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डॉक्टर बनने का सपना देख रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर, छत्तीसगढ़ को मिली MBBS की 50 नई सीटें रायपुर

20-Aug-2024
 ( शोर संदेश )  नीट क्वालिफाइड छात्रों के लिए अच्छी खबर है। एनएमसी ने भिलाई के जिस निजी कॉलेज को पहले 50 सीटों की मान्यता दी थी, अब वहां 100 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। नए सत्र में अब एमबीबीएस की सीटें 2130 पहुंच गई है। जबकि, सिम्स बिलासपुर में एमबीबीएस की 30 सीटें कम हुई हैं। प्रदेश के 10 सरकारी कॉलेजों में 1430 व 5 निजी कॉलेजों में 700 सीटें हैं। इनमें स्टेट कोटे की 1183 सीटें हैं। इन सीटों पर प्रदेश के स्थानीय छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। वहीं निजी कॉलेजों की 298 मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर किसी भी राज्य के स्टूडेंट को प्रवेश देने का नियम है।
मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए रविवार से ऑनलाइन प्रवेश शुरू हो गया है। सोमवार तक 500 से ज्यादा छात्रों ने पंजीयन करवा लिया था। छात्रों को 24 अगस्त तक पंजीयन करवाना होगा। यानी पंजीयन के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। मेरिट सूची 27 व आवंटन सूची 30 अगस्त को जारी की जाएगी। कॉलेजों में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक प्रवेश लेना होगा। भिलाई के जिस निजी कॉलेज को एनएमसी ने पहले 50 सीटों की अनुमति दी थी, प्रबंधन के प्रयासों के बाद 50 सीटें और बढ़ा दीं। इससे स्टेट कोटे के साथ मैनेजमेंट व एनआरआई कोटे की सीटें बढ़ गई हैं।
पांच निजी कॉलेजों में स्टेट व मैनेजमेंट कोटे की 299-299, एनआरआई की 103 सीटें हैं। एनआरआई कोटे की सीटें अब स्पांसरशिप के तहत दी जा रही है। इसके तहत किसी एनआरआई की गारंटी के बाद प्रदेश का कोई भी छात्र इस कोटे के तहत एडमिशन ले सकता है। हालांकि इसे लेकर विवाद भी है। कुछ एजेंट इसमें 1 से डेढ़ करोड़ में सीट दिलाने का दावा भी कर रहे हैं। दो नए कॉलेजों की फीस अभी तय नहीं की जा सकी है। संभावना है कि निजी कॉलेजों की वर्तमान फीस के अनुसार छात्राें को फीस देनी होगी। डीएमई डॉ. यूएस पैकरा ने कहा है कि छात्र या पालक किसी एजेंट के झांसे में न आएं। काउंसलिंग में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। मेरिट के अनुसार ही सभी कोटे की सीटें आवंटित की जाएंगी।
एडमिशन के लिए ये दस्तावेज जरूरी
एडमिशन प्रोफाइल, आवंटन पत्र, एनटीए का एडमिट कार्ड, रैंक लेटर, 10वीं-12वीं की अंकसूची, 12वीं का पासिंग सर्टिफिकेट, ट्रांसफर व कैरेक्टर सर्टिफिकेट, कास्ट सर्टिफिकेट, रूरल सर्विस बांड, पात्र होने पर दिव्यांग व ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट, डिसकंटीन्यूशन बांड, एफिडेविट, आवंटित कॉलेज से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, सेल्फ अटेस्टेड आधार या अन्य आईडी कार्ड, सभी दस्तावेजों की फोटो कॉपी का एक सेट।
मेडिकल कॉलेज व सीटें
कॉलेज- सीटें
रायपुर – 230
दुर्ग – 200
बिलासपुर – 150
अंबिकापुर – 125
रायगढ़ – 100
कोरबा – 125
राजनांदगांव – 125
महासमुंद – 125
कांकेर – 125
जगदलपुर – 125
बालाजी – 150
रिम्स – 150
शंकराचार्य – 150
रावतपुरा – 150
अभिषेक – 100
कुल – 2130

