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Bijapur

सुशासन से बदली डल्ला की तस्वीर, ललिता बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल

24-Aug-2026
बीजापुर ।  (शोर संदेश) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के सुदूर आदिवासी अंचल में स्थित ग्राम डल्ला में संकट के समय प्रशासन और संवेदनशील सुशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक गर्भवती महिला विकट परिस्थितियों के बावजूद समय पर चिकित्सा और राहत पहुँचाकर सरकार ने दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास और भरोसे की नई तस्वीर पेश की है।
छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सुदूर और कभी नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों के लोगों तक भी पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीजापुर जिले के उसूर तहसील अंतर्गत ग्राम डल्ला, येर्राबोरू इसका उदाहरण है। कभी चुनौतियों के कारण जहां शासकीय योजनाओं का लाभ लेना कठिन था, वहीं अब ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ रही है और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।  इसी बदलाव की प्रेरक कहानी ग्राम डल्ला की महिला कुरसम ललिता, पति रमेश की है। ललिता ने जागरूक होकर अपना आधार कार्ड बनवाया। यही आधार कार्ड आगे चलकर उनके लिए शासकीय योजनाओं का लाभ लेने का माध्यम बना।
पहली बार गर्भवती होने पर ललिता ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हीना शेख से संपर्क किया। कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी और आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया। योजना के तहत ललिता को 5 हजार रुपये की सहायता राशि मिली। ललिता ने इस राशि का उपयोग पौष्टिक आहार, फल और आवश्यक दवाइयों के लिए किया। इससे उन्हें गर्भावस्था के दौरान अपने और अपने शिशु के स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रखने में मदद मिली।
ललिता बताती हैं कि यदि उन्होंने समय पर आधार कार्ड नहीं बनवाया होता तो उन्हें योजना का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती थी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हीना शेख के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
ग्राम डल्ला में अब महिलाएं अपने अधिकारों और शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक हो रही हैं। वे स्वयं ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज बनवा रही हैं और योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आ रही हैं। यह बदलाव बताता है कि जब योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती है और हितग्राही जागरूक होकर उनका लाभ लेते हैं, तो विकास की राह और मजबूत होती है।
राखी के पावन पर्व पर ललिता की कहानी महिला सशक्तिकरण का प्रेरक संदेश देती है। एक महिला की जागरूकता उसके परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य को बेहतर बनाने के साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव रखती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार सुरक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और आत्मनिर्भरता के अवसरों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाना जाने वाला डल्ला आज सुशासन, जागरूकता और शासकीय योजनाओं के प्रभाव से विकास और विश्वास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।
 

चिंतावागु नदी बनी चुनौती तो नगर सेना बनी सहारा, बोट से ग्रामीणों को सुरक्षित कराया पार

24-Aug-2026
बीजापुर ।  (शोर संदेश)  छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में उफनती चिंतावागु नदी के तेज बहाव और बढ़े हुए जलस्तर के बीच नगर सेना (DDRF) की बचाव टीम ने गुड्डीपाल गांव की एक बीमार महिला विमला अंगनपल्ली और उनके परिजनों को सुरक्षित नदी पार कराकर बीजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया और जीवन बचाया।
बीजापुर जिले में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने पर जिला प्रशासन और राहत-बचाव दल पूरी तत्परता से ग्रामीणों की मदद में जुटे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में प्रशासन द्वारा विषम परिस्थितियों में ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में तहसील बीजापुर के ग्राम चिन्नाकवाली के पास चिंतावागु नदी में पानी का बहाव बढ़ने से नदी पार करना ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया। स्थिति को देखते हुए नगर सेना की टीम ने मौके पर पहुंचकर बोट के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षित नदी पार कराया।
चिंतावागु नदी में तेज बहाव के बीच नगर सेना के जवानों ने पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ बोट का संचालन किया। टीम ने विशेष रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित नदी के दूसरे छोर तक पहुंचाया। इससे ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार तक पहुंचने में मदद मिली। नगर सेना के जवानों की तत्परता और सेवा भावना से बारिश के बीच ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। कठिन परिस्थितियों में जवानों ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ग्रामीणों की मदद की।
बारिश के मौसम में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। चिन्नाकवाली के पास चिंतावागु नदी में नगर सेना की यह पहल प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण है। ग्रामीणों ने संकट की घड़ी में मदद के लिए नगर सेना के जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार का प्रयास है कि 
प्राकृतिक आपदा या विषम परिस्थितियों में प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी शासन की सहायता समय पर पहुंचे। प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

कोसा उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा, बीजापुर के ग्रामीण परिवारों के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते

19-Aug-2026
बीजापुर ।  (शोर संदेश) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में तसर (कोसा) पालन को बढ़ावा देने के लिए भैरमगढ़ के कोसा बीज केंद्र में ग्रामीणों और हितग्राहियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस पहल के तहत अर्जुन और साजा के 5,000 पौधे तैयार किए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए साधन बनेंगे।
बीजापुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तसर पालन को बढ़ावा देने और हितग्राहियों की आय बढ़ाने के लिए शासन की स्वस्थ डिम्ब समूह वितरण योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत मिन्कापल्ली, कोत्तापल्ली, गुदमा और भैरमगढ़ क्षेत्र के रेशम हितग्राहियों को 10 हजार स्वस्थ तसर डिम्ब समूह वितरित किए गए हैं। इस पहल से ग्रामीण परिवारों को तसर पालन के माध्यम से अतिरिक्त आय और रोजगार का अवसर मिलेगा।
योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को लगभग 1.40 लाख रुपये की शासकीय सब्सिडी का लाभ मिला है। स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण डिम्ब समूह मिलने से हितग्राही बेहतर तरीके से तसर पालन कर सकेंगे। इससे कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण कोसा उत्पादन प्राप्त करने की संभावना बढ़ेगी।
स्वस्थ डिम्ब समूह एसएमटीसी, चेन्नूर (तेलंगाना) से प्राप्त कर हितग्राहियों को उपलब्ध कराए गए हैं। रेशम विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ हितग्राहियों को तसर पालन की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं। उन्हें डिम्ब समूहों की देखभाल, कीट प्रबंधन, पौधों की सुरक्षा और तसर पालन के विभिन्न चरणों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विभाग द्वारा हितग्राहियों को लगातार तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है, ताकि स्वस्थ डिम्ब समूहों का बेहतर पालन कर अधिक से अधिक कोसा उत्पादन किया जा सके। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन बढ़ने से ग्रामीण परिवारों की अतिरिक्त आय में वृद्धि होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार का साधन भी मिलेगा।
स्वस्थ डिम्ब समूह वितरण योजना बीजापुर के ग्रामीण हितग्राहियों को पारंपरिक तसर पालन को वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने का अवसर दे रही है। गुणवत्तापूर्ण डिम्ब समूह, शासकीय सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से तसर उत्पादकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह पहल न केवल जिले में तसर उत्पादन और उसकी गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी तैयार करेगी।

विकसित खेती की नई उड़ान : बीजापुर में “विकसित कृषि संकल्प अभियान” का सफल समापन

22-May-2026
बीजापुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 05 मई से 20 मई 2026 तक संचालित “विकसित कृषि संकल्प अभियान” का सफल समापन बीजापुर जिले के विभिन्न विकासखंडों में किया गया। अभियान के अंतिम दिन विभिन्न वैज्ञानिक दलों ने किसानों के बीच पहुंचकर आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी साझा की। 
यह अभियान निदेशक विस्तार सेवाएं, इं.गां.कृ.वि. रायपुर के निर्देशानुसार कृषि विज्ञान केंद्र बीजापुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख अरुण सकनी के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अभियान के सुचारु संचालन हेतु जिले के सभी विकासखंडों के लिए चार अलग-अलग वैज्ञानिक दलों का गठन किया गया था। उसूर विकासखंड के लिए डॉ. शमशेर आलम, भैरमगढ़ के लिए डॉ. मिथलेश कुमार एवं डॉ. राजकमल पटेल, भोपालपटनम के लिए डॉ. भूपेंद्र कुमार एवं डॉ. दिनेश मारापी तथा बीजापुर विकासखंड के लिए डॉ. सुनीता पटेल एवं अरविंद आयाम को दल प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
अभियान के दौरान सभी दलों ने प्रतिदिन दो चयनित ग्रामों में पहुंचकर किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं, नवीन कृषि तकनीकों एवं आगामी खरीफ फसलों की तैयारी संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। किसानों को बीज उपचार, मृदा परीक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जैविक उर्वरकों के उपयोग, ग्रीष्मकालीन जुताई, रोग एवं कीटों के जैविक प्रबंधन, पौध संरक्षण, बागवानी फसलों की उन्नत खेती, आधुनिक कृषि यंत्रों एवं ड्रोन तकनीक के उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, मशरूम उत्पादन तथा मधुमक्खी पालन जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया।
अभियान में कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग एवं मत्स्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में किसानों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम के सफल आयोजन से जिले के किसानों में आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ी है तथा आगामी खरीफ सीजन के लिए नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार हुआ है।

फूलगट्टा में स्वास्थ्य सेवाओं की दस्तकः ग्रामीणों की जांच, आयुष्मान कार्ड और मातृ स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

