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स्वास्थ

*भारत में अब ओमीक्रॉन के 781 मामले 24 घंटे में कोरोना के 9 हजार से ज्यादा*

29-Dec-2021

नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत में ओमिक्रॉन के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी बुधवार के आंकड़े के अनुसार देश में ओमिक्रॉन संक्रमितों की कुल संख्या 781 हो गई है। दिल्ली 238 मामलों के साथ पहले स्थान पर आ गई है। वहीं महाराष्ट्र 167 मरीजों के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं बीते 24 घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के 9 हजार 195 नए मामले मिले हैं। इस दौरान 302 मरीजों की मौत हुई। फिलहाल, देश में 77 हजार से ज्यादा कोविड मरीजों का इलाज जारी है। नए आंकड़ों को मिलाकर देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3 करोड़ 48 लाख 8 हजार 886 पर पहुंच गई है। वहीं, अब तक 4 लाख 80 हजार 592 मरीज जान गंवा चुके हैं।नए आंकड़ों के अनुसार, ओमिक्रॉन वेरिएंट के 781 में से 241 मामलों में मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है या वे बाहर चले गए हैं। ओमिक्रॉन वेरिएंट के सबसे ज्यादा 238 मामले राजधानी दिल्ली में है। इसके बाद महाराष्ट्र में 167 मामले मिले हैं। देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ओमिक्रॉन की दस्तक हो चुकी है। हाल ही में मणिपुर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, गोवा में पहला मामला दर्ज किया गया है।महाराष्ट्र में मंगलवार को कोविड-19 के 2,172 नये मामले सामने आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 66,61,486 हो गयी है। जबकि 22 और रोगियों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 1,41,476 हो गई। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। हालांकि, थोड़ी राहत की बात यह रही कि बीते 24 घंटे के दौरान महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप का कोई नया मामला सामने नहीं आया। राज्य में अब तक ओमीक्रोन के 167 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।दिल्ली में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 496 नए मामले सामने आए, जो चार जून के बाद से एक दिन में सामने आए मामलों की सर्वाधिक संख्या है। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 24 घंटे में महामारी से एक मरीज की मौत हुई जबकि संक्रमण की दर बढ़कर 0.89 प्रतिशत हो गयी। दिल्ली में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 14,44,179 मामले सामने आ चुके हैं। केरल में ओमीक्रोन से संक्रमण के और सात मामले आने के साथ ही राज्य में कोरोना वायरस के नये स्वरूप से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को बताया कि सात नये मामलों में से चार पथनमथिट्टा में, दो अलप्पुझा और एक तिरुवनंतपुरम में आए हैं। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इनमें से दो लोग संयुक्त अरब अमीरात से लौटे हैं, जबकि एक-एक व्यक्ति आयरलैंड, कतर, इटली और तंजानिया से लौटे हैं। वहीं एक व्यक्ति संक्रमित मरीज के संपर्क में आकर संक्रमित हुआ है।


