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भारतीय रेलवे का 99% से अधिक ब्रॉड-गेज नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिफाइड

15-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )। भारतीय रेलवे अपनी विद्युतीकरण (इलेक्ट्रिफिकेशन) योजना में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक इसके 99 प्रतिशत से ज्यादा ब्रॉड-गेज नेटवर्क को इलेक्ट्रिफाई किया जा चुका है और बाकी के हिस्सों का विद्युतीकरण जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। रेल मंत्रालय ने यह जानकारी रविवार को दी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, “पिछले कुछ वर्षों में इस दिशा में काफी तेजी से प्रगति हो रही है। वर्ष 2019 से 2025 के बीच भारतीय रेलवे ने 33,000 किलोमीटर से ज्यादा रेल मार्गों का विद्युतीकरण किया, यानी हर दिन औसतन 15 किलोमीटर से ज्यादा रेलवे ट्रैक को इलेक्ट्रिफाई किया। इस दौरान इलेक्ट्रिफाई की गई दूरी लगभग जर्मनी के पूरे रेलवे नेटवर्क के बराबर है, जो भारत की इस योजना की गंभीरता और दायरे को दर्शाता है।”
यह उपलब्धि भारत के लिए और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन देशों से कहीं आगे है, जिनकी पहले से मजबूत रेलवे प्रणालियां हैं। भारत ने अपनी ब्रॉड-गेज प्रणाली के अधिकांश हिस्से को इलेक्ट्रिफाई किया है, जबकि दुनिया के कई बड़े और व्यस्त नेटवर्क अभी भी डीजल इंजन पर निर्भर हैं।
इस बदलाव के कारण डीजल की खपत में कमी आई है, उत्सर्जन घटा है, ऑपरेशनल खर्च कम हुआ है और ट्रेन ऑपरेशन की कुशलता और गति में सुधार हुआ है।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को संसद में बताया था कि भारतीय रेलवे अब अपनी ट्रैक्शन पावर की जरूरतों को सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरा करने की योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन को कम करना और पर्यावरण को बचाना है।
उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 तक भारतीय रेलवे ने 812 मेगावाट सौर ऊर्जा और 93 मेगावाट पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं, जो रेलवे की ट्रैक्शन पावर की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।
इसके अलावा, रेलवे ने 1,500 मेगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ने का भी इंतजाम किया है, जिसमें सौर, पवन और स्टोरेज तकनीकें शामिल हैं।
रेलवे अब थ्री-फेज आईजीबीटी टेक्नोलॉजी आधारित लोकोमोटिव (मोटर) भी बना रहा है, जो एनर्जी को रि-जेनरेट कर सकती है, यानी ब्रेकिंग के दौरान उपयोग की गई ऊर्जा का कुछ हिस्सा फिर से वापस पैदा कर सकती है।










 

आधुनिकीकरण की दिशा में भारतीय रेलवे, 11 सालों में 42,600 से अधिक एलएचबी कोचों का किया निर्माण

15-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )। भारतीय रेलवे ने उच्च तकनीक वाले लिंके हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोचों के उत्पादन में लगातार बेहतरी दिखाई है, जो यात्रियों के लिए बेहतर सुरक्षा, सुविधाजनक यात्रा और रेलवे के बेहतर कार्य प्रदर्शन को दर्शाते हैं।
चालू वित्त वर्ष 2025-26 (नवंबर 2025 तक) के दौरान कुल 4,224 एलएचबी कोच बनाए गए हैं। यह पिछले साल की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है, जब केवल 3,590 कोच बनाए गए थे। रविवार को रेल मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, उत्पादन में यह वृद्धि रेलवे के विभिन्न कारखानों की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और बेहतर उत्पादन योजना का परिणाम है।
इस अवधि में चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) ने 1,659 एलएचबी कोच बनाए, जबकि रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ) ने 1,234 कोच और कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) ने 1,331 कोच बनाए, जिससे कुल मिलाकर एलएचबी कोचों के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है।
दीर्घकालिक तुलना में पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रगति हुई है। 2014 से 2025 तक भारतीय रेलवे ने 42,600 एलएचबी कोच बनाए, जो 2004 से 2014 के बीच बने 2,300 कोच से 18 गुना ज्यादा है। यह विस्तार सुरक्षा मानकों और कम रख-रखाव की विशेषताओं के कारण एलएचबी कोचों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
एलएचबी कोच आधुनिक, सुरक्षित और आरामदायक यात्री कोच हैं, जो जर्मन डिजाइन से विकसित हैं और आधुनिक सुविधाएं जैसे स्टेनलेस स्टील बॉडी, एडवांस्ड डिस्क ब्रेक्स और 160 किमी/घंटा तक की उच्च गति प्रदान करते हैं। इन कोचों में एंटी-क्लाइम्बिंग डिवाइस जैसे सुरक्षा फीचर्स होते हैं, जो पुराने आईसीएफ कोचों की जगह लेते हैं और राजधानी और शताबदी एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों में इस्तेमाल होते हैं।
भारतीय रेलवे आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जिससे घरेलू उत्पादन में वृद्धि हो रही है और आयात पर निर्भरता कम हो रही है। भारतीय रेलवे का लक्ष्य उत्पादन क्षमता को और बढ़ाना है, ताकि देश की बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके और यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।















