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Surguja

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में 96 तो मनेंद्रगढ़ में 41 एमबीबीएस स्टूडेंट ने लिया दाखिला, सामुदायिक भवन में शुरु होंगीं कक्षाएं

07-Sep-2026
अंबिकापुर। अविभाजित सरगुजा संभाग के अंबिकापुर और मनेंद्रगढ़ स्थित मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस प्रवेश प्रक्रिया का पहला चरण पूरा हो गया है। राज्य कोटे के पहले राउंड में अंबिकापुर के राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव मेडिकल कॉलेज में 96 और मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज में 41 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। दोनों कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया अभी जारी है। शासन के निर्देशानुसार 15 सितंबर से एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। बता दें कि मान्यता मिलने के बाद मनेंद्रगढ़ में इस वर्ष पहली बार दाखिला लिया गया है। मेडिकल कॉलेज का अपना भवन नहीं होने की वजह से फिलहाल सामुदायिक भवन में कक्षाएं शुरु करने की तैयारी है।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कुल 125 सीटें हैं। इनमें 104 सीटें राज्य कोटा, 18 ऑल इंडिया और ३ सेंट्रल कोटे की हैं। पहले चरण में राज्य कोटे की 96 सीटों पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। कॉलेज प्रबंधन को उम्मीद है कि दूसरे और तीसरे राउंड में शेष सीटें भी भर जाएंगी।
वहीं मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कुल 50 सीटें हैं। इनमें 42 राज्य कोटा, सात ऑल इंडिया और एक सेंट्रल कोटे की सीट शामिल है। पहले राउंड में राज्य कोटे की 41 सीटों पर प्रवेश हो चुका है। अब कॉलेज प्रबंधन को दूसरे राउंड का इंतजार है।
 

राखी का बंधन, खुशियों का संसार-महतारी वंदन से बहनों को संबल अपार

26-Aug-2026
सरगुजा ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने में सहयोग दे रही है। रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 31वीं किस्त मिलने से प्रदेश की बहनों के लिए त्योहार की खुशियां और भी बढ़ गई हैं।
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लटोरी निवासी ममता राजवाड़े भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं। ममता महिमा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और जेंडर गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त समय पर मिलने से इस बार त्योहार की तैयारियां उनके लिए आसान हो गई हैं।
ममता ने बताया कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने इस पर्व की तैयारियों में उनका सहारा बढ़ाया है। किस्त मिलने के बाद उन्होंने अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की। इससे त्योहार की तैयारियां सहज हुईं और परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा।
ममता ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इस राशि से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार के खर्चों में भी सहयोग कर पा रही हैं। योजना ने महिलाओं को आर्थिक निर्णयों में भागीदारी बढ़ाने और आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का अवसर दिया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की यह पहल उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बनी है। नियमित सहायता राशि से जरूरत के समय किसी के सामने हाथ फैलाने की स्थिति कम हुई है और महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है।
ममता राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपना “विष्णु भैया” बताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलना बहनों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने कहा, “विष्णु भैया की सरकार बहनों के सम्मान और जरूरतों का ध्यान रख रही है। रक्षाबंधन के समय मिली सहायता से त्योहार की खुशियां बढ़ी हैं और हमें आर्थिक संबल मिला है।”
ममता ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संचार कर रही है। उन्होंने योजना के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से वे सम्मानपूर्वक अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर पा रही हैं।
 

अभिसरण से बदली सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र की तस्वीर, नौनिहालों को मिला सुरक्षित और सुविधायुक्त भवन

