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वीर बाल दिवस कार्यक्रम में बोले अमित शाह- साहिबजादों का बलिदान युगों तक देता रहेगा प्रेरणा

25-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह बुधवार को हरियाणा दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय ‘वीर बाल दिवस’ कार्यक्रम में शिरकत की और गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान को नमन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की शहादत की गौरवगाथा आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब शहादत की चर्चा होती है, तो मन दुख, पीड़ा और शोक से भर जाता है, क्योंकि जिन बच्चों ने जीवन को ठीक से देखा भी नहीं था, वे शहीद हो गए। लेकिन इसके साथ ही गर्व भी होता है कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने धर्म और देश की रक्षा के लिए अपने चारों साहिबजादों को न्योछावर कर दिया। इसी कारण गुरु गोबिंद सिंह जी को ‘सरवंश दानी’ कहा जाता है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को गुरु गोबिंद सिंह जी और उनके साहिबजादों के जीवन एवं बलिदान के बारे में अवश्य जानना चाहिए।
इतिहास का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि मुगलों का आक्रमण बाबर के समय शुरू हुआ था, जिसका गुरु नानक देव जी ने विरोध किया। यह संघर्ष गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोबिंद सिंह जी तक निरंतर चलता रहा। उन्होंने कहा कि औरंगजेब के अंतिम काल में दशम गुरु का समय था और मुगल शासन का पतन भी गुरुओं के जीवनकाल में ही हुआ। अमित शाह ने बताया कि गुरु नानक देव जी काबा और तमिलनाडु तक गए और समाज से अंधविश्वास दूर करने का संदेश दिया।
इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने हरियाणा में आयोजित सहकारिता सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक समय भारत को अमेरिका से गेहूं आयात करना पड़ता था, लेकिन आज हरियाणा और पंजाब पूरे देश को अन्न उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले एक-दो महीनों में ‘भारत टैक्सी’ सेवा शुरू की जाएगी, जिससे होने वाला पूरा लाभ सीधे लोगों तक पहुंचेगा।
इसके बाद अमित शाह ने पुलिस परेड कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि यह पहली ऐसी बैच है, जिसमें 85% युवा ग्रेजुएट और डबल ग्रेजुएट हैं तथा जिनकी औसत आयु 26 वर्ष है। उन्होंने कहा कि यह पहली बैच है, जो नए कानूनों के तहत अपनी सेवाएं देगी। अमित शाह ने कहा कि पहले पर्ची-खर्ची के आधार पर नौकरियां मिलती थीं, लेकिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिना पर्ची-खर्ची के योग्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है।




 

एस जयशंकर ने श्रीलंका की पीएम अमरसूर्या से की मुलाकात, पुनर्निर्माण में भारत के सहयोग का भरोसा

25-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कोलंबो में श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से मुलाकात की। इस दौरान विदेश मंत्री ने दितवाह तूफान के बाद श्रीलंका के पुनर्निर्माण के लिए भारत के पक्के इरादों का भरोसा दिलाया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लिखा, “आज कोलंबो में श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से मिलकर अच्छा लगा। दितवाह के बाद श्रीलंका के पुनर्निर्माण के लिए भारत के पक्के वादे का भरोसा दिलाया। भारत द्वारा दिया गया पुनर्निर्माण पैकेज हमारे दोनों देशों के बीच गहरे रिश्तों को दर्शाता है।”
इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “मैं यहां प्रधानमंत्री मोदी के विशेष दूत के रूप में हूं और राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के लिए एक संदेश लेकर आया हूं। राष्ट्रपति ने आज सुबह मेरा स्वागत किया और हमने तूफान दितवाह से हुए नुकसान पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी का जो पत्र मैंने सौंपा, वह हमारी ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ भूमिका को आगे बढ़ाता है और श्रीलंका को 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पुनर्निर्माण पैकेज देने का वादा करता है।”
उन्होंने कहा, “हमारी बातचीत इस बात पर केंद्रित रही कि इस वादे को कितनी जल्दी पूरा किया जा सकता है। आपके सबसे करीबी पड़ोसी के रूप में और हमारी ‘पड़ोसी प्रथम’ तथा महासागर नीति के तहत यह स्वाभाविक था कि भारत ऐसे समय में आगे आए, जब श्रीलंका संकट का सामना कर रहा था। हमने ऐसा उस समय भी किया, जब आप आर्थिक कठिनाइयों से गुजर रहे थे।”
एस जयशंकर ने बताया, “हमारा एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरी कोलंबो में मौजूद थे और उन्होंने राहत सामग्री पहुंचाई। इसके बाद हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए। भारतीय वायुसेना के कई एमआई-17 हेलीकॉप्टर दो सप्ताह से अधिक समय तक श्रीलंका में सक्रिय रहे। 80 सदस्यों वाली नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की एक टुकड़ी भी वहां पहुंची, जिसने बचाव और राहत अभियान चलाए।
 

