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तर्रीघाट हाई स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, विद्यार्थियों से किया संवाद; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर दिया जोर

25-Aug-2026
दुर्ग। (शोर संदेश) स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रीघाट स्थित शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर का जायजा लिया तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से संवाद कर स्कूल में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पाठ्यक्रम की प्रगति एवं विद्यालय की आवश्यकताओं की जानकारी ली।
शिक्षा मंत्री यादव ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, रुचि, पसंदीदा विषय, पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों तथा भविष्य के लक्ष्यों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर मेहनत के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकता है।
विद्यालय निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री यादव ने शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, पाठ्यक्रम को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर निरंतर निगरानी रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी भी बढ़ाई जाए, ताकि बच्चों का सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास सुनिश्चित हो सके।
विद्यालय भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से खुलकर संवाद किया और विद्यालय से जुड़ी अपनी आवश्यकताओं एवं समस्याओं से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने प्रार्थना स्थल पर डोमशेड निर्माण तथा विज्ञान कक्षा के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की मांग रखी। शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से सुना तथा उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके सपनों को दिशा देने का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास, प्रतिभा और रुचियों को भी प्रोत्साहित करने की बात कही।
यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं सर्वसुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवश्यक सुविधाएं एवं विकास के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलें, इसके लिए शासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

दुर्ग जिला न्यायालय में ई-कोर्ट्स के नए डिजिटल मॉड्यूल्स पर ट्रेनिंग वर्कशॉप संपन्न

20-Jul-2026
दुर्ग। (शोर संदेश) छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के निर्देशानुसार एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में ई-कोर्ट परियोजना के अंतर्गत न्यायालयों में डिजिटल तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा न्याय वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्वरित, सुगम एवं तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के चतुर्थ तल स्थित नवीन सभागार में न्याय श्रुति (Nyay Shruti), ई-साक्ष्य (e-Sakshya), ई-समन (e-Summon), ई-चालान (e-Challan), सीसीटीएनएस (CCTNS) तथा आईसीजेएस (ICJS) विषयों पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
कार्यशाला का संचालन एवं समन्वय दीपक कोशले, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, दुर्ग तथा रवि महोबिया, व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ श्रेणी), दुर्ग द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिला न्यायपालिका के समस्त न्यायिक अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यशाला में ई-कोर्ट परियोजना के अंतर्गत विकसित नवीन डिजिटल मॉड्यूलों के व्यावहारिक उपयोग, उनकी कार्यप्रणाली तथा न्यायालयीन कार्यों में उनके प्रभावी क्रियान्वयन का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान न्याय श्रुति के माध्यम से न्यायालयीन कार्यवाही के डिजिटल ट्रांसक्रिप्शन, ई-साक्ष्य द्वारा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन, ई-समन के माध्यम से समन की त्वरित एवं पारदर्शी तामील, ई-चालान प्रणाली के प्रभावी उपयोग, सीसीटीएनएस के माध्यम से पुलिस एवं न्यायालय के मध्य सूचना समन्वय तथा आईसीजेएस के माध्यम से न्यायालय, पुलिस, जेल एवं अन्य अन्वेषण एजेंसियों के बीच डिजिटल सूचना के निर्बाध आदान-प्रदान की प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन किया गया।
कार्यशाला के दौरान माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी न्यायिक अधिकारियों को इन डिजिटल प्रणालियों के अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग हेतु प्रशिक्षित किया गया। साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विभिन्न मॉड्यूलों के व्यवहारिक एवं तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के. विनोद कुजूर ने अपने उद्बाेधन में कहा कि - "ई-कोर्ट परियोजना भारतीय न्यायपालिका को आधुनिक, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था की ओर अग्रसर करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग न केवल न्यायिक कार्यों की गति एवं गुणवत्ता में वृद्धि करेगा, बल्कि न्यायालयों की कार्यप्रणाली को अधिक उत्तरदायी, दक्ष एवं पारदर्शी भी बनाएगा। न्यायिक अधिकारियों द्वारा इन डिजिटल मॉड्यूलों का समुचित एवं नियमित उपयोग न्याय वितरण प्रणाली को नई दिशा प्रदान करेगा तथा आम नागरिकों को समयबद्ध एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के संवैधानिक उद्देश्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"
कार्यशाला को संबोधित करते हुए दीपक कोशले, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, दुर्ग ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी आधारित न्यायिक व्यवस्था न्याय वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं उत्तरदायी बनाएगी तथा नागरिकों को शीघ्र एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य को और अधिक सशक्त करेगी।
रवि महोबिया, व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ श्रेणी), दुर्ग ने सभी न्यायिक अधिकारियों से आग्रह किया कि वे ई-कोर्ट परियोजना के अंतर्गत विकसित सभी डिजिटल मॉड्यूलों का नियमित, प्रभावी एवं उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें, जिससे न्यायालयों में डिजिटल कार्यसंस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
कार्यशाला का समापन सभी न्यायिक अधिकारियों द्वारा ई-कोर्ट परियोजना के विभिन्न डिजिटल मॉड्यूलों के प्रभावी क्रियान्वयन, न्यायालयों में तकनीक आधारित कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने तथा आम नागरिकों को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

