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Bijapur

बीजापुर मुठभेड़ में 5 नक्सली ढेर, चार दिन में 214 ठिकाने ध्वस्त

19-Feb-2026
बीजापुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच नक्सली मारे गए। जंगल क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा की गई फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें ढेर कर दिया।
बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान तेज कर दिया गया है। पिछले चार दिनों में सुरक्षाबलों ने 214 नक्सली ठिकानों और बंकरों को ध्वस्त करने का दावा किया है। अभियान के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
सुरक्षाबलों ने 450 आईईडी, 818 बीजीएल शेल, 899 बंडल कोडेक्स, डेटोनेटर सहित अन्य विस्फोटक सामग्री जब्त की है। इसके अलावा करीब 12 हजार किलो खाद्य सामग्री भी बरामद की गई, जिसका उपयोग नक्सली लंबे समय तक जंगलों में ठहरने के लिए करते थे। पुलिस के अनुसार क्षेत्र में व्यापक सर्चिंग अभियान जारी है।
केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने की निर्धारित समयसीमा के बीच सघन अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक चार शीर्ष कमांडरों समेत करीब 300 नक्सली सुरक्षाबलों के निशाने पर हैं।
प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्यों में मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर, देवजी उर्फ कुंभा दादा उर्फ चेतन, राममन्ना उर्फ गणपति उर्फ लक्ष्मण राव और मल्लाह राजा रेड्डी उर्फ सागर शामिल हैं। खुफिया सूचना के आधार पर छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर सघन ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि या तो नक्सली आत्मसमर्पण करें या फिर मार्च 2026 की समयसीमा तक अभियान के दौरान उन्हें निष्क्रिय कर दिया जाएगा।




 

बीजापुर के जंगलों में सुरक्षाबलों की नक्सलियों से मुठभेड़ में एक माओवादी ढेर

06-Feb-2026
 बीजापुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के घने जंगलों में गुरुवार सुबह से ही पुलिस और नक्सलियों के बीच गोलीबारी चल रही है। इस मुठभेड़ में एक माओवादी के ढेर होने की पुष्टि हुई है।
बताया जा रहा है कि बीजापुर जिले के दक्षिणी इलाके में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान यह मुठभेड़ शुरू हो गई, जो सुबह करीब 7:30 बजे से रुक-रुक कर जारी है।
जानकारी के मुताबिक, दक्षिण बीजापुर क्षेत्र में सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें अभियान पर निकली थीं। जैसे ही सुरक्षा बल जंगल के अंदर आगे बढ़े, पहले से घात लगाए बैठे माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद दोनों ओर से जवाबी गोलीबारी होने लगी। जंगल और पहाड़ी इलाका होने की वजह से ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं।
अब तक की जानकारी के अनुसार, इस मुठभेड़ में एक माओवादी का शव बरामद किया गया है। मौके से एक एके-47 राइफल भी मिली है। सुरक्षा बल पूरे इलाके की गहन तलाशी ले रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां और कितने नक्सली मौजूद हैं।
गौरतलब है कि बीजापुर का दक्षिणी इलाका नक्सल गतिविधियों के लिए पहले से ही संवेदनशील माना जाता रहा है। यहां पहले भी कई बार सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो चुकी है। इसी वजह से इस ऑपरेशन में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और वरिष्ठ अधिकारी भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल मुठभेड़ पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और सर्च ऑपरेशन जारी है। अभियान के पूरा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की ओर से विस्तृत रिपोर्ट साझा की जाएगी, जिसमें मुठभेड़ से जुड़ी सभी जानकारियां साफ तौर पर सामने आएंगी। तब तक पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी है और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
 

झारखंड में भीषण सड़क हादसा: बारातियों की बस खाई में पलटी, 9 की मौत, 80 घायल

19-Jan-2026
लातेहार/बीजापुर ( शोर संदेश )  झारखंड में छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा से लगे लातेहार जिले में रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया।
महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ओरसा घाटी (बंगलादारा) में बारातियों को लेकर जा रही बस अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतक और घायल सभी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के निवासी हैं।
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले के करीब 87 लोग ज्ञान गंगा स्कूल की बस में सवार होकर झारखंड के लोध गांव सगाई कार्यक्रम में जा रहे थे।
ओरसा घाटी से उतरते समय बस का ब्रेक फेल हो गया, जिससे तेज रफ्तार बस पीडब्ल्यूडी के रोड सेफ्टी गार्ड को तोड़ते हुए पेड़ से टकरा गई और करीब 20 फीट गहरी खाई में पलट गई।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और शव सड़क व खाई में बिखर गए।
लातेहार पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि इलाज के दौरान लातेहार और गुमला अस्पताल में चार अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया। मृतकों में महिलाएं भी शामिल हैं।
एसडीएम विपिन कुमार दुबे के अनुसार, 60 घायलों को महुआडांड़ सीएचसी और 20 से अधिक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहीं 32 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स भेजा जा रहा है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।