*आयुष्मान कार्ड से ईलाज में अनियमितता, अस्पताल निलंबित*

28-Dec-2021

सीएमएचओ ने जारी किए निर्देश
कोरबा  (शोर संदेश) आयुष्मान कार्ड से गरीब मरीजों के ईलाज में अनियमितता बरतने पर शहर के कोसाबाड़ी स्थित गीतादेवी मेमोरियल अस्पताल से कार्ड से ईलाज की सुविधा तीन माह के लिए निलंबित कर दी गई है। इसके साथ ही राज्य नोडल एजेंसी ने अस्पताल पर दो लाख 40 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया है। इस संबंध में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.बी. बोडे ने निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। गीतादेवी मेमोरियल अस्पताल प्रबंधन द्वारा अब मरीजों के ईलाज में व्यय राशि आयुष्मान कार्ड से नहीं ली जा सकेगी। गीतादेवी मेमोरियल अस्पताल को गरीब मरीजों को ईलाज की बेहतर सुविधा के लिए प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना-डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत पंजीकृत किया गया था। कोसाबाडी स्थित इस अस्पताल द्वारा मरीजों को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से डॉ. खूबचंद स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत निःशुल्क उपचार की सुविधा देना बताकर भर्ती किया जाता था। डॉ. बोडे ने बताया कि गीता देवी मेमोरियल अस्पताल के विरूद्ध मरीजों को भर्ती करने के बाद आयुष्मान कार्ड से निर्धारित पैकेज से अधिक राशि लेने, ईलाज के दौरान परिजनों से दवाईयों की नगदी खरीदी कराने, पैथॉलॉजी जांच, इम्प्लांट आदि के लिए भी अतिरिक्त नकद राशि लेने की शिकायतें लंबे समय से मिल रहीं थीं। मरीजों के भर्ती होने के बाद ईलाज के लिए नकद राशि लेने की भी शिकायतें सीएमएचओ कार्यालय को मिली थीं। इन शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए सीएमएचओ कार्यालय ने गहन जांच कराई थी और जांच के दौरान सभी शिकायतें सही पाई गई थी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बोडे ने बताया कि इससे पहले भी गीता देवी मेमोरियल अस्पताल के विरूद्ध मिली शिकायतों पर जिला स्तर के जांच दल ने गहन जांच की थी और शिकायतों के सही पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने के लिए प्रतिवेदन राज्य नोडल एजेंसी को भेजा गया था। राज्य नोडल एजेंसी ने भी गीता देवी मेमोरियल अस्पताल द्वारा शिकायतों पर समाधान कारक जानकारी प्रस्तुत नहीं करने, मरीजों के निःशुल्क ईलाज में लापरवाही बरतने और नियम विरूद्ध मरीजों से नकद राशि लिए जाने के कारण दण्डात्मक कार्रवाई की है। एजेंसी ने अस्पताल पर दो लाख 40 हजार रूपए का अर्थदण्ड भी लगाया है। राज्य नोडल एजेंसी ने इस अस्पताल को शासन द्वारा संचालित योजनाओं से तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है। 


*विधानसभा चुनाव पर मंडराया ओमीक्रॉन का खतरा आयोग ने बुलाई बैठक*

27-Dec-2021

नई दिल्ली (शोर संदेश)। आगामी विधानसभा चुनाव पर कोरोना का खतरा मंडराने लगा है। जैसे-जैसे पांच राज्‍यों में विधानसभा चुनाव का समय निकट आ रहा है, राजनीतिक एवं प्रशासनिक स्‍तर पर तैयारियां बढ़ती जा रही हैं। लेकिन इस बीच देश में ओमिक्रोन संक्रमण का फैलता दायरा चिंता का विषय बन गया है। ऐसे में बढ़ते संक्रमण के बीच मतदान कराना सरकार एवं चुनाव आयोग के लिए चुनौती बन गया है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन ने अगले साल पांच राज्यों (उत्तर प्रदेश, पंजाब, त्रिपुरा, गोवा और मणिपुर) में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को खतरे में डाल दिया है। चुनाव होंगे, तो संक्रमण रोकने क्या इंतजाम किए जाएंगे, इसे लेकर आज चुनाव आयोग स्वास्थ्य मंत्रालय के सीनियर आफिसर्स के साथ बैठक करने जा रहा है। बता दें कि देश में ओमिक्रॉन के मरीजों की संख्या 529 पार कर गई है। देश के 19 राज्यों में ओमिक्रोन पहुंच चुका है।बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव राजेश भूषण विशेषतौर पर मौजूद रहेंगे। बैठक में देश में कोरोना के मौजूद हालात की समीक्षा होगा। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के फीडबैक के आधार पर ही इन पांच राज्यों में चुनाव कराने या नहीं कराने का फैसला होगा। इन सभी राज्यों में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने में 8-10 महीने से भी कम का समय बचा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने की थी चुनाव टालने की अपील

पिछले दिनों भीड़ जुटने के चलते कोरोना फैलने के खतरे को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव टालने की अपील की थी। जस्टिस शेखर कुमार यादव ने कहा था, `उत्तरप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में कोरोना की तीसरी लहर से जनता को बचाने के लिए चुनाव आयोग राजनीतिक पार्टियों की चुनावी रैलियों पर रोक लगाए। उनसे कहा जाए कि वे चुनाव प्रचार टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से करें। प्रधानमंत्री चुनाव टालने पर भी विचार करें, क्योंकि जान है तो जहान है।`


