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स्वास्थ

मनमानी करने वाले निजी अस्पतालों पर कार्रवाई शुरू, स्वास्थ्य विभाग ने लगाया डेढ़ लाख का जुर्माना

15-Jul-2024
 बिलासपुर।  ( शोर संदेश )    बिलासपुर में स्वास्थ्य विभाग ने जिले के अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. जिले के कई अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के अलावा मरीजों से रूपए की जमकर वसूली की जा रही है. लगातार मिल रही शिकायत के बाद विभाग ने जिले के आरबी हॉस्पिटल, नोबेल हॉस्पिटल, न्यू लाइफ हार्ट केयर हॉस्पिटल और श्री मंगला हॉस्पिटल को नोटिस थमाया गया है. वहीं ओमकार हॉस्पिटल पर 1 लाख 82 हजार रूपए का जुर्माना लगाया गया है बता दें, मरीजों का निःशुल्क इलाज करने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई है. इसके तहत लगभग सभी बीमारियों का मरीज निःशुल्क सरकारी अस्पताल और पंजीकृत निजी हॉस्पिटल में इलाज करा सकते है. और सरकार पैकेज के अनुसार इन अस्पतालों को भुगतान करती है. लेकिन जिले के कई अस्पताल आयुष्मान कार्ड के अलावा मरीजों को अतिरिक्त रकम की वसूली कर रहे है. मरीजों की तरफ से इसे लेकर लगातार शिकायत मिल रही थी कि अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के अलावा और भी रुपए देने होंगे, इसके बाद ही इलाज किया जाएगा. इसके कारण मरीज पैसे जुटा कर अस्पताल को देने के लिए मजबूर हो जाते है. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड पर आ गई है.
 

गोंचा पर्व : भगवान जगन्नाथ को चढ़ाया गया 56 भोग, की गई पूजा अर्चना

13-Jul-2024
जगदलपुर ।  ( शोर संदेश )  जगदलपुर में ऐतिहासिक गोंचा पर्व के उपलक्ष्य पर भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र को 56 भोग लगाया गया। फल, मिठाई, चावल, रसगुल्ला से लेकर इलायची और विभिन्न तरह के भोग लगाकर करीब 617 सालों से चली आ रही परंपरा निभाई गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल होने वाले थे, लेकिन किसी कारण से उनका दौरा रद्द हो गया। दरअसल, जगदलपुर के सिरहासार भवन में छप्पन भोग कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी। प्रभु को 56 भोग का अर्पण किया गया। देर रात तक प्रभु के दर्शन करने के लिए यहं श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष ईश्वर खांबारी ने बताया कि, बस्तर गाेंचा महापर्व में रियासत कालीन परंपरानुसार जगन्नाथ स्वामी को लगाए जाने वाले 56 भोग का बड़ा महत्व है। भगवान जगन्नाथ भगवान श्रीकृष्ण के अवतार माने जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत धारण करने की लीला के साथ 56 भोग को जोड़कर देखा जाता है।
 

शकुंतला फाउंडेशन के कैंसर जांच शिविर में 200 से ज्यादा महिलाओं ने कराई जांच...

07-Jul-2024
रायपुर।    ( शोर संदेश )   छत्तीसगढ़ की सामाजिक संस्था शकुंतला फाउंडेशन छत्तीसगढ़ ने बाल्को कैंसर अस्पताल के साथ मिलकर नि: शुल्क कैंसर जांच शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का उद्देश्य महिलाओं में बढ़ते हुए कैंसर के मामलों को ध्यान में रखते हुए उन्हें जागरूक करना और उनकी जांच करना था।
इस कैंसर जांच शिविर में रायपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों से भी महिलाओं ने भाग लिया। महिलाओं के लिए मेमोग्राफी और पेप स्मीयर जांच की सुविधा उपलब्ध थी। शिविर में लगभग सौ से अधिक महिलाओं ने अपनी जांच करवाई। संस्था ने आश्वासन दिया कि कुछ कैंसर पीड़ित महिलाओं को यथासंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
शकुंतला फाउंडेशन ने पहले भी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को लेकर जागरूकता अभियान और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया है, जिससे मरीजों को राहत मिल सके।
शिविर में दंतचिकित्सक डॉ. अभिषेक मिश्रा और रोशन शर्मा ने अपनी सेवाएं दीं और मरीजों के दांतों का चेकअप किया। बाल्को कैंसर अस्पताल से डॉ. दामिनी साहू, मार्केटिंग मैनेजर विजेन्द्र कुमार साहू, टेक्निशियन संजना, और नर्सिंग स्टाफ ममता नेताम, कल्पना वर्मा ने अपनी बेहतरीन सेवाएं दीं।
शकुंतला फाउंडेशन छत्तीसगढ़ के इस आयोजन में फाउंडर स्मिता सिंह, होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. अनुश्री पाठक, सुभदा पाठक, पदमा घोष, अपर्णा चांडक, सुषमा बग्गा, हासी बैनर्जी, गायत्री मिश्रा, डॉ. रोशन, गोविन्द अग्रवाल, और सोनल राजेश की सराहनीय भूमिका रही। खान-पान सहयोग मामस किचन की प्रतिभा पाठक ने किया।
 