अटल बिहारी वाजपेयी पूरे देश के अभिभावक थे: सीएम योगी आदित्यनाथ

25-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छह दशक तक भारतीय राजनीति को नई ऊंचाई दी और उसे मूल्यों व आदर्शों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारधाराएं भले अलग हों, लेकिन अपनी पहचान और प्रभाव के साथ आगे बढ़ा जा सकता है, यह अटल जी ने सिद्ध किया।
सीएम योगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की प्रेरणा, संघर्ष और संकल्प उनकी कविताओं में भी झलकता है। वे कवि, लेखक, पत्रकार और दूरदृष्टा राजनेता थे। पूरे देश ने उन्हें अभिभावक के रूप में स्वीकार किया और उनसे मार्गदर्शन लिया। दुनिया भी उनका सम्मान करती थी। अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के अजातशत्रु थे।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह की उपस्थिति में बुधवार को ‘अटल गंगा कार्यक्रम’ को संबोधित किया। इस अवसर पर अतिथियों ने ‘अटल महानायक’ पुस्तिका का विमोचन और प्रथम ई-बुक का भी लोकार्पण किया। यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित किया गया।
योगी ने अटल जी की प्रसिद्ध पंक्तियों ‘हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भी किसी नागरिक के सामने संकट आता है, उनकी कविताएं प्रेरणा देती हैं। अटल जी कवि हृदय थे, लेकिन देश के लिए उन्होंने उतनी ही दृढ़ इच्छाशक्ति से कार्य किया। उनके जैसा दूरदर्शी नेता विरले ही होता है।
उन्होंने कहा कि ग्राम्य विकास हो, नगरीय कनेक्टिविटी, देश के भीतर पब्लिक सपोर्ट सिस्टम को नए आयाम देना हो या गरीब कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पं. दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ के सपने को साकार करना-अटल जी का संकल्प पूरी व्यवस्था को नई पहचान देता है।
सीएम योगी ने कहा कि जब अटल जी ने भाजपा की कमान संभाली, तब परिस्थितियां विपरीत थीं, लेकिन उन्होंने दृढ़ता के साथ नेतृत्व किया और कहा-‘अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा’। उन्होंने विपक्ष से कहा था कि भाजपा से लड़ो, भारत से नहीं। ऐसा कथन केवल एक दूरदर्शी राजनेता ही कर सकता है।
उन्होंने अटल जी की कविता ‘मेरे प्रभु मुझे इतनी ऊंचाई कभी न देना, गैरों को गले न लगा सकूं, इतनी रुखाई कभी न देना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हर कार्यकर्ता, हर विचार, हर परिवार और हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। सीएम योगी ने बताया कि अटल जी के शताब्दी महोत्सव के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने हर स्कूल और कॉलेज में प्रतियोगिताएं आयोजित कराई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को लखनऊ में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का लोकार्पण करने आ रहे हैं। इस प्रेरणा स्थल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की 65-65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। यहां डिजिटल म्यूजियम के माध्यम से उनके विचार और दर्शन को देखा जा सकेगा। जो भी वहां जाएगा, वह अभिभूत होकर लौटेगा।
सीएम योगी ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां ओपन थिएटर में तीन हजार लोग बैठ सकते हैं। मंच भी काफी विशाल है और मैदान में एक साथ दो लाख लोग एकत्र हो सकते हैं। यह लखनऊ का सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सबसे बड़ा स्थल है। यहां चार हजार बसों और चार पहिया वाहनों की पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है, जिससे कार्यक्रमों के आयोजन में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
कार्यक्रम संयोजक और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अतिथियों का स्वागत किया। ‘अटल गीत गंगा’ कार्यक्रम के तहत कवि कुमार विश्वास ने एकल कविता पाठ भी किया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, सांसद बृजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। 

