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स्वास्थ

रूस ने कोविड-19 वैक्सीन का शुरू किया उत्पादन, वैक्सीन की प्रभावशीलता पर संदेह निराधार*

16-Aug-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) दुनियाभर में कोरोना वायरस (कोविड 19) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। विश्व का लगभग देश इस महामारी से जूझ रहा है। जहां एक तरफ दुनिया में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है वही दूसरी तरफ हर देश वैक्सीन बनाने के प्रयास में लगा है। इस बीच रूस ने कोविड-19 के इलाज के लिए अपने वैक्सीन के पहले बैच का उत्पादन शुरू कर दिया है। यह जानकारी उनके स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक बयान में दी।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को नोवल कोरोनावायरस के इलाज के लिए दुनिया के पहले पंजीकृत वैक्सीन की घोषणा की, जिसका नाम मॉस्को द्वारा 1957 में लॉन्च किए गए अंतरिक्ष सैटेलाइट स्पूतनिक वी के नाम पर है। रिपोर्ट के अनुसार, वैक्सीन को गामालेया साइंटिफिक रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा बनाया गया है। यह मॉस्को के पास स्थित एक चिकित्सा संस्थान है।
स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने बुधवार को कहा कि रूस अपने नागरिकों को वैक्सीन लगाने के बाद अन्य देशों को वैक्सीन की पेशकश करेगा। वैक्सीन की प्रभावशीलता पर संदेह निराधार है। रूस में अब तक कुल 917,884 मामले सामने चुके हैं, जिसमें 15,617 मौतें भी शामिल हैं, वहीं अब तक 729,411 लोग इससे उबर चुके हैं। 


AllMS रायपुर को स्विट्जरलैंड से 20 उच्च क्वालिटी के वेंटिलेटर मिले*

14-Aug-2020

रायपुर (शोर सन्देश ) रोगी की देखभाल के लिए अधिक गुणवत्ता और सुरक्षा प्रदान करने के लिए, AllMS_रायपुर को स्विट्जरलैंड से 20 उच्च क्वालिटी वेंटिलेटर प्राप्त हुए हैं। नए वेंटिलेटर आईसीयू को एक बढ़त देंगे क्योंकि नए वेंटिलेटर में वयस्कों और बच्चों और नवजात शिशुओं के लिए अत्याधुनिक निगरानी और वेंटिलेशन मोड हैं 


स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का गार्ड निकला कोरोना पॉजिटिव*

09-Aug-2020

00 20 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी
अंबिकापु (शोर सन्देश) स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के अंबिकापुर स्थित बंगले का एक गार्ड कोरोना पॉजिटिव मिला है, जिसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से बंगले पर स्थित सभी लोगों का सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक कुल 20 लोगों का सैंपल लिया गया है, जिनकी रिपोर्ट आनी बाकी हैं।  अंबिकापुर में लगाये गए 14 दिन के लॉकडाउन के दौरान कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार कमी आई थी, लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अंबिकापुर में शनिवार को भी 5 कोरोना पॉजिटिव मिले थे। 


छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग के 5 हजार से ज्यादा पदों पर होगी भर्ती*

28-Jul-2020

रायपुर (शोर सन्देश) छत्तीसगढ़ में कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, रोजाना प्रदेश के अलग-अलग जिलों से नए संक्रमितों की पुष्टि हो रही है। वहीं, मौत के आंकड़ों में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 5 हजार से अधिक पदों पर भर्ती करने का फैसला लिया है। इस संबंध में जानकारी खुद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने दी है। 


शासन की अनुमति के बिना किसी भी निजी लैब या अस्पताल में रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट नहीं*

26-Jul-2020

00 स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को लिखा पत्र, शिकायत मिलने पर कार्यवाही के निर्देश
रायपुर (शोर सन्देश) राज्य शासन की अनुमति के बिना किसी भी निजी लैब या अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट नहीं किया जा सकता है। इसकी शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्यवाही की जाएगी। संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने जानकारी दी है कि आई.सी.एम.आर. द्वारा रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट की अनुमति केवल कोरोना वायरस संक्रमण के सर्विलांस के उद्देश्य से दी गई है। यदि किसी निजी लैब या अस्पताल द्वारा शासन की अनुमति के बिना इस तरह की जांच की जा रही हो तो संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तत्काल कार्यवाही कर संचालनालय, स्वास्थ्य सेवाएं को सूचित करें।


घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम-21 सदस्य टीम ने की 3000 से ज़्यादा मलेरिया जांच*