ग्राम बहरमुड़ा में उल्टी-दस्त के रोकथाम के लिए प्राथमिक स्कूल में बना अस्थायी कैंप

24-Jun-2024
कवर्धा। ( शोर संदेश ) कलेक्टर जनमेजय महोबे रविवार को कवर्धा विकासखण्ड के ग्राम बरहमुड़ा में उल्टी-दस्त से प्रभावित ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुधार की जानकारी लेने पहुंचे। उन्होने ग्राम बहरमुड़ा में उल्टी-दस्त को प्रभावित रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग,लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने इन विभागों को ग्राम सहित आसपास के गांवों में भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होने ग्राम बहरमुड़ा के प्राथमिक स्कूल में बनाए गए अस्थायी स्वास्थ्य कैंप का भी अवलोकन किया और वहां उपचार के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्थायी कैपं में तैनात चिकित्सकों  एवं स्वास्थ्य अमलों से उल्टी-दस्त से प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य सुधार के बारे में पूरी जानकारी ली। कलेक्टर से ग्राम बहरमुड़ा के ग्रामीणों ने ग्राम सचिव की बेहद और गंभीर शिकायत की। कलेक्टर ने ग्राम सचिव के विरूद्ध़ मिली शिकायत की जांच करने के लिए जिला पंचायत सीईओ को शिकायतों की सभी पहलुओं की जांच करने के निर्देश दिए है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीएल राज ने बताया कि ग्राम बहरमुड़ा में 21 जून को उल्टी दस्त से 10 मरीज, 22 जून को 18 मरीज और 23 जून को 2 मरीज कुल 30 लोगों का अस्थायी स्वास्थ्य कैंप में बेहतर उपचार किया गया और प्राथमिक उपचार के बाद सभी को सकुशल छुट्टी दी गई। वर्तमान में उल्टी-दस्त से कोई गंभीर पीडित नहीं है। कलेक्टर महोबे ने ग्राम के सभी घरों में स्वास्थ्य अमला भेज कर सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराने और उल्टी-दस्त के प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उनहोने अस्थायी कैंप में 24 घंटे चिकित्सक सहित स्वास्थ्य अमलों को अलर्ट रहने के सख्त निर्देश दिए है।कलेक्टर ने उपस्वास्थ्य केन्द्र बुटकुली, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र इंदौरी और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया में भी उल्टी-दस्त एवं मौसमी बीमारियों के प्रभावी रोकथाम के लिए सभी आवश्यक तैयारियों सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
 

सेलुद में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन

23-Jun-2024
भिलाई।  (  शोर संदेश  ) भिलाई इस्पात संयंत्र के तत्वाधान में निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग (सीएसआर) द्वारा नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन अपने आस-पास के परिधीय क्षेत्रों एवं खदान क्षेत्रों में किया जाता है। इसी कड़ी में 22 जून 2024 को ग्राम सेलुद में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
ग्राम सेलुद में आयोजित चिकित्सा शिविर में डॉ सविता, नर्स रेखा देव, बीपी शुगर जांच हेतु फार्मेसिस्ट शशि भूषण राय, पंजीयन हेतु शंभू दयाल तथा सीएसआर विभाग से सहायक बुधेलाल उपस्थित थे, जिसमें कुल 41 लोगों की जांच करके उनको दवाईयों का वितरण किया गया7 प्रात: 10 बजे से प्रारंभ हुए शिविर में सामान्य जांच, शुगर, बीपी जांच के अतिरिक्त नि:शुल्क दवाएं भी प्रदान की गई।
भिलाई इस्पात संयंत्र अपने आस-पास के परिधीय क्षेत्रों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की नि:शुल्क जाँच की सुविधा काफी लंबे समय से उपलब्ध कराता आ रहा है। इसका उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। भिलाई इस्पात संयंत्र के सीएसआर विभाग द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए निरन्तर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, संयंत्र के परिधीय क्षेत्रों तथा खनि नगरियों में किया जा रहा है।
 