 

आईएसआईएस के हमले में दो अमेरिकी सैनिकों समेत 3 की मौत, राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्रवाई की चेतावनी दी

14-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )। इस्लामिक स्टेट के खिलाफ ऑपरेशन का हिस्सा रहे दो अमेरिकी सैनिकों समेत तीन लोगों की मौत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी सैनिकों की सीरिया में आतंकी हमले के दौरान जान चली गई। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि बहुत गंभीर बदला लिया जाएगा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पोस्ट में कहा कि शनिवार को हुए हमले में तीन सैनिक घायल भी हुए। उन्होंने लिखा, “हम सीरिया में तीन अमेरिकी देशभक्तों की मौत पर दुख जताते हैं, जिनमें दो सैनिक और एक सिविलियन इंटरप्रेटर शामिल हैं। इसी तरह, हम तीन घायल सैनिकों के लिए प्रार्थना करते हैं, जिनके बारे में अभी पुष्टि हुई है कि वे ठीक हैं। यह अमेरिका और सीरिया पर आईएसआईएस का हमला था। यह सीरिया के एक बहुत खतरनाक हिस्से में हुआ, जो पूरी तरह से उनकी सरकार के कंट्रोल में नहीं है। सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा इस हमले से बहुत गुस्से में और परेशान हैं। इसका बहुत गंभीर बदला लिया जाएगा।”
दरअसल, आतंकी संगठनों और गृह युद्ध से ग्रस्त इस अशांत क्षेत्र में अमेरिकी कर्मियों पर हमला पिछले साल दिसंबर में बशर अल-असद के सत्ता से बेदखल होने के बाद सरकार में आई अहमद अल-शरा के साथ अमेरिकी सहयोग के लिए कड़ी चुनौती है। यह सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की सरकार के लिए भी एक परीक्षा है, क्योंकि एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, कथित हमलावर दमिश्क सरकार की सेनाओं का सदस्य था। ट्रंप ने भी स्वीकार किया कि यह क्षेत्र पूरी तरह दमिश्क के नियंत्रण में नहीं है।
सीरियाई सरकारी समाचार एजेंसी सना के अनुसार, सरकारी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अमेरिका ने पलमायरा में खतरे की चेतावनियों पर ध्यान नहीं दिया, जहां यह हमला हुआ। उन्होंने कहा कि हमलावर को ‘निष्प्रभावी’ कर दिया गया है।
अल-असद को सत्ता से हटाए जाने के बाद सीरिया में ये पहली मौतें थीं। पीड़ित अमेरिकी ऑपरेशन इन्हेरेंट रिजॉल्व (ओआईआर) के सदस्य थे, जो औपचारिक रूप से इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड ऐश-शाम (आईएसआईएस) के नाम से जाने जाने वाले आतंकवादी संगठन के खिलाफ था। पेंटागन प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने अमेरिकी मिशन को चल रहे ‘आईएसआईएस व आतंकवाद विरोधी अभियानों का समर्थन’ बताया। उन्होंने कहा कि हमला तब हुआ जब सैनिक एक प्रमुख नेता के साथ बातचीत कर रहे थे।
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में सीरियाई सरकारी प्रवक्ता नूरुद्दीन अल-बाबा के हवाले से कहा गया कि अमेरिकी सैनिकों पर गोली चलाने वाला आतंकवादी सीरियाई सरकारी सेनाओं का सदस्य था। लेकिन सना की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि हमलावर आंतरिक सुरक्षा में कोई नेतृत्व भूमिका नहीं निभाता था और वह आंतरिक सुरक्षा कमांडर का एस्कॉर्ट नहीं था।
हालांकि, हमलावर पहले से ही इस बात की जांच के दायरे में था कि उसकी विचारधारा “चरमपंथी’ थी या नहीं। आज रविवार को इस जांच पर फैसला भी आने की उम्मीद थी।









