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कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सलवाद पर गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान: ‘आंतरिक सुरक्षा के तीन हॉटस्पॉट अब शांत’

21-Oct-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि देश ने आंतरिक सुरक्षा की तीन बड़ी चुनौतियों—कश्मीर, पूर्वोत्तर और वामपंथी उग्रवाद से निपटने में उल्लेखनीय प्रगति की है। पुलिस स्मृति दिवस पर नई दिल्ली में बोलते हुए उन्होंने इन क्षेत्रों को अब शांत बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “हाल के वर्षों में देश ने कई चुनौतियों का सामना किया है। इनमें तीन ऐसी बड़ी समस्याएं शामिल थीं, जिन्हें हमने दशकों तक झेला और जो हमारी आंतरिक सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील इलाके माने जाते थे: कश्मीर, पूर्वोत्तर और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित पूरा क्षेत्र। आज, ये तीनों इलाके शांत हैं। यहां विकास के लिए अनुकूल माहौल बना है और ये क्षेत्र अब विकास के मामले में देश के बाकी हिस्सों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं।”

उन्होंने आगे बताया कि कश्मीर में आतंकवाद पर काफी हद तक लगाम लगाई जा चुकी है। कई समझौतों और हजारों लोगों द्वारा हथियार डालने के बाद पूरा पूर्वोत्तर शांति की ओर बढ़ रहा है। पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने पांच दशकों से कई राज्यों में फैली नक्सल समस्या को लगभग खत्म करने में बड़ी सफलता हासिल की है। अमित शाह ने विशेष रूप से CAPF और कोबरा (CoBRA) बटालियन की तारीफ की और नक्सलवाद के खिलाफ उनके योगदान के लिए उन्हें बधाई दी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमाओं और देश भर में तैनात CAPF जवानों का विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा, “मैं सीमाओं पर तैनात और देश के भीतर सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले सभी CAPF जवानों को विशेष रूप से धन्यवाद देना चाहता हूं। वे अपने घरों से दूर रहकर हर मौके पर सतर्क रहते हैं—चाहे चुनाव हो, कोई त्योहार हो, विरोध-प्रदर्शन हो या फिर सीमा सुरक्षा का मामला हो। वे देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करते हैं।” शाह ने जोर दिया कि लोकतंत्र की रक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने में CAPF की भूमिका अपरिहार्य है।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी से एक मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाई। CRPF के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें रैली की जानकारी दी। ‘शहीद पुस्तिका रक्षक टोली’ ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

नशीले पदार्थों की समस्या पर बोलते हुए अमित शाह ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अगले साढ़े तीन वर्षों—2026 के बचे समय सहित 2027, 2028 और 2029—में नशीले पदार्थों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने का फैसला किया है। लक्ष्य है 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशा-मुक्त बनाना।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “यह हमारे लिए एक बहुत महत्वपूर्ण लक्ष्य है, जो तीन हॉटस्पॉट से निपटने से भी कहीं अधिक अहम है। नशीले पदार्थों की समस्या हमारी आने वाली पीढ़ियों को खोखला कर रही है, अर्थव्यवस्था पर अनावश्यक बोझ डाल रही है और देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचा रही है।” 
उन्होंने देश भर के पुलिस बलों से अपील की कि वे ‘नशा-मुक्त भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी लगन से काम करें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तय किए गए रोडमैप का पालन करें।














 

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत दौरा, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा

21-Oct-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 20 से 21 अक्टूबर 2026 तक भारत का दौरा किया। यह रुबियो की दूसरी भारत यात्रा थी। इससे पहले उन्होंने मई 2026 में नई दिल्ली का दौरा किया था।
मुंबई में हुई मुलाकात के दौरान भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
इस दौरान व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा सहित कई अहम क्षेत्रों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर चल रही बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया और इसे जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी राजदूत की मेजबानी में आयोजित ‘यूएस फ्रीडम 250 रिसेप्शन’ में मुख्य अतिथि के रूप में भी हिस्सा लिया।
यह यात्रा भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय संवाद की निरंतरता को दर्शाती है। साथ ही, इससे 21वीं सदी के लिए भारत-अमेरिका कॉम्पैक्ट (COMPACT) को आगे बढ़ाने के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता भी रेखांकित हुई।



















 

SCO बैठक में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक प्रयासों पर दिया जोर

21-Oct-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शासनाध्यक्ष परिषद (CHG) की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
बैठक को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने SCO सदस्य देशों के बीच साझा हितों से जुड़े क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। इनमें व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, नवाचार और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाना शामिल है।
राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से मुकाबला करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सहयोग आपसी सम्मान, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और पारस्परिक लाभ के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए।

