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इथियोपिया में गूंजा ‘वंदे मातरम,’ पीएम मोदी ने कहा- यह भावुक करने वाला पल है

18-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय इथियोपिया के दौरे का बुधवार को दूसरा दिन है। इथियोपिया में पीएम मोदी का भव्य तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान से भी नवाजा गया।
मंगलवार को आयोजित इस डिनर पार्टी में पीएम मोदी का स्वागत वंदे मातरम गीत गाकर किया गया। डिनर के दौरान, इथियोपियाई संगीतकारों ने वंदे मातरम गाया। वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रधानमंत्री इस गीत का भरपूर आनंद ले रहे हैं। देखते ही देखते वह अपने दोनों हाथ उठाकर ताली बजाते हैं और कलाकारों की सराहना करते हैं।
बता दें, भारत में वंदे मातरम के राष्ट्रीय गीत के बनने के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है। ऐसे में इस गीत का पीएम मोदी के स्वागत में गाया जाना और भी खास हो गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उस पल का एक वीडियो शेयर करते हुए, पीएम मोदी ने लिखा, “कल प्रधानमंत्री अबी अहमद अली द्वारा होस्ट किए गए बैंक्वेट डिनर में, इथियोपियाई संगीतकारों ने वंदे मातरम का एक शानदार गाना गाया। यह बहुत ही भावुक करने वाला पल था, वह भी ऐसे समय में जब हम वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को इथियोपिया पहुंचे थे। यह दौरा प्रधानमंत्री अबी अहमद के आमंत्रण पर हुआ, जो भारत-इथियोपिया रिश्तों की बढ़ती रणनीतिक और कूटनीतिक अहमियत को दिखाता है। प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचने के तुरंत बाद दोनों नेताओं को एयरपोर्ट पर ही छोटी सी अनौपचारिक बातचीत करते देखा गया।
पीएम मोदी ने इसके लिए इथियोपिया की सरकार और वहां की जनता का आभार भी जताया है। इसके साथ ही उन्होंने अदीस अबाबा में अपने इथियोपियाई समकक्ष अबी अहमद अली द्वारा आयोजित एक डिनर पार्टी का एक दिल को छू लेने वाला पल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया। इस पल को ‘एक्स’ पर साझा करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, “अदीस अबाबा एयरपोर्ट पर, प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ एक पारंपरिक कॉफी सेरेमनी में हिस्सा लिया। यह सेरेमनी इथियोपिया की धनी विरासत को खूबसूरती से दिखाती है।”
इथियोपिया में भारतीय समुदाय के सदस्यों ने प्रधानमंत्री मोदी का अदीस अबाबा के होटल पहुंचने पर गर्मजोशी और जोश के साथ स्वागत किया। इस दौरान भारतीय पीएम ने प्रवासी भारतीयों से बातचीत की। पीएम मोदी की एक झलक देखने के लिए घंटों से इंतजार कर रहे प्रवासी भारतीयों ने भारतीय झंडे लहराए, “मोदी मोदी” और “भारत माता की जय” के नारे लगाए, और प्रधानमंत्री को फूल भी दिए।

पीएम मोदी ने एआई इम्पैक्ट और ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए इथियोपिया के प्रधानमंत्री को किया आमंत्रित

