ब्रेकिंग न्यूज

स्वास्थ

सर्दियों में स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये 7 आयुर्वेदिक टिप्स

27-Nov-2024
आयुर्वेद, जो जीवन और स्वास्थ्य का विज्ञान है, ऋतु अनुसार आहार की महत्ता को प्रमुखता से बताता है। प्राचीन ग्रंथों में आचार्य कश्यप ने आहार को “महाभैषज्यम्” कहकर इसकी तुलना सर्वोत्तम औषधि से की है।
सर्दियों का मौसम केवल ठंड का अहसास ही नहीं लाता, बल्कि हमारे शरीर को गर्म रखने और स्वास्थ्य को बनाए रखने की चुनौती भी पेश करता है। आयुर्वेद, जो जीवन और स्वास्थ्य का विज्ञान है, सर्दियों के दौरान आहार और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देने की सलाह देता है। आइए जानते हैं कि इस मौसम में आयुर्वेद के अनुसार कैसे स्वस्थ रह सकते हैं।

ऋतुचक्र के अनुसार खानपान

आयुर्वेद में आहार को औषधि के रूप में देखा गया है। ऋतुचक्र के साथ हमारे शरीर की पाचन अग्नि भी बदलती है। सर्दियों में पाचन अग्नि तेज होती है, इसलिए पोषण से भरपूर और गर्म तासीर वाले भोजन का सेवन करना चाहिए। ठंडे और कच्चे खाद्य पदार्थों से बचें, क्योंकि ये शरीर को सुस्त बना सकते हैं।

घी और तेल: आयुर्वेद घी, नारियल तेल और सरसों के तेल के उपयोग की सलाह देता है। ये त्वचा की नमी बनाए रखते हैं और शरीर को भीतर से गर्म रखते हैं।
मसाले: हल्दी, अदरक, काली मिर्च और दालचीनी जैसे मसाले न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि सर्दियों में शरीर को गर्म भी रखते हैं।

गाजर, शकरकंद, चुकंदर और मूली जैसी सब्जियां विटामिन और मिनरल्स का खजाना हैं। ये पेट को भरा हुआ महसूस कराती हैं और ओवरईटिंग से बचाती हैं। इनका नियमित सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और ऊर्जा बनाए रखने में सहायक होता है।
सर्दियों में साबुत अनाज जैसे जौ, ओट्स और मक्का ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत हैं। ये शरीर को गर्म रखने के साथ पाचन को भी सुगम बनाते हैं। इन्हें भोजन में शामिल करने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है।

गर्म पेय और सूप का सेवन
सर्दियों में ठंडे पेय पदार्थों की बजाय गर्म पेय जैसे हर्बल चाय, अदरक-हल्दी वाला दूध, और सब्जियों का सूप पिएं। ये न केवल शरीर को गर्म रखते हैं, बल्कि इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करते हैं।

व्यायाम और मालिश का महत्व
सर्दियों में नियमित व्यायाम करना शरीर को सक्रिय बनाए रखता है। इसके साथ ही, गर्म तेल से शरीर की मालिश करना त्वचा को मुलायम और शरीर को ऊर्जावान बनाता है। व्यायाम और मालिश का संयोजन शरीर को ठंड से बचाने का सबसे बेहतर तरीका है।
सर्दियों में जंक फूड की बजाय देसी और गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें। उपवास से बचें, क्योंकि यह पाचन अग्नि को नुकसान पहुंचा सकता है। नियमित और संतुलित आहार से वात दोष को नियंत्रित किया जा सकता है।

केंद्र सरकार के फैसले से कैंसर की ये दवाएं होंगी सस्ती, सीमा शुल्क में छूट और जीएसटी दर में कटौती

03-Nov-2024
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  सीमा शुल्क से छूट और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती के बाद तीन कैंसर रोधी दवाओं (ट्रैस्टुजुमाब, ओसिमर्टिनिब और डुरवालुमाब) की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) तय होगी। राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने दवा निर्माताओं को इन तीन कैंसर रोधी दवाओं पर एमआरपी कम करने का निर्देश दिया है।