*तेजी से पांव पसार रहा ओमिक्रॉन केंद्र की नसीहत के बाद यहां सख्ती*

25-Dec-2021

नई दिल्ली (शोर संदेश)। देश में ओमिक्रॉन तेजी से पांव पसार रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में देश में पहली बार सबसे अधिक 122 लोगों में ओमिक्रॉन मिला है। यानी औसतन हर घंटे 5 मरीज मिल रहे हैं। ओमिक्रॉन से ग्रसित मरीजों की संख्या 415 हो गई है। इसमें से 114 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं या प्रवास कर चुके हैं। मंत्रालय के अनुसार महाराष्ट्र 108 संक्रमितों के साथ पहले स्थान पर है वहीं दूसरे स्थान पर दिल्ली है जहां कुल 79 मरीज हैं। गुजरात 43, तेलंगाना 38, केरल 37, तमिलनाडु 34, कर्नाटक 31,राजस्थान 22, ओडिशा 4, हरियाणा 4, प. बंगाल 3, जम्मी-कश्मीर 3, उत्तर प्रदेश 2 चंडीगढ़ 1, लद्दाख 1, उत्तराखंड में 1मामले हैं।वहीं देश में बीते 24 घंटे में 6,650 नए मरीज मिले हैं जबकि 374 की मौत हुई है। वहीं सक्रिय मामलों की संख्या गिरकर 77,516 हो गई है। देश में अब तक टीके की 140.31 करोड़ से अधिक खुराक लग चुकी है।

 

ब्रिटेन, डेनमार्क, कनाडा, नॉर्वे, जमर्नी, अमेरिका, दक्षिण-अफ्रीका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और एस्टोनिया में ओमिक्रॉन के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। दुनिया के 108 देशों 1,51,368 मामले सामने आ चुके हैं और 26 मरीजों की मौत हो चुकी है।

दिल्ली में ओमिक्रॉन से ग्रसित 40 मरीजों को सिर्फ मल्टी विटामिन और पैरासिटामॉलदिल्ली के लोकनायक अस्पताल में ओमिक्रॉन के 40 मरीजों को इलाज के दौरान सिर्फ मल्टी विटामिन व पैरासिटामॉल दी गई है। अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि इनमें से 19 मरीज ठीक हो चुके हैं। 90% मरीजों में संक्रमण के लक्षण नहीं थे। अन्य मरीजों में गले में खराश, हल्का बुखार व दर्द जैसी तकलीफ दिखी।

दुनिया कोरोना की चौथी लहर से जूझ रही, हम सतर्कता कम नहीं कर सकते : केंद्र

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा, दुनिया कोरोना की चौथी लहर से जूझ रही है। संक्रमण दर अब भी 6.1 फीसदी से अधिक बनी है। ऐसे में हम सतर्कता कतई कम नहीं कर सकते हैं। देशवासियों को आगाह करते हुए सरकार ने सुरक्षित रहने के लिए बेवजह की यात्रा, नियमों के पालन में लापरवाही, क्रिसमस व न्यू ईयर के मौकों पर उत्सव व भीड़भाड़ में शामिल होने से बचने की नसीहत दी है।केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया, देश में कोरोना का मुख्य स्वरूप अभी डेल्टा ही है। केरल और मिजोरम में संक्रमण दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। देश के 20 जिलों में कोरोना की साप्ताहिक संक्रमण दर 5 से 10 फीसदी के बीच है। दो जिलों में यह 10 फीसदी से अधिक है। भूषण ने बताया कि कोरोना के मामले यूरोप, उत्तर अमेरिका और अफ्रीका में तेजी से बढ़ रहे हैं। इनकी तुलना में एशिया में गिरावट आई है।

91 फीसदी संक्रमितों को लग चुकीं दोनों खुराक

सरकार ने बताया कि ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ रहा है। ओमिक्रॉन मामले डेढ़ से तीन दिन में दोगुना हो जाता है। अब तक मिले 358 मामलों में 183 के अध्ययन में पता चला है कि 91% संक्रमितों को टीके की दोनों खुराकें लग चुकी हैं और तीन मरीजों को तो बूस्टर डोज भी लगी है। इनमें 70 फीसदी में लक्षण नहीं था और 61 फीसदी पुरुष थे।

ओमिक्रॉन पर बूस्टर खुराक के असर का अध्ययन करेगी सरकार

ओमिक्रॉन के मद्देनजर केंद्र टीके की तीसरी खुराक देने पर विचार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, इसके लिए दोनों खुराक ले चुके 3000 लोगों पर एक परीक्षण किया जाएगा। इसमें तीसरी खुराक के शरीर पर प्रभाव के साथ ओमिक्रॉन के खिलाफ विकसित प्रतिरोधक क्षमता का अध्ययन किया जाएगा।