23-Jul-2020

00 लोगों के बीच बढ़ाया विश्वास, ग्रामीणों ने कहा आते रहना  00 प्रथम चरण की तुलना में कम मिले पॉजिटिव
रायपुर (शोर सन्देश) कभी मीलों पैदल चले, तो कभी ट्रेक्टर पर बैठे, उबड़ खाबड़ रास्ते में गिरे तो कहीं धूल में कपड़े सने, कहीं बारिश में पूरी तरह भीगे लेकिन गीले कपड़ों में ही पहुंच गए सुकमा जिले के सुदूर अंचलों में। अक्सर शरीर के ताप से ही कपड़े सूख जाते है या कभी गीले कपड़ों में ही पूरे गांव की मलेरिया जांच करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर अंचलों में लोगों के द्वार तक पहुंचाया।
खंड चिकित्सा अधिकारी कोंटा डॉ. कपिल देव कश्यप के नेतृत्व में सुकमा जिले के सुदूर अंचलों के घोर नक्सल प्रभावित --तिमापुरम, मोरपल्ली, किस्टाराम, पोलमपाड़, बोड़केल, रावगुड़ा और चिंतागुफा में घर घर जाकर मलेरिया की जांच करके अपने सामने दवा खिलाकर ही उपचार शुरू करते है।
सीएमएचओ (सुकमा) डॉ. सी बी प्रसाद बंसोड़ ने कहा मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के प्रथम चरण में 2.86 लाख लोगों का टेस्ट किया गया था जिसमें 16,599 लोग पॉजिटिव आए थे। उन सभी का फॉलोअप के बाद स्लाइड टेस्ट किया गया, जिसमें 550 पॉजिटिव आए और उन सभी का पूर्ण उपचार भी किया गया।
वहीं अभियान के द्वितीय चरण में भी 2.86 लाख लोगों का टेस्ट करने का लक्ष्य रखा गया है। 21 जुलाई तक लगभग 2.34 लाख लोगों तक पहुंचा गया है जिसमें 3,723 लोग पॉजिटिव आए है जो पूर्व की तुलना में काफी कम हैं । पोलमपाड़ के निवासी हिंगा (बदला हुआ नाम) बताते हैं उनका क्षेत्र काफी दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में है जहाँलोग दवाई से ज्यादा झाड़-फूंक में विश्वास करते हैं। लोगों को मलेरिया (जुड़ी बुखार) जब होता है तो वह स्थानीय बैगा से झाड़-फूंक करवाते हैं। जब हालत ज़्यादा नाजुक हो जाती है तब स्वास्थ्य केंद्र पर जाते हैं।``मलेरिया से बचने के लिए सरकार द्वारा चलाया जा रहा मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान कार्यक्रम बहुत अच्छा है। हम तो स्वास्थ्य कर्मियों से यही कहेंगे आप लोग हमेशा यहॉ आते रहा करिए,’’ उसने कहा।
खंड चिकित्सा अधिकारी कोंटा डॉ कपिल देव कश्यप ने बताया मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का द्वितीय चक्र तीन चरणों में चलाया जा रहा है ।प्रथम चरण में बरसात में सम्पर्क बाधित हो जाने वाले क्षेत्र में आर.डी. किट से सभी लोगों के रक्त की जांच और सकारात्मक लोगों का पूर्ण उपचार 15 जून से 30 जून तक सम्पन्न किया गया है उसके बाद 1 जुलाई से 31 जुलाई तक ऐसे क्षेत्र जहाँ मलेरिया बुखार के प्रकरण अधिक पाये गये हैं उन क्षेत्रों में सभी लोगों के खून की जांच से की जायेगी साथ ही पूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जायेगा।इसके बाद सामान्य क्षेत्र में लोगों का रक्त परीक्षण उपचार की गतिविधियां सम्पन्न होगी।
डॉ. कश्यप ने कहा मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का द्वितीय चक्र में 21 सदस्यीय टीम के साथ सुकमा जिले के सुदूर अंचलों के जगरगुंडा क्षेत्र के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों जैसे तिमापुरम, मोरपल्ली, किस्टाराम, पोलमपाड़, बोड़केल, रावगुड़ा और चिंतागुफा के पालामड़गू में घर घर जाकर 3 दिनों में लगभग 3000 से अधिक लोगों की मलेरिया की जांच की गयी। इसमें 55 लोगों को मलेरिया के लक्षण पाये गये थे जिनका उपचार शुरु किया गया है। गर्भवती महिलाओं की मलेरिया की जांच, हिमोग्लोबिन जांच,टीकाकरण, वज़न, मच्छरदानी की उपलब्धता एवं अन्य मरीजों का इलाज भी किया गया।टीम में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके)के डॉ. वेद साहू,ग्रामीण चिकित्सा सहायक (आरएमए)मुकेश बख्शी, युवराज साहू और यूनिसेफ से आदर्श कुमारके साथ स्वास्थ्य विभाग के अन्य साथी भी थे।
मेडिकल आफिसर डॉ.व्यंकटेशने बताया जिस जगह भी जाना होता है वहॉ पर स्थानीय सम्पर्क के माध्यम से लोगों को संदेश भेजा जाता है ताकि टीम जब पहुंचे तो सभी लोग मिल जायें जिससे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को स्वास्थ्य का लाभ मिले। टीम के द्वारा मलेरिया जॉच ही नही अन्य जॉचें भी की जाती है स्थानिय लोगों का सहयोग भी रहता है।
सीएमएचओ डॉ सीबी प्रसाद बंसोड़ ने बताया क्षेत्र के कई इलाकों में पहुंच पाना अपने आप में एक चुनौती से कम नही है। कई क्षेत्र नक्सल प्रभावित होनें के साथ पहुंच विहीन भी है। बारिश में कई ग्राम टापू में तब्दील हो जाते हैं।स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया वारियर्स कभी ट्रेक्टर में बैठकर तो कहीं मीलों पैदल चलकर मलेरिया मुक्त बस्तर के संकल्प को पूर्ण करने में अपना योगदान दे रहे है।
उन सभी का फॉलोअप के बाद स्लाइड टेस्ट किया जायेगा, पॉजिटिव आने वालेसभी लोगों का पूर्ण उपचार भी किया जायेगा।दोनो चरणों में अब तक 1.47 लाख मच्छरदानियों का वितरण और उसका उपयोग सुनिचित किया गया है। ज्ञात रहे प्रथम चरण 15 जनवरी से 14 फरवरी तक चला वहीं द्वितीय चरण 15 जून से 31 जुलाई तक चलाया जा रहा है। क्षेत्र में मलेरिया उन्मूलन की दिशा में सपोर्टिव गतिविधियों के तहत मच्छरदानी का उपयोग सभी परिवारों द्वारा सुनिश्चित करवाया जा रहा है ,सभी घरों में मलेरिया रोधी कीटनाशक दवा का छिड़काव सुनिश्चित हो, और लार्वा नियंत्रण के लिये प्रति सप्ताह रविवार के दिन प्रातः 10बजे 10 मिनट अपने घरों के आसपास एवं सार्वजनिक जगहों में 10 मीटर की दूरी को साफ सुथरा बनाये, और पानी का जमाव होने देने पर जोर दिया जा रहा है


मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश

04-Jun-2020

 अम्बिकापुर (शोर सन्देश) पुलिस महानिरीक्षक रतनलाल डांगी, कलेक्टर संजीव कुमार झा और पुलिस अधीक्षक अशुतोश कुमार सिंह ने गुरूवार को मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय अम्बिकापुर का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के सभी विभाग प्रमुखों से बात कर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के निर्देश दिए।
जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सर्वप्रथम सिटी स्कैन मशीन का अवलोकन कर मशीन की कार्यप्रणाली के बारे में डॉक्टर से जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान उन्होंने वार्ड में स्वास्थ्य सुविधा और साफ सफाई की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। कोविड-19 वार्ड की तरफ भ्रमण करते हुए बाहर में बने सामुदायिक शौचालय के बंद पाए जाने पर नगर निगम के आयुक्त हरेश मंडावी को तत्काल शौचालय को प्रारम्भ करने के निर्देश दिए किचन शेड का भ्रमण करते हुए वहां की साफ-सफाई और भोजन मीनू का अवलोकन किया गया। साफ-सफाई और भोजन व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाए जाने पर किचन का प्रभार कश्यप से आरके त्रिपाठी को देने के निर्देश दिए। ज्ञात हो कि वर्तमान में जिला अस्पताल में 315 भर्ती मरीजों के लिए खाने की व्यवस्था इसी किचन के माध्यम से की जा रही है। कोरोना के मरीजों और कोरोना कार्य में लगे हुए कर्मचारियों के लिए भी खाना यहीं से भेजा जाता है।
एमसीएच भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर झा ने प्रथम तल और द्वितीय तल में भर्ती मरीजों से हाल-चाल पूछा। उन्होंने एमसीएच भवन के इंचार्ज से शिशुवती और गर्भवती महिलाओं की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही मई माह में होने वाले शिशु मृत्युदर की जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने एमसीएच भवन में पानी की समस्या के निराकरण के लिए नगर निगम आयुक्त हरीश मंडावी को निर्देशित किया कि यहां पानी की व्यवस्था तत्काल उपलब्ध कराया जाए और जनरेटर की समस्या दूर करने के लिए चेंजर की व्यवस्था आज ही किया जाए। उन्होंने हॉस्पिटल आने वाले गर्भवती, शिशुवती या अन्य सभी प्रकार के मरीजों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो इसके लिए संवेदनशील कर्मचारियों की ड्यूटी हॉस्पिटल के मुख्य द्वार में लगाने के निर्देश दिए।