 

SAIL ने नवंबर 2025 में बिक्री में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन, पिछले वर्ष की तुलना में 27% वृद्धि

14-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority of India Limited (SAIL) ने नवंबर 2025 में बिक्री में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 27% वृद्धि हासिल की। नवंबर 2025 में रिटेल बिक्री में उल्लेखनीय 69% की वृद्धि दर्ज हुई और यह 0.14 मिलियन टन (एमटी) रही, जबकि पिछले वर्ष इसी माह में यह 0.084 एमटी थी। यह वृद्धि विभिन्न उत्पाद श्रेणियों और वितरण चैनलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन से संभव हुई, जिनमें घरेलू सेलएबल स्टील, रोड डिस्पैच और वेयरहाउस से डोर डिलीवरी शामिल हैं। इस माह सेल देश में टीएमटी बार्स की सबसे बड़ी विक्रेता के रूप में भी उभरी।
इस्‍पात मंत्रालय के अनुसार, इस मासिक गति पर आगे बढ़ते हुए, सेल ने अप्रैल–नवंबर 2025 की अवधि में मजबूत समग्र प्रदर्शन दर्ज किया, जिसमें कुल 12.7 एमटी बिक्री हुई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 11.1 एमटी की तुलना में 14% की वृद्धि है।

यह सुदृढ़ प्रदर्शन एक मजबूत बिक्री रणनीति और बाज़ार में सेल टीम के निरंतर प्रयासों से संभव हुआ और कंपनी ने विभिन्न वैश्विक व्यापारनीति अनिश्चितताओं और भूराजनीतिक तनावों से उत्पन्न मांग में अस्थिरता सहित वैश्विक मूल्य दबाव चुनौतियों के बावजूद ये प्रदर्शन हासिल किया। इसके अलावा, यह सुदृढ़ प्रदर्शन एक मजबूत बिक्री रणनीति और बाज़ार में सेल टीम के निरंतर प्रयासों से संभव हुआ, जबकि कंपनी को वैश्विक मूल्य दबावों और वैश्विक व्यापार नीति की अनिश्चितताओं तथा भू-राजनीतिक तनावों से उत्पन्न मांग अस्थिरता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
वहीं, अप्रैल–नवंबर 2025 के दौरान रिटेल चैनल बिक्री भी काफी मजबूत रही, जो 0.97 एमटी रही और पिछले वर्ष की इसी अवधि के 0.86 एमटी की तुलना में 13% वृद्धि दर्ज की। कंपनी ने यह भी जोड़ा कि यह वृद्धि चल रहे राष्ट्रव्यापी ब्रांड प्रचार अभियानों से समर्थित है। मंत्रालय ने कहा कि सेल भविष्य में और अधिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रयासरत है। 
 

