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अमित शाह का तीन दिवसीय बंगाल दौरा आज से, चुनावी तैयारियों का लेंगे जायजा

29-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार रात से पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह अगले साल राज्य में होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
अमित शाह सोमवार शाम कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके तुरंत बाद वह भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई की कोर टीम के साथ बंद कमरे में बैठक करेंगे, जिसमें चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक स्थिति पर चर्चा की जाएगी।
राज्य समिति के एक सदस्य के अनुसार, गृह मंत्री पार्टी की संगठनात्मक मजबूती की समीक्षा के साथ-साथ भाजपा की राज्य समिति के गठन को लेकर अंतिम सुझाव भी दे सकते हैं। इसके अलावा, वह राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े संवेदनशील मुद्दों से निपटने के लिए एक स्पष्ट रणनीति तय कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की समग्र कैंपेन रणनीति की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। इसमें उन प्रमुख मुद्दों को चिह्नित किया जाएगा, जिन्हें चुनाव के दौरान जनता के बीच प्रमुखता से उठाया जाना है।
नए साल के माहौल को देखते हुए अमित शाह अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान किसी भी सार्वजनिक रैली, रोड शो या जनसभा को संबोधित नहीं करेंगे। 30 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री मीडिया से बातचीत करेंगे। इसके अलावा वह मध्य कोलकाता स्थित इस्कॉन मंदिर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यालय का दौरा करेंगे, जहां वे संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
अपने दौरे के अंतिम दिन 31 दिसंबर को अमित शाह कोलकाता में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जिसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा का संचार करना है। इसके बाद वह 31 दिसंबर की शाम नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। 









 

बांग्लादेश में हो रही हिंसक घटनाओं पर भारत की नजर, विदेश मंत्रालय ने बताया गंभीर चिंता का विषय

27-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत ने पड़ोसी देश बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों के खिलाफ “अविराम शत्रुता” एक गंभीर विषय है और भारत वहां के हालात पर करीब से नजर बनाए हुए है।
शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत मयमनसिंह में एक हिंदू युवक की हत्या की कड़ी निंदा करता है और उम्मीद करता है कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2,900 से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें हत्या, आगजनी और जमीन पर कब्जे जैसी घटनाएं शामिल हैं।
जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि इन घटनाओं को मीडिया की अति शयोक्ति या केवल राजनीतिक हिंसा बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने बांग्लादेश में भारत विरोधी “झूठे नैरेटिव” को भी सिरे से खारिज किया और कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है।
इस बीच, बांग्लादेशी मीडिया ने गुरुवार को एक और हिंदू युवक(29 वर्षीय अमृत मंडल) की हत्या की खबर दी। बताया गया कि बुधवार देर रात उन्हें भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। इससे पहले 18 दिसंबर को 25 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की झूठे ईशनिंदा आरोपों के बाद भीड़ द्वारा नृशंस हत्या कर दी गई थी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और बांग्लादेशी अधिकारियों के संपर्क में है। भारत ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा दी जाए।
इससे पहले 17 दिसंबर को भारत ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह को तलब कर वहां की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। मंत्रालय ने यह भी चिंता जताई कि कुछ चरमपंथी तत्व ढाका स्थित भारतीय मिशन के आसपास सुरक्षा संकट पैदा करने की योजना बना रहे हैं। भारत ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से अपील की है कि वह अपनी कूटनीतिक जिम्मेदारियों के तहत भारतीय मिशनों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।





 

गुजरात: राजनाथ सिंह ने आदिवासी महिलाओं को रोजगार से जोड़ने वाले सेंटर का किया उद्घाटन

