
मुख्यमंत्री ‘स्पीकआउट छत्तीसगढ़-2021’ कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि किसानों को उनकी उपज का अच्छा दाम, युवाओं को रोजगार, महिलाओं को पूर्ण सम्मान और स्थानीय संस्कृति को नई पहचान देकर तथा आदिवासियों का उत्थान कर हम नवा छत्तीसगढ़ गढ़ रहे हैं। ‘ग्राम स्वराज’ के स्वप्नद्रष्टा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं वर्षगांठ पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए छत्तीसगढ़ में सुराजी गांव योजना की शुरूआत की गई है। लोगों को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने के लिए किसानों की कर्जमाफी, अच्छी कीमत पर फसलों की खरीदी, वनोपजों की खरीदी और उनके मूल्य संवर्धन के लिए प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना जैसे कई काम किए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को ‘स्पीकआउट छत्तीसगढ़-2021’ को संबोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला स्वसहायता समूहों को सम्मानित किया।मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में कहा कि जिन समाजों ने महिलाओं की अनदेखी, उपेक्षा और उन्हें घर की चहारदीवारी में बंद करने का प्रयास किया है, उन्हें पराभव का मुख देखना पड़ा है। पुराने समय में महिलाओं को शिक्षा और रोजगार से दूर रखा गया। उन्हें चहारदीवारी में बंद कर उपभोग की वस्तु बना दी गई। देश की आजादी के समय महिलाओं को संपत्ति रखने तक का अधिकार नहीं था। देश का संविधान बनने के बाद राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और संवैधानिक तौर पर महिलाओं के उत्थान के काम हुए, पर अनेक कोशिशों के बाद भी ‘आधी आबादी’ को पूरा हक नहीं मिल पाया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिमान बनाए रखने के लिए स्वसहायता समूहों की महिलाएं अच्छा काम कर रही हैं। वे घर के काम-काज निपटाने के साथ ही स्वरोजगार कर परिवार की आय बढ़ा रही हैं। महिला समूहों द्वारा निर्मित अनेक उत्पादों की अच्छी मांग है। गौठानों में विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों के संचालन के साथ ही महिलाएं बड़े पैमाने पर वर्मी कंपोस्ट बनाने का काम कर रही हैं। प्रदेश की 70 हजार महिलाएं इस काम में लगी हुई हैं। डीएपी खाद की कमी होने पर गौठानों में निर्मित वर्मी कंपोस्ट और सुपर कंपोस्ट ने इसका अच्छा विकल्प दिया है। बहुत से किसानों ने अपने खेतों में इसका उपयोग किया है। इसने छत्तीसगढ़ को जैविक राज्य बनने की दिशा में अग्रसर किया है।श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में गौपालन को अर्थ से जोड़ा जा रहा है। गौठान के रूप में प्रदेश भर में एक लाख एकड़ से अधिक जमीन संरक्षित की गई है। पशुपालकों से गोबर की खरीदी की जा रही है। उन्होंने कहा कि गोबर अब केवल लिपने के काम नहीं आ रहा है। इससे अब दीवारों की पुताई भी होगी। गोबर से पेंट बनाने के लिए एमओयू किया गया है। गौठानों में इससे बिजली बनाने का भी काम चल रहा है। स्वसहायता समूहों की महिलाएं गोबर के अनेक उत्पाद बनाकर कमाई कर रही हैं।मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि किसी भी काम में महिलाओं का साथ सफलता की गारंटी होती है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान प्रदेश की 70 हजार मितानिनों ने इस पर नियंत्रण पाने में बड़ी भूमिका निभाई। कोरोना के लक्षण दिखने पर मितानिनों ने तत्काल लोगों को दवाईयां उपलब्ध कराईं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता दीदियों के योगदान से छत्तीसगढ़ पिछले तीन वर्षों से देश के स्वच्छतम राज्यों में शुमार है। बघेल ने कहा कि मैं प्रदेश की महिलाओं को सलाम करता हूं जो हमारा मान-सम्मान बढ़ा रही हैं। वे अपनी उपलब्धियों से प्रदेश को गौरवान्वित कर रही हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर स्वसहायता समूहों के काम को आगे बढ़ाने के लिए हर जिले में काम हो रहा है। प्रदेश की सभी 169 नगरीय निकायों में साफ-सफाई के लिए स्वच्छता दीदी अच्छा काम कर रही हैं। यहां के स्वच्छता दीदियों को सर्वाधिक मानदेय मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण के लिए छत्तीसगढ़ में अनुकरणीय काम हो रहा है। मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, जनसंपर्क विभाग के आयुक्त दीपांशु काबरा और इंद्रनील राय भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
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11.57 लाख किसानों ने बेचा धान, अब तक 7251.72 करोड़ जारी
रायपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के लिए एक दिसम्बर से शुरू हुए धान खरीदी के बीते 23 दिनों में आज शाम साढ़े 6 बजे तक 11 लाख 56 हजार 873 किसानों से 40 लाख 30 हजार 163 मीट्रिक टन धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई है। किसानों से 2484 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से धान खरीदी की जा रही है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को 7251.72 करोड़ रूपए बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत मार्कफेड द्वारा बैंक को जारी कर दिया गया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बघेल की पहल पर इस वर्ष धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है। अब तक 14 लाख 84 हजार 020 मीट्रिक टन का डीओ जारी कर दिया गया है। उपार्जन केन्द्रों से मिलर्स ने 10,83,605 मीट्रिक धान का उठाव कर लिया है।
धान खरीदी के 23वें दिन भी राजनांदगांव जिला, प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के मामले में पहले स्थान पर है। राजनांदगांव जिले में 4,03,693 मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है। जांजगीर-चांपा जिला प्रदेश में धान खरीदी में दूसरे पायदान पर है। जिले में 3,54,252 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। बेमेतरा जिला धान खरीदी में आज राज्य में तीसरे क्रम पर है। बेमेतरा जिला में 3,20,222 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।
खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 23 दिसम्बर तक चालू विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य पर राज्य के बस्तर जिले में 61,799 मीट्रिक टन, बीजापुर जिले में 20,275 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 3,594 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में 1,39,361 मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में 66,148 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 9,598 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 11,961 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में 2,25,898 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 28,786 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में 3,54,252 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में 51,060 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में 1,86,954 मीट्रिक टन, रायगढ़ जिले में 2,40,039 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 2,72,795 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में 3,20,222 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में 1,97,208 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में 2,08,360 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में 4,03,693 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में 3,10,791 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में 1,85,103 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में 1,54,436 मीट्रिक टन, महासमुंद जिले में 3,03,416 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में 2,29,661 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में 64,498 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 48,215 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 50,866 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में 71,440 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में 1,09,735 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ में किसानों की आय में वृद्धि के साथ उच्च गुणवत्तायुक्त फसलों के उत्पादन के लिये एक्सटेंशन रिफॉर्म्स आत्मा योजनान्तर्गत कृषि विभाग ने प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में कोण्डागांव जिले के फरसगांव के भुमका, पासंगी, चिचाड़ी, भण्डारसिवनी और पतोड़ा के किसानों को प्रेरित कर जैविक तरीकों से बासमती धान की उच्च गुणवत्तायुक्त फसलों का उत्पादन कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसके तहत् प्रारंभिक रूप से आत्मा योजनांतर्गत 50 कृषकों को शामिल कर उन्हें बासमती धान उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अतिरिक्त किसानों को धान की पारम्परिक खेती से वैज्ञानिक तकनीकों से कृषि करने के लिए प्रेरित करने के लिए विधि ने कतार में रोपाई कराकर निःशुल्क बीज एवं वर्मी कम्पोस्ट खाद का वितरण किया गया है। चूंकि वर्तमान बाजार में जैविक