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किसान

*किसान की खुशहाली में ही मेरी खुशी : भूपेश बघेल*

11-May-2022

रायपुर (शोर संदेश)। एक लाख बीस हजार , एक लाख 40 हजार, 1 लाख 85 हजार, मेरा 2 लाख । आंकड़े सुनकर किसी को भी लगेगा कि यहां किसी सामान की बोली लग रही है, लेकिन ऐसा नहीं है । ये ऋण माफी के वो आंकड़ें हैं, जो किसान एक स्वर में मुख्यमंत्री को बता रहे हैं ।बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट मुलाकात कार्यक्रम के तहत सरगुजा जिले के मंगरेलगढ़ गांव में पहुँचे थे । जब मुख्यमंत्री ने किसानों से पूछा कि किस – किस का ऋण माफ नहीं हुआ है , कोई किसान है जिसे ऋण माफी का लाभ ना मिला हो ? इतना सुनते ही किसान अपने – अपने ऋण माफी की जानकारी मुख्यमंत्री को बताने लगे । सभी किसानों में अपनी ऋण माफी की रकम बताने की होड़ लग गयी । किसानों की खुशी देखकर मुख्यमंत्री ने भी किसानों को बधाई दी और किसानों के लिए ताली बजवायी । पटेला गांव के किसान रामकुमार गुप्ता ने बताया कि उनका 2 लाख रुपये का ऋण माफ हुआ था, जिससे उन्हें बहुत ही आर्थिक मदद मिली । रामकुमार ने बताया कि कर्जा माफ होने से उन्होंने ट्रेक्टर खरीद लिया, जिससे खेती और अच्छे से कर पा रहे हैं । इस बार उन्होंने 500 बोरा धान बेचा है, जिससे अच्छा लाभ हुआ है । इसके अतिरिक्त अब वे बच्चों को अच्छे से पढ़ा भी पा रहे हैं ।


*आगामी 7 फरवरी तक धान खरीदी कार्य सुचारू रूप से संचालित हो : मोहम्मद अकबर*

01-Feb-2022

रायपुर (शोर संदेश)। वन, परिवहन तथा विधि-विधायी मंत्री मोहम्मद अकबर ने मंगलवार को कबीरधाम जिले के अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था के संबंध में विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने राज्य शासन द्वारा धान उपार्जन के लिए बढ़ाई गई तिथि 7 फरवरी तक धान खरीदी कार्य का सुव्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही जिले में उपार्जित धान का शीघ्रता से उठाव भी सुनिश्चित करने निर्देशित किया। यह बैठक उन्होंने राजधानी के शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली। मंत्री अकबर ने समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस दौरान किसानों को समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री के लिए कोई दिक्कत न हो, इसका विशेष ध्यान रखें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री से कोई भी पात्र किसान वंचित न हो। वन मंत्री अकबर ने कबीरधाम जिले में धान उपार्जन के तहत संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सूरजपुरा में एक नवीन संग्रहण केन्द्र के निर्माण संबंधी प्रस्ताव देने निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान समितियों में उपार्जित धान को शीघ्रता से उठाव सुनिश्चित करने हेतु विशेष जोर दिया। मंत्री अकबर ने समीक्षा करते हुए कबीरधाम जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के सुचारू संचालन व्यवस्था की सराहना की। बैठक में जिला कलेक्टर रमेश शर्मा ने खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य में धान खरीदी की जानकारी देते हुए बताया कि जिले के समस्त 103 उपार्जन केन्द्रों में अब तक 4 लाख 14 हजार 481 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है, जो लक्ष्य 4 लाख 48 हजार 949 मीट्रिक टन का लगभग 92 प्रतिशत है। इनमें धान का उठाव भी सतत रूप से जारी है। उन्होंने बताया कि जिले में 56 अरवा और दो उसना राईस मिल हैं। राईस मिलों को अब तक कुल एक लाख 10 हजार 868 मीट्रिक टन धान का डीओ जारी किया गया। जारी डीओ में राईस मिलरों द्वारा 94 हजार 373 मीट्रिक टन धान का उठाव किया गया। इस अवसर पर संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