नए साल में सख्ती

कर्नाटक : राज्य में 30 दिसंबर से दो जनवरी तक सख्ती रहेगी। नए वर्ष के स्वागत के लिए लोगों को एकत्र होने की इजाजत नहीं होगी। रेस्टोरेंट में क्षमता से 50% लोगों के बैठने की इजाजत होगी।

ओडिशा : 25 दिसंबर से दो जनवरी तक भीड़-भाड़, रैली, ऑर्केस्ट्रा पर रोक लगा दी है। क्लब, रेस्टोरेंट, पार्क व होटल में कोई उत्सव नहीं होगा।

तमिलनाडु :  चेन्नई में 31 दिसंबर से एक जनवरी तक किसी भी बीच पर प्रवेश की अनुमति नहीं। कार्यक्रम भी 31 दिसंबर तक बंद रहेंगे।

महाराष्ट्र : चर्चों में कुल क्षमता से सिर्फ 50% लोगों को प्रवेश मिलेगा। बीएमसी ने मुंबई में नए साल के जश्न पर आयोजित होने वाले सभी तरह के कार्यक्रमों और पार्टियों पर रोक लगा दी है। 

जम्मू-कश्मीर : सड़क से आने वालों का रैपिड एंटीजन टेस्ट होगा। 33% यात्रियों की आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य कर दी गई है।

कहां-कहां लगा नाइट कर्फ्यू?

मध्य प्रदेश 

मध्य प्रदेश में कोरोना केस में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते सीएम शिवराज सिंह चौहान ने नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। राज्य के सभी शहरों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। इसके अलावा वैक्सीन के दोनों डोज नहीं लगवाने वाले 18 साल से ऊपर के लोगों को सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, थिएटर, जिम, कोचिंग क्लासेस, स्वीमिंग पूल, क्लब, स्टेडियम में एंट्री नहीं मिलेगी। सरकारी कर्मचारियों को दोनों डोज अनिवार्य कर दिए गए हैं। उन्हें ड्यूटी पर भी आना होगा। इसके साथ ही महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती में भी श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया है। 

हरियाणा

हरियाणा में 25 दिसंबर रात 12 बजे से रात्रि कर्फ्यू लागू हो जाएगा। रात्रि कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक प्रभावी होगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों की संभावना के मद्देनजर लोगों की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्थलों व अन्य कार्यक्रमों में 200 से अधिक लोगों के एकत्र होने की अनुमति दी जाए।

पब्लिक सेक्टर से संबंधित संस्थानों में एंट्री के लिए टीकाकरण की दोनों डोज को अनिवार्य करें। मुख्यमंत्री शुक्रवार को कोविड समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए जरूरी है कि लोगों को अधिक से अधिक जागरुक किया जाए। टीकाकरण की तरफ अधिक ध्यान दिया जाए। 

गुजरात

वर्तमान में कोरोना स्थिति को देखते हुए 25 दिसंबर से अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, भावनगर, जामनगर, गांधीनगर और जूनागढ़ में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। गुजरात मुख्यमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

मौजूदा नाइट कर्फ्यू की पाबंदियों के तहत रेस्टोरेंट आधी रात तक 75% लोगों के साथ खुले रह सकते हैं। आधी रात तक होम डिलीवरी और टेक-अवे सेवाओं की भी अनुमति है। इसके अलावा दिल्ली, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा ने क्रिसमस और न्यू ईयर के मद्देनजर प्रतिबंध लगाए हैं। इन पाबंदियों का मकसद जश्न के लिए जुटने वाली भीड़ को रोकना है।

उत्तर प्रदेश

प्रदेश में रात के कर्फ्यू का दौर फिर लौट आया है। देशभर में कोरोना के बढ़ते मामलों और नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे की आशंका को देखते हुए योगी सरकार ने शनिवार से पूरे सप्ताह रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लाने का फैसला किया है।

यही नहीं, शादी-विवाह तथा अन्य सार्वजनिक आयोजनों में कोविड प्रोटोकॉल के साथ अधिकतम 200 लोगों के ही शामिल होने की अनुमति होगी। आयोजनकर्ता को इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को देनी होगी। इस संबंध में मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने शुक्रवार देर शाम शासनादेश जारी कर दिया।