18-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली को एआई इम्पैक्ट समिट और ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार एआई इम्पैक्ट समिट और ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत 2026 में करने वाला है।
पीएम मोदी के इथियोपिया दौरे के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए, विदेश मंत्रालय के आर्थिक मामलों के सचिव सुधाकर दलेला ने कहा कि भारत 1 जनवरी, 2026 से एक साल के लिए ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता करेगा। दलेला ने बताया था कि प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने वाले हैं। यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संसदीय जुड़ाव में एक अहम पल होगा।
वहीं, बुधवार को जब पीएम मोदी ने जब इथियोपिया की संसद को संबोधित किया तो उनका स्वागत सांसदों ने ताली बजाते हुए गर्मजोशी से किया। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने इथियोपिया की संसद के स्पीकर और देश के कई सीनियर नेताओं के साथ बातचीत भी की। पीएम मोदी ने इससे जुड़ी तस्वीरों को सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर साझा किया और कहा कि इथियोपिया की संसद में अपने संबोधन के बाद इथियोपिया के मंत्रियों और सांसदों से बातचीत करके मुझे बहुत खुशी हुईसंसद में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, “आज आपके सामने खड़ा होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। शेरों की धरती इथियोपिया में होना बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे घर जैसा महसूस हो रहा है क्योंकि मेरा गृह राज्य गुजरात भी शेरों का घर है।”
उन्होंने कहा, “मैं देश के दिल में, लोकतंत्र के इस मंदिर में, पुरानी समझ और मॉडर्न उम्मीदों के साथ आकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं आपकी संसद, आपके लोगों और आपकी लोकतांत्रिक यात्रा के लिए गहरे सम्मान के साथ आपके पास आया हूं। भारत के 1.4 बिलियन लोगों की ओर से, मैं दोस्ती, सद्भावना और भाईचारे की शुभकामनाएं लाया हूं।”
वहीं इथियोपिया से मिले सर्वोच्च सम्मान को लेकर उन्होंने कहा, “मैं भारत के लोगों की ओर से हाथ जोड़कर, विनम्रता से यह सम्मान स्वीकार करता हूं।” उन्होंने कहा कि इथियोपिया इंसानी इतिहास की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है। यहां, इतिहास पहाड़ों, घाटियों और इथियोपिया के लोगों के दिलों में जिंदा है।
पीएम मोदी ने कहा, “आज, इथियोपिया इसलिए ऊंचा खड़ा है क्योंकि इसकी जड़ें गहरी हैं। इथियोपिया में खड़े होने का मतलब है वहां खड़ा होना, जहां अतीत का सम्मान किया जाता है, वर्तमान मकसद से भरा है, और भविष्य का खुले दिल से स्वागत किया जाता है। पुराने और नए का मेल, पुरानी समझ और आधुनिक सभ्यता के बीच संतुलन, यही इथियोपिया की असली ताकत है।”
 

हरित ऊर्जा की राह पर भारतीय रेलवे: 2,626 स्टेशनों पर 898 मेगावाट सौर ऊर्जा का उपयोग

18-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारतीय रेलवे ने स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस साल नवंबर तक रेलवे ने अपने कामकाज के लिए 898 मेगावाट सौर ऊर्जा संयत्र शुरू कर दिए हैं। साल 2014 में रेलवे सिर्फ 3.68 मेगावाट सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करता था, जो कि अब बढ़कर 898 मेगावाट हो गया है। इस दौरान सौर ऊर्जा का उपयोग करीब 244 गुना बढ़ गया है।
रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस समय देश के 2,626 रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे रेलवे के बिजली खर्च में कमी आ रही है और पर्यावरण को भी कम नुकसान हो रहा है। रेलवे ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सौर ऊर्जा के उपयोग की रफ्तार और तेज हुई है। नवंबर तक 318 नए रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा नेटवर्क से जोड़े गए हैं। इसके साथ ही सौर ऊर्जा का उपयोग करने वाले स्टेशनों की कुल संख्या 2,626 हो गई है।
कुल शुरू की गई सौर ऊर्जा में से 629 मेगावाट का उपयोग ट्रेनों को चलाने के लिए किया जा रहा है। इससे सीधे तौर पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों को बिजली मिलती है। बाकी 269 मेगावाट ऊर्जा का उपयोग स्टेशन की लाइट, वर्कशॉप, सर्विस बिल्डिंग और रेलवे कॉलोनियों के लिए किया जा रहा है।
सौर ऊर्जा का यह संतुलित उपयोग सामान्य बिजली पर निर्भरता को कम करता है और रेलवे के कामकाज को ज्यादा बेहतर बनाता है
सौर ऊर्जा का यह संतुलित उपयोग सामान्य बिजली पर निर्भरता को कम करता है और रेलवे के कामकाज को ज्यादा बेहतर बनाता है। मंत्रालय के अनुसार, रेलवे स्टेशनों, इमारतों और रेलवे की जमीन पर लगाए गए सोलर प्लांट भारतीय रेलवे की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो रही है और प्रदूषण कम करने में मदद मिल रही है। ऐसे कदम यह दिखाते हैं कि भारतीय रेलवे 2030 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस बीच, भारतीय रेलवे की वंदे भारत एक्सप्रेस ने फरवरी 2019 में शुरू होने के बाद से भारत में रेल यात्रा की परिभाषा बदल दी है। आज देश के बड़े शहरों को जोड़ने वाली 164 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं चल रही हैं।
यह ट्रेनें यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करती हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता इस बात से समझी जा सकती है कि 2019 से अब तक 7.5 करोड़ से ज्यादा यात्री इस हाईटेक ट्रेन में सफर कर चुके हैं।
 

