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Surguja

बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्र की सड़क हादसे में मौत, एक अन्य गंभीर घायल

20-Feb-2026
सरगुजा ( शोर संदेश )  । जिले के बतौली थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12वीं बोर्ड परीक्षा देने जा रहे एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा एनएच-43 पर शांतिपारा-कुनकुरी मुख्य मार्ग के पास हुआ।
जानकारी के अनुसार बेलकोटा निवासी निष्क एक्का और झेराडीह निवासी अनिकेश तिवारी बाइक से परीक्षा केंद्र जा रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे पड़ी गिट्टी में बाइक फिसल गई और तेज रफ्तार के कारण करीब 20 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे में निष्क एक्का की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अनिकेश गंभीर रूप से घायल हो गया।
स्थानीय लोगों ने घायल छात्र को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से क्षेत्र में शोक का माहौल है।








 

लखनपुर क्षेत्र में विकास को गति, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने 259.68 लाख के कार्यों का किया भूमिपूजन

20-Feb-2026
सरगुजा( शोर संदेश )  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम केवरा, जमगला, पुहपुटरा, निम्हा, लहपटरा, खैरबार, केशवपुर, रामपुर एवं सुखरी के धान उपार्जन केन्द्रों में विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की सुविधा और समृद्धि के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इन धान उपार्जन केन्द्रों में बाउण्ड्री वाल निर्माण, कवर्ड प्लेटफार्म निर्माण तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन सभी कार्यों पर कुल 259.68 लाख रू. की लागत से निर्माण कराया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी हो। धान उपार्जन केन्द्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ होने से किसानों को सुरक्षित भंडारण, सुगम परिवहन और व्यवस्थित व्यवस्था का लाभ मिलेगा। इससे उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता आएगी, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री का पूरा लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान हित सर्वाेपरि है। धान उपार्जन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि गांवों में ही बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
मंत्री  अग्रवाल ने आगे कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से धान खरीदी व्यवस्था और अधिक सुचारू होगी, जिससे किसानों को अनावश्यक असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएँ मजबूत होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने, किसानों की आय में वृद्धि करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। धान उपार्जन केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण उसी श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है। 
धान उपार्जन केन्द्रों में आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी, किसानों को मिलेगा सुव्यवस्थित और सुविधाजनक उपार्जन तंत्र
राज्य सरकार ने धान खरीदी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले जाकर रजिस्ट्रेशन और भुगतान प्रक्रिया को तेज किया है। सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सड़क, भंडारण और बिजली सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। मंत्री अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि ये विकास कार्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे और छत्तीसगढ़ को किसान कल्याण का मॉडल राज्य बनाएंगे।
पिछले वर्षों में राज्य सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड, बीमा योजनाओं और जैविक खेती प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया है। इन पहलों से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य साकार हो रहा है। लखनपुर विकासखंड के इन ग्रामों में होने वाले कार्य पूर्ण होने पर न केवल उपार्जन केंद्र आधुनिक बनेंगे, बल्कि स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। 
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, कृषकों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। उपस्थित किसानों ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए इसे किसान हित में महत्वपूर्ण पहल बताया।
 

अंबिकापुर में तैनात आरक्षक ने जंगल में जहर खाकर की आत्महत्या

17-Feb-2026
अंबिकापुर।  ( शोर संदेश ) शंकरगढ़ पुलिस थाना में पदस्थ आरक्षक देवस राम एक्का ने कथित तौर पर जहर सेवन कर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही परिजन उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम घोरगड़ी निवासी देवस राम एक्का शंकरगढ़ थाने में पदस्थ थे।
उनकी पत्नी शंकरगढ़ में एक हाईस्कूल में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। देवस तीन दिन पहले छुट्टी लेकर अपने गृहग्राम आए थे और किसी काम से रायपुर  भी गए थे।
बताया जा रहा है कि रायपुर से लौटने के बाद वे गांव के समीप कोटगहना जंगल पहुंचे और पत्नी को फोन कर जहर सेवन की जानकारी दी।
परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्हें राजपुर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

 

मैनपाट महोत्सव से सरगुजा की संस्कृति को नई पहचान, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया शुभारंभ

