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सर्दियों में मूंगफली खाने के फायदे

07-Dec-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  कोलेस्ट्रॉल घटाए- ठंड के दिनों में आपको रोजाना मूंगफली जरूर खानी चाहिए। मूंगफली खाने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है। मूंगफली कई बीमारियों के खतरे से बचाती हैं। मूंगफली में मोनो-अनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है जो एचडीएल के लेवल को बढ़ाता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी कम होता है।
शरीर को गर्म रखे- सर्दियों में बादाम खाने से जितनी गर्मी मिलती है उतनी ही मूंगफली खाने से भी मिलती है। आपको 1-2 मुट्ठी मूंगफली रोजाना जरूर खानी चाहिए। मूंगफली खाने से आप सर्दी के असर को कम कर सकते हैं। इससे शरीर को एनर्जी मिलती है और जरूर विटामिन भी मिलते हैं। मूंगफली का रोस्ट करके खाना फायदेमंद होता है।
वजन घटाए- मूंगफली खाने से वजन भी कम हो सकता है। मूंगफली खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती है। कई रिसर्च में भी ये पाया गया है कि मूंगफली, उससे बना तेल और पीनट बटर खाकर मोटापा कम किया जा सकता है। इससे भूख कम लगती है जिससे आपका वजन कम होता है।
डिप्रेशन भगाए- अवसाद को दूर भगाने में मूंगफली मदद करती है। मूंगफली खाने से दिमाग की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। मूंगफली में पाया जाने वाला ट्रिप्टोफैन सेरोटोनिन रिलीज को बढ़ाता है। जिससे डिप्रेशन का खतरा कम होता है। लो सेरोटोनिन का लेवल डिप्रेशन का कारण बनता है।
अन्य फायदे- मूंगफली में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो स्ट्रोक के खतरे को कम करते हैं। मूंगफली का सेवन करने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहा है और हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम होता है। मूंगफली में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर के खतरे को भी कम करते हैं।

 


इन समस्याओं में फायदेमंद है काली किशमिश

05-Dec-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) काली किशमिश में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कई गंभीर बीमारियों से बचाव करते हैं। आयरन से भरपूर यह सूखा मेवा ऑक्सीजन के ब्लड सर्कुलेश को बढ़ाने में मदद करता है। काली किशमिश एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन सी का एक बेहतरीन स्रोत है, जो सेहत के लिए लिए फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं और नींद की समस्याओं से जुड़े सूजन संबंधी लक्षणों को कम करते हैं। चलिए जानते हैं काली किशमिश का सेवन करने से आपकी सेहत को और क्या फायदे होंगे और इसे कब और कैसे खाना चाहिए?
हाई बीपी में है फायदेमंद:  काली किशमिश पोटेशियम का समृद्ध स्रोत है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें रक्तचाप को नियंत्रित करने के गुण होते हैं जो हाई ट्राइग्लिसराइड्स, हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग से जूझ रहे व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से सहायक होते हैं।
 

सुबह 10 मिनट दौड़ने के फायदे

05-Dec-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) वजन घटाने में आपकी डाइट सबसे बड़ा रोल प्ले करती है। इसके अलावा आप दिनभर में क्या फिजिकल एक्टिविटी करते हैं वो मायने रखती है। हेल्दी रहने और मोटापा कम करने के लिए रोजाना 45 मिनट की वॉक करने की सलाह दी जाती है, लेकिन जिन लोगों के पास समय की कमी है वो 10 मिनट की दौड़ से भी भरपूर फायदा उठा सकते हैं। रोजाना 10 मिनट रनिंग करने से हार्ट अटैक का खतरा कम होता है और वजन भी तेजी से कम होता है। जानिए रोजाना दौड़ने के फायदे।
10 मिनट दौड़ने के फायदे
हार्ट रहेगा हेल्दी- रोजाना सिर्फ 10 मिनट दौड़ने से दिल की सेहत अच्छी रहती है। इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और हार्ट की फंक्शनिंग बेहतर बनती है। मांसपेशियां तेजी से ब्लड को पंप करती है जिससे हार्ट हेल्दी रहता है। इसलिए आपको रोज कुछ मिनट रनिंग जरूर करनी चाहिए।
वजन कम- मोटापा कम करने के लिए वॉक से कहीं ज्यादा असरदार है रनिंग। रोज कुछ मिनट की रनिंग करने से तेजी से फैट बर्न होता है और वजन कम होता है। पेट की चर्बी को रनिंग करके कम किया जा सकता है। रनिंग करते वक्त ज्यादा कैलोरी बर्न करते हैं। जो वजन घटाने के लिए जरूरी है।
हैप्पी हार्मोन बढ़ता है- जब आप दौड़ लगाते हैं तो शरीर में हैप्पी हार्मोंस बढ़ते हैं। रनिंग करने से HGH हार्मोन का उत्पादन होता है। जिससे शरीर हैप्पी और हेल्दी बनता है। रोजाना दौड़ने से एजिंग को भी कम किया जा सकता है।
नींद में सुधार- जिन लोगों को नींद न आने की समस्या रहती है उन्हें रोजाना दौड़ने से फायदा होगा। दौड़ने से आपकी नींद, स्लीप पैर्टन और क्वालिटी ऑफ स्लीप में भी सुधार आएगा। सिर्फ 10 मिनट की रनिंग या कार्डियो एक्सरसाइज से रात में गहरी और अच्छी नींद आती है।
हड्डी और मांसपेशियां होंगी मजबूत- दौड़ना केवल हार्ट संबंधी फायदे ही नहीं पहुंचाता बल्कि इससे मांसपेशियों और जोड़ों को भी मजबूती मिलती है। नियमित रूप से दौड़ने से पैरों और कोर की मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है। दौड़ने से ग्रोथ हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है जो मांसपेशियों के ऊतकों को हील और रिपेयर करता है। दौड़ने से हड्डियां मजबूत बनती हैं।

