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राष्ट्रपति मुर्मु आज विशाखापत्तनम में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का अवलोकन करेंगी

18-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज बुधवार ‘सिटी ऑफ डेस्टिनी’ के नाम से मशहूर विशाखापत्तनम में समुद्री सहयोग, विश्वास और साझा सुरक्षा को बढ़ावा देने वाले प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम ‘इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू’ का अवलोकन करेंगी।
इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू भव्य समुद्री आयोजन है। इस ‘अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन- 2026’ में 70 से अधिक देशों की नौसेना अपने युद्धपोत, पनडुब्बी और विमानों का प्रदर्शन करेंगी। इसमें कुल 71 युद्धपोत हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 45 भारतीय नौसेना के और 19 विदेशी मित्र देशों के जहाज हैं। 15 फरवरी से भारत की मेजबानी में शुरू इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का समापन 25 फरवरी को होगा। 
भारत का स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत इस आयोजन का प्रमुख केंद्र है। यह आयोजन महासागरों के माध्यम से एकता के संदेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मित्रता को बढ़ावा देता है। इस कार्यक्रम में भारत अपने स्वदेशी युद्धपोतों के माध्यम से सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर रहा है। भारतीय नौसेना के तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन 2026 का उद्देश्य मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच समन्वय, आपसी सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के जरिये दुनिया को भारत की बढ़ती नौसैनिक शक्ति का परिचय देंगी। इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए राष्ट्रपति मंगलवार शाम विशाखापत्तनम पहुंच चुकी हैं । वो बंगाल की खाड़ी में स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस सुमेधा पर सवार होकर समुद्र के बीच खड़े बेड़े का निरीक्षण करेंगी। कार्यक्रम के दौरान 50 से ज्यादा लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर फ्लाई-पास्ट कर राष्ट्रपति को सलामी देंगे। आकाश में मिग-29 के, एलसीए तेजस, पी-8आई टोही विमान और सी-किंग हेलिकॉप्टरों की गड़गड़ाहट सुनाई देगी। दुनिया के सबसे घातक समुद्री कमांडो माने जाने वाले नौसेना के मार्कोस समुद्र के बीच विशेष युद्ध कौशल का प्रदर्शन भी करेंगे। 
यह आयोजन सैन्य शक्ति के साथ-साथ भारत की समुद्री कूटनीति का एक बड़ा मंच है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महासागर विजन के तहत भारत खुद को हिंद महासागर क्षेत्र में एक सुरक्षा प्रदाता के तौर पर पेश कर रहा है। देश में फ्लीट रिव्यू की परंपरा 1953 में शुरू हुई थी। तब प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने 33 भारतीय जहाजों का निरीक्षण किया था। 2016 में विशाखापत्तनम में इसका भव्य समारोह हुआ। इस बार का आयोजन इसलिए विशेष है कि यह दुनिया के सबसे बड़े नौसैनिक अभ्यास में से एक मिलन-2026 के साथ आयोजित हो रहा है।




 

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट: पीएम मोदी ने कहा- जनहित और सबके लाभ के लिए हो एआई का उपयोग

