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लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन बने सेना के नए उप थल सेनाध्यक्ष

01-Jul-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)  लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, एवीएसएम, एसएम ने बुधवार को भारतीय सेना के उप थल सेनाध्यक्ष (वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ) का पदभार ग्रहण किया। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन जून 1988 में महार रेजिमेंट में शामिल हुए थे। लगभग चार दशक के विशिष्ट सैन्य करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में कमान और स्टाफ से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने अर्ध-मरुस्थलीय क्षेत्र में एक इन्फैंट्री बटालियन की कमान संभाली। उन्होंने दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में भी सेवाएं दीं। इसके अलावा, उन्होंने स्ट्राइक कोर में एक इन्फैंट्री ब्रिगेड, काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स तथा उत्तरी कमान में एक पिवट कोर की कमान भी संभाली।
उनके सैन्य करियर में ऑपरेशन पवन में भागीदारी, इथियोपिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में सेवा तथा नियंत्रण रेखा और पूर्वोत्तर के उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों का व्यापक अनुभव शामिल है। उन्होंने दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के एक सेक्टर की कमान भी संभाली।
लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने उत्तरी कमान में एक कोर की कमान संभाली। इसके बाद उन्होंने दक्षिणी कमान मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में कार्य किया, जहां क्षमता विकास, बल पुनर्गठन और समग्र परिचालन तैयारियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सेना कमांडर बनने के बाद उन्होंने दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने विभिन्न सैन्य इकाइयों और मुख्यालयों में अनेक महत्वपूर्ण स्टाफ और परिचालन नियुक्तियों पर कार्य किया है। इस दौरान उन्हें पारंपरिक सैन्य अभियानों, आतंकवाद विरोधी अभियानों, उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों, संयुक्त राष्ट्र मिशनों और विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में सैन्य तैयारियों का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ।
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने आर्मी वॉर कॉलेज के उच्च कमान पाठ्यक्रम और केन्या के राष्ट्रीय रक्षा पाठ्यक्रम में भी भाग लिया है। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और सेना पदक (एसएम) से सम्मानित किया जा चुका है।

अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस: संसद को जन आकांक्षाओं का सबसे बड़ा मंच मानते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