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में 1.46 लाख करोड़ रुपए निवेश, करीब 1.80 लाख रोजगार सृजन की उम्मीद: केंद्र

18-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) देश के 10 राज्यों में स्थापित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) परियोजनाओं से करीब 1.80 लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं में कुल 1,46,846 करोड़ रुपए के निवेश का अनुमान है। यह जानकारी सरकार की ओर से बुधवार को दी गई।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि अब तक 11 ईएमसी परियोजनाओं और 2 कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। ये सभी परियोजनाएं कुल 4,399.68 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई हैं, जिनकी कुल परियोजना लागत 5,226.49 करोड़ रुपए है। इसमें से 2,492.74 करोड़ रुपए केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता के रूप में शामिल हैं।
इसके अलावा, ईएमसी 2.0 योजना के तहत प्रत्येक क्लस्टर में बिकने या किराए पर देने योग्य कुल क्षेत्र का कम से कम 10% हिस्सा रेडी बिल्ट फैक्ट्री (आरबीएफ) शेड के लिए आरक्षित किया गया है। मंजूर किए गए ईएमसी 2.0 पार्कों के अंतर्गत बनाए जा रहे रेडी बिल्ट फैक्ट्री शेड वर्तमान में निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं।
मंत्री ने बताया कि स्वीकृत ईएमसी में 123 भूमि आवंटियों (निर्माताओं) से अब तक 1,13,000 करोड़ रुपए के निवेश की प्रतिबद्धता प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 9 यूनिट्स ने उत्पादन शुरू कर दिया है, जिनमें 12,569.69 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है और इससे 13,680 लोगों को रोजगार मिला है।
ईएमसी 2.0 योजना का एक स्वतंत्र प्रभाव मूल्यांकन एमएसएमई मंत्रालय के तहत कार्यरत राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम संस्थान द्वारा किया गया। मंत्री ने कहा कि मूल्यांकन में सामने आया है कि इस योजना से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है, सप्लाई चेन मजबूत हुई है, रेडी बिल्ट फैक्ट्री और प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, बेहतर और किफायती लॉजिस्टिक्स विकसित हुई है तथा बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। साथ ही, क्लस्टरों में कार्यरत लोगों के कौशल विकास में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
गौरतलब है कि सरकार ने अप्रैल 2020 में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) योजना की घोषणा की थी। इस योजना का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देना है। इसके तहत ग्रीनफील्ड (नई) और ब्राउनफील्ड (मौजूदा) दोनों प्रकार के क्लस्टरों को वित्तीय सहायता प्रदान कर विश्वस्तरीय इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। 

भारतीय पीएम का 15 साल में पहला इथियोपिया दौरा, इथियोपिया में भारत के राजदूत ने कहा-रिश्ते में होगा काफी सुधार

16-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )। पीएम मोदी अपने तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण में इथियोपिया जाएंगे। यह यात्रा इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली के निमंत्रण पर हो रही है। यह किसी भारतीय पीएम का 15 साल में पहला इथियोपिया दौरा है। इथियोपिया की सड़कों पर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं।
इथियोपिया में भारत के राजदूत अनिल कुमार राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इथियोपिया दौरा उस समय हो रहा है जब यहां पर काफी सुधार हुए हैं। इसने प्रमुख तौर से सभी सेक्टरों में बदलाव की वजह से अपना एक अलग स्थान बना लिया है। इसमें इतने अच्छे-अच्छे अवसर आ रहे हैं, जिनका भारत उपयोग कर सकता है और दोनों देशों के बीच साझा समझौता स्थापित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हम लोग मानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे पर उन सभी मुद्दों पर चर्चा होगी जो आगे जाकर दोनों देशों के बीच रिश्ते को और मजबूत करने वाली बनेगी। चाहे आर्थिक, राजनीतिक या वैश्विक हो, सभी क्षेत्रों में दोनों देशों को काफी फायदा होने वाला है। यह राजकीय यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की इथियोपिया की पहली यात्रा होगी, जो भारत-इथियोपिया संबंधों के बढ़ते रणनीतिक महत्व को दिखाती है।
राजदूत अनिल कुमार राय ने कहा कि भारत 2026 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करने जा रहा है। इस नजरिए से यह दौरा बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें सभी मुद्दों पर चर्चा होती है। इससे आने वाले समय में काफी फायदा होने वाला है। वैसे भारत और इथियोपिया के बीच संबंध पहले से ही अच्छे थे और हम लोग ब्रिक्स के माध्यम से एक दूसरे तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में कई ऐसे कार्यक्रम हो सकते हैं जो आने वाले समय में सभी देशों के लिए फायदेमंद होंगे।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स एक एक महत्वपूर्ण मंच है। इसके पास आज दुनिया की लगभग 50 प्रतिशत से ज्यादा आबादी और 50 प्रतिशत से ज्यादा जीडीपी है। बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्री आर्थिक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
इथियोपिया में भारत के राजदूत अनिल कुमार राय ने कहा क फरवरी 2025 में हम लोगों ने रक्षा के क्षेत्र में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया था, जिससे इस क्षेत्र में भी दोनों देश आगे बढ़कर साथ-साथ काम कर सकते हैं। इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद की सोच दूर तक है। इससे यहां विकास बहुत तेजी से हो रहा है। यहां पर विदेशी लोग भी संपत्ति खरीद सकते हैं। इससे भी दूसरे देशों के लोगों को फायदा होने वाला है।

