


नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) आपने भी कभी न कभी कमल ककड़ी की सब्जी जरूर खाई होगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कमल ककड़ी को अंग्रेजी में लोटस कुकुंबर कहते हैं। कमल ककड़ी सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का इलाज करने में कारगर साबित हो सकती है। इसके अलावा कमल ककड़ी खाकर आप अपनी सेहत को दमदार बना सकते हैं।
अगर आप अपनी हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं तो इस सब्जी को अपनी डाइट का हिस्सा बना लीजिए। कमल ककड़ी में पाए जाने वाले तमाम तत्व आपकी गट हेल्थ को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। इस सब्जी का सेवन कर न केवल आप अपना डाइजेशन सुधार सकते हैं बल्कि पेट से जुड़ी तमाम समस्याओं से भी खुद का बचाव कर सकते हैं।
अगर आप अपने बढ़ते हुए वेट पर काबू पाना चाहते हैं तो कमल ककड़ी का सेवन करना शुरू कर दीजिए। फाइबर रिच इस सब्जी को खाकर आप अपने वेट को लूज कर सकते हैं। इसके अलावा डायबिटीज को मैनेज करने के लिए भी कमल ककड़ी का सेवन किया जा सकता है। इस तरह के हेल्थ बेनिफिट्स उठाने के लिए सही मात्रा में कमल ककड़ी को कंज्यूम करना बेहद जरूरी है।
कमल ककड़ी में विटामिन के, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। कमल ककड़ी में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व आपकी ओवरऑल हेल्थ को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। कमल ककड़ी आपकी स्किन और हेयर हेल्थ के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है।


नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) अगर आपको भी यही लगता है कि औषधीय गुणों से भरपूर करी पत्ते का इस्तेमाल महज खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है, तो आपको अपनी इस गलतफहमी को दूर कर लेना चाहिए। करी पत्ता आपकी सेहत पर फायदों की बौछार कर सकता है। अगर आप भी करी पत्ते का पानी पीने के कुछ कमाल के फायदों के बारे में नहीं जानते हैं, तो आपको भी महज एक हफ्ते के लिए इस नेचुरल ड्रिंक को अपनी डाइट का हिस्सा बनाकर देखना चाहिए।
करी पत्ते का पानी बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में एक गिलास पानी डालें। अब इस पानी में मुट्ठीभर करी पत्ते डालकर इसे अच्छी तरह से बॉइल करें। उबलने के बाद, जब ये पानी हल्का ठंडा हो जाए, तब आप इसे छानकर पी सकते हैं। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए आपको सुबह-सुबह करी पत्ते का पानी पीना चाहिए। करी पत्ते का पानी आपकी हार्ट हेल्थ से लेकर आपकी लिवर हेल्थ तक के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
हर रोज करी पत्ते का पानी पीकर आप अपनी वेट लॉस जर्नी को काफी हद तक आसान बना सकते हैं। करी पत्ते का पानी आपके शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट को बर्न करने में कारगर साबित हो सकता है। इसके अलावा अगर आप अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो भी आपको करी पत्ते का पानी पीना शुरू कर देना चाहिए। करी पत्ते का पानी आपकी गट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है यानी एसिडिटी और कब्ज जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं से खुद का बचाव करने के लिए करी पत्ते के पानी को पिया जा सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि करी पत्ते में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन्स, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-माइक्रोबियल गुणों की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। यही वजह है कि आयुर्वेद के मुताबिक करी पत्ते को सेहत के लिए वरदान माना जाता है।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) अगर आपको हर समय थकान और कमजोरी महसूस होती है तो नीम के पत्तों का सेवन करना शुरू कर दीजिए। नीम के पत्ते आपकी गट हेल्थ को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। पेट से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए नीम के पत्तों का सेवन किया जा सकता है। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए हर रोज सुबह-सुबह नीम के 4-5 पत्तों को चबाएं।
अगर आप अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो आप नीम के पत्तों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। नीम के पत्तों को रेगुलरली चबाने से आप खुद को बार-बार बीमार पड़ने से बचा सकते हैं। नीम के पत्ते आपकी बॉडी को डिटॉक्सिफाई करने में कारगर साबित हो सकते हैं। नीम के पत्तों को आंखों की सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नीम के पत्तों में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन सी, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, फॉस्फोरस, पोटैशियम जैसे पौष्टिक तत्वों की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा नीम की पत्तियां एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होती हैं। इन तत्वों की वजह से ही आयुर्वेद एक्सपर्ट नीम की पत्तियों का सेवन करने की सलाह देते हैं।


नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) सर्दियों की शुरुआत हो चुकी है। इस मौसम में गर्मा-गर्म सूप पीने का एक अलग ही मजा होता है। ठंड के समय हर कोई कुछ गर्म और पौष्टिक खाना चाहते हैं, तो आप इस मौसम में सूप के ऑप्शन तलाशते हैं, तो आप घर पर बने सूप का मजा ले सकते हैं। घर पर बने सूप का एक शानदार विकल्प हो सकता है और इसे बनाना भी काफी किफायती है, क्योंकि इस बनाने के लिए सामग्रियां बेहद कम मात्रा में उपयोग किया जाता है। आइए जानते हैं सहजन का सूप घर पर कैसे सरल तरीके से बना सकते हैं।
सामग्री
- 1 कप दाल
- ताजी सहजन के छोटे टुकड़े
- 1 कटा हुआ टमाटर
- 1 कटा हुआ प्याज
- थोड़ी सी अदरक
- सर्दियों में सहजन का सूप बनाने के लिए आपको मुट्ठी भर दाल, ताजी सहजन के छोटे टुकड़े, कटे हुए टमाटर, प्याज और थोड़े से अदरक की आवश्यकता होगी।
- सबसे पहले आप सभी सब्जियों को अच्छे से धोकर, छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इन सामग्रियों को एक बर्तन में एक चम्मच हल्दी और करीब एक से डेढ़ गिलास पानी के साथ रखें। इन सभी चीजों को नरम होने तक पकने दें।
- फिर आप इस मिश्रण को ठंडा होने दें। फिर, इसे मिक्सर में डालकर मुलायम पेस्ट बना लें। इसके बाद आप पेस्ट को छलनी के छान लें ताकि गूदा और रेशे अलग हो जाएंगे।
- अब आप जरुरत के हिसाब से गाढ़ारपन को बरकार रखने के लिए गूदे में थोड़ा सा पानी जरुर मिलाएं, लेकिन सूप के स्वाद को सही रखने के लिए आवश्यकतानुसार ही पानी डालें।
- अगर आपको थोड़ा सा मसाला पसंद हैं तो आप स्वाद के लिए थोड़ी काली मिर्च और नमक मिला सकते हैं। इस मिश्रण को उबाल लें और इसे 3 से 4 मिनट तक उबलने दें। और तैयार है आपका स्वाद और पोषक तत्वों से भरपूर सहजन सूप (ड्रमस्टिक) तैयार है। यह सूप स्वाद के साथ ही हेल्थ के लिए सबसे बेहतरीन स्वाद से भरपूर है।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) हेल्थ एक्सपर्ट्स अक्सर भुने हुए चने को डाइट प्लान का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भुने हुए चने में पाए जाने वाले तमाम पौष्टिक तत्व आपकी ओवरऑल हेल्थ को काफी हद तक बूस्ट कर सकते हैं। अगर आप सही मात्रा में और सही तरीके से भुने हुए चने खाते हैं, तो आपकी सेहत पर ढेर सारे पॉजिटिव असर पड़ सकते हैं। भुने हुए चने में प्रोटीन, फाइबर, एंटी ऑक्सीडेंट, फैटी एसिड और फोलेट जैसे तत्व अच्छी खासी मात्रा में पाए जाते हैं।
अगर आप अपनी वेट लॉस जर्नी को आसान बनाना चाहते हैं, तो प्रोटीन और फाइबर रिच भुने हुए चने खाना शुरू कर दीजिए। भुने हुए चने खाकर आपका पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करेगा। इतना ही नहीं, भुने हुए चने की मदद से हार्मोन के स्तर को भी कंट्रोल किया जा सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लिमिट में रहकर भुने हुए चने का सेवन करने से आपकी गट हेल्थ पर पॉजिटिव असर पड़ सकता है। पेट से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए भी भुने हुए चने को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा भुने हुए चने आपकी हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में भी कारगर साबित हो सकते हैं।
क्या आप हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं? अगर हां, तो आप भुने हुए चने खाकर अपने ब्लड प्रेशर को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं। अगर आप अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो हर रोज भुने हुए चने का सेवन करना शुरू कर दीजिए। कुल मिलाकर भुने हुए चने आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) सर्दियों में हाई यूरिक एसिड के मरीज की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ जाती हैं। ठंड के कारण हड्डियों में दर्द और अकड़न होने लगती है ऊपर से अगर यूरिस एसिड बढ़ जाए तो फिर दर्द के कारण चलना फिरना भी मुश्किल हो जाता है। हालांकि डाइट से यूरिक एसिड को कम किया जा सकता है। सर्जियों में ऐसी कई सब्जियां मिलती है जो हाई यूरिक एसिड को कम करने में मदद करती हैं। ऐसी ही सब्जी है टिंडा, जो स्वाद में काफी लौकी जैसा ही लगता है। यूरिक एसिड में डिंटा खाने से जोड़ों में जमा प्यूरीन आसानी से निकल जाता है। जानिए यूरिक एसिड में टिंडा खाने के फायदे और इसे कितने दिन खाने से आराम मिलेगा?
यूरिक एसिड को खाने से काबू करना है तो इसके लिए डाइट में लोग प्रोटीन और हाई फाइबर फूड शामिल करने जरूरी हैं। खाने में लौकी, तोरई और टिंडा की सब्जी जरूर शामिल करें। रोजाना इन सब्जियों के खाने से 1-2 महीने में ही शरीर में जमा यूरिक एसिड निकल जाएगा।
टिंडा खाने में भले ही लोगों को ज्यादा स्वादिष्ट न लगे, लेकिन टिंडा में कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं। टिंडा खाने से शरीर को विटामिन सी, कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, फास्फोरस, डाइट्री फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मिलते हैं। फाइबर रिच टिंडा खाने से पाचन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। टिंडा खाने से कब्ज की समस्या भी दूर भाग जाती है।
पोटेशियम, मैग्नीशियम और मैग्नीज ज्यादा होने के कारण टिंडा हार्ट के लिए भी अच्छी सब्जी माना जाता है। टिंडा पानी से भरपूर सब्जी है जो वजन घटाने और शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करती है। इसके अलावा विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन बी6 और विटामिन के ओवर ऑल हेल्थ में सुधार लाने मे मदद करते हैं। टिंडा खाने से किडनी फंक्शन में सुधार आता है और किडनी में जमा टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो लगातार 1-2 महीने टिंडा खाने से आप यूरिक एसिड को कंट्रोल कर सकते हैं। टिंडा के अलावा लौकी भी हाई यूरिए एसिड को तेजी से कम करती है। टिंडा और लौकी खाने से पेट से जुड़ी समस्याएं भी दूर होती हैं और जोड़ों के दर्द में भी आपको आराम मिलेगा।