

रायपुर (शोर सन्देश)। जिले के धरसीवां विकासखंड के दतरेंगा गांव में 11 एकड़ भुमि पर गौठान का विकास किया गया है। यहां महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सब्जी, गेंदा फूल, पपीता, चना, मसूर, धनिया पत्ती, नेपियर घास, अरहर आदि की खेती कर रही है। वे अपने कार्यो और मिल रहे लाभ से संतोष व्यक्त करती हैं।
आरती महिला स्व सहायता समिति की सक्रिय अध्यक्ष पुष्पा पेंडरिया, गौठान में गेंदा के साथ अन्य फूलों का भी उत्पादन कर रही है। वे अपने महिला समूहों के साथ खुद क्यारी बनाने, पौधों को खाद्य-पानी देने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि पिछले मौसम में केवल एक हजार रूपए का व्यय कर गेंदा का पौधा लगाया गया और इससे करीब 6 हजार रूपए की आमदनी हुई। इस लाभ को महिलाओं ने आपस में बांटा। वे अभी खेत में ग्लेडिया पौधे के फूल लगाने में व्यस्त है। इसी तरह जय बगदई स्व-सहायता समूहों की अध्यक्ष भारती साहू ने गौठान से मिल रहें लाभ पर संतुष्टि व्यक्त की। बताया कि गौठान में सिंचाई के लिए ट्यूब वेल खोदे गए है और पशुओं से रक्षा के लिए गौठान के चारों और फेंसिग की गई है।

अमृतसर (शोर सन्देश)। अमृतसर के जंडियाला स्टेशन के पास रेल पटरियों पर जारी किसानों का धरना 169 दिनों के बाद समाप्त हो गया है। किसान मजदूर संघर्ष कमिटी (केएमएससी) ने गुरुवार को केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ अपने धरने को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया। यह धरना अमृतसर और ब्यास के बीच यात्री और मालगाड़ियों को रोक रहा था, जिससे अमृतसर का लगभग 60 प्रतिशत रेल यातायात प्रभावित हुआ था। केएमएससी ने कहा कि उसने गेहूं की कटाई के मौसम के मद्देनजर और दिल्ली की सीमा पर चल रहे विरोध को मजबूत करने के लिए धरना स्थगित करने का फैसला किया। केएमएससी के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हम अभी के लिए धरना स्थगित कर रहे हैं। फसल का मौसम आ रहा है। हम दिल्ली में अपने धरने में और भी ताकत लगाएंगे। हम इंतजार करेंगे और देखेंगे। अगर सरकार हमारी मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देती है, तो धरना फिर से शुरू हो सकता है। बता दें कि अन्य सभी किसान यूनियनों ने नवंबर में पंजाब में रेलवे पटरियों पर धरना समाप्त कर दिया था। धरने के कारण, रेलवे तरनतारन के रास्ते कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग पर चला रहा था। अमृतसर स्टेशन से रेलवे का 60 फीसदी कारोबार धरने के कारण प्रभावित हुआ था।

जशपुरनगर (शोर सन्देश)। कलेक्टर कावरे ने आज अपने कलेक्ट्रोरेट कक्ष में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के धान उठाव और नागरिक आपूर्ति विभाग की कस्टम मिलिंग राईस भण्डारण के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी कृष्णा जाधव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के.एस. मण्डावी, अपर कलेक्टर आई.एल.ठाकुर, सहाकरिता विभाग के सहायक पंजीयक बी.एक्का, खाद्य विभाग के अधिकारी जी.एस. कंवर, विपणन अधिकारी चन्द्रप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला प्रबंधक मनोज कुमार मिंज और कृषि विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।कलेक्टर महादेव कावरे ने कस्टम मिलिंग के तहत् राईस भंडारण के लिए जिले के अलग-अलग स्थानों ओर गोदामों की जानकारी ली। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर, खाद्य विभाग और विपणन विभाग को कमेटी बनाकर राईस मीलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिये हैं। गडबड़ी करने वालो पर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये है। विपणन अधिकारी ने बताया कि जशपुर जिले के अंतर्गत् कुल 1500 मीट्रिक टन और पत्थलगांव 1800 मीट्रिक टन सहित कुल 3300 मीट्रिक टन चावल का अतिरिक्त भण्डारण की व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से किया गया है। कलेक्टर कावरे ने सभी समिति प्रबंधकों को धान की सुरक्षा के उपाय करने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि अपने जिले में धान की नीलामी नहीं की जा रही है। परंतु अपने जिले के मिर्लस या व्यापारी अन्य जिले से जहॉ धान अधिक खरीदी गया है, वहां के मिर्लस या व्यापारी पंजीयन करा करके भाग ले सकते हैं। ई-नीलामी में भाग लेने के लिए व्यापारियों को अपना पंजीयन कराना होगा। पंजीयन की प्रक्रिया 18 फरवरी से प्रारंभ हो चुकी है। धान की नीलामी, नियम के शर्ते खाद्य विभाग के वेबसाइड खाद्यडॉटसीजीडॉटएनआईसीडॉटइन और मार्कफेड की वेबसाइड- सीजीमार्कफेडडॉटइन पर भी देखी जा सकती है।नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले में चावल का भण्डारण करने के लिए जशपुर और पत्थलगांव में किराया पर गोदाम लिया गया है और वहा चावल का भण्डारण किया गया है। कलेक्टर ने कौशल विकास विभाग के अधिकारी प्रकाश यादव को गौठानों में महिलाओं को मशीन का प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिये हैं, साथ ही युवाओं को सिक्योरिटी गार्ड और एल.ई.डी. बल्व बनाने के लिए भी प्रशिक्षण देने के लिए कहा गया है। कौशल विकास अधिकारी ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड के लिए 60 बच्चों का चयन किया गया है, साथ ही एल.ई.डी. लाईट का प्रशिक्षण देने के लिए भी तैयारी पूरी कर ली गई है। दिव्यांगजनों को भी प्रशिक्षण देने के लिए कार्ययोजना बनायी जा रही है।

रायपुर (शोर सन्देश) नई राजधानी के प्रभावित किसानों ने नगरीय प्रशासन मंत्री तथा आरंग विधानसभा के विधायक डॉ. शिवकुमार डहरिया से उनके कार्यालय में मुलाकात कर अपनी समस्याओं के संबंध में चर्चा की। इस दौरान नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. अय्याज फकीर भाई तंबोली और महाप्रबंधक श्री विश्वास राव मेश्राम भी उपस्थित थे। बैठक में प्रभावित किसानों ने सशक्त समिति के द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णय का पालन नहीं हाने, प्रभावित परिवारों के एक सदस्य को पात्रतानुसार रोजगार प्रदान करने, भू-अर्जन के प्रकरणों पर नई दर से मुआवजा प्रदान करने सहित अन्य बिंदुओं पर अपनी मांग रखी। प्रभावित किसानों ने भूखण्ड देने के प्रकरणों के लंबित होने, बंदोबस्त त्रुटि सुधार करने, भूमिहीन परिवार के व्यस्कों को निर्णय अनुसार पुनर्वास सहित अन्य लाभ देने, ऑडिट आपत्ति का निराकरण करने, प्रभावित ग्राम के सब्जी-बाड़ी वाले अधिग्रहित भू-खण्ड को मुक्त करने, बॉटनिकल गार्डन में किसान की जमीन के भू-अर्जन का मुआवजा, भू-खण्ड क्रय-विक्रय की अनुमति व इसके सरलीकरण पर आवश्यक चर्चा की। किसानों ने नवा रायपुर अटल नगर योजना क्षेत्र के अंतर्गत आपसी एवं भू-अर्जन से प्रभावित के हितों की रक्षा सहित अन्य समस्याओं के समाधान पर मंत्री डॉ. डहरिया से चर्चा की। मंत्री डॉ. डहरिया ने किसानों के सभी मांगों को सुनते हुए कहा कि धैर्य रखे किसानों के जायज मांगों पर उचित निर्णय लेकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में