ब्रेकिंग न्यूज

Durg

दुर्ग में तलवार-चापड़ और एयरगन जब्त, गुंडा-बदमाश समेत 4 गिरफ्तार

01-Oct-2026
दुर्ग-भिलाई। दुर्ग के वैशाली नगर थाना पुलिस ने कैंप-1 में कार्रवाई करते हुए घोषित गुंडा-बदमाश समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 11 हथियार मिले हैं। इनमें एयरगन, बड़ी और छोटी तलवार, लोहे की तलवार, चापड़, खुखरी और बटनदार धारदार हथियार शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, किसी भी हथियार का वैध दस्तावेज नहीं मिला।
कार्रवाई 28 सितंबर को की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों को पकड़कर तलाशी ली। इस दौरान हथियारों के अलावा 2 लाख 97 हजार 650 रुपए कैश, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और मोबाइल फोन भी मिले।
पुलिस के मुताबिक, बरामद हथियारों में एक एयरगन, एक बड़ी तलवार, एक छोटी तलवार और दो लोहे की तलवार शामिल हैं। इसके अलावा दो चापड़, एक खुखरी, एक साधारण धारदार हथियार और एक बटनदार धारदार हथियार मिला है। पुलिस ने सभी हथियार जब्त कर आयुध अधिनियम के तहत अलग मामला दर्ज किया है।
इन्हें किया गया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सिम्मी उर्फ आलोक उर्फ आलू (26), झरनजीत कौर उर्फ पूजा (23), रंजीता कौर (45) और सिमरन कौर (27) शामिल हैं। इनमें सिम्मी उर्फ आलोक उर्फ आलू को पुलिस ने घोषित गुंडा-बदमाश बताया है। चारों आरोपी कैंप-1 क्षेत्र के रहने वाले हैं।
म्यूल खाते के मामले में भी कार्रवाई
हथियारों के साथ बड़ी रकम और बैंक से जुड़े दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल संदिग्ध पैसों के लेन-देन के लिए कर रहे थे। जब्त मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच से लेन-देन से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस ने पैसों के लेन-देन के मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 317(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। वहीं हथियार मिलने पर आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत अलग मामला दर्ज किया गया है। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

 


भिलाई ने सांप ने काटी 500 घरों की बिजली! फाल्ट की वजह सामने आई तो कर्मचारी रह गए हैरान

28-Sep-2026

भिलाई। शहर में बिजली गुल होने के पीछे आमतौर पर तकनीकी खराबी, तार टूटने या उपकरणों में गड़बड़ी जैसी वजहें सामने आती हैं, लेकिन भिलाई के चंद्रा मौर्या टॉकीज के पास शनिवार को बिजली कटौती की वजह कुछ अलग ही निकली। इलाके में रात से बिजली आपूर्ति बंद थी और 500 से अधिक उपभोक्ता परेशान थे। बिजली कंपनी की टीम जब खराबी तलाशने पहुंची तो शुरुआत में फाल्ट का कारण समझ नहीं आया। काफी मशक्कत के बाद जब असली वजह सामने आई तो कर्मचारी भी हैरान रह गए।

दरअसल, 11 केवी लाइन के एक खंभे पर लगे डीओ यूनिट के बीच करीब पांच फीट लंबा सांप फंसा हुआ था। करंट की चपेट में आने से सांप की मौत हो गई थी। माना जा रहा है कि इसी वजह से लाइन में फाल्ट आया और आसपास के इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।

शिकायत के बाद मौके पर पहुंची टीम
रात से बिजली बंद होने की शिकायत मिलने के बाद बिजली कंपनी के कर्मचारी चंद्रा मौर्या टॉकीज के पास पहुंचे। टीम ने सबसे पहले 11 केवी लाइन से जुड़े उपकरणों की जांच की। आसपास के हिस्से को भी देखा गया, लेकिन काफी समय तक खराबी की वजह पता नहीं चल सकी। जब सामान्य जांच से फाल्ट का पता नहीं चला तो कर्मचारियों ने लाइन की फुट पेट्रोलिंग शुरू की। इसके तहत टीम ने लाइन से जुड़े खंभों और उपकरणों को एक-एक कर देखा। इसी दौरान एक डीपी पोल पर लगे डीओ यूनिट के पास कुछ असामान्य नजर आया।