*खेत में सिंचाई सुविधा से 25 क्विंटल से ज्यादा हुई धान की पैदावार*

20-Jan-2022

रायपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों को विभिन्न योजनाओं का फायदा पहुंचाकर उनकी आमदनी बढ़ाने में सहयोग किया जा रहा है। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना जैसी योजनाओं से किसानों के खेतों में कुआं, डबरी खुदवाकर सिंचाई की सुविधा मुहैय्या कराया जा रहा है। जांजगीर-चांपा जिले के दमाऊ पहाड़ की सुरम्यवादियों के बीच बसे हुए गांव बरपालीकला के रहने वाले फुलेशराम अब बेहद खुशहाल जीवन जी रहे है। उनकी खुशी का कारण है, उनके खेतों में बनी हुई निजी डबरी। यह डबरी महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना से बनी है। जिसमें एकत्र हुई बारिश की बूंदों से उनके जमीन में नमी बनी रहती है और धान की फसल बेहतर होने लगा है। डबरी से मिले फायदे से फुलेशराम इतने उत्साहित हैं कि उन्होंने इसके इर्द-गिर्द ही अपने भविष्य की योजनाओं का ताना-बाना बुन लिया है। वे धान की फसल के साथ ही मछलीपालन और सब्जी-भाजी उत्पादन का कार्य कर रहे हैं।

फुलेशराम की डबरी सक्ती विकासखण्ड से 15 किलोमीटर दूर बरपाली कलां ग्राम पंचायत में है। उनके पास 5 एकड़ जमीन है, जिस पर वे वर्षों से खेती-किसानी करते आ रहे हैं। लेकिन जल संचय या जल स्त्रोतों के अभाव में एक ही फसल ले पा रहे थे। रोजगार सहायक ने परामर्श दिया कि महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से खेतीहर किसानों की जमीन पर डबरी और कुआं निर्माण जैसे जल संसाधनों का निर्माण किया जा सकता है। निर्माण के दौरान हितग्राही को उसमें मजदूरी करने का अवसर भी मिलता है।

फुलेशराम ने खेत में डबरी बनाने के लिए ग्राम पंचायत में आवेदन जमा किया। पात्रता के आधार पर खेत में निजी डबरी निर्माण के लिए 2.99 लाख रूपए की मंजूरी मिल गई। वहाँ डबरी खुदाई का काम 4 दिसंबर 2020 को शुरू हो गया। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना श्रमिकों के साथ ही उन्होंने भी डबरी की खुदाई में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। मेहनत सफल हुई और फुलेशराम के खेत में डबरी का निर्माण 20 फरवरी 2021 को पूरा हो गया। इस कार्य में गांव के ही 91 परिवारों को 1,452 मानव दिवस रोजगार प्रदान किया गया। जिसके लिए 2 लाख 75 हजार 880 रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया। फुलेशराम के परिवार को भी इसमें रोजगार मिला और उन्हें इसके लिए 19 हजार 380 रूपए की मजदूरी भी प्राप्त हुई।

फुलेशराम बताते हैं कि पहले खेती के लिये बारिश के पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता था। ऐसी स्थिति में लगभग 80 क्विंटल के आस-पास ही धान की पैदावार हो पाती थी। डबरी से सिंचाई की सुविधा मिलने से उतनी ही जमीन पर 105 क्विंटल धान की पैदावार हुई, जो पिछले साल की तुलना में 25 क्विंटल अधिक थी। उन्होंने बताया कि इस साल हुई अधिक पैदावार से जो मुनाफा होगा, उससे वे खेती-किसानी के उपकरण खरीदेंगे। मुनाफा बढ़ने से फुलेशराम का पूरा परिवार खुशहाल है।