दुर्ग-रायपुर मार्ग पर भीषण हादसा, ट्रैक्टर से टकराई स्कूटी; चार की मौत

18-Jul-2026
दुर्ग।(शोर संदेश) दुर्ग-रायपुर मार्ग पर शनिवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में दो महिलाओं और दो बच्चियों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा सड़क किनारे खड़े ऑक्सीजन सिलेंडरों से लदे ट्रैक्टर से स्कूटी के पीछे से टकराने के कारण हुआ। घायल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, भिलाई निवासी अमृता निर्मलकर (28) चार अन्य लोगों के साथ स्कूटी से बसंत विहार जा रही थीं। सुबह करीब 10 से 10:30 बजे के बीच दुर्ग से रायपुर जाने वाले मार्ग पर उनकी स्कूटी सड़क किनारे खड़े ऑक्सीजन सिलेंडरों से लदे ट्रैक्टर के पीछे जा भिड़ी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में स्कूटी सवार दो महिलाओं और दो बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। सभी मृतक उतई क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ समय के लिए दुर्ग-रायपुर मार्ग पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, यातायात बहाल कराया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है तथा ट्रैक्टर के सड़क किनारे खड़े होने और दुर्घटना की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।


 

भिलाई में बुलडोजर एक्शन, अवैध मदरसे को प्रशासन ने किया जमींदोज, अब गरीबों के लिए बनेंगे आवास

15-Jun-2026
भिलाई। भिलाई नगर पालिका ने अवैध कब्जों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई स्मृति नगर चौकी अंतर्गत उल्हासनगर में की है। यहां अवैध कब्जा कर बनाया जा रहा मदरसा पर बुलडोजर चलाकर प्रशासन ने जमींदोज किया है। सोमवार सुबह 4 बजे से नगर निगम और पुलिस प्रशासन मौके पर दल बल के साथ पहुंचे और कब्जे वाले हिस्से पर बुडोजकर कार्रवाई की। इस दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी रही। इधर इस कार्रवाई से लोगों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार स्मृति नगर चौकी अंतर्गत उल्हासनगर में अवैध कब्जा कर मदरसा बनाया गया था। वहीं इसे हटाने के लिए ​भिलाई नगर पालिक निगम ने कई नोटिस जारी किया था, बावजूद जगह खाली नहीं की गई। जिसे बाद मामला हाईकोर्ट में चला गया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अवैध कब्जे पर कार्रवाई का आदेश जारी किया। जिसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस बल के सहयोग से नगर निगम ने बुजडोजर कार्रवाई की।
 

भिलाई स्टील प्लांट को मिला 14.23 लाख टन रेल पटरी बनाने का मेगा ऑर्डर, मजबूत होगा भारतीय रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर

14-Jun-2026
भिलाई। बीएसपी के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 बड़ी उम्मीदों और संभावनाओं के साथ शुरू हुआ है। भारतीय रेलवे से संयंत्र को 14.23 लाख टन रेल पटरी का एक विशाल मेगा ऑर्डर प्राप्त हुआ है। यह ऑर्डर न केवल बीएसपी की उत्पादन क्षमता को नई दिशा देगा, बल्कि संयंत्र की लाभप्रदता और सेल की बाजार स्थिति को सुदृढ़ करने में एक संजीवनी की भूमिका निभाएगा।
रेल मिल से 12 लाख टन उत्पादन
विशेषज्ञों के अनुसार, यह ऑर्डर बीएसपी की उत्पादन इकाइयों को व्यस्त रखने और उनकी क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मिले हुए ऑर्डर के अनुसार, बीएसपी की अत्याधुनिक यूनिवर्सल रेल मिल से 12 लाख टन उत्पादन किया जाएगा, जबकि शेष पटरियों का निर्माण रेल स्ट्रक्चरल मिल से होगा। यह तालमेल संयंत्र की कार्यकुशलता को बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय प्रदर्शन में सुधार का मार्ग प्रशस्त करेगा।
30000 टन हेड हार्डन्ड रेल
इस ऑर्डर की एक प्रमुख विशेषता इसमें शामिल 30000 टन हेड हार्डन्ड रेल है। इनका उपयोग विशेष रूप से भारी मालवाहक गाड़ियों और अधिक घनत्व वाले रेल मार्गों पर किया जाता है, जहां सुरक्षा और मजबूती सर्वोपरि होती है। रेलवे से प्राप्त इस नए ऑर्डर ने न केवल बीएसपी की साख पर मुहर लगाई है, बल्कि सेल के महारत्न दर्जे को भी और अधिक मजबूती प्रदान की है। अब संयंत्र प्रबंधन के सामने चुनौती इस विशाल लक्ष्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने की है।
गुणवत्ता ही है रेलवे के भरोसे की बुनियाद
बीएसपी को बार-बार मिलने वाले बड़े ऑर्डरों के पीछे उसकी तकनीकी श्रेष्ठता और गुणवत्ता है। संयंत्र ने रेल स्टील में हाइड्रोजन की मात्रा को 5 पीपीएम से घटाकर मात्र 1.5 पीपीएम तक सीमित करने में कामयाबी हासिल की है, जिससे पटरियों का टिकाऊपन और सुरक्षा मानक कहीं अधिक बढ़ गए हैं। यही कारण है कि भारतीय रेलवे की आधुनिकीकरण योजनाओं में भिलाई आज भी पहली पसंद बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि बीएसपी वर्तमान में विश्व की सबसे लंबी 260 मीटर की सिंगल वेल्डेड रेल पटरी का उत्पादन भी कर रहा है।
 

मालवाहक रेल कॉरिडोर के लिए छत्तीसगढ़ के इन 25 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित, खरीदी-बिक्री पर लगी रोक

14-Jun-2026
भिलाई। पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत तक प्रस्तावित समर्पित मालवाहक रेल कॉरिडोर (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर संबंधित एसडीएम को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त कर दिया है। इसके साथ ही परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।
करीब 2100 से 2200 किलोमीटर लंबे इस रेल कॉरिडोर का उद्देश्य देश के प्रमुख औद्योगिक, खनिज और बंदरगाह क्षेत्रों को जोड़ना है। यह रेलमार्ग पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात से होकर गुजरेगा। इस लाइन पर केवल मालगाड़ियां संचालित होंगी।
25 गांवों पर पड़ेगा सीधा प्रभाव
दुर्ग जिले में यह कॉरिडोर दुर्ग, पाटन और भिलाई-3 तहसील के 25 गांवों से होकर गुजरेगा। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले लेन-देन रोकने के लिए जिला प्रशासन पहले ही संबंधित गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री, खाता विभाजन, अंतरण और व्यपवर्तन पर रोक लगा चुका है।
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दावा-आपत्ति के बाद तय होगा मुआवजा
अधिग्रहण के अगले चरण में प्रभावित भूमि का विवरण प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद भू-स्वामियों को दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। जनसुनवाई के बाद राजस्व विभाग और रेलवे की संयुक्त टीम जमीन, मकान, कुएं, पेड़-पौधों तथा अन्य परिसंपत्तियों का मूल्यांकन करेगी। निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। भुगतान के बाद ही जमीन रेलवे को हस्तांतरित होगी।

जिले को मिलेगा औद्योगिक लाभ
कॉरिडोर बनने से दुर्ग जिला देश के दो बड़े व्यापारिक केंद्रों सूरत और दानकुनी से सीधे जुड़ जाएगा। इससे इस्पात, सीमेंट और अन्य उद्योगों को माल परिवहन में सुविधा मिलेगी। साथ ही मुख्य रेलवे लाइन पर मालगाडिय़ों का दबाव कम होने से यात्री ट्रेनों के संचालन में भी सुधार आएगा। निर्माण चरण में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं किसानों को अपनी उपज देश के बड़े बाजारों तक कम लागत और कम समय में पहुंचाने का विकल्प मिलेगा, जिससे कृषि और व्यापार दोनों क्षेत्रों को लाभ होने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, दानकुनी-सूरत मालवाहक रेल कॉरिडोर परियोजना से दुर्ग जिले के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि भूमि अधिग्रहण के कारण प्रभावित ग्रामीणों और किसानों की चिंताएं भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में पारदर्शी प्रक्रिया, उचित मुआवजा और समयबद्ध पुनर्वास सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।
 

कबाड़ी दुकान में लगी भीषण आग: ट्रांसफॉर्मर की स्पार्किंग से हादसा, इलाके में हड़कंप