27-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को गुजरात के वलसाड जिले के धरमपुर पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वूमेन का विधिवत उद्घाटन किया। यह विशेष केंद्र खासकर आदिवासी बहुल इलाकों में रहने वाली महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
उद्घाटन के दौरान राजनाथ सिंह ने श्रीमद राजचंद्र मिशन आश्रम की विभिन्न सामाजिक और सेवा गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने आदिवासी महिलाओं की आजीविका, कौशल विकास और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की खूब सराहना की।
मिशन द्वारा संचालित कार्यक्रमों में महिलाओं को प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर और स्वरोजगार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे क्षेत्र में गरीबी और बेरोजगारी कम हो रही है। श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर ने राजनाथ सिंह के आगमन पर उनका स्वागत किया। आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से पोस्ट कर बताया गया, “श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर हमारे रक्षा मंत्री राजनाथ का धरमपुर में विनम्रतापूर्वक स्वागत करता है। पूज्य गुरुदेव श्री राकेशजी की पवित्र उपस्थिति में श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर विमेन का उद्घाटन महिलाओं के लिए गरिमा, आत्मनिर्भरता और स्थायी आजीविका को बनाए रखते हुए सार्थक सामाजिक परिवर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक जागृति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
एक अन्य पोस्ट में लिखा, “राजनाथ सिंह ने पूज्य गुरुदेव राकेशजी की पवित्र उपस्थिति में धरमपुर में श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर विमेन का उद्घाटन किया। यह सेंटर 11 एकड़ में बना अपनी तरह का एक अनोखा इंटीग्रेटेड अत्याधुनिक कैंपस है। यह ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का एक परिवर्तनकारी मॉडल प्रस्तुत करता है, जो आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाओं को दूर करने के लिए एकीकृत सहायता प्रदान करता है।”
उन्होंने लिखा, “सार्वभौमिक भाईचारे पर उनकी शिक्षाओं और दुनियाभर में लाखों लोगों के दुख को कम करने में उनके प्रभाव का सम्मान करते हुए राजनाथ सिंह ने गुरुदेव राकेशजी की पवित्र उपस्थिति में श्रीमद राजचंद्रजी को नमन किया, जिनकी मूर्ति श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर विमेन के परिसर की शोभा बढ़ाती है।”


 

साहस और त्याग के प्रतीक गुरु गोबिंद सिंह को प्रकाशोत्सव पर प्रधानमंत्री ने किया नमन

27-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुरु गोबिंद सिंह जी के पवित्र प्रकाशोत्सव के अवसर पर उन्हें नमन किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पवित्र प्रकाश उत्सव पर हम उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। वे साहस, करुणा और बलिदान की मूर्ति हैं। उनका जीवन और शिक्षाएं हमें सच्चाई, न्याय, धर्म के लिए खड़े होने और मानवीय गरिमा की रक्षा करने के लिए प्रेरित करती हैं। गुरु गोबिंद सिंह जी का विजन पीढ़ियों को सेवा और निस्वार्थ कर्तव्य के लिए मार्गदर्शन करता रहता है।”
उन्होंने इस साल की शुरुआत में तख्त हरिमंदिर जी पटना साहिब की अपनी यात्रा की कुछ यादगार तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में प्रधानमंत्री को गुरुद्वारे में प्रार्थना करते, जोड़ा साहिब के दर्शन करते और सेवादारों के साथ लंगर परोसते हुए देखा जा सकता है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी गुरु गोबिंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अन्याय और दमन के विरुद्ध चेतना जागृत करने वाले, खालसा पंथ के संस्थापक, ‘सरबंस दानी’ साहिब-ए-कमाल गुरु गोबिंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।”
उन्होंने आगे लिखा, “गुरु साहिब का जीवन शौर्य, त्याग और आध्यात्मिक उत्कर्ष का अद्वितीय समन्वय है। उन्होंने मानवता को यह संदेश दिया कि धर्म, सत्य और मर्यादा की रक्षा हेतु सर्वस्व का समर्पण ही सर्वोच्च मानवीय कर्तव्य है। उनके आदर्श, बलिदान और महान गुरु परंपरा के प्रति उनकी अडिग निष्ठा युगों-युगों तक समाज और राष्ट्र का मार्गदर्शन करती रहेगी।”
सीएम रेखा गुप्ता ने दशम गुरु के चरणों के नमन करते हुए लिखा, “उनके सत्य, सेवा और बलिदान के सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा है।” गुरु गोबिंद सिंह सिखों के दसवें और अंतिम गुरु थे। पटना साहिब वह पवित्र स्थल है, जहां 1666 में गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म हुआ था। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की, जो साहस, समानता और न्याय का प्रतीक बना। मुगल अत्याचारों के खिलाफ उन्होंने योद्धा बनकर संघर्ष किया और पांच प्यारों को अमृत छकाकर खालसा का जन्म दिया।













 

भारतीय रेल: अगले पांच साल में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत 48 स्टेशनों की क्षमता दोगुनी होगी

