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भोपाल (शोर संदेश)। मध्यप्रदेश में सोमवार की रात को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फसलों के हुए नुकसान का सर्वेक्षण कराने की बात कही है, वहीं कांग्रेस की ओर से भी किसानों को राहत के साथ समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की है। राज्य की राजधानी भोपाल के अलावा मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर आदि जिलों में सोमवार की रात को तेज हवा चलने के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई, इससे फसलों को नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी चना और गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं, वहीं आगामी दिनों में भी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की सूचना प्राप्त हुई है, किसान भाई-बहन चिंता न करें, मामा शिवराज उनके साथ हैं शीघ्र ही ओलावृष्टि से हुई फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा।

कांकेर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए सौर सुजला योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना का लाभ उठाते हुए कांकेर जिले के सैकड़ों किसान अपने खेतों में सौर ऊर्जा से सोलर पंप लगाकर खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। सौर ऊर्जा से पंप चलने से किसानों को विद्युत लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिल रही है, साथ ही बिजली बिल से भी छुटकारा मिला है। जिले में ऐसे गांव तथा खेतों में सोलर पंप लगाने प्राथमिकता दी जा रही है जहां बिजली पोल पहुंचना संभव नहीं है।अंतागढ़ विकासखण्ड के ग्राम तुमसनार निवासी बुजारूराम अपने खेत में सौर सुजला योजना के तहत सोलर पंप स्थापित होने से ड्रीप के माध्यम से सिंचाई कर मक्का, भिण्डी, टमाटर जैसी साग-सब्जियों के साथ-साथ दलहन, तिलहन फसलों का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुई है। उन्होंने कहा कि सौर सुजला योजना मेरे लिए वरदान साबित हो रहा है। मैं अपने क्षेत्र में उन्नत कृषक के रूप पहचान बना रहा हूं। क्षेत्र के किसानों की दशा और दिशा बदलने में सौर सुजला योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बलौदाबाजार (शोर संदेश)।जिले के सभी 162 धान उपार्जन केंद्रों से जीरो शार्टेज के साथ धान का उठाव पूर्ण हो गया है। जिला प्रशासन के इस उपलब्धि पर कलेक्टर रजत बंसल ने गुरुवार को धान खरीदी से जुड़े हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दिए। उन्होनें कहा कि खाद्य, सहकारिता, जिला विपणन एवं जिला सहाकरी बैंक एवं समिति सक्रियताओं से ही यह कार्य संभव हो पाया है, इससे निश्चित ही शासन को नुकसान बचाया गया। गौरतलब है कि इस वर्ष जिले में 61 लाख 86 हजार 50 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। बलौदाबाजार के अलावा अन्य जिलों को भी डीओ जारी किया गया था। जिससे पूर्ण धान उठाव में सफलता मिली है। इस वर्ष 29 दिवस के भीतर धान का उठाव हो गया है। जिससे एक नया कायम हुआ है। केंद्रों धान का उठाव हो जाने की वजह गोदाम खाली हो गए हैं। इसकी वजह से अब ग्रीष्म के लिए खाद और बीज के भंडारण में सहूलियत होगी। खास बात यह है कि इस बार धान खरीदी के दौरान बेमौसम वर्षा नहीं हुई। धान में नमी की समस्या नहीं होने से मिलर्स ने तत्परता से धान का उठाव किया। खरीफ वर्ष 2022- 23 के लिए शासन ने जिले को 63 लाख 88 हजार 530 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य दिया था। धान की वाजिब कीमत मिलने से धान की बोआई रकबा में बढ़ोतरी हुई है। इस कार्य मे डीएमओ केपी कर्ष,जिला खाद्य अधिकारी विमल दुबे,पंजीयक सहकारिता सुरेंद्र गौड़ एवं नोडल अधिकारी शर्मा का विशेष योगदान रहा।

