवी टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
अभियान के अंतर्गत दशमेश पब्लिक स्कूल की 60, कार्मेल स्कूल की 125 तथा होली क्रॉस स्कूल की 310 छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्राओं को बताया कि एचपीवी वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव का सुरक्षित एवं प्रभावी माध्यम है। समय पर टीकाकरण कराने से इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने टीकाकरण से जुड़े लाभ, आवश्यक सावधानियों एवं भ्रांतियों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें अपने अभिभावकों एवं परिवार के अन्य सदस्यों को भी एचपीवी टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले की सभी पात्र छात्राओं एवं उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान में सक्रिय सहभागिता करें तथा निर्धारित समय पर टीकाकरण कराकर सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में सहयोग दें।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों के साथ स्वास्थ्य विभाग की शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. सीमा तिग्गा, डॉ. चंदन केशरी, डॉ. साधना मिश्रा (आरबीएसके टीम-ए), शहरी सुपरवाइजर धनेश प्रताप सिंह तथा हिमालय फार्मासिस्ट का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


 

पेड़ के नीचे खड़े 4 बच्चों पर गिरी आकाशीय बिजली, 2 की मौत; 2 गंभीर

18-Jul-2026
सरगुजा। सरगुजा जिले में बारिश के दौरान पेड़ के नीचे खड़े चार बच्चों पर आकाशीय बिजली गिर गई। घटना में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया है।
यह हादसा लुंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम नागम बांसपारा में शुक्रवार शाम हुआ। मृतकों की पहचान संदीप नगेसिया (11) और रोशन पनिका (12) के रूप में हुई है। वहीं, घायल प्रभु राम नगेसिया (12) और दिनेश नगेसिया (11) सगे भाई हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, चारों बच्चे शुक्रवार शाम घर से खेलने निकले थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सभी बच्चे ग्राम पंचायत नागम के पास सड़क किनारे एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी और चारों उसकी चपेट में आ गए।
ग्रामीणों के मुताबिक, बच्चों के पास मोबाइल फोन भी था। हालांकि, हादसे का कारण बिजली गिरना ही माना जा रहा है।
बिजली गिरते ही संदीप और रोशन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल प्रभु राम व दिनेश को तत्काल धौरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया।
एक ही गांव के चार बच्चों के साथ हुए इस हादसे से पूरे नागम गांव में शोक का माहौल है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मौसम विभाग ने भी लोगों से बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है।



 

स्लीपर बस में नवविवाहिता ने दिया बच्चे को जन्म, किलकारी सुनकर झूम उठे यात्री, पैसे देकर जोड़े को दी बधाई

07-Jul-2026
अंबिकापुर। कोरबा से बिहार के पटना जा रही स्लीपर बस के यात्रियों में सोमवार की रात उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब बस में सवार एक नवविवाहिता ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इस दौरान बस बलरामपुर जिले में पहुंच चुकी थी। बस में सवार महिला यात्रियों ने प्रसव पीड़ा से तड़प रही नवविवाहिता का सुरक्षित डिलीवरी कराया। बच्चे की किलकारी सुनकर यात्री झूम उठे और उन्होंने जेब से पैसे निकालकर नवविवाहित जोड़े को थमाकर बधाई दी। बाद में बलरामपुर पहुंचने पर जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद बस अन्य यात्रियों को लेकर पटना के लिए रवाना हो गई।
राजहंस बस 6 जुलाई को यात्रियों को लेकर कोरबा से बिहार के पटना जा रही थी। बस अंबिकापुर से प्रतापपुर होते हुए सेमरसोत के रास्ते पर पहुंची ही थी कि कोरबा से बस में सवार एक गर्भवती नवविवाहिता को प्रसव पीड़ा होने लगी। वह पति के साथ सफर कर रही थी। प्रसव पीड़ा होने की जानकारी नवविवाहिता के पति ने बस कंडक्टर के अलावा यात्रियों को भी दी।
इसके बाद महिला यात्री सक्रिय हो गईं। इसके बाद बस को भारी बारिश के बाद रास्ते में रुकवाया गया। वहीं बस में सवार महिला यात्री सुनती देवी ने अन्य महिलाओं की मदद से नवविवाहिता का सुरक्षित प्रसव कराया। नवविवाहिता ने बेटे को जन्म दिया था।
बस में गूंज उठी किलकारी
डिलीवरी होते ही बच्चे की किलकारी बस में गूंजने लगी। यह देख यात्रियों में खुशी की लहर दौड़ गई। नवविवाहित जोड़ा भी काफी प्रसन्न हुआ। प्रसव कराने वाली महिला ने बच्चे को गोद में लेकर सभी यात्रियों को दिखाया। इस दौरान सभी ने मोबाइल पर उसका वीडियो-फोटो बनाया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पैसे देकर यात्रियों ने दी बधाई
यात्रियों की खुशी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बस में सवार अधिकांश ने बच्चे के पिता को पैसे देकर बधाई देनी शुरु कर दी। हालांकि युवक मना करता रहा, लेकिन यात्रियों ने यह कहकर उसे पैसे थमाए कि यह खुशी का मौका है और हम सब इसके साक्षी हैं।


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