तमिलनाडु में बारिश के पानी से बढ़ा कावेरी डेल्टा टैंकों का भंडारण

14-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )। उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान भारी बारिश और कावेरी नदी में लगातार पानी आने से तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा में सिंचाई टैंकों में पानी का भंडारण काफी बेहतर हुआ है, जिससे खेती के मुख्य मौसम से पहले किसानों को बड़ी राहत मिली है।
डेल्टा क्षेत्र के 764 सिंचाई टैंकों में से 386 अब पूरी तरह भर गए हैं, जो तीन महीने पहले दर्ज किए गए सिर्फ 42 टैंकों की तुलना में काफी ज्यादा है। इसके अलावा, 329 टैंक अपनी क्षमता के 75 प्रतिशत से ज्यादा भर गए हैं, जो तमिलनाडु के कृषि प्रधान क्षेत्र में पानी की उपलब्धता में सुधार को दिखाता है।
तंजावुर, तिरुवरूर, मायिलादुथुराई और पुदुकोट्टई के डेल्टा जिलों में नदियों और नहरों से भरे 737 सिस्टम टैंक हैं, जिनमें बारिश का पानी भी आता है, साथ ही 27 नॉन-सिस्टम टैंक हैं जो पूरी तरह से बारिश पर निर्भर हैं।
तंजावुर जिले में सबसे ज्यादा 561 सिंचाई टैंक हैं, उसके बाद पुदुकोट्टई में 170 टैंक हैं। तिरुवरूर में 28 टैंक हैं, जबकि नागपट्टिनम और मायिलादुथुराई में क्रमशः तीन और दो टैंक हैं। इनमें से ज्यादातर टैंक आखिरी छोर वाले इलाकों में हैं और धान की खेती में, खासकर सांबा मौसम के दौरान, महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आमतौर पर, इन टैंकों में सितंबर और अक्टूबर के दौरान काफी पानी आता है। हालांकि, इस साल स्टोरेज लेवल में जल्दी बढ़ोतरी देखी गई, जिसमें कई टैंक अगस्त के आखिर तक ही 50 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर गए थे। यह मुख्य रूप से ग्रैंड एनाइकट और वेन्नारू जैसे मुख्य चैनलों में पानी के लगातार बहाव और 12 जून की तय तारीख पर मेट्टूर बांध से कावेरी का पानी समय पर छोड़े जाने के कारण हुआ। तब से, कर्नाटक से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की मदद से मेट्टूर जलाशय सात बार पूरी तरह भर गया है।
तंजावुर जिले में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान पर्याप्त बारिश, उसके बाद 1 अक्टूबर से 11 दिसंबर के बीच उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान सामान्य से ज्यादा बारिश ने डेल्टा क्षेत्र में पानी की उपलब्धता को और तेज किया है। अभी तक, पूरी क्षमता वाले 386 टैंकों के अलावा, 337 अन्य टैंकों में उनकी क्षमता का 75 प्रतिशत से 99 प्रतिशत तक पानी है। इकत्तीस टैंकों में पानी का लेवल 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत के बीच है, जबकि सिर्फ पांच टैंकों में 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत के बीच पानी बचा है। उम्मीद है कि बेहतर स्टोरेज से खड़ी सांबा फसलों को मदद मिलेगी, गर्मियों के महीनों में जानवरों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और पूरे इलाके में ग्राउंडवाटर लेवल बढ़ेगा, जिससे कावेरी डेल्टा में कुल मिलाकर पानी की सुरक्षा मजबूत होगी। 




 

पीएम मोदी ने शरद पवार को जन्मदिन की दी बधाई, कहा- ‘उन्हें लंबे और स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं’

12-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार को जन्मदिन की बधाई दीं और उन्हें लंबी व स्वस्थ जिंदगी की शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राज्यसभा सांसद शरद पवार को जन्मदिन की शुभकामनाएं। उन्हें लंबी और स्वस्थ जिंदगी की शुभकामनाएं।”
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लिखा, “महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद शरद पवार को जन्मदिन की बधाई। आपके अच्छे स्वास्थ्य, खुशहाली और लोगों की सेवा में लंबी उम्र की कामना करता हूं।”
वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लिखा, “सीनियर लीडर शरद पवार जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई! आपकी लंबी उम्र और अच्छी सेहत की कामना करता हूं!”
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ी हस्ती शरद पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संस्थापक हैं। 84 साल के इस नेता का करियर लंबा और उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जिसमें बड़ी उपलब्धियां और विवाद दोनों शामिल हैं। अपनी पूरी राजनीतिक यात्रा के दौरान, पवार ने केंद्रीय राजनीति के साथ-साथ महाराष्ट्र की कृषि नीतियों और सहकारी क्षेत्र को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 
 

 











 