 

नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन, 4 माओवादी मारे गए

18-Jan-2026

 बीजापुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर बीजापुर जिले के दुर्गम नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। इस मुठभेड़ में नेशनल पार्क एरिया कमेटी के चीफ दिलीप वेंडजा, एक महिला नक्सली समेत कुल चार माओवादियों को मार गिराया गया है। कार्रवाई डीआरजी जवानों और अन्य सुरक्षा बलों के संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई।

जानकारी के अनुसार खुफिया एजेंसियों से सूचना मिली थी कि कुख्यात नक्सली लीडर पापा राव के साथ बड़ी संख्या में माओवादी नेशनल पार्क क्षेत्र में मौजूद हैं। इनपुट मिलते ही डीआरजी और सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से मुठभेड़ शुरू हो गई।
सुरक्षाबलों के जवाबी एक्शन में नक्सलियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा और वे मौके से भाग खड़े हुए। मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन सर्च अभियान चलाया गया, जिसमें चार नक्सलियों के शव बरामद किए गए। मृतकों में नेशनल पार्क एरिया कमेटी चीफ दिलीप वेंडजा की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य नक्सलियों की शिनाख्त की जा रही है।
पापा राव के प्रभाव क्षेत्र में मुठभेड़
जिस स्थान पर मुठभेड़ हुई, वह खूंखार नक्सली पापा राव का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। पापा राव नेशनल पार्क एरिया का इंचार्ज है और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का इकलौता सदस्य बताया जाता है। यदि इस ऑपरेशन में पापा राव मारा जाता, तो नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगता।
मुठभेड़ स्थल से नक्सलियों के शवों के साथ दो एके-47 राइफल, अन्य हथियार और नक्सली सामग्री भी बरामद की गई है। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा बल स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।




 

अतिसंवेदनशील कुटरू पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, नियद नेल्ला नार पर की समीक्षा बैठक

08-Jan-2026
बीजापुर।  ( शोर संदेश )  उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा  बीजापुर जिले के अतिसंवेदनशील ग्राम कुटरू पहुंचे, जहां उन्होंने नियद नेल्ला नार के अन्तर्गत सम्मिलित पंचायतों के विकास हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ बैठक की। इस बैठक में बीजापुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आये ग्रामीण जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुख गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा आदि शामिल हुए।
इस दौरान उप उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सभी से मुलाकात कर उनका अभिवादन किया। उन्होंने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि हिंसा के साथ विकास करना कभी भी संभव नहीं रहा है। आज बस्तर अंचल के कोने कोने में हर गांव में शांति और खुशहाली लाने के लिए शासन पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। बस्तर में शांति के लिए आवश्यक है कि माओवादी विचारधारा के प्रभाव में आकर भटके युवा वापस आये और पुनर्वास का रास्ता अपना कर ग्राम और देश के विकास में अपना योगदान दें। 
उन्होंने आगे कहा कि शासन द्वारा बस्तर अंचल के सभी ग्रामों के विकास के लिए ग्राम स्तर पर विकास के मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। जिसके तहत ग्राम की महिला समूहों और युवाओं को सक्षम बनाकर स्थानीय वनोपजों के प्रसंस्करण का कार्य गांव में किया जाएगा, जिससे ग्रामीण वनोपज संग्राहक से उत्पादक और उत्पादक से व्यवसायी बनेंगे और अपने उत्पादों का स्वयं प्रसंस्करण कर वनोपजों का उचित मूल्य भी प्राप्त करेंगे। गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए नियद नेल्ला नार योजना शुरू की गई है, जहां स्थानीय कैम्प विकास का केंद्र बन गए हैं और गांव में विकास कार्यों को संचालित कर रहे हैं। इसके साथ ही गांव गांव में शासकीय योजनाओं की संतृप्तता का कार्य करते हुए हर योजना का लाभ प्रत्येक ग्रामीण को दिलाया जा रहा है।
उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील की कि वे जंगलों में माओवादी गतिविधियों में सम्मिलित अपने ग्राम के युवाओं को समझाएं और पुनर्वास कराएं। ऐसे ग्राम जो अपने सभी सदस्यों को मुख्यधारा में लाकर ग्राम को सशस्त्र नक्सल हिंसा से मुक्त घोषित करेंगे, उन ग्रामों में इलवद पंचायत योजना के तहत 1 करोड़ रुपए की राशि अतिरिक्त विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर ग्राम पंचायत केतुलनार पेठा, मंगापेठा रानी बोली, अंबेली और दरभा जो नक्सल मुक्त होने के कगार पर है उन्हें नक्सल मुक्त होने का प्रस्ताव भेजने को कहा गया। ताकि इलवंद  गांव‌ के रूप में उनका विकास किया जा सके।
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों स्व उनके ग्रामों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, रोजगार एवं आजीविका संवर्धन की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की, जिसमें ग्रामीणों ने बताया कि आज तक उनके ग्रामों में नक्सल गतिविधियों के कारण विकास नहीं पहुंच पाया था पर अब उनके ग्रामों तक सड़क, बिजली जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं, जिससे वे बहुत खुश हैं।
कार्यक्रम में बीजापुर की ग्रामीण महिला स्व सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई थी। जिसका अवलोकन करते हुए उपमुख्यमंत्री शर्मा ने उनके खाद्य उत्पादों का भी स्वाद लिया और वनोपजों के बेहतर प्रसंस्करण और बाजार उपलब्धता पर चर्चा की। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह एवं संचालक अश्विनी देवांगन, एडीजी नक्सल आपरेशन विवेकानंद सिन्हा, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर संबित मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे, ग्रामों के समाज प्रमुख एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

