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देश-विदेश

इसलिए डैम बनाकर पानी में डुबो दिया गया

05-Jun-2020

दिल्ली (शोर सन्देश) इटली का एक गांव करीब 26 साल बाद झील से बाहर निकल आया है। अब इटली की सरकार उम्मीद जता रही है कि इस साल के अंत में या अगले साल की शुरुआत में इस मध्यकालीन ऐतिहासिक गांव को देखने के लिए पर्यटक जा सकेंगे। यह गांव पिछले 73 सालों से एक झील में डूबा हुआ है. कुछ लोग कहते हैं कि इस गांव में बुरी आत्माएं और भूत थे, इसलिए इसे झील बनाकर डुबो दिया गया था। आइए जानते हैं कि इस गांव के बारे में...
इस गांव का नाम है फैब्रिश डी कैरीन। यह गांव 1947 से वागली झील में दफन है। 73 साल से पानी में कैद यह गांव अब तक सिर्फ चार बार दिखाई दिया है. 1958, 1974, 1983 और 1994 में. तब लोग यहां घूमने गए थे।
अब 26 साल बाद फिर इस झील का पानी कम हो रहा है और ये गांव बाहर निकल कर रहा है। फैब्रिश डी कैरीन के बारे में कहा जाता है कि यह 13वीं सदी में बसाया गया था. इस गांव से लोहे का उत्पादन हुआ करता था। यहां लोहे का काम करने वाले लोहार रहते थे। इटली के लूका प्रांत के टसकैनी शहर में स्थित इस गांव को देखने का मौका 26 साल बाद वापस रहा है. जब वागली झील खाली हो जाएगी। यह गांव हमेशा 34 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी में डूबा रहता है।  


ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप ने भी फ्लॉयड की मौत पर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया

04-Jun-2020

 अमेरिका में अफ्रीकन-अमेरिकन अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. दुनियाभर के लोग प्रदर्शन को सही ठहरा रहे हैं. अब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप ने भी फ्लॉयड की मौत पर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है. टिफनी ने इंस्टाग्राम पर गुस्सा जाहिर करते हुए एक ब्लैक स्क्रीन पोस्ट किया है.
हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए लिखा, ``अकेले हम कम हासिल कर सकते हैं, एक साथ हम बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं.``
डोनाल्ड ट्रंप की दूसरी पत्नी और टिफनी की मां मार्ला मैपल्स ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए ब्लैक स्क्रीन की तस्वीर पोस्ट की है.
फ्लॉयड की मौत के आरोपी पुलिसकर्मी कस्टडी में लिए गए
जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के जितने आरोपी पुलिस वाले हैं उनको कस्टडी में ले लिया गया है. उनमें से पहले ही एक पुलिस वाले के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था अब बाकी बचे पुलिस वालों पर भी कार्रवाई की गई है


