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भारत इनोवेट्स युवा नवोन्मेषकों को वैश्विक अवसरों से जोड़ता है : प्रह्लाद जोशी

10-Sep-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)  केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की विकास यात्रा के केंद्र में नवाचार, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता को हमेशा प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ जैसी पहल देश के युवा नवोन्मेषकों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ वैश्विक हितधारकों, उद्योग जगत और नेटवर्क से जुड़ने का अवसर देती है। जोशी ने नई दिल्ली में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ पर स्मारक पुस्तक का विमोचन करते हुए यह बात कही। पुस्तक में भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत 14 से 16 जून 2026 तक फ्रांस के नीस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ के पहले संस्करण की यात्रा को दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ प्रधानमंत्री के उस विजन का प्रतीक है, जिसके तहत युवा नवोन्मेषकों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और वैश्विक हितधारकों के साथ जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल युवा भारत के आत्मविश्वास और आकांक्षाओं को दर्शाती है तथा उच्च शिक्षा और अनुसंधान से जुड़े देश के इकोसिस्टम की क्षमता को सामने लाती है।
 केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ ने यह दिखाया है कि युवा प्रतिभाओं को यदि अवसरों, उद्योग जगत और वैश्विक नेटवर्क से जोड़ा जाए तो वे बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में मौजूद वैज्ञानिक और तकनीकी प्रतिभा को सही मंच देकर भारत नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका और मजबूत कर सकता है।
 केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने विकसित भारत के विजन को साकार करने में उच्च शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अनुसंधान, नवाचार, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी गई है। ‘भारत इनोवेट्स’ जैसी पहल इन प्राथमिकताओं को वास्तविक परिणामों में बदलने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराती है।
स्मारक पुस्तक में ‘भारत इनोवेट्स’ की पूरी यात्रा का विवरण दिया गया है। इसमें देशभर से प्रतिभाशाली डीप-टेक नवोन्मेषकों की खोज और चयन से लेकर फ्रांस के नीस में अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उनके नवाचारों के प्रदर्शन तक की प्रक्रिया को दर्ज किया गया है। पुस्तक में इस पहल के दौरान हुई सहभागिता, संवाद और सामने आए परिणामों को भी शामिल किया गया है।
‘भारत इनोवेट्स’ शिक्षा मंत्रालय की पहल है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा और अनुसंधान इकोसिस्टम से उभरने वाले उच्च क्षमता वाले डीप-टेक नवाचारों की पहचान करना और उन्हें आगे बढ़ाना है। यह पहल नवोन्मेषकों को उद्योग, निवेशकों और अन्य संबंधित हितधारकों से जोड़ने के साथ प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक इस्तेमाल को गति देने पर केंद्रित है।
इस पहल का उद्देश्य नवोन्मेषकों को वैश्विक बाजारों और आपूर्ति श्रृंखलाओं तक पहुंच के अवसर उपलब्ध कराना भी है। ‘भारत इनोवेट्स’ प्रयोगशाला से बाजार और परिसर से दुनिया तक एक निर्बाध मार्ग तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि शोध और नवाचार को व्यावसायिक उपयोग और वैश्विक सहयोग से जोड़ा जा सके।
‘भारत इनोवेट्स’ के पहले संस्करण में पूरे भारत से 120 डीप-टेक स्टार्टअप और नवोन्मेषकों के साथ 45 अनुसंधान परियोजनाओं को एक मंच पर लाया गया। प्रतिभागियों को अपनी तकनीकों का प्रदर्शन करने, उद्योग और निवेशकों के साथ संवाद करने तथा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और बाजार के अवसर तलाशने का अवसर मिला।
स्मारक पुस्तक इस पूरी यात्रा के जरिए भारत के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, स्टार्टअप्स, उच्च शिक्षण संस्थानों और इकोसिस्टम से जुड़े साझेदारों की वैज्ञानिक क्षमता और नवाचार क्षमता को सामने लाती है। इसमें देश के युवाओं की उद्यमशीलता की भावना और नई तकनीकों के क्षेत्र में उनकी संभावनाओं को भी रेखांकित किया गया है।
 