भारत रत्न महामना पं मदन मोहन मालवीय की जयंती पर पीएम मोदी सहित नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

25-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक और महान समाज सुधारक भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मातृभूमि की सेवा में आजीवन समर्पित रहे भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए समाज सुधार के साथ राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश के शिक्षा जगत में उनका अतुलनीय योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।”
अमित शाह ने लिखा, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक और महान समाज सुधारक भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को उनकी जयंती पर नमन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पर लिखा, “बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक और महान समाज सुधारक भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को उनकी जयंती पर नमन। शिक्षा को समाज सुधार का मूल मंत्र मानने वाले मालवीय ने बीएचयू की स्थापना के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित आधुनिक शिक्षा के लिए युवाओं को प्रेरित किया। प्रेस को राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम बनाने में भी उनका अहम योगदान रहा। अस्पृश्यता उन्मूलन के प्रयासों और किसान हितैषी कार्यों के लिए आजीवन संकल्पित महामना का योगदान चिरस्मरणीय है।”
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लिखा, “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रबल समर्थक, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक, ‘भारत रत्न’ महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। शिक्षा के अग्रदूत रहे मालवीय ने जन-जन के अंतर्मन में भारतीयता के विचार को और प्रखर करते हुए युवाओं में चरित्र निर्माण की आधारशिला रखी। स्वभाषा और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए उनका महनीय योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा।”
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। शिक्षा, राष्ट्रनिर्माण और भारतीय मूल्यों के संरक्षण के लिए उनका जीवन समर्पित रहा। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के माध्यम से उन्होंने ज्ञान, संस्कार और आत्मनिर्भर भारत की जो मजबूत नींव रखी, वह आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा, काशी हिंदू विश्वविद्यालय जैसे गौरवशाली संस्थान की स्थापना कर महामना ने उच्च आदर्शों और विचारों से समाज को कराया परिचित 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “भारतीय भाषाओं के प्रबल पक्षधर, शिक्षा एवं संस्कार के अग्रदूत, ‘भारत रत्न’ महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। काशी हिंदू विश्वविद्यालय जैसे गौरवशाली संस्थान की स्थापना कर महामना ने उच्च आदर्शों और विचारों से समाज को परिचित कराया। वे सच्चे अर्थों में राष्ट्र निर्माता थे और उनका जीवन भारतीय जनमानस के लिए निरंतर प्रेरणा स्रोत है।”





 

अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर पीएम मोदी का नमन, उनके योगदान को बताया अविस्मरणीय