70 लाख राशन कार्डधारियों ने किया नवीनीकरण के लिए

22-Jun-2024
रायपुर। (  शोर संदेश  )  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार प्रदेश प्रचलित राशनकार्ड के नवीनीकरण एवं राशनकार्डधारियों का ई-केवायसी किया जा रहा है। प्रदेश के समस्त श्रेणी के राशनकार्ड अन्त्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित, निशक्तजन और एपीएल योजना के राशनकार्डधारियों का ई-केवायसी एवं राशनकार्डों के नवीनीकरण 30 जून 2024 तक अनिवार्य रूप से कराने के लिए कहा गया है। Food Department खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राशनकार्ड नवीनीकरण करने के लिये ई-केवायसी कराना अनिवार्य है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 77 लाख राशनकार्ड हितग्राही है। अब तक कुल 70 लाख राशन कार्डधारकों का नवीनीकरण किया जा चुका है।
नवीनीकरण के कार्य में पहले पायदान पर बीजापुर जिला है। कुल हितग्राही 71,368 हितग्राहियों में से 71,145 हितग्राहियों ने, द्वितीय स्थान पर नारायणपुर जिला 36,167 हितग्राहियों में से 35,831 हितग्राहियों ने, इसी प्रकार तृतीय स्थान पर सुकमा जिला 78752 हितग्राहियों में से लगभग 78 हजार हितग्राहियों ने अपना राशन कार्ड नवीनीकरण का कार्य करवा लिया है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राशनकार्ड नवीनीकरण के लिए खाद्य विभाग के द्वारा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोेक्ता संरक्षण विभाग का नया मोबाईल एप्प तैयार किया गया है, इसे प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। हितग्राही द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइट http://khadya.cg.nic.in से डाउनलोड करके नवीनीकरण का कार्य किया जा सकता है। हितग्राही उचित मूल्य दुकान में भी जाकर ऑनलाईन के माध्यम से अपना नवीनीकरण और ई-केवायसी का कार्य करवा सकतें है। ई-केवायसी के लिए प्रत्येक हितग्राही का बायोमेट्रिक अद्यतन होना चाहिए जिन सदस्यों का बाल आधार बना है उन्हें पहले आधार सेवा केंद्र से अपना बायोमेट्रिक अपडेट कराना होगा इसके पश्चात् उचित मूल्य दुकान के ई-पॉस मशीन से ई-केवायसी करा सकते है। राशनकार्ड में ई-केवायसी और नवीनीकरण की सुविधा निःशुल्क है।
 

दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखें, मरीजों की सहूलियत का रखें ध्यान : मनोज पिंगुआ