सीमा शुल्क में छूट और जीएसटी दरों में कटौती
रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि सीमा शुल्क में छूट और जीएसटी दरों में कटौती के बाद एनपीपीए ने दवा निर्माताओं को तीन कैंसर रोधी दवाओं की एमआरपी घटाने का निर्देश दिया है। मंत्रालय के मुताबिक एनपीपीए ने 28 अक्टूबर को जारी कार्यालय ज्ञापन में संबंधित निर्माताओं को तीन कैंसर रोधी दवाओं पर एमआरपी कम करने का निर्देश दिया है। यह वर्ष 2024-25 के लिए केंद्रीय बजट में की गई घोषणा के मुताबिक है, जिसमें इन तीन कैंसररोधी दवाओं को सीमा शुल्क से छूट दी गई है।

मंत्रालय ने कहा कि यह किफायती कीमतों पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। ज्ञापन में विनिर्माताओं को निर्देश दिया गया है कि कि वे डीलरों, राज्य औषधि नियंत्रकों और सरकार को एक मूल्य सूची या अनुपूरक मूल्य सूची जारी करें, जिसमें बदलावों का संकेत दिया जाए और मूल्य परिवर्तन के संबंध में फॉर्म-II या फॉर्म-V के माध्यम से एनपीपीए को जानकारी प्रस्तुत की जाए।

केंद्रीय बजट वित्तीय बोझ घटाने का किया था ऐलान
केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट 2024-25 में कैंसर से पीड़ित लोगों के वित्तीय बोझ घटाने के लिए तीन कैंसर दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट देने का ऐलान किया था। सरकार ने इन तीन कैंसर दवाओं पर जीएसटी दर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

गौरतलब हो कि ट्रैस्टुज़ुमैब डेरक्सटेकन दवा का उपयोग स्तन कैंसर के लिए किया जाता है, ओसिमर्टिनिब का उपयोग फेफड़ों के कैंसर के लिए किया जाता है, जबकि ड्यूरवालुमैब फेफड़ों के कैंसर और पित्त पथ के कैंसर दोनों के लिए है।

कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय का किया आकस्मिक निरीक्षण

29-Oct-2024
जशपुर।  ( शोर संदेश ) कलेक्टर रोहित व्यास ने आज जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण किया और मरीजों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जशपुर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का सार्थक प्रयास कर रहे हैं। 
इसी कड़ी में कलेक्टर ने लगभग 3 घंटे अस्पताल के एक एक वार्ड का गंभीरता से निरीक्षण किया और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। उन्होंने सभी डाक्टरों और स्टाप को समय पर ओपीडी में बैठने के निर्देश दिए हैं। ताकि मरीजों को इलाज करवाने में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होने पाए।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान नदारद डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। जिनका छुट्टी का आवेदन नहीं, बिना सूचना के गायब डाक्टरों और कर्मचारियों का एक दिन का अवैतनिक अवकाश घोषित करने के लिए कहा गया। कलेक्टर ने कहा मरीजों को इलाज करवाने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। 
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान हमर लैब, जनरल वार्ड, महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, डाक्टरों की ओपीडी आईसीयू, रसोईघर, शौचालय, दवाई भंडारण कक्ष, सीटी स्कैन, पैथोलॉजी, एक्स रे रूप, मातृत्व और शिशु अस्पताल, सोनोग्राफी सेंटर आदि का  वार्ड का बारीकी से अवलोकन करके मरीजों के लिए व्यस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शौचालय की नियमित साफ सफाई करने के लिए कहा है। साथ ही मरीजों को मेन्यू के आधार पर भोजन देने के लिए कहा और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने मातृत्व और शिशु अस्पताल के परिसर में मरीजों को दवाई वितरण करने के अलग काउंटर बनाने के लिए कहा है ताकि मां और बच्चे को शीघ्र दवाई उपलब्ध कराई जा सके।
कलेक्टर ने भर्ती मरीजों से चर्चा करके स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। मनोरा विकास खंड के काटाबेल निवासी श्याम राम से कलेक्टर ने मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। आयुष्मान कार्ड बन रहा है कि नहीं। कार्ड के माध्यम से मरीजों को इलाज की सुविधा दी जा रही है कि नहीं इस सब के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने शौचालय के दरवाजे, खिड़की ठीक करवाने के निर्देश दिए हैं। और पुरुष और महिला शौचालय का नाम अनिवार्य रूप से अंकित करने के लिए कहा है। कलेक्टर ने कहा कि डाक्टरों के लिए एक गुगल सीट बनाया जाएगा उसमें प्रतिदिन एक डाक्टर कितने मरीजों को चेक किया या सर्जरी की गई उसकी जानकारी अपडेट की जाएगी। 