 


अमेरिका ने 27 ईरानी एयरलाइंस पर प्रतिबंध लगाए, तीसरे देश की कंपनियों को भी निशाना बनाया

09-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) अमेरिका के वित्त विभाग ने ईरान की 27 एयरलाइंस को अपनी ‘स्पेशली डिजाइनेटेड नेशनल्स’ (एसडीएन) सूची में शामिल कर लिया है। इस कदम के साथ अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश करते हुए उसकी बची हुई सभी एयरलाइंस को निशाने पर ले लिया है।
मंगलवार (स्थानीय समय) को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि ‘ईरान की वाणिज्यिक एयरलाइंस लंबे समय से ईरानी सरकार की अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों का समर्थन करती रही हैं।’ विभाग के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) कथित तौर पर निजी एयरलाइंस का इस्तेमाल हथियारों की खरीद और ढुलाई तथा अपने कर्मियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए करता रहा है।
स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने पहली बार अक्टूबर 2011 में ईरान की एयरलाइन ‘महान एयर’ पर प्रतिबंध लगाए थे। इसके बाद 30 जुलाई को उसने उन कई कंपनियों को भी निशाना बनाया जिन्हें ‘महान एयर’ के जनरल सेल्स एजेंट के रूप में देखा जाता है। विज्ञप्ति के अनुसार, नए प्रतिबंध उन गुप्त फ्रंट कंपनियों, विदेशी बिचौलियों और भ्रामक ट्रांजिट मार्गों को भी निशाना बनाते हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान अमेरिकी मूल के विमान और संवेदनशील तकनीक हासिल करने के लिए करता है।
खास तौर पर, वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने तुर्किये, मलेशिया और कजाकिस्तान की चार कंपनियों को प्रतिबंधित किया है। अमेरिका का आरोप है कि ये कंपनियां ‘महान एयर’ को कार्गो सेवाएं और बिक्री से जुड़ी सहायता प्रदान कर रही थीं।
ओएफएसी ने उन अनुमतियों को भी निलंबित कर दिया है जिनके तहत विमान ईरान के ऊपर से उड़ान भर सकते थे और गैर-अमेरिकी एयरलाइंस अमेरिकी मूल या अमेरिकी नियंत्रण वाले वाणिज्यिक विमानों को ईरान ले जा सकती थीं।
इसके अलावा, वित्त विभाग के तहत काम करने वाले फाइनेंशियल क्राइम्स एनफोर्समेंट नेटवर्क ने वित्तीय संस्थानों से अपील की है कि वे ईरान के विमानन उद्योग को समर्थन देने वाले खरीद नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दें।
विज्ञप्ति के मुताबिक, माहान एयर को 2026 की गर्मियों में कम से कम तीन बी-777 विमान मिले थे, जिन्हें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान के रास्ते भेजा गया था।
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍कि‍यन ने मंगलवार को कहा कि उनका देश पूरी ताकत के साथ अपना प्रतिरोध जारी रखेगा, जब तक कि ‘आक्रमण करने वालों’ को अपने कदमों पर पूरी तरह पछतावा न हो जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि ईरान हमेशा युद्ध के खिलाफ रहा है।
पेजेश्‍क‍ियन ने कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान हमेशा युद्ध का विरोध करता रहा है। हमारा मानना है कि लोगों के हितों की रक्षा और पश्चिम एशिया क्षेत्र की सुरक्षा बनाए रखने का रास्ता युद्ध भड़काने से बचने में है।”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन जिस तरह ईरान ने अब तक साहस के साथ हर आक्रमण का मुकाबला किया है, उसी तरह वह आगे भी पूरी ताकत के साथ अपना प्रतिरोध जारी रखेगा, जब तक कि आक्रमण करने वालों को अपने किए पर पूरा पछतावा न हो जाए। ईरान अपने लोगों के अधिकारों की रक्षा करता रहेगा।”