22-Jun-2024
रायपुर।  (  शोर संदेश  )  लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ तथा संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं ऋतुराज रघुवंशी एवं उनके टीम ने शनिवार को महासमुंद जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों, ड्रग वेयर हाउस एवं ग्रामों का आकस्मिक निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखें, मरीजों की सहूलियत का भी ध्यान रखें।
अपर मुख्य सचिव एवं उनके टीम द्वारा सर्वप्रथम सीजीएमएससी ड्रग वेयर हाउस का निरीक्षण किया गया, जहाँ पर दवाईयों के रखरखाव व उपलब्धता हेतु इंडेट की जानकारी ली गई। ड्रग वेयर हाउस के साईनेज बोर्ड प्रदर्शित करने, रंग रोगन करने एवं विभिन्न दवाईयों व सामग्रियों को व्यवस्थित रखने तथा परिसर की उचित साफ-सफाई रखने तथा दवाईयों के वितरण में नियर एक्यपायरी दवाईयों का पहले वितरित किया जावे तथा वितरण नहीं हो पाने की स्थिति में राज्य कार्यालय को अवगत कराते हेतु निर्देशित किया गया।
मितानिन की नेम प्लेट पर मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव ने उसके उपरांत ग्राम कोहरी का औचक निरीक्षण किया गया, जहाँ पर मितानीन डोमेश्वरी चक्रवती से भेंट किया गया, उनके घर के सामने नेम प्लेट प्रदर्शित पाया गया है, जिसमें मोबाईल नम्बर भी अंकित करने हेतु निर्देशित किया गया। उनकी मितानीन दवाई पेटी का निरीक्षण किया गया तथा तथा मितानीन दीदी से ग्राम की जनसंख्या, समस्त का स्वास्थ्य जाँच, सिकलिन जॉच एवं ग्राम में किसी प्रकार की अन्य स्वास्थ्यगत समस्याओं पर जानकारी ली गई।
तदुपरांत अपर मुख्य सचिव ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र झलप वि.ख. महासमुन्द का निरीक्षण किया गया, जहाँ पर ऑनलाईन ओपीडी पर्ची एवं संबंधित पोर्टल की जानकारी ली गई। लैब टेस्ट, दवाईयों की उपलब्धता, एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता, संस्थागत प्रसव व आईपीडी की जानकारी ली गई। संस्था के नेत्र सहायक अधिकारी से उक्त क्षेत्र में स्कूलों में किये गये नेत्र जाँच तथा निःशुल्क चश्मा वितरण की जानकारी ली गई। आईपीडी के विरूध्द शत् प्रतिशत् आयुष्मान क्लेम करने तथा विगत वर्ष आयुष्मान क्लेम से प्राप्त राशि एवं इस वर्ष उक्त राशि में वृध्दि आदि की जानकारी लेते हुए मरीजों को उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु हेतु निर्देशित किया गया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केन्द्र) टेका का निरीक्षण
इसके उपरांत आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केन्द्र) टेका वि.ख. पिथौरा का निरीक्षण किया गया, जहाँ पर ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला) से स्वास्थ्य सुविधाओं व उपलब्ध दवाईयों तथा गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाले सुविधाओं की जानकारी लेते उच्च जोखिम वाली महिलाओं की सूची बोर्ड में प्रदर्शित करते हुए उनका नियमित फॉलोअप करने हेतु निर्देशित किया गया।
मरीजों से स्वास्थ्य सुविधा की गुणवत्ता तथा प्रदाय किये जा रहे भोजन के बारे में जानकारी ली गई
अपर मुख्य सचिव ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र झलप एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र टेका को NQAS हेतु तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया है। निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बसना का निरीक्षण किया गया, उक्त संस्था के एक्स-रे कक्ष, ओपीडी आईपीडी कक्ष एवं लैब आदि का निरीक्षण किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बसना में पोषण पुर्नवास केन्द्र प्रारंभ करने हेतु प्रस्ताव भेजने तथा सिजेरियन प्रसव प्रारंभ करने हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश सीएमएचओ महासमुन्द को दिया गया। आईपीडी के विरूध्द शत् प्रतिशत् आयुष्मान क्लेम करने हेतु निर्देशित किया गया। मरीजों से स्वास्थ्य सुविधा की गुणवत्ता तथा प्रदाय किये जा रहे भोजन के बारे में जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सरायपाली का भी निरीक्षण किया गया, जहाँ पर सर्वप्रथम ओपीडी कक्ष में ऑनलाईन पर्ची एवं संबंधित पोर्टल की जानकारी ली गई। उसके उपरांत फार्मेसी कक्ष में दवाई वितरण प्रणाली की जानकारी लेते हुए संस्था में उपलब्ध दवाईयों की जानकारी ली गई। इसी कड़ी में लैब का निरीक्षण किया गया, जहाँ पर लैब रिपोर्ट के ऑनलाईन एंट्री एवं मरीजों को व्हाट्सअप व हार्ड कॉपी में दिये जाने की जानकारी प्रदाय किया। इसके उपरांत एक्स-रे कक्ष, स्टोर रूम का भ्रमण किया गया। पोषण पुर्नवास केन्द्र सरायपाली के निरीक्षण के दौरान भर्ती बच्चे के मॉ से संस्था द्वारा दिये जा रहे भोजन व नास्ता व उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली गई तथा उन्हें डिस्जार्च होने के उपरांत शासन की ओर से मरीजों को दिये जाने वाले राशि की जानकारी दी गई। इसके उपरांत लेबर रूम में भर्ती मरीजों से प्रदाय स्वास्थ्य सुविधा की गुणवत्ता व प्रसव उपरांत कितने दिनों तक भर्ती रखे जाने आदि के संबंध में चिकित्सकों से जानकारी ली गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सरायपाली में सिजेरियन प्रसव प्रारंभ करने हेतु निश्चेतना विशेषज्ञ की पदस्थापना एवं अन्य आवश्यक सुविधा हेतु प्रस्ताव प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान उप संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, सीएमएचओ महासमुन्द, डीपीएम महासमुन्द एवं राज्य स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।