नई दिल्ली (शोर संदेश)। आम बजट 2023 में वित्तं मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को किसानों के लिए कई घोषणाएं की। वित्त मंत्री ने कहा कि अगले तीन साल में देश के 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के गुर सिखाए जाएंगे। देश में 10 हजार बायो इनपुट रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा। माइक्रो फर्टिलाइजर की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। रासायनिक खाद के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पीएम-प्रणाम योजना की शुरुआत होगी। गोबर धन स्कीम के तहत 10,000 करोड़ खर्च किये जायेंगे। किसानों को सरकार अब आगे ज्यागदा कर्ज देगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए कर्ज के लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा। पशुपालन, मछलीपालन के क्षेत्र में कर्ज देने की रफ्तार बढ़ाई जाएगी। मछली पालन के लिए सब-स्कीम के तहत 6,000 करोड़ की राशि का आंबटन हुआ है। बागवानी उत्पादन बढ़ाने के लिए 2,200 करोड़ की राशि का आंबटन किया गया है। सहकार से समृद्धि, किसानों के लिए ये प्रोग्राम चलाया जाएगा। इसके जरिए 63000 एग्री सोसायटी को कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा। किसान सम्मान निधि में नहीं हुई बढ़ोतरी वहीं बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मा न निधि की राशि में बढ़ोतरी और एमएसपी को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई हैं।

रायपुर (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का आकड़ा अनुमानित लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ता जा रहा है। धान खरीदी महाअभियान के महज तीसरे पखवाड़े तक 43 लाख 73 हजार 591 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है, जिसके एवज में राज्य के 11 लाख 42 हजार 055 किसानों को 9057 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री के मागदर्शन में धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हुआ था। किसानों को धान विक्रय में सहुलियत एवं मिलर्स के धान उठाव के लिए बारदाने की भी बेहतर व्यवस्था केे कारण सफलतापूर्वक धान की खरीदी एंव कस्टम मिलिंग हुई थी। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक के धान खरीदी में से 50 प्रतिशत से अधिक धान का उठाव हो चुका है। खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के लिए सामान्य टोकन के साथ ही ऑनलाइन टोकन जारी करने की व्यवस्था की गई है। जिसके चलते किसानों को सहूलियत होने लगी है। बड़ी संख्या में किसान टोकन तुंहर हाथ एप के माध्यम से धान बेचने के लिए अपनी मर्जी के मुताबिक तिथि का चयन कर रहें हैं। उन्होंने बताया कि इस साल राज्य में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.26 लाख नये किसान शामिल हैं। राज्य में धान खरीदी के लिए 2594 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 34.56 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डी.ओ. जारी किया गया है, जिसके एवज में उपार्जन केंद्रों से 26.28 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है। प्रदेश में आज 12 दिसम्बर को 53 हजार 284 किसानों से 1,87,162 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है, इसके अलावा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 64 हजार 240 मीट्रिक टन से अधिक धान की भी खरीदी हुई हैं। आगामी दिवस की धान खरीदी के लिए 75,639 टोकन तथा टोकन तुंहर हाथ एप के जरिये 17,966 टोकन ऑनलाइन जारी किए गए हैं।