नेशनल हाईवे पर ट्रेलर में लगी भीषण आग, चालक की जलकर मौत

07-Jan-2026
बीजापुर (शोर संदेश)। जिले के एनएच-63 चलते ट्रेलर में अचानक भीषण आग लग गई, देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर लंबा जाम लग गया।
जानकारी के अनुसार पगदामल्ली चौक नयापारा मिंगाचल के पास रायपुर पासिंग नंबर का एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया और सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद ट्रेलर में भीषण आग लग गई और पूरा वाहन आग की चपेट में आ गया।
ट्रेलर हैदराबाद की ओर जा रहा था. हादसे के बाद वाहन चालक का काफी देर तक कोई पता नहीं चल पाया, वहीं आशंका जताई जा रही है कि चालक की आग में जलकर मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही नैमेड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दमकल विभाग की मदद से आग पर काबू पाया गया।

रोज़गार से निर्माण तक : मनरेगा कुएँ के जल से बनी पीएम आवास की ईंटें

01-Jan-2026
बीजापुर। ( शोर संदेश ) बीजापुर जिले के जनपद पंचायत भैरमगढ़ की ग्राम पंचायत रानीबोदली के निवासी सोमड़ू ऑडी महात्मा गांधी नरेगा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सफल क्रियान्वयन की एक प्रेरक मिसाल हैं।
सोमड़ू ऑडी एक छोटे किसान हैं। उनके पास सीमित कृषि भूमि थी और सिंचाई की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं थी। वर्षा पर निर्भर खेती के कारण वे केवल धान की एक ही फसल ले पाते थे। कम उत्पादन और कम आय के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना उनके लिए कठिन था।
महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत सोमड़ू ऑडी के खेत में कुएँ का निर्माण स्वीकृत हुआ। लगभग 3 लाख रुपये की लागत से कुएँ का निर्माण किया गया। इस कार्य से गांव के 13 जॉब कार्डधारी परिवारों के 42 श्रमिकों को 645 मानव-दिवस का रोजगार भी मिला।
कुएँ के निर्माण के बाद सोमड़ू के लगभग 2 एकड़ खेत में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो गई। अब वे धान की फसल के बाद सब्जियों की खेती भी करने लगे। इससे उनके परिवार को ताजी और पोषक सब्जियां मिलने लगीं। अतिरिक्त सब्जियों की बिक्री से उन्हें लगभग 10 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई।
सोमड़ू ऑडी को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2024–25 में पक्का मकान स्वीकृत हुआ। उन्होंने मनरेगा से बने कुएँ के पानी का उपयोग कर घर पर ही लगभग 35 हजार ईंटों का निर्माण किया। इनमें से 17 हजार ईंटें बेचकर करीब 40 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की गई। शेष ईंटों का उपयोग वे अपने प्रधानमंत्री आवास के निर्माण में कर रहे हैं। इस प्रकार उनका पक्का घर तेजी से बन रहा है।
आज सोमड़ू ऑडी एक आत्मनिर्भर किसान बन चुके हैं। मनरेगा से बना कुआँ उनकी खेती, आय और आवास निर्माण का मजबूत आधार बना है। इससे उनके परिवार का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
यह सफलता की कहानी साबित करती है कि सरकारी योजनाओं का सही और प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका, सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा सकता है।





 