27-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत रेलवे अगले पांच वर्षों में देश में दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत 48 रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों को संभालने की क्षमता को दोगुना करने की योजना पर काम कर रहा है। यह जानकारी सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में दी गई। 
सरकार ने जिन शहरों में रेलवे स्टेशनों की ट्रेनों को संभालने की क्षमता को दोगुना करने की योजना बनाई है। उनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु, पटना, लखनऊ, चंडीगढ़, जयपुर, भोपाल, गुवाहाटी, वाराणसी, आगरा, पुरी, कोचीन, कोयंबटूर, वडोदरा, सूरत, अमृतसर, लुधियाना, विशाखापट्टनम, तिरूपति, कोयंबटूर, विजयवाड़ा और मैसूर आदि का नाम शामिल है।
स्टेशनों की ट्रेनों की संभालने के लिए कई प्रकार के बदलाव किए जाएंगे, जिनमें मौजूदा टर्मिनल्स में नए प्लेटफॉर्म को जोड़ना, स्टेब्लिंग लाइनें, पिट लाइनें, और पर्याप्त शंटिंग सुविधाएं, साथ ही शहरी इलाके में और उसके आसपास नए टर्मिनल पहचानना और बनाना शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि स्टेशनों पर रखरखाव की सुविधाओं का विकास का काम भी किया जाएगा, जिसमें मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स और ट्रैफिक सुविधा कार्यों के साथ सेक्शनल क्षमता बढ़ाना, सिग्नलिंग अपग्रेडेशन, और अलग-अलग पॉइंट्स पर बढ़ी हुई ट्रेनों को संभालने के लिए जरूरी मल्टी ट्रैकिंग भी शामिल है।
टर्मिनल की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाते समय, टर्मिनल के आस-पास के स्टेशनों पर भी विचार किया जाएगा ताकि क्षमता समान रूप से संतुलित रहे। उदाहरण के लिए, पुणे के लिए, पुणे स्टेशन पर प्लेटफार्म और स्टेबलिंग लाइनों को बढ़ाने के साथ-साथ हडपसर, खडकी और आलंदी पर भी क्षमता बढ़ाने पर विचार किया गया है।
बयान में कहा गया है, “हालांकि क्षमता को दोगुना करने का प्लान 2030 तक का है, लेकिन उम्मीद है कि अगले 5 सालों में क्षमता को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा ताकि क्षमता बढ़ने का फायदा तुरंत मिल सके। इससे आने वाले सालों में ट्रैफिक की जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी। इस प्लान में कामों को तीन कैटेगरी- तत्काल, शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म में बांटा जाएगा।”
सभी जोनल रेलवे के जनरल मैनेजरों को लिखे एक लेटर में, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ सतीश कुमार ने कहा कि प्रस्तावित प्लान स्पेसिफिक होना चाहिए, जिसमें साफ टाइमलाइन और तय नतीजे हों। हालांकि यह काम खास स्टेशनों पर फोकस करता है, लेकिन हर जोनल रेलवे को अपने डिवीजनों में ट्रेन हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने का प्लान बनाना चाहिए, यह पक्का करते हुए कि न सिर्फ टर्मिनल क्षमता बढ़े, बल्कि स्टेशनों और यार्ड में सेक्शनल क्षमता और ऑपरेशनल दिक्कतों को भी प्रभावी ढंग से हल किया जाए। 

संथाली भाषा में संविधान जारी, पीएम मोदी बोले- आदिवासी समाज के लिए ऐतिहासिक पहल

26-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संथाली भाषा में भारत के संविधान के प्रकाशन की सराहना करते हुए इसे एक तारीफ के काबिल प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि इससे आदिवासी समुदायों के बीच संवैधानिक जागरूकता बढ़ेगी और लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूती मिलेगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह एक तारीफ के काबिल काम है। संथाली भाषा में संविधान का प्रकाशन संवैधानिक जागरूकता और लोकतांत्रिक नागरिकता को बढ़ावा देगा। भारत को अपनी समृद्ध भाषाई संस्कृति और देश की प्रगति में जनजातीय भाषाओं के योगदान पर गर्व है।”
प्रधानमंत्री की यह प्रतिक्रिया राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ओल चिकी लिपि में संथाली भाषा में भारत के संविधान के औपचारिक प्रकाशन के बाद आई है। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने इसे संथाली समुदाय के लिए गर्व और खुशी का क्षण बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से लोग अपनी मातृभाषा में संविधान को पढ़ने और समझने में सक्षम होंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2025 में ओल चिकी लिपि की शताब्दी मनाई जा रही है और इसी अवसर पर संथाली भाषा में संविधान का प्रकाशन ऐतिहासिक महत्व रखता है।
उन्होंने विधि एवं न्याय मंत्री और उनकी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि शताब्दी वर्ष में संविधान को ओल चिकी लिपि में प्रकाशित करना एक सराहनीय प्रयास है। राष्ट्रपति ने कहा कि संथाली भाषा में संविधान की उपलब्धता अधिकारों, कर्तव्यों और संवैधानिक मूल्यों को अधिक सुलभ बनाकर आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाएगी।
गौरतलब है कि संथाली भाषा को 92वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2003 के तहत संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था। यह भारत की सबसे प्राचीन जीवित भाषाओं में से एक है और झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार में बड़ी संख्या में लोग इसे बोलते हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने क्षेत्रीय भाषा में संबोधित करते हुए कहा कि संथाली भाषा में भारत का संविधान जारी किया जाना पूरे संथाली समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने दोहराया कि स्वदेशी भाषाओं में संविधान की उपलब्धता नागरिकों और लोकतांत्रिक व्यवस्था के बीच की दूरी को कम करती है, जिससे व्यापक भागीदारी और समावेशिता को बढ़ावा मिलता है।