धमतरी (शोर संदेश)। प्रदेश सरकार द्वारा कोदो-कुटकी फसलों को प्रोत्साहित करने मिलेट मिशन लागू किया गया है, जिसका असर जिले के किसानों में देखने को मिल रहा है। जिले में कोदो-कुटकी और रागी की खेती को लेकर किसानों का रूझान तेजी से बढ़ रहा है । इनका उत्पादन बड़ी मात्रा में करके समर्थन मूल्य में बेच रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर समर्थन मूल्य में कोदो-कुटकी और रागी की खरीदी से किसानों को बेहतर लाभ मिल रहा है। वन मण्डलाधिकारी एवं पदेन प्रबंध संचालक, जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित धमतरी ने बताया कि इस वर्ष जिले में कोदो, कुटकी और रागी फसल का विक्रय 15 दिसंबर से शुरू होगा, जो कि 15 फरवरी 2023 तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मिलेट मिशन के तहत मिलेट्स खरीदने के लिए कोदो का समर्थन मूल्य 30 रूपए प्रति किलो, कुटकी का 31 रूपए प्रतिकिलो एवं रागी का समर्थन मूल्य 35.78 रूपए प्रतिकिलो निर्धारित किया गया है। जिले में प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति के अंतर्गत हाट बाजारों में कोदो-कुटकी और रागी की खरीदी की जाएगी। इसके लिए किसान, संग्राहकों को संबंधित प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति का सदस्य होना अनिवार्य है। किसान, संग्राहक फसल पंजीयन गिरदावरी बी-1 खसरा पर्ची साथ लाकर कोदो, कुटकी और रागी फसल को बेच सकते है। इसकी खरीदी प्रक्रिया हेतु जिले की 27 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियां को अधिकृत किया गया है, जिसके अंतर्गत 21 हाट-बाजारों के जरिये किसान से कोदो, कुटकी और रागी की खरीदी होगी। संग्राहक कार्ड में की जाएगी एण्ट्री- इस बारे में बताया गया कि महिला स्वसहायता समूहों के जरिए प्रति किसान प्रति एकड़ साढ़े तीन क्विंटल की दर से कोदो-रागी और कुटकी प्रति एकड़ 2 क्विंटल खरीदा जाएगा। खरीदी के बाद ग्राम स्तर, हाट बाजार स्तरीय महिला स्वसहायता समूहों के द्वारा उक्त वनोपज की गुणवत्ता जांच और प्राथमिक सफाई का कार्य करके वन-धन विकास केन्द्र भेजा जाएगा तथा खरीदे गये मिलेट्स की जानकारी किसानवार संग्राहक कार्ड में एण्ट्री की जाएगी। किसानों के लिये खोला गया समाधान केन्द्र- जिले के किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिये समाधान केन्द्र खोले गये है। किसान सीधे धमतरी वनमंडल के मोबाइल नंबर 9424111624 उप प्रबंध संचालक जिला यूनियन धमतरी, 7587011510 उप वनमंडलाधिकारी धमतरी, 7587011520 उप वनमंडलाधिकारी बिरगुड़ी, 7587011530 उप वनमंडलाधिकारी नगरी, 7587011501 परिक्षेत्र अधिकारी केरेगांव, 7587011503 परिक्षेत्र अधिकारी उत्तर सिंगपुर, 7587011503 परिक्षेत्र अधिकारी दुगली एवं नगरी, 7587011504 परिक्षेत्र अधिकारी सांकरा, 7587011505 परिक्षेत्र अधिकारी बिरगुड़ी, 7587011507 परिक्षेत्र अधिकारी दक्षिण सिंगपुर, 7587011511 परिक्षेत्र अधिकारी धमतरी से मोबाईल नंबर पर कॉल करके सीधे संपर्क कर सकते हैं।


धमतरी (शोर संदेश)। इस बार रबी के सीजन में रविशंकर सागर जलाशय गंगरेल से पानी नहीं दिया जाएगा। केंद्रीय जल आयोग बांध सुरक्षा विशेषज्ञ, नई दिल्ली के निर्देशानुसार गंगरेल बांध के गैलरी में सीपेज नियंत्रण कार्य और बांध के नीचे बकेट फ्लोर, टीथ ग्लासिस में एपॉक्सी ट्रीटमेंट कार्य, स्पील चैनल की खुदाई आदि से जुड़े काम कराए जाने हैं। गंगरेल जलाशय की सुरक्षा को ध्यान में रख आज ज़िला जल उपयोगिता समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि गंगरेल जलाशय से रबी में सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया जाए।