30-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस संसदीय परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने का संदेश देता है। अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत बनाने में संसदों की भूमिका के प्रति वैश्विक स्तर पर जागरूकता बढ़ाना और लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह तथा समावेशी बनाने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस हर वर्ष 30 जून को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2018 में इस दिवस को आधिकारिक मान्यता दी थी। यह तिथि वर्ष 1889 में अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) की स्थापना की याद में चुनी गई, जो दुनिया के राष्ट्रीय संसदों का सबसे पुराना वैश्विक संगठन है।
संसद किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण संस्था मानी जाती है। यहीं कानून बनाए जाते हैं, सरकार को जवाबदेह बनाया जाता है और जनता की आकांक्षाओं तथा समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाता है। संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं है, बल्कि यह सरकार और जनता के बीच संवाद का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम भी है। यही कारण है कि मजबूत, प्रभावी और प्रतिनिधित्वपूर्ण संसद को स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान माना जाता है। 
अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस संसदों के कामकाज की समीक्षा करने, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने का अवसर प्रदान करता है कि संसद समय के साथ बदलती चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को ढाल सके। इसमें महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, नई तकनीकों के उपयोग, पारदर्शिता तथा नागरिकों की सहभागिता जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जाता है।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और उसकी संसदीय व्यवस्था विश्व के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जाती है। भारतीय संसद में लोकसभा और राज्यसभा शामिल हैं, जहां देश के विभिन्न राज्यों, क्षेत्रों और समाज के विविध वर्गों का प्रतिनिधित्व होता है। स्वतंत्रता के बाद से भारतीय संसद ने अनेक ऐतिहासिक कानून पारित किए हैं, जिन्होंने देश के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास की दिशा तय की है। भारत में नियमित और स्वतंत्र चुनाव, संसदीय समितियों की सक्रिय भूमिका, विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा तथा विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच लोकतांत्रिक विमर्श संसदीय व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं हैं। बदलते समय के साथ संसद की कार्यप्रणाली में डिजिटल तकनीकों का उपयोग भी लगातार बढ़ा है, जिससे कार्य अधिक प्रभावी और पारदर्शी हुआ है।
भारत ने हाल के वर्षों में नए संसद भवन के निर्माण के माध्यम से अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह भवन भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें सांसदों के लिए बेहतर तकनीकी संसाधन, डिजिटल व्यवस्था तथा अधिक बैठने की क्षमता उपलब्ध कराई गई है, जिससे आने वाले वर्षों में बढ़ते प्रतिनिधित्व की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न अवसरों पर संसद को लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच बताते रहे हैं। उन्होंने सांसदों से सदन की गरिमा बनाए रखने, सार्थक चर्चा, जनहित के मुद्दों पर गंभीर विमर्श तथा विकासोन्मुख कानून बनाने की आवश्यकता पर लगातार बल दिया है। नए संसद भवन के उद्घाटन के दौरान भी उन्होंने इसे विकसित भारत की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का प्रतीक बताया था। इसके अलावा 18वीं लोकसभा के पहले सत्र से पहले भी प्रधानमंत्री मोदी ने सभी दलों से रचनात्मक सहयोग और जनहित में सार्थक चर्चा की अपील की थी। 
भारत अंतर-संसदीय संघ सहित विभिन्न वैश्विक संसदीय मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। भारतीय सांसद जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, आतंकवाद, लैंगिक समानता, डिजिटल शासन और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर अंतर्राष्ट्रीय संवाद में लगातार भाग लेते हैं। इससे भारत का लोकतांत्रिक अनुभव दुनिया के अन्य देशों तक पहुंचता है और वैश्विक सहयोग को भी मजबूती मिलती है।
भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। युवा सांसद भी नई सोच, तकनीकी समझ और नवाचार के साथ संसदीय विमर्श को नई दिशा दे रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और आईपीयू भी संसदों में महिलाओं और युवाओं की अधिक भागीदारी को लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक मानते हैं। 
 

