रायपुर (शोर सन्देश)। विधानसभा में विपक्ष ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा किया। सदन में विपक्ष ने 16 करोड़ को 1600 करोड़ प्रिंट हो जाने का मामला उठाया। विपक्ष के मुताबिक 505 करोड़ के बजट में 1600 करोड़ की राशि प्रिंट कर दी गई है। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। वहीं बृजमोहन अग्रवाल ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनियमितता का मामला उठाया। बृजमोहन अग्रवाल के मुताबिक किसान परेशान हुए हैं, किसानों ने गिरदावरी मामले में परेशान होकर खुदकुशी भी की है। बहुत किसान धान बेच नहीं पाए। इसके जवाब में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा- कि शनिवार और रविवार होने की वजह से 2 दिन पहले ही धान खरीदी की समय सीमा खत्म हुई। पहले भी शनिवार, रविवार और शासकीय अवकाश के दिन धान खरीदी नहीं होती थी।
21 लाख 52 हजार पंजीकृत किसानों में से 20 लाख 53 हजार किसानों से धान खरीदी हुई। ये सही नहीं है कि गिरदावरी की वजह से परेशान होकर किसान ने खुदकुशी की। बृजमोहन अग्रवाल ने फिर सवाल दागा कि, प्रदेश में कुल कितने किसानों ने धान बोया था। इस पर खाद्य मंत्री अमरजीत ने कहा कि 35 लाख हेक्टेयर में खेती होती है। हमारे पास धान के रकबे और खरीदी की जानकारी है। बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने गिरदावरी संबंधित जानकारी मांगी। इस पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा- इसकी जानकारी राजस्व विभाग से मिलेगी। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट बीजेपी विधायकों ने किया सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं बैलगाड़ी परियोजना का मामला भी सदन में उठाया गया। चैनपुर इलाके में 4 हेक्टेयर जमीन का आबंटन हुआ था। उद्योग मंत्री ने पूर्व जीएम शैलेन्द्र रंगा को निलंबित करने की घोषणा की।
मनेन्द्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल ने विधानसभा में यह मसला उठाया। तृतीय अनुपूरक पर चर्चा शुरू होते ही विपक्ष नाराज हो गया। कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह के टोकने से नाराज अजय चंद्राकर नाराज हो गए। इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीचत काफी नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- जिस तेवर में अजय चंद्राकर भड़के हैं उन्हें खेद व्यक्त करना चाहिए।
बजट सत्र की कार्रवाई के दौरान आयुर्वेदिक अस्पताल के संचालन का मुद्दा भी सदन में गरमाया। धमतरी विधानसभा के आयुर्वेदिक अस्पताल के मुद्दे की गूंज सुनाई दी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कई बार शव पड़ा रहता है लेकिन पोस्टमार्टम नहीं हो पाता। इससे परिवार के लोग द्रवित हो जाते हैं। शासकीय अस्पताल में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने में देरी का मामला भी उठाया गया।
जेसीसीजे विधायक धर्मजीत सिंह ने क्वारंटीन सेंटरों में 14वें वित्त की राशि खर्च करने का मामला उठाया। उन्होंने सवाल किया कि राशि जो खर्च की गई है क्या उसे लौटाया जाएगा। इस पर पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने कि शासन स्तर पर जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष की मानें तो पंचायतों की राशि का उपयोग हो रहा है। सिंहदेव ने कहा कि हम पंचायतों को सशक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सदन में प्रदेश में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार का मुद्दा भी उठाया गया। शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने ये मुद्दा उठाकर कहा कि प्रदेश में महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं, लगातार अनाचार की घटनाएं हो रही हैं।