उत्पादों का उचित प्रतिफल प्राप्त हो जाता है, इसलिये किसानों को जैविक पद्धति से कृषि के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस संबंध में आत्मा के विकासखंड तकनीकी प्रबंधक टिकेशवर नाग ने बताया कि आत्मा योजनांतर्गत किसानों की आय बढ़ने से किसानों में हर्ष है। वे लगातार नई तकनीकें सीखने के लिये प्रेरित हो रहे हैं, जिससे कृषकों के मुनाफे में भी वृद्धि हो रही है। कृषि विभाग ने एक्सटेंशन रिफॉर्म्स आत्मा योजनान्तर्गत इस बार ग्राम पतोड़ा, भुमका, आलोर के किसानों ने पहली बार विधि से जायद में रागी फसल लगायी गई है, जिसे लेकर किसानों में बहुत उत्साह देखा गया। इस संबंध में ग्राम पतोड़ा के किसान जेठू राम और अभिमन्यु ने बताया कि उन्होंने पहली बार विधि से रागी का फसल लगाया गया है, जिससे कम खर्च में ज्यादा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है क्योंकि रागी की फसल में कम पानी की जरूरत होती है। ऐसे में उन्हें सिंचाई साधनों की अतिरिक्त आवश्यकता नहीं होती। विभाग ने प्राप्त मार्गदर्शन एवं सहायता से उन्हें हौसला मिला है। उन्हें देखकर ग्राम के अन्य कृषक भी विधि ने रागी उत्पादन को प्रेरित हो रहे हैं।

राजेंद्र ठाकुर सूरजपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्व. श्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि की अवसर पर अपने रायपुर निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत जिले के 39 हजार 931 किसानों को खरीफ सीजन 2020-21 की पहली किश्त के रूप में 34 करोड़ 35 लाख 75 हजार रूपए की कृषि आदान सहायता राशि (इनपुट सब्सिडी) उनके खाते में अंतरण किया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए दूरगामी निर्णय लेते हुए राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरूवात पिछले वर्ष की गई थी। वर्मी कम्पोस्ट के साथ -साथ सुपर कम्पोस्ट जैविक खाद के निर्माण का निर्णय लिया है। कार्यक्रम में श्री बघेल ने इसके साथ ही गोधन न्याय योजना के तहत जिले के पशु पालकों से गोबर खरीदी के एवज में 26 हजार 192 रूपए राशि गौठान समितियों के खाते में आॅनलाईन अंतरित की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सांसद श्रीमती सोनिया गांधी के संदेश का वाचन किया। इस अवसर पर आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करने की शपथ भी ली गई। राजसभा सांसद श्री पी.एल. पुनिया भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े। मंत्रीमण्डल के सभी मंत्रीगण सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। राशि अंतरण कार्यक्रम में सीजीश्वान कक्ष से नगरपालिका अध्यक्ष श्री के.के.अग्रवाल,सुनील, कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्री राहुल देव, संयुक्त कलेक्टर श्री शिव कुमार बनर्जी, सहायक संचालक कृषि श्री कोसले, मनरेगा पीओ श्री के. एम. पाठक सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।

राजेंद्र ठाकुर बलरामपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 की पहली किश्त के रूप में जिले के 31 हजार 42 किसानों को 25 करोड़ 46 लाख 31 हजार रूपए की कृषि आदान सहायता राशि (इनपुट सब्सिडी) उनके खातों में अंतरित की गई। जिले के किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत कुल 93 करोड़ 78 लाख 67 हजार रूपए का लाभ मिलेगा। आज पहली किश्त में कुल राशि का 27.15 प्रतिशत अर्थात 25 करोड़ 46 लाख 31 हजार रूपए का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मंत्रीमण्डल के सदस्यों के साथ आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम स्वर्गीय श्री राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया। इसके पश्चात् प्रदेश के 22 लाख किसानों को कृषि आदान सहायता राशि की प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए कृषकों के खातों में तथा गोधन न्याय योजना के तहत 15 मार्च से 15 मई तक पशुपालकों से क्रय किये गए गोबर की राशि 7.17 करोड़ रूपए का ऑनलाईन अंतरण किया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में फसल उत्पादकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 21 मई 2020 को पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरूआत की गई थी। इस योजना के तहत खरीफ वर्ष 2019-20 में जिले के पंजीकृत किसानों को चार किश्तों में बैंक खातों में अंतरित की गई है। इस अवसर पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग में जिले के कलेक्टर श्री श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तुलिका प्रजापति, उप संचालक कृषि श्री अजय अनंत, खाद्य अधिकारी श्री शिवेन्द्र कामटे, सहायक पंजीयक सहकारिता श्री आर.एन. पैंकरा उपस्थित थे।