राजस्थान

प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के बाद से ही नाइट कर्फ्यू लागू है। केस कम होने के बाद इनमें कुछ रियायत दी गई थी, लेकिन ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए सरकार फिर अलर्ट मोड में आ गई है।


कोरोना संकट के बीच अब नई समस्या से जूझ रहा स्वास्थ्य विभाग…

13-Sep-2021

 नई दिल्ली (शोर संदेश)। देश में हर दिन ऊपर-नीचे हो रही संक्रमितों की संख्या ने कोरोना महामारी की तीसरी लहर का खतरा सिर पर खड़ा कर दिया है। इससे बचाव के लिए देश में कोरोना टीकाकरण को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन इससे पहले ही देश भर के अस्पतालों के आगे एक गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। यह चुनौती है केरल से लेकर उत्तर प्रदेश तक के अस्पतालों में बुखार के मरीजों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी की, जिसके असर हर जगह अलग-अलग तरह के मिल रहे हैं।दरअसल, केरल में निपाह वायरस, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में डेंगू, दिल्ली में वायरल और बिहार में मलेरिया के प्रसार के कारण बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और अस्पतालों में बिस्तरों का संकट पैदा हो गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कुछ राज्यों में 95 फीसदी तक अस्पतालों के बिस्तर अभी से भरे हुए हैं। इनमें 60 से 70 फीसदी तक मरीज बुखार या वायरल से संक्रमित हैं।नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। खासतौर पर बच्चों में इन्फ्लूएंजा संक्रमण देखने को मिल रहा है। स्क्रब टाइफस व लेप्टोस्पिरोसिस जैसे जीवाणु संक्रमण (बैक्टीरियल इंफेक्शन) भी कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों में जानलेवा साबित हो सकते हैं।

00 पहले ही दी गई थी चेतावनी

बुखार के कारण हालात बिगड़ने की चेतावनी पहले ही दे दी गई थी। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि बुखार के अधिकांश मामले मच्छर जनित बीमारियों की वजह से देखने को मिल रहे हैं। अब हमारे आगे स्थिति ऐसी बन गई है कि कोरोना के अलावा हमें इन बीमारियों से भी लड़ने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।

00 यूपी में रहस्यमयी बुखार के पीछे है डेंगू का डी-2 स्ट्रेन

पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) की वैज्ञानिक डॉ. प्रज्ञा यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में फैले रहस्यमयी बुखार के मरीजों की जीनोम सीक्वेंसिंग में हमें डेंगू वायरस का डी-2 स्ट्रेन मिला है, जो काफी जानलेवा है।

महाराष्ट्र और यूपी के अलावा दिल्ली से भी कुछ सैंपल मंगाए गए हैं, क्योंकि वहां वायरल बुखार के बाद लोगों को लंबे समय तक खांसी व कफ बने रहने की शिकायत मिल रही है।वहीं, कई मरीजों में बुखार का स्तर भी 102 डिग्री से अधिक मिल रहा है। डॉ. यादव ने बताया कि बुखार कई वजहों से हो सकता है। कोरोना में भी ऐसा लक्षण मिलता है, लेकिन बुखार होने का सही कारण जानना बहुत जरूरी है। तभी समय पर इलाज दिया जा सकता है।

00 महाराष्ट्र में रक्त की हो रही कमी

कोरोना के अलावा डेंगू के चलते महाराष्ट्र के अस्पतालों के ब्लडबैंकों में रक्त की कमी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि मुंबई के टाटा अस्पताल को सोशल मीडिया पर रक्तदान के लिए लोगों से अपील करनी पड़ रही है। अस्पताल के अनुसार, रक्त की मांग कई महीने से पहले अधिक थी, लेकिन अब यह संकट और गहरा चुका है, क्योंकि कोरोना टीकाकरण भी इसका कारण है।

00 दिल्ली एम्स हो चुका है मरीजों से फुल

कोरोना की नई लहर से निपटने के लिए राज्य पर्याप्त तैयारियों का दावा कर रहे हैं, लेकिन सभी जगह अस्पताल 80 से 90 फीसदी तक भर चुके हैं। नतीजतन यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों से मरीजों को दिल्ली एम्स रेफर किया जा रहा है।

एम्स प्रबंधन के अनुसार, उनके पास अब क्षमता से अधिक मरीजों का भार है। इसलिए नए मरीजों को सफदरजंग अस्पताल भेजा जा रहा है। लेकिन सफदरजंग अस्पताल प्रबंधन ने भी अपने यहां मेडिसिन सहित कई अहम विभागों में हाउसफुल की स्थिति बताई है।