 

वीर बाल दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने साहिबजादों को किया नमन

26-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को वीर बाल दिवस के अवसर पर साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस साहिबजादों के साहस, त्याग और बलिदान को याद करने का दिन है।
पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर साझा किए अपने संदेश में कहा कि इस अवसर पर माता गुजरी जी की अडिग आस्था और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की अमर शिक्षाओं का भी स्मरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस साहस, दृढ़ संकल्प और धर्मनिष्ठा से जुड़ा हुआ दिन है।
https://x.com/narendramodi/status/2004388660041675064?s=20
पीएम मोदी ने कहा कि साहिबजादों के जीवन और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने देशवासियों से उनके मूल्यों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि सिखों के दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार पुत्र साहिबजादा अजीत सिंह, साहिबजादा जुझार सिंह, साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह थे। साहिबजादा अजीत सिंह और साहिबजादा जुझार सिंह ने वर्ष 1705 में चमकौर के युद्ध में मुगल सेना से लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की।
वहीं, छोटे साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह को सरहिंद में इस्लाम स्वीकार करने से इनकार करने पर दीवार में जीवित चिनवा दिया गया। माता गुजरी जी ने भी इस पीड़ा के बीच अपने प्राण त्याग दिए।
साहिबजादों का यह सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास में धर्म, सत्य और मानव मूल्यों की रक्षा के लिए दिए गए अद्वितीय उदाहरण के रूप में स्मरण किया जाता है। वीर बाल दिवस हर वर्ष 26 दिसंबर को उनके शौर्य, बलिदान और अटूट आस्था को नमन करने के लिए मनाया जाता है। 


 

पीएम मोदी भारत मंडपम में ‘वीर बाल दिवस’ समारोह में होंगे शामिल

26-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ‘वीर बाल दिवस’ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम दोपहर करीब 12:15 बजे भारत मंडपम में शुरू होगा, जहां प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद लोगों को संबोधित करेंगे।
वीर बाल दिवस’ गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे बेटों, बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी, की बहादुरी और बलिदान का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। कम उम्र में उनकी शहादत भारत के इतिहास के सबसे मार्मिक अध्यायों में से एक है, जो अत्याचार के सामने अटूट साहस का प्रतीक है।
इस कार्यक्रम की घोषणा सबसे पहले पीएम मोदी ने जनवरी 2022 में गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के दौरान की थी। भारत सरकार पूरे देश में कई तरह के कार्यक्रम कर रही आयोजित इस मौके पर, भारत सरकार पूरे देश में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
इनमें कहानी सुनाने के सेशन, कविता पाठ, पोस्टर बनाने और निबंध लिखने की प्रतियोगिताएं शामिल हैं। ये सभी बच्चों और युवाओं को साहिबजादों की विरासत से जोड़ने के लिए तैयार किए गए हैं।
माईगव और माईभारत पोर्टल पर अतिरिक्त ऑनलाइन कार्यक्रम भी किए जाएंगे होस्ट ये एक्टिविटीज स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, चाइल्ड केयर संस्थानों और अन्य लर्निंग जगहों पर आयोजित की जाएंगी, साथ ही माईगव और माईभारत पोर्टल पर अतिरिक्त ऑनलाइन कार्यक्रम भी होस्ट किए जाएंगे।’
भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) पाने वाले भी मौजूद रहेंगे, जिससे दिन के कार्यक्रम में एक खास रौनक आएगी।’वीर बाल दिवस’ साहिबजादों की बहादुरी और बलिदान का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है, जिनकी शहादत भारत के इतिहास का एक अहम हिस्सा है और जिसे पीढ़ियों तक याद किया जाता रहेगा। 






 