फुलेशराम ने डबरी के आसपास की जमीन पर टमाटर, मिर्च, धनिया, बरबट्टी आदि सब्जियां भी लगाई हैं, जो उनके परिवार के प्रतिदिन के भोजन की जरुरतों को पूरा कर रही हैं। इसके अलावा बारिश के बाद जब डबरी में पर्याप्त पानी भर गया था, तो उन्होंने मछलीपालन के उद्देश्य से उसमें 5 किलोग्राम मछली बीज डाले थे, जो आने वाले दिनों में उनकी अतिरिक्त आय का साधन होगी।


*किसानों को मंत्री अकबर ने दिया धान*

17-Jan-2022

 रायपुर (शोर संदेश)। वन-जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने छेरछेरा के पावन पर्व के अवसर पर उनके शंकरनगर स्थित शासकीय निवास कार्यालय छेरछेरा मांगने आये नवा रायपुर के किसानों को बड़ी ही विनम्रता और सम्मान के साथ धान का दान दिया। उन्होंने इस मौके पर किसान मंच समिति के सभी पदाधिकारी एवं किसान भाईयों को छेरछेरा पर्व और शाकम्भरी जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी। मंत्री अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजीवन में छेरछेरा पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व दानशीलता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। किसान मंच समिति से जुड़े हमारे अन्नदाता किसान भाई आज इस पावन पर्व पर छेरछेरा मांगकर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। मंत्री अकबर को इस मौके पर किसान मंच समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने नवा रायपुर में पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन की मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। मंत्री अकबर ने किसान भाईयों की मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों का यथोचित समाधान किए जाने का भरोसा दिलाया।


*17 लाख से ज्यादा किसानों ने अब तक बेचा 69 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान*

14-Jan-2022

 रायपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के चालू सीजन में राज्य के 2484 धान उपार्जन केन्द्रों में आज शाम तक 17 लाख 14 हजार 159 किसानों से 69 लाख 05 हजार 182 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। अब तक राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी के अनुमानित लक्ष्य का 65.76 प्रतिशत धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 13,426 करोड़ 57 लाख रूपए जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री बघेल की पहल पर इस वर्ष धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान का तेजी से उठाव भी किया जा रहा है। डीओ और टीओ के माध्यम से 34.50 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।

 

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 32 लाख 03 हजार मीट्रिक टन धान का डीओ जारी कर दिया गया है। उपार्जन केन्द्रों से मिलर्स द्वारा 26 लाख 86 हजार मीट्रिक धान का उठाव कर लिया गया है। इसी प्रकार अब तक 13 लाख 36 हजार मीट्रिक टन धान के परिवहन के लिए टी.ओ. जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध समितियों से 7 लाख 64 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।

जांजगीर-चांपा जिला, प्रदेश में समर्थन मूल्य पर 14 जनवरी तक धान खरीदी के मामले में पहले पायदान पर है। वहां 6 लाख 09 हजार 537 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। वहीं राजनांदगांव जिला प्रदेश में धान खरीदी में दूसरे स्थान पर है। वहां 6,02,120 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। महासमुंद जिला धान खरीदी में आज राज्य में तीसरे स्थान पर है। महासमुंद जिले में 4 लाख 77 हजार 313 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।
खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 जनवरी तक समर्थन मूल्य पर बस्तर जिले में 1,14,278 मीट्रिक टन, बीजापुर जिले में 46,922 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 11,335 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में 2,13,802 मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में 1,05,863 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 16,179 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 32,400 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में 3,66,369 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में 49,663 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में 1,11,261 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में 2,87,578 मीट्रिक टन, रायगढ़ जिले में 3,86,622 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 3,78,954 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई।

इसी प्रकार बेमेतरा जिले में 4,64,036 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में 2,98,292 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में 3,13,619 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में 4,76,893 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में 2,84,210 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में 2,35,007 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में 3,44,069 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में 1,33,831 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 1,03,765 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 91 हजार 702 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में 1,63,915 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में 1,85,647 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।