हालांकि मौके पर मौजूद सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव और धमतरी विधायक रंजना साहू ने प्रस्तावित किया कि यदि किसानों ने मांग की तो इस जलाशय से पानी दिया जाए। कलेक्टर पी.एस. एल्मा की अध्यक्षता में दोपहर तीन बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आहूत बैठक में इस प्रस्ताव को शासन तक पहुंचाने की बात कही गई। ज्ञात हो कि महानदी जलाशय परियोजना के तहत गंगरेल, मुरुमसिल्ली और दुधावा जलाशय में कुल 40.69 टीएमसी 94.99% है। इसमें रविशंकर सागर जलाशय गंगरेल में 26.27 टीएमसी, मुरुमसिली में पांच टीएमसी, दुधावा में 9.3 टीएमसी पानी है। विभिन्न प्रयोजनों के लिए प्रावधानिक मात्रा में जल आरक्षण की जानकारी देते हुए कार्यपालन अभियंता, जल प्रबंध संभाग रूद्री, कोड 38 ए.के.पालड़िया ने बताया कि वर्ष 2022-23 के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए 1.73 टीएमसी, निस्तारी के लिए 6.05 टीएमसी, रायपुर नगर निगम पेयजल के लिए 3.03 टीएमसी, धमतरी नगर निगम 0.76 टीएमसी प्रस्तावित है। इसी तरह मुरूमसिल्ली, दुधावा, सोंढूर में न्यूनतम जल की मात्रा 1.40 टीएमसी, वाष्पन और क्षरण के लिए 6.39 टीएमसी, खारून नदी में निस्तारी और नगर पंचायत पाटन के लिए पेयजल 0.09 टीएमसी, बीरगांव नगरनिगम पेयजल के लिए मांग अनुसार 0.15 टीएमसी और चरौदा, भिलाई पेयजल के लिए 0.28 टीएमसी जल की मात्रा प्रस्तावित है। बताया गया है कि सोंढूर जलाशय में कुल उपलब्ध उपयोगी जल भण्डारण क्षमता 6.34 टीएमसी के विरूद्ध उपयोगी जल 5.12 टीएमसी उपलब्ध है। इसमें निस्तारी और जलाशय में स्थानीय उपयोग और वाष्पण क्षरण के लिए दो टीएमसी जल आरक्षित रखने के बाद रबी फसल दलहन, तिलहन के लिए शेष 3.12 टीएमसी जल उपलब्ध हैं। जिससे सोंढूर प्रदायक नहर के सैंच्य क्षेत्र (नगरी सिहावा) पांच हजार हेक्टेयर के लिए जल प्रदाय किया जा सकता है। पैरी बायीं तट नहर सिकासेर जलाशय से मगरलोड ब्लॉक के दो हजार हैक्टेयर क्षेत्र में रबी फसल के लिए जल दिया जाना प्रस्तावित है। इसी तरह लघु सिंचाई योजनाओं से 300 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसल के लिए जल देना प्रस्तावित है।

अंबिकापुर (शोर संदेश)। कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्र लटोरी का निरीक्षण किया। कलेक्टर इफ्फत आरा ने खरीदी केंद्र में उपस्थित किसानों से खरीदी केंद्र में मिलने वाली सुविधाओं और राशि से भुगतान के संबंध में चर्चा की जिसमें किसानों ने खरीदी केंद्र में मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में संतोष व्यक्त किया । निरीक्षण के दौरान कुछ बारदानों में स्टेंसिल नहीं लगाया जाना पाया गया जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए समिति प्रबंधक को निर्देशित किया कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने किसानों की सुविधा का ध्यान रखने और निर्धारित समय अनुसार ही टोकन जारी करने, खरीदी करने के निर्देश समिति प्रबंधक को दिए। इसी दौरान कलेक्टर ने सहकारी बैंक शाखा लटोरी के कर्मचारियों से किसानों को किए जाने वाले भुगतान के संबंध में जानकारी ली, जिसमें बैंक कर्मचारियों ने अवगत कराया गया कि किसानों को समय पर धान बिक्री की राशि मिल रही है। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ लीना कोसम, डीआरसीएस जी एस शर्मा, सीईओ जनपद डॉक्टर आकांक्षा त्रिपाठी पंचायत सहित अन्य उपस्थित रहे।


रायपुर (शोर संदेश) । मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि 100 ट्रैक्टर पैरा दान कर सुरगी के किसानों ने मिसाल प्रस्तुत की है, जो दूसरों के लिए अनुकरणीय है। किसानों द्वारा पैरा दान कर गोधन न्याय योजना में सहभागिता का अच्छा कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव विधानसभा के ग्राम सुरगी में भेंट-मुलाकात के मंच से पैरा दान करने वाले गांव के किसानों को बधाई दी। उन्होंने ग्रामीणों से ताली बजवाकर इन किसानों को प्रोत्साहित किया। इसके पहले सुरगी पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने हरी झण्डी दिखाकर पैरा दान करने वाले किसानों के 100 ट्रैक्टरों को गौठान के लिए रवाना किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ भेंट-मुलाकात कार्यकम की शुरुआत की। मुख्यमंत्री बघेल ने सुरगी में भेंट मुलाकात के दौरान आम जनता से राज्य शासन की योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जो किसान अपने खेतों में और बाड़ियों में वर्मी कंपोस्ट का उपयोग कर रहे हैं, वे जैविक खेती के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराएं, इससे उनकी उपज का अच्छा मूल्य मिलेगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से चर्चा के दौरान उन्हें शासन की योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों की कर्ज माफी की, किसानों के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना लेकर आए, महिलाओं का राशन कार्ड बनवाया और भूमिहीन मजदूरों के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लेकर आए। इस योजना में भूमिहीन मजदूरों सहित चिन्हित लोगों को सालाना सात हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने की अनेक घोषणाएं: सूखा नाला बैराज से आलीखूंटा तक सिंचाई नाली बनेगी
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। सुरगी में जिला सहकारी बैंक की शाखा खोलने, सुरगी हाईस्कूल मैदान के विकास और लाइटिंग, हरदी-सुरगी सड़क की प्रशासकीय स्वीकृति देते हुए सोमनी-नवागांव सड़क के जीर्णाेद्धार, सूखा नाला बैराज से आलीखूंटा तक सिंचाई सुविधा और नाली निर्माण, तोरणकट्टा के आश्रित गांव मनकी में धान खरीदी केंद्र खोलने, भरेगांव के बूढ़ादेव तालाब में सौंदर्यीकरण और पचरी निर्माण, ग्राम सिंघोला में भानेश्वरी मंदिर जीर्णाेद्धार और तालाब सौंदर्यीकरण, रानीतराई में हाईस्कूल में दो अतिरिक्त कक्ष तथा धामनसारा स्कूल में एक अतिरिक्त कक्ष के निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम किसानों को नुकसान नहीं होने देना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कोरोना संकट के दौरान भी हम आपके साथ खड़े रहे। आपको सहयोग करते रहेंगे। भेंट-मुलाकात के दौरान रानीतराई निवासी गंगा राम साहू ने मुख्यमंत्री बघेल को बताया कि एक एकड़ के लिए कर्जा लिया था। सब माफ हो गया। धान का पैसा लगातार मिल रहा है। उपरहा अर्थात एक्स्ट्रा पैसे का क्या कर रहे हो, पूछने पर गंगा राम ने बताया कि जो लाभ हुआ उससे गन्ना लगा लिया। गंगा राम ने पूछा कि मैं राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ लेते हुए चंदन का पौधा लगाना चाहता हूँ। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, जरूर लगाएं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राशन कार्ड के सम्बंध में पूछने पर सुरगी की कमलेश्वरी बाई ने बताया मुफ्त में अभी चावल मिल रहा है। मेरे परिवार में 4 सदस्य हैं। 28 किलो चावल मिलता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ ही ऐसा राज्य है जहां इतना सस्ता राशन है। हम लोग आपकी जेब में राशि डालने का कार्य कर रहे हैं।

संस्कार सहायता समूह की महिलाओं ने गोबर बेचकर कमाए 3 लाख रूपए
गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों से चर्चा के दौरान सोनिया साहू ने बताया कि हर हफ्ते गोबर बेच रही हूँ, पैसा एक साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना के साथ आता है। कोटरभाठा की पार्वती ने बताया कि हफ्ता में 50 किलो गोबर बेचती हूँ। खाते में 8 हजार रुपये आया। संस्कार सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि 3 लाख रुपये कमा चुके हैं, सब बांट लिया। मैंने इस राशि से जनरल स्टोर खोल लिया। हम लोग मशरूम का उत्पादन करना चाहते हैं। खेतों में वर्मी कम्पोस्ट डालने वाले विदेशी राम निषाद ने बताया कि वे खेत में वर्मी कम्पोस्ट डाल रहे हैं घर में सात टांके बनवाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्मी