राष्ट्र प्रेरणा स्थल देश की महान विभूतियों के आदर्शों को समर्पित एक प्रेरणादायी स्मारक है: पीएम मोदी

26-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की बसंत कुंज योजना स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं का अवलोकन किया और उन्हें नमन किया। लखनऊ दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोकार्पण कार्यक्रम की तस्वीरें भी साझा कीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल हमारे देश की महान विभूतियों के जीवन, उनके आदर्शों और अमूल्य विरासत को समर्पित एक प्रेरणादायी स्मारक है। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस के अवसर पर लखनऊ में इसका लोकार्पण कर उन्हें अपार गौरव और आत्मिक संतोष की अनुभूति हुई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने राजनीतिक रूप से भाजपा को लंबे समय तक अछूत बनाए रखा, लेकिन भाजपा के संस्कारों ने हमेशा सबका सम्मान करना सिखाया है, जिसके अनेक उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती सुशासन का उत्सव मनाने का भी दिन है। भाजपा-एनडीए सरकार ने सुशासन की जो विरासत बनाई है, उसे आज एक नया विस्तार दिया जा रहा है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का विजन था कि कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक हर सुविधा पहुंचे। आज जब सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंच रहा है, तो अंत्योदय का उनका सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नींव रखी थी और उनकी प्रेरणा से आज सरकार इसे और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल उस सोच का प्रतीक है, जिसने भारत को आत्मसम्मान, एकता और सेवा का मार्ग दिखाया है। यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं यह संदेश देती हैं कि हर कदम और हर प्रयास राष्ट्र-निर्माण को समर्पित होना चाहिए।
मोदी ने कहा कि लखनऊ के लोगों का उत्साह और उमंग इस बात का प्रमाण है कि देश की महान विभूतियों के आदर्श, मूल्य और राष्ट्रसेवा की भावना आज भी जन-जन का मार्गदर्शन कर रही है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल में कमल पुष्प के आकार का अत्याधुनिक संग्रहालय निस्वार्थ नेतृत्व और सुशासन की भावना को सजीव रूप में प्रस्तुत करता है। यह स्थल आने वाली पीढ़ियों को हमारे जननायकों के आदर्शों को आत्मसात कर जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता रहेगा। 

 

PMO ने शेयर किया ‘विकसित भारत-जी राम जी’ एक्ट का मकसद और महत्व

25-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा ‘विकसित भारत-जी राम जी’ पर लिखे गए लेख को साझा किया है। पीएमओ ने बताया कि ‘विकसित भारत-जी राम जी’ एक्ट 2025 को आय सहायता और बड़े ग्रामीण विकास के बीच एक सशक्त संबंध के रूप में देखा जा रहा है। लेख में इस एक्ट को केवल योजनाओं या घटनाओं की श्रृंखला के रूप में नहीं, बल्कि इनकम सपोर्ट, संपत्ति निर्माण, कृषि स्थिरता और समग्र ग्रामीण विकास को जोड़ने वाले व्यापक आर्थिक ढांचे के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
पीएमओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “इस विधेयक को तैयार करने से पहले केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ व्यापक परामर्श किया। तकनीकी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया और किसानों, ग्रामीण समुदायों, विशेषज्ञों व नीति निर्माताओं के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की गई, ताकि जमीनी जरूरतों और व्यावहारिक चुनौतियों को समझा जा सके।”
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस लेख पर पीएमओ ने कहा कि यह जानकारीपूर्ण लेख ‘विकसित भारत-जी राम जी’ एक्ट 2025 की मूल भावना को उजागर करता है। यह कानून आय सहायता, परिसंपत्ति निर्माण, कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता और समुदाय के नेतृत्व वाले ग्रामीण विकास को अलग-अलग पहलुओं के रूप में नहीं, बल्कि आपस में जुड़े तत्वों के रूप में देखता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों व ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक्ट का उद्देश्य केवल अल्पकालिक सहायता देना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ विकास की नींव रखना है। इसके तहत रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचा विकास, कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है।
शिवराज सिंह चौहान ने लेख में कहा कि अक्सर बदलाव मौके पैदा करता है। मनरेगा की आड़ में यूपीए सरकार ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। ‘विकसित भारत-जी राम जी’ बिल पेश करके कांग्रेस द्वारा छोड़ी गई गंभीर कमियों को दूर करने की कोशिश की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस द्वारा इस बिल के संबंध में फैलाए जा रहे भ्रम और गलत जानकारी का मकसद केवल अपनी पिछली नाकामियों को छिपाना है। 


 



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