दुर्ग केंद्रीय जेल में नई शुरुआत, जेल से बाहर काम करेंगे बंदी, शाम को लौटेंगे वापस

24-Sep-2026
भिलाई। सुधार और पुनर्वास की दिशा में दुर्ग केंद्रीय जेल में नई व्यवस्था शुरू की गई है। यहां छत्तीसगढ़ की पहली ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन (ओसीआई) की शुरुआत मंगलवार को जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने की। इस व्यवस्था में चयनित 30 बंदियों को दिन के समय जेल परिसर से बाहर जाकर विभिन्न कार्य करने की अनुमति होगी। काम पूरा होने के बाद उन्हें शाम को निर्धारित समय पर जेल वापस लौटना होगा।
ओपन जेल का उद्देश्य बंदियों को नियंत्रित वातावरण में काम करने का अवसर देना है, ताकि उनमें जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित हो। इसके जरिए उन्हें जेल से बाहर सामान्य जीवन के लिए तैयार करने और समाज की मुख्यधारा से जोडऩे पर जोर दिया जाएगा।
ओपन जेल की व्यवस्था में बंदियों को कारावास की सीमाओं के भीतर रखने के साथ उन्हें जिम्मेदारी के साथ काम करने का अवसर दिया जाता है। दुर्ग में शुरू हुई यह व्यवस्था जेल सुधार और बंदियों के पुनर्वास की दिशा में नई पहल है। इसके संचालन और परिणामों के आधार पर भविष्य में इसे आगे विस्तार दिया जा सकता है।
ओपन जेल शुरू करने के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन ने 21 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद दुर्ग केंद्रीय जेल में प्रदेश की पहली ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन शुरू की गई। शुभारंभ के दौरान जेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बताया कि केंद्रीय जेल दुर्ग में उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग करते हुए ओपन जेल की व्यवस्था विकसित की गई है। चयनित बंदी सुबह जेल से बाहर जाकर काम कर सकेंगे। शाम को लॉकअप की प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी की वापसी सुनिश्चित की जाएगी। बाहर काम के दौरान बंदियों की निगरानी और निर्धारित नियमों का पालन कराया जाएगा।
 

सेवा संकल्प अभियान के तहत दुर्ग में जल संरक्षण और जनसेवा की अभिनव पहल

24-Sep-2026
दुर्ग। ( शोर संदेश ) सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत दुर्ग जिले में पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों के संवर्धन और नागरिकों को शासकीय सेवाएं उनके द्वार तक उपलब्ध कराने की दिशा में विभिन्न जनभागीदारी आधारित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में तांदुला जल संसाधन संभाग, दुर्ग द्वारा ग्राम महमरा स्थित शिवनाथ नदी तट पर स्वच्छता, वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण का समन्वित अभियान चलाया गया, वहीं नगर निगम दुर्ग द्वारा 12 वार्डों के नागरिकों के लिए सेवा सेतु शिविर आयोजित कर विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया।

तांदुला जल संसाधन संभाग द्वारा आयोजित अभियान का उद्देश्य शिवनाथ नदी के तटवर्ती पर्यावरण का संरक्षण, जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना, हरित आवरण का विस्तार तथा जल संसाधनों के सतत एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति सामुदायिक उत्तरदायित्व को मजबूत करना रहा। अधीक्षण अभियंता सह कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारस्वत के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी गौरव सिंह, रोहन शॉ एवं कुलेश्वर जोशी सहित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्रमदान कर नदी तट एवं आसपास के क्षेत्र से प्लास्टिक, पॉलीथिन एवं अन्य ठोस अपशिष्ट की सफाई की। कार्यक्रम में नगर निगम दुर्ग के सभापति श्याम शर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे।