*खाना खाने के बाद करें वॉक, कंट्रोल में रहेगा डायबिटीज़*

22-Jun-2024

एक ताज़ा स्टडी के मुताबिक़ खाना खाने के बाद महज़ 10 से 15 मिनट की वॉक करने से डायबिटीज़ कंट्रोल में रहता है। खासकर, जो लोग प्री डायबिटिक है अगर वो खाना खाने के बाद तुरंत वॉक करते हैं तो इससे डायबिटीज का खतरा टल जाएगा। आयरलैंड यूनिवर्सिटी की रिसर्च के मुताबिक़ है डायबिटीज या प्री डायबिटीज के मरीजों को ये वॉक खाना खाने के एक से डेढ़ घंटे के बीच में ही कर लेनी चाहिए। क्योंकि खाना खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल हाई होता है। ऐसे में कुछ मिनट की वॉक से ये तेज़ी से घटकर नॉर्मल हो जाता है।

बेहतर डाइट और एक्सरसाइज से डायबिटीज होगा कंट्रोल

डॉक्टरों ने डायबिटीज को काबू में रखने और उससे निजात पाने के लिए नया फॉर्म्युला ईजाद किया है। हेल्थ क्सपर्ट के मुताबिक़ अगर डायबिटीज के मरीजों के भोजन में 20% प्रोटीन, 50-56% कार्बोहाइड्रेट और 30% से कम फैट शामिल हो तो डायबीटीज को कंट्रोल में रखा जा सकता है। जीवन शैली में बदलाव के अलावा भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा घटाकर और प्रोटीन की मात्र बढ़ाकर लगाम लगाई जा सकती है। डाइट के साथ ही डायबिटीज के मरीजों को नियमित रूप से एक्सरसाइज़ और योगा करना चाहिए। योग या एक्सरसाइज़ करने से सिर्फ डायबिटीज ही कंट्रोल नहीं होता है बल्कि और भी कई परेशानियों से आराम मिलता है। एक्सरसाइज़ करने से ब्लड शुगर की मात्रा कम होती है और इन्सुलिन बढ़ता है। आप अपने एक्सरसाइज़ में ब्रिस्क वॉक, स्विमिंग, सीढ़ियां चढ़ना और डांस जैसी कई एक्टिविटी शामिल हैं।


*बीएसपी के सेक्टर नौ हॉस्पिटल में शुरू हुई ब्रेस्ट कैंसर की ब्रेस्ट कन्जर्विंग सर्जरी*