 

दिल्ली-एनसीआर में फिर बदलेगा मौसम, 11 से 14 सितंबर तक बारिश के आसार

09-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) मानसून की सक्रियता और मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब दिल्ली-एनसीआर समेत मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं। खासतौर पर 11 सितंबर से 14 सितंबर के बीच एनसीआर के मौसम में बदलाव की संभावना है। इस दौरान तापमान में भी धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान में भी दिल्ली के लिए 11 सितंबर से हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार 9, सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
10 सितंबर को भी मौसम लगभग इसी तरह रहने का अनुमान है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम में वास्तविक बदलाव 11 सितंबर से देखने को मिल सकता है। इस दिन मौसम विभाग ने आम तौर पर बादल छाए रहने और हल्की बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। अधिकतम तापमान घटकर 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
12 सितंबर को बारिश की गतिविधि और बढ़ सकती है। स्थानीय पूर्वानुमान में आम तौर पर बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इस दिन अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 13 सितंबर को भी एनसीआर में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। आसमान में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
वहीं 14 सितंबर को भी मौसम में खास बदलाव नहीं होगा। आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान और नीचे आकर 30 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस तरह देखा जाए तो 9 और 10 सितंबर को अपेक्षाकृत गर्म और आंशिक रूप से बादल वाला मौसम, जबकि 11 से 14 सितंबर के बीच बादल और बारिश का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। चार दिनों में अधिकतम तापमान 32 से घटकर 30 डिग्री तक पहुंच सकता है।
बढ़ती आर्द्रता के कारण बारिश के दौरान मौसम सुहावना होने के बावजूद उमस का असर बना रह सकता है। देश के कई हिस्सों में इस समय बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं और उत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश का पूर्वानुमान है। आईएमडी ने आने वाले दिनों में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड समेत कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है।













 

ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल में तकनीकी खराबी का भारत पर असर, एयर इंडिया की उड़ानें प्रभावित

09-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) एयर इंडिया ने बुधवार को कहा कि ब्रिटेन की एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवा प्रदाता एनएटीएस में आई तकनीकी खराबी के कारण उसके उड़ान संचालन पर असर पड़ा है। इस समस्या ने पूरे यूनाइटेड किंगडम के कई हवाई अड्डों पर सेवाओं को प्रभावित किया। एयरलाइन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर जारी एक बयान में कहा कि इस तकनीकी गड़बड़ी की वजह से उसे ब्रिटेन के हवाई अड्डों से आने-जाने वाली कई उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा, उन्हें देर से संचालित करना पड़ा या रद्द करना पड़ा।
एयर इंडिया ने चेतावनी दी कि इसका असर उसकी कुछ अन्य उड़ानों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि इस व्यवधान के चलते विमान और चालक दल (क्रू) तय स्थानों पर समय पर नहीं पहुंच पाए हैं। एयरलाइन ने यात्रियों को सलाह दी कि वे हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। ‘एक्‍स’ पर जारी ट्रैवल एडवाइजरी में एयर इंडिया ने कहा, “हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और व्यवधान को जितना संभव हो सके, उतना कम करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।”
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, इस तकनीकी खराबी के कारण ब्रिटेन भर में 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। इससे प्रमुख हवाई अड्डों पर आने और जाने वाली उड़ानें प्रभावित हुईं। ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल का संचालन करने वाली एनएटीएस ने बताया कि यह समस्या उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई तकनीकी खराबी के कारण हुई। इसका असर लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट, एडिनबर्ग एयरपोर्ट और मैनचेस्टर एयरपोर्ट समेत कई बड़े हवाई अड्डों पर पड़ा।
बाद में एनएटीएस ने कहा कि उसने समस्या को ठीक करने के लिए तकनीकी समाधान लागू कर दिया है और सिस्टम अब सामान्य रूप से काम कर रहा है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि प्रभावित उड़ानों का बैकलॉग साफ करने और पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल करने में कुछ समय लगेगा। एनएटीएस ने कहा, “हमारे सिस्टम की समस्या अब ठीक हो चुकी है। हम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और लंबित उड़ानों को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं।”
हीथ्रो एयरपोर्ट ने कहा कि वह एनएटीएस के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि यात्रियों और उड़ान कार्यक्रमों पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सके। इस व्यवधान का असर केवल ब्रिटेन तक सीमित नहीं रहा। ब्रिटेन और आयरलैंड के बीच उड़ानें भी प्रभावित हुईं। डबलिन एयरपोर्ट ने यात्रियों को चेतावनी दी कि ब्रिटेन से आने-जाने वाली सेवाओं पर असर पड़ सकता है।