00 नई लहर का भार नहीं झेल सकेंगे

प्राइवेट हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एएचपीआई) के महानिदेशक डॉ. गिरधर ज्ञानी का कहना है कि देश भर के बड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के लिए यह समय काफी चुनौतियों से घिरा है। अलग-अलग तरह के बुखार ने इस कदर असर डाला है कि अगर कोरोना की अभी नई लहर आती है तो अस्पताल उसका भार नहीं झेल पाएंगे। खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार के अस्पतालों के हालात ज्यादा खराब हैं, जहां मरीजों की संख्या काफी अधिक है।


अब सभी स्वास्थ्य कर्मियों को बूस्टर डोज देने की तैयारी…

08-Sep-2021

0 वैक्सीन लेने के बाद भी डेल्टा वैरिएंट कर रहा संक्रमित

नई दिल्ली (शोर संदेश)। कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरे देश में स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीके की बूस्टर डोज लगाने पर विचार चल रहा है। केंद्र सरकार जल्द ही अंतिम निर्णय लेगी।मेडिकल जर्नल नेचर में प्रकाशित कई देशों के वैज्ञानिकों के संयुक्त अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना टीका लेने के बाद भी स्वास्थ्य कर्मचारी डेल्टा वैरिएंट के चलते संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। हालांकि ज्यादातर स्वास्थ्य कर्मचारियों में दोबारा संक्रमण के बाद गंभीर लक्षण नहीं दिखे हैं, लेकिन उन्हें आइसोलेशन में जाना पड़ रहा है।अध्ययन में शामिल रहे नई दिल्ली स्थित आईजीआईबी के निदेशक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा है कि इस स्थिति के कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों की संभावित कमी को रोकने के लिए उन्हें जल्द से जल्द बूस्टर डोज देना जरूरी है।


*अब 5 साल से बड़े बच्चों के लिए भी आ रही वैक्सीन*

04-Sep-2021

00 कॉर्बेवैक्स को मिली दूसरे-तीसरे ट्रायल को मंजूरी
हैदराबाद (शोर सन्देश) देश में अब जल्द ही पांच साल से ऊपर के बच्चों को कोरोना वैक्सीन मिलने लगेगी। कॉर्बेवैक्स के दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल के लिए मंजूरी मिल गई है। जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने शुक्रवार को कहा कि जैविक को पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों को कोविड-19 वैक्सीन कॉर्बेवैक्स के दूसरे और तीसरे चरण की परीक्षण के लिए डीजीसीआई से अनुमति मिली है। विशेष एक्सपर्ट समिति ने कॉर्बेवैक्स टीके के ट्रायल की सिफारिश की थी। विशेषज्ञों ने अंदेशा जताया है कि अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है, तो उसमें बच्चों पर भी काफी प्रभाव पड़ सकता है। इसी महीने तीसरी लहर आने की संभावना है, ऐसे में बच्चों के लिए वैक्सीन कवच के तौर पर काम करेगी। बायोलॉजिकल  लिमिटेड की प्रबंध निदेशक महिमा दतला ने कहा कि इन मंजूरी से विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ बातचीत  करने में मदद मिलेगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हैदराबाद स्थित दवा कंपनी बायोलॉजिकल की वैक्सीन कॉर्बेवैक्स के भारत में सितंबर के अंत तक आने की संभावना है। इससे पहले इसके पहले और दूसरे ट्रायल में इस वैक्सीन को लेकर बेहतर नतीजे आए हैं। बता दें कि केंद्र सरकार ने हैदराबाद स्थित बायोलॉजिकल- कंपनी के साथ 30 करोड़ वैक्सीन डोज का करार किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, वैक्सीन के उत्पादन के लिए कंपनी को 1,500 करोड़ रुपए की अग्रिम राशि दी जा चुकी है। बायोलॉजिकल- द्वारा वैक्सीन का उत्पादन और स्टोरेज सितंबर-दिसंबर 2021 के बीच किया जाएगा।  भारत बायोटेक कीकोवाक्सिनके बाद देश में यह दूसरी स्वदेशी वैक्सीन होगी।

 


गृह मंत्रालय की चेतावनी : अक्तूबर में हर दिन सामने आ सकते हैं पांच लाख केस….