17-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे पांच दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य यह पता लगाना है कि एआई का उपयोग सभी के लाभ के लिए कैसे किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “बुद्धिमत्ता, तर्कसंगतता और निर्णय लेने की क्षमता विज्ञान और प्रौद्योगिकी को जनता के लिए उपयोगी बनाती है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का उद्देश्य यह पता लगाना भी है कि एआई का उपयोग सभी के लाभ के लिए कैसे किया जा सकता है।”
कल सोमवार से शुरू हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों, मंत्रियों, वैश्विक प्रौद्योगिकी नेताओं, प्रख्यात शोधकर्ताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और उद्योग जगत के हितधारकों को एक साथ लाया गया ताकि समावेशी विकास को आगे बढ़ाने, सार्वजनिक प्रणालियों को मजबूत करने और सतत विकास को सक्षम बनाने में एआई की भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके। साथ ही, यह पहली बार है कि इस मुद्दे पर इतने बड़े पैमाने पर वैश्विक सम्मेलन का आयोजन ग्लोबल साउथ में किया जा रहा है।
पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन जो 20 फरवरी को समाप्त होगा, इसमें 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिनमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और उप मंत्री शामिल हैं, साथ ही सीईओ, संस्थापक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, सीटीओ और परोपकारी संगठनों सहित 500 से अधिक वैश्विक एआई नेता भी शामिल होंगे।
19 फरवरी को पीएम मोदी उद्घाटन भाषण देंगे, जो वैश्विक सहयोग की दिशा तय करेगा और समावेशी एवं जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेगा।
शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण तीन प्रमुख वैश्विक प्रभाव चुनौतियां हैं – एआई फॉर ऑल, एआई बाय हर और युवआई – जिनका समापन फाइनलिस्टों की घोषणा और ग्रैंड फिनाले शोकेस के साथ होगा। समावेशी, जिम्मेदार और विकासोन्मुखी एआई को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई ये चुनौतियां राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक विकास उद्देश्यों के अनुरूप स्केलेबल, उच्च-प्रभाव वाले एआई समाधानों को गति प्रदान करने के लिए शुरू की गई थीं।
इन चुनौतियों के लिए 60 से अधिक देशों से 4,650 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जो मजबूत अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को दर्शाते हैं और जिम्मेदार और स्केलेबल एआई नवाचार के लिए एक विश्वसनीय वैश्विक केंद्र के रूप में भारत के उदय को मजबूत करते हैं।
विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के नेताओं द्वारा किए गए एक कठोर बहुस्तरीय मूल्यांकन के बाद, तीनों श्रेणियों में शीर्ष 70 टीमों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया है। ये फाइनलिस्ट नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों और शिक्षाविदों के साथ जुड़ेंगे, साथ ही राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपने नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए मान्यता और सहयोग प्राप्त करेंगे।
18 फरवरी को हैदराबाद स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से एआई और उसके व्यापक प्रभावों पर एक महत्वपूर्ण अनुसंधान संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। यह संगोष्ठी शिखर सम्मेलन का प्रमुख शैक्षणिक मंच मानी जा रही है, जहां एआई से जुड़े विभिन्न आयामों पर गंभीर विमर्श होगा।
इस संगोष्ठी के लिए अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका सहित विभिन्न देशों से लगभग 250 शोध प्रस्तुतियां प्राप्त हुई हैं, जो इस विषय पर वैश्विक रुचि और सहभागिता को दर्शाती हैं। कार्यक्रम में एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी भाग ले रहे हैं।
यह विश्व स्तर पर प्रसिद्ध एआई विशेषज्ञों और अग्रणी अनुसंधान संस्थानों को एक साथ लाता है ताकि एआई-संचालित वैज्ञानिक खोज, सुरक्षा और शासन ढांचे, बुनियादी ढांचे तक समान पहुंच और ग्लोबल साउथ में अनुसंधान सहयोग पर विचार-विमर्श किया जा सके। 






 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मौजूदगी में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026, विशाखापट्टनम में दिखेगा नौसैनिक शक्ति का भव्य स्वरूप