 

पीएम मोदी ने वडोदरा में 35 हजार करोड़ की परियोजनाओं का किया शिलान्यास और लोकार्पण

08-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में करीब 35 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। पीएम मोदी ने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी का ये मैदान, अलग-अलग फील्ड में काम करने वाले सभी साथियों का साथ और विकास का ये उत्सव, यहां सब कुछ एक साथ हो रहा है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में गुजरात के लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “आज मैं विकसित भारत की यात्रा को और गति देने के लिए आपके बीच आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां देश के विकास से जुड़े हजारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है।” उन्होंने वडोदरा के लोगों की तारीफ करते हुए कहा, “इस विकास पर्व में आप सभी ने जिस सेवाभाव से पूरे वडोदरा शहर में स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया है, इसके लिए मैं वडोदरा के हर एक नागरिक को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं और उनकी सराहना करता हूं।”
पीएम मोदी कहा, “जिस तरह से आपने ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान चलाया है, उसके लिए भी मैं आपको बधाई देता हूं।” उन्होंने कहा कि हर परिवार में स्वच्छता का वातावरण बन गया है। उन्होंने कहा, “इस बार जब गणेश जी पधारेंगे तो सारे आशीर्वाद बरसेंगे।”
उन्होंने कहा, “इस वर्ष लाल किले से मैंने विकसित भारत के लिए संकल्प की सप्तधारा का आह्वान किया है। इस सप्तधारा में एक धारा गतिशक्ति की भी है। विकसित भारत के लिए हमें ऐसी कनेक्टिविटी चाहिए, जो सुगम भी हो और जमाने के हिसाब से जरा तेज भी हो।”
वडोदरा को गतिशक्ति यूनिवर्सिटी का शहर बताते हुए पीएम ने कहा, “आज यहां से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियां भी जुड़ गई हैं। आज 2,800 किमी से अधिक का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। ये 21वीं सदी के भारत के लिए बहुत ऐतिहासिक कार्य संपन्न हुआ है।” इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई सांसद और नेता मौजूद रहे।









 

