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एआई से हेल्थकेयर में होगा बदलाव, अरबों लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में निभाएगा अहम भूमिका

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का मतलब डॉक्टरों की जगह लेना नहीं है। एआई चिकित्सकों का समय बचाएगा, सोचने और देखभाल करने का समय देगा। यह बातें दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में इंडस्ट्री के लीडरों ने कही।
एआई इम्पैक्ट समिट में फिलिप्स के सीईओ रॉय जैकब्स का कहना है कि हेल्थकेयर सेक्टर में एआई का इंसानों पर सबसे ज़्यादा असर हो सकता है। उन्होंने कहा, ” एआई पहले से ही ज़्यादा बोझ वाले सिस्टम पर दबाव कम कर रहा है। जब हम अब से एक दशक बाद पीछे मुड़कर देखेंगे, तो हेल्थकेयर में एआई को स्क्रीन पर ऑप्टिमाइज़ की गई चीज़ों के लिए याद नहीं किया जाएगा, बल्कि उन अरबों जिंदगियों के लिए याद किया जाएगा जिन्हें इसने बेहतर बनाने में मदद की।”
मेटा के चीफ एआई ऑफिसर अलेक्जेंडर वैंग ने रोज़मर्रा की जिंदगी में एआई के बढ़ते एकीकरण (इंटीग्रेशन) और इसके रास्ते को बनाने में भारत की अहम भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारा विज़न पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस है, जो आपको, आपके लक्ष्यों, आपकी रुचियों को जानता है। इसके साथ ही आप जिस भी काम पर फोकस कर रहे हैं, उसमें आपकी मदद करता है। यह आपकी सेवा करता है, आप कोई भी हों, कहीं भी हों।”
मेटा के चीफ एआई ऑफिसर ने आगे कहा, “आपका पर्सनल एआई आपको कितनी अच्छी तरह जानता है? अगर हम इसे जिम्मेदारी से नहीं कर रहे हैं, तो लोग हमें काम पर नहीं रखेंगे। भरोसा, ट्रांसपेरेंसी और गवर्नेंस को मॉडल्स की तरह ही तेज़ी से आगे बढ़ना चाहिए।
किंड्रिल के चेयरमैन और सीईओ मार्टिन श्रोएटर ने कहा, “इनोवेशन असली है। चुनौती तैयारी की है। एआई आज भी इंडस्ट्रियलाइज्ड नहीं है, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा, ऑपरेशन्स और लोगों को इसे बड़े पैमाने पर सपोर्ट करने के लिए तैयार रहना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “एआई का भविष्य रिसर्च लैब्स या बोर्डरूम में तय नहीं होगा। यह इस बात से तय होगा कि यह उन सिस्टम्स में कितने भरोसे और ज़िम्मेदारी से जुड़ा है जिन पर समाज हर दिन निर्भर करता है।”
श्नाइडर इलेक्ट्रिक के ग्लोबल सीईओ ओलिवियर ब्लम ने एआई और ग्लोबल एनर्जी ट्रांज़िशन के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “एआई का मतलब है ज्यादा कंप्यूट, ज्यादा कंप्यूट का मतलब है अधिक एनर्जी। हम ग्लोबल एनर्जी सिस्टम पर पड़ने वाले दबाव को कम नहीं आंक सकते।” इसके साथ ही उन्होंने एफिशिएंसी के लिए एआई की बदलाव लाने की क्षमता की ओर भी इशारा किया।






 

