जशपुरनगर (शोर सन्देश)। कलेक्टर कावरे ने आज अपने कलेक्ट्रोरेट कक्ष में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के धान उठाव और नागरिक आपूर्ति विभाग की कस्टम मिलिंग राईस भण्डारण के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी कृष्णा जाधव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के.एस. मण्डावी, अपर कलेक्टर आई.एल.ठाकुर, सहाकरिता विभाग के सहायक पंजीयक बी.एक्का, खाद्य विभाग के अधिकारी जी.एस. कंवर, विपणन अधिकारी चन्द्रप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला प्रबंधक मनोज कुमार मिंज और कृषि विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।कलेक्टर महादेव कावरे ने कस्टम मिलिंग के तहत् राईस भंडारण के लिए जिले के अलग-अलग स्थानों ओर गोदामों की जानकारी ली। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर, खाद्य विभाग और विपणन विभाग को कमेटी बनाकर राईस मीलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिये हैं। गडबड़ी करने वालो पर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये है। विपणन अधिकारी ने बताया कि जशपुर जिले के अंतर्गत् कुल 1500 मीट्रिक टन और पत्थलगांव 1800 मीट्रिक टन सहित कुल 3300 मीट्रिक टन चावल का अतिरिक्त भण्डारण की व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से किया गया है। कलेक्टर कावरे ने सभी समिति प्रबंधकों को धान की सुरक्षा के उपाय करने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि अपने जिले में धान की नीलामी नहीं की जा रही है। परंतु अपने जिले के मिर्लस या व्यापारी अन्य जिले से जहॉ धान अधिक खरीदी गया है, वहां के मिर्लस या व्यापारी पंजीयन करा करके भाग ले सकते हैं। ई-नीलामी में भाग लेने के लिए व्यापारियों को अपना पंजीयन कराना होगा। पंजीयन की प्रक्रिया 18 फरवरी से प्रारंभ हो चुकी है। धान की नीलामी, नियम के शर्ते खाद्य विभाग के वेबसाइड खाद्यडॉटसीजीडॉटएनआईसीडॉटइन और मार्कफेड की वेबसाइड- सीजीमार्कफेडडॉटइन पर भी देखी जा सकती है।नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले में चावल का भण्डारण करने के लिए जशपुर और पत्थलगांव में किराया पर गोदाम लिया गया है और वहा चावल का भण्डारण किया गया है। कलेक्टर ने कौशल विकास विभाग के अधिकारी प्रकाश यादव को गौठानों में महिलाओं को मशीन का प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिये हैं, साथ ही युवाओं को सिक्योरिटी गार्ड और एल.ई.डी. बल्व बनाने के लिए भी प्रशिक्षण देने के लिए कहा गया है। कौशल विकास अधिकारी ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड के लिए 60 बच्चों का चयन किया गया है, साथ ही एल.ई.डी. लाईट का प्रशिक्षण देने के लिए भी तैयारी पूरी कर ली गई है। दिव्यांगजनों को भी प्रशिक्षण देने के लिए कार्ययोजना बनायी जा रही है।