25-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री और ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें नमन किया। पीएम मोदी ने कहा कि अटलजी ने अपना संपूर्ण जीवन सुशासन और राष्ट्र निर्माण को समर्पित कर दिया और उनका व्यक्तित्व, कृतित्व व नेतृत्व देश के चहुंमुखी विकास के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक बना रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “देशवासियों के हृदय में बसे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सुशासन और राष्ट्र निर्माण को समर्पित कर दिया। वे प्रखर वक्ता होने के साथ-साथ ओजस्वी कवि के रूप में भी सदैव स्मरणीय रहेंगे। उनका व्यक्तित्व, कृतित्व और नेतृत्व देश के चहुंमुखी विकास के लिए पथ-प्रदर्शक बना रहेगा।”
नरेंद्र मोदीने अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़े अपने पुराने भाषणों का एक वीडियो भी साझा किया। इसमें उन्होंने कहा था, “अटलजी की वाणी सिर्फ भाजपा की आवाज नहीं थी, बल्कि एक समय ऐसा भी था जब अटलजी की वाणी भारत के सामान्य मानवीय आशाओं और आकांक्षाओं की वाणी बन चुकी थी। अटलजी बोल रहे हैं, मतलब देश बोल रहा है। वे अपनी भावनाओं को नहीं, बल्कि देश के जन-जन की भावनाओं को समेटकर उन्हें अभिव्यक्ति देते थे।”
पीएम मोदी ने अपने संदेश में आगे कहा, “यह देश अटलजी के योगदान को कभी नहीं भूल सकता। उनके नेतृत्व में भारत ने परमाणु शक्ति के क्षेत्र में भी देश का सिर ऊंचा किया। पार्टी नेता, संसद सदस्य, मंत्री या प्रधानमंत्री- अटलजी ने प्रत्येक भूमिका में एक आदर्श स्थापित किया।”
एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा, “अटलजी की जन्म-जयंती हम सभी के लिए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का विशेष अवसर है। उनका आचरण, शालीनता, वैचारिक दृढ़ता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प भारतीय राजनीति के लिए एक आदर्श मानक है। उन्होंने अपने जीवन से सिद्ध किया कि श्रेष्ठता पद से नहीं, आचरण से स्थापित होती है और वही समाज को दिशा देती है।”
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक सुभाषित- ‘यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः। स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥’- भी साझा किया, जो अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और व्यक्तित्व के एक महत्वपूर्ण पहलू को रेखांकित करता है।




 

राष्ट्रपति मुर्मु, प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं ने दी क्रिसमस की शुभकामनाएं

25-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) क्रिसमस का पर्व देशभर में पूरे हर्षोल्लास और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रेम, करुणा और सद्भाव का संदेश दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि क्रिसमस के शुभ अवसर पर वह सभी देशवासियों, विशेषकर ईसाई भाई-बहनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हैं। उन्होंने कहा, “हर्ष और उल्लास का पर्व क्रिसमस प्रेम और करुणा का संदेश देता है। यह प्रभु यीशु मसीह द्वारा मानवता के कल्याण के लिए दिए गए बलिदान की स्मृति कराता है। यह पर्व समाज में शांति, सद्भाव, समानता और सेवा की भावना को और सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है। आइए, हम सभी ईसा मसीह के दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लें और दया व समरसता से परिपूर्ण समाज का निर्माण करें।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी क्रिसमस के अवसर पर ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “सभी को शांति, करुणा और आशा से भरे क्रिसमस की शुभकामनाएं। प्रभु यीशु मसीह की शिक्षाएं हमारे समाज में सद्भाव और भाईचारे को और मजबूत करें।”
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मेरी क्रिसमस। क्रिसमस पर्व की हार्दिक बधाई। यह त्योहार आपके जीवन में खुशहाली, आनंद, स्नेह और प्रेम की वर्षा करे। सेवा, सौहार्द और भाईचारे की भावना से प्रत्येक मन समृद्ध और आनंदित हो।”
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी क्रिसमस की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “क्रिसमस के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु यीशु मसीह से राज्य में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करता हूं।


 

महाराष्ट्र निकाय चुनाव में महायुति की प्रचंड जीत, जनता ने विकास और सुशासन को दिया समर्थन: राजनाथ सिंह

22-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) महाराष्ट्र की नगर पंचायत और नगर परिषद चुनावों में महायुति की प्रचंड जीत पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों से यह स्पष्ट हो गया है कि जनता विकास और सुशासन की राजनीति के साथ मजबूती से खड़ी है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे बताते हैं कि भारत की जनता सुशासन और विकास की राजनीति के साथ मजबूती से खड़ी है, जो भाजपा की पहचान है। जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। मैं महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश की जनता को उनके समर्थन के लिए तथा पार्टी कार्यकर्ताओं को उनकी कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद देता हूं।”
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा कि महाराष्ट्र विकास के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भाजपा और महायुति को आशीर्वाद देने के लिए महाराष्ट्र की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जन-केंद्रित विकास के हमारे दृष्टिकोण में जनता के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार राज्यभर के प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नई ऊर्जा के साथ कार्य करती रहेगी। साथ ही उन्होंने भाजपा और महायुति कार्यकर्ताओं की जमीनी स्तर पर की गई कड़ी मेहनत की सराहना की।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी ‘एक्स’ पर लिखा कि महाराष्ट्र में नगर पंचायत और नगर परिषद चुनावों में महायुति की ऐतिहासिक विजय के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, एनडीए के सदस्यों और प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के नेतृत्व में भाजपा तथा एनडीए के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि यह प्रचंड जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को जनता के अटूट समर्थन का प्रमाण है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों में भारतीय जनता पार्टी के प्रदर्शन को ऐतिहासिक जनादेश बताया। चुनाव परिणाम आने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के 20-25 वर्षों के इतिहास में यह जीत अभूतपूर्व है।