हेल्थकेयर में AI, डॉक्टरों की जगह नहीं लेगा बल्कि बचाएगा समय

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का मतलब डॉक्टरों की जगह लेना नहीं है। एआई चिकित्सकों का समय बचाएगा, सोचने और देखभाल करने का समय देगा। यह बातें दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में इंडस्ट्री के लीडरों ने कही। एआई इम्पैक्ट समिट में फिलिप्स के सीईओ रॉय जैकब्स का कहना है कि हेल्थकेयर सेक्टर में एआई का इंसानों पर सबसे ज़्यादा असर हो सकता है। उन्होंने कहा, ” एआई पहले से ही ज़्यादा बोझ वाले सिस्टम पर दबाव कम कर रहा है। जब हम अब से एक दशक बाद पीछे मुड़कर देखेंगे, तो हेल्थकेयर में एआई को स्क्रीन पर ऑप्टिमाइज़ की गई चीज़ों के लिए याद नहीं किया जाएगा, बल्कि उन अरबों जिंदगियों के लिए याद किया जाएगा जिन्हें इसने बेहतर बनाने में मदद की।”
मेटा के चीफ एआई ऑफिसर अलेक्जेंडर वैंग ने रोज़मर्रा की जिंदगी में एआई के बढ़ते एकीकरण (इंटीग्रेशन) और इसके रास्ते को बनाने में भारत की अहम भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारा विज़न पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस है, जो आपको, आपके लक्ष्यों, आपकी रुचियों को जानता है। इसके साथ ही आप जिस भी काम पर फोकस कर रहे हैं, उसमें आपकी मदद करता है। यह आपकी सेवा करता है, आप कोई भी हों, कहीं भी हों।”
मेटा के चीफ एआई ऑफिसर ने आगे कहा, “आपका पर्सनल एआई आपको कितनी अच्छी तरह जानता है? अगर हम इसे जिम्मेदारी से नहीं कर रहे हैं, तो लोग हमें काम पर नहीं रखेंगे। भरोसा, ट्रांसपेरेंसी और गवर्नेंस को मॉडल्स की तरह ही तेज़ी से आगे बढ़ना चाहिए। किंड्रिल के चेयरमैन और सीईओ मार्टिन श्रोएटर ने कहा, “इनोवेशन असली है। चुनौती तैयारी की है। एआई आज भी इंडस्ट्रियलाइज्ड नहीं है, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा, ऑपरेशन्स और लोगों को इसे बड़े पैमाने पर सपोर्ट करने के लिए तैयार रहना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “एआई का भविष्य रिसर्च लैब्स या बोर्डरूम में तय नहीं होगा। यह इस बात से तय होगा कि यह उन सिस्टम्स में कितने भरोसे और ज़िम्मेदारी से जुड़ा है जिन पर समाज हर दिन निर्भर करता है।” श्नाइडर इलेक्ट्रिक के ग्लोबल सीईओ ओलिवियर ब्लम ने एआई और ग्लोबल एनर्जी ट्रांज़िशन के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “एआई का मतलब है ज्यादा कंप्यूट, ज्यादा कंप्यूट का मतलब है अधिक एनर्जी। हम ग्लोबल एनर्जी सिस्टम पर पड़ने वाले दबाव को कम नहीं आंक सकते।” इसके साथ ही उन्होंने एफिशिएंसी के लिए एआई की बदलाव लाने की क्षमता की ओर भी इशारा किया।
 

भारत ऑस्ट्रेलिया का युद्धाभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद’, होगा और व्यापक व प्रभावी

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई सेना के वरिष्ठतम कमांडर्स से बातचीत की है। सेना के मुताबिक यहां सैन्य तैयारियों, ट्रेनिंग के नए तरीकों और भविष्य की चुनौतियों पर खुलकर चर्चा हुई। भारत–ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद’ पर खास फोकस रहा। ऐसे में माना जा रहा है 2026 में भारत में होने वाला ‘ऑस्ट्राहिंद’ का अगला संस्करण पहले से ज्यादा व्यापक और प्रभावी होगा। ‘ऑस्ट्राहिंद’ श्रृंखला 2022 में शुरू हुई थी और तब से यह द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में महत्वपूर्ण मंच बन गया है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों में इस हफ्ते एक नया अध्याय जुड़ गया। भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 16 से 19 फरवरी 2026 तक ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। यह दौरा केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रणनीतिक समझ और आपसी भरोसे को और मजबूत करने वाला साबित हुआ। जनरल द्विवेदी ने ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यासों, सैन्य शिक्षा के आदान-प्रदान और ऑपरेशनल सहयोग को और व्यापक बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
खास बात यह रही कि दोनों देशों की सेनाएं आने वाले समय में अपने संयुक्त अभ्यासों को और प्रभावी बनाने पर सहमत दिखीं। सिडनी में जनरल द्विवेदी ने फोर्सेस कमांड, स्पेशल ऑपरेशंस कमांड और ऑस्ट्रेलियाई सेना की दूसरी डिवीजन के अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान सैन्य तैयारी, प्रशिक्षण के तरीके और ऑपरेशन से जुड़ी रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ। कैनबरा में उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल साइमन स्टुअर्ट से मुलाकात की।
दिलचस्प बात यह है कि दोनों अधिकारी वर्ष 2015 में अमेरिका के आर्मी वॉर कॉलेज के सहपाठी रह चुके हैं। मुलाकात के दौरान दोनों ने संस्थागत सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मुख्यालय में हुई एक अहम बैठक में सेना के आधुनिकीकरण, नई तकनीकों और भविष्य के युद्ध के स्वरूप पर भी चर्चा हुई।
जनरल द्विवेदी ने ऑस्ट्रेलियाई कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में अधिकारियों को संबोधित भी किया। उन्होंने बदलते सुरक्षा माहौल में संयुक्तता, नेतृत्व और बहुराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। यात्रा के दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्स के प्रमुख और रक्षा विभाग के सचिव से भी मुलाकात की। जॉइंट ऑपरेशंस कमांड मुख्यालय में ऑस्ट्रेलिया की बहु-आयामी सैन्य व्यवस्था और संयुक्त अभियान प्रणाली को करीब से समझा।
जनरल द्विवेदी ने ऑस्ट्रेलियाई वॉर मेमोरियल में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी। साथ ही ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय रक्षा पूर्व सैनिकों से मुलाकात कर उनसे जुड़ाव को और मजबूत किया। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि सेना प्रमुख की यह यात्रा भारत–ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली साबित हुई है। इससे दोनों देशों के बीच भरोसा और बढ़ा है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए साझा प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है। 