अभियान के दौरान शिवनाथ नदी तट पर वृक्षारोपण कर हरित आवरण के संवर्धन का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि नदी तट पर वृक्षारोपण मृदा अपरदन को नियंत्रित करने, सतही जल के बहाव को विनियमित करने, तटीय स्थायित्व बढ़ाने तथा स्थानीय जैव-विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ग्रामीणों एवं नागरिकों को जल संरक्षण के व्यापक स्वरूप से अवगत कराते हुए वर्षाजल संरक्षण, स्थानीय जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण, जल उपयोग दक्षता तथा जल स्रोतों में कचरा नहीं डालने के लिए जागरूक किया गया। नागरिकों ने स्वच्छता एवं वृक्षारोपण गतिविधियों में सहभागिता कर जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इसी क्रम में नगर निगम दुर्ग सीमा क्षेत्र में ‘समस्या का समाधान आपके द्वार’ की भावना के साथ 23 सितम्बर से 8 अक्टूबर 2026 तक सेवा सेतु शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। बुधवार को चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पंचशील नगर एवं गया बाई प्राथमिक शाला, गया नगर में एक साथ आयोजित शिविरों में 12 वार्डों के नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। पहले दिन नागरिकों द्वारा विभिन्न सेवाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए गए तथा जन्म-मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र सहित विभिन्न प्रकरणों के निराकरण की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

सेवा सेतु शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, विद्युत विभाग, जलघर एवं पंजीयन काउंटर सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों में जाने के बजाय एक ही स्थान पर आवश्यक शासकीय सेवाएं और योजनाओं की सुविधा उपलब्ध कराना है।
 



 

खड़ी गाड़ी से 36 भरे सिलेंडर चोरी, 8 आरोपी गिरफ्तार

23-Sep-2026
दुर्ग। भिलाई में खड़ी गाड़ी से 36 भरे इंडेन सिलेंडर चोरी करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। आरोपियों ने चोरी किए गए सिलेंडरों को महज 2-2 हजार रुपये में बेच दिया था। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच करते हुए महज तीन दिन में पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के सिलेंडर और वारदात में इस्तेमाल वाहन भी बरामद किया है।
दरअसल, 18 सितंबर को भिलाई के साक्षरता चौक कैंप-01 के पास सर्विस रोड पर खड़ी महिंद्रा मैक्सेमो प्लस से 36 भरे इंडेन सिलेंडर चोरी हो गए थे। 19 सितंबर को घनश्याम कुर्रे ने थाना छावनी में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने प्रमोद देवांगन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपराध कबूल करने की बात पुलिस को बताई। उसने बताया कि 16 सिलेंडर जामुल के जय अंबे शोरूम के पीछे छोड़ दिए गए थे, जबकि 20 सिलेंडर 2,000 रुपये प्रति सिलेंडर के हिसाब से बेच दिए गए।
पुलिस ने दबिश देकर 20 सिलेंडर बरामद किए। वहीं बैकुंठ धाम दशहरा मैदान के पास से चोरी में इस्तेमाल वाहन और 5 सिलेंडर भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, बरामद सामान की कुल कीमत करीब 3.50 लाख रुपये है।
पुलिस ने आरोपी प्रमोद देवांगन, सुरेंद्र कुशवाहा, ओमप्रकाश वर्मा, गोपीचंद यादव, बुद्धसेन साहू, लता वर्मा, उर्वशी पटेल और तुकेश्वरी साहू को गिरफ्तार कर सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

 


स्टूडेंट बनें चैन स्नैचर: बुजुर्ग महिलाओं को बनाते थे शिकार, पुलिस ने दोनों को किया गिरफ्तार