विभागीय मंत्री एवं नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ आने वाले दिनों में बैठक करने की बात कही है। उन्होंने किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देगी। मंत्री डॉ. डहरिया ने गुमटी-चबूतरें को स्थानीय प्रभावित किसानों को आबंटित करने, लंबित ऑडिट आपत्ति के निराकरण के लिए संयुक्त बैठक आयोजित करने, पूर्व में पात्र भूमिहीन परिवारों का डाटा संग्रहित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति के पदाधिकारी द्वारका साहू, कामता प्रसाद, रूपन चंद्राकर, छन्नू लाल यादव, फूलेश बारले, ललित यादव, लुकेश्वर साहू, कुलेश्वर प्रसाद वर्मा, किशनलाल साहू, नरोत्तम साहू, लक्ष्मीनारायाण चंद्राकर सहित अन्य किसान उपस्थित थे।


रायपुर (शोर सन्देश)। विधानसभा में विपक्ष ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा किया। सदन में विपक्ष ने 16 करोड़ को 1600 करोड़ प्रिंट हो जाने का मामला उठाया। विपक्ष के मुताबिक 505 करोड़ के बजट में 1600 करोड़ की राशि प्रिंट कर दी गई है। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। वहीं बृजमोहन अग्रवाल ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनियमितता का मामला उठाया। बृजमोहन अग्रवाल के मुताबिक किसान परेशान हुए हैं, किसानों ने गिरदावरी मामले में परेशान होकर खुदकुशी भी की है। बहुत किसान धान बेच नहीं पाए। इसके जवाब में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा- कि शनिवार और रविवार होने की वजह से 2 दिन पहले ही धान खरीदी की समय सीमा खत्म हुई। पहले भी शनिवार, रविवार और शासकीय अवकाश के दिन धान खरीदी नहीं होती थी।
21 लाख 52 हजार पंजीकृत किसानों में से 20 लाख 53 हजार किसानों से धान खरीदी हुई। ये सही नहीं है कि गिरदावरी की वजह से परेशान होकर किसान ने खुदकुशी की। बृजमोहन अग्रवाल ने फिर सवाल दागा कि, प्रदेश में कुल कितने किसानों ने धान बोया था। इस पर खाद्य मंत्री अमरजीत ने कहा कि 35 लाख हेक्टेयर में खेती होती है। हमारे पास धान के रकबे और खरीदी की जानकारी है। बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने गिरदावरी संबंधित जानकारी मांगी। इस पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा- इसकी जानकारी राजस्व विभाग से मिलेगी। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट बीजेपी विधायकों ने किया सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं बैलगाड़ी परियोजना का मामला भी सदन में उठाया गया। चैनपुर इलाके में 4 हेक्टेयर जमीन का आबंटन हुआ था। उद्योग मंत्री ने पूर्व जीएम शैलेन्द्र रंगा को निलंबित करने की घोषणा की।
मनेन्द्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल ने विधानसभा में यह मसला उठाया। तृतीय अनुपूरक पर चर्चा शुरू होते ही विपक्ष नाराज हो गया। कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह के टोकने से नाराज अजय चंद्राकर नाराज हो गए। इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीचत काफी नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- जिस तेवर में अजय चंद्राकर भड़के हैं उन्हें खेद व्यक्त करना चाहिए।
बजट सत्र की कार्रवाई के दौरान आयुर्वेदिक अस्पताल के संचालन का मुद्दा भी सदन में गरमाया। धमतरी विधानसभा के आयुर्वेदिक अस्पताल के मुद्दे की गूंज सुनाई दी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कई बार शव पड़ा रहता है लेकिन पोस्टमार्टम नहीं हो पाता। इससे परिवार के लोग द्रवित हो जाते हैं। शासकीय अस्पताल में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने में देरी का मामला भी उठाया गया।