 

पीएम मोदी ने एआई और गहन तकनीक स्टार्टअप्स के सीईओ से की बातचीत, नवाचार और अनुसंधान पर दिया बल

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के अंतिम दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता और गहन तकनीक क्षेत्र से जुड़े प्रमुख स्टार्टअप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हेल्थकेयर, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और अन्य उभरते क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय स्टार्टअप्स की तकनीकी परियोजनाओं और नवाचारों की जानकारी ली।
प्रधानमंत्री मोदी ने यहां भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान स्टार्टअप्स के सीईओ के साथ गहन चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न तकनीकी समाधानों, अनुसंधान और उत्पाद विकास से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से बातचीत की। स्टार्टअप्स ने अपने एआई आधारित समाधान और उनके सामाजिक तथा आर्थिक प्रभाव के बारे में जानकारी दी।
बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और गहन तकनीक तकनीक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकती हैं। प्रधानमंत्री ने नवाचार, अनुसंधान और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा और उद्यमी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं और देश को तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं। सरकार का फोकस तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने, स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने और डिजिटल समाधान विकसित करने पर है।
भारत की तकनीकी क्षमता और एआई के क्षेत्र में देश की भूमिका को किया रेखांकित
नई दिल्ली में आयोजित पांच दिवसीय एआई इम्पैक्ट समिट का शुक्रवार को समापन हो रहा है। 16 फरवरी से शुरू हुए इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के नेताओं ने भाग लिया। इस दौरान सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई सहित कई वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रमुखों ने एआई के भविष्य, उसके उपयोग और उससे जुड़ी चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने भी विभिन्न सत्रों में भाग लेकर भारत की तकनीकी क्षमता और एआई के क्षेत्र में देश की भूमिका को रेखांकित किया।
 

शिलॉन्ग सांसद रिकी सिंगकॉन के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, कहा- मेघालय उनकी सेवा को हमेशा याद रखेगा