23-Aug-2021

00 सबसे उच्च स्तर पर होंगे कोरोना के मामले

00 बच्चों-युवाओं के लिए खतरा बन सकती है तीसरी लहर

नई दिल्ली (शोर संदेश)। गृह मंत्रालय की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी ने तीसरी लहर की आशंका जाहिर की है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी है। इसके मुताबिक अक्तूबर में कोरोना की तीसरी लहर अपने पीक पर होगी। साथ ही कमेटी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को बच्चों और युवाओं के लिए मेडिकल सुविधाओं का इंतजाम करने की सलाह भी दी है। विशेषज्ञों की कमेटी का मानना है कि तीसरी लहर बच्चों व युवाओं के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में बच्चों के लिए मेडिकल सुविधाएं, वेंटीलेटर, डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस, ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। क्योंकि, बड़ी संख्या में बच्चे व युवा कोरोना से संक्रमित होंगे। 

00 प्राथमिकता के आधार पर करना होगा टीकाकरण \

गृह मंत्रालय ने यह रिपोर्ट उस समय जारी की है, जब बच्चों के लिए टीकाकरण भी शुरू होने वाला है। रिपेार्ट में कहा गया है कि बच्चों के बीच प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करना होगा। इसके साथ ही कमेटी ने कोविड वार्ड को फिर से इस आधार पर तैयार करने की सलाह दी है, जिससे बच्चों के तीमारदारों को भी साथ रहने की अनुमति मिल सके। 

00 हर दिन सामने आ सकते हैं पांच लाख केस 

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट की रिपेार्ट के मुताबिक सितंबर अंत तक तीसरी लहर अपना असर दिखाना शुरू कर देगी। वहीं अक्तूबर में देश में हर दिन पांच लाख से भी ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं। इस कारण करीब दो महीने तक देश को फिर से परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

00 केरल में सबसे ज्यादा संक्रमण

केरल, बंगलूरू, असम में तीसरी लहर की बानगी भी देखने को मिल रही है। यहां पिछले दो से तीन सप्ताह से बच्चों के संक्रमित होने की दर ज्यादा है। इस समय केरल में संक्रमण दर बढ़कर 17 प्रतिशत तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि केरल में ओणम के बाद कोरोना संक्रमण और भी ज्यादा बढ़ सकता है। वहीं डेल्टा प्लस वैरिएंट के भी मामले देश में बढ़ते जा रहे हैं। महाराष्ट्र में पिछले दिनों ही इससे कई मौतें हो चुकी हैं। 

00 आईआईटी कानपुर ने किया था तीसरी लहर से इंकार 

वहीं दूसरी तरफ आईआईटी कानपुर ने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को न के बराबर बताया है। वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने अपने गणितीय ‘मॉडल सूत्र’ के आधार पर नई स्टडी जारी की है। उनका दावा है कि अक्तूबर तक उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में केसों की संख्या इकाई अंक तक पहुंच जाएगी।

उनका कहना है कि वैक्सीनेशन ने इसका खतरा और कम कर दिया है। इससे संक्रमण लगातार कम होगा। उन्होंने बताया कि यूपी, बिहार, दिल्ली जैसे राज्य लगभग संक्रमण मुक्त होने की ओर हैं। हालांकि, देश में एक्टिव केस अक्तूबर माह तक भी 15 हजार के करीब रहेंगे क्योंकि तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल समेत पूर्वोत्तर राज्यों में संक्रमण रहेगा।


सितंबर से शुरू होगी तीन डोज़ वाली स्वदेशी वैक्सीन जायकोव-डी की सप्लाई…

21-Aug-2021

00 66 प्रतिशत होगी कोरोना पर असरदार

नई दिल्ली (शोर संदेश)। कोवैक्सीन के बाद दूसरी स्वदेशी वैक्सीन जायडस कैडिला `जायकोव-डी` कोरोना पर  66 प्रतिशत तक असरदार होगी। वहीं डेल्टा प्लस वैरिएंट पर भी यह वैक्सीन 66 प्रतिशत असर करेगी। यह जानकारी जायडस ग्रुप के एमडी डॉ. शार्विल पटेल ने दी। उन्होंने बताया कि वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद अब अगले सप्ताह तक इसकी कीमत का भी निर्धारण कर लिया जाएगा। सितंबर महीने में इसकी सप्लाई भी शुरू हो जाएगी। डॉ. शार्विल ने बताया कि अक्टूबर से वैक्सीन का उत्पादन एक करोड़ तक करने का लक्ष्य रखा गया है।