14-Feb-2026
रायपुर,  ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ किया। समारोह में उन्होंने सभी को मैनपाट महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान मैनपाट में पर्यटन के विकास हेतु 1 करोड़ रुपए तथा सीतापुर में सर्व सुविधायुक्त बस स्टैंड के निर्माण हेतु घोषणा भी की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले में 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रूपए की राशि के 109 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरगुजा की संस्कृति, अस्मिता को दिखाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है यह समारोह। इस महोत्सव से यहां की संस्कृति से देश-दुनिया परिचित होंगे। बाहर से आने वाले एवं स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। 
उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का मूलमंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है। उनके विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए हम लोग विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लिए हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से ज्यादा माताओं-बहनों के खाते में एक हजार हर महीने आता है, 15 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए उनके खाते में जा चुका है। आप लोगों ने देखा है कि 2 साल में यशस्वी प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री के आशीर्वाद के कारण उनके दृढ़ ईच्छा शक्ति के कारण यह क्षेत्र नक्सवाद से मुक्त हो रहा है। मैं अपने प्रदेश के जवानों के साहस को नमन करता हूं। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का तिब्बती बंधुओं द्वारा तिब्बती संस्कृति पर आधारित “ताशी शोपा“ नृत्य के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण किया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर विकास हो रहा है। राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और नई संभावनाओं के सृजन की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मैनपाट जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल पर पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। 
विधायक राम कुमार टोप्पो ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन केवल एक उत्सव का शुभारंभ नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति प्रेम का महोत्सव है। मैनपाट महोत्सव जन-गौरव का उत्सव है, जहां प्रकृति ने स्वयं इस धरती को अद्भुत सौंदर्य से सजाया है। विधायक श्री प्रबोध मिंज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैनपाट महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर आज क्षेत्र के विकास हेतु 500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इन कार्यों से मैनपाट में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। 
मैनपाट महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले में विकास को नई गति देते हुए कुल 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रुपए 109 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 429 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपए की लागत के 81 कार्यों का भूमिपूजन एवं 94 करोड़ 09 लाख 13 हजार रुपए की लागत के 28 कार्यों का लोकार्पण किया गया।

टीईटी परीक्षा : एग्ज़ाम सेंटर में प्रबंधन ने काटे कपड़े, सोशल मीडिया में हुआ वायरल

03-Feb-2026
अंबिकापुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा के दौरान अंबिकापुर में एक विवादित घटना सामने आई है। परीक्षा रविवार को दो पालियों में संपन्न हुई, लेकिन परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखने के नाम पर कई मनमाने कदम उठाए जाने की खबरें मिलीं। ताजा मामला होलीक्रॉस कॉलेज, अंबिकापुर का है, जहाँ परीक्षार्थियों के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों की पूरा आस्तीन वाली शर्ट को कैंची से काटकर आधा आस्तीन में बदल दिया गया, और उसके बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई। यह कार्रवाई परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले की गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति कैंची लेकर खड़ा है और एक-एक करके अभ्यर्थियों की शर्ट की आस्तीनें काटी जा रही हैं। वीडियो में अभ्यर्थियों के चेहरे पर आश्चर्य और असहजता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। परीक्षार्थियों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया “मानसिक पीड़ा के समान” थी। एक अभ्यर्थी ने कहा, “हमें पहले से यह स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए थे कि पूरा आस्तीन वाली शर्ट पहनकर नहीं आना है। अचानक हमारी शर्ट काट दी गई, यह बेहद अपमानजनक और अनुचित था।”
वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रियाएँ भी मिश्रित रही।