 

भारत की 8 प्रतिशत की विकास दर, इनोवेशन संचालित नीतियों का नतीजा: पीएम मोदी

16-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )। भारत-जॉर्डन बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तरफ बढ़ रहा है और देश की वृद्धि दर 8 प्रतिशत से अधिक है। यह उत्पादकता संचालित शासन और इनोवेशन संचालित नीतियों का नतीजा है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा समय में भारत में जॉर्डन के निवेशकों के लिए अवसर के नए दरवाजे खुले रहे हैं और यहां के निवेशक भारत में निवेश कर अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जॉर्डन के बीच फार्मा और मेडिकल उपकरण क्षेत्र में अपार संभावनाएं है। आज हेल्थकेयर केवल एक सेक्टर नहीं रह गया है, बल्कि एक रणनीतिक प्राथमिकता बन गया है। अगर भारतीय कंपनियां जॉर्डन में दवाएं और मेडिकल उपकरण बनाती हैं, तो इससे जॉर्डन के लोगों को तो फायदा होगी, बल्कि जॉर्डन अफ्रीका और पश्चिम एशिया के भी एक भरोसेमंद हब बन सकता है।
रिन्यूएबल एनर्जी में देश में हुए विकास पर पीएम मोदी ने कहा कि आज की दुनिया ग्रीन ग्रोथ के बिना आगे नहीं बढ़ सकती है, क्योंकि क्लीन एनर्जी अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन गई है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत सोलर, विंड, ग्रीन हाइड्रोजन और एनर्जी स्टोरेज में भारत एक बड़े निवेशक के रूप में काम रहा है। जॉर्डन के पास भी इस सेक्टर में काफी संभावनाएं हैं, जिसे हम अनलॉक कर सकते हैं।
साथ ही कहा कि इस प्रकार ऑटोमोबाइल और ईवी में भी कई संभावनाएं हैं और भारत किफायती ईवी और दोपहिया एवं सीएनजी मोबिलिटी में शीर्ष देशों में एक है और हमें ज्यादा से ज्यादा काम मिलकर करना चाहिए।
दोनों देश की मजबूत विरासत पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जॉर्डन दोनों देश अपने कल्चर, अपनी हेरिटेज पर बहुत गर्व करते हैं। कल्चर और हेरिटेज टूरिज्म के लिए दोनों देशों में बहुत स्कोप है। दोनों देशों के इन्वेस्टर्स को इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
भारत में इतनी सारी फिल्में बनती हैं, उन फिल्मों की शूटिंग जॉर्डन में हो सकती है। ज्वाइंट फिल्म फेस्टिवल हों, इसके लिए भी जरूरी प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं। 





 