23-Sep-2026
दुर्ग। ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने चैन स्नैचिंग के मामले का खुलासा किया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी कोई शातिर अपराधी नहीं, बल्कि बीटेक इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले एक युवक और युवती हैं। दोनों कॉलेज में साथ पढ़ते हैं और अपने पैसे की जरूरत के चलते उन्होंने चेन स्नैचिंग की प्लानिंग की और वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। यह पूरा मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है।
दरअसल, 31 जुलाई को प्रियदर्शनी परिसर में गीता देवी (62 वर्षीय) सुबह साढ़े 6 बजे घर के सामने टहल रही थीं। इसी दौरान स्कूटी सवार दो युवक-युवती पहुंचे और पीछे बैठे आरोपी ने उनके गले से सोने की चैन झपट ली। इसके बाद 20 सितंबर को नेहरू नगर ईस्ट की विद्या विहार कॉलोनी में गीता देवी को दोबारा निशाना बनाया गया।
युवक-युवती चढ़े पुलिस के हत्थे
लगातार हुई वारदातों के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने विक्की नायक और तरूणा सिन्हा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
बुजुर्ग महिलाओं को बनाते थे शिकार
वहीं एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि आरोपी स्कूटी से सुबह के समय घूमते थे और पैदल टहलने वाली बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाते थे। एक युवती स्कूटी चलाती थी, जबकि युवक मौका मिलते ही चैन झपटकर फरार हो जाता था। पहचान छिपाने के लिए हेलमेट और कपड़े का इस्तेमाल किया जाता था।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सोने की चैन का हिस्सा और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी जब्त की है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
 

 


कनाडा की नागरिकता से लेकर विदेश में नौकरी तक का लालच, 19 लाख की ठगी में 3 आरोपी गिरफ्तार

17-Sep-2026
दुर्ग।। (शोर संदेश)  विदेश में MBA की पढ़ाई व नौकरी दिलाने का झांसा देकर 19 लाख की ठगी मामले में महिला समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले में आरोपियों से पूछताछ व आगे की जाँच कार्रवाई जारी है।
दरअसल, आवेदक सुमित अरमरकर निवासी भिलाईनगर द्वारा 15 सितम्बर को चौकी स्मृतिनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शिकायत में बताया गया कि स्मृतिनगर स्थित टॉप कैरियर कंसल्टेंसी के संचालक गगन गुप्ता, उनकी पत्नी स्वाती गुप्ता व पार्टनर जसविंदर सिंह डिगवा द्वारा आवेदक को विदेश में MBA की पढ़ाई कराने और नौकरी दिलाने का लालच दिया गया था।
आरोपियों द्वारा यूनाइटेड किंगडम, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया एवं कनाडा की विभिन्न यूनिवर्सिटियों में MBA में प्रवेश दिलाने की बात कही गई थी। आरोपियों के बताए बैंक खातों में आवेदक द्वारा अलग-अलग किस्तों व चेक के माध्यम से 19,00,000 रुपये जमा किए गए। नगदी लेने के बाद भी आरोपियों द्वारा विदेश भेजने व नौकरी दिलाने के नाम पर लगातार आश्वासन देकर टालमटोल किया गया। बाद में कनाडा की सिटीजनशिप व नौकरी दिलाने व विजिटर वीजा के माध्यम से विदेश भेजने का लालच देकर राशि ली गई।
इसी बीच आवेदक को किर्गिस्तान भेजा गया था, लेकिन नौकरी नहीं मिलने पर वह भारत वापस आ गया। राशि वापस मांगने पर आरोपियों द्वारा 2,00,000 रुपये राशि के तीन चेक दिए गए, जिन्हें बैंक में जमा करने पर चेक बाउंस हो गया।
आवेदक की रिपोर्ट पर चौकी स्मृतिनगर, थाना सुपेला में धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जाँच में लिया गया। जाँच के दौरान चौकी स्मृतिनगर पुलिस टीम द्वारा आरोपी गगन गुप्ता व जसविंदर सिंह डिगवा को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपराध करना स्वीकार किया गया। आरोपियों का पूर्व आपराधिक प्रकरण नहीं पाए जाने से प्रकरण में धारा 35(1) BNSS के प्रावधानों का पालन करते हुए कार्रवाई की जा रही है।
आरोपियों द्वारा विदेश में MBA में प्रवेश, पढ़ाई के बाद नौकरी, कनाडा की सिटीजनशिप व विजिटर वीजा आदि का प्रलोभन देकर आवेदक से अलग-अलग किस्तों व चेक के माध्यम से राशि ले लेते थे। नगदी लेने के बाद विदेश भेजने व नौकरी दिलाने के नाम पर लगातार आश्वासन देकर टालमटोल करने लगे।
आरोपी का नाम
1. गगन गुप्ता, उम्र एवं पता उपलब्ध तथ्यों में उल्लेखित नहीं।
2. जसविंदर सिंह डिगवा, उम्र एवं पता उपलब्ध तथ्यों में उल्लेखित नहीं
3. स्वाती अग्रवाल गुप्ता, संचालक/संबंधित पक्ष
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि विदेश में शिक्षा, नौकरी, वीजा अथवा अन्य सेवाएं दिलाने वाली किसी भी कंसल्टेंसी को राशि देने से पूर्व उसकी वैधता, संबंधित संस्थान की मान्यता एवं दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा धोखाधड़ी की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
 