 


ठंड आते ही शरीर में कम होने लगता है ये विटामिन

04-Dec-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अलग-अलग पोषक तत्वों की जरूरत होती है। खासतौर से ठंड के मौसम में इम्यूनिटी काफी कमजोर होने लगती है। सर्दियों में शरीर में कई जरूरी विटामिन और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। खासतौर से विटामिन डी कम होने लगता है जिससे पूरे शरीर पर बुरा असर पड़ता है। सर्दियों में शरीर में विटामिन डी की कमी होने से रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि खाने में विटामिन डी से भरपूर चीजें शामिल कर लें। जिससे शरीर में विटामिन डी की दैनिक जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।

मशरूम- विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए खाने में मशरूम जरूर शामिल करें। मशरूम को विटामिन डी का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। मशरूम जब सूरज की रौशनी के संपर्क में आता है तो इससे विटामिन डी का उत्पादन होता है। मशरूम को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं।


सी फूड- विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए खाने में सी फूड को शामिल करें। आप समुद्री मछलियों में सैलमन, ट्यूना, और मैकेरल फिश खा सकते हैं। ये विटामिन डी और हेल्दी फैट्स का अच्छा सोर्स मानी जाती हैं।

संतरा- ठंड में कुछ लोग संतरा खाने से बचते हैं लेकिन संतरा विटामिन डी, विटामिन सी और कैल्शियम से भरपूर होता है। आप संतरा या फिर संतरे का जूस पी सकते हैं। इससे शरीर में विटामिन डी और कैल्शियम दोनों की कमी पूरी होगी। इम्यूनिटी भी मजबूत बनेगी।


दूध- दूध और डेयरी उत्पाद भी विटामिन डी का अच्छा सोर्स हैं। खासतौर से गाय का दूध पीने से शरीर को विटामिन डी मिलता है। दूध में विटामिन डी के अलावा कैल्शियम और दूसरे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। इसलिए दिन में 1-2 गिलास दूध जरूर पीएं।

दही- शाकाहारी लोग खाने में दही जरूर शामिल करें। सर्दियों में ताजा घर का बना दही खाएं। इससे शरीर को विटामिन डी और कैल्शियम दोनों मिल जाएंगे। रोजाना दही खाने से हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है और पाचन भी दुरुस्त रहता है।
 

नुकसान भी पहुंचा सकता है हल्दी वाला दूध

04-Dec-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) हल्दी वाला दूध पीकर ज्यादातर लोग अपनी ओवरऑल हेल्थ को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। लेकिन कुछ लोगों के लिए हल्दी वाला दूध नुकसानदायक साबित हो सकता है। लोग दादी-नानी के जमाने से हल्दी वाले दूध को सेहत के लिए वरदान मानते हैं। हालांकि, ज्यादा हल्दी वाला दूध पीने से आपकी सेहत पर पॉजिटिव असर की जगह नेगेटिव असर भी पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि किन लोगों को हल्दी वाला दूध पीने से बचना चाहिए।

