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शादी की खुशियाँ मातम में बदलीं: बिलाईगढ़ के कोरकोटी गांव में पुलिया टूटने से दुल्हन की मां की मौत

15-Feb-2026
बिलाईगढ़।   ( शोर संदेश )  सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोरकोटी गांव में एक शादी समारोह के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। नाले पर बनी छोटी पुलिया अचानक टूट गई, जिससे चार-पांच महिलाएं पानी में गिर गईं। हादसे में दुल्हन की मां की मौत हो गई, जबकि तीन महिलाएं घायल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरकोटी गांव में पटेल परिवार के यहां चौथिया कार्यक्रम चल रहा था। गिरौदपुरी से आए लड़की पक्ष के लोग रात में भोजन के बाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान नाले पर बनी छोटी पुलिया से चार से पांच महिलाएं एक साथ गुजर रही थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिलाएं जैसे ही पुल के बीच पहुंचीं, वह अचानक भरभराकर टूट गई। पुल टूटते ही सभी महिलाएं नीचे नाले में गिर गईं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया।
स्थानीय लोगों की मदद से तीन महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिन्हें चोटें आई हैं। हालांकि एक महिला पुल के मलबे के नीचे दब गई। सूचना मिलते ही बिलाईगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में बलौदाबाजार और बिलाईगढ़ की संयुक्त पुलिस टीम तथा एनडीआरएफ ने महिला का शव बाहर निकाला।
बताया जा रहा है कि मृत महिला दुल्हन की मां थीं। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और शादी का माहौल मातम में बदल गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा पुलिया के कमजोर होने और अचानक टूटने के कारण हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





 

कोसीर एवं सरिया क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन पर सख्त कार्रवाई, ट्रैक्टर जब्त

08-Feb-2026
सारंगढ़-बिलाईगढ़  ( शोर संदेश )। जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। खनिज अमले द्वारा विगत दिनों कोसीर एवं सरिया तहसील क्षेत्रों में अवैध रेत परिवहन में संलिप्त वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई है। सारंगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम मल्दा, दहिदा एवं जसपुर क्षेत्र में गौण खनिज रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त 02 ट्रैक्टरों को जब्त कर उन्हें थाना कोसीर के सुपुर्द किया गया, जबकि सरिया तहसील के पिहरा क्षेत्र में रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त 03 ट्रैक्टरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें थाना सरिया के सुपुर्द किया गया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर नियंत्रण हेतु यह जांच-पड़ताल और कार्रवाई का अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त ढोकरा शिल्प कलाकारों ने राज्यपाल रमेन डेका से की सौजन्य भेंट

04-Feb-2026
सारंगढ़  ( शोर संदेश )। सारंगढ़ जिले के जनजातीय बाहुल्य ग्राम बैगनडीह (सालर) के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित जनजाति समुदाय के ढोकरा-बेलमेटल शिल्पकारों ने राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कलाकारों ने पारंपरिक ढोकरा शिल्प कला से निर्मित बेल मेटल की आकर्षक मूर्ति राज्यपाल को भेंट की।
राज्यपाल ने शिल्पकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ढोकरा शिल्प जैसी पारंपरिक जनजातीय कलाएं भारत की सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कलाकारों की सृजनात्मक क्षमता और समर्पण की सराहना करते हुए आश्वस्त किया कि ऐसे प्रतिभावान शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने और उनकी कला को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि ग्राम बैगनडीह (सालर) के ढोकरा शिल्पी मीन केतन बघेल को वर्ष 2018 में तथा उनकी धर्मपत्नी हीराबाई बघेल को वर्ष 2023 में उनके उत्कृष्ट ढोकरा-बेलमेटल शिल्प कार्य के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। दोनों कलाकारों ने ढोकरा (बेलमेटल) शिल्पकला की विशिष्ट पहचान स्थापित करने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। सौजन्य भेंट के दौरान पूर्व विधायक केराबाई मनहर सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।







 

महानदी तट पर आयोजित दिव्य आरती, श्रद्धा और भक्ति का अनुपम अनुभव

03-Feb-2026
महासमुंद (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक नगरी सिरपुर में आयोजित तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव 2026 के पावन अवसर पर महानदी तट पर शनिवार शाम 7:30 बजे दिव्य महानदी आरती का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला।
महानदी आरती में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा अपनी धर्मपत्नी प्रिया सिन्हा के साथ शामिल हुए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर दीप प्रज्वलन किया और श्रद्धाभाव से महानदी आरती संपन्न की। इस अवसर पर उन्होंने महानदी तट पर दीपदान कर जिलेवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगल कामना की।
आरती के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि और मधुर भक्ति संगीत से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। महानदी के पावन तट पर प्रज्ज्वलित सैकड़ों दीपों की जगमगाहट और जलधारा पर पड़ती रोशनी ने मनोहारी दृश्य प्रस्तुत किया।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। सामूहिक आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने पूर्ण आस्था और भावनाओं के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक शांति का अनुभव किया। महानदी तट पर उमड़ा श्रद्धा का यह सैलाब सिरपुर महोत्सव की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक ऊंचाई प्रदान करता नजर आया।