25-May-2026
दुर्ग-भिलाई । दुर्ग के सुपेला थाना क्षेत्र स्थित राधिका नगर में शनिवार रात करीब 10:30 बजे एक कबाड़ी दुकान में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।बताया जा रहा है कि पास में लगे ट्रांसफार्मर से अचानक चिंगारी निकली, जिसके बाद आग कबाड़ी दुकान तक पहुंच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की दमकल टीम मौके पर पहुंची, तब तक कबाड़ के सामान में आग तेजी से फैल चुकी थी और ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगी थीं।
अग्निशमन विभाग के अनुसार आग परमानंद चंदेल की कबाड़ी दुकान में लगी थी। दुकान में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील कबाड़ रखा होने के कारण आग तेजी से फैल रही थी। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाया और उसे आसपास के मकानों-दुकानों तक फैलने से रोक लिया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह ट्रांसफॉर्मर में हुए शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। हालांकि, मामले की जांच जारी है। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और न ही कोई घायल हुआ।
घटना के दौरान इलाके में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। आग की तेज लपटों और धुएं के कारण कुछ देर तक क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा। दमकल टीम ने काफी सावधानी के साथ आग बुझाने का काम किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
राधिका नगर में लगी आग के कारण बिजली व्यवस्था भी लंबे समय तक प्रभावित रही। पूरा इलाका ब्लैकआउट में डूबा रहा। काफी मशक्कत के बाद बिजली व्यवस्था बहाल की जा सकी।
जिला सेनानी और अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल टीम को तुरंत रवाना किया गया था। टीम ने मौके पर पहुंचकर तेजी से कार्रवाई की और आग को फैलने से रोक लिया।
काफी देर तक अंधेरे में रहे वार्ड के लोग राधिका नगर में लगी आग की वजह से बिजली व्यवस्था भी काफी देर तक प्रभावित रही। पूरा इलाका ब्लैक आउट में डूबा रहा। काफी देर के मशक्कत के बाद बिजली व्यवस्था क्षेत्र में बहाल हुई। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में अग्निशमन दल प्रभारी घनश्याम यादव के नेतृत्व में टीम ने अहम भूमिका निभाई। जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल टीम को तुरंत रवाना किया गया था। टीम ने मौके पर पहुंचकर तेजी से कार्रवाई की और आग को फैलने से रोक लिया।
 

हिट एंड रन का आरोपी गिरफ्तार, नशे में ड्राइविंग से 2 की मौत

19-May-2026
दुर्ग-भिलाई। दुर्ग के सुपेला थाना क्षेत्र स्थित चंद्रा मौर्य चौक में रविवार दोपहर तेज रफ्तार कार ने रेड सिग्नल पर खड़े दोपहिया वाहनों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में 16 साल के नूर खान और मनोहर कुमार गोनाडे की मौत हो गई, जबकि सलीम अली गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज निजी अस्पताल में जारी है, लेकिन हालत नाजुक है।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी कार चालक सागर जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे की हालत में कार चला रहा था। उस पर पहले से भी नशे के कारोबार और नशा करने से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी को चिट्टा के साथ वैशाली नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया जा चुका है।
इसके अलावा उसके खिलाफ मोहन नगर थाना में अपराध क्रमांक 460/2025 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के अंतर्गत मामला भी दर्ज है।
यह हादसा 17 मई की दोपहर करीब 2:38 बजे का है। काले रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार (CG-07-BR-0571) चालक सागर जायसवाल दुर्ग से रायपुर की ओर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार तेज रफ्तार में थी। चालक ने रेड सिग्नल की अनदेखी करते हुए सिग्नल पर खड़े वाहनों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी और बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और लोग कई फीट तक घिसटते चले गए। हादसे में सुपेला के साक्षरता चौक निवासी नूर खान की मौके पर ही मौत हो गई। वह पिछले चार-पांच दिनों से अपने मौसा सलीम अली के साथ एसी रिपेयरिंग का काम सीखने जा रहा था।
रविवार को भी वह अपने मौसा के साथ स्कूटी से काम पर निकला था। दोपहर में हादसे की सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने नूर खान को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में मनोहर कुमार गोनाडे की भी मौत हो गई।
इस हादसे में गंभीर रूप से घायल सलीम अली की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
 

नागपुर के दो युवक गिरफ्तार: कांस्टेबल को कुचलने की कोशिश, कार से संदिग्ध सामग्री बरामद