 

राष्ट्रपति ने ‘वीबी-जी राम जी विधेयक’ को दी मंजूरी, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी

22-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी विधेयक, 2025’ को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी।
राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ ही यह विधेयक कानून का रूप ले चुका है। यह कानून दो दशक पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेगा। नया अधिनियम केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन से जुड़ा हुआ है और इसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में रोजगार को अधिक उत्पादक, टिकाऊ तथा अवसंरचना निर्माण से जोड़ना है।
नए कानून की प्रमुख विशेषता यह है कि ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी, जो मनरेगा के तहत मिलने वाले 100 दिनों से 25 दिन अधिक है। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा मजबूत होगी और वे राष्ट्रीय विकास में अधिक योगदान दे सकेंगे। जहां सरकार ने इसे ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है, वहीं विपक्ष ने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने और राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने का आरोप लगाया है।
विधेयक में मजदूरी भुगतान को साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर अनिवार्य किया गया है। भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को मुआवजा देने का भी प्रावधान है। कृषि मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्यों को 60 दिनों की विराम अवधि का विकल्प दिया गया है, ताकि श्रमिक बुवाई और कटाई के दौरान कृषि कार्यों के लिए उपलब्ध रह सकें। इस कानून के तहत मिलने वाले कार्य चार प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े होंगे। इनमें जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका अवसंरचना, और मौसम प्रतिकूलता से निपटने के उपाय शामिल हैं।
वित्तीय ढांचे के तहत केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 की साझेदारी होगी, जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 निर्धारित किया गया है। साथ ही प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6% से बढ़ाकर 9% कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कानून ग्रामीण रोजगार को केवल कल्याणकारी योजना तक सीमित न रखकर उसे दीर्घकालिक विकास और परिसंपत्ति निर्माण का माध्यम बनाएगा।
गौरतलब है कि इस विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्ष के भारी विरोध के बीच पारित किया गया था। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे ग्रामीण गरीबों के अधिकारों पर हमला बताया है। वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे रोजगार का अधिकार और अधिक मजबूत हुआ है तथा परिसंपत्ति निर्माण पर जोर देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। 










 

डीआरडीओ–आरआरयू में समझौता: रक्षा और आंतरिक सुरक्षा में बढ़ेगा सहयोग- अनुसंधान, शिक्षा और प्रशिक्षण को मिलेगी नई गति