 


छत्‍तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग आज से शुरू

18-Aug-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) छत्‍तीसगढ़ में एमबीबीएस और बीडीएस की सीटों के लिए ऑनलाइन काउंसिलिंग रविवार से शुरू हो जाएगी। यह 24 अगस्त तक चलेगी। मेरिट सूची 27 और आवंटन सूची 30 अगस्त को जारी होगी। प्रवेश के लिए कुल चार राउंड होंगे। इनमें तीसरा मापअप व चौथा स्ट्रे वेंकेसी राउंड होगा। स्ट्रे राउंड में प्रवेश कॉलेज स्तर पर दिया जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से काउंसिलिंग के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्ष डा. राबिया परवीन सिद्दीकी हैं। डॉक्टरों और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के चलते नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) की एमबीबीएस की 30 सीटों की मान्यता रद कर दी है। इससे एमबीबीएस की सीटें कम हो गई हैं।
प्रदेश में एमबीबीएस की 2,110 और बीडीएस की 600 सीटें थीं। सिम्स पर एनएमसी की कार्रवाई से एमबीबीएस की सीटें 2,080 हो गई है। प्रदेश में 10 शासकीय और तीन निजी कॉलेज संचालित हो रहे थे। इस वर्ष दो कॉलेज बढ़ने से इनकी संख्या 15 हो गई है।
 

रायपुर एम्स में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, ओपीडी बंद

16-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर  संदेश )  कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में जूनियर महिला डॉक्टर से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में रायपुर के मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल आज भी जारी रहेगी। वहीं एम्स के डॉक्टरों ने भी ओपीडी बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले बंगाल में हुई घटना के विरोध में बुधवार को मेडिकल कालेज के जूनियर डाक्टरों ने हड़ताल किया। हड़ताल के कारण आंबेडकर अस्पताल की ओपीडी सेवाएं बंद रही। जूनियर डाक्टरों ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया। आपातकालीन में डाक्टरों ने इलाज किया। महिला चिकित्सा डाक्टर ने कोलकाता में हुई घटना को नुक्कड़ नाटक के माध्यम दिखाया। आंबेडकर अस्पताल में लगभग 300 जूनियर डॉक्टर हड़ताल में शामिल हुए। जुडो के पूर्व अध्यक्ष डा. प्रेम चौधरी ने कहा पिछले कुछ दिनों में मेडिकल कालेजों के डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। कॉलेज और अस्पताल परिसर में फैकल्टी, मेडिकल छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों सहित सभी कर्मचारियों के लिए काम का सुरक्षित माहौल बने। ओपीडी, वार्ड, कैजुअल्टी, हास्टल और आवासीय परिसर में सुरक्षा के इंतजाम किए जाए।
 

ओपीडी बंद, जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर

14-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  पश्चिम बंगाल के कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुई रेप के बाद हत्या की घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस घटना को लेकर अब पूरे देश भर के डॉक्टरों ने धरना पर बैठ गए हैं। इसी बीच आज छत्तीसगढ़ के जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल करने का ऐलान कर दिया है। सभी डॉक्टर आज बड़ी संख्या में इकट्ठ होकर विरोध करेंगे। साथ ही आज सभी जूनियर डॉक्टर ओपीडी, ओटी और वार्ड में काम नहीं करेंगे। आज अंबेडकर अस्पताल में ओपीडी की सभी सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं में काम होगा। घटना के विरोध में डॉक्टर पहले से ही काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। आज करीब 300 जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल में काम बंद करने का फैसला लिया है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने इसकी पुष्टि की है। आपको बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। कोलकाता पुलिस का कहना है कि, आरोपी संजय रॉय ने 8 अगस्त की रात अस्पताल के पीछे शराब पी थी। फिर वारदात के बाद वो घर जाकर सो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