स्वास्थ्य मंत्री ने किया मेकाहारा का निरीक्षण

28-Oct-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रविवार को रायपुर के मेकाहारा अस्पताल का निरीक्षण किया। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया और मरीजों से बात कर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इस दौरान मंत्री जायसवाल ने दंतेवाड़ा से आए मोतियाबिंद ऑपरेशन कराने वाले मरीजों से भी मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के स्टाफ और चिकित्सकों से भी बात कर उन्हें बेहतर काम करने और मरीजों की उचित देख देख करने के निर्देश दिए।
 

 


स्वर्णप्राशन और बाल रक्षा किट के लिए आयुर्वेद कॉलेज में उमड़ी भीड़

28-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्तिवर्धन एवं रोगों से बचाव के लिए शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में गुरुवार को 2216 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। विभिन्न रोगों से रोकथाम एवं इम्युनिटी बढ़ाने के लिए 300 बच्चों को पांच दवाईयों से बने बाल रक्षा किट भी वितरित किए गए। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय के कौमारभृत्य विभाग द्वारा हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। स्वर्णप्राशन के साथ ही डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी किया।  
शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष विभाग की संचालक इफ्फत आरा, प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.आर. चतुर्वेदी, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और कौमारभृत्य विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में स्वर्णप्राशन कराया गया। स्वर्णप्राशन समन्वयक डॉ. लवकेश चन्द्रवंशी ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह काफी लाभदायक है। महाविद्यालय के कौमारभृत्य विभाग की व्याख्याता डॉ. सत्यवती राठिया तथा स्नातकोत्तर एवं स्नातक छात्र-छात्राएं हर महीने इसमें महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय द्वारा इस वर्ष की अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 25 जनवरी को 1235, 21 फरवरी को 1420, 18 मार्च को 1720, 16 अप्रैल को 1410, 13 मई को 1256, 10 जून को 1802, 8 जुलाई को 1342, 3 अगस्त को 1370, 30 अगस्त को 1660 और 26 सितम्बर को 2046 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया था।

छात्रों को राहत : एनआरआई स्पॉन्सर्ड कोटा में प्रवेश लेने वाले 45 एमबीबीएस छात्रों के दाखिले रद्द नहीं होंगे

23-Oct-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों की एनआरआई स्पॉन्सर्ड कोटा सीट पर दाखिला लेने वाले 45 छात्रों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। मंगलवार को छात्रों की याचिका पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की।

इस दौरान बेंच ने आयुक्त चिकित्सा शिक्षा के 18 अक्टूबर के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें यह लिखा गया था कि अगर छात्र खुद को वास्तवित एनआरआई साबित नहीं कर पाते हैं, तो दाखिले निरस्त मान लिए जाएंगे। उधर, एनआरआई स्पॉन्सर्ड कोटा की शेष 10 सीटों पर जल्द काउंसिलिंग होगी। पूर्व में रजिस्टर्ड अभ्यर्थी इसमें शामिल होंगे।

दरअसल, आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा विभाग के 18 अक्टूबर के आदेश को चुनौती देते हुए छात्र अंतश तिवारी सहित 40 अन्य ने वकीलों के जरिए अलग-अलग याचिकाएं लगाई थीं। इसमें बताया कि छत्तीसगढ़ मेडिकल एजुकेशन प्रवेश नियम 2008 के तहत एनआरआई स्पॉन्सर्ड कोटे की सीटें तय की गई हैं। नियम 13(स) में एनआरआई छात्रों के लिए पात्रता निर्धारित की गई है।

इस नियम के आधार पर उन्हें प्रक्रिया पूरी करने के बाद दाखिले दिए गए। बताया कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एनआरआई कोटे के नियम में बदलाव किया है, जिसके तहत भाई-पुत्र और पहली पीढ़ी के रिश्तेदार ही दाखिले के लिए पात्र माने गए हैं। हाईकोर्ट ने दूसरी पीढ़ी के छात्रों को प्रवेश नहीं देने का आदेश दिया है।