हमने 50,000 रेल कोच बनाए, कांग्रेस 50,000 शौचालय भी नहीं बना सकी: पीएम मोदी

08-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पिछली कांग्रेस सरकार पर विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 के बाद भारत ने 50,000 आधुनिक रेल कोच बनाए, जबकि पिछली सरकार 10 साल में 50,000 शौचालय भी नहीं बना सकी। गुजरात के वडोदरा में 35,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे (WDFC) के तीन प्रमुख खंडों का उद्घाटन किया। इन खंडों के चालू होने के साथ ही जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (नवी मुंबई) को उत्तर प्रदेश के दादरी से जोड़ने वाली यह परियोजना पूरी हो गई।
पीएम मोदी ने कहा कि समर्पित माल ढुलाई गलियारे तेजी से विकसित हो रहे भारत की जीवनरेखा हैं और इस आधुनिक नेटवर्क के कारण देश में बदलाव की रफ्तार तेज हो रही है। उन्होंने बताया कि पहले यात्री और मालगाड़ियों को एक ही पटरी पर चलना पड़ता था, जिससे दोनों की रफ्तार प्रभावित होती थी। अब समर्पित गलियारे ने इस स्थिति को बदल दिया है। पूर्वी और पश्चिमी माल ढुलाई गलियारे देश के व्यापार और कारोबार की रीढ़ बन रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि 2,800 किलोमीटर लंबे समर्पित माल ढुलाई गलियारे का पूरा होना पिछले 12 वर्षों में देश की कार्य संस्कृति में आए बदलाव का प्रमाण है। उन्होंने याद दिलाया कि इस परियोजना का विचार 2004 में सामने आया था और 2006 में विशेष कंपनी बनाई गई, लेकिन 2014 तक फाइलें एक जगह से दूसरी जगह घूमती रहीं। उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से इन फाइलों की किस्मत में भी कोई समर्पित गलियारा नहीं था। फाइलें कहीं अटक जाती थीं, कहीं पड़ी रहती थीं और इधर-उधर भटकती रहती थीं। 2014 के बाद आपके आशीर्वाद से दिल्ली पहुंचते ही हमने इस परियोजना के काम में तेजी लाई और आज यह पूरा हो गया है।” पीएम मोदी ने इस उपलब्धि को देश के लॉजिस्टिक्स सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।













 

बाढ़ प्रभावित नेपाल में भारत-चीन की मदद से पुलों के पुनर्निर्माण, सड़क संपर्क बहाल करने की कोशिश तेज

08-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) विनाशकारी बाढ़ से टूटे महत्वपूर्ण सड़क मार्गों को बहाल करने में जुटे नेपाल ने आपदा प्रभावित इलाकों में अलग-थलग पड़े समुदायों को फिर से जोड़ने के लिए भारत और चीन से अस्थायी पुल मुहैया कराने का अनुरोध किया है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, 26 अगस्त को आई आपदा में सोमवार तक 1,356 लोगों की मौत हो गई जबकि 4,994 लोग अब भी लापता हैं। अब तक कुल 13,396 लोगों को बचाया गया है।