आधुनिक मत्स्य पालन से बढ़ी आय, कैलाश पैकरा की सफलता बनी मिसाल

29-Jan-2026
सरगुजा( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ शासन की किसान-हितैषी योजनाएं एवं आधुनिक तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आय में वृद्धि नये अवसर सुलभ हो रहे हैं। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम माजा निवासी कैलाश पैकरा इसके उदाहरण हैं, जिन्होंने बायोफ्लॉक तकनीक को अपनाकर खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
कैलाश पैकरा पारंपरिक रूप से धान की खेती करते थे, किंतु अधिक आय के उद्देश्य से उन्होंने मत्स्य विभाग से संपर्क कर शासन की बायोफ्लॉक योजना का लाभ लिया। इस योजना के अंतर्गत उन्होंने लगभग 14 लाख रुपये की लागत से मत्स्य पालन की शुरूआत की, जिसमें उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान मिला। उन्होंने अपने 32×32 डिसमिल क्षेत्र में आधुनिक तालाब एवं बायोफ्लॉक सिस्टम विकसित किया। 
बायोफ्लॉक तकनीक में कम पानी और सीमित स्थान में अधिक मत्स्य उत्पादन होता है। वर्तमान में उनके फार्म में लगभग 10 हजार मछलियां हैं, जिनमें करीब 7 हजार तिलपिया के अतिरिक्त रोहू, कतला, मृगल एवं रूपचंद जैसी प्रजातियां शामिल हैं। प्राकृतिक प्रजनन के कारण उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे उन्हें वर्षभर नियमित आय प्राप्त हो रही है।
पैकरा ने बताया कि मछलियों के विपणन के लिए उन्हें बाजार जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, व्यापारी स्वयं फार्म पर पहुंचकर मछलियां खरीद लेते हैं। थोक में 150 से 160 रुपये प्रति किलोग्राम तथा फुटकर में 150 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक मूल्य प्राप्त हो रहा है। 
कैलाश पैकरा ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। उनकी सफलता से क्षेत्र के अन्य किसान भी आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।




 

कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक: पीएम आवास योजना ने बदली जिंदगी

29-Jan-2026
सरगुजा( शोर संदेश )  हर किसी के लिए पक्का घर जीवन का एक बड़ा सपना होता है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत मंगारी निवासी जयमंगल बड़ा के लिए यह सपना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से साकार हुआ है। वर्षों तक कच्चे मकान में रहने के बाद अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है।
जयमंगल बड़ा के परिवार के आजीविका का साधन कृषि है। उनका पूर्व आवास मिट्टी एवं खपरैल से निर्मित था, जिसमें बरसात के दिनों में पानी टपकना आम बात थी। हर वर्ष मकान की मरम्मत में समय और धन खर्च होता था, जिससे परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत होने से उनकी वर्षों की चिंता दूर हुई। शासन से प्राप्त वित्तीय सहायता एवं स्वयं की बचत से उन्होंने दो कमरों का मजबूत पक्का मकान निर्मित कराया। अब उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में निवास कर रहा है और जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। उल्लेखनीय है कि सरगुजा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 1,02,208 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 79,286 पूर्ण हो चुके हैं। शेष आवासों के शीघ्र निर्माण हेतु जिला प्रशासन द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं।








 

तकनीक के सहारे बदली धान खरीदी की तस्वीर, छत्तीसगढ़ का किसान हो रहा सशक्त

21-Jan-2026
सरगुजा( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था में तकनीक के समावेश ने किसानों के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था से अब धान विक्रय सरल, तेज और किसान हितैषी हो गया है। किसान तुहंर टोकन ऐप के माध्यम से घर बैठे टोकन काटने की सुविधा ने किसानों को बड़ी राहत दी है।
सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत किशुननगर के किसान दीपन सिंह इस बदलाव की जीवंत मिसाल हैं। उन्होंने बताया कि वे इस वर्ष 40 क्विंटल धान का विक्रय कर रहे हैं। पहले टोकन कटवाने के लिए उपार्जन केन्द्रों में लंबी कतारें और भीड़ झेलनी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाइल ऐप से घर बैठे टोकन कटने से समिति के अनावश्यक चक्कर समाप्त हो गए हैं।
उन्होंने बताया कि नमनाकला धान उपार्जन केन्द्र में पहुंचते ही गेट पास, नमी परीक्षण और बारदाना जैसी सभी प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित तरीके से पूरी की गईं। किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं और समिति के कर्मचारी हर स्तर पर सहयोग कर रहे हैं, जिससे धान विक्रय बिना किसी परेशानी के संपन्न हो रहा है।
दीपन सिंह ने बताया कि वे धान के साथ-साथ मक्का, गेहूं और अरहर की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है। शासन द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की व्यवस्था से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, जिससे वे फसल विविधीकरण और आधुनिक खेती में निवेश कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई किसान हितैषी नीतियों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच रहा है। पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से किसानों का भरोसा बढ़ा है और छत्तीसगढ़ का किसान आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है।









 

 


छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी

15-Jan-2026
सरगुजा  ( शोर संदेश )  राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में धान उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी, सुगम और पूरी तरह किसान हितैषी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। धान उपार्जन केन्द्रों में डिजिटल तकनीक का प्रयोग, सुव्यवस्थित प्रबंधन और समयबद्ध प्रक्रिया के परिणामस्वरूप किसानों को अपनी उपज बेचने में महत्वपूर्ण सुविधा मिल रही है।
सरगुजा जिले के ग्राम करजी के लघु सीमांत कृषक सूरज राजवाड़े ने बताया कि इस वर्ष की धान खरीदी व्यवस्था पूर्व वर्षों की तुलना में कहीं अधिक सरल और पारदर्शी है। उनके 166 क्विंटल धान की खरीदी के लिए उन्होंने घर बैठे ही “किसान तुहंर टोकन” मोबाइल ऐप के जरिए टोकन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टोकन सुविधा से समिति कार्यालय में अनावश्यक भीड़ समाप्त हुई है और किसानों का मूल्यवान समय बच रहा है।
टोकन तिथि पर धान उपार्जन केन्द्र पहुंचने पर उन्हें शीघ्रता से गेट पास उपलब्ध कराया गया। वहां धान की नमी का परीक्षण, बारदाना उपलब्धता और तौल प्रक्रिया बिना विलंब के संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि नयी प्रणाली से धान विक्रय पूरी तरह सुचारु और व्यवस्थित हो गया है।
राजवाड़े ने उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाओं की भी प्रशंसा की। किसानों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था, छायादार बैठने की जगह और समिति कर्मचारियों का सहयोगी व्यवहार उन्हें संतोषजनक लगा।
राज्य शासन द्वारा इस वर्ष धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। साथ ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। किसान के अनुसार इस निर्णय ने राज्य के कृषकों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बेहतर मूल्य मिलने से खेती को लाभदायक बनाया जा सका है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है।
कृषक राजवाड़े ने पारदर्शी और डिजिटल धान खरीदी प्रणाली के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्तमान प्रबंधन से किसानों में सुरक्षा, सम्मान और भरोसे की भावना बढ़ी है।

‘सरगुजा नेचुरल’: गांव की मिट्टी से सीधे आपकी रसोई तक

13-Jan-2026
सरगुजा  ( शोर संदेश ) राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को सशक्त पहचान दिलाने एवं उनके लिए स्थायी बाजार सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा प्रभावी पहल की जा रही है। इसी क्रम में राज्य स्तर पर 36 कला ब्रांड के माध्यम से प्रमोशन की सुव्यवस्थित रणनीति तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों से 26 विशिष्ट उत्पादों का चयन कर एक समान मानकों के अनुरूप ब्रांडिंग, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, प्रमोशन एवं बिक्री की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
इस पहल के अंतर्गत सरगुजा जिले से सरसों तेल का चयन किया गया है, जिसका उत्पादन बतौली एवं लुण्ड्रा विकासखंड के स्व सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। इन समूहों द्वारा उत्पादित सरसों तेल की आधुनिक, आकर्षक एवं मानक अनुरूप ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग का कार्य जिला स्तर पर स्थापित ग्रोथ सेंटर के माध्यम से किया जा रहा है। यह ग्रोथ सेंटर न केवल सरगुजा जिले बल्कि आसपास के जिलों में स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों का गुणवत्ता परीक्षण कर वैल्यू एडिशन का कार्य भी कर रहा है। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को शुद्ध, सुरक्षित एवं भरोसेमंद उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं, वहीं उत्पादों का बाजार मूल्य भी बढ़ रहा है।
ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए बिहान महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा “सरगुजा नेचुरल” ब्रांड का संचालन किया जा रहा है। “गांव की मिट्टी से आपकी रसोई तक” की सोच के साथ सरगुजा नेचुरल ब्रांड के अंतर्गत मिलेट्स आटा, गेहूं आटा, सत्तु, बरी, पापड़ सहित कुल 17 प्रकार के उत्पाद बाजार में उपलब्ध हैं। इन उत्पादों की बढ़ती मांग से एक ओर उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं स्थानीय उत्पाद सहज रूप से उपलब्ध हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है। बिहान के सहयोग से संचालित “सरगुजा नेचुरल” आज गुणवत्ता, विश्वास और स्वावलंबन का प्रतीक बन गया है। यह पहल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही है, बल्कि “वोकल फॉर लोकल” की भावना को भी प्रभावी रूप से साकार कर रही है।






 


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