 


तर्रीघाट हाई स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, विद्यार्थियों से किया संवाद; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर दिया जोर

25-Aug-2026
दुर्ग। (शोर संदेश) स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रीघाट स्थित शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर का जायजा लिया तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से संवाद कर स्कूल में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पाठ्यक्रम की प्रगति एवं विद्यालय की आवश्यकताओं की जानकारी ली।
शिक्षा मंत्री यादव ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, रुचि, पसंदीदा विषय, पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों तथा भविष्य के लक्ष्यों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर मेहनत के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकता है।
विद्यालय निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री यादव ने शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, पाठ्यक्रम को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर निरंतर निगरानी रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी भी बढ़ाई जाए, ताकि बच्चों का सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास सुनिश्चित हो सके।
विद्यालय भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से खुलकर संवाद किया और विद्यालय से जुड़ी अपनी आवश्यकताओं एवं समस्याओं से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने प्रार्थना स्थल पर डोमशेड निर्माण तथा विज्ञान कक्षा के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की मांग रखी। शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से सुना तथा उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके सपनों को दिशा देने का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास, प्रतिभा और रुचियों को भी प्रोत्साहित करने की बात कही।
यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं सर्वसुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवश्यक सुविधाएं एवं विकास के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलें, इसके लिए शासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

दुर्ग जिला न्यायालय में ई-कोर्ट्स के नए डिजिटल मॉड्यूल्स पर ट्रेनिंग वर्कशॉप संपन्न