लेकिन छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा विभाग ने पूर्व में तय नियम को बदले बिना ही उनके दाखिले निरस्त कर दिए। छात्रों ने इस आदेश को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि किसी दूसरे हाईकोर्ट का आदेश छत्तीसगढ़ में प्रभावी नहीं होगा। डिवीजन बेंच ने इस दलील को सही माना है। यानी 45 छात्रों के दाखिले बरकरार रहेंगे। उधर,जानकारी के मुताबिक अगले सत्र में विभाग एनआरआई कोटा को परिभाषित करेगा। इसके लिए कमेटी बनाई जाएगी।

एमबीबीएस:एनआरआई नहीं पहुंचे या दस्तावेज गलत तो रद्द होगा एडमिशन

19-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) प्रदेश के निजी मे​डिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे से एडमिशन ले चुके छात्रों को इससे संबंधित दस्तावेज दिखाना होगा। उन्हें एनआरआई होने के प्रूफ देना होगा। दस्तावेजों की जांच शनिवार, 19 अक्टूबर से शुरू होगी। यह पहली बार है कि जब उनके सबमिट किए हुए दस्तावेजों की दोबारा जांच होगी। इस संबंध में शुक्रवार को आयुक्त चिकित्सा शिक्षा की ओर से सूचना जारी की गई है।
इसके अनुसार 24 सितंबर के बाद एनआरआई कोटा से प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अपने दस्तावेजों की जांच करवाना अ​निवार्य है। अगर, छात्र इस दौरान उपस्थित नहीं होते हैं, या वह वास्तविक एनआरआई होने के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराते हैं तो उसका प्रवेश निरस्त हो माना जाएगा। एनआरआई कोटे से प्रवेश को लेकर विवादों के बीच यह सूचना जारी की गई है।
छात्रों को कहां करवानी होगी दस्तावेज की जांच
श्रीबालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस और रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के छात्रों का दस्तावेज सत्यापन पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में होगा। वहीं श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ ​मेडिकल साइंसेस और अभिषेक मिश्रा मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के छात्रों को दस्तावेज सत्यापन के लिए चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज दुर्ग में उपस्थित होना होगा। 19 अक्टूबर की सुबह 11 बजे से 21 अक्टूबर की दोपहर 3 बजे तक जांच होगी।
एनआरआई कोटे से प्रवेश के लिए पंजीयन, उन्हें भी करानी होगा जांच
एमबीबीएस में प्रवेश के लिए जिन्होंने एनआरआई कोटे के तहत पंजीयन किया है और उन्हें अभी सीट नहीं मिली है। उन्हें भी दस्तावेजों की जांच करानी होगी। पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक दस्तावेजों की जांच के लिए छात्रों को उपस्थित होना होगा। एनआरआई होने का दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने और अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को एनआरआई कोटे से प्रवेश के लिए अपात्र माना जाएगा।
नर्सिंग में प्रवेश के लिए आवेदन कल तक
बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग व पोस्ट बेसिक नर्सिंग की खाली सीटों में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन रविवार, 20 अक्टूबर तक किए जा सकते हैं। पंजीयन की प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई है। मेरिट लिस्ट 21 अक्टूबर को जारी होगी। जबकि संबंधित संस्था में 22 से 25 अक्टूबर तक प्रवेश होंगे।

साधना करने के दौरान 2 सगे भाईयों की मौत,2 बेहोश

18-Oct-2024
सक्ति।   ( शोर संदेश ) सक्ति से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, आरोप है कि यहां साधना करने के दौरान दो सगे भाईयों की मौत हो गई,जबकि दो लोग बेहोश हो गए,वहीं दो लोगों मानसिक संतुलन बिगड़ने की भी खबर है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है,इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक पूरा मामला सक्ति के बाराद्वार थाना क्षेत्र के तांदुलडीह गांव का बताया जा रहा है, आरोप है कि यहां एक घर एक कमरे में उज्जैन के बाबा की फोटो सामने रखकर सभी 6 लोग बीते करीब सप्ताह भर से जाप, साधना कर रहे थे, उसी दौरान दो भाईयों की मौत हो गई, जबकि दो घायल और दो लोगों मानसिक हालत बिगड़ने की खबर है।