स्वाइन फ्लू से एक और मरीज की मौत

11-Aug-2024
बिलासपुर।   ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है. एक और स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीज की मौत हो गई है. स्वाइन फ्लू से हो रही मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि बिलासपुर के मंगला निवासी 66 वर्षीय विजय सिंह का इलाज पिछले एक हफ्ते से अपोलो अस्पताल में चल रहा था, लेकिन उनकी हालत में सुधार न होने के कारण उनकी मौत हो गई. बिलासपुर जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 7 सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 3 मरीजों की मौत हो चुकी है.
इससे पहले कोरिया और जांजगीर चांपा में एक-एक महिलाओं की स्वाइन फ्लू से जान चली गई थी. वहीं देर रात बिलासपुर एक मरीज की मौत हो गई. बाकी 4 मरीजों का इलाज अभी भी जारी है. मलेरिया और डायरिया के बाद अब स्वाइन फ्लू का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियां बढ़ गई है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगाें से सावधानी बरतने की अपील की है.
 

बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने स्वर्णप्राशन 3 अगस्त को

02-Aug-2024
रायपुर।( शोर संदेश )  रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने 3 अगस्त को रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाएगा। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है।
चिकित्सालय के कौमारभृत्य बाल रोग विभाग में सवेरे नौ बजे से दोपहर दो बजे तक इसका सेवन कराया जाता है। यह औषधि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, श्वसन संबंधी एवं अन्य रोगों से रक्षा करने के साथ ही एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी है। यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद करता है।
शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में बच्चों के लिए स्वर्णप्राशन का आयोजन किया जाता है। स्वर्णप्राशन हर महीने की पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाने वाली औषधि है। इस साल 3 अगस्त के साथ ही अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 30 अगस्त, 26 सितम्बर, 24 अक्टूबर, 20 नवम्बर और 18 दिसम्बर को भी स्वर्णप्राशन कराया जाएगा।

रोपाई खेत में गिरी आकाशीय बिजली, 5 महिला मजदूर घायल

02-Aug-2024
जशपुर।    ( शोर संदेश )   जिले के सोगड़ा गांव में खेत में धान की रोपा लगा रही 5 लड़कियां आकाशीय बिजली की चपेट में आ गईं. इस घटना में सभी पांचों लड़कियां झुलस गईं. घटना के बाद सभी को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है. जानकारी के अनुसार, गुरुवार की शाम सोगड़ा गांव में बारिश के बीच पांच लड़कियां खेत में धान की रोपाई कर रही थीं. इस दौरान अचानक आकाशीय गाज गिरी, जिससे सभी लड़कियां झुलस गईं. सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया. फिलहाल, सभी घायलों की स्थिति सामान्य है.

मैत्री कॉलेज ऑफ नर्सिंग अंजोरा में रक्तदान शिविर

01-Aug-2024
दुर्ग ( शोर संदेश ) ।जिला चिकित्सालय दुर्ग के ब्लड बैंक में रक्तदान करने हेतु 31 जुलाई 2024 को मैत्री कॉलेज ऑफ नर्सिंग अंजोरा द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला चिकित्सालय दुर्ग के ब्लड बैंक में किया गया। इस रक्तदान शिविर में मैत्री कॉलेज ऑफ नर्सिंग अंजोरा के प्रिंसिपल शबनम डेविड, अध्यापक मिनाक्षी साहू, दीपक साहू, लोविना हेम्ब्रम तथा नर्सिंग के छात्र-छात्राओं के सहयोग से 11 यूनिट बहुमूल्य रक्तदान किया गया। शिविर में मुख्य रूप ब्लड बैंक नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण अग्रवाल, नर्सिंग ऑफिसर तरूणा रावत, काउंसलर टी. एस. एंथोनी, लैब टेक्नोलॉजीस्ट रोशन सिंह, लैब इंचार्ज रूपेश सरपे, लैब टेक्नीशियन तीरथ यादव, सूरज, हिमांशु चंद्राकर, माला देशमुख, प्रशिक्षणार्थी डेमन, वीणा, सुनील, गोवर्धन, भारती की उल्लेखनीय भूमिका और सकारात्मक सहयोग रहा और सभी ने रक्तदाताओं को साधुवाद देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