*ओलावृष्टि से प्रभावित किसान के खेतों में पहुंचे कलेक्टर शीघ्र सहयोग की कही बात*

14-Jan-2022

राजेन्द्र ठाकुर (राजू) बलरामपुर (शोर संदेश)। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने आज ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों से मुलाकात की और आश्वस्त किया कि प्रशासन उनके साथ है तथा फसलों को हुए नुकसान की सम्पूर्ण क्षतिपूर्ति दी जाएगी। उन्होंने राधाकृष्णनगर के कृषक श्री हरीशचन्द्र व निरंजन से बात करते हुए ओला से प्रभावित फसल व रकबे की जानकारी ली। उन्होंने किसानों से कहा कि प्राकृतिक आपदा के फलस्वरूप फसलों की क्षति होने पर राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में निहित प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाती है। चूंकि जिले में प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है, सर्वे उपरांत प्रावधानों के तहत् सभी किसानों को उचित मुआवजा राशि प्रदान किया जाएगा। ज्ञात है कि राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत ओलावृष्टि से प्रभावित असिंचित फसल के लिए 6 हजार 800 प्रति हेक्टेयर तथा सिंचित फसल के लिए 13 हजार 500 प्रदाय किया जाता है। साथ ही फसल बीमा के अंतर्गत भी क्षति का आंकलन कर सहायता राशि दी जायेगी।


बेमौसम बारिश से उपार्जन केंद्रों में धान को भीगने से बचाने तिरपाल व कैप कवर से ढका गया

11-Jan-2022

बेमेतरा (शोर संदेश)। बेमेतरा जिले के सभी 123 धान उपार्जन केंद्रों में किसानों से खरीदे गये धान को बेमौसम बारिश से बचाने के लिए तिरपाल और कैप कव्हर से ढककर सुरक्षित कर लिया गया है। मौसम विभाग की ओर से पश्चिमी विक्षोप के कारण जिले के कुछ स्थानों पर बेमौसम बारिश हो रही है। इसके बाद कलेक्टर विलास भोसकर संदीपान ने खरीदी केंद्रों में रखे धान को भीगने से बचाकर सुरक्षित रखने के लिए सभी इंतजाम करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्र प्रभारियों और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी जिले में उपार्जन केंद्रों की सत्त मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर ने धान खरीदी से जुड़े सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने को कहा है। कलेक्टर ने अधिकारियों को धान खरीदी, खरीदे गये धान की सुरक्षा, परिवहन या रख-रखाव में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

इस संबंध में जिले के सहकारी बैंक नोडल अधिकारी आर के वारे ने बताया कि बेमौसम बारिश की संभावना को देखते हुए सभी 102 समितियों में जरूरी व्यवस्थाएं पहले ही कर ली गई है। धान उपार्जन केंद्रों में पक्के चबूतरों पर धान को तिरपाल और कैप कवर से ढंककर रखा गया है। धान की समुचित स्टैकिंग कर ली गई है। खरीदी केंद्रों में बारिश के पानी का भराव रोकने के लिए डेऊनेज के इंतजाम किये गये हैं। धान में नमी का स्तर नियंत्रित रखने के लिए स्टैकिंग से पहले सबसे नीचे दो परत भूसे भरे बोरों की लगाई गई है। वारे ने बताया जिले के सभी 123 खरीदी केंद्रों में अब तक खरीदे गये धान को सुरक्षित रखने के पूरे उपाय पिछले दो दिनों की छृट्टियों के दौरान सुनिश्चित कर लिए गये हैं। जिले में किसानों से खरीदा गया पूरा धान सुरक्षित कर लिया गया है।