14-Aug-2026
सरगुजा ( शोर संदेश )  राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिल रही है। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सलका स्थित सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र इसका उदाहरण है। कभी किराए के जर्जर और सीमित स्थान वाले भवन में संचालित यह केंद्र अब 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित नवनिर्मित भवन में संचालित हो रहा है। इससे बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त वातावरण मिलने के साथ आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाओं का संचालन भी अधिक व्यवस्थित हुआ है।
सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृति दी गई थी। भवन निर्माण में एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) और विकसित भारत जी राम जी योजना के संसाधनों का अभिसरण किया गया। कुल 11.69 लाख रुपए की लागत में आईसीडीएस से 3.69 लाख रुपए तथा विकसित भारत जी राम जी योजना से 8 लाख रुपए का प्रावधान किया गया। भवन निर्माण के दौरान 494 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ।
नवनिर्मित भवन से पहले आंगनबाड़ी केंद्र किराए के जर्जर भवन में संचालित होता था। सीमित जगह और आवश्यक सुविधाओं के अभाव में बच्चों को बैठाने, प्री-स्कूल गतिविधियां संचालित करने तथा पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने में कठिनाइयां आती थीं। नए भवन के निर्माण से इन समस्याओं का समाधान हुआ है और केंद्र के संचालन के लिए स्थायी आधारभूत सुविधा उपलब्ध हुई है।
नए आंगनबाड़ी भवन में बड़ा हॉल, रसोई, स्टोर, शौचालय, बाथरूम और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्याप्त स्थान होने से बच्चों के लिए प्री-स्कूल शिक्षा, खेलकूद, पोषण एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियां व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही हैं। रसोई और स्टोर की सुविधा से पोषण आहार के रख-रखाव एवं वितरण में भी सुविधा हुई है।
वर्तमान में सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र से 35 बच्चे नियमित रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्हें प्री-स्कूल शिक्षा के साथ पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण मिलने से बच्चों की केंद्र में उपस्थिति और गतिविधियों में सहभागिता को भी बढ़ावा मिला है।
आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से गर्भवती माताओं और किशोरी बालिकाओं को भी स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में 5 गर्भवती माताएं स्वास्थ्य जांच एवं पोषण परामर्श का लाभ ले रही हैं, जबकि 17 किशोरी बालिकाएं पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ी सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। नए भवन से इन हितग्राहियों को भी बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी पैकरा ने बताया कि पहले कम जगह के कारण बच्चों को बैठाने और विभिन्न गतिविधियां कराने में परेशानी होती थी। नए भवन में पर्याप्त जगह और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से अब बच्चों की गतिविधियां आसानी से संचालित हो रही हैं। बच्चे भी उत्साह के साथ केंद्र पहुंच रहे हैं।
सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र का भवन योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से तैयार हुई ऐसी स्थायी परिसंपत्ति है, जिसका लाभ ग्रामीण समुदाय को लंबे समय तक मिलेगा। इस पहल से एक ओर बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा मिली है, वहीं गर्भवती माताओं और किशोरी बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की पहुंच बेहतर हुई है। साथ ही भवन निर्माण से स्थानीय स्तर पर 494 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ।
इस प्रकार सलकापारा का आंगनबाड़ी केंद्र केवल एक नए भवन की उपलब्धि नहीं, बल्कि बाल पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य, किशोरी स्वास्थ्य और ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं को एक साथ मजबूत करने वाली अभिसरण आधारित पहल का उदाहरण बनकर उभरा है।
 

राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान: छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दी जानकारी

05-Aug-2026
सरगुजा । ( शोर संदेश ) राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरगुजा जिले के विभिन्न विद्यालयों में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम तथा एचपीवी टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
अभियान के अंतर्गत दशमेश पब्लिक स्कूल की 60, कार्मेल स्कूल की 125 तथा होली क्रॉस स्कूल की 310 छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्राओं को बताया कि एचपीवी वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव का सुरक्षित एवं प्रभावी माध्यम है। समय पर टीकाकरण कराने से इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने टीकाकरण से जुड़े लाभ, आवश्यक सावधानियों एवं भ्रांतियों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें अपने अभिभावकों एवं परिवार के अन्य सदस्यों को भी एचपीवी टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले की सभी पात्र छात्राओं एवं उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान में सक्रिय सहभागिता करें तथा निर्धारित समय पर टीकाकरण कराकर सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में सहयोग दें।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों के साथ स्वास्थ्य विभाग की शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. सीमा तिग्गा, डॉ. चंदन केशरी, डॉ. साधना मिश्रा (आरबीएसके टीम-ए), शहरी सुपरवाइजर धनेश प्रताप सिंह तथा हिमालय फार्मासिस्ट का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


 

पेड़ के नीचे खड़े 4 बच्चों पर गिरी आकाशीय बिजली, 2 की मौत; 2 गंभीर

18-Jul-2026
सरगुजा। सरगुजा जिले में बारिश के दौरान पेड़ के नीचे खड़े चार बच्चों पर आकाशीय बिजली गिर गई। घटना में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया है।
यह हादसा लुंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम नागम बांसपारा में शुक्रवार शाम हुआ। मृतकों की पहचान संदीप नगेसिया (11) और रोशन पनिका (12) के रूप में हुई है। वहीं, घायल प्रभु राम नगेसिया (12) और दिनेश नगेसिया (11) सगे भाई हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, चारों बच्चे शुक्रवार शाम घर से खेलने निकले थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सभी बच्चे ग्राम पंचायत नागम के पास सड़क किनारे एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी और चारों उसकी चपेट में आ गए।
ग्रामीणों के मुताबिक, बच्चों के पास मोबाइल फोन भी था। हालांकि, हादसे का कारण बिजली गिरना ही माना जा रहा है।
बिजली गिरते ही संदीप और रोशन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल प्रभु राम व दिनेश को तत्काल धौरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया।
एक ही गांव के चार बच्चों के साथ हुए इस हादसे से पूरे नागम गांव में शोक का माहौल है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मौसम विभाग ने भी लोगों से बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है।