 

स्वास्थ्य विभाग : 125 डॉक्टर्स की नियुक्ति, सभी जिलों में संविदा पर भेजे गए

16-Oct-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  स्वास्थ्य विभाग ने 125 एमबीबीएस पास डॉक्टरों व छात्रों को दो साल की संविदा नियुक्त पर प्रदेश के अस्पतालों में पदस्थ किया है। डॉ. रिया जायसवाल को बैकुंठपुर, डॉ. विजया खेलवाड़े को अभनपुर, डॉ. आयुष पटेल को बोरिया खुर्द, डॉ. रूप शुक्ला को बस्तर, डॉ. आयुष कुमार सिंघानिया, डॉ. मानसी सिंह, डॉ. प्रीति जाटवार व डॉ. विश्वजा जाउरकर को मेडिकल कालेज रायपुर में पदस्थ किया गया है। 
इनके अलावा डॉ. सुमन सचदेव को गोबरा नवापारा, डॉ. ऐश्वर्या कश्यप को भनपुरी, डॉ. हर्षाली नवलानी चटौद, डॉ. पंकज अग्रवाल दामाखेड़ा, डॉ. साक्षी केशरवानी रोहांसी, डॉ. वैदेही यादव कोसमंदी, डॉ. साइमा चौबे महासमुंद, डॉ. साक्षी नथानी, डॉ. दियांश कश्यप, डॉ. दीक्षा सिंह व डॉ. आकांक्षा तिवारी बिलासपुर, डॉ. आंचल गर्ग व डॉ. श्रुति पांडेय मस्तूरी, डॉ. शिवांगी पांडेय पोड़ीदल्हा, डॉ. मोनिका शर्मा रतनपुर, डॉ. प्रणम्य वैष्णव घौरपुरा, डॉ. कार्तिकेय सापरिया राम्हेपुर, डॉ. रोशन सोनी चेतमा,
डॉ. अरविंद पटेल झलमला, डॉ. भास्कर मिश्रा बस्ती में पदस्थ किए गए हैं। डॉ. मयंक कुमार कौशले बलौदा, डॉ. नुपूर दवे सोंठी, डॉ. प्रवेश अग्रवाल सारंगढ़, डॉ. गौरवकांत ताम्रकर सुपेला, डॉ. सृष्टि गुप्ता भिलाई -3, डॉ. प्रांजलि साहू धमधा, डॉ. खुशबू यादव अंजोरा, डॉ. ऋषभ जैन बटरेल, ईशिता धीर राजनांदगांव, डॉ. पुरुषोत्तम धनेलिया कबीरधाम,
डॉ. अमन विरदी बेमेतरा, डॉ. विशे, साहू मरका, डॉ. वेदप्रकाश सिन्हा गोटाटोला, डॉ. शुभम ठाकुर दल्ली राजहरा, डॉ. सौरभ अग्रवालदरिमा, डॉ. शचिस कुमार मिश्रा कमलपुर, डॉ. आयुष जैन अंबिकापुर और डॉ. आयुशी गुप्ता मेडिकल कालेज अंबिकापुर के नाम शामिल हैं। डॉ. प्रणव कुमार सिंह मरावी वंदना, डॉ. रोज सिंह चिरमिरी, डॉ. उत्कर्ष वर्मा धरसेड़ी व डॉ. उन्नति गुप्ता बलरामपुर में पदस्थ किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस-बीडीएस काउंसिलिंग का मॉपअप-राउंड स्थगित

16-Oct-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने नीट 2024 एमबीबीएस-बीडीएस में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग मॉपअप राउंड को स्थगित कर दिया है। कांग्रेस मेडिकल सेल ने मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई छात्रों के प्रवेश को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद मॉपअप राउंड को स्थगित किया गया है।
दरअसल, मॉकअप राउंड के तहत मंगलवार को सीट का आवंटन होना था, लेकिन चिकित्सा शिक्षा के कमिश्नर कार्यालय से जारी आदेश में मॉकअप राउंड को कैंसिल करने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। वहीं इस मामले पर कांग्रेस मेडिकल सेल के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने इसे सत्य की जीत बताई है।
 


Feedback/Enquiry



Log In Your Account