00 किसानों को एक बैग 2400 के 1200 रुपये में मिलेगा
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाद कीमतों के मुद्दे पर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्हें खाद कीमतों के विषय पर विस्तृत जानकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी गई।
मीटिंग में इस बात चर्चा हुई कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया आदि की बढ़ती कीमतों के कारण खाद की कीमतों में वृद्धि हो रही है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद किसानों को पुरानी दरों पर ही खाद मिलनी चाहिए। डीएपी खाद के लिए सब्सिडी 500 रुपये प्रति बैग से, 140% बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति बैग, करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इस प्रकार, डीएपी की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमतों में वृद्धि के बावजूद, इसे 1200 रुपये के पुराने मूल्य पर ही बेचे जाने का निर्णय लिया गया है, साथ ही मूल्य वृद्धि का सारा अतिभार केंद्र सरकार ने उठाने का फैसला किया है। प्रति बोरी सब्सिडी की राशि कभी भी एक बार में इतनी नहीं बढ़ाई गई है। पिछले साल डीएपी की वास्तविक कीमत 1,700 रुपये प्रति बोरी थी। जिसमें केंद्र सरकार 500 रुपये प्रति बैग की सब्सिडी दे रही थी। इसलिए कंपनियां किसानों को 1200 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खाद बेच रही थीं। हाल ही में डीएपी में इस्तेमाल होने वाले फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया आदि की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 60% से 70% तक बढ़ गई हैं। इसी कारणवश, एक डीएपी बैग की वास्तविक कीमत अब 2400 रुपये है, जिसे खाद कंपनियों द्वारा 500 रुपये की सब्सिडी घटा कर 1900 रुपये में बेचा जाता है। आज के फैसले से किसानों को 1200 रुपये में ही डीएपी का बैग मिलता रहेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास करेगी कि किसानों को मूल्य वृद्धि का दुष्प्रभाव न भुगतना पड़े। केंद्र सरकार हर साल रासायनिक खादों पर सब्सिडी पर करीब 80,000 करोड़ रुपये खर्च करती है। डीएपी में सब्सिडी बढ़ाने के साथ ही खरीफ सीजन में भारत सरकार 14,775 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी| अक्षय तृतीया के दिन PM-KISAN के तहत किसानों के खाते में 20,667 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर करने के बाद, किसानों के हित में यह दूसरा बड़ा फैसला है।

00 मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टरों को दिए निर्देश
रायपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में हुई बेमौसम बारिश से फसल सहित अन्य हानि का आंकलन करने और प्रभावितों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा है कि बारिश और आंधी-तूफान की वजह से फसल सहित अन्य जन-धन के नुकसान के सर्वे के लिये तत्काल टीम का गठन कर आंकलन करें और पीड़ितों को तत्काल राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत आवश्यक आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाए।

00 मंत्रिमंडलीय उप समिति ने की अनुशंसा, केबिनेट में होगा निर्णय
रायपुर (शोर सन्देश)। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की उपसमिति की वर्चुअल बैठक आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से यह अनुशंसा की गई कि राज्य के किसानों को गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत फसल उत्पादकता प्रोत्साहन राशि (इनपुट सपोर्ट) की पहली किस्त 21 मई को प्रदान की जाए। मंत्रिमंडलीय उप समिति कि इस अनुशंसा पर अंतिम फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया जाएगा । बैठक में वन एवं जैव विविधता मंत्री मोहम्मद अकबर, शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल सहित अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम गीता, खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि सचिव अमृत कुमार खलखो सहित विभागीय अधिकारी शामिल हुए। बैठक में खरीफ 2021 में राजीव किसान न्याय योजना के दायरे को बढ़ाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वर्ष खरीफ सीजन 2021 में राज्य में धान , गन्ना, मक्का की खेती करने वाले किसानों के साथ-साथ दलहन, तिलहन ,कोदो -कुटकी, रागी ,रामतिल आदि की खेती करने वाले किसानों को भी इस योजना में लाभान्वित किया जाएगा । उन्हें खरीफ फसलों की खेती के लिए