18-May-2026
बीजापुर ।  (शोर संदेश) आयुष्मान आरोग्य मंदिर के अंतर्गत आश्रित ग्राम फूलगट्टा में शुक्रवार को विशेष स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच की गई तथा गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की पहचान कर संबंधित मरीजों का पंजीयन किया गया। शिविर के दौरान नए आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए ताकि पात्र ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में नई गर्भवती माताओं की पहचान कर उनका पंजीयन किया गया एवं एएनसी कार्ड वितरित किए गए। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श भी दिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों को स्वच्छताए संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक किया।
शिविर में रहा बेहतर स्वास्थ्य प्रतिसाद- फूलगट्टा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में ओपीडी एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं जिसमें एनसीडी स्क्रीनिंग 82, हाईपरटेंशन  HTN फॉलोअप 03, कोल्ड एवं कफ के मरीज 04, बुखार के मरीज 02, स्केबीज (त्वचा रोग) के मरीज 08, नवीन आयुष्मान कार्ड निर्माण 05, ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए नियमित स्वास्थ्य शिविरों की मांग की। यह आयोजन ग्रामीण अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

बीजापुर में 10 लाख के इनामी 2 नक्सली मारे गए, हथियार व गोला-बारूद बरामद

27-Feb-2026
बीजापुर (शोर संदेश)। जिले के जांगला थाना क्षेत्र के जैगुर-डोडुम के बीच गुरुवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें जवानों ने 10 लाख के इनामी दो नक्सलियों को ढेर कर दिया। साथ ही मौके से हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए हैं। बताते हैं कि नक्सलियों की मौजूदगी के इनपुट पर डीआरजी की पार्टी सर्च ऑपरेशन पर रवाना हुई थी।
इस बीच गुरुवार सुबह अचानक नक्सलियों की तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई, जिस पर जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी में 5 लाख के इनामी भैरमगढ़ एरिया कमेटी के एसीएम हिचामी मड्‌डा और 5 लाख की इनामी एसीएम मनकी पोडियाम को जवानों ने मार गिराया।
मौके से एक एसएलआर राइफल, तीन मैग्जीन, 55 राउंड, एक इंसास राइफल, 3 मैग्जीन और 19 राउंड समेत एक 12 बोर बंदूक, दो हैंड ग्रेनेड, दो देसी ग्रेनेड, डेटोनेटर, स्कैनर, बैटरी, दवा समेत अन्य सामान बरामद किए हैं। मुठभेड़ के बाद डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, सीआरपीएफ और कोबरा की संयुक्त पार्टी ने इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया है।

बीजापुर मुठभेड़ में 5 नक्सली ढेर, चार दिन में 214 ठिकाने ध्वस्त

19-Feb-2026
बीजापुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच नक्सली मारे गए। जंगल क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा की गई फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें ढेर कर दिया।
बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान तेज कर दिया गया है। पिछले चार दिनों में सुरक्षाबलों ने 214 नक्सली ठिकानों और बंकरों को ध्वस्त करने का दावा किया है। अभियान के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
सुरक्षाबलों ने 450 आईईडी, 818 बीजीएल शेल, 899 बंडल कोडेक्स, डेटोनेटर सहित अन्य विस्फोटक सामग्री जब्त की है। इसके अलावा करीब 12 हजार किलो खाद्य सामग्री भी बरामद की गई, जिसका उपयोग नक्सली लंबे समय तक जंगलों में ठहरने के लिए करते थे। पुलिस के अनुसार क्षेत्र में व्यापक सर्चिंग अभियान जारी है।
केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने की निर्धारित समयसीमा के बीच सघन अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक चार शीर्ष कमांडरों समेत करीब 300 नक्सली सुरक्षाबलों के निशाने पर हैं।
प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्यों में मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर, देवजी उर्फ कुंभा दादा उर्फ चेतन, राममन्ना उर्फ गणपति उर्फ लक्ष्मण राव और मल्लाह राजा रेड्डी उर्फ सागर शामिल हैं। खुफिया सूचना के आधार पर छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर सघन ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि या तो नक्सली आत्मसमर्पण करें या फिर मार्च 2026 की समयसीमा तक अभियान के दौरान उन्हें निष्क्रिय कर दिया जाएगा।




 