16-May-2026
दुर्ग-भिलाई । दुर्ग जिले के कुम्हारी टोल प्लाजा के पास शुक्रवार को वाहन चेकिंग के दौरान एक तेज रफ्तार कार चालक ने पुलिस आरक्षक को कुचलने की कोशिश की। घटना के बाद ट्रैफिक पुलिस ने कार का करीब 20 किलोमीटर तक पीछा किया और सिरसा गेट भिलाई-3 के पास दो आरोपियों को वाहन समेत पकड़ लिया।
कार की चेकिंग के दौरान पुलिस को गाड़ी से सेक्स पावर की गोलियां, गांजा और सिगरेट बरामद हुईं। दोनों आरोपी नागपुर के रहने वाले हैं। पुलिस ने हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब 12:40 बजे ट्रैफिक पुलिस की टीम कुम्हारी टोल प्लाजा के पास वाहन चेकिंग कर रही थी। ड्यूटी में आरक्षक रमेश चंद्राकर तैनात थे। इसी दौरान रायपुर की तरफ से दुर्ग की ओर एक तेज रफ्तार कार आती दिखाई दी। कार में ब्लैक फिल्म लगी हुई थी।
आरक्षक रमेश चंद्राकर ने वाहन चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय स्पीड बढ़ा दी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने कार सीधे आरक्षक की तरफ बढ़ा दी और उसे कुचलने की कोशिश की। खुद को बचाने के दौरान आरक्षक सड़क पर गिर गया और उसके दाहिने हाथ की उंगली में चोट आई।
आरोप है कि चालक ने आरक्षक के सिर के ऊपर से भी वाहन चढ़ाने की कोशिश की, लेकिन समय रहते पीछे हटने से उसकी जान बच गई।
घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद पुलिस टीम सक्रिय हुई और ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी से कार का पीछा शुरू किया। 14 किलोमीटर तक पुलिस ने वाहन चालक का पीछा किया और आरोपियों को सिरसा गेट, भिलाई-3 के पास पकड़ लिया। कार में दो युवक और एक किशोरी और एक युवती सवार थीं।
पुलिस को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम रमजान और जाकिर मोहम्मद बताए। दोनों नागपुर के रहने वाले हैं। रमजान न्यू नेहरू नगर और जाकिर मोहम्मद बड़ा ताजबाग, सक्करदारा क्षेत्र का निवासी बताया गया है।
थाना कुम्हारी पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1), 221 और 3(5) के साथ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 और 100 के तहत कार्रवाई की गई है। घटना में इस्तेमाल कार क्रमांक MH 02 AY 3475 को जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं कार में मौजूद लड़कियों के घरवालों को सूचना देकर उनके बयान लिए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी वाहन चेकिंग और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए तेज और लापरवाही से गाड़ी चला रहे थे।

कुम्हारी में दर्दनाक हादसा:खंभे में शॉर्ट सर्किट, घर तक पहुंची आग, सिलेंडर फटा; परिवार के चार लोगों की मौत

13-May-2026
भिलाई (शोर संदेश)। दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित खपरी गांव के वार्ड-4 में मंगलवार दोपहर करीब 3:15 बजे दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतकों में अनिल उर्फ होमदास वैष्णव, उसकी दो बेटियां लक्ष्मी और चांदनी और दो साल की नातिन गोपिका शामिल हैं। हादसा इतना भयावह था कि महज 20 मिनट में पूरी झोपड़ी जलकर खाक हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बिजली के खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट के बाद आग तारों के सहारे अनिल के घर तक पहुंची। झोपड़ी के ऊपरी हिस्से में प्लास्टिक और बांस लगे होने के कारण आग तेजी से फैल गई। कुछ ही देर में घर के भीतर रखा गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया।
घटना के समय अनिल, उसकी दोनों बेटियां और नातिन घर के अंदर मौजूद थे। वहीं पास की दूसरी झोपड़ी में उसके पिता राधेश्याम थे। अनिल का बेटा गौतम अपने दोस्त अरविंद के साथ बाहर था। अनिल की पत्नी गिरजा और बेटी भारती भी घर से बाहर होने के कारण बच गईं।
प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद नसीम ने बताया कि पहले बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट हुआ। चिंगारी तारों से झोपड़ी तक पहुंची और आग फैल गई। नसीम ने बांस से बिजली का तार गिराया। फिर पड़ोसियों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की।
मोटर पंप से पाइप जोड़कर भी प्रयास किया, पर बिजली बंद हो गई। पंचायत का टैंकर पांच मिनट में पहुंच गया, लेकिन तब सबकुछ खत्म हो चुका था। प्रशासन ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख, जबकि राज्य सरकार ने पांच-पांच लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया है।

 



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