स्वच्छ, सुरक्षित और सस्टेनेबल पोर्ट्स की दिशा में भारत का रोडमैप

16-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में पोर्ट्स की भूमिका बहुत अहम है। बाहरी व्यापार का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा पोर्ट्स के जरिए होता है। FY2024-25 में भारत के बड़े पोर्ट्स ने 855 मिलियन टन कार्गो संभाला, जबकि FY2014-15 में यह आंकड़ा 581 मिलियन टन था। यानी एक दशक में पोर्ट कार्गो में 47.16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के तहत पोर्ट्स का तेज़ी से विकास हो रहा है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण पर दबाव भी बढ़ा है।
पोर्ट्स से हवा और पानी का प्रदूषण होता है और ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन भी बढ़ता है। इसका असर मैंग्रोव, लैगून, कोरल रीफ और समुद्र तटों की जैव विविधता और समुद्री जीवन पर पड़ रहा है।
आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने और जलवायु परिवर्तन से जुड़े भारत के इरादों (INDCs) को पूरा करने के लिए मैरीटाइम सेक्टर को सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान देना होगा। इसके लिए एक स्पष्ट और प्रभावी योजना की जरूरत है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस दिशा में प्रयास हो रहे हैं। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) सुरक्षित, कुशल और टिकाऊ पोर्ट्स के लिए 9 संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों से जुड़ा हुआ है। साथ ही, IMO ने 2030 तक शिपिंग सेक्टर से CO2 उत्सर्जन में 40 प्रतिशत की कमी का लक्ष्य तय किया है।
नीचे सस्टेनेबल मैरीटाइम ग्रोथ और क्लीनर एनर्जी के लिए सरकार की खास ग्रीन पहलें दी गई हैं।
1. सागरमाला कार्यक्रम: यह भारत को ग्लोबल मैरीटाइम लीडर बनाने का एक फ्लैगशिप प्रोग्राम है, जो मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030 और मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047 का एक अहम हिस्सा है। इसका मकसद लॉजिस्टिक्स की लागत कम करना, व्यापार को तेज़ करना और स्मार्ट, ग्रीन ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के ज़रिए नौकरियां बनाना है। इस प्रोग्राम के तहत, 2035 तक ₹5.8 लाख करोड़ के 840 प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे। अब तक, ₹1.41 लाख करोड़ के 272 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं, और ₹1.65 लाख करोड़ के 217 प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
2. ग्रीन टग ट्रांज़िशन प्रोग्राम (GTTP): ग्रीन टग ट्रांज़िशन प्रोग्राम (GTTP) ‘पंच कर्म संकल्प’ के तहत एक अहम पहल है। यह अहम पहल पारंपरिक फ्यूल-बेस्ड हार्बर टग से बदलाव लाने के लिए है, जो एक समुद्री जहाज़ है जो दूसरे जहाजों को सीधे संपर्क या टो लाइन से धक्का देकर या खींचकर मदद करता है, ज़्यादा ग्रीन और ज़्यादा सस्टेनेबल विकल्पों की ओर। यह एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी और अपने मैरीटाइम सेक्टर की तरक्की के लिए भारत के कमिटमेंट में एक बड़ा कदम है। यह प्रोग्राम न केवल देश के एनवायरनमेंटल लक्ष्यों के साथ है, बल्कि मैरीटाइम इंडस्ट्री में घरेलू इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देते हुए ‘मेक इन इंडिया’ के प्रति भारत के कमिटमेंट को भी मज़बूत करता है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल सितंबर 2014 में मैन्युफैक्चरिंग पर भारत के नए फोकस के हिस्से के तौर पर दुनिया भर में शुरू की गई थी। इस पहल का मकसद भारत को सबसे पसंदीदा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के तौर पर बढ़ावा देना और भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का एक ज़रूरी हिस्सा बनाना है।
3. हरित नौका (ग्रीन वेसल) पहल: इनलैंड वेसल के लिए हरित नौका गाइडलाइन शुरू की गई थी ताकि इनलैंड वॉटरवे वेसल में ग्रीन टेक्नोलॉजी को अपनाने को बढ़ावा दिया जा सके। इस पहल का मकसद 2047 तक पूरी तरह से “ग्रीन वेसल” पर शिफ्ट होना है।
सरकार का लक्ष्य 2047 तक ग्रीन वेसल्स में पूरी तरह बदलाव लाना है, जिसके ये लक्ष्य हैं:
1. नए ज़माने के जहाज़ों को बनाना और चलाना, जिनके डिज़ाइन/इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैंडर्ड हों और जो ग्रीन और सुरक्षित हों।
2. ऐसे ग्रीन वेसल्स के ऑपरेशन के लिए एक अच्छा इकोसिस्टम बनाना
3. सुरक्षित, सुविधाजनक और ग्रीन अंतर्देशीय जलमार्ग-आधारित यात्री परिवहन को बढ़ावा देना