इनपुट सपोर्ट दिए जाने का प्रस्ताव कृषि विभाग द्वारा तैयार किया जाएगा, जिसे शीघ्र ही कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। बैठक में वन मंत्री मोहम्मद अकबर , शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम , खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने भी राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य के किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त हो, इसको लेकर कई उपयोगी सुझाव दिए। बैठक में राज्य में उद्यानिकी फसलों की खेती एवं वानिकी को बढ़ावा दिए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। गौरतलब है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य के किसानों को फसल उत्पादक प्रोत्साहन राशि पिछले वर्ष चार किस्तों में दी गई थी । इस योजना का शुभारंभ पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर 21 मई 2020 को किया गया था और राज्य के किसानों के खाते में प्रथम किस्त के रूप में 1500 करोड़ रुपए की अंतरित की गई थी। दूसरी किस्त की राशि 20 अगस्त को एवं तृतीय किस्त की राशि एक नवंबर राज्य स्थापना दिवस के मौके पर तथा चौथे किस्त की राशि 21 मार्च को जारी की गई थी। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य के किसानों को कुल चार किस्तों में 5627.89 करोड़ रुपए की राशि फसल उत्पादकता प्रोत्साहन (इनपुट सपोर्ट ) के रूप में प्रदाय की गई थी।

रायपुर (शोर सन्देश)। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए 92 लाख मीट्रिक टन धान में से अब तक 67 लाख 39 हजार 93 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।
इसमें 48 लाख 15 हजार 524 मीट्रिक टन धान का उठाव मिलरों द्वारा एवं 19 लाख 23 हजार 569 मीट्रिक टन धान का संग्रहण केन्द्रों में भण्डारण शामिल है।
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ से प्राप्त जानकारी के अनुसार मिलरों को 26 मार्च तक 49 लाख 646 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है। राज्य के 2 हजार 333 मिलरों द्वारा धान का उठाव उपार्जन केन्द्रों से किया जा रहा है। कस्टम मिलिंग निरंतर जारी है।

00 कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राहुल गांधी व छग प्रभारी पुनिया ने दर्ज कराई वर्चुअल उपस्थिति
रायपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री बघेल ने आज छत्तीसगढ़ सरकार की दो महत्वपूर्ण योजनाओं राजीव गांधी न्याय योजना और गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि का वितरण किया। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया भी वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में जुड़े।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश के 18 लाख 43 हजार किसानों के खाते में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किश्त के रूप में एक हजार 104 करोड़ 27 लाख रूपए की राशि और गोधन न्याय योजना की 15वीं और 16वीं किश्त के रूप में कुल 7 करोड़ 55 लाख रूपए की राशि का अंतरण पशुपालकों के खाते में किया। मुख्यमंत्री बघेल ने गोधन न्याय योजना की 15वीं किश्त के रूप में 3 करोड़ 75 लाख रूपए और 16वीं किश्त के रूप में 3 करोड़ 80 लाख रूपए का अंतरण पशुपालकों के खाते में किया।
ज्ञातव्य है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को तीन किश्तों में 4500 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार प्रमाणित बीज उत्पादक 4777 किसानों को तीन किश्तों में 23 करोड़ 62 लाख रूपए तथा गन्ना उत्पादक 34 हजार 292 किसानों को अतिरिक्त प्रोत्साहन और आदान सहायता के रूप में 74 करोड़ 24 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है।
इस योजना में अब तक किसानों को 4597 करोड़ 86 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री बघेल 21 मार्च के इस कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना की 15वीं किश्त के रूप में 3 करोड़ 75 लाख रुपए और 16वीं किश्त के रूप में 3 करोड़ 80 लाख रुपए का अंतरण पशुपालकों के खाते में किया। गोधन न्याय योजना में अब तक पशुपालकों को 80 करोड़ 42 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडि़या, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी और सुश्री शकुन्तला साहू, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल और अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी उपस्थित थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव तथा खाद्य मंत्री अमरजीत भगत कार्यक्रम से वर्चुअल जुड़े।