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद रिकी ए.जे. सिंगकॉन के निधन पर शोक व्यक्त किया। इस दौरान पीएम मोदी ने सांसद को मेघालय की जनता के लिए अथक परिश्रम करने वाले एक समर्पित जनसेवक के रूप में याद किया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद डॉ. रिकी ए.जे. सिंगकॉन के निधन से दुखी हूं। मेघालय की जनता के लिए उनकी समर्पित सेवा को हमेशा याद किया जाएगा। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
शिलॉन्ग के सांसद रिकी ए.जे. सिंगकॉन वॉइस ऑफ द पीपल पार्टी (वीपीपी) से थे। कल गुरुवार शाम फुटबॉल खेलते समय वे अचानक गिर पड़े थे, जिसके बाद उनका निधन हो गया। उनकी इस घटना से मेघालय के राजनीतिक हलकों में गहरा सदमा और शोक फैल गया है।
उनके दोस्त उन्हें तुरंत पास के मावियोंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए, लेकिन उस समय केंद्र में डॉक्टरों के न रहने की वजह से उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर किया गया। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए जाइआव स्थित डॉ. एच. गॉर्डन रॉबर्ट्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि मेडिकल टीम के प्रयासों के बावजूद, डॉ. सिंगकॉन को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के कुछ ही समय बाद उनका निधन हो गया। उन्हें रात करीब 8.42 बजे मृत घोषित कर दिया गया, जिससे उनके समर्थक, सहकर्मी और राज्य के निवासी स्तब्ध रह गए।
उनके निधन की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग, वीपीपी अध्यक्ष आर्डेंट मिलर बसैवामोइट, कई विधायकों, वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंचे और परिवार को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पहली बार सांसद बने डॉ. सिंगकॉन ने 2024 के लोकसभा चुनावों में भारी जीत दर्ज करने के बाद एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। उन्होंने तीन बार के कांग्रेस सांसद विन्सेंट एच. पाला को 3.7 लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से हराया था, जिससे मेघालय के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया। 
 

तमिलनाडु के कई इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान, हल्की बारिश का पूर्वानुमान

19-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दक्षिणी और तटीय तमिलनाडु के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, मौसम में यह बदलाव भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण हो रहा है।
विभाग के अनुसार, यह कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से शुक्रवार को दक्षिणी तमिलनाडु और तटीय जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। इसी तरह की मौसम की स्थिति पुडुचेरी और कराईकल में भी रहने का अनुमान है।
आईएमडी ने यह भी बताया है कि शुक्रवार और रविवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। 23 और 24 फरवरी को इन क्षेत्रों के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
उत्तरी तमिलनाडु के जिलों में अगले दो दिनों तक सुबह के समय हल्का कोहरा या धुंध छाने की संभावना है, जिससे सुबह के समय दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
राजधानी चेन्नई में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। सुबह के समय कुछ इलाकों में हल्की धुंध बनने की भी संभावना है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के आसपास तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे समुद्र की स्थिति उग्र रहने की आशंका है। इसी कारण मछुआरों को अगले आदेश तक इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने विशेष रूप से तटीय जिलों के लोगों से अपील की है कि वे आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखें और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतें।
मौसम प्रणाली पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति के अनुसार आगे की जानकारी जारी की जाएगी। आने वाले दिनों में रुक-रुक कर बारिश का पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को यात्रा की योजना सावधानी से बनाने और मौसम में होने वाले बदलावों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के भारत दौरे से गहरे होंगे संबंध, आर्थिक-रणनीतिक साझेदारी बढ़ेगी: एक्सपर्ट