पीएम मोदी ने दी भारत-सेशेल्स साझेदारी को नई दिशा, 19 अहम बिंदुओं पर बनी सहमति

29-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारत के पीएम मोदी का तीन दिवसीय सेशेल्स दौरा सम्पन्न हो गया है और वह स्वदेश के लिए रवाना हो चुके हैं। पीएम मोदी के इस दौरे पर भारत और सेशेल्स के बीच 19 मुद्दे फोकस में रहे। इनमें सेशेल्स में यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू करने, जन औषधि योजना पर सहयोग, जलवायु परिवर्तन से निपटने, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा, ब्लू इकोनॉमी तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सेशेल्स यात्रा के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कई महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। इनमें सेशेल्स में यूपीआई लागू करने और जन औषधि से जुड़े समझौते शामिल हैं। हम क्लाइमेट एक्शन, ग्रीन हाइड्रोजन, एनर्जी, ब्लू इकोनॉमी और भविष्य के अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करते रहेंगे।”
सेशेल्स सरकार को एक फास्ट पेट्रोल वेसल गिफ्ट किया गया, जो समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करता है और हिंद महासागर क्षेत्र में एक नेट सुरक्षा प्रोवाइडर के रूप में भारत की भूमिका को बढ़ाता है। इससे भारतीय रक्षा निर्माण क्षमताओं को भी बढ़ावा मिलता है।
सेशेल्स डिफेंस फोर्स को 10 यूटिलिटी वाहन और लेजर रेडियल क्लास बोट्स के 5 सेट सौंपे गए। द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के साथ हिंद महासागर क्षेत्र में एक भरोसेमंद और विश्वसनीय पार्टनर के रूप में भारत की भूमिका को बढ़ाता है।
सेशेल्स सरकार को 6 एम्बुलेंस सौंपे गए। यह एक भरोसेमंद मानवीय साझेदार के तौर पर भारत के कमिटमेंट को मजबूत करता है। इससे पब्लिक वेलफेयर के जरिए लोगों के बीच संबंधों को भी मजबूती मिलती है।
भारत ने सेशेल्स को 500 मीट्रिक टन चावल उपलब्ध कराया। इससे खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग मजबूत होगा और ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित होती है।
सेशेल्स सरकार को 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट सौंपा गया। यह साझेदार देशों की विकास संबंधी जरूरतों को समय पर पूरा करने की भारत की प्रतिबद्धता और उसके विकास साझेदारी मॉडल को दर्शाता है।
प्रोफेशनल और टेक्निकल एजुकेशन सेंटर के लिए वर्चुअल ग्राउंड-ब्रेकिंग सेरेमनी, एक पसंदीदा विकास पार्टनर के तौर पर भारत की भूमिका को फिर से सुनिश्चित करती है। यह लंबे समय के इंस्टीट्यूशनल लिंकेज बनाता है और स्थानीय लोगों के बीच अच्छी भावना पैदा करता है।
सेशेल्स कोस्ट गार्ड के लिए पीएस जोरोस्टर की मरम्मत का काम पूरा हुआ, जो रक्षा सहयोग को गहरा करने के साथ हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बढ़ाएगा। इसके अलावा, यह आईओआर में नेट सुरक्षा प्रोवाइडर के तौर पर भारत की भूमिका को दोहराएगा।
ग्लास कॉकपिट वाले डोर्नियर एयरक्राफ्ट का अपग्रेडेशन किया जा रहा है, जो रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाता है और साझेदार देशों के डिफेंस एसेट्स के आधुनिकीकरण में भारत की भूमिका को मजबूत करता है।
सेशेल्स ने कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) की सदस्यता ग्रहण की। इससे आपदा प्रबंधन, जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस (एसएसआईएफएस) और सेशेल्स रिपब्लिक के विदेश मंत्रालय और डायस्पोरा (एमओएफएडी) के बीच एमओयू एक्सचेंज हुआ। यह क्षमता निर्माण के लिए सहयोगी के तौर पर भारत की भूमिका को बढ़ाता है और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध मजबूत करता है।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई), इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड, और सेंट्रल बैंक ऑफ सेशेल्स के बीच एमओयू एक्सचेंज हुए। यह सेशेल्स में यूपीआई-आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली को आगे बढ़ाता है, जिससे विश्व पटल पर भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की मौजूदगी हाइलाइट होगी और दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग गहरा होगा। यह लोगों के बीच बेहतर संबंध को भी बढ़ावा देगा।
जन औषधि स्कीम के तहत मेसर्स एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड और सेशेल्स रिपब्लिक के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच समझौता हुआ, जो साझेदार देशों में हाई-क्वालिटी और सस्ती भारतीय दवाओं तक पहुंच आसान बनाएगा और यह ग्लोबल फार्मास्युटिकल स्टैंडर्ड्स में भारत की भूमिका को बढ़ाता है।
एग्रीकल्चर रिसर्च और एजुकेशन पर एमओयू और 2026-2031 के लिए वर्क प्लान एक्सचेंज हुए। यह कृषि के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के साथ ग्लोबल साउथ में नॉलेज पार्टनर के तौर पर भारत की स्थिति को बढ़ावा देता है।
भारत गणराज्य और सेशेल्स गणराज्य के बीच एक्सट्रैडिशन ट्रीटी हुई, जो दोनों देशों के बीच कानूनी और सुरक्षा सहयोग को गहरा और ट्रांसनेशनल क्राइम से निपटने में सहयोग को मजबूत करता है।
सेशेल्स के झंडे वाले जहाजों पर सेवा के लिए नाविकों की ट्रेनिंग और सर्टिफ़िकेशन की पहचान पर एमओयू एक्सचेंज हुए। यह भारतीय नाविकों के लिए रोजगार के मौके पैदा करने के साथ कुशल समुद्री मैनपावर के एक लीडिंग ग्लोबल सप्लायर के तौर पर भारत की भूमिका को मजबूत करता है।
शांतिपूर्ण मकसदों के लिए आउटर स्पेस की खोज और इस्तेमाल में सहयोग के लिए एमओयू एक्सचेंज किए गए, जो दोनों देशों में भारतीय सैटेलाइट एप्लिकेशन के इस्तेमाल के अवसर देगा और इसरो की ग्लोबल मौजूदगी बढ़ेगी। दोनों देशों के लिए एक भरोसेमंद स्पेस साझेदार के तौर पर भारत की स्थिति को मजबूत करता है।
नए सेशेल्स नेशनल हॉस्पिटल की शुरुआती तैयारियों को लेकर भी एमओयू एक्सचेंज हुए, जो स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाता और सेशेल्स के भरोसेमंद डेवलपमेंट पार्टनर के तौर पर भारत की भूमिका की पुष्टि करता है।
सेशेल्स सरकार और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ़ इंडिया के बीच अम्ब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट एग्रीमेंट समझौता किया, जो एक पसंदीदा डेवलपमेंट पार्टनर के तौर पर भारत की भूमिका को मजबूत करने के साथ सस्टेनेबल और इनक्लूसिव ग्रोथ का समर्थन करता है।
 