17-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को दो दिन के दौरे पर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम पहुंचेंगी। वह यहां इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) में शामिल होंगी। राष्ट्रपति देश की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर होती हैं। इसी नाते वह इस कार्यक्रम का निरीक्षण करेंगी। आईएफआर इंटरनेशनल नेवल डेलिगेशन, जहाज़ों, सबमरीन और एयरक्राफ्ट की एक सेरेमोनियल मीटिंग है।
आईएफआर 2026 की शुरुआत मंगलवार को प्रेसिडेंशियल बैंक्वेट से होगी। इसके बाद अगले दिन राष्ट्रपति विशाखापट्टनम तट के पास निर्धारित क्षेत्र में भारत और मित्र देशों के 70 जहाजों के फ्लीट का रिव्यू करेंगी। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल जस्टिस एस. अब्दुल नजीर (रिटायर्ड) और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद रहेंगे। भारतीय नौसेना के अनुसार, यह आयोजन समुद्री शक्ति, आपसी सहयोग और मित्रता को प्रदर्शित करता है, साथ ही यह देश की संप्रभु निगरानी को भी दर्शाता है। इससे पहले भारत वर्ष 2001 में मुंबई और 2016 में विशाखापत्तनम में आईएफआर का आयोजन कर चुका है।
मित्र देशों के युद्धपोत, पनडुब्बियां और विमान समुद्र में एकत्र होकर अपनी ताकत और क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अहम भूमिका निभाने वाला भारतीय विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत इस बार का मुख्य आकर्षण रहेगा। मित्र देशों की नौसेनाएं भारत में निर्मित इस विमानवाहक पोत को नजदीक से देखेंगी।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विक्रांत कैरियर बैटल ग्रुप इंडियन नेवी के अटैकिंग डिटरेंट पोस्चर का मेन हिस्सा था। उसने भारतीय नौसेना की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसकी मौजूदगी के कारण पाकिस्तान नौसेना रक्षात्मक स्थिति में आने को मजबूर हुई और उसे जल्द युद्धविराम का अनुरोध करना पड़ा।
आईएफआर 2026 के तहत अंतरराष्ट्रीय सिटी परेड, सांस्कृतिक प्रदर्शनियां और आम जनता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य विश्व की समुद्री विरासत का उत्सव मनाना है। विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना के प्रमुख बहुपक्षीय अभ्यास ‘मिलन 26’ का 13वां संस्करण भी आयोजित हो रहा है। यह अभ्यास बंगाल की खाड़ी में पूर्वी नौसैनिक कमान के नेतृत्व में हो रहा है। इसमें 135 से अधिक देशों को आमंत्रित किया गया है।
मिलन अभ्यास का उद्देश्य मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संबंध मजबूत करना, बेहतर अनुभव साझा करना और समुद्री सहयोग बढ़ाना है। इस अभ्यास में बड़े स्तर पर संयुक्त नौसैनिक अभियान चलाए जाएंगे, जिससे सभी देशों की नौसेनाओं को साथ मिलकर काम करने का अनुभव मिलेगा।इसके अलावा शहर में इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है। यह पहली बार है जब भारत एक साथ तीन बड़े समुद्री आयोजनों की मेजबानी कर रहा है।
पहला आईएफआर वर्ष 2001 में आयोजित किया गया था, जब तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने आईएनएस सुकन्या से बेड़े का निरीक्षण किया था। दूसरा आईएफआर वर्ष 2016 में विशाखापट्टनम में हुआ था, जिसमें बंगाल की खाड़ी में पहले से कहीं ज़्यादा देशों की नेवी ने हिस्सा लिया था। 50 देशों से कुल मिलाकर लगभग 100 वॉरशिप आए थे। यह भारतीय समुद्री क्षेत्र में युद्धपोतों का अब तक का सबसे बड़ा जमावड़ा था। उस समय तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आईएनएस सुमित्रा से फ्लीट का निरीक्षण किया था। उनके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी मौजूद थे।
 

इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो विचारों, नवाचार और इरादों का शक्तिशाली संगम : पीएम मोदी

17-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 की मुख्य विशेषताओं को साझा करते हुए कहा कि यह विचारों, नवाचार और इरादों का एक शक्तिशाली संगम था। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 विचारों, नवाचार और इरादों का एक शक्तिशाली संगम था।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इसने वैश्विक भलाई के लिए एआई के भविष्य को आकार देने में भारतीय प्रतिभा की असाधारण क्षमता को प्रदर्शित किया। सबसे बढ़कर, इसने मानव प्रगति के लिए एआई का जिम्मेदारपूर्वक, समावेशी रूप से और व्यापक स्तर पर उपयोग करने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।”
इससे पहले कल सोमवार को, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का उद्घाटन किया और कहा कि एआई में भारत की प्रगति न केवल देश के लिए परिवर्तनकारी समाधानों को आकार देगी बल्कि वैश्विक उन्नति में भी योगदान देगी। पीएम मोदी ने कहा कि नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं और तकनीकी उत्साही लोगों के बीच रहने से एआई, भारतीय प्रतिभा और नवाचार की असाधारण क्षमता की झलक मिलती है।
पीएम मोदी ने आगे कहा था, “हम मिलकर न केवल भारत के लिए बल्कि दुनिया के लिए भी समाधान तैयार करेंगे।”
यह एक्सपो इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित किया जा रहा है, जो ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक एआई सम्मेलन है और इसमें अभूतपूर्व भागीदारी देखी जा रही है, जिसमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 वैश्विक एआई नेता भाग लेने वाले हैं।
इस बीच, सोमवार से शुरू हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों, मंत्रियों, वैश्विक प्रौद्योगिकी नेताओं, प्रख्यात शोधकर्ताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और उद्योग जगत के हितधारकों को एक साथ लाया गया ताकि समावेशी विकास को आगे बढ़ाने, सार्वजनिक प्रणालियों को मजबूत करने और सतत विकास को सक्षम बनाने में एआई की भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके। साथ ही, यह पहली बार है कि इस मुद्दे पर इतने बड़े पैमाने पर वैश्विक सम्मेलन का आयोजन ग्लोबल साउथ में किया जा रहा है।
‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का उद्देश्य एआई के प्रति प्रभाव-उन्मुख और जन-केंद्रित दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है, जिसमें मापने योग्य सामाजिक और आर्थिक परिणाम प्रदान करने पर जोर दिया गया है।