सारंगढ़–बिलाईगढ़ में 76 प्रतिशत धान खरीदी पूर्ण, 72 हजार से अधिक किसानों को मिला लाभ

21-Jan-2026
 सारंगढ़- बिलाईगढ ( शोर संदेश )  खरीफ विपणन वर्ष 2025- 26 में जिले में धान खरीदी का कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ जारी है। 15 नवंबर से प्रारंभ हुई धान खरीदी के अंतर्गत सारंगढ़- बिलाईगढ जिले में कुल 89 हजार 181 कृषक पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक 72 हजार 258 किसानों से 3 लाख 71 हजार 291 टन धान की खरीदी समितियों द्वारा की जा चुकी है। इस प्रकार जिले में लगभग 76 प्रतिशत धान खरीदी का लक्ष्य पूर्ण हो चुका है।
विकासखंड सारंगढ़ के धान उपार्जन केंद्र कोसीर में पंजीकृत ग्राम भाठागांव निवासी किसान प्रेमचंद लहरे ने बिना किसी परेशानी के मात्र दो टोकन के माध्यम से 310 क्विंटल धान का विक्रय किया। धान विक्रय के एवज में उन्हें 9 लाख 61 हजार रुपये की राशि का त्वरित भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुआ।
धान बिक्री से मिली इस राशि ने किसान प्रेमचंद लहरे के परिवार में खुशियों का माहौल बना दिया है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि उनकी भतीजी का विवाह तय हो चुका है और धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग वे इसी शुभ अवसर में करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण आज किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है और कार्य सुचारु रूप से हो रहा है।
किसान प्रेमचंद लहरे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में धान खरीदी व्यवस्था सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनी है। उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी का कार्य जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। समयबद्ध भुगतान और सुव्यवस्थित व्यवस्था से किसान संतुष्ट हैं और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं।
 

सिरपुर को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की कवायद तेज

20-Jan-2026
महासमुंद (शोर संदेश) । प्राचीन ऐतिहासिक स्थल सिरपुर को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के प्रयास फिर से तेज हो गए हैं। आगामी दिनों में एक टीम दिल्ली जाकर प्रेजेंटेशन देगी, जबकि सिरपुर महोत्सव के दौरान निरीक्षण के लिए टीम आने की भी संभावना है।
पिछले वर्ष 2025 में भी सिरपुर को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की कोशिश हुई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य पर्यटन विभाग ने यूनेस्को टैग के लिए आवश्यक अंतरराष्ट्रीय मानकों, सुरक्षा और प्रस्तुति का निरीक्षण पूरा कर लिया है। रिपोर्ट केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय को भेज दी गई है, जिससे प्रस्ताव और मजबूत हो सके। सिरपुर अब तक विश्व धरोहर की मान्यता नहीं पा सका है। यह स्थल महानदी के तट पर स्थित है और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में सिरपुर का दौरा किया और इसे विश्व धरोहर में शामिल करने के प्रयास जारी रखने की बात कही। सिरपुर को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के प्रयास 2014 से लगातार जारी हैं। पहले नॉमिनेशन किया गया था, लेकिन मानक पूरे न होने के कारण इसे सूची में शामिल नहीं किया जा सका। 2024-25 में भी प्रयास किए गए, लेकिन वह भी सफल नहीं हुआ। सिरपुर के विश्व धरोहर में शामिल होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

मेरीगोल्ड की खेती से किसान की बदली तक़दीर, रबी में धान छोड़ गेंदा बना लाभ का जरिया

19-Jan-2026
सारंगढ़  ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी योजनाएं और उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से अब किसान परंपरागत खेती से आगे बढ़कर अधिक लाभकारी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका उदाहरण सारंगढ़ जिले के ग्राम बरगांव के कृषक श्री देवानंद निषाद हैं, जिन्होंने रबी मौसम में धान के स्थान पर मेरीगोल्ड (गेंदा) की खेती अपनाकर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
कृषक देवानंद निषाद ने वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनांतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार के अंतर्गत गेंदा की खेती की। वे विगत दो वर्षों से उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में रबी मौसम में गेंदा की फसल ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले वे रबी फसल में धान की खेती करते थे, जिससे प्रति एकड़ लगभग 20 क्विंटल उत्पादन होता था। लागत की तुलना में लाभ नाम मात्र था। 
गेंदा की खेती से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में वे एक एकड़ क्षेत्र में गेंदा की खेती कर रहे हैं। इस पर लगभग 50 हजार रुपये प्रति एकड़ लागत आई, जबकि 3750 किलोग्राम गेंदा फूल का उत्पादन प्राप्त हुआ। औसतन 80 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक्री कर उन्होंने लगभग 3 लाख रुपये की कुल आमदनी अर्जित की, जिससे उन्हें लगभग 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
कृषक देवानंद निषाद प्रतिदिन 60 से 70 किलोग्राम गेंदा फूल रायगढ़ फूल बाजार में विक्रय के लिए ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत उन्हें गेंदा के पौधे उपलब्ध कराए गए तथा उद्यानिकी विभाग द्वारा समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया गया, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि हुई। गेंदा की खेती से आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होने के बाद ग्राम बरगांव के अन्य किसान भी प्रेरित हुए हैं और अब रबी मौसम में धान के स्थान पर गेंदा जैसी लाभकारी पुष्प फसलों की खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं। 
 