सेशेल्स दौरा संपन्न कर स्वदेश रवाना हुए पीएम मोदी, नवशक्ति विनयगर मंदिर में की पूजा, महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि

29-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय दौरे को पूरा करने के बाद नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। सेशेल्स दौरे के आखिरी चरण में पीएम मोदी ने महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। इससे पहले उन्होंने नवशक्ति विनयगर मंदिर में पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सेशेल्स के पीस पार्क में महात्मा गांधी की मूर्ति पर फूल चढ़ाए और उनका स्वागत करने के लिए इकट्ठा हुए भारतीय समुदाय के लोगों से भी बात की। तिरंगा लिए हुए भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए ‘मोदी मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी कई तस्वीरें भी शेयर की हैं। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “विक्टोरिया के पीस पार्क में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। बापू के आदर्श पीढ़ियों से चले आ रहे हैं, जो लोगों को शांति, न्याय और इंसानी सम्मान की तलाश में एकजुट करते हैं। उनके विचार एक बेहतर दुनिया के लिए हमारी मिलकर की जाने वाली कोशिशों को प्रेरित करते रहते हैं।”
इससे पहले पीएम मोदी ने नवशक्ति विनयगर मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर के बाहर एकजुट हुए भारतीय समुदाय के लोगों से भी बात की। पीएम मोदी ने तस्वीर साझा कर एक्स पर लिखा, “विक्टोरिया में अरुलमिगु नवशक्ति विनयगर मंदिर में प्रार्थना की, जो सेशेल्स का प्रमुख हिंदू मंदिर है। भगवान गणेश सभी को बुद्धि, शक्ति और समृद्धि प्रदान करें।”
वहीं भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की तस्वीरें साझा कर प्रधानमंत्री ने लिखा, “मैं सेशेल्स हिंदू कोविल संगम की अरुलमिगु नवशक्ति विनयगर मंदिर बनाने और सेशेल्स में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के अलग-अलग पहलुओं को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों के लिए सराहना करना चाहूंगा।” पीएम मोदी के मंदिर पहुंचने से पहले वहां उनका इंतजार कर रहे भारतीय समुदाय के लोगों से ​​बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे के लिए बड़ी तैयारी की गई है, जो सेशेल्स के 50वें नेशनल डे सेलिब्रेशन के साथ हो रहा है।
भारतीय समुदाय के एक सदस्य ने कहा, “हमें बहुत खुशी है कि प्रधानमंत्री मोदी 50वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यहां आ रहे हैं। सारे इंतजाम हो गए हैं। हम मंदिर में उनकी लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करेंगे और दुआ करेंगे कि वे भारत के लोगों की सेवा करते रहें। हमने उनके स्वागत के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया है।”
भारतीय समुदाय की एक और सदस्य शशि ने कहा, “सेशेल्स में भारतीय समुदाय पीएम मोदी के दौरे को लेकर बहुत उत्साहित है। हमें उनका स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं और हम उनके दौरे के दौरान इस संबंध को और मजबूत करने की उम्मीद करते हैं।”
भारतीय समुदाय की एक और सदस्य धनलक्ष्मी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री के दौरे से सम्मानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा, “मैं कई पहलों पर सरकार के साथ मिलकर काम करती हूं। हमें यह भी उम्मीद है कि भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को देखते हुए, भारत सरकार मंदिर के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में मदद करेगी।”
इस बीच, सेशेल्स का राष्ट्रीय दिवस समारोह परेड के साथ शुरू हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। सेशेल्स के सैनिक अपने नेशनल फ्लैग के साथ एयरक्राफ्ट से पैराशूट से वेन्यू में उतरे और लोग जोश के साथ देश की आजादी की 50वीं सालगिरह मना रहे थे। पीएम मोदी शनिवार को सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स पहुंचे थे।