बैठक में SCO सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही, परिवहन, वित्त, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कनेक्टिविटी से जुड़े उपायों पर चर्चा हुई।
बैठक में शामिल प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने SCO शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक का संयुक्त विज्ञप्ति-पत्र अपनाया। इसमें वर्ष 2027 के लिए SCO का बजट, वित्तीय और प्रशासनिक फैसले तथा 2026–2030 के लिए PMTEC कार्ययोजना शामिल हैं।

SCO शासनाध्यक्ष परिषद संगठन का एक महत्वपूर्ण तंत्र है, जिसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देना है। भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है और संगठन के विभिन्न तंत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेता रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान रवाना, शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे

19-Oct-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार सुबह नई दिल्ली से ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे के लिए रवाना हुए। वह यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह महत्वपूर्ण बैठक 19 और 20 अक्टूबर को होने जा रही है।  
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने रवाना होने की जानकारी देते हुए कहा कि वह इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उत्सुक हैं। इस बैठक में एससीओ के सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर प्रमुखता से चर्चा होगी। रक्षामंत्री ने बताया कि एससीओ की बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क व्यवस्था, नवाचार और सांस्कृतिक एवं मानवीय आदान-प्रदान जैसे विषय बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल हैं। 

इसके अलावा, सदस्य देश आपसी सहयोग से जुड़ी मौजूदा पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। यहां संगठन के वित्तीय प्रबंधन और संस्थागत कामकाज से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। एससीओ की यह बैठक सदस्य देशों को आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने का अवसर देगी। इसका उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों में आपसी तालमेल मजबूत करना है, जिनसे सभी सदस्य देशों को लाभ मिल सके। 
गौरतलब है कि भारत एससीओ की विभिन्न व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। भारत ने क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नए उद्यमों, नवाचार, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे क्षेत्रों में पहल की है। दुशांबे में होने वाली बैठक के दौरान भारत अन्य सदस्य देशों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करेगा। साथ ही आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग आगे बढ़ाने के मार्ग तलाशे जाएंगे। एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की पिछली बैठक 18 नवंबर 2025 को रूस की राजधानी मॉस्को में हुई थी। उस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने किया था। इस बार ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में होने वाली बैठक में भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हो रहे हैं। 

शंघाई सहयोग संगठन क्षेत्रीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच है। इसकी शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में मुख्य रूप से आर्थिक सहयोग और संगठन के कामकाज से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है। 19 और 20 अक्टूबर की बैठक में भी सदस्य देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने और साझा पहलों की प्रगति की समीक्षा पर ध्यान रहेगा। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाना है। यहां विभिन्न क्षेत्रों में जारी पहलों की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। 

 


नमो भारत के तीन साल पूरे, 4.5 करोड़ से अधिक यात्री यात्राओं के साथ क्षेत्रीय परिवहन को मिली रफ्तार

19-Oct-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अक्टूबर 2023 में उद्घाटन किए गए 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर संचालित नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम ने अब तक 4.5 करोड़ से अधिक यात्री यात्राओं का आंकड़ा पार कर लिया है।
नमो भारत परिचालन के तीन सफल वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘नमो भारत दिवस 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि आधुनिक, सुरक्षित और निर्बाध परिवहन व्यवस्था पर लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।”

वर्तमान में नमो भारत सेवा का प्रतिदिन 1.1 लाख से अधिक यात्री उपयोग कर रहे हैं। इस प्रणाली ने एक दिन में लगभग 1.68 लाख यात्रियों का अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड भी दर्ज किया है।
खट्टर ने कहा, “नमो भारत रैपिड रेल भारत में क्षेत्रीय संपर्क के नए युग की शुरुआत कर रही है और शहरी परिवहन के भविष्य को नई दिशा दे रही है। बेहतर परिवहन प्रणाली केवल शहरों के बीच दूरी कम नहीं करती, बल्कि लोगों को नए अवसरों से भी जोड़ती है, जिससे क्षेत्रीय विकास और आर्थिक प्रगति को गति मिलती है।”

उन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने में योगदान देने वाले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, कर्मचारियों और श्रमिकों की सराहना की।
तेज, नियमित और भरोसेमंद सेवाओं के जरिए नमो भारत लोगों की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बना रही है। इससे कार्यस्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और आर्थिक केंद्रों तक पहुंच आसान हुई है और यात्रियों का समय भी बच रहा है।