4. जहाज निर्माण में स्वदेशी क्षमता का विकास और “मेक इन इंडिया” नीति को बढ़ावा देना
5. ग्रीन वेसल्स और उससे जुड़े इकोसिस्टम के विकास के लिए वित्तीय सहायता को सक्षम बनाना
4. नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन: इसे भारत सरकार ने 2023 में कार्बन एमिशन कम करने और भारत को ग्रीन हाइड्रोजन में ग्लोबल लीडर बनाने के लिए लॉन्च किया था। 2030 तक, इसका लक्ष्य हर साल 5 मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन बनाना है , जिससे ₹8 लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट आएगा, 6 लाख नौकरियां पैदा होंगी और फॉसिल फ्यूल इंपोर्ट में ₹1 लाख करोड़ की बचत होगी । यह मिशन प्रोडक्शन, पायलट प्रोजेक्ट्स, इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग, स्किल ट्रेनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च पर फोकस करता है, साथ ही स्टील, ट्रांसपोर्ट और फर्टिलाइजर सेक्टर में फॉसिल फ्यूल को बदलने की योजना है। इसे आगे बढ़ाने के लिए MoPSW ने कांडला, पारादीप और तूतीकोरिन नाम के तीन बड़े पोर्ट्स की पहचान की है, जिन्हें ग्रीन हाइड्रोजन हब के तौर पर डेवलप किया जाएगा।
19 सितंबर 2025 को भावनगर में, “समुद्र से समृद्धि-भारत के समुद्री सेक्टर को बदलना” के बैनर तले एक ऐतिहासिक MoU एक्सचेंज सेरेमनी हुई, जो भारत के समुद्री लक्ष्यों में एक अहम पल था। 27 अलग-अलग MoU साइन किए गए थे, जो एक पूरे और आगे की सोच वाले समुद्री एजेंडे को दिखाते थे। इनमें सस्टेनेबिलिटी पर साफ़ ज़ोर दिया गया। ₹66,000 करोड़ से ज़्यादा के कमिटमेंट के साथ , इन प्रोजेक्ट्स में ज़्यादा क्षमता वाले पोर्ट, ग्रीन मोबिलिटी, टूरिज्म, एनर्जी, शिपिंग सिक्योरिटी, शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम और मज़बूत फाइनेंशियल कैपिटल फ्रेमवर्क शामिल हैं।
· पटना में ₹ 908 करोड़ के वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (IWAI) और बिहार सरकार के बीच MoU साइन हुआ । इसमें एनर्जी बचाने वाली इलेक्ट्रिक फेरी और मॉडर्न टर्मिनल शामिल हैं।
· थूथुकुडी में एक और बड़ा ग्रीनफील्ड यार्ड बनाने के लिए गाइडेंस तमिलनाडु के साथ एक पैरेलल MoU किया ।
· आंध्र प्रदेश, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में शिपबिल्डिंग क्लस्टर को खास तौर पर ग्रीन इनोवेशन हब के तौर पर डिज़ाइन किया गया है , जो कार्बन न्यूट्रल शिपबिल्डिंग और इकोफ्रेंडली मरीन इंजीनियरिंग को बढ़ावा देते हैं। शिपयार्ड तेज़ी से ग्रीन, कुशल और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी को अपना रहे हैं ।
· ईस्ट में मिली-जुली कैपेसिटी को मज़बूत करने के लिए, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने ग्रीनफील्ड फैसिलिटी, टग डेवलपमेंट और शिप रिपेयर में नए वेंचर के लिए IPRCL, SCI, SMPK और मोडेस्ट शिपयार्ड के साथ एग्रीमेंट साइन किए, खासकर गुजरात और पश्चिम बंगाल में।
· सागरमाला फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने नियो फंड, NaBFID , IIFCL, और क्लाइमेट फंड मैनेजर्स जैसे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के साथ एग्रीमेंट साइन किए हैं , जिससे मैरीटाइम सेक्टर में सस्टेनेबल इन्वेस्टमेंट का रास्ता साफ होगा। ये MoU ग्रीन शिपबिल्डिंग, फ्लीट मॉडर्नाइजेशन और मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स प्रोजेक्ट्स के लिए इक्विटी, को-इन्वेस्टमेंट और इनोवेटिव डेट इंस्ट्रूमेंट्स जुटाने में मदद करेंगे।
इन घरेलू कोशिशों के साथ-साथ, भारत ग्लोबल ग्रीन पैक्ट्स के ज़रिए अपने इंटरनेशनल समुद्री सहयोग को भी मज़बूत कर रहा है, जिसमें समुद्र में तेल रिसाव पर सहयोग भी शामिल है।
भारत एक बदलाव लाने वाले समुद्री युग की दहलीज़ पर खड़ा है – एक ऐसा युग जो अपनी बड़ी समुद्री सीमा, बढ़ती इंडस्ट्रियल क्षमता और स्ट्रेटेजिक स्थिति का इस्तेमाल करके न सिर्फ़ व्यापार और कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाएगा, बल्कि सस्टेनेबिलिटी और लचीलेपन की विरासत को भी मज़बूत करेगा। दूरदर्शी प्रोग्राम , कानूनी सुधारों और ग्रीन-शिपिंग पहलों के ज़रिए, देश भविष्य के लिए अपने समुद्री इकोसिस्टम को फिर से तैयार कर रहा है: साफ़ पोर्ट, कम एमिशन वाले फ़्लीट, स्मार्ट इंफ़्रास्ट्रक्चर और सबको साथ लेकर चलने वाले मौके। जैसे-जैसे भारत 2047 की ओर बढ़ रहा है, वह ऐसा सिर्फ़ एक उभरती हुई समुद्री ताकत के तौर पर नहीं, बल्कि समुद्रों के एक ज़िम्मेदार रखवाले, दुनिया भर में मुक़ाबले की इकॉनमी और धरती की भलाई के लिए कमिटेड पार्टनर के तौर पर कर रहा है।