 

असम में बाढ़ के हालातों के मद्देनजर अमित शाह ने सीएम हिमंता बिस्वा सरमा से बात की

29-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) असम में बाढ़ के बीच, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य को केंद्र से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी देते हुए सीएम सरमा ने बताया कि गृह मंत्री शाह ने फोन पर उनसे बात की और बाढ़ की स्थिति, खासकर सबसे ज्यादा प्रभावित धेमाजी जिले के हालात के बारे में पूछा।
मुख्यमंत्री ने पोस्ट में लिखा कि मैं गृहमंत्री अमित शाह का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने फोन करके धेमाजी में बाढ़ की स्थिति के बारे में पूछा। मैंने उन्हें अभी चल रहे राहत और पुनर्वास कार्यों के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने इस स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार की ओर से हर संभव मदद और सहयोग का भरोसा भी दिलाया है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, असम और पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण छह जिलों धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और कोकराझार में 22,124 लोग प्रभावित हुए हैं।
धेमाजी सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बना हुआ है जहां लगातार बारिश से इलाके के बड़े हिस्से में पानी भर जाने के कारण 15,483 लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बाढ़ का पानी 96 गांवों में घुस गया है और लगभग 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। इससे फसलें प्रभावित हुई हैं और हजारों किसानों की आजीविका पर असर पड़ा है। प्राधिकरण ने यह भी बताया कि इस बाढ़ के दौरान 48,199 पशु भी प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ बुलेटिन में आगे बताया गया है कि शिवसागर जिले में दिसांग नदी नांगलामुराघाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे भारी बारिश जारी रहने पर निचले इलाकों में और ज्यादा पानी भरने का डर पैदा हो गया है।
इस बीच, भारी बारिश और कटाव के कारण धेमाजी जिले में सिमेन नदी पर बना रेलवे पुल आंशिक रूप से ढह गया, जिससे इलाके में रेल संपर्क बाधित हो गया है।
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने आर्चीपाथर और सिमेन चपारी स्टेशनों के बीच ट्रेनों की आवाजाही रोक दी है। 110 मिमी से ज्यादा बारिश के कारण जबरदस्त बाढ़ आ गई और नदी के किनारे का वह बड़ा हिस्सा बह गया जो पुल के एक खंभे (पियर) को सहारा दे रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित जिलों में राहत और पुनर्वास कार्य चल रहे हैं जबकि लगातार बारिश के पूर्वानुमान के बीच प्रशासन अलर्ट पर है। 

 

शिवराज सिंह चौहान की घोषणा: ‘हर पात्र को मिलेगा आवास, कोई भी नहीं रहेगा वंचित’; 29 राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ की बैठक