जिन लोगों को गैस या फिर ब्लोटिंग जैसी पेट से जुड़ी समस्या रहती है, उन्हें हल्दी वाले दूध को अपनी डाइट का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए। हल्दी वाले दूध में पाए जाने वाले तत्व आपकी इस समस्या को बढ़ाने का काम कर सकते हैं। इसके अलावा डायबिटीज जैसी साइलेंट किलर बीमारी के मरीजों को भी डॉक्टर की सलाह लिए बिना हल्दी वाला दूध नहीं पीना चाहिए।
अगर आपको अक्सर लो ब्लड प्रेशर रहता है, तो आपके लिए हल्दी वाला दूध काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता है। हल्दी वाला दूध ब्लड प्रेशर को और ज्यादा लो कर सकता है। इसके अलावा अगर आपको दूध से एलर्जी है, तो भी आपको हल्दी वाले दूध को अपने डाइट प्लान में शामिल करने से बचना चाहिए वरना आपकी सेहत को लेने के देने भी पड़ सकते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बरसाती मौसम में भी हल्दी वाला दूध पीने से बचना चाहिए। आयुर्वेद के मुताबिक हल्दी वाला दूध आपके लिए तभी फायदेमंद साबित हो सकता है, जब आप इसका सेवन लिमिट में रहकर करें। दरअसल, किसी भी चीज को जरूरत से ज्यादा मात्रा में कंज्यूम करने से आपकी सेहत बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है।

 


जीरा वॉटर से दूर हो जाएगी पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या

02-Dec-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  आयुर्वेद के मुताबिक जीरा वॉटर आपके पेट की सेहत के लिए वरदान साबित हो सकता है। पेट से जुड़ी समस्याओं को अलविदा कहने के लिए जीरे के पानी को पिया जा सकता है। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए जीरे के पानी को सुबह-सुबह खाली पेट पीने की सलाह दी जाती है। महज कुछ ही दिनों के अंदर आपको पॉजिटिव असर दिखाई देने लगेगा और आपका पेट साफ रहने लगेगा।
जीरे का पानी बनाने के लिए आपको रात में एक गिलास पानी में लगभग एक स्पून जीरा डालना है। अब अगली सुबह इस पानी को हल्का गर्म कर लीजिए। इसके बाद आप जीरे के पानी को छानकर पी सकते हैं। अगर आप चाहें तो आप दूसरे तरीके से भी जीरा वॉटर बना सकते हैं। सुबह-सुबह एक गिलास पानी को बॉइल कर, इसमें एक स्पून जीरा डालें। अब दोबारा से पानी को बॉइल करें और फिर इसे छानकर पी जाएं।
कब्ज की समस्या को दूर करने के अलावा भी जीरे का पानी आपकी सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। जीरा वॉटर आपके इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में मददगार साबित हो सकता है। डायबिटीज पेशेंट्स को भी जीरे का पानी पीने की सलाह दी जाती है। बॉडी को डिटॉक्स करने से लेकर वेट लूज करने तक, जीरा वॉटर आपकी ओवरऑल हेल्थ को सुधार सकता है।

यूरिक एसिड में फायदेमंद है अलसी का बीज

02-Dec-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में दर्द होना, उंगलियों में सूजन और पैरों और हाथों की उंगलियों में चुभन वाला दर्द होने लगता है। ऐसे में दवाइयों के साथ-साथ कुछ घरेलू नुस्खों को आजमाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। बता दें, अलसी का बीज यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में कारगर है। जानें, अलसी का बीज किस तरह से यूरिक एसिड को कंट्रोल करता है, इसका सेवन किस समय और कितना करना चाहिए ये भी बताएंगे।
अलसी के बीज में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं। यही पोषक तत्व शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल करने का काम करते हैं। अलसी के तेल में एंटी इन्फ्लामेट्री गुण होते हैं जो हाई यूरिक एसिड के कारण होने वाले दर्द में मदद कर सकते हैं।
अलसी के बीज वजन को घटाने में कारगर हैं। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर और प्रोटीन होता है। अगर आप इन्हें खाएंगे तो ये आपकी भूख को कंट्रोल करने में मदद करेगा। बहुत की कम लोग इस बात को जानते होंगे कि अलसी में मौजूद फाइबर पाचन की प्रक्रिया को धीमा कर देती है। इससे हार्मोन नियंत्रित रहता है जो आपकी भूख को शांत करने का काम करता है। लिहाजा आपका पेट भरा-भरा लगता है और वजन अपने आप घटने लगता है। अलसी में भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है। ये धमनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम करता है जिससे दिल हेल्दी रहता है।
अलसी का सेवन आप दिन में एक बार और आप दोपहर के भोजन के बाद ही करें। दोपहर में खाना खाने के आधे घंटे बाद एक चम्मच चबा चबाकर खाएं। अलसी के बीजों को रात भर पानी में भिगोएँ और सुबह खाली पेट खाएँ।सलाद पर अलसी के बीज छिड़कें। हर दिन एक ही समय पर अलसी के बीज खाएँ। दिन में अलसी के बीज खाना ज़्यादा फ़ायदेमंद हो सकता है।