 

स्लीपर बस में नवविवाहिता ने दिया बच्चे को जन्म, किलकारी सुनकर झूम उठे यात्री, पैसे देकर जोड़े को दी बधाई

07-Jul-2026
अंबिकापुर। कोरबा से बिहार के पटना जा रही स्लीपर बस के यात्रियों में सोमवार की रात उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब बस में सवार एक नवविवाहिता ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इस दौरान बस बलरामपुर जिले में पहुंच चुकी थी। बस में सवार महिला यात्रियों ने प्रसव पीड़ा से तड़प रही नवविवाहिता का सुरक्षित डिलीवरी कराया। बच्चे की किलकारी सुनकर यात्री झूम उठे और उन्होंने जेब से पैसे निकालकर नवविवाहित जोड़े को थमाकर बधाई दी। बाद में बलरामपुर पहुंचने पर जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद बस अन्य यात्रियों को लेकर पटना के लिए रवाना हो गई।
राजहंस बस 6 जुलाई को यात्रियों को लेकर कोरबा से बिहार के पटना जा रही थी। बस अंबिकापुर से प्रतापपुर होते हुए सेमरसोत के रास्ते पर पहुंची ही थी कि कोरबा से बस में सवार एक गर्भवती नवविवाहिता को प्रसव पीड़ा होने लगी। वह पति के साथ सफर कर रही थी। प्रसव पीड़ा होने की जानकारी नवविवाहिता के पति ने बस कंडक्टर के अलावा यात्रियों को भी दी।
इसके बाद महिला यात्री सक्रिय हो गईं। इसके बाद बस को भारी बारिश के बाद रास्ते में रुकवाया गया। वहीं बस में सवार महिला यात्री सुनती देवी ने अन्य महिलाओं की मदद से नवविवाहिता का सुरक्षित प्रसव कराया। नवविवाहिता ने बेटे को जन्म दिया था।
बस में गूंज उठी किलकारी
डिलीवरी होते ही बच्चे की किलकारी बस में गूंजने लगी। यह देख यात्रियों में खुशी की लहर दौड़ गई। नवविवाहित जोड़ा भी काफी प्रसन्न हुआ। प्रसव कराने वाली महिला ने बच्चे को गोद में लेकर सभी यात्रियों को दिखाया। इस दौरान सभी ने मोबाइल पर उसका वीडियो-फोटो बनाया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पैसे देकर यात्रियों ने दी बधाई
यात्रियों की खुशी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बस में सवार अधिकांश ने बच्चे के पिता को पैसे देकर बधाई देनी शुरु कर दी। हालांकि युवक मना करता रहा, लेकिन यात्रियों ने यह कहकर उसे पैसे थमाए कि यह खुशी का मौका है और हम सब इसके साक्षी हैं।

कलेक्टर के निर्देश पर अवैध खनिज परिवहन पर कसा शिकंजा, एक ही सप्ताह में 08 वाहन जब्त

23-Jun-2026
सूरजपुर/23 जून 2026 कलेक्टर रेना जमील के स्पष्ट निर्देशानुसार सूरजपुर जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण में संलिप्त तत्वों के विरूद्ध अब निरंतर एवं कठोर कार्रवाई की जा रही है। खनिज अमला सूरजपुर तथा जिला स्तरीय टास्कफोर्स द्वारा खनिजों के अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण से प्रभावित क्षेत्रों में सघन जाँच अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बीते कुछ दिनों में कुल 08 वाहनों को अवैध परिवहन करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 जून 2026 को खनिज अमला सूरजपुर द्वारा तहसील प्रतापपुर के थाना खडगवाँ क्षेत्र में खनिज वाहनों की जांच के दौरान खडगवाँ मुख्य मार्ग पर खनिज रेत से भरी 01 टीपर तथा बिश्रामपुर क्षेत्र में 02 वाहनों को अवैध परिवहन करते पाया गया। इसी क्रम में आज 22 जून 2026 को खडगवाँ क्षेत्र में 01 वाहन तथा ग्राम रूनियाडीह एवं आसपास के क्षेत्रों में बिना वैध अभिवहन पास के परिवहन कर रहे 04 ट्रैक्टरों को जाँच दल द्वारा रोककर जब्त किया गया।
जाँच के दौरान पकड़े गए कुल 08 वाहनों पर नियमानुसार अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज करते हुए संबंधित वाहन मालिकों के विरूद्ध विधिवत कार्रवाई की गई है। जब्त वाहनों में से 04 वाहन पुलिस थाना सूरजपुर, 03 वाहन थाना बिश्रामपुर तथा 01 वाहन थाना खडगवाँ में सुरक्षार्थ रखे गए हैं।
खनिज विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि खनिज अमला एवं जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी की जा रही है। अवैध उत्खनन, परिवहन अथवा भण्डारण की गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई सतत रूप से जारी रहेगी।