 

विजय दिवस पर राज्यसभा में 1971 की ऐतिहासिक जीत को किया गया नमन

16-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )। वर्ष 1971 में पाकिस्तान पर हासिल की गई ऐतिहासिक विजय को राज्यसभा में याद किया गया। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने विजय दिवस की 54वीं वर्षगांठ के अवसर पर देश की गौरवशाली सैन्य विजय को स्मरण किया।
मंगलवार को सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 16 दिसंबर 1971 को भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य, दृढ़ संकल्प और अटूट साहस ने भारत को पाकिस्तान के विरुद्ध एक ऐतिहासिक विजय दिलाई। इसी विजय के परिणामस्वरूप बांग्लादेश का एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उदय हुआ।
गौरतलब है कि 1971 के इस युद्ध में 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। यह एक ऐसी जीत थी जिसने भारत के सैन्य इतिहास को बदल दिया। वहीं इस जीत ने दक्षिण एशिया का नया नक्शा भी बनाया और एक नए राष्ट्र यानी ‘बांग्लादेश’ को जन्म दिया।
सभापति ने कहा कि यह निर्णायक जीत न केवल क्षेत्र के भू-राजनीतिक परिदृश्य को बदलने वाली साबित हुई, बल्कि इसने न्याय, मानव गरिमा और स्वतंत्रता के प्रति भारत की अडिग प्रतिबद्धता को भी दोबारा सुदृढ़ किया। उन्होंने बताया कि 13 दिनों तक चले इस युद्ध में भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना ने अद्भुत तालमेल, तीव्र रणनीति और निर्भीक क्रियान्वयन का परिचय देते हुए अपनी सैन्य श्रेष्ठता सिद्ध की।
दरअसल, 1971 के युद्ध ने पाकिस्तान सेना द्वारा एक पूरे समुदाय पर चल रहे अत्याचार, उत्पीड़न और क्रूरता को भी समाप्त कर दिया था। राज्यसभा के सभापति ने भारतीय सशस्त्र बलों के उस अद्वितीय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बेजोड़ पेशेवर दक्षता की सराहना की।
उन्होंने कहा कि हमारे जवानों की वीरता और बलिदान देश के करोड़ों नागरिकों, विशेषकर युवा पीढ़ी को सदैव ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना से प्रेरित करते रहेंगे। इस पावन अवसर पर सभापति और सदन के सभी सदस्यों ने देशवासियों के साथ मिलकर उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया।
सदन में उन्होंने यह कामना की कि शहीदों का साहस और पराक्रम की विरासत आज भी हमें भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहे।
 

सरदार पटेल की 75वीं पुण्यतिथि : पीएम मोदी ने ‘लौह पुरुष’ के योगदान को किया याद, कहा- अखंड और सशक्त भारतवर्ष के निर्माण में उनका अतुलनीय योगदान