जिले में केवल 5 चिन्हांकित अस्पतालों में डेंगू का इलाज होगा-कलेक्टर

24-May-2020

00 कलेक्टर ने डेंगू के संक्रमण की रोकथाम को लेकर बुलाई अहम बैठक
दुर्ग (छत्तीसगढ़ ) आगामी समय में डेंगू के पनपने की आशंका को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है। आज इसकी रोकथाम की रणनीति पर विचार करने और इसे क्रियान्वित करने अहम बैठक कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई। बैठक उपरांत कलेक्टर अंकित आनंद ने जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए तीन महत्वपूर्ण कार्य करने होंगे। पहला जहां साफ पानी जमा हो और लार्वा पल रहें हों, वहां एन्टी लार्वा आपरेशन चलाना। घरों के कोने कोने में छिपे मच्छरों को नष्ट करने स्प्रे का काम करना। सबसे आखिर में डाइग्नोसिस जितनी जल्दी हो उतना अच्छा। कलेक्टर ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण कार्य होगा। जितनी अच्छी रणनीति और प्रभावी क्रियान्वयन होगा, उतना ही अच्छा नतीजा आएगा।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में केवल 5 चिन्हांकित अस्पतालों में डेंगू का इलाज होगा। इनमें जिला अस्पताल, सेक्टर 9 हॉस्पिटल, स्पर्श हॉस्पिटल, शंकराचार्य हॉस्पिटल, बीएम शाह अस्पताल में इलाज होगा। इन सभी चिन्हांकित अस्पतालों में डेंगू के इलाज के लिए आइसोलेटेड वार्ड होंगे। आज बैठक में सभी अस्पतालों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि स्प्रे का समय सुबह 5 से 7 बजे तक रखें क्योंकि ये मच्छरों को नष्ट करने का सबसे प्रभावी समय होता है। इसी प्रकार शाम को सूरज ढलने के बाद यह करें। कलेक्टर ने स्वास्थ्य अमले और निगम अमले दोनों को मिलकर यह कार्य करने कहा। उन्होंने कहा कि चूंकि डेंगू का लार्वा साफ पानी में पनपता है अतः ऐसे सभी जगहों में विशेषकर सार्वजनिक जगहों में भी एन्टी लार्वा आपरेशन चलाएं। उन्होंने कहा कि टेमीफास पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि टेमीफास का प्रभावी वितरण सुनिश्चित करें। इसकी रेफिलिंग की भी कार्रवाई निश्चित अवधि में कराएं। कलेक्टर ने कहा कि घरों के कोने-कोने में, अंधेरी जगहों पर स्प्रे का कार्य हो। किसी भी तरह की चूक की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसकी डेली मॉनिटरिंग की जाएगी। साथ ही जिला अस्पताल में एक्सक्लूसिव वार्ड के लिए नोडल अधिकारी भी होंगे।
कलेक्टर ने कहा कि जनभागीदारी और जागरूकता के माध्यम से इसे रोकने का कार्य आसान होगा। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ गंभीर सिंह ने अब तक किये गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। डीएमओ डॉ. एस. के. मंडल ने इससे जुड़े हुए तकनीकी पक्षों को रखा। साथ ही अब तक डेंगू से निपटने के अनुभवों को भी साझा किया। इस दौरान भिलाई नगर निगम कमिश्नर ऋतुराज रघुवंशी, अपर कलेक्टर गजेंद्र ठाकुर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  


स्वास्थ्य केन्द्रों पर बर्थ डोज टीकाकरण रहेगा जारी

23-May-2020

रायपुर (छत्तीसगढ़) कोरोना संक्रमण के कारण देशभर में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम बेहद प्रभावित हुआ है. इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गाइडलाइन्स जारी कर क्षेत्रवार टीकाकरण सेवाओं को बहाल करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी है. जारी गाइडलाइन्स के अनुसार कोरोना संक्रमण के प्रसार के मुताबिक प्रत्येक जिले को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है. वहीं रेड और ऑरेंज जोन में कोरोना संक्रमितों की व्यापकता के हिसाब से कॉन्टेंटमेंट और बफऱ जोन भी बनाया गया है. संक्रमण प्रसार की आशंका के मद्देनजर कॉन्टेंटमेंट जोन में स्वास्थ्य केन्द्रों और आउटरीच क्षेत्रों में नियमित टीकाकरण को फि़लहाल रोका गया है. लेकिन सभी क्षेत्रों (कॉन्टेंटमेंट और बफऱ जोन सहित) के स्वास्थ्य केन्द्रों पर बर्थ डोज टीकाकरण जारी रहेगा.