चट्टानों के खिसकने एवं हिमस्खलन के कारण नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई बाढ़ से भोटेकोशी नदी में पानी का तेज बहाव आया जिसमें उत्तरी और मध्य नेपाल में मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा। नेपाल ने भारत और चीन दोनों से अस्थायी पुल देने का अनुरोध किया है और दोनों देशों ने इस अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
‘द काठमांडू पोस्ट’ की मंगलवार की खबर के अनुसार, चीन मुस्तांग में कोरला सीमा चौकी पर 100-100 मीटर लंबे दो ‘बेली ब्रिज’ (अस्थायी इस्पात पुल) पहले ही भेज चुका है। खबर में कहा गया कि सड़क विभाग ने सड़कों और पुलों को करीब 30 अरब नेपाली रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया है, जबकि इनके पुनर्निर्माण पर करीब 50 अरब नेपाली रुपये खर्च होने की संभावना है।
बाढ़ में रसुवा और चितवन के बीच 41 पुल नष्ट हो गए और चार अन्य आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। इस मार्ग पर मौजूद 63 पुलों में से केवल 18 ही सुरक्षित बचे हैं। बाढ़ के कारण कई महत्वपूर्ण सड़क मार्ग नष्ट हो गए। रसुवा में आपदा के कारण नुवाकोट से सड़क संपर्क टूट गया, जबकि फुरके खोला पर बना कंक्रीट का पुल नष्ट हो जाने से धादिंग जिले के मुख्यालय धादिंगबेसी और पृथ्वी राजमार्ग के बीच सीधा संपर्क भी कट गया।
‘काठमांडू पोस्ट’ ने सड़क विभाग के उपमहानिदेशक एवं प्रवक्ता शुभराज न्यौपाने के हवाले से बताया कि विभाग ने बाढ़ में बहे सड़क मार्गों को साफ करने का काम शुरू कर दिया है ताकि अस्थायी पुल लगाए जा सकें। खबर के अनुसार, नेपाली सेना नुवाकोट के देवीघाट में अलग से एक ‘एक्रो ब्रिज’ (अस्थायी मॉड्यूलर पुल) लगा रही है।
भौतिक अवसंरचना एवं परिवहन मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुशील बाबू ढकाल ने बताया कि सड़क विभाग के पास 48 मीटर तक लंबे 11 ‘बेली ब्रिज’ हैं, लेकिन उन्हें क्षतिग्रस्त स्थानों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती है क्योंकि कई स्थानों तक जाने वाली सड़कें भी बाढ़ में बह गई हैं। बताया जा रहा है कि भारत ने भी नेपाल को ‘बेली ब्रिज’ उपलब्ध कराने की पेशकश की है।
इस बीच, बुनियादी ढांचे को हुए व्यापक नुकसान से बचाव एवं राहत कार्यों की चुनौतियां और बढ़ गई हैं। अधिकारियों को बाढ़ के पानी से बरामद शवों की पहचान करने में भी दिक्कत हो रही है। एनडीआरआरएमए के अनुसार, सोमवार तक केवल 98 शवों की पहचान कर उन्हें परिवारों को सौंपा जा सका।

