19-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत-ब्राजील संबंधों पर काम कर रहे अमेरिका के एक सीनियर अर्थशास्त्री ने कहा है कि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा का भारत में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट के लिए आना और उसके बाद एक पूरे सरकारी दौरे पर जाना, ग्लोबल साउथ की दो सबसे बड़ी डेमोक्रेसी की तरफ से संबंधों को बहुपक्षीय सहयोग से आगे बढ़ाकर एक गहरी आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी बनाने की सोची-समझी कोशिश का संकेत है।
ओआरएफ अमेरिका में सीनियर अधिकारी डॉ. अनित मुखर्जी भारत-ब्राजील संबंधों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने समाचार एजेंसी को बताया, “ब्राजील के राष्ट्रपति का दौरा बहुत अहम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल ब्रिक्स समिट के लिए रियो डी जनेरियो गए थे, जिसके बाद उन्होंने एक स्टेट विजिट की थी।”
मुखर्जी ने कहा कि लूला के साथ उनके कैबिनेट के 14 अन्य मंत्री, लगभग आधे कैबिनेट मंत्री और 150 बिजनेस लीडर हैं। उन्होंने कहा, “यह एक संकेत है कि ब्राजील-भारत का संबंध सिर्फ सहयोग और G20 या ब्रिक्स तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापार, निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और दूसरे क्षेत्रों में भी ज्यादा मजबूत साझेदारी की ओर बढ़ेगा।”
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि ब्राजील और भारत के बीच ऐतिहासिक रूप से रिश्ता बहुत मजबूत नहीं रहा है। जब प्रेसिडेंट लूला 2001 में सरकार में आए, तो उनका विजन तीन बड़े डेवलपिंग देशों, ब्राजील, भारत और दक्षिण अफ्रीका को एक साथ लाने का था।”
इसी कोशिश से आईबीएसए और बाद में ब्रिक्स बने, जिससे ‘उच्च स्तरीय बातचीत के जरिए उनके संबंध में भरोसे की एक मजबूत नींव पड़ी।’ उन्होंने कहा कि अब दोनों देशों का आर्थिक एजेंडा बड़ा है। ब्राजील और भारत ग्लोबल साउथ के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। वे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था हैं। उनके पास बड़ी युवा आबादी है। उनके पास काफी तकनीकी क्षमता भी है।
उन्होंने ब्राजील को ‘खेती का पावरहाउस’ और एम्ब्रेयर को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सिविलियन प्लेन मैन्युफैक्चरर बताया। उन्होंने कहा, “भारत में बजाज और महिंद्रा, दो बड़े भारतीय समूहों ने ब्राजील में मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर बनाने के लिए फैक्ट्रियां खोली हैं। भारतीय आईटी फर्म जैसे टीसीएस और इंफोसिस का ब्राजील के मार्केट के साथ संबंध है।”
मुखर्जी ने कहा, “डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक अन्य उभरता हुआ क्षेत्र है। भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस है, जो दुनिया का सबसे बड़ा इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम है। ब्राजील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर बना एक बहुत मिलता-जुलता सिस्टम है, जिसे पीआईएक्स कहते हैं। ये सिस्टम मिलकर हर दिन लगभग 1 बिलियन ट्रांजैक्शन करेंगे, जो लगभग उतना ही है, जितना मास्टरकार्ड और वीजा हर दिन करते हैं।”
उन्होंने कहा कि ब्राजील में भारतीय समुदाय में लगभग 4,000 नॉन-रेसिडेंट भारतीय हैं, जो वहां रहते हैं, लेकिन यह बढ़ रहा है। ब्राजील में योग बहुत बड़ा है। आयुर्वेद भी बहुत बड़ा है।
भारत-ब्राजील ब्रिक्स और G20 के खास सदस्य हैं, जो अक्सर डेवलपमेंट फाइनेंस, ट्रेड रिफॉर्म और ग्लोबल साउथ प्राथमिकता पर अपनी राय को कोऑर्डिनेट करते हैं। दोनों ने बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और ग्लोबल गवर्नेंस में उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए ज्यादा आवाज उठाने पर जोर दिया है। पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ा है, जिसमें खेती, एनर्जी, ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी शामिल हैं। 


 

पीएम मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, कहा- ‘वे सिर्फ एक नाम नहीं, वे हमारे लिए आराध्य देव हैं’

19-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे राजा-महाराजा और राजपुरुष मात्र नहीं हैं, वे हमारे लिए आराध्य देव हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर हम दूरदर्शी नेता, कुशल प्रशासक, विलक्षण रणनीतिकार और ऐसे महान व्यक्तित्व को नमन करते हैं जो स्वराज्य के समर्थक थे। उनका शौर्य हमें सदैव प्रेरणा देता रहेगा, उनका सुशासन हमारे लिए मार्गदर्शक बनेगा और न्याय व स्वाभिमान की उनकी भावना हमारे समाज को और अधिक सशक्त बनाएगी।”
अपने एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज सिर्फ एक नाम नहीं है। हमारे लिए छत्रपति शिवाजी महाराज सिर्फ राजा-महाराजा और राजपुरुष मात्र नहीं हैं। वे हमारे लिए आराध्य देव हैं। उनका व्यक्तित्व अद्भुत था। उन्होंने स्वराज की भी स्थापना की और सुराज को भी साकार किया। वे अपने शौर्य और सुशासन के लिए भी जाने-जाते हैं।”
उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व के इतने पहलू हैं कि किसी न किसी रूप में उनका जीवन हमें अवश्य प्रभावित करता है। उन्होंने भारत से सामूहिक सामर्थ्य को पहचान कर जिस तरह नौसेना का विस्तार किया, अपना प्रबंध कौशल दिखाया, वो आज भी सबको प्रेरणा देता है। पीएम मोदी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, विचारधारा और न्यायप्रियता ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। उनकी साहसिक कार्यशैली, सामरिक कौशल और शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रणाली आज भी हमारे लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं।
पीएम मोदी ने गुरुवार को एक अन्य पोस्ट में लिखा, “छत्रपति शिवाजी महाराज ने जन-जन के कल्याण को सदैव सर्वोपरि रखा और उनकी सुरक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। इसलिए उनका जीवन आज भी भारतवर्ष के लिए पथ-प्रदर्शक बना हुआ है।”उन्होंने सुभाषित भी शेयर किया, “गोपायितारं दातारं धर्मनित्यमतन्द्रितम्। अकामद्वेषसंयुक्तमनुरज्यन्ति मानवाः।” सुभाषित में कहा गया है, “लोग उसी जनप्रतिनिधि से स्नेह करते हैं, जो उनकी सुरक्षा को अपना कर्तव्य मानता है, लोक कल्याण में तत्पर रहता है, धर्मनिष्ठ, न्यायप्रिय और सदैव सजग रहता है व कामना और द्वेष जैसी आसक्तियों से ऊपर उठकर निष्पक्ष भाव से राज्य का संचालन करता है।”