बफऱ जोन के अलावा और ग्रीन जोन में शर्तों के साथ होगा टीकाकरण: मंत्रालय मुताबिक कॉन्टेंटमेंट और बफऱ जोन में स्वास्थ्य केंद्र आधारित टीकाकरण और आउटरीच टीकाकरण सेशन( ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवस) अभी शुरू नहीं होगा. लेकिन बफऱ जोन को छोड़कर ग्रीन जोन में स्वास्थ्य केंद्र आधारित टीकाकरण और आउटरीच टीकाकरण सेशन कुछ शर्तों के साथ शुरू होगा. जिसमें आउटरीच सेशन पर एक समय में 5 से अधिक लोगों को उपस्थित रहने की मंजूरी नहीं मिलेगी. इन सेशन के दौरान कोरोना संक्रमण रोकथाम के सभी प्रोटोकॉल का अनुपालन करना अनिवार्य होगा. जिसमें पंचायत और अर्बन लोकल बॉडी आउटरीच सेशन साईट के प्लान में मदद करेंगे. किसी भी बफऱ और कॉन्टेंटमेंट जोन में 14 दिनों के बाद नियमित टीकाकरण सेवा की शुरुआत करने का फैसला राज्य और जिला प्रशासन ही ले सकेगा हैं।
स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीकाकरण के दौरान बरतनी होगी सतर्कता: टीकाकरण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह गाइडलाइन्स में दी गयी है. यह बताया गया है कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीकाकरण के पूर्व हवादार स्थान का चयन करना होगा और यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक लोग एक दूसरे से 1 मीटर की दूरी पर ही बैठें. स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण लोड के मुताबिक पूर्व में ही फिक्स्ड टीकाकरण कर्मियों का चयन करना होगा.
वीएचएसएनडी सत्र आयोजन के लिए निर्देश: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) के आयोजन को लेकर कुछ जरुरी दिशानिर्देश दिया है.
०० वीएचएसएनडी सत्र पर लोगों की भीड़ कम करने के लिए सत्र को प्रत्येक घन्टे के हिसाब से बाँटने की सलाह दी गयी है. प्रत्येक घंटे के स्लॉट में 4-5 लाभार्थियों को ही उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं.

०० प्रत्येक वीएचएसएनडी सत्र को दो सेशन में बांटने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें अतिरिक्त सेशन के संचालन के लिए रिटायर्ड एएनएम एनएनएम, स्टाफ नर्सेज आदि या प्रशिक्षित पुरुष स्वास्थ्य कर्मी की नियुक्ति की जा सकती है


उप स्वास्थ्य केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था के लिए 84 लाख रूपए स्वीकृत

22-May-2020

रायपुर(छत्तीसगढ़) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में राजनांदगांव जिले के 33 उप स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर पेयजल व्यवस्था के लिए 84 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। उल्लेखनीय है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत उप स्वास्थ्य केंद्रों में नलकूप खनन कार्य एवं रनिंग वाटर उपलब्ध कराने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी अनुसार राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के कुसमी, टाटेकसा, कल्याणपुर, मडियान, बछेराभाठा, घोटिया, ढारा, बिल्हरी, रूवातला, बगनदी, दीवनटोला, बागरेकसा, बोरतलाव, पारागांवखुर्द, मुसराकला, नारायणगढ़ और अण्डी और छुरिया विकासखंड के महराजपुर, खोभा, कुमर्दा, धनगांव, उमरवाही और साल्हे, खैरागढ़ विकासखंड के टोलागांव, चिचोला और विचारपुर, डोंगरगांव के खपरीकला और बांकल तथा छुईखदान विकासखंड के बिरूटोला, साल्हेवारा, सण्डी, मोहगांव और जंगलपुरघाट ग्राम के उप स्वास्थ्य केन्द्रों में नलकूप खनन कार्य एवं रनिंग वाटर उपलब्ध कराने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। विभाग द्वारा जारी पत्र में अधिकारियों को उक्त सभी कार्य के दौरान उपलब्ध स्रोत में आवश्यक पर्याप्त मात्रा में जल की उपलब्धता परीक्षण उपरांत ही कार्य का क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 




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