29-Jun-2026
नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन ‘ग्रामोदय से राष्ट्रोदय’ के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर से आए 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ व्यापक मंथन किया। सम्मेलन में न सिर्फ योजनाओं की समीक्षा हुई, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ‘विकसित ग्राम-विकसित भारत’ के विजन को जमीन पर उतारने के लिए ठोस रणनीतियां भी सामने आईं। इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांव केवल धूल-मिट्टी या चौपाल का नाम नहीं, बल्कि भारत की शक्ति, भारत की चेतना और भारत की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमें समृद्ध और विकसित भारत बनाना है तो गांव को समृद्ध और विकसित बनाए बिना काम नहीं चलेगा। गांव की प्रगति के बिना देश की प्रगति संभव नहीं है।
पहली बार एक मंच पर देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और नीति-निर्माता एक साथ जुटे। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह सहकारी संघवाद का जीवंत उदाहरण रहा, जहां राजनीतिक भिन्नताओं से ऊपर उठकर विकास पर फोकस किया गया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर, रोजगारयुक्त और बुनियादी सुविधाओं से संपन्न बनेंगे। उन्होंने गांव को ‘भारत की आत्मा, शक्ति और चेतना’ बताते हुए कहा कि ग्रामीण विकास ही राष्ट्रीय विकास की धुरी है। शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि 1 जुलाई से ‘विकसित भारत- जी राम जी’ योजना देशभर में लागू होगी जो मनरेगा की जगह लेगी। इसके लिए 95,682 करोड़ रुपए की अंतरिम स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे समय पर अपनी औपचारिकताएं पूरी करें ताकि योजना का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
सम्मेलन में ‘लखपति दीदी डैशबोर्ड’ लॉन्च किया गया और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ करते हुए शिवराज सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए अगले 5 वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए का बैंक लिंकिंग रोडमैप तैयार किया गया है।
शिवराज सिंह ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई अहम बिंदु रखे। उन्होंने कहा कि राज्यों को समय पर अपना वित्तीय हिस्सा जारी करना होगा। ग्रामीण विकास से जुड़े खाली पदों को शीघ्र भरना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के बार-बार ट्रांसफर से काम प्रभावित होता है, जिम्मेदार पदों पर अधिकारियों को कम से कम दो‑तीन वर्ष एक ही स्थान पर रखा जाए, योजनाओं के प्रचार-प्रसार और जन जागरूकता पर विशेष ध्यान व सोशल ऑडिट और एआई आधारित मॉनिटरिंग को मजबूत करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण सड़क योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कई राज्यों ने उत्कृष्ट कार्य किया है जबकि कुछ को सुधार की जरूरत है। उन्होंने भूमिहीन लाभार्थियों को जमीन उपलब्ध कराने और लंबित आवासों के शीघ्र समाधान पर विशेष जोर दिया।
झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश आदि राज्यों के सफल मॉडल जैसे मल्टी‑चैनल मार्केटिंग, सामुदायिक उद्यम और हाउसहोल्ड आजीविका ऋण योजनाओं का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि इन बेस्ट प्रैक्टिस को सभी राज्यों के साथ साझा किया जाएगा ताकि अच्छा काम पूरे देश में दोहराया जा सके। उन्होंने खुले मन से स्वीकार किया कि कई योजनाओं और प्रक्रियाओं में अभी भी सुधार की गुंजाइश है और भरोसा दिलाया कि यदि राज्यों को किसी नियम या प्रक्रिया में व्यावहारिक दिक्कत है तो ग्रामीण विकास मंत्रालय कैबिनेट और वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर उचित संशोधन की दिशा में काम करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने संभावित कम बारिश को देखते हुए 14 राज्यों को जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार की तैयारी रखने के निर्देश दिए ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह समय प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि सहभागिता का है। केंद्र नीति बनाए, राज्य उसे लागू करें, पंचायत नेतृत्व करे और जनता सहभागी बने- इसी मॉडल से ग्रामीण भारत की तस्वीर और तकदीर बदली जा सकती है। सम्मेलन में ‘वीबी-जीरामजी’ से जुड़े लोगो डिजाइन, क्विज और डिजिटल कंटेंट प्रतियोगिताओं के विजेताओं को शिवराज सिंह चौहान की ओर से सम्मानित किया गया। साथ ही पुस्तकों का विमोचन भी हुआ जो ग्रामीण विकास के नए विचारों और मॉडलों को आगे बढ़ाने का संकेत है।
 