 


गुणों की खान है करेला

30-Nov-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) स्वाद में कड़वा जहर जैसा लगने वाला करेला सेहत के लिए वरदान से कम नहीं है। कुछ लोगों को करेला खाना बिल्कुल पसंद नहीं होता है। क्योंकि इसका स्वाद कड़वा होता है। आपको बता दें जितना कड़वा करेला स्वाद में होता है शरीर के लिए उतना ही ज्यादेमंद है। दरअसल करेला में ऐसे पोषक तत्त्व पाए जाते हैं जो डायबिटीज और कई दूसरी बीमारियों में असरदार काम करते हैं। भले ही सब्जी के रूप में करेला आपको पसंद न हो लेकिन इसे दवा समझकर ही अपनी डाइट में शामिल कर लें। आचार्य बालकृष्ण की मानें तो करेले का उपयोग सिर्फ खाने में ही नहीं बल्कि लगाने में भी किया जाता है। आइये जानते हैं करेला कौन सी बीमारियों में फायदा करता है और इसका सेवन कैसे करें?
डैंड्रफ दूर- कुछ लोगों को डैंड्रफ यानि रूसी की समस्या रहती है। उनके लिए करेला का रस फायदेमंद हो सकता है। डैंड्रफ हटाने के लिए आप करेले के जूस का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए करेले के पत्तों का रस निकालकर बालों पर लगा लें। आप इस जूस में थोड़ी हल्की मिलाकर उपयोग करें डैंड्रफ से छुटकारा मिल जाएगा।
सिरदर्द में आराम- अगर आपको हमेशा सिरदर्द की परेशानी होती है तो आप करेले की पत्तियों को पीस कर इसका रल सिर में लगाएं। इस रस को अपने माथे पर लगा लें और सिर पर मालिश जैसी कर लें। काफी राहत मिलेगी।
मुंह के छाले दूर करे- अक्सर गर्मियों में मुंह में छाले हो जाते हैं। जिससे खाने पीने में परेशानी होती है। ऐसे में आप कई तरह के नुस्खों का उपयोग करते है, लेकिन उनका कोई खास आराम नहीं मिलता है। आप एक बार करेले का रस छालों पर लगा लें। इससे काफी फायदा मिलेगा। रस लगाने के बाद लार को बाहर निकलने दें और कुछ देर मुंह खोलकर लटकाए रखें। छाले 1 दिन में ही ठीक हो जाएंगे।
पथरी दूर करे- करेले का जूस पीने से पथरी के मरीज को आराम मिलता है। जिन लोगों को पथरी की परेशानी है, उन्हें करेले का रस जरूर पीना चाहिए। इससे पथरी को नेचुरली निकालने में मदद मिलती है।
घुटनों के दर्द में फायदेमंद- जिन लोगों को अक्सर घुटनों में दर्द होता रहता है। ऐसे लोग भी करेला का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए कच्चे करेले को आग में भून लें। अब करेला को मसल लें और रुई में लपेट कर घुटने में बांध लें। इससे जोड़ों और घुटने के दर्द में काफी आराम मिलेगा।

अमृत से कम नहीं है अंजीर का पानी

30-Nov-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) ड्राई फ्रूट्स में अंजीर एक फायदेमंद सुपरफूड है। आप अंजीर को फल और ड्राई फ्रूट किसी भी रूप में खा सकते हैं। ज्यादातर लोग सूखे अंजीर का सेवन करते हैं। अंजीर को सुखाकर खाने से ये जल्दी खराब नहीं होती। हालांकि सूखी हुई अंजीर को पानी में भिगोकर खाने से इसके फायदे और बढ़ जाते हैं। इससे अंजीर पेट और पाचन के लिए फायदेमंद हो जाती है। अगर आप अंजीर का पानी भी पी लेते हैं तो ये आपके स्वास्थ्य के लिए अमृत समान बन जाता है। कब्ज, गैस, एसिडिटी को दूर कर अंजीर शरीर को ताकत पहुंचाती है। शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए आपको रोजाना भीगी हुए अंजीर खानी चाहिए।