दिल्ली-पानीपत-कर्नाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बेहरोर नमो भारत कॉरिडोर को भी जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। वहीं गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) चरण में हैं।
समारोह के दौरान एनसीआरटीसी ने नमो भारत की तीन वर्ष की यात्रा से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियों को भी साझा किया, जिसमें मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने, फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर बनाने, यात्रियों के अनुभव को और बेहतर करने तथा ‘सोलर ऑन ट्रैक’ और 110 मेगावाट क्षमता वाले कैप्टिव सोलर पावर प्लांट जैसी पहलों का उल्लेख किया गया, जिनका उद्देश्य परियोजना को पर्यावरणीय और वित्तीय रूप से अधिक टिकाऊ बनाना है।
कार्यक्रम में एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शालभ गोयल ने कहा, “एनसीआरटीसी की स्थापना देश में आधुनिक, सुरक्षित, भरोसेमंद और पर्यावरण-अनुकूल क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी। नमो भारत की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक सार्वजनिक परिवहन किस तरह लोगों को अवसरों के करीब ला सकता है और अधिक जुड़ा हुआ, सुलभ तथा टिकाऊ क्षेत्र विकसित करने में योगदान दे सकता है।”

 


इंडिगो की सऊदी अरब की उड़ानें 24 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी

16-Oct-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) इंडिगो ने खाड़ी देश में बदलती स्थिति के बीच सऊदी अरब के शहरों के लिए अपनी उड़ानें 24 अक्टूबर तक रद्द रखने का फैसला किया है। वहीं, अकासा एयर ने कहा कि पश्चिम एशिया में मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए उसने रियाद आने-जाने वाली सभी उड़ानों का निलंबन 24 अक्टूबर तक और जेद्दा आने-जाने वाली उड़ानों का निलंबन 21 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है।
इंडिगो, एअर इंडिया एक्सप्रेस, एअर इंडिया और अकासा एयर ने मंगलवार को सऊदी अरब के शहरों से जुड़ी अपनी उड़ानों को 17 अक्टूबर तक रद्द करने की घोषणा की थी।
इंडिगो ने कल गुरुवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सऊदी अरब में बदलती परिस्थितियों का सावधानीपूर्वक आकलन करने के बाद रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना आने-जाने वाली उड़ानें 24 अक्टूबर 2026 तक रद्द रहेंगी।’’
एयरलाइन ने कहा कि प्रभावित यात्रियों को बुकिंग के समय दिए गए संपर्क विवरण के माध्यम से समय पर सूचनाएं भेजी जा रही हैं।
उड़ानों के रद्द रहने की अवधि बढ़ाने की घोषणा करते हुए अकासा एयर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि वह लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थिति का आकलन कर रही है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से बढ़ी ठंड, वायु प्रदूषण में दिखा सुधार

16-Oct-2026
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर का मौसम अचानक बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी और उमस के बाद अब लोगों को राहत मिलने लगी है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आज शुक्रवार को भी दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने के आसार हैं।
इस मौसमी बदलाव के कारण तापमान में कमी ही नहीं, बल्कि वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 16 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

शुक्रवार को आंधी के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। आगामी दिनों की बात करें तो 17 अक्टूबर को तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 21 डिग्री रहेगा। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। वहीं, 18 अक्टूबर से मौसम एक बार फिर से साफ होने लगेगा। 18, 19, 20 और 21 अक्टूबर तक मुख्य रूप से आसमान साफ रहने का अनुमान है। इन दिनों में अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। तापमान में इस गिरावट के चलते रात के समय ठंड का अहसास होने लगा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ग्रीन जोन में पहुंच गया है। दिल्ली के विभिन्न इलाकों की बात करें तो कैंटोनमेंट एरिया में एक्यूआई 24 (ग्रीन), बदरपुर में 39 (ग्रीन), बुराड़ी में 60 (ग्रीन), आया नगर में 64 (ग्रीन), अशोक विहार में 67 (ग्रीन), अलीपुर में 70 (ग्रीन), बुराड़ी क्रॉसिंग में 70 (ग्रीन), बवाना में 98 (संतोषजनक) और आनंद विहार में 99 (संतोषजनक) दर्ज किया गया।