 

ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होंगे राष्ट्रपति पुतिन, पीएम मोदी से करेंगे द्विपक्षीय बैठक : क्रेमलिन प्रवक्ता पेस्कोव

08-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश)  दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात तय है। क्रेमलिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शुक्रवार को होने वाली द्विपक्षीय बैठक की पुष्टि करते हुए भारत को रूस का “रणनीतिक साझेदार” बताया है।
रूसी राष्ट्रपति के दिल्ली पहुंचने से पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता और राष्ट्रपति पुतिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को मीडिया से वर्चुअल बातचीत की। उनके बयानों में भारत-रूस रिश्तों की गर्माहट के साथ-साथ बदलती वैश्विक व्यवस्था की झलक भी दिखाई दी।
पेस्कोव ने कहा, “दोनों देशों के बीच आपसी संपर्क बहुत अहम होंगे, खासकर प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक। जैसा कि आप जानते हैं, भारत और रूस के नेताओं के बीच बहुत करीबी संबंध हैं। उनके संबंध बहुत व्यावहारिक हैं और वे एक-दूसरे के साथ इतने ईमानदार हैं कि वैश्विक एजेंडे और हमारे आपसी संबंधों से जुड़े सबसे संवेदनशील मुद्दों पर बहुत खुले और रचनात्मक तरीके से चर्चा कर सकते हैं।”
यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब दुनिया बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ने, पश्चिमी प्रतिबंधों और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे कई बड़े सवालों से जूझ रही है।
ब्रिक्स की अहमियत पर पेस्कोव ने प्रकाश डालते हुए कहा,” मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि ब्रिक्स कोई संगठन नहीं है; यह एक क्लब है। हमारे पास कोई चार्टर, नियम या स्थायी कार्यालय नहीं है। बल्कि, यह उन देशों का एक क्लब है जो इस बात पर एक जैसी सोच रखते हैं कि दुनिया में काम कैसे होने चाहिए और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग कैसे किया जाना चाहिए।”
उन्होंने ब्रिक्स के तीन प्रमुख स्तंभों का जिक्र करते हुए कहा, “रूस ब्रिक्स सहयोग के तीन मुख्य स्तंभों – राजनीति और सुरक्षा; अर्थव्यवस्था और वित्त; और सांस्कृतिक व मानवीय संपर्क – के और विकास में योगदान देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। बेशक, हमारी अपनी कई पहल हैं जिन्हें हम इस समूह के भीतर बढ़ावा दे रहे हैं। हम ब्रिक्स के भीतर सहयोग के अलग-अलग तरीकों में ज्यादा से ज्यादा देशों को शामिल करने के विचार का समर्थन करते हैं।”
पार्टनर कंट्री के कॉन्सेप्ट की प्रशंसा करते हुए पेस्कोव बोले, ” 2024 में, पार्टनर देशों की एक नई श्रेणी – ‘ब्रिक्स पार्टनर कंट्री’ श्रेणी – बनाई गई थी, और अब यह बहुत अच्छी तरह से विकसित हो रही है। बेलारूस, बोलीविया, वियतनाम, कजाकिस्तान, क्यूबा, ​​नाइजीरिया, मलेशिया, थाईलैंड, युगांडा और उज्बेकिस्तान को पार्टनर का दर्जा दिया गया है। इन देशों के प्रतिनिधियों को धीरे-धीरे अलग-अलग वर्किंग ग्रुप और फॉर्मेट में शामिल किया जा रहा है, और हम इसे एक बहुत ही सकारात्मक विकास मानते हैं।”
उन्होंने बताया कि रियो डी जनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान, रूसी प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के कामकाज को बेहतर बनाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर एक्सपर्ट लेवल पर बातचीत शुरू करने की पहल की। बोले, “हम इस पहल को बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं, और ब्रिक्स के भीतर कई देशों ने इसका समर्थन किया।”
पेस्कोव ने बताया कि रूस और ब्रिक्स देशों के बीच अब करीब 90 प्रतिशत भुगतान राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब डॉलर के प्रभुत्व और वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों को लेकर ब्रिक्स देशों के बीच चर्चा तेज है। भारत के रूसी ऊर्जा आयात पर अमेरिका की ओर से प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव पर पेस्कोव ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अमेरिकी प्रतिबंध विधेयक को “अवैध” करार दिया।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत के दौरान, यूक्रेन युद्ध और शांति की कोशिशें भी अहम मुद्दा हो सकती हैं। भारत ने शुरुआत से ही युद्ध के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने पर जोर दिया है। भारत की इसी भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर पेस्कोव ने कहा, “हम भारतीय प्रयासों का स्वागत करते हैं।”
पेस्कोव ने ब्रिक्स को सिर्फ आर्थिक समूह के रूप में देखने से आगे बढ़ते हुए इसे बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता में काफी निवेश किया है और संगठन की विचारधारा बहुध्रुवीय दुनिया की विचारधारा है। उनके अनुसार एकध्रुवीय दुनिया ढह रही है और अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता खो रही है।
उनके मुताबिक, दिल्ली में होने वाला ब्रिक्स सम्मेलन केवल सदस्य देशों की बैठक नहीं है। इसके पीछे दुनिया की उस नई व्यवस्था की बहस भी है जिसमें रूस, भारत, चीन और दूसरे उभरते देश वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रभाव की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही पेस्कोव ने भारत-रूस संबंधों को काफी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “कहानी केवल तेल और रक्षा तक सीमित नहीं है।”
पेस्कोव ने भारत में नए परमाणु संयंत्र के विकास में आगे प्रगति की उम्मीद जताई। उन्होंने रूस में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों का भी स्वागत किया। 
 

बीजापुर के जंगलों में सीआरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, नक्सलियों के छिपाए हथियार मिले