22-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) ने अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण तथा रक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस एमओयू पर डीआरडीओ की वैज्ञानिक एवं महानिदेशक (उत्पादन समन्वय एवं सेवा अंतःक्रिया) डॉ. चंद्रिका कौशिक और आरआरयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) बिमल एन. पटेल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक में हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत भी मौजूद रहे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते का उद्देश्य भारत की रक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा प्रणालियों में स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं और आत्मनिर्भरता को और अधिक मजबूत बनाना है। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘अमृत काल’ की व्यापक राष्ट्रीय दृष्टि को आगे बढ़ाती है। इसके तहत सामूहिक भागीदारी के माध्यम से सुरक्षा तंत्र को अत्याधुनिक और अधिक सक्षम बनाने की परिकल्पना की गई है।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय महत्व की संस्था है और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा नामित ‘रक्षा अध्ययन हेतु नोडल केंद्र’ के रूप में कार्यरत है। यह विश्वविद्यालय आंतरिक सुरक्षा, नीति निर्माण, प्रशिक्षण और अकादमिक क्षेत्रों में व्यापक विशेषज्ञता रखता है।
वहीं डीआरडीओ भारत का शीर्ष रक्षा अनुसंधान संगठन है, जो देश की सशस्त्र सेनाओं और सुरक्षा एजेंसियों के लिए अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीकों और प्रणालीगत समाधानों का विकास करता है। दोनों संस्थानों के बीच इस साझेदारी से अकादमिक ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण, परिचालन अनुभव और अत्याधुनिक तकनीक का एक सशक्त संयोजन तैयार होगा।
समझौते के तहत संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, रक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी उभरती चुनौतियों पर तकनीकी और नीतिगत अनुसंधान, तथा पीएचडी और फेलोशिप कार्यक्रम शामिल किए गए हैं। इसके माध्यम से युवा शोधकर्ताओं और सुरक्षा विशेषज्ञों को उन्नत अनुसंधान के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, विशेषीकृत प्रशिक्षण और क्षमता-वृद्धि कार्यक्रम भी लागू किए जाएंगे।
इस सहयोग में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और गृह मंत्रालय से संबद्ध अन्य एजेंसियों की भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन, सुरक्षा परिदृश्य में उभरते जोखिमों, तकनीकी अंतरालों और आवश्यक क्षमताओं का पूर्वानुमान भी शामिल है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में ज्ञान-साझाकरण, संयुक्त नवाचार और तकनीकी एकीकरण को नए आयाम देगा। डीआरडीओ और आरआरयू का यह सहयोग भारत की सामरिक क्षमता, परिचालन तैयारी और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को और अधिक सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

घने कोहरे का असर: AAI ने उड़ानों में देरी और रद्द होने की चेतावनी जारी की

21-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की ओर से रविवार को एक एडवाइजरी जारी कर फ्लाइट ऑपरेशन में देरी और बदलाव की चेतावनी दी। एएआई का कहना है कि कम विजिबिलिटी के कारण ऑपरेशन में देरी और बदलाव की संभावना है, क्योंकि उत्तर भारत में घना कोहरा छाया हुआ है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में एएआई ने कहा, “उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में कोहरे की स्थिति विजिबिलिटी को प्रभावित कर रही है और चुनिंदा एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन में देरी या बदलाव हो सकता है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी एयरलाइंस से आधिकारिक चैनलों के माध्यम से फ्लाइट अपडेट चेक करें और एयरपोर्ट यात्रा और फॉर्मेलिटी के लिए अतिरिक्त समय दें। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने प्रभावित एयरपोर्ट पर ऑन-ग्राउंड सपोर्ट देने के लिए पैसेंजर सहायता टीमें तैनात की हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
इसी बीच, इंडिगो की ओर से भी कम विजिबिलिटी के कारण प्रभावित फ्लाइट शेड्यूल को लेकर एडवाइजरी जारी की गई। इंडिगो ने ‘एक्स’ पोस्ट पर एक बयान में कहा, “बेंगलुरु और अमृतसर में कम विजिबिलिटी और कोहरे ने फ्लाइट शेड्यूल को प्रभावित किया है। हम मौसम पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और आपको सुरक्षित और सुचारू रूप से आपकी मंजिल तक पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप अपनी फ्लाइट की स्थिति के बारे में अपडेट रहें। कृपया निश्चिंत रहें कि हमारी टीमें हर कदम पर आपकी सहायता करने और पूरा समर्थन देने के लिए यहां हैं।”
इंडिगो ने आगे कहा कि हमें उम्मीद है कि जल्द ही आसमान साफ हो जाएगा और हम आपकी बेहतर सेवा कर पाएंगे, और इस मुश्किल समय में आपके धैर्य और समझ के लिए धन्यवाद। बता दें कि इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (आईएमडी) ने घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी दी, जिससे विजिबिलिटी और कम हो गई और प्रदूषण बढ़ गया। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ के बड़े हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।













 



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