का बढ़िया लाभ है। उन्होंने बताया कि वे 80 डिसमिल में सब्जी और 4 एकड़ में धान लगाते हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें जैविक खेती के लिए रजिस्ट्रेशन कराने कहा। राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना से लाभान्वित हितग्राही ओंकार प्रसाद बघेल ने बताया योजना का लाभ मिलने से बड़ी राहत मिली है। नियमित किश्त मिल रही है। हाट बाजार क्लीनिक योजना के बारे में जानकारी लेने पर मुख्यमंत्री को बच्चुराम ने बताया कि मैं भर्रेगांव का हूँ। गांव में नियमित गाड़ी आती है। वहां से दवाई ले रहा हूँ। पैसा नहीं लगता।
आत्मानंद स्कूल के विद्यार्थियों ने धारा प्रवाह अंग्रेजी में दिए मुख्यमंत्री के सवालों के जवाब
मुख्यमंत्री ने आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के छात्रों से छत्तीसगढ़ी में प्रश्न किए, जिनका विद्यार्थियों ने अंग्रेजी में उत्तर दिया। यशवंत जंघेल ने मुख्यमंत्री के पूछने पर अपने स्कूल के बारे में बताया। यशवंत जंघेल ने धाराप्रवाह अंग्रेजी में उत्तर देकर जनसमूह को खुश कर दिया। यशवंत ने अंग्रेजी में कहा कि इसके पहले जिस स्कूल में पढ़ते थे, वहां सालाना 20 हजार रूपए देने पड़ते थे। आत्मानंद स्कूल में एक भी पैसा नहीं लगता। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़िया। पूनम साहू ने अंग्रेजी में उत्तर दिया कि पैंडेमिक में भी आपने स्कूल बना दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप मन सुनेव। बच्ची ह गितमीट गितमीट अंग्रेजी में तेजी ले बोलिस। कतका झन ल समझ आइस। फिर कहा कि देखिए कितना बढ़िया काम हो रहा है। हमारे बच्चों की अंग्रेजी कितनी अच्छी हो गई है।

महासमुंद (शोर संदेश)।पूरे छत्तीसगढ़ सहित महासमुंद ज़िले के सभी 152 धान उपार्जन केंद्रों में खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीदी आगामी 1 नवंबर से शुरुआत हो जाएगी। आज गुरुवार को 120 उपार्जन केन्द्रो ने धान उपार्जन का ट्रायल रन किया गया। पिछले ख़रीफ़ वर्ष में 77 लाख क्विंटल से अधिक धान ख़रीदा गया था। इस चालू ख़रीफ़ वर्ष में 86 लाख क्विंटल से अधिक धान ख़रीदी का लक्ष्य है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिले की सारी समितियों द्वारा समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन किया जाना है। खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी की पूरी तैयारी एवं समुचित व्यवस्था पूरी कर ली गयी है। धान खरीदी एवं नियंत्रण वार्जित धान के भुगतान हेतु आवश्यक बारदाने एवं परिवहन आदि सुनिश्चित किए गए है। धान खरीदी केन्द्र के लिये अधिकारियों को खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया की समाप्ति तक उपार्जन केन्द्र अधिकारी नियुक्त किए गए है। नोडल अधिकारी प्रतिदिन उपार्जन केन्द्र में उपस्थित होकर दायित्वो एवं समय-समय द्वारा दिये गये निर्देशो का पालन सुनिश्चित करेंगे। किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किये जाने के लिए गत वर्ष पंजीकृत किसानों को कैरी फारवर्ड एवं डाटा अद्यतन कर तथा नवीन किसानों का पंजीयन कर धान की खरीदी की जाएगी। किसान पंजीयन का कार्य कृषि विभाग के एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम दिनांक 31 अक्टूबर 2022 तक किया जाएगा। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में 150220 किसान पंजीकृत थे। अभी तक लगभग 5000 हज़ार नये किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। गत ख़रीफ़ सीजन में 220497 रक़बा था।अब 4428 हेक्टेयर रक़बा बढ़ा है। वही ज़िले में खरीफ सीजन 2020-21 में जिले के एक लाख 40 हजार किसानों ने धान विक्रय हेतु सहकारी समितियों में पंजीयन कराया हैं। जिनका कुल रकबा 02 लाख 11 हजार हेक्टेयर से अधिक था।