 

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव बनने से तमिलनाडु के 10 जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

17-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण 21 फरवरी को तमिलनाडु के कम से कम 10 जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और पूर्वी हिंद महासागर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बन गया है, जो धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है।
मौसम विभाग ने बताया कि 18 फरवरी तक पूरे तमिलनाडु में शुष्क मौसम रहने की संभावना है, लेकिन इसके बाद मौसम के मिजाज में बदलाव शुरू होगा। 19 फरवरी को राज्य के दक्षिणी तटीय जिलों और डेल्टा क्षेत्र के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
20 फरवरी को इस सिस्टम के और मजबूत होने के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। उस दिन तमिलनाडु के कई हिस्सों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, 21 फरवरी को डेल्टा क्षेत्र के मायिलादुथुरै, नागपट्टिनम, तिरुवारुर, तंजावुर और पुडुकोट्टई जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। वहीं दक्षिणी तमिलनाडु के रामनाथपुरम, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी और तेनकासी जिलों में भी एक-दो स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है।
22 फरवरी को तेनकासी, तिरुनेलवेली, और कन्याकुमारी जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर दक्षिणी तटीय इलाकों में, क्योंकि समुद्र की स्थिति सिस्टम की तीव्रता के अनुसार खराब हो सकती है। निचले और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।








 

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को मुंबई बहुत पसंद आई: पीएम मोदी

17-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले तो मुंबई की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘अपने दोस्त’ संग मुलाकात की एक तस्वीर के साथ लिखा, “मुंबई में अपने दोस्त, राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर बहुत खुशी हुई! उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें यह शहर बहुत पसंद है और आज सुबह उन्होंने अपनी दौड़ (जॉगिंग) का भी आनंद लिया!
मंगलवार तड़के आर्थिक राजधानी पहुंचने के कुछ देर बाद ही मैक्रों समुद्र किनारे मरीन ड्राइव पर अलग अंदाज में दिखे। उनके साथ फर्स्ट लेडी ब्रिगिट मैक्रों भी थीं। नीले रंग के शॉर्ट्स और टी शर्ट में वो जॉगिंग करते दिखे। जिससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो फिटनेस को लेकर कितने गंभीर हैं।
उनकी सुरक्षा टीम और भारतीय सुरक्षा अधिकारी उनके साथ मौजूद थे। मुंबई पुलिस के जवान भी सड़क पर तैनात थे। प्रधानमंत्री ने उनकी इसी दौड़ का अपनी पोस्ट में जिक्र किया।
महाराष्ट्र के गवर्नर आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई एयरपोर्ट पर मैक्रों का सुबह स्वागत किया था। बाद में फर्स्ट लेडी के साथ राष्ट्रपति मैक्रों ने मुंबई टेरर अटैक के पीड़ितों को ताज में श्रद्धांजलि भी दी।
इसके बाद वो मुंबई में कई बॉलीवुड स्टार्स से भी मिले। इनमें मनोज बाजपेयी, अनिल कपूर, शबाना आजमी, जोया अख्तर और ऋचा चढ्ढा जैसे कलाकार शामिल थे।
दोनों नेता शाम को भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर 2026 का उद्घाटन करेंगे। मोदी और मैक्रों उद्योगपतियों, स्टार्टअप फाउंडर्स, रिसर्च एक्सपर्ट्स, और इनोवेशन से जुड़े लोगों को संबोधित भी करेंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान मैक्रों दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में भी शामिल होंगे।
यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा दौरा है और मुंबई में उनका पहला आधिकारिक दौरा है। इससे पहले वो मार्च 2018 में पहली बार भारत आए थे। फिर वो सितंबर 2023 में जी20 सम्मेलन के लिए और जनवरी 2024 में गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे।
भारत और फ्रांस के बीच 1998 से रणनीतिक साझेदारी है, और दोनों देश रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साथ काम करते हैं। यह दौरा भी इसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