संभावित ड्रग कोरोना वायरस उपचारों में मदद कर सकती है

04-Jun-2020

दिल्ली (शोर सन्देश) दुनिया में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहा है और किसी भी देश में पास कोई ऐसा कारगर इलाज नहीं है जोकि इस महामारी से निपटने में मदद दे सके। ऐसे में एक बार फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के क्लिनिकल परीक्षण फिर से शुरू करने की घोषणा की है, क्योंकि यह संभावित ड्रग कोरोना वायरस उपचारों में मदद कर सकती है।
दुनिया में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहा है और किसी भी देश में पास कोई ऐसा कारगर इलाज नहीं है जोकि इस महामारी से निपटने में मदद दे सके। ऐसे में एक बार फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के क्लिनिकल परीक्षण फिर से शुरू करने की घोषणा की है, क्योंकि यह संभावित ड्रग कोरोना वायरस उपचारों में मदद कर सकती है।
इससे पहले 25 मई को डब्ल्यूएचओ ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी थी। हालांकि उनकी इस रोक के बाद भी अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को कोरोना से लड़ने के लिए मददगार बताया था। डब्‍ल्‍यूएचओ ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के परीक्षणों पर रोक लगा दी थी, ताकि इसको लेकर सुरक्षा समीक्षा की जा सके।
संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन पर रोक का यह फैसला लांसेट मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के बाद आया किया था, जिसमें कहा गया है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा कोरोना रोगियों के बीच मौत का खतरा बढ़ा सकती है।
हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का आमतौर पर गठिया के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सहित सार्वजनिक हस्तियों ने कोरोना वायरस की रोकथाम और उपचार के लिए दवा का समर्थन किया है।
डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडहोम फेहेबियस ने बताया, “पिछले हफ्ते, सॉलिडैरिटी ट्रायल के कार्यकारी समूह ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन पर रोक लगाने का निर्णय किया था, क्योंकि दवा पर कुछ सवाल खड़े हो गए थे। यह निर्णय एहतियात के तौर पर लिया गया था, जबकि सुरक्षा डेटा की समीक्षा की गई थी। हालांकि अब सॉलिडैरिटी ट्रायल में कोरोना से लड़ने के लिए इसका समर्थन किया गया, जिसमें हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन भी शामिल है। 


कोरोना के बाद अमरीका में हिंसा का कहर

02-Jun-2020

अफ्रीकी मूल के अमेरिकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत को लेकर हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के छठे दिन अमेरिका में अब तक कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है। हजारों लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और करीब 40 शहरों में कफ्र्यू लगाया गया है, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस के बंकर में शरण लेनी पड़ी है। अमेरिका में पिछले कई दशकों में अब तक के सबसे बड़ी नागरिक अशांति माने जा रहे ये हिंसक प्रदर्शन फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका में कम से कम 140 शहरों तक फैल गए हैं। कुछ प्रदर्शनों के हिंसक रूप ले लेने के बाद कम से कम 26 राज्यों में नेशनल गार्ड के सैनिकों की तैनाती कर दी गई है। लंदन, न्यूजीलैंड समेत कई देशों में हजारों लोग फ्लॉयड के समर्थन में विरोध कर रहे लोगों के लिए मार्च निकाल रहे हैं। 


राहत की खबर - 1 जून से केरल में आएगा मानसून, 31 मई से कई राज्यों में होगी बदली-बारिश

29-May-2020

लगातार गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग का दावा है कि 1 जून से केरल में मानसून जाएगा। वहीं 31 मई से कई राज्यों में बदली-बारिश की संभावना भी बन रही है।
भारतीय मौसम विभाग पुणे के वैज्ञानिक डॉ. अनुपम कश्यपी ने बताया कि केरल तट पर मौसमी गतिविधियां काफी अनुकूल हैं। दक्षिणी-पश्चिमी मानसून केरल में 1 जून को दस्तक दे सकता है। उन्होंने बताया कि 31 मई से 4 जून के बीच दक्षिण-पूर्व और पूर्वी-मध्य अरब सागर के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. केरल में एक जून को मानसून के दस्तक के लिए यह स्थिति काफी अनुकूल होगी।

मौसम विभाग के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, लदाख, गिलगिट बालटिस्तान और मुजफ़्फराबाद, हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में गुरुवार को आंधी-तूफान के साथ बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली. इससे मैदानी इलाकों में दिल्ली-एनसीआर समेत पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी आंधी के साथ हल्की बारिश हुई. अगले 3 से 4 दिनों तक इन सभी राज्यों में आंधी और बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट होगी  