22-Jun-2024

भिलाई (शोर सन्देश)। ब्रेस्ट कैंसर संपूर्ण विश्व एवं हमारे देश की महिलाओं में होने वाली एक आम कैंसर है। पारंपरिक रूप से इसके इलाज में पूरे स्तन को सर्जरी द्वारा निकाला जाता था, जिससे महिलाओं में कई मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्याओं का समना करना पड़ता था किन्तु समय के साथ ब्रेस्ट कैंसर के उपचार एवं सर्जरी में बदलाव आते गए अब इसके ईलाज में पूरे स्तन को निकालने की आवश्यकता नहीं पड़ती, सिर्फ  गठान ट्यूमर वाले भाग को निकालना पड़ता है।सर्जरी की इस पद्धति को ब्रेस्ट कन्जर्विंग सर्जरी बीसीएस कहा जाता है। अब यह सर्जरी भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सालय जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र में शुरू हो गई है। हाल ही में स्तन कैंसर से पीडि़त दो महिलाओं में यह सर्जरी सफलतापूर्वक किया गया। यह सर्जरी, मुख्य सलाहकार एवं युनिट प्रमुख बी सी एस डॉ. मनीष देवांगन के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम द्वारा किया गया। टीम के अन्य सदस्यों में वरिष्ठ सलाहकार डॉ. धीरज शर्मा एवं सलाहकार डॉ. राज शेखर राव शामिल थे। मुख्य चिकित्सा अधिकार प्रभारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. रविन्द्रनाथ एम ने सर्जरी टीम के सभी डॉक्टरों के सराहनीय प्रयासों से इस उपलब्धि के लिए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने यह भी बताया कि जेएलएन अस्पताल में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत नि:शुल्क सर्जरी की सुविधा भी प्रदान की जाती है और अब तक 132 मरीजों ने इसका लाभ लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रमोद बिनायके ने समस्त सर्जरी टीम को बधाई दी। उन्होने बताया यह सर्जरी न सिर्फ  भिलाई इस्पात संयंत्र बल्कि इस अंचल के सभी नागरिकों  के लिए काफी लाभप्रद साबित होगी।मुख्य चिकित्सा अधिकार (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी के अनुसार, यह सर्जरी ब्रेस्ट कैंसर से लड़ रही महिलाओं के लिए मददगार साबित होगी, जिससे वह आत्मविश्वास के साथ सर्जरी के बाद भी अपना जीवन निर्वहन कर सकेगी। इस सर्जरी को सफल बनाने में प्रमुख रेडियो डायग्नोसिस डॉ. प्रतिभा ईस्सर, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अतुल श्रीवास्तव, मुख्य सलाहकार एनेस्थीसिया डॉ. जयिता सरकार एवं वरिष्ठ सलाहकार पैथोलॉजी डॉ. प्रिया साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

हार्ट अटैक के बाद फट गई थी दिल की दीवाल, मेकाहारा के डॉक्टरों ने बचाई जान...

02-Dec-2023

रायपुर (शोर संदेश ) डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय  के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में हार्ट अटैक के कारण दिल में हुए छेद जिसको मेडिकल भाषा में "वेन्ट्रीकुलर सेप्टल रफ्चर (वी.एस.आर. VSR)' कहा जाता है,ऐसे मरीज की सफल सर्जरी कर एवं मरीज की जान बचाकर चिकित्सा जगत में नया इतिहास रच दिया गया। यह ऑपरेशन हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. कृष्णकांत साहू एवं टीम द्वारा किया गया। ऑपरेशन के 15 दिनों बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया। हार्ट सर्जन डॉ. कृष्णकांत साहू एवं टीम की इस शानदार सफलता पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. एस. बी. एस. नेताम ने बधाई दी है।

डाॅ. साहू बताते हैं, कि यह मरीज आज से कुछ माह पहले उनके ओपीडी में छाती में दर्द की शिकायत से पहुंचे। ईसीजी एवं अन्य जांच से पता चला कि उनको हार्ट अटैक आया है एवं उनको एंजियोग्राफी के लिए तत्काल कार्डियोलाॅजी विभाग में भेज दिया गया। वहां पर एंजियोग्राफी करने से पता चला कि उनके हृदय की मुख्य कोरोनरी आर्टरी (धमनी) में ब्लाक (रूकावट) है जिसको कार्डियोलाजिस्ट द्वारा एन्जियोप्लास्टी (stent स्टेंट लगाने) के बाद एक से दो दिन तक मरीज ठीक रहा परन्तु तीसरे ही दिन उसकी सांस फूलने लगी, पेशाब बनना बंद हो गया, बी.पी. बहुत ही कम (70/40mmHg) हो गया एवं शरीर में पानी भरना प्रांरभ हो गया एवं उसके बाद कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा पुनः इकोकार्डियोग्राफी करने पर पता चला कि उनकी दो वेन्ट्रीकल, लेफ्ट और राइट वेन्ट्रीकल के बीच की दीवाल में हार्ट अटैक के कारण बड़ा सा छेद हो गया था|। इसी छेद को ही वेन्ट्रीकुलर सेप्टल रफ्चर कहते है। यह छेद इसलिए होता है क्योंकि हार्ट अटैक में हृदय की धमनी में थक्का बनने के कारण रक्त प्रवाह में रूकावट आ जाती है, जिससे हृदय की मांसपेशियों में रक्त नहीं पहुँच पाने के कारण गलना प्रांरभ हो जाता है एवं गली हुई मांसपेशियां हृदय के ब्लड प्रेशर को झेल नहीं पातीं और उस स्थान पर छेद हो जाता है। यदि यही छेद हृदय के बाहरी दीवाल में होता है, तो मरीज की मृत्यु कुछ ही मिनटों में हो जाती है।