एल नीनो की चुनौतियों का डटकर सामना करें किसान: चंद्रबाबू नायडू

29-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को किसानों से एल नीनो जैसी प्राकृतिक चुनौती का साहसपूर्वक सामना करने की अपील की। एल नीनो एक ऐसी जलवायु संबंधी घटना है, जो सामान्य वर्षा चक्र को प्रभावित करती है।
मुख्यमंत्री ने नए कृषि सीजन की शुरुआत का प्रतीक माने जाने वाले एरुवाका पूर्णिमा के अवसर पर किसानों को शुभकामनाएं दीं। वहीं, कृषि मंत्री के अच्चन्नायडू ने भी किसानों से एल नीनो की चुनौती का हिम्मत के साथ सामना करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा के दिन किसान एरुवाका की परंपरा निभाते हैं। इस अवसर पर वे भूमि और पशुधन की पूजा करते हैं तथा स्वयं को प्रकृति के साथ जोड़ते हैं। उन्होंने कहा, “मैं प्रार्थना करता हूं कि किसानों के घर भरपूर फसल की खुशियों से रोशन हों। हम उस भूमि में जन्मे हैं, जहां प्रकृति की पूजा की जाती है और हम उन परंपराओं का सम्मान करते हैं। आइए, प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी भूमि और स्वास्थ्य को विषैले तत्वों से सुरक्षित रखें।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए हमेशा सक्रिय कदम उठाएगी। इसी क्रम में अन्नदाता सुखीभव योजना के तहत सरकार ने पीएम किसान की राशि किसानों के खातों में जमा कर उनका सहयोग किया है। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि किसान एल नीनो और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से उत्पन्न चुनौतियों पर विजय प्राप्त करेंगे। सरकार की सलाह और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए वे सफल खेती करेंगे और बेहतर उत्पादन हासिल करेंगे।”
कृषि मंत्री के.अच्चन्नायडू ने विजयवाड़ा स्थित कनक दुर्गा मंदिर में राज्य के किसानों की समृद्धि के लिए पूजा-अर्चना की। इस दौरान अच्छी फसल, अधिक उत्पादन और किसानों को बेहतर लाभ मिलने की कामना करते हुए विशेष प्रार्थनाएं की गईं।
कृषि मंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन के लिए आवश्यक उर्वरक और बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों को हर संभव सहायता और सहयोग प्रदान करेगी। साथ ही बताया कि खरीफ खेती के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
कृषि मंत्री अच्चन्नायडू ने कहा कि किसानों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्होंने किसानों से एल नीनो की चुनौती का साहस के साथ सामना करने का आह्वान किया।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी एरुवाका पूर्णिमा के अवसर पर किसानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एरुवाका पूर्णिमा एक कृषि पर्व है, जो मानव और प्रकृति के अटूट संबंध का उत्सव है तथा धरती माता और पशुधन के सम्मान का प्रतीक है। 
 

प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स यात्रा पर दुनिया की नजर, हिंद महासागर में सहयोग रहेगा फोकस

27-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून, 2026 तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। वह अपने मित्र और सेशेल्स गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यात्रा से पहले जारी प्रस्थान वक्तव्य में प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर’ तथा वैश्विक दक्षिण के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रमुख भागीदार है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष दोनों देश राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष भी मना रहे हैं। यह साझेदारी आपसी विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे आत्मीय संबंधों पर आधारित है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि फरवरी 2026 में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की सफल भारत यात्रा के बाद वह उनसे होने वाली वार्ता को लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेता स्थायी मित्रता को और मजबूत करने, लोगों की प्रगति को आगे बढ़ाने तथा हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस यात्रा के दौरान उन्हें सेशेल्स की राष्ट्रीय सभा को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने का गौरव प्राप्त होगा। उन्होंने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि यह दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को प्रदर्शित करेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि वह सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय से मिलने के लिए भी उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने पीढ़ियों से भारत और सेशेल्स की विशेष मित्रता को मजबूत किया है और दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु की भूमिका निभाई है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी यह यात्रा भारत और सेशेल्स के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और गहरा करेगी। साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और सुरक्षित, शांतिपूर्ण तथा समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।