 

पीएम मोदी बोले—रणनीतिक सहयोग से नई ऊंचाइयों पर पहुंचे भारत-फ्रांस संबंध

17-Feb-2026

नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस के एच-125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन का वर्चुअली उद्घाटन किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के संबंध अत्यंत विशेष हैं और फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मैक्रॉन के साथ मिलकर इस साझेदारी को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी गई है। आपसी विश्वास और साझा विजन के आधार पर दोनों देश अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जा रहे हैं।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस संबंध केवल रणनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्थिरता और प्रगति के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में यह साझेदारी विश्व के लिए सकारात्मक शक्ति के रूप में उभर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर ऐसा हेलीकॉप्टर बनाएंगे जो माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम होगा। इसका निर्माण भारत में किया जाएगा और इसे वैश्विक बाजार में निर्यात किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2026 भारत और यूरोप के संबंधों में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि हाल ही में यूरोपियन यूनियन के साथ भारत का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है, जिससे भारत-फ्रांस संबंधों को भी नई गति मिलेगी।
नरेंद्र मोदी ने बताया कि दोनों देश हेल्थ में एआई के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर, डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर और एयरोनॉटिक्स स्किलिंग के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि ये पहल भविष्य-निर्माण के महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म साबित होंगी। 





 

कर्नाटक के वेमगल में एच-125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन, राजनाथ सिंह बोले—हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन से बढ़ेंगे निवेश और रोजगार

17-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) कर्नाटक के वेमगल में एच-125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहे और इसे भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। यह पहल टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एयरबस हेलीकॉप्टर्स के संयुक्त सहयोग से शुरू की गई है।
रक्षा मंत्री ने इस पहल के लिए दोनों कंपनियों की टीमों को बधाई देते हुए कहा कि यह परियोजना मित्र देशों के साथ उच्च स्तरीय विनिर्माण में पारस्परिक लाभकारी साझेदारी को आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियां बड़ी संख्या में अपने महत्वपूर्ण पुर्जे भारतीय एमएसएमई से ले रही हैं और इस सहयोग को तकनीक हस्तांतरण के साथ और मजबूत किया जाना चाहिए।
राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भरता वर्ष 2014 से भारत की आर्थिक नीति की आधारशिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के तहत भारत ने उच्च स्तरीय प्रौद्योगिकी और उन्नत उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य तय किया है और देश पारस्परिक साझेदारियों के जरिए तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में बुनियादी ढांचे के निर्माण, पूंजी निवेश और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) जैसी योजनाओं से औद्योगिक विकास को गति मिली है। उदार नीतिगत ढांचे ने वैश्विक कंपनियों के लिए भारत में निवेश का अनुकूल वातावरण तैयार किया है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि एच-125 कार्यक्रम में 1,000 करोड़ रुपए से अधिक निवेश की संभावना है, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएं विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के साथ स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूत करती हैं।
उन्होंने बताया कि आयुध निर्माणी बोर्ड के निगमकरण, निवेश नीतियों के उदारीकरण और रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना जैसे सुधारों से देश के कुल रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग एक चौथाई तक पहुंच गई है। रक्षा निर्यात में भी कई गुना वृद्धि हुई है और एमएसएमई व सहायक उद्योगों की संख्या बढ़कर 16,000 से अधिक हो चुकी है।
रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि एच-125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन की शुरुआत भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को नई दिशा देने वाली पहल साबित होगी।