बीजापुर के जंगलों में सुरक्षाबलों की नक्सलियों से मुठभेड़ में एक माओवादी ढेर

06-Feb-2026
 बीजापुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के घने जंगलों में गुरुवार सुबह से ही पुलिस और नक्सलियों के बीच गोलीबारी चल रही है। इस मुठभेड़ में एक माओवादी के ढेर होने की पुष्टि हुई है।
बताया जा रहा है कि बीजापुर जिले के दक्षिणी इलाके में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान यह मुठभेड़ शुरू हो गई, जो सुबह करीब 7:30 बजे से रुक-रुक कर जारी है।
जानकारी के मुताबिक, दक्षिण बीजापुर क्षेत्र में सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें अभियान पर निकली थीं। जैसे ही सुरक्षा बल जंगल के अंदर आगे बढ़े, पहले से घात लगाए बैठे माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद दोनों ओर से जवाबी गोलीबारी होने लगी। जंगल और पहाड़ी इलाका होने की वजह से ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं।
अब तक की जानकारी के अनुसार, इस मुठभेड़ में एक माओवादी का शव बरामद किया गया है। मौके से एक एके-47 राइफल भी मिली है। सुरक्षा बल पूरे इलाके की गहन तलाशी ले रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां और कितने नक्सली मौजूद हैं।
गौरतलब है कि बीजापुर का दक्षिणी इलाका नक्सल गतिविधियों के लिए पहले से ही संवेदनशील माना जाता रहा है। यहां पहले भी कई बार सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो चुकी है। इसी वजह से इस ऑपरेशन में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और वरिष्ठ अधिकारी भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल मुठभेड़ पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और सर्च ऑपरेशन जारी है। अभियान के पूरा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की ओर से विस्तृत रिपोर्ट साझा की जाएगी, जिसमें मुठभेड़ से जुड़ी सभी जानकारियां साफ तौर पर सामने आएंगी। तब तक पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी है और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
 

झारखंड में भीषण सड़क हादसा: बारातियों की बस खाई में पलटी, 9 की मौत, 80 घायल

19-Jan-2026
लातेहार/बीजापुर ( शोर संदेश )  झारखंड में छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा से लगे लातेहार जिले में रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया।
महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ओरसा घाटी (बंगलादारा) में बारातियों को लेकर जा रही बस अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतक और घायल सभी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के निवासी हैं।
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले के करीब 87 लोग ज्ञान गंगा स्कूल की बस में सवार होकर झारखंड के लोध गांव सगाई कार्यक्रम में जा रहे थे।
ओरसा घाटी से उतरते समय बस का ब्रेक फेल हो गया, जिससे तेज रफ्तार बस पीडब्ल्यूडी के रोड सेफ्टी गार्ड को तोड़ते हुए पेड़ से टकरा गई और करीब 20 फीट गहरी खाई में पलट गई।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और शव सड़क व खाई में बिखर गए।
लातेहार पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि इलाज के दौरान लातेहार और गुमला अस्पताल में चार अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया। मृतकों में महिलाएं भी शामिल हैं।
एसडीएम विपिन कुमार दुबे के अनुसार, 60 घायलों को महुआडांड़ सीएचसी और 20 से अधिक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहीं 32 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स भेजा जा रहा है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।









 

नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन, 4 माओवादी मारे गए

18-Jan-2026

 बीजापुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर बीजापुर जिले के दुर्गम नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। इस मुठभेड़ में नेशनल पार्क एरिया कमेटी के चीफ दिलीप वेंडजा, एक महिला नक्सली समेत कुल चार माओवादियों को मार गिराया गया है। कार्रवाई डीआरजी जवानों और अन्य सुरक्षा बलों के संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई।

जानकारी के अनुसार खुफिया एजेंसियों से सूचना मिली थी कि कुख्यात नक्सली लीडर पापा राव के साथ बड़ी संख्या में माओवादी नेशनल पार्क क्षेत्र में मौजूद हैं। इनपुट मिलते ही डीआरजी और सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से मुठभेड़ शुरू हो गई।
सुरक्षाबलों के जवाबी एक्शन में नक्सलियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा और वे मौके से भाग खड़े हुए। मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन सर्च अभियान चलाया गया, जिसमें चार नक्सलियों के शव बरामद किए गए। मृतकों में नेशनल पार्क एरिया कमेटी चीफ दिलीप वेंडजा की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य नक्सलियों की शिनाख्त की जा रही है।
पापा राव के प्रभाव क्षेत्र में मुठभेड़
जिस स्थान पर मुठभेड़ हुई, वह खूंखार नक्सली पापा राव का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। पापा राव नेशनल पार्क एरिया का इंचार्ज है और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का इकलौता सदस्य बताया जाता है। यदि इस ऑपरेशन में पापा राव मारा जाता, तो नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगता।
मुठभेड़ स्थल से नक्सलियों के शवों के साथ दो एके-47 राइफल, अन्य हथियार और नक्सली सामग्री भी बरामद की गई है। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा बल स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।




 


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