 

सीएम रेखा गुप्ता को 50वें मातृश्री अवॉर्ड से किया गया सम्मानित

18-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को 50वें मातृश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें समाज और जनता के प्रति उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
अवॉर्ड समिति के संयोजक चेतन शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जनसेवा और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विवेक शर्मा, महामायी सेवा न्यास के दीपक बजाज तथा समिति सदस्य बिट्टी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री को भारत माता की प्रतिमा और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
मातृश्री अवॉर्ड की शुरुआत वर्ष 1975 में पंजाब केसरी के वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय दिनेश शर्मा ने की थी। उनका उद्देश्य समाज और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करना था। दिनेश शर्मा जी कहा करते थे, “चाहे सब कुछ भूल जाना, पर भारत माता को कभी मत भूलना।” इसी भावना के साथ भारत माता की प्रतिमा भेंट करने की परंपरा शुरू की गई, जो आज भी जारी है।
इस सम्मान से पूर्व में लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, मदनलाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा, रजत शर्मा, खुशवंत सिंह और सरला माहेश्वरी सहित अनेक गणमान्य हस्तियों को मातृश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। मातृश्री अवॉर्ड आज भी समाजसेवा, राष्ट्रभावना और पत्रकारिता के मूल्यों को सशक्त करने का प्रतीक बना हुआ है।











 

घने बादलों ने आसमान को घेरा, आज बूंदाबांदी से हुई एनसीआर की सुबह की शुरुआत

18-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज बुधवार सुबह मौसम ने करवट ली और घने बादलों ने आसमान को पूरी तरह ढक लिया। कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के साथ बारिश की फुहारें देखने को मिलीं। बदलते मौसम और तेज हवा के कारण वायु गुणवत्ता में भी आंशिक सुधार दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 फरवरी को दिनभर सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। आज का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सात दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 फरवरी को न्यूनतम तापमान 12 और अधिकतम 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा तथा मौसम मुख्यतः साफ रहने की संभावना है।
20 फरवरी को भी पारा 12 से 28 डिग्री के बीच रहेगा। 21 फरवरी को न्यूनतम 13 और अधिकतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। 22 और 23 फरवरी को तापमान में हल्की बढ़ोतरी के साथ अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री के आसपास रहेगा। यानी आज हल्की गिरावट के बाद आने वाले दिनों में तापमान लगातार बढ़ता रहेगा।
देश के पहाड़ी राज्यों के मौसम के हाल की बात करे तो आईएमडी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद, हिमाचल प्रदेश में 18 फरवरी को और उत्तराखंड में 18 और 19 फरवरी को तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 फरवरी को छिटपुट वर्षा और बर्फबारी की संभावना है।
आज बुधवार को निकोबार, हरियाणा और राजस्थान में छिटपुट बारिश, गरज, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फरबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी गरज और बिजली गिरने की संभावना है।
इसके अलावा, निकोबार, हरियाणा और राजस्थान में छिटपुट बारिश, गरज, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, पंजाब, हरियाणा और पूर्वी राजस्थान के कुछ छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है।
आईएमडी ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है और उसके बाद इसमें कोई खास बदलाव नहीं होगा। वहीं, मध्य भारत में अगले 6 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। 
 



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