तमिलनाडु में बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम-दबाव क्षेत्र बनने से 21 फरवरी तक बारिश का अनुमान

16-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने अनुमान लगाया है कि आज सोमवार तक बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। इसके कारण आने वाले कुछ दिनों में तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में बारिश होने की संभावना है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि इस समय भूमध्य रेखा के आसपास और दक्षिण–पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी हवा में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसी के प्रभाव से सोमवार तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्से और उससे लगे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
यह मौसमी प्रणाली 21 फरवरी तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। फिलहाल बहुत तेज और व्यापक बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन मौसम वैज्ञानिक इस प्रणाली पर नजर रखे हुए हैं ताकि अगर यह मजबूत हो तो समय पर जानकारी दी जा सके।
पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। खासकर तटीय और उत्तरी जिलों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और बीच-बीच में बारिश हो सकती है। इसके अलावा, रविवार को कुछ स्थानों पर हल्की धुंध भी बनने की संभावना जताई गई है।
चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कुड्डालोर और पुडुचेरी में धुंध रहने की संभावना वाले इलाकों में बारिश हो सकती है। इन इलाकों में सुबह जल्दी आने-जाने वालों को विजिबिलिटी कम होने की वजह से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मछुआरों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने के लिए कहा गया है, खासकर दक्षिण बंगाल की खाड़ी और उससे लगे भूमध्यरेखीय समुद्री क्षेत्रों में काम करने वालों को। वहीं, अधिकारियों ने कहा है कि जैसे-जैसे यह प्रणाली आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे नई जानकारी जारी की जाएगी।
इस मौसम में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र अक्सर तमिलनाडु में रुक-रुक कर बारिश लाते हैं, जिससे कई जिलों में सूखे जैसे हालात से कुछ राहत मिलती है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे ताजा मौसम जानकारी के लिए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें।
 

ईसीआई स्पोर्ट्स वीक 2026 शुरू, ‘रन फॉर डेमोक्रेसी’ से हुआ आगाज

16-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) का सालाना स्पोर्ट्स वीक 2026 सोमवार को कॉमनवेल्थ गेम्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में उत्साह और उमंग के साथ शुरू हुआ। सप्ताह भर चलने वाले इस आयोजन का उद्घाटन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि खेलों को परिभाषित करने वाले मूल तत्व पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्पक्षता हैं। यही सिद्धांत भारत की चुनावी प्रक्रिया की नींव को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि खेल लोगों को स्वस्थ रखते हैं और सभी को नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जैसे खेल के मैदान में नियमों का सम्मान और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा जरूरी है, वैसे ही लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव अनिवार्य हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और खेल भावना व लोकतांत्रिक मूल्यों के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया।
खेल सप्ताह की शुरुआत “रन फॉर डेमोक्रेसी” थीम के तहत 100 मीटर महिला दौड़ से हुई, जिसे मुख्य चुनाव आयुक्त ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वर्ष आयोजन की थीम “मैदान में तालमेल, डेमोक्रेसी में मजबूती” रखी गई है, जो टीमवर्क और सहयोग की भावना को लोकतांत्रिक सशक्तीकरण से जोड़ती है।
भारतीय निर्वाचन आयोग के रिक्रिएशन क्लब द्वारा आयोजित इस वार्षिक खेल सप्ताह में कुल 383 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 72 महिलाएं शामिल हैं। प्रतियोगिताएं 7 विभिन्न खेलों की 43 श्रेणियों में आयोजित की जाएंगी।
प्रतियोगिताओं में शतरंज, कैरम, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स ट्रैक इवेंट्स शामिल हैं। एथलेटिक्स में 100, 200, 400 और 800 मीटर दौड़ प्रतियोगिताएं पुरुष और महिला वर्ग की अलग-अलग आयु श्रेणियों में आयोजित होंगी।
आयोजन का उद्देश्य कर्मचारियों के बीच आपसी तालमेल, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। पूरे सप्ताह विभिन्न मुकाबलों के साथ यह आयोजन जोश और ऊर्जा से भरपूर रहने की उम्मीद है। 



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