07-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत सीआरपीएफ की 199वीं वाहिनी को बड़ी सफलता मिली है। विश्वसनीय सूचना के आधार पर जवानों ने पीडिया एवं कुप्पागुड़ा क्षेत्र के एड्री, हर्रा, नयापारा और सरपंचपारा के घने जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया। कमांडेंट आनंद कुमार के मार्गदर्शन और उप कमांडेंट दर्शन यादव की देखरेख में बी/199 एवं एफ/199 कंपनी और यंग प्लाटुन के जवानों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखे गए 14 नक्सली डंप बरामद किए गए। बरामद सामग्री में एक 303 बोल्ट एक्शन रायफल, पांच भरमार रायफल और एक देशी 12 बोर रायफल शामिल हैं। इसके अलावा 10 आईडी, 8 डेटोनेटर, कोडेक्स वायर, वायरलेस सेट, प्लास्टिक एवं स्टील कंटेनर समेत आईडी निर्माण में उपयोग होने वाली विभिन्न इलेक्ट्रिक सामग्री और नक्सली कपड़े बरामद किए गए हैं। कुल 99 प्रकार की घातक सामग्री जब्त की गई है।
सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बेहद सतर्कता के साथ चरणबद्ध तरीके से तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सीआरपीएफ अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में लगातार चल रहे अभियान से नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है और ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
इसके पहले पुलिस ने बीजापुर जिले के पेगडापल्ली के जंगल में नक्सली डंप बरामद किया था। 29 अगस्त को ग्राम पेगडापल्ली के जंगल क्षेत्र में चलाए गए अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्ति बोगम लखमू (39) को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के चिन्नागेलूर डीएकेएमएस सदस्य के रूप में कार्य करने तथा नक्सलियों की सामग्री एवं विस्फोटक छिपाने के लिए ले जाने की बात स्वीकार की।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 50 हजार 50 रुपए नकद, एक बीजीएल लांचर, 18 बीजीएल सेल, 12 तीर बम, एक हैंड ग्रेनेड, 303 के 15 जिंदा राउंड, 31 बीजीएल कार्ट्रिज, एक इंसास खाली मैगजीन, बिजली वायर, तीन राउंड चार्जर एवं एक ईमीटर लीड बरामद किया गया।



 

भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को नई रफ्तार, स्पेस, एआई और व्यापार में बढ़ा सहयोग: सर्जियो गोर

07-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी मजबूत हो रही है और उन्होंने अमेरिकी कंपनियों को भारत में अवसरों के बारे में बताया है। अमेजन के अधिकारियों के साथ कंपनी की भारत में मौजूदगी, अमेरिकी कारोबार के लिए बढ़ते मौकों और अमेरिका-भारत के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा के बाद, गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “अमेरिकी इनोवेशन पूरी दुनिया में एक बहुत महत्वपूर्ण ताकत है।”
इसके अतिरिक्त, गोर, जो कि रविवार को बेंगलुरु में थे, ने कहा कि दक्षिण भारत में हमारी साझेदारी से इनोवेशन, निवेश और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक में स्पेस टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्यापार के क्षेत्रों में अमेरिका-भारत के संबंधों को बढ़ावा मिल रहा है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात के बाद गोर ने कहा, “पैक्स सिलिका और ट्रस्ट जैसी पहलों के जरिए हम अमेरिकी और भारतीय उद्योगों के लिए समान रूप से अवसर पैदा कर रहे हैं।”
इसके अलावा, अमेरिकी राजदूत ने बेंगलुरु दक्षिण से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या से भी मुलाकात की और कहा कि दोनों ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे अमेरिका-भारत की साझेदारी विकास, इनोवेशन और अवसरों को बढ़ावा देना जारी रख सकती है। इससे पहले सितंबर में, उन्होंने बताया था कि केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस महीने के आखिर में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में शामिल होने और चल रही द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत पर चर्चा करने के लिए अमेरिका जाएंगे।
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) के 66वें सालाना सत्र में अपने संबोधन में, गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और बातचीत में काफी प्रगति हुई है। साथ ही, अमेरिकी राजदूत ने कहा कि गोयल आने वाले हफ्तों में अमेरिका का दौरा करेंगे क्योंकि वाशिंगटन जी20 वार्ता की मेजबानी कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों सरकारें ऐसे व्यापारिक संबंधों की दिशा में काम कर रही हैं जो निष्पक्ष, पारस्परिक और दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हों।







 


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