नोएडा की बात करें तो सेक्टर-1 में एक्यूआई 59 (ग्रीन), सेक्टर-125 में 65 (ग्रीन), सेक्टर-116 में 80 (ग्रीन) और सेक्टर-62 में 101 (संतोषजनक) रहा। गाजियाबाद के इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता बेहतर हुई है। गोविंदपुरम में एक्यूआई 36 (ग्रीन), संजय नगर में 87 (ग्रीन), इंदिरापुरम में 89 (ग्रीन), वसुंधरा में 102 (संतोषजनक), वेद विहार-लोनी में 101 (संतोषजनक), वेव सिटी में 114 (संतोषजनक) और लोनी में 144 (संतोषजनक) दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क और साफ रहेगा। फिलहाल, बारिश और ठंडी हवाओं के चलते एनसीआर के लोगों को गर्मी और प्रदूषण दोनों से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अक्टूबर के अंत और नवंबर की शुरुआत में पराली जलाने और त्योहारों के कारण प्रदूषण फिर से बढ़ सकता है। 

पंजाब ड्रग्स, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध से जूझ रहा है: गृह मंत्री अमित शाह

16-Oct-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पंजाब में ड्रग तस्करी, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध के बढ़ते खतरे पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने भगवंत मान सरकार से राज्य के लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए और कहा कि गृह मंत्रालय हाल की घटनाओं पर राज्य सरकार से जवाब मांगेगा। एक्स पर हिंदी में पोस्ट करते हुए गृह मंत्री ने लिखा, “पंजाब आज ड्रग्स, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध के बढ़ते खतरों से जूझ रहा है। भगवंत मान सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पंजाब के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?”
अमित शाह ने दिरबा और मानसा की हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने लिखा, “दिरबा में दबाव के कारण एक पिता द्वारा जहर खा लेना, और मानसा में ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या – इन घटनाओं ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परविंदर के पिता ने ‘आप’ सरकार और उनके विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गृह मंत्रालय इन दोनों घटनाओं पर पंजाब सरकार से जवाब मांगेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में ड्रग्स का कारोबार फल-फूल रहा है और संगठित अपराध का खतरा बढ़ रहा है। जो लोग ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उनकी सुरक्षा भी सवालों के घेरे में है।

भगवंत मान को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा, “भगवंत मान, पंजाब की जनता प्रचार नहीं चाहती – वे जवाब चाहते हैं; घोषणाएं नहीं, बल्कि परिणाम चाहते हैं; ड्रग नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई चाहते हैं, और अपराधियों को मिल रहे किसी भी राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच चाहते हैं।” 
अमित शाह ने यह भी दोहराया कि अगर पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है तो वे नशा-मुक्त, गैंगस्टर-मुक्त और सुरक्षित पंजाब बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे। उन्होंने कहा कि लक्ष्य स्पष्ट है – नशीले पदार्थों के कारोबार पर प्रहार करना, युवाओं के भविष्य की रक्षा करना, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना और ऐसा कानून का शासन स्थापित करना जिसमें कोई नागरिक डर के साये में न जीए।

मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के दो दिन बाद गुरुवार को पंजाब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। सिटी-2 पुलिस स्टेशन की स्टेशन हाउस ऑफिसर बेअंत कौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। कथित शूटर अश्वनी कुमार और उसके साथी विपिन कुमार को सात दिन की रिमांड पर लिया गया। दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मानसा की अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने अश्वनी कुमार की पत्नी नीलम रानी और एक अन्य साथी लाडी को भी गिरफ्तार किया है। 
मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी ने बताया कि हत्या के बाद अश्वनी कुमार ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया था और लाडी तथा विपिन कुमार की मदद से भाग निकला था। बाद में उसे राजस्थान के सालासर से पकड़ लिया गया। पुलिस इस मामले की जांच जारी रखे हुए है। हत्या की परिस्थितियों और आरोपियों की संलिप्तता की गहन जांच की जा रही है। इस घटना ने पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
 

DGCA ने फ्लाइट में आग लगने की घटनाओं के बाद खास पावरबैंक मॉडल पर लगाई रोक

14-Oct-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इंडिगो के एक विमान में पावरबैंक से आग लगने की घटना के बाद MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल को भारत आने-जाने वाली और घरेलू सभी उड़ानों में ले जाने या ट्रांसपोर्ट करने पर रोक लगा दी है। यह निर्देश रविवार को दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो फ्लाइट में पावरबैंक से जुड़ी आग की घटना के बाद जारी किया गया। घटना के कारण विमान को हैदराबाद की ओर मोड़ना पड़ा था।
DGCA प्रमुख वीर विक्रम यादव ने एयरलाइंस को साफ निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि यात्री इस खास पावरबैंक मॉडल को न तो अपने साथ ले जाएं और न ही इसे कार्गो के रूप में विमान में ले जाया जाए। आदेश के तहत एयरलाइंस को प्रभावित डिवाइस की पहचान करनी होगी, इसे फ्लाइट में लाने से रोकना होगा और सही माध्यमों से यात्रियों को सुरक्षा सलाह के बारे में जानकारी देनी होगी।