लॉकडाउन-5 की शुरूआत को लेकर चर्चाओं का दौर जारी

29-May-2020

लगातार लॉकडाउन के बीच लॉकडाउन-4 की समाप्ति और लॉकडाउन-5 की शुरूआत को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। इस बीच केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ गुरुवार को 13 सर्वाधिक प्रभावित शहरों के नगर निगम आयुक्तों के साथ बैठक कर स्थिति की व्यापक समीक्षा की है। माना जा रहा है कि इन 13 शहरों में लॉक डाउन जैसी ही स्थिति रहेगी। इनमें सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन में रखकर वहां खास प्रबंधन किया जाए। यह फैसला जिला कलेक्टर और नगर निगम मिल कर लेंगे। बैठक में जिन 13 सर्वाधिक प्रभावित शहरों को लेकर के नगर निगम आयुक्तों के साथ समीक्षा की गई उनमें मुंबई, चेन्नई, दिल्ली/नई दिल्ली, अहमदाबाद, ठाणे, पुणे, हैदराबाद, कोलकाता/हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, चैंगलपट्टू, तिरुवल्लूर शामिल 


1 जून से 200 अतिरिक्त ट्रेन चलाने का भी निर्णय - भारत सरकार

29-May-2020

भारत सरकार एक मई 2020 से कई सारी श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला रही है ताकि मजदूरों को उनके घर पहुंचाया जा सके। वहीं दूसरी तरफ पीयूष गोयल के नेतृत्व में श्रमिक ट्रेन के अलावा 15 जोड़ी स्पेशल एसी ट्रेन भी चलाई जा रही हैं। हाल ही में भारत सरकार ने एक जून से 200 अतिरिक्त ट्रेन चलाने का भी निर्णय लिया है। देश में कोरोना वायरस के कारण लंबे समय तक ट्रेन का परिचालन पूरी तरह से बंद था. अब जब ट्रेन एक बार फिर से शुरू हुई हैं तो सरकार ने इस बार स्पेशल एसी ट्रेन के बुकिंग सहित आरएसी और वेटिंग लिस्ट के नियमों में बदलाव किए हैं।

आपको बता दें कि अब इन पंद्रह जोड़ी स्पेशल एसी ट्रेन में एडवांस रिजर्वेशन पीरियड को बढ़ाकर 30 दिन का कर दिया गया है। सरकार ने स्पेशल एसी ट्रेन में एक बहुत बड़ा बदलाव तत्काल बुकिंग को लेकर किया है. अगर आप स्पेशल एसी ट्रेन में सफर करने वाले हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि एसी ट्रेनों के लिए तत्काल बुकिंग की सुविधा नहीं होगी। इस बात का भी विशेष तौर पर ध्यान रखना होगा कि अगर आप का टिकट कंफर्म नहीं है और आपका नाम वेटिंग लिस्ट में है तो आप स्पेशल एसी ट्रेन में चढ़ नहीं सकते। इन विशेष ट्रेनों के टिकटों को केवल कम्प्यूटरीकृत पीआरएस काउंटरों के माध्यम से बुक किया जा सकता है, या फिर यात्री टिकट सुविधा केंद्र जिनके पास लाइसेंस होगा वहीं से बुक किया जा सकेगा। 


राम मंदिर पर पाक का गैर जिम्मेदाराना और हास्यास्पद बयान -विहिप महामंत्री मिलिंद परांडे

29-May-2020

अयोध्या (उत्तरप्रदेश) में राम मंदिर के निर्माण पर पाकिस्तान ने बेतुका बयान दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने राम मंदिर बनने के फैसले की निंदा की है। वहीं भारत ने जवाब में पाक के इस बेतुके बयान की कड़ी आलोचना की है। पाक के बयान को विहिप महामंत्री मिलिंद परांडे ने गैर जिम्मेदाराना और हास्यास्पद बताया है। उन्होंने कहा, `पाकिस्तान अपनी कमियों को छिपाने के लिए इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहा है। जिस देश में लगातार अन्याय होता आया है, वो हमारी न्याय व्यवस्था पर बात कर रहे हैं. यह काफी हास्यास्पद भी है? राम जन्मभूमि पर पूरी प्रक्रिया के बाद फैसला आया है. जिसके बाद ही वहां पर समतलीकरण का काम चल रहा है।Ó 