20-Jul-2026
दुर्ग। (शोर संदेश) छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के निर्देशानुसार एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में ई-कोर्ट परियोजना के अंतर्गत न्यायालयों में डिजिटल तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा न्याय वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्वरित, सुगम एवं तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के चतुर्थ तल स्थित नवीन सभागार में न्याय श्रुति (Nyay Shruti), ई-साक्ष्य (e-Sakshya), ई-समन (e-Summon), ई-चालान (e-Challan), सीसीटीएनएस (CCTNS) तथा आईसीजेएस (ICJS) विषयों पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
कार्यशाला का संचालन एवं समन्वय दीपक कोशले, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, दुर्ग तथा रवि महोबिया, व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ श्रेणी), दुर्ग द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिला न्यायपालिका के समस्त न्यायिक अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यशाला में ई-कोर्ट परियोजना के अंतर्गत विकसित नवीन डिजिटल मॉड्यूलों के व्यावहारिक उपयोग, उनकी कार्यप्रणाली तथा न्यायालयीन कार्यों में उनके प्रभावी क्रियान्वयन का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान न्याय श्रुति के माध्यम से न्यायालयीन कार्यवाही के डिजिटल ट्रांसक्रिप्शन, ई-साक्ष्य द्वारा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन, ई-समन के माध्यम से समन की त्वरित एवं पारदर्शी तामील, ई-चालान प्रणाली के प्रभावी उपयोग, सीसीटीएनएस के माध्यम से पुलिस एवं न्यायालय के मध्य सूचना समन्वय तथा आईसीजेएस के माध्यम से न्यायालय, पुलिस, जेल एवं अन्य अन्वेषण एजेंसियों के बीच डिजिटल सूचना के निर्बाध आदान-प्रदान की प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन किया गया।
कार्यशाला के दौरान माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी न्यायिक अधिकारियों को इन डिजिटल प्रणालियों के अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग हेतु प्रशिक्षित किया गया। साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विभिन्न मॉड्यूलों के व्यवहारिक एवं तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के. विनोद कुजूर ने अपने उद्बाेधन में कहा कि - "ई-कोर्ट परियोजना भारतीय न्यायपालिका को आधुनिक, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था की ओर अग्रसर करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग न केवल न्यायिक कार्यों की गति एवं गुणवत्ता में वृद्धि करेगा, बल्कि न्यायालयों की कार्यप्रणाली को अधिक उत्तरदायी, दक्ष एवं पारदर्शी भी बनाएगा। न्यायिक अधिकारियों द्वारा इन डिजिटल मॉड्यूलों का समुचित एवं नियमित उपयोग न्याय वितरण प्रणाली को नई दिशा प्रदान करेगा तथा आम नागरिकों को समयबद्ध एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के संवैधानिक उद्देश्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"
कार्यशाला को संबोधित करते हुए दीपक कोशले, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, दुर्ग ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी आधारित न्यायिक व्यवस्था न्याय वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं उत्तरदायी बनाएगी तथा नागरिकों को शीघ्र एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य को और अधिक सशक्त करेगी।
रवि महोबिया, व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ श्रेणी), दुर्ग ने सभी न्यायिक अधिकारियों से आग्रह किया कि वे ई-कोर्ट परियोजना के अंतर्गत विकसित सभी डिजिटल मॉड्यूलों का नियमित, प्रभावी एवं उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें, जिससे न्यायालयों में डिजिटल कार्यसंस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
कार्यशाला का समापन सभी न्यायिक अधिकारियों द्वारा ई-कोर्ट परियोजना के विभिन्न डिजिटल मॉड्यूलों के प्रभावी क्रियान्वयन, न्यायालयों में तकनीक आधारित कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने तथा आम नागरिकों को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

दुर्ग-रायपुर मार्ग पर भीषण हादसा, ट्रैक्टर से टकराई स्कूटी; चार की मौत

18-Jul-2026
दुर्ग।(शोर संदेश) दुर्ग-रायपुर मार्ग पर शनिवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में दो महिलाओं और दो बच्चियों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा सड़क किनारे खड़े ऑक्सीजन सिलेंडरों से लदे ट्रैक्टर से स्कूटी के पीछे से टकराने के कारण हुआ। घायल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, भिलाई निवासी अमृता निर्मलकर (28) चार अन्य लोगों के साथ स्कूटी से बसंत विहार जा रही थीं। सुबह करीब 10 से 10:30 बजे के बीच दुर्ग से रायपुर जाने वाले मार्ग पर उनकी स्कूटी सड़क किनारे खड़े ऑक्सीजन सिलेंडरों से लदे ट्रैक्टर के पीछे जा भिड़ी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में स्कूटी सवार दो महिलाओं और दो बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। सभी मृतक उतई क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ समय के लिए दुर्ग-रायपुर मार्ग पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, यातायात बहाल कराया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है तथा ट्रैक्टर के सड़क किनारे खड़े होने और दुर्घटना की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।


 


+ Load More

Feedback/Enquiry



Log In Your Account