महासमुंद में मंडी अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई, कई तहसीलों में धान जब्ती

19-Jan-2026
महासमुंद ( शोर संदेश )  महासमुंद जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न तहसीलों में मंडी अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई में कुल 772 कट्टा धान जप्त किया गया। 
पिथौरा विकासखंड अंतर्गत रजपालपुर-झारमुड़ा  के समीप अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे 100 बोरे धान को पकड़कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। वहीं ग्राम भुरकोनी में लखन डडसेना के निवास पर 250 बोरी धान का अवैध भंडारण पाए जाने पर राजस्व एवं मंडी विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई कर धान जब्त किया गया।
बसना विकासखंड में अवैध परिवहन के एक प्रकरण में 200 कट्टा धान जब्त किया गया। ग्राम पोटापारा में 86 पैकेट धान अवैध पाए जाने पर नियमानुसार जब्ती की गई। इसके अलावा सरायपाली विकासखंड में ओडिशा से आ रहे दो पिकअप वाहनों को जगलबेड़ा-गोहेरा पाली मोड़ पर रोककर जांच की गई, जिसमें 136 पैकेट धान अवैध रूप से परिवहन करते पाए गए, जिन्हें मंडी अधिनियम के तहत जब्त किया गया। जिला प्रशासन का कहना है कि धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर आगे भी ऐसी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव महासमुंद जिला एवं तहसील साहू संघ के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

11-Jan-2026
 महासमुंद ।  ( शोर संदेश ) उप मुख्यमंत्री अरुण साव महासमुंद जिला एवं तहसील साहू संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने महासमुंद के बीटीआई रोड स्थित कर्मा भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज एक संगठित और अनुशासित समाज के रूप में जाना जाता है। समाज का इतिहास अत्यंत वैभवशाली रहा है। इसे और अधिक सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने, समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच बनाने तथा सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर जोर दिया।
साव ने कार्यक्रम में कहा कि सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चुनाव अच्छी परंपरा है। यह समाज के लिए शुभ संकेत भी है। महासमुंद जिला कृषि, रोजगार और संसाधनों के मामले में समृद्ध है। यहां किए जा रहे कार्यों का संदेश अन्य जिलों तक जाना चाहिए। उन्होंने कर्मा भवन में शेड निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। विधायकगण सर्वश्री मोतीलाल साहू, संदीप साहू और योगेश्वर राजू सिन्हा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। 
शपथ ग्रहण समारोह को अति विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू ने सामाजिक संगठन को मजबूत बनाने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी अपने व्यवहार में नम्रता रखें तथा नशा, दिखावा एवं अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने की दिशा में पहल करें। साहू समाज के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने समाज के संगठन की मजबूती पर बल देते हुए बुराइयों को रोकने प्रत्येक व्यक्ति को आगे आने को कहा।  
महासमुंद जिला साहू समाज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ढालूराम साहू ने मां कर्मा एवं राजिम भक्तिन माता का स्मरण करते हुए कहा कि वे शिक्षा को बढ़ावा देने, संगठन में पारदर्शिता लाने तथा सामाजिक समरसता स्थापित करने के तीन संकल्पों के साथ कार्य करेंगे। राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, चुन्नीलाल साहू, साहू समाज के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष विपिन साहू, नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू और  येतराम साहू सहित साहू समाज के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक समारोह में बड़ी संख्या में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर लकवाग्रस्त महिला बसंती साव को मिली 5 लाख रुपए की त्वरित आर्थिक सहायता

09-Jan-2026
महासमुंद, (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से मुख्यमंत्री जनदर्शन में महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के ग्राम बड़ेटेमरी निवासी बसंती साव को मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना के तहत 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि की तत्काल स्वीकृत मिली।
बसंती साव ने बताया कि उनका दोनों पैर लकवाग्रस्त है, उनका इलाज रायपुर स्थित एम्स, मेकाहारा सहित एक निजी अस्पताल में कराया जा चुका है। इलाज लगातार जारी है। इस वजह से बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आगे इलाज के लिए लगभग 6 लाख 40 हजार रुपए का खर्च अनुमानित है। आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवार से होने के कारण उनके लिए इलाज का खर्च उठाना संभव नहीं। उनके पति प्रेमकुमार साव ने बताया कि मुख्यमंत्री जनदर्शन में अपनी पीड़ा रखने के बाद उन्हें तुरंत मदद मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए आर्थिक सहायता की त्वरित स्वीकृति पर आभार जताया।
मुख्यमंत्री साय ने जनदर्शन के दौरान बसंती साव के आवेदन को गंभीरता से देखा और उनकी स्थिति को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए, ताकि बिना किसी देरी के सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहायता राशि की तत्काल स्वीकृति दी गई। इससे पूर्व भी मुख्यमंत्री की पहल पर उन्हें 25 हजार रुपए और 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।


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