15-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )। सरदार वल्लभभाई पटेल स्मृति दिवस के मौके पर पीएम मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित भाजपा नेताओं ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया।
दरअसल, राष्ट्रीय एकता के प्रतीक सरदार पटेल की सोमवार को पुण्यतिथि है। इस मौके पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा,”लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी 75वीं पुण्यतिथि पर मेरा सादर नमन। उन्होंने देश को एक सूत्र में पिरोने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। अखंड और सशक्त भारतवर्ष के निर्माण में उनका अतुलनीय योगदान कृतज्ञ राष्ट्र कभी भुला नहीं सकता।”
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रीय एकता के प्रतीक, मजबूत भारत के शिल्पकार लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी पुण्यतिथि पर नमन करता हूं। सरदार साहब ने खंड-खंड में बंटे आजाद भारत को तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद एकीकृत कर मजबूत राष्ट्र का सुदृढ़ रूप दिया।”
उन्होंने आगे लिखा कि देश के पहले गृह मंत्री के रूप में मां भारती की सुरक्षा, आंतरिक स्थिरता एवं शांति की स्थापना को ही उन्होंने अपना जीवन लक्ष्य बनाया। सहकारी आंदोलन को पुनर्जीवित कर महिलाओं, किसानों के स्वावलंबन से आत्मनिर्भर भारत की नींव रखने वाले सरदार साहब राष्ट्रप्रथम के पथ पर ध्रुवतारे के समान हम सभी का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत की राष्ट्रीय एकता के सूत्रधार, एकीकृत भारत के शिल्पकार, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि पर सादर नमन। स्वतंत्र भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के रूप में उन्होंने अदम्य इच्छाशक्ति, असाधारण नेतृत्व और अटल संकल्प के बल पर राष्ट्र की अखंडता को सुनिश्चित किया।”
उन्होंने आगे लिखा कि उनके दूरदर्शी मार्गदर्शन में 550 से अधिक रियासतों का भारत संघ में ऐतिहासिक विलय संभव हुआ, जिसने एक सशक्त एवं संगठित भारत की नींव रखी। सरदार पटेल जी का जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का अमर आदर्श है, जो देश को एकता व दृढ़ता के मार्ग पर सदैव प्रेरित करता रहेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, ‘उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक भारत की एकता और अखंडता के ‘शिल्पी’, लौह पुरुष ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! देश की आंतरिक सुरक्षा, स्वदेशी एवं किसानों के स्वावलंबन के साथ ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत, सुरक्षित भारत’ के निर्माण हेतु उनके अहर्निश योगदान हम सभी के लिए प्रेरणाप्रद हैं।’
 

पीएम मोदी तीन देशों की यात्रा पर रवाना, जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान से संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

15-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार से तीन देशों के दौरे पर रवाना हुए, जिसमें जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान शामिल हैं। पीएम मोदी सोमवार को सबसे पहले किंग अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन के निमंत्रण पर जॉर्डन पहुंचेंगे। हाशमाइट किंगडम की दो दिन की यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी किंग अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन से मिलेंगे और भारत-जॉर्डन संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे, साथ ही क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
इसे लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है, यह भारत-जॉर्डन द्विपक्षीय जुड़ाव को और मजबूत करने, आपसी विकास और समृद्धि के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशने और क्षेत्रीय शांति, समृद्धि, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर प्रदान करती है।
वहीं यात्रा के दूसरे चरण में, इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री मोदी 16 दिसंबर को इथियोपिया की राजकीय यात्रा करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की अफ्रीकी देश की पहली यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, “पीएम मोदी इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली के साथ भारत-इथियोपिया द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा करेंगे। ग्लोबल साउथ में साझेदार के रूप में, यह यात्रा दोस्ती और द्विपक्षीय सहयोग के घनिष्ठ संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दोहराएगी।”
अपनी यात्रा के अंतिम चरण में ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 17 और 18 दिसंबर को ओमान का दौरा करेंगे। यह पीएम मोदी की ओमान की दूसरी यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय ने कहा, “भारत और ओमान सदियों पुराने दोस्ती के बंधन, व्यापार संबंधों और मजबूत लोगों से लोगों के संबंधों पर आधारित एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 साल पूरे होने का प्रतीक होगी और दिसंबर 2023 में ओमान के महामहिम सुल्तान की भारत की राजकीय यात्रा के बाद हो रही है।”
उन्होंने कहा कि यह यात्रा दोनों पक्षों के लिए व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि और संस्कृति सहित द्विपक्षीय साझेदारी की व्यापक समीक्षा करने के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर होगा।





 



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