 



इकोकार्डियोग्राफी में पता चला कि यह छेद (V. S. R.) इतना बड़ा था, कि इसमें कोई भी छेद बंद करने वाली डिवाइस नहीं लग सकती थी इसलिए इस मरीज को हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग में डाॅ. कृष्णकांत साहू के पास रिफर कर दिया गया। डाॅ. साहू बताते हैं कि इस मरीज की स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब थी। ब्लड प्रेशर 70/40 mmHg एवं आक्सीजन सैचुरेशन (SPO2) 80% हो रहा था। पेशाब का आना बिल्कुल बंद हो गया था। फेफड़ों में सूजन था (पल्मोनरी एडीमा) था एवं हृदय केवल 20 प्रतिशत कार्य कर रहा थ। ऐसे मरीजों की बचने की संभावना बिल्कुल ना के बराबर होती है। इस स्थिति को एक्युट कार्डियक फेल्योर विद पल्मोनरी एडीमा कहा जाता है।

 



इस मरीज को आईसीयू में रखकर वेन्टीलेटर एवं दवाईयों के सर्पोट से ब्लड प्रेशर एवं अन्य हीमोडायनेमिक्स को ठीक करने की कोशिश की गई। दवाईयों के प्रांरभ होने से मरीज का ब्ल्ड प्रेशर ठीक हुआ एवं पेशाब आना प्रांरभ हुआ। मरीज के शरीर में लगभग 12 से 13 लीटर पानी जमा हो गया था। वजन 72 किलो से 57 किलो में आ गया। रक्त में क्रिएटिनिन लेवल 7.2mg  से 0.8mg आने में लगभग 58 दिन से भी ज्यादा लग गए। डॉ. साहू के मुताबिक, इस प्रकार के अधिकांश मरीज हम तक पहुंच ही नहीं पाते एवं रास्ते में ही दम तोड़ देते है।

ऐसे हुआ ऑपरेशन
मरीज एवं उनके रिश्तेदारों को समझा दिया गया था, कि इस प्रकार की बीमारी (वेन्ट्रीकुलर सेप्टल रफ्चर) में बचने की उम्मीद ना के बराबर होती है क्योंकि मरीज का हृदय 20 प्रतिशत ही काम कर रहा था। इस ऑपरेशन में मरीज के हृदय की धड़कन को हार्ट लंग मशीन की सहायता से रोककर बाएं वेन्ट्रीकल को काटकर छेद वाले हिस्से को विशेष प्रकार के कपड़े (जिसको डबल वेल्योर डेक्रान कहा जाता है) से रिपेयर किया गया एवं लेफ्ट वेन्ट्रीकल के मृत दीवाल को काटकर अलग किया गया एवं विशेष तकनीक से लेफ्ट वेन्ट्रीकल की साइज को छोटा किया गया, जिसको "वाल्युम रिडक्सन लेफ्ट वेन्ट्रीकुलोप्लास्टी" कहा जाता है। आपरेशन के पश्चात् मरीज के हृदय को सर्पोट देने के लिए इंट्रा एओर्टिक बलून पंप (IABP machine ) लगाया गया।
 
यह मरीज ऑपरेशन के बाद 03 दिनों तक वेन्टीलेटर सपोर्ट में रहा एवं ऑपरेशन के 15 दिनों बाद मरीज को अस्पताल से छुटी दे दी गयी। डिस्चार्ज के समय मरीज एवं उनके रिश्तेदारों की आंखों में खुशी के आंसू थे, क्योंकि ऑपरेशन के पहले ही उनको बता दिया गया था कि ऐसी बीमारी वाले मरीज ऑपरेशन के बाद भी नहीं बच पाते। उनके रिश्तेदारों का कहना था कि हमें आपके हार्ट सर्जरी विभाग के डाॅक्टरों पर बहुत विश्वास था और है क्योंकि मरीज सिंचाई विभाग में शासकीय सेवा में कार्यरत् है। तो हम कोई भी बडे़ से बड़े अस्पताल जा सकते थे लेकिन हमको विश्वास यहां के डॉक्टरों पर ज्यादा था।




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