 

अंबिकापुर में तेज रफ्तार कार ने 2 युवकों को रौंदा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम

19-May-2026
अंबिकापुर (शोर संदेश)। एनएच-130 अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग स्थित शहर से लगे सांड़बार बैरियर के पास रविवार की शाम को एक कार सवार सडक़ किनारे टायर में हवा डलवा रहा था। जबकि दुकान का कर्मचारी हवा डाल रहा था। इसी बीच लखनपुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने दोनों को कुचल दिया। हादसे में दोनों की मौत हो गई। सोमवार को परिजन व स्थानीय लोगों ने सडक़ पर शव रखकर एनएच पर चक्काजामा कर दिया। टायर जलाकर प्रदर्शन किया। मुआवजे व आरोपी वाहन चालक को गिरफ्तार करने के आश्वासन के बाद चक्काजाम समाप्त किया गया।
मणिपुर थाना से आगे सांड़बार बैरियर के पास तस्लीम नामक व्यक्ति की टायर दुकान है। दुकान में तस्लीम का भतीजा मो. कामरान पिता मो. नसीम उम्र 20 वर्ष काम करता था। रविवार की शाम करीब 7.30 बजे शो-रूम से काम कर मणिपुर थाना क्षेत्र के ही ग्राम सुन्दरपुर निवासी अनिल गढ़वाल पिता अमर साय 25 वर्ष अपनी कार लेकर सांड़बार स्थित टायर दुकान में हवा डलवाने पहुंचा।
दुकान का कर्मचारी कामरान टायर में हवा डाल रहा था। जबकि अनिल गढ़वाल पास में ही खड़ा था। इसी बीच लखनपुर की ओर से तेज रफ्तार में सफेद रंग की अज्ञात कार दोनों को रौंदते हुए निकल गई।
कार दोनों को करीब 20 मीटर तक घसीटते ले गई। इससे दोनों लहूलुहान हालत में सडक़ पर ही तड़पने लगे। यह देख टायर दुकान मालिक दोनों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गया। यहां जांच पश्चात डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
दुर्घटना के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया। रफ्तार इतना तेज थी कि लोग उसका नंबर भी नहीं देख पाए। सूचना पर मणिपुर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। पुलिस दुर्घटनाकारी वाहन चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
शव रखकर किया चक्काजाम
दोनों शवों का पोस्टमार्टम सोमवार को कराया गया। दोनों मृतक सांड़बार व सुन्दरपुर के हैं, जो कि एनएच से लगा हुआ है। इसके बाद परिजन व स्थानीय लोगों ने शव को सडक़र पर रखकर एनएच को जाम कर दिया।
लोगों ने सडक़ पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि अंबिकापुर-बिलासपुर एनएच पर लगातार हादसे हो रहे हैं और लोगों की जानें जा रही हैं। कुछ दिन पूर्व ही बेकाबू स्कॉर्पियों ने 3 महिलाओं को रौंद दिया था।

नदी में डूबने से मामा-भांजी की मौत, गर्मी की छुट्टियां मनाने रायपुर से गई थी अंबिकापुर