राष्ट्रपति मुर्मु ने इंफाल में नुपी लाल स्मारक पर पुष्पांजलि की अर्पित

12-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज शुक्रवार को इंफाल में नुपी लाल स्मारक परिसर में 86वें नुपी लाल दिवस के अवसर पर पुष्पांजलि अर्पित की। यह दिन ब्रिटिश नीतियों के खिलाफ महिलाओं के नेतृत्व वाले दो आंदोलनों की याद में मनाया जाता है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने नुपी लाल स्मारक परिसर में पुष्पांजलि अर्पित कर मणिपुर की बहादुर महिला योद्धाओं को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिनका साहस पीढ़ियों को प्रेरित करता रहता है। राष्ट्रपति के साथ आए राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने भी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके साथ ही नुपी लाल स्मारक परिसर से लगभग दो किलोमीटर दूर पैलेस कंपाउंड में स्थित श्री गोविंदाजी मंदिर में भी प्रार्थना की।
राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने एक संदेश में कहा कि यह दिन, जिसे लोकप्रिय रूप से ‘नुपिलन नुमित’ के नाम से भी जाना जाता है, मणिपुर की महिलाओं के असाधारण साहस, लचीलेपन और देशभक्तिपूर्ण बलिदानों को श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि 1904 और 1939 के नुपी लाल आंदोलन हमारे इतिहास के सुनहरे अध्याय हैं, जहां मणिपुर की महिलाओं ने अन्याय और शोषण के खिलाफ अद्वितीय एकता और भावना के साथ आवाज उठाई।
राज्यपाल ने कहा, “नुपी लाल सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि महिलाओं के सामूहिक नेतृत्व और सामाजिक चेतना का एक शक्तिशाली प्रमाण था। मणिपुर की बहादुर माताओं ने अपने दर्द को साहस में बदल दिया, जो एक ऐसे आंदोलन में परिणत हुआ जो पीढ़ियों को प्रेरित करता रहता है। उनके बलिदान हमें याद दिलाते हैं कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी महिलाओं का सम्मान करने और उन्हें सशक्त बनाने में निहित है।”
उन्होंने मणिपुर के लोगों से नुपी लाल की गौरवशाली विरासत को बनाए रखने और एक शांतिपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण समाज के लिए प्रयास जारी रखने का आग्रह किया। राज्यपाल ने कहा, “हमारी बहादुर माताओं की भावना हमें समृद्धि, एकता और प्रगति के भविष्य की ओर मार्गदर्शन करे।”
राष्ट्रपति ने कल गुरुवार को सिटी कन्वेंशन सेंटर में मणिपुर सरकार की ओर से उनके सम्मान में आयोजित एक नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित किया था। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मणिपुर के लोगों ने “दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा” देखी है, और केंद्र सरकार उनकी मुश्किलों से पूरी तरह वाकिफ है।

 

गुजरात ने की मेडिकल शिक्षा में नई पहल: आणंद के प्रमुखस्वामी मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ देश का पहला बायोएथिक्स सेंटर

12-Dec-2025

नई दिल्ली( शोर संदेश )। मेडिकल फील्ड में चिकित्सकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इलाज के दौरान मरीजों को संतुष्ट करना और उन्हें यह भरोसा दिलाना होती है कि उनका उपचार सही दिशा में चल रहा है। अक्सर देखा गया है कि कई चिकित्सक मरीजों के प्रति अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा पाते और उन्हें विश्वास में लेने में असफल रहते हैं।