जेसीसीजे विधायक धर्मजीत सिंह ने क्वारंटीन सेंटरों में 14वें वित्त की राशि खर्च करने का मामला उठाया। उन्होंने सवाल किया कि राशि जो खर्च की गई है क्या उसे लौटाया जाएगा। इस पर पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने कि शासन स्तर पर जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष की मानें तो पंचायतों की राशि का उपयोग हो रहा है। सिंहदेव ने कहा कि हम पंचायतों को सशक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सदन में प्रदेश में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार का मुद्दा भी उठाया गया। शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने ये मुद्दा उठाकर कहा कि प्रदेश में महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं, लगातार अनाचार की घटनाएं हो रही हैं।

रायपुर (शोर सन्देश)। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए 92 लाख मीट्रिक टन धान में से अब तक 55 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है । इसमें 37 लाख 28 हजार 393 मीट्रिक टन धान का उठाव मिलरों द्वारा एवं 16 लाख 72 हजार मीट्रिक टन धान का संग्रहण केन्द्रों में भण्डरण शामिल है। मिलरों को 17 फरवरी तक 38 लाख 32 हजार 533 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है । राज्य के 2 हजार 184 मिलरों द्वारा धान का उठाव उपार्जन केन्द्रों से किया जा रहा है । कस्टम मिलिंग निरंतर जारी है । खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने धान के उठाव में और तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।

रायपुर (शोर सन्देश)। किसान विरोधी केन्द्र की भाजपा मोदी सरकार आखिर किस बात का किसानों से बदला ले रही है, केंद्र से लेकर राज्य के किसान भेदभाव और अन्याय पूर्ण रवैया से बेहद परेशान हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने केंद्र की भाजपा मोदी सरकार पर छत्तीसगढ़ से 60 लाख मैट्रिक टन चावल लेने की बात से फिर जाने को दगाबाजी करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है, उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है देश के चावल उत्पादक राज्यों में सबसे अधिक चावल की पैदावार छत्तीसगढ़ में होती है प्रदेश की आर्थिक गतिविधियां धान की खेती पर ही आधारित है। राज्य की भूपेश सरकार वायदो अनुसार किसानों को उनकी मेहनत का लाभ देने बेहतर प्रयास कर रही है मगर केंद्र की भाजपा मोदी सरकार 25 सौ रुपए दिए जा रहे धान के समर्थन मूल्य ना देने को लेकर केंद्रीय पूल में चावल लेने से मना करती है, वही दूसरी ओर बारदाने का संकट पैदा करती है, वही किसानों को किसी प्रकार का बोनस आर्थिक लाभ देने से मना करती है, तो भूपेश सरकार किसानों को राजीव गांधी न्याय योजना के तहत आर्थिक रूप से नयी व्यवस्था प्रदान करती है जिस पर बढ़-चढ़कर किसान हितेषी होने का ढोंग रचने के लिए छत्तीसगढ़ से वित्तीय वर्ष 60 लाख मैट्रिक टन चावल खरीदने की झूठी घोषणा की जाती है जिसका समूचे प्रदेश भाजपाइयों ने घूम घूम वाह वाही लूटी राज्य सरकार ने भी केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री कृषि मंत्री वित्त मंत्री का आभार जताया था।