26-Apr-2026
अंबिकापुर (शोर संदेश)। अंबिकापुर शहर से लगे मेन्ड्राकला स्थित नदी में नहाने के दौरान मामा-भांजी की डूबने से मौत हो गई। भांजी रायपुर से अपनी मां के साथ गर्मी की छुट्टियां मनाने नानी के घर अंबिकापुर आई थी। शनिवार को वह अपने मामा समेत परिवार के अन्य सदस्यों के साथ नहाने गई थी। इसी दौरान मामा-भांजी हादसे का शिकार हो गए। मामा-भांजी की मौत से परिवार व घुटरापारा मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है।
सिम्मी सोनी पिता ईश्वर सोनी उम्र 11 वर्ष रायपुर की रहने वाली थी। वह अपनी मां के साथ गर्मी छुट्टी में नानी के घर शहर के घुटरापारा स्थित चांदनी चौक आई थी। शनिवार की दोपहर मामा विनीत सोनी उम्र 37 वर्ष व घर के अन्य सदस्यों के साथ मणिपुर थाना क्षेत्र के मेन्ड्राकला स्थित नदी में नहाने गए थे।
सभी नदी में नहा रहे थे। इस दौरान सिम्मी व विनीत सोनी के बेटा और बेटी गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। विनीत ने किसी तरह अपने दोनों बच्चों को बचाकर नदी से बाहर निकाल लिया। फिर वह भांजी को बचाने नदी में उतरा, तब तक सिम्मी नदी में डूब चुकी थी। इधर गहरे पानी में चले जाने से विनीत की भी डूबकर मौत हो गई।
मामा-भांजी के डूबने से साथ नहाने गए परिवार के अन्य सदस्यों के बीच चीख-पुकार मच गयी। चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव के लोग पहुंचे और घटना की जानकारी मणिपुर पुलिस को दी।
पुलिस ने गांव वालों की मदद से दोनों को पानी से बाहर निकाला और उन्हें शहर के निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां जांच पश्चात डॉक्टरोंं ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मामा-भांजी की मौत से परिजनों में मातम पसरा हुआ है।

भीषण गर्मी में पशुओं को ’हीट स्ट्रोक’ से बचाने पशुपालन विभाग ने जारी की एडवायजरी

21-Apr-2026
अम्बिकापुर (शोर संदेश)। सरगुजा जिले में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों और किसानों के लिए  एडवायजरी जारी की है। अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. सी.के. मिश्रा ने बताया कि अत्यधिक तापमान के कारण पशुओं में ’हीट स्ट्रोक’ (लू लगना) का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उनकी शारीरिक क्षमता और दुग्ध उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर पशुपालक न केवल अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि आर्थिक हानि से भी बच सकते हैं।
आवास और छाया की पुख्ता व्यवस्था : 
पशुओं को लू से बचाने के लिए उनके आवास (शेड) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हैः शेड का प्रबंधनः पशुओं को हमेशा ठंडी और हवादार जगह पर रखें। शेड के ऊपर टाट, घास डालकर या सफेद पेंट कर तापमान को कम रखा जा सकता है। कूलिंग सिस्टमः शेड में पंखे या कूलर का उपयोग करें। दोपहर के समय पशुओं को सीधी धूप में बाहर कतई न बांधें। प्राकृतिक छायाः पशु शेड के आसपास छायादार वृक्षों का होना तापमान नियंत्रण में अत्यधिक सहायक होता है।
शीतल जल और संतुलित आहार :
पेयजलः पशुओं को दिन में कम से कम 3-4 बार ताज़ा और ठंडा पानी पिलाएं। पानी में इलेक्ट्रोलाइट, नमक या गुड़ का घोल मिलाकर देने से लू से बचाव होता है। स्नानः शरीर के तापमान को संतुलित रखने के लिए दिन में 1-2 बार पशुओं को नहलाना लाभदायक है। खान-पानः पशुओं को सुबह और शाम के ठंडे समय में ही चारा दें। दोपहर में भारी दाना देने से बचें और आहार में पर्याप्त हरा चारा शामिल करें, क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में खनिज और विटामिंस होते हैं।
’इन लक्षणों को न करें नजर अंदाज : 
यदि पशु तेज सांस ले रहा हो, हांफ रहा हो, मुंह खोलकर सांस ले रहा हो या उसके मुंह से लार टपक रही हो, तो यह लू लगने के संकेत हैं। शरीर का अत्यधिक गर्म होना या पशु का सुस्त होकर गिर जाना भी चिंताजनक लक्षण हैं।
तत्काल करें उपचार : 
डॉ. मिश्रा ने सलाह दी है कि लू के लक्षण दिखने पर पशु को तुरंत छाया में ले जाएं और उसके सिर व गर्दन पर ठंडा पानी डालें। प्राथमिक उपचार के साथ ही अविलंब नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क कर उचित इलाज कराएं।
पशुपालन विभाग ने अपील की है कि देखरेख के अभाव में पशुओं की उत्पादन क्षमता घट सकती है, अतः किसान भाई इस भीषण गर्मी में अपने पशुधन का विशेष ख्याल रखें।


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