चिकित्सकों और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रोफेशनल्स को इस विषय में प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से गुजरात के आणंद जिले में देश का पहला ‘बायोएथिक्स सेंटर’ शुरू किया गया है। यह केंद्र सरदार वल्लभभाई पटेल के गृहनगर करमसद स्थित भाईकाका यूनिवर्सिटी के प्रमुखस्वामी मेडिकल कॉलेज में स्थापित किया गया है।
प्रमुखस्वामी मेडिकल कॉलेज के एडिशनल डीन डॉ. दिनेश कुमार कहते हैं, “हम चिकित्सा के नीतिशास्त्र का अध्ययन करते हैं और इसकी शिक्षा छात्रों तथा अन्य डॉक्टरों को प्रदान की जाती है।” इंटरनेशनल चेयर इन बायोएथिक्स, पोर्टो (पुर्तगाल) के तत्वावधान में शुरू किए गए इस सेंटर में डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और नर्सिंग स्टाफ को ‘बायोएथिक्स’ की शिक्षा दी जा रही है। सेंटर की हेड डॉ. बरना गांगुली बताती हैं, “यह ‘सेंटर ऑफ बायोएथिक्स’ एक नया कॉन्सेप्ट है, जो चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में होने वाले रिसर्च तक को शामिल करता है।”
मेडिकल छात्रों के अनुसार, एक हेल्थ प्रोफेशनल के जीवन में ‘बायोएथिक्स’ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, और इसकी ट्रेनिंग उन्हें भविष्य में संवेदनशील चिकित्सक बनने में मदद करती है। मेडिकल छात्रा जान्हवी टोपीवाला कहती हैं, “हमें फर्स्ट ईयर से ही ‘बायोएथिक्स’ के बारे में सिखाया गया है। हमें बताया गया है कि ‘बायोएथिक्स’ क्या है और इसे दैनिक जीवन में कैसे शामिल किया जा सकता है।”
एक स्वास्थ्यकर्मी के जीवन में एथिक्स और प्रोफेशनलिज्म के बीच बेहतर तालमेल बेहद आवश्यक होता है। भारत में ‘बायोएथिक्स’ को लेकर पिछले कुछ वर्षों में जागरूकता तो बढ़ी है, लेकिन इसके प्रशिक्षण की कमी अब भी बनी हुई है। ऐसे में प्रमुखस्वामी मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ यह ‘बायोएथिक्स सेंटर’ मेडिकल फील्ड के इस महत्वपूर्ण विषय की पढ़ाई और प्रशिक्षण को नई दिशा देने का काम करेगा।









 

धमाके के बाद कार लगी आग: 4 बच्चों समेत 5 की मौत, 5 घायल...

11-Dec-2025
बाराबंकी। ( शोर संदेश )। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में दर्दनाक हादसा हुआ। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दो कारों की टक्कर के बाद आग लग गई। दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मां और चार बच्चे शामिल हैं। हादसे में पांच लोग घायल भी हो गए। दो की हालत गंभीर बनी हुई है। 
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बुधवार दोपहर करीब तीन बजे हैदरगढ़ के डीह गांव के पास सड़क हादसे में आजमगढ़ में तैनात वाराणसी निवासी सिपाही जावेद अशरफ की पत्नी, तीन बेटियों और एक बेटे की मौत हो गई। हादसे में पांच लोग घायल भी हो गए, जिसमें दो की हालत गंभीर है। सभी को लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बाराबंकी के एसपी अर्पित विजयवर्गीय के अनुसार, जावेद अशरफ की पत्नी गुलिस्ता (49), पुत्री समरीन (22), इल्मा (12), इश्मा (6) और पुत्र जियान (10) सीएनजी वैगन आर कार से आजमगढ़ से लखनऊ आ रहे थे। कार को जावेद का साला मऊ जिले का खानपुर घोसी निवासी जिशान (30) चला रहा था। 
जिशान ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कार थोड़ी देर के लिए रोकी थी। परिवार के सदस्य पानी पी रहे थे। इसी दौरान आजमगढ़ की ओर से आ रही ब्रेजा कार पीछे से वैगनआर में टकरा गई। इसके बाद जोरदार धमाका हुआ और दोनों कारों में आग लग गई।
बचाव के लिए स्थानीय लोग, यूपीडा की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। गुलिस्ता व पुत्र जियान के शव घटनास्थल से दूर पड़े थे। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया तो पुत्री समरीन, इल्मा व इश्मा कार के अंदर ही फंसकर बुरी तरह जली मिलीं। तीनों दम तोड़ चुकी थीं। 
वैगनआर के सीएनजी सिलिंडर फटने से आग लगने की आशंका
वहीं, जिशान को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया। वहीं, ब्रेजा कार में सवार दिल्ली के दक्षिणपुरी निवासी दीपांशु मिश्रा (24), बहन दीप्ति मिश्रा (16), परिवार की ही तृप्ति मिश्रा (17) और प्रगति मिश्रा (23) गंभीर रूप से घायल हो गए। एसपी के अनुसार, भिड़ंत से वैगनआर के सीएनजी सिलिंडर फटने से आग लगने की आशंका है। विशेषज्ञ इसकी जांच कर रहे हैं। 
टक्कर इतनी जोरदार थी कि ग्रामीण व दुकानदार चीखते हुए ऊपर की ओर भागे। 15 व 20 मीटर की दूरी पर एक महिला और बच्चे के शव पड़े थे। सन्नाटे के बीच धुएं और आग की लपटें नजर आ रही थीं। पुलिस के अनुसार, मऊ के घोसी क्षेत्र के जिशान (30) अपनी बहन गुलिश्ता परवीन उर्फ चांदनी (49) और उनकी तीन बेटियों समरीन, इलमा, इश्मा और बेटे जियान के साथ लखनऊ जा रहे थे। 
लोगों ने बताया कि अचानक वैगन-आर कार रुकी। सभी लोग उतरे। सर्विस रोड पर पानी और नाश्ता लिया। अभी चार लोग कार में बैठ ही थे कि पीछे से तेज रफ्तार ब्रेजा कार ने इतनी जोरदार टक्कर मारी कि आग धधक उठी।
कुड़वा के प्रधान अनिल सिंह, शैलेंद्र सिंह, द्वारिका प्रसाद, विजय कुमार, दीपक धमाके की आवाज सुनते ही वे कंटीले तार फांदकर ऊपर चढ़े। सामने का दृश्य देखकर सहम गए। पीछे की कार में दिल्ली के दक्षिणपुरी निवासी दीपांशु मिश्रा, दीप्ति, तृप्ति, प्रगति को ग्रामीणों ने किसी तरह कार से बाहर खींचकर निकाला।
 20 मिनट बाद यूपीडा तो 40 मिनट बाद पहुंची पुलिस
घटनास्थल तक यूपीडा की सुरक्षा टीम पहुंचने में पूरे 20 मिनट लग गए। पुलिस 40 मिनट बाद पहुंची, तब तक कार जल चुकी थी। डीएम शशांक त्रिपाठी और एसपी अर्पित विजयवर्गीय भी मौके पर पहुंचे और जांच के आदेश दिए।
 