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि राज्य की काँग्रेस भूपेश सरकार किसानों को समर्पित सरकार है इस वर्ष रिकार्ड तोड़, किसानों से सरकार ने 90 लाख मैट्रिक टन से ऊपर धान खरीदा है जिससे किसान आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं इससे घबराई राज्य से लेकर केंद्र की भाजपा अपने ही 60 लाख मैट्रिक टन चावल लेने के फैसले से पलट गयी, जिससे राज्य सरकार को चांवल की नीलामी का मजबूरी में फैसला लेना पड़ा, जिसे प्रदेश के किसान भाजपाइयों की इन पक्षपात पूर्ण द्वेष पूर्ण लिये गये मोदी सरकार के इन निर्णयो को देख भी रही है और समझ भी रही है जिसका जवाब उन्हें आने वाले वक्त में देना होगा।

धमतरी (शोर सन्देश)। बंजर और अनुपजाऊ जमीन अक्सर खाली पड़ी रहती है और उसका कोई उपयोग भी नहीं हो पाता। इस तरह की जमीन में सुधार कर अगर खेती होने लगे, सब्जियां उगने लगे, तो हैरानी होगी ही। विभागीय योजना से ऐसी भूमि का कायाकल्प होना हितग्राही के लिए किसी वरदान से कम नहीं। ऐसा ही कुछ धमतरी जिले के नगरी विकासखण्ड मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर बसे ग्राम गुहाननाला का किस्सा है। यहां महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और अन्य विभागीय योजनाओं के अभिसरण से 29 एकड़ की भूमि में समतलीकरण, मेड़ बंधान के अलावा उसे कृषि योग्य और उपजाऊ बनाने के यतन किए गए। नतीजन आज वह भूमि ना केवल उपजाऊ हो गई, बल्कि हितग्राहियों की आमदनी का जरिया बन गई है। जिला मुख्यालय से 66 किलोमीटर दूर बसे ग्राम गुहाननाला के 20 आदिवासी परिवार की जिंदगी में बदलाव तब आना शुरू हुआ जब साल 2020-21 में इन्हें मिले वनाधिकार पत्र की 29 एकड़ की भूमि का चक तय कर मनरेगा से भूमि सुधार किया गया। इसके बाद विभागीय अभिसरण (कृषि, उद्यानिकी, क्रेडा, जिला खनिज न्यास निधि) से बाड़ी विकास का काम लिया गया।
यहां मेड़ बंधान, समतलीकरण, फलदार और अन्य पौध रोपण, जल संरक्षण के तहत निजी डबरी निर्माण, सामुदायिक फेंसिंग,बोरवेल खनन, टपक सिंचाई इत्यादि के लगभग 28 लाख के काम स्वीकृत कर किए गए। गौरतलब है कि इसके साथ ही बतौर विभागीय अनुदान 11 लाख 16 हजार रुपए दिए गए। इन सबका नतीजा यह रहा कि जो वनाधिकार पत्र प्राप्त परिवार सीमित रोजगार मनरेगा या फिर दूसरी जगहों में श्रम करके पाता था उसे एक स्थाई काम मिलने का मौका मिला। अब उनकी खाली और बंजर भूमि ना केवल उपजाऊ हो गई बल्कि फेंसिंग और बोर खनन से सुरक्षित और सिंचित भी हुई। यहां वनाधिकार पत्र प्राप्त लाभान्वित हितग्राहियों ने भूमि सुधार के बाद टपक सिंचाई पद्धति और वर्मी कम्पोस्ट के प्रयोग से सब्जी-भाजी लगाना शुरू कर दिया। इसके साथ ही उड़द, रागी का प्रदर्शन भी किया गया। हालांकि अंतरवर्तीय स्थलों में यहां रोपे गए मल्लिका आम के पौधों से फल आने मंे वक्त लगेगा, मगर हितग्राही इसकी उचित देखभाल कर रहे हैं।
गुहाननाला की लाभान्वित हितग्राही राधिका नेताम बताती हैं कि 20 डिसमिल की भूमि में, भूमि सुधार के बाद उन्होंने सब्जियां बोई। कोविड 19 में हुए लाॅकडाउन के दौरान उन्होंने 40 रूपए प्रति किलो की दर से बरबट्टी की सब्जी बेचकर सात हजार रूपए कमाए। वहीं आधे एकड़ की भूमि में हीरालाल मरकाम ने विभिन्न सब्जी लगाई और उन्हें भी 40 हजार का मुनाफा हुआ। हितग्राही कुंती बाई कहती हैं कि आधे एकड़ की भूमि में टमाटर, बैगन, भिंडी, धनिया आदि उत्पादित कर जहां उन्हंे 17 हजार रूपए की कमाई हुई। वहीं इन सब्जियों को स्थानीय बाजार में बेचने से क्षेत्र में कुपोषण मुक्ति की दिशा में भी सहयोग मिला है।