पानी में भीगी अंजीर खाने के फायदे

पानी में भीगी हुई अंजीर खाने से कब्ज़ से छुटकारा मिलता है। अंजीर में फाइबर ज्यादा होता है जिससे पेट साफ होता है और वजन भी कम होता है। पानी में भीगे अंजीर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी और कम हो जाता है। जिससे डायबिटीज के मरीज भी अंजीर खा सकते हैं। हार्ट को हेल्दी रखने और ब्लड शुगर को कम करने के लिए अंजीर को भिगोकर ही खाना चाहिए। इस तरह रोजाना 2 अंजीर खाने से हड्डियों को ताकत मिलेगी। प्रेगनेंट महिलाओं के लिए और PMS और PCOD के मरीज भी अंजीर खा सकते हैं।

अंजीर का पानी पीने के फायदे

अगर आप अंजीर को रात में साफ पानी में भिगोते हैं और सुबह अंजीर खाने के बात उसका बचा हुआ पानी पीते हैं तो ये कई और फायदे भी देता है। अंजीर का पानी कई विटामिन और मिनरल से भरपूर होता है। इससे गैस एसिडिटी में आराम मिलता है। अंजीर का पानी पाचन प्रक्रिया को सुचारू बनान में मदद करता है। भीगे अंजीर और उसका पानी आंतों के लिए अच्छा माना जाता है। अंजीर का पानी वेट लॉस में भी मददगार साबित होता है। त्वचा को हेल्दी बनाने और स्ट्रेस दूर करने में भी अंजीर का पानी फायदेमंद है।

एक दिन में कितनी अंजीर खानी चाहिए?

अंजीर खाने में काफी स्वादिष्ट और मीठा ड्राई फ्रूट है। लेकिन फायदों के चक्कर में ज्यादा अंजीर खाने से उल्टा नुकसान हो सकता है। आपको 1 दिन में 2-3 अंजीर से ज्यादा नहीं खानी चाहिए। ज्यादा अंजीर खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है।

दाल में घी मिलाकर खाना चाहिए या फिर नहीं

29-Nov-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  घी में पाए जाने वाले तमाम पौष्टिक तत्व आपकी ओवरऑल हेल्थ को काफी हद तक बूस्ट कर सकते हैं। अब सवाल ये उठता है कि घी को डाइट में शामिल करने का सही तरीका क्या है? कुछ लोग रोटी में घी लगाकर खाते हैं, तो कुछ लोग दाल में घी मिक्स कर खाना पसंद करते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आयुर्वेद के मुताबिक दाल में घी मिलाकर सेवन करना आपकी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। दाल में महज एक चम्मच घी मिलाकर खाएं और खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर देखें।
अगर आप दाल में घी डालकर खाएंगे तो आपकी गट हेल्थ को काफी हद तक सुधारा जा सकता है। कब्ज और अपच जैसी पेट से जुड़ी बीमारियों को दूर करने के लिए इस तरह से घी का सेवन किया जा सकता है। सही मात्रा में घी कंज्यूम करने से आप अपनी वेट लॉस जर्नी को भी आसान बना सकते हैं। दाल में घी मिक्स कर खाने से आपकी हड्डियों को मजबूती मिलेगी जिससे आप जोड़ों के दर्द की समस्या का शिकार बनने से बच सकते हैं।
अगर आपकी इम्यूनिटी कमजोर है तो आपको दाल में घी मिक्स करके जरूर खाना चाहिए। इस तरीके से घी को अपने डाइट प्लान में शामिल करके आप अपने इम्यून सिस्टम को काफी हद तक मजबूत बना सकते हैं। दिल की सेहत के लिए भी घी में पाए जाने वाले तत्व फायदेमंद साबित हो सकते हैं। शरीर की थकान और कमजोरी दूर करने के लिए भी घी को दाल में मिलाकर कंज्यूम किया जा सकता है।
घी आपकी ब्रेन हेल्थ को भी इम्प्रूव कर सकता है। हालांकि, बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए घी को लिमिटेड मात्रा में ही कंज्यूम करना चाहिए। इसके अलावा आपको घी की शुद्धता की जांच भी कर लेनी चाहिए। मिलावटी घी कंज्यूम करने से आपकी सेहत पर पॉजिटिव की जगह नेगेटिव असर भी पड़ सकता है।

 



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