पीएम मोदी ने इजरायल के पीएम नेतन्याहू से फोन पर की बात, इन मुद्दों पर की चर्चा

11-Dec-2025
नई दिल्ली( शोर संदेश )। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को पीएम मोदी से फोन पर बात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी में निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और पारस्परिक लाभ के लिए इन संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराया।
दोनों नेताओं ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया। पीएम मोदी ने गाजा शांति योजना के शीघ्र कार्यान्वयन सहित क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के प्रयासों के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की। दोनों नेताओं ने संपर्क में रहने पर सहमति व्यक्त की।
बता दें कि दोनों देशों के संबंध लगातार आगे बढ़ रहे हैं। इसी क्रम में पिछले महीने के अंत में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इजरायल की अपनी सफल यात्रा पूरी की, जिसके दौरान उन्होंने भारत-इजरायल रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से कई उच्च स्तरीय बैठक की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस यात्रा ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को गहरा करने, प्रौद्योगिकी आधारित सहयोग को गति देने और रणनीतिक महत्व के क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार करने की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जो भारत-इजरायल संबंधों के अगले चरण में एक महत्वपूर्ण कदम है।
20 से 22 नवंबर तक अपनी यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने तीन इजरायली मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं और इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी मुलाकात की।
केंद्रीय मंत्री की इजराइल के अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री नीर बरकत के साथ हुई चर्चा में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर विचार-विमर्श हुआ। एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि भारत-इजराइल मुक्त व्यापार समझौते के लिए संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर किए गए, जो संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी परिणाम के लिए संरचित वार्ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इजराइल के वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच के साथ हुई चर्चा में अवसंरचना, खनन और इजराइल में भारतीय श्रमिकों के लिए अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ, जबकि इजराइल के कृषि मंत्री एवी डिक्टर के साथ हुई चर्चा में इजराइल की दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा रणनीति, बीज सुधार प्रौद्योगिकियों और कृषि जल पुन: उपयोग में नेतृत्व पर बात हुई।
 



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