*प्रदेश के 13 लाख से ज्याद किसानों ने बेचा 53 लाख मीट्रिक टन धान*

31-Dec-2021

 रायपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ राज्य में 31 दिसम्बर तक 13 लाख 93 हजार 402 किसानों से 53 लाख 59 हजार 184 मीट्रिक टन धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा चुकी है। राज्य के 2484 धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की जा रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बघेल की पहल पर इस वर्ष धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है। अब तक 20 लाख 97 हजार 140 मीट्रिक टन का डीओ जारी कर दिया गया है। उपार्जन केन्द्रों से मिलर्स द्वारा 16 लाख 26 हजार 579 मीट्रिक धान का उठाव हो चुका है। विपणन संघ द्वारा धान खरीदी के एवज में कृषकों को भुगतान के लिए 10 हजार 390 करोड़ 13 लाख रूपए की राशि जारी कर दी गई है।धान खरीदी के 31वें दिन भी राजनांदगांव जिला, प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के मामले में पहले स्थान पर है। राजनांदगांव जिले में 4 लाख 85 हजार 783 मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। जांजगीर-चांपा जिला प्रदेश में धान खरीदी में दूसरे पायदान पर है। जिले में 4 लाख 58 हजार 535 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। बेमेतरा जिला धान खरीदी में आज राज्य में तीसरे क्रम पर है। बेमेतरा जिला में 3 लाख 85 हजार 712 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 दिसम्बर तक समर्थन मूल्य पर राज्य के बस्तर जिले में 87,434 मीट्रिक टन, बीजापुर जिले में 33,761 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 6270 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में 1,68,833 मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में 86,294 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 12,523 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 19,673 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में 2,78,296 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 35,990 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में 4,58,535 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में 69,159 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में 2,26,171 मीट्रिक टन, रायगढ़ जिले में 3,03,012 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 3,23,237 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में 3,85,712 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में 2,38,718 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में 2,48,802 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में 4,85,783 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में 3,75,829 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में 2,24,063 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में 1,91,323 मीट्रिक टन, महासमुंद जिले में 3,73,671 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में 2,77,338 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में 82,920 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 64,965 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 63,120 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में 1,01,653 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में 1,36,098 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।


*1 जनवरी को पीएम किसान की 10वीं किस्त जारी करेंगे प्रधानमंत्री*

30-Dec-2021

नई दिल्ली (शोर संदेश)। जमीनी स्तर के किसानों को सशक्त बनाने की निरंतर प्रतिबद्धता और संकल्प के अनुरूप, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1 जनवरी, 2022 को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत वित्तीय लाभ की 10वीं किस्त जारी करेंगे। इसके अंतर्गत 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का अंतरण किया जाएगा। पीएम-किसान योजना के तहत, पात्र लाभार्थी किसान परिवारों को 6000 रुपये का वित्तीय लाभ प्रति वर्ष प्रदान किया जाता है, जो 4-महीने के अंतराल पर 2000 रुपये की तीन समान किस्तों में देय है। धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की जाती है। इस योजना में, किसान परिवारों को अब तक 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि अंतरित की जा चुकी है। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री लगभग 351 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को 14 करोड़ रुपये से अधिक का इक्विटी अनुदान भी जारी करेंगे, जिससे 1.24 लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री एफपीओ के साथ बातचीत करेंगे और राष्ट्र को संबोधित भी करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री भी उपस्थित रहेंगे।


*बेमौसम बारिश ने बढ़ाई चिंता खाद्यमंत्री ने बुलाई बैठक*

29-Dec-2021

 रायपुर (शोर संदेश)। प्रदेश में हो रही बेमौसम बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। कई धान खरीदी केंद्रों में लापरवाही देखने को मिली है। धान भीग रहे हैं, इसी कड़ी में बारिश के बाद धान खरीदी केंद्रों की स्थिति का जायजा लेने खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बैठक बुलाई है। मंत्री भगत ने खाद्य सचिव समेत खाद्य विभाग के सभी अधिकारियों की बैठक बुलाई है। बैठक में कहां कितना धान बारिश के कारण खराब हुआ है। इस पर विस्तृत चर्चा होगी। सरगुजा सदन में दोपहर को बैठक होगी। वहीँ कई ज़िलों में अचानक हुई ओलावृष्टि एवं अत्यधिक बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने सभी जिलों को ओलावृष्टि एवं बारिश से हुई क्षति का आंकलन कर तत्काल शासन को रिपोर्ट भेजने, सभी धान ख़रीदी केंद्रो में ड्रेनेज और कैप कवर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।




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