यह बैन केवल MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल पर लागू है। सभी पावरबैंक पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी पोर्टेबल बैटरी का मॉडल नंबर जरूर चेक कर लें और एयरलाइन नियमों का पालन करें। जिनके पास यह प्रभावित डिवाइस है, वे इसे भारत के अंदर या भारत आने-जाने वाली उड़ानों में साथ न ले जाएं।
यह कदम लिथियम-आयन बैटरी और पावरबैंक से जुड़े सुरक्षा नियमों को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है। DGCA के मौजूदा नियमों के अनुसार पावरबैंक और अतिरिक्त बैटरी सिर्फ हैंड बैगेज में ले जाने की अनुमति है। उन्हें ओवरहेड कम्पार्टमेंट में नहीं रखा जा सकता। रेगुलेटर ने यात्रियों को फ्लाइट के दौरान फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस चार्ज करने के लिए पावरबैंक का इस्तेमाल करने से भी मना किया है। इसमें विमान की सीट पर लगे पावर आउटलेट का इस्तेमाल भी शामिल है।

एयरलाइंस को निर्देश दिया गया है कि वे यात्रियों को नियमों की जानकारी दें, केबिन क्रू को बैटरी संबंधी घटनाओं से निपटने की ट्रेनिंग दें और लिथियम बैटरी में आग या खराबी की किसी भी घटना की रिपोर्ट रेगुलेटर को करें। अगर फ्लाइट के दौरान कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ज्यादा गर्म हो जाए, उससे धुआं निकले या अजीब गंध आए, तो यात्रियों को तुरंत केबिन क्रू को सूचित करना होगा। 
लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल पोर्टेबल डिवाइस में व्यापक रूप से होता है, लेकिन खराब होने, कमी होने, ओवरचार्ज होने या गलत इस्तेमाल से आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। विमान में ऐसी घटनाएं बेहद गंभीर मानी जाती हैं क्योंकि धुआं तेजी से फैल सकता है और प्रभावित डिवाइस तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
 

एयर इंडिया की फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट को जयपुर में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग, हाईजैक अलर्ट से मचा हड़कंप

14-Oct-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बुधवार सुबह सुरक्षा अलर्ट मिलने के बाद जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फ्लाइट में कथित हाईजैक खतरे से जुड़ा संकेत मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और विमान को दिल्ली के बजाय जयपुर डायवर्ट कर दिया गया।
एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-2030 फ्रैंकफर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। भारतीय हवाई क्षेत्र के करीब पहुंचने के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को एक सुरक्षा अलर्ट प्राप्त हुआ, जिसके बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए एहतियाती कदम उठाए गए। विमान को जयपुर के राजस्थान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया, जहां उसे सुरक्षा जांच के लिए अलग-थलग (आइसोलेशन बे) क्षेत्र में ले जाया गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सुबह करीब 9 बजे कुछ सेकंड के लिए इमरजेंसी सिग्नल प्राप्त हुआ। इसके बाद करीब 9:10 बजे विमान को जयपुर की ओर मोड़ने का फैसला लिया गया। विमान ने लगभग 9:45 बजे जयपुर हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की। लैंडिंग के बाद विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने विमान की गहन जांच शुरू की। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच प्रक्रिया जारी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान से कथित तौर पर “स्क्वॉड 7500” सिग्नल प्रसारित हुआ था। विमानन क्षेत्र में यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ट्रांसपोंडर कोड है, जिसका उपयोग पायलट किसी संभावित हाईजैकिंग या विमान में अवैध हस्तक्षेप की स्थिति की जानकारी एयर ट्रैफिक कंट्रोल को गोपनीय तरीके से देने के लिए करते हैं।

इसी संकेत के मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं और विमान की प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान के सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालकर एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया। किसी के घायल होने या किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।
घटना के बाद कुछ समय के लिए यात्रियों के बीच चिंता का माहौल जरूर बना, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखा।
फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विमान से हाईजैक अलर्ट क्यों प्रसारित हुआ। यह तकनीकी त्रुटि थी, गलत संकेत था या फिर किसी अन्य कारण से यह कोड सक्रिय हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
घटना के समय तक एयर इंडिया और जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। 
 

 



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