 

भारत-यूके आर्थिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती : पीयूष गोयल

27-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि उन्होंने एशिया हाउस और दुनिया की प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उपयोगी गोलमेज बैठक की, जिसमें भारत-यूके आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने और भविष्य के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत के मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद अपार अवसर वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि बैठक के दौरान भारत के मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) दोनों देशों की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नई मजबूती देगा।
वाणिज्य मंत्री ने यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) के सदस्यों के साथ एक इंटरैक्टिव लंच बैठक भी की। इस दौरान दुनिया की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ भारत-यूके आर्थिक सहयोग, निवेश बढ़ाने और नए कारोबारी अवसरों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सहयोग को और गहरा कर भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
पीयूष गोयल ने लंदन बिजनेस स्कूल में फैकल्टी, छात्रों, पूर्व छात्रों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने एक विशेष फायरसाइड चैट में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के संबंधों को मजबूत बनाने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। छात्र, पेशेवर और उद्यमी दोनों देशों के बीच सहयोग, नवाचार और लोगों के बीच संबंधों को और सशक्त बना सकते हैं।
वाणिज्य मंत्री गोयल भारत के अब तक के सबसे बड़े कारोबारी प्रतिनिधिमंडलों में से एक के साथ ब्रिटेन पहुंचे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में 160 से अधिक अग्रणी भारतीय कंपनियां शामिल हैं, जिनका उद्देश्य दोनों देशों की ऐतिहासिक आर्थिक साझेदारी को जमीनी स्तर पर और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाला भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) दोनों देशों के संबंधों में नया अध्याय जोड़ेगा और विकास के नए अवसर खोलेगा।
पीयूष गोयल ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के स्वागत समारोह में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि टीम अपने शानदार प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता से लाखों युवा लड़कियों, खिलाड़ियों और पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही है। उन्होंने महिला टी20 विश्व कप के लिए टीम को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि भारतीय टीम विश्व कप की ट्रॉफी जीतकर देश का नाम रोशन करेगी।

लोकायन-26 अभियान के तहत अमेरिका के बाल्टीमोर पहुंचा आईएनएस सुदर्शनी, समुद्री सहयोग को मिलेगा बल

27-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शनी ऐतिहासिक समुद्री अभियान ‘लोकायन-26’ के तहत 26 जून 2026 को अमेरिका के मैरीलैंड स्थित बाल्टीमोर बंदरगाह पहुंचा। नॉरफ़ॉक से बाल्टीमोर तक की यात्रा के दौरान पोत ऐतिहासिक चेसापीक एवं डेलावेयर (सी एंड डी) नहर और मध्य-अटलांटिक क्षेत्र के प्रमुख पुलों के नीचे से होकर गुजरा।
आईएनएस सुदर्शनी की बाल्टीमोर यात्रा भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और भारतीय नौसेना तथा अमेरिकी नौसेना के बीच मजबूत मित्रता एवं सहयोग का प्रतीक मानी जा रही है। इस दौरान पोत अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले ‘सेल250 मैरीलैंड’ समारोह से पहले विभिन्न समुद्री और सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा।
बाल्टीमोर पहुंचने से पहले आईएनएस सुदर्शनी ने 19 से 23 जून 2026 तक नॉरफ़ॉक में आयोजित ‘सेल250 वर्जीनिया’ समारोह में भाग लिया था। इस दौरान पोत ने दुनिया के विभिन्न देशों के बड़े जहाजों के साथ ‘परेड ऑफ सेल’ और ‘सिटी क्रू परेड’ में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
आईएनएस सुदर्शनी ने कोच्चि से नॉरफ़ॉक तक पांच महीनों में 13,000 समुद्री मील से अधिक की दूरी तय की है। यह समुद्री अभियान भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को प्रदर्शित करता है। इस अभियान का उद्देश्य महासागरों के पार मित्रता, सहयोग और आपसी विश्वास को और मजबूत करना है। 












 


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