टीबी की जांच के लिए लगाया गया शिविर, मिले 30 संदिग्ध मरीज

01-Aug-2024
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । ( शोर संदेश )  कलेक्टर धर्मेश साहू के निर्देशन में टिमरलगा में आयोजित शिविर में बारिश होने पर भी 63 व्यक्तियों ने टीबी और मौसमी बीमारी की जांच कराई, जिसमें टीबी के 30 संदिग्ध मरीज पाए गए। इस जांच में जो संदिग्ध हैं, उनका वेरिफाई जांच सेम्पल पैथोलॉजी से जुड़े स्वास्थ्यकर्मी और डॉक्टर चेक करेंगे। टीबी के मरीज होने पर इलाज, रोकथाम के उपाय और दवा का सेवन आदि की प्रक्रिया प्रारंभ करेंगे। जिले के खनिज और स्वास्थ्य विभाग तथा क्रेशर उद्योग समूह के सामूहिक योगदान से माइनिंग क्षेत्र के नागरिकों के स्वास्थ्य को देखते हुए टिमरलगा उप स्वास्थ्य केंद्र में शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में टीबी स्क्रीनिंग आउटरीच एवं मौसमी बीमारी का इलाज जांच किया गया। इसमें अधिकतर क्रेशर उद्योग समूह के महिला पुरूष, खनिज और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी तथा क्रेशर उद्योग समूह से जुड़े नागरिक, स्वास्थ्य विभाग के समस्त आरएचओ महिला एवं पुरुष, सीएचओ पर्यवेक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य चिकित्सा सहायक अविनाश और सरिता बरेठ शामिल थे।

शकुंतला फाउंडेशन की स्मिता सिंह के प्रयास से शहनबाज को मिला नया जीवन

31-Jul-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) शकुंतला फाउंडेशन की संस्थापिका स्मिता सिंह के प्रयास से पांच वर्षीय बाल हृदय रोगी शहनबाज खान को नया जीवन मिला है। शहनबाज के दिल में छेद था और डॉक्टरों ने उसके ऑपरेशन की आवश्यकता बताई थी, जिसे छह महीने के भीतर कराना जरूरी था।
शहनबाज के परिजनों ने रायपुर की समाजसेवी स्मिता सिंह से ऑपरेशन के लिए मदद की अपील की। बच्चे के पिता की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे ऑपरेशन कराने में असमर्थ थे।
इस मुश्किल घड़ी में स्मिता सिंह ने हैदराबाद के केयर अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. तपन दस की मदद से बच्चे के ऑपरेशन के लिए पाँच लाख रुपये का आर्थिक सहयोग जुटाया। डॉ. तपन दस ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर शहनबाज को नया जीवन दिया।
शहनबाज के परिजनों ने डॉ. तपन दस और स्मिता सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सहयोग के बिना ऑपरेशन संभव नहीं था और उनके बच्चे को नया जीवन मिलना एक चमत्कार से कम नहीं है।
शकुंतला फाउंडेशन छत्तीसगढ़ अब तक लगभग दो सौ से अधिक बाल हृदय रोगी मरीजों के ऑपरेशन में सहयोग कर चुकी है। इस नेक कार्य के लिए स्मिता सिंह और उनकी टीम की सराहना की जा रही है। स्मिता सिंह और डॉ. तपन दस का यह प्रयास न केवल शहनबाज खान के लिए जीवनदान साबित हुआ है, बल्कि यह समाज में एक मिसाल भी पेश करता है। जरूरतमंदों की मदद के लिए समर्पित यह संगठन अपने कार्यों से लोगों का विश्वास और सम्मान अर्जित कर रहा है।


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