00 28 वें व 56वें दिन लगेगी दूसरी व तीसरी डोज

जायडस कैडिला की जायकोव-डी वैक्सीन तीन डोज में दी जाएगी। वैक्सीन की एक डोज लगने के बाद दूसरी डोज 28वें दिन व तीसरी डोज 56वें दिन लगाई जाएगी। यह वैक्सीन को 12 वर्ष से ज्यादा की उम्र के बच्चों को लगाई जाएगी। 

00 डीएनए आधारित है वैक्सीन

खास बात यह है कि इस वक्त जहां दुनियाभर में आरएनए वैक्सीन की मौजूदगी सबसे ज्यादा है, वहीं जायडस कैडिला की ये वैक्सीन विश्व की पहली डीएनए आधारित वैक्सीन है। कोविड-19 संबंधी सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गनाइजेशन (CDSCO) की एक विशेषज्ञ समिति ने जायकोव-डी को मंजूरी देने के जॉयडस कैडिला के आवेदन पर गुरुवार को विचार किया था। इसके बाद इसने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को इसे आपात इस्तेमाल की इजाजत देने की सिफारिश की। डीसीजीआई ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी थी।

00 50 केंद्रों पर ट्रायल का दावा

जायडस कैडिला ने दावा किया है कि उसने भारत में वैक्सीन का सबसे बड़ा ट्रायल किया है। 50 से ज्यादा केंद्रों पर इस वैक्सीन का परीक्षण किया गया। अब तक सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड, भारत बॉयोटेक की कोवाक्सिन, रूस की स्पूतनिक-वी, अमेरिका की मॉडर्ना व जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है। भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोवाक्सिन देश की पहली स्वदेशी वैक्सीन है। 

00 कई खासियत है इस वैक्सीन की

कई मामलों में इसे सबसे खास माना जा रहा है। जायकोव-डी वैक्सीन की सबसे खास बात यह है कि यह दुनिया की पहली डीएनए प्लाजमिड वैक्सीन होगी। देश में लग रही कोरोना की बाकी वैक्सीनों से अलग जायकोव-डी के तीन डोज देने की जरूरत होगी।

00 बगैर सुई के लगने से बच्चों को राहत मिलेगी\

जायकोव-डी बगैर सुई के दी जाएगी। इससे 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को यह आसानी से लगाई जा सकेगी। यह इंजेक्टर के जरिये दी जाएगी। दर्द न के बराबर होगा। यह 12-18 साल के वायु वर्ग वालों के साथ बड़ों को भी लग सकेगी। देश में अभी सिर्फ 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का ही टीकाकरण हो रहा था। जायकोव-डी से अब 12 से 18 साल तक के किशोरों को भी टीके लग सकेंगे। जायडस कैडिला की एक साल में 10 करोड़ से 12 करोड़ खुराक बनाने की तैयारी है। 


बच्चों को विटामिन ए और आयरन सिरप की दी जाएगी खुराक

18-Aug-2021

रायपुर (शोर संदेश) प्रदेश में 24 अगस्त से 28 सितम्बर तक शिशु संरक्षण माह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन संबंधी विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों और आंगनबाड़ियों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजना किया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभाग आपसी समन्वय से काम करेंगे।अभियान के तहत बच्चों को रतौंधी और एनीमिया से बचाव के लिए विटामिन-ए तथा आयरन फोलिक एसिड सिरप पिलाया जाएगा। बच्चों में कुपोषण के आंकलन के लिए उनका वजन लिया जायेगा और पालकों को बच्चों की आयु के अनुरूप पोषण आहार की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान आंगनबाड़ियों में भी हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही अति गंभीर कुपोषित बच्चों कोे चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भेजा जाएगा, जिससे पुनर्वास केन्द्र में समुचित देखभाल, पोषण आहार और उपचार से बच्चे को कुपोषण मुक्त किया जा सके। शिशु संरक्षण माह के तहत एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा परिवार भ्रमण के दौरान गर्भवती माताओं एवं बच्चों को परामर्श भी दिया जायेगा।कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम तथा शिशु संरक्षण माह हेतु गठित जिलास्तरीय टास्क फोर्स को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही इस दौरान आयोजित गतिविधियों में कोविड-19 से बचाव के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करने कहा गया है।

 




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