मजदूरों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

28-May-2020

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश) सुप्रीम कोर्ट ने आज मजदूरों की अपने गृह प्रदेश वापसी पर बड़ा फैसला दिया है। बता दें कि सरकार की ओर से दलील रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार ने अब तक 3700 से ज्यादा श्रमिक एक्सप्रेस विशेष ट्रेन चलाई हैं, जिसके जरिए 95 लाख से ज्यादा यात्रियों का आवागमन हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने हर राज्यों से मांगी रिपोर्टसुप्रीम कोर्ट ने किराया लेने को कहा कि प्रवासी मजदूरों के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अशोक भूषण की अगुवाई वाली बेंच ने गुरुवार को सुनवाई की। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 1 मई से 27 मई तक 3700 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गई हैं, जिसके जरिए 95 लाख से ज्यादा यात्रियों का आवागमन हुआ है।
सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी कहा कि ट्रेन का किराया यात्रा शुरू करने या मंजिल वाले राज्य ने चुकाया है, मजदूरों पर इसका कोई बोझ नहीं था। शुरुआत में जिन्होंने किराया दे दिया था उनको बिहार सरकार ने भुगतान कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि किसी प्रवासी मजदूर से घर जाने के लिए यात्रा का एक पैसा भी किराया नहीं वसूला जाए। सारा व्यय राज्य वहन करें। जहां मजदूर रह रहा है या यात्रा शुरू हो रही है वो राज्य या जहां उसे जाना है वो राज्य ये राज्य आपस में तय कर लें। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने यह भी हिदायत दी है कि रास्ते में मजदूरों के खाने-पीने और आश्रय का इंतजाम राज्य सही ढंग से करें।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देशों में यह भी कहा है कि जहां से मजदूर रेल यात्रा शुरू करें, वहां की सरकार उनके भोजन, पानी और टिकट इत्यादि का इंतजाम करे। इसके अलावा रेल में भी उनके खाने-पीने का इंतजाम हो।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार सभी प्रवासी मजदूर यात्रियों का रजिस्ट्रेशन करे और उसके मुताबिक ही उनका ट्रेन में बैठना सुनिश्चित करे। सड़क पर पैदल जाता कोई भी मजदूर दिखे तो उसे शेल्टर होम में लाकर रखे फिर खाना-पीना देकर ट्रेन या बस से उसके गांव तक भेजने का इंतजाम करे।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश की की दस्ती कॉपी केंद्र और सभी राज्य सरकारों को दे दी गई है। इसके साथ ही अगले शुक्रवार तक सभी राज्यों को कोर्ट में यह रिपोर्ट दाखिल कर देनी है जिसमें मजदूरों की संख्या, उनके ट्रांसपोर्टेशन का तरीका, रजिस्ट्रेशन का तरीका, उनको दी जा रही सुविधाओं का ब्यौरा सभी कुछ होंगे।  


लॉकडाउन-4 समाप्ति की ओर है और इसके साथ ही लॉकडाउन-5 की आहट सुनाई देने लगी

28-May-2020

खबर ही है कि आज दोपहर 11.30 बजे लॉकडाउन को लेकर कैबिनेट सचिव राजीव गौबा आज सभी राज्यों के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव के साथ बैठक करेंगे।
गौरतलब है कि लॉकडाउन चार के खत्म होने के पहले ही एक बार फिर लॉकडाउन-5 की आहट सुनाई देने लगी है। 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात करेंगे. सूत्रों का कहना है कि मन की बात में पीएम मोदी बहुत कुछ साफ कर सकते हैं. वैसे सूत्रों का यही कहना है कि दो हफ्ते के लिए लॉकडाउन का बढऩा लगभग तय है।

सरकार लोगों को ज्यादा छूट देकर उनकी जिंदगी और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश करती दिख रही है, लेकिन खबर है कि कोरोना की ज्यादा मार सह रहे इलाकों में राहत नहीं दी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक, लॉकडाउन 5 में 11 शहरों पर सख्ती जारी रहेगी. ये वो शहर हैं जहां कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। 




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