मनरेगा के कुएं से बढ़ी ग्रामीण किसान वड्डे नागैया की आय

23-Dec-2025
बीजापुर  ( शोर संदेश )  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत ग्रामीण परिवारों को आजीविका से जोड़ने के लिए हितग्राहीमूलक कार्य किए जा रहे हैं। इन्हीं कार्यों में कुआं निर्माण भी शामिल है, जिसका उद्देश्य किसानों को सिंचाई की सुविधा देकर उनकी आय बढ़ाना है।
बीजापुर जिले के विकासखंड भोपालपटनम अंतर्गत ग्राम पंचायत दम्पाया के निवासी वड्डे नागैया को मनरेगा योजना से सीधे लाभ मिला है। उनके पास लगभग डेढ़ एकड़ कृषि भूमि है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में मनरेगा के तहत उनके खेत में 2 लाख 10 हजार रुपये की लागत से कुआं निर्माण कराया गया।
कुएं के निर्माण से खेत में नियमित सिंचाई संभव हो पाई। इससे नागैया ने धान की खेती के साथ-साथ सब्जी उत्पादन भी शुरू किया। सब्जी की खेती से उन्हें लगभग 10 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई। इसके अलावा, उन्होंने कुएं के पानी से लगभग 50 हजार ईंटों का निर्माण किया, जिनमें से 20 हजार ईंटों को बेचकर करीब 40 हजार रुपये की आय अर्जित की।
निर्मित ईंटों का उपयोग उनके पिता वड्डे एल्ला के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत मकान निर्माण में किया जा रहा है। इस तरह मनरेगा से बना कुआं न केवल उनकी आय का साधन बना, बल्कि पक्के मकान के निर्माण में भी सहायक सिद्ध हुआ।
मनरेगा के अंतर्गत तैयार की जा रही टिकाऊ परिसंपत्तियां ग्रामीणों को रोजगार, सिंचाई और आय का स्थायी साधन उपलब्ध करा रही हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी अन्य शासकीय योजनाओं से जुड़कर ये कार्य ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर और सशक्त बना रहे हैं।
 

धान खरीदी और त्वरित भुगतान से संतुष्ट किसान योगेश कुमार : जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री का जताया आभार

23-Dec-2025
बीजापुर  ( शोर संदेश ) बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत सुदूर ग्राम चिंताकोन्टा के किसान योगेश कुमार ने धान खरीदी की सुव्यवस्थित व्यवस्था, त्वरित भुगतान और उपार्जन केंद्र में मिल रहे सहयोग के लिए जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
किसान योगेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष उपार्जन केंद्र में धान खरीदी की प्रक्रिया बहुत ही सुचारू ढंग से चल रही है। किसानों को समय पर टोकन मिल रहा है। धान की तौल और गुणवत्ता जांच पारदर्शी तरीके से की जा रही है। धान बेचने के बाद भुगतान भी शीघ्र ही किसानों के बैंक खातों में जमा हो रहा है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिली है और उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।
योगेश ने कहा कि उपार्जन केंद्र के कर्मचारी हर स्तर पर किसानों की मदद कर रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया आसान और सहज बनी हुई है। योगेश कुमार ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि शासन की किसान हितैषी नीतियों का लाभ अब सीधे किसानों तक पहुंच रहा है।
किसान योगेश कुमार ने अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और सहकारिता एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप का विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में किसानों के हित में किए गए कार्यों से ग्रामीण किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है और वे स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
 

12 साल से फाइलों में कैद बीजापुर बायपास, ट्रैफिक और हादसों से शहर बेहाल

17-Dec-2025
बीजापुर  ( शोर संदेश )   बीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी कागज़ों और फाइलों में ही सिमटी हुई है। पिछले 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में लंबित पड़ा है, जबकि शहर में लगातार बढ़ता ट्रैफिक, भारी वाहनों का दबाव और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा आम लोगों की परेशानी बढ़ाता जा रहा है।
वर्ष 2012–13 के अनुपूरक बजट में इस बायपास परियोजना को शामिल किया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने इसका शिलान्यास भी किया था, जिससे लोगों में जल्द निर्माण की उम्मीद जगी थी। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और मौजूदा भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक बायपास का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
बायपास न होने के कारण भारी मालवाहक ट्रक और बड़े वाहन शहर के मुख्य बाजार और रिहायशी इलाकों से होकर गुजरने को मजबूर हैं। इससे रोजाना जाम की स्थिति बनती है, व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। खासतौर पर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति लगातार खतरनाक होती जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बायपास का निर्माण न सिर्फ ट्रैफिक दबाव कम करेगा, बल्कि शहर को दुर्घटनाओं से भी राहत दिलाएगा। इसके बावजूद वर्षों से शासन-प्रशासन की चुप्पी और सुस्त रवैये के चलते यह महत्वपूर्ण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है, जिससे बीजापुर शहर की यातायात व्यवस्था दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है।



 


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