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किसान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नीतियों से किसानों का बढ़ा भरोसा और आत्मसम्मान

28-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )   राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी, सरल और किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था ने गांव-गांव के किसानों के जीवन में स्थिरता और भरोसा स्थापित किया है। इसी व्यवस्था से लाभान्वित हुए हैं कबीरधाम जिले के ग्राम छिरहा के किसान मालिक पटेल, जिन्होंने इस वर्ष कुल 34.40 क्विंटल धान का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया। पटेल बताते हैं कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में धान खरीदी की प्रक्रिया इतनी व्यवस्थित और भरोसेमंद हो गई है कि हर वर्ष धान बेचने का इंतजार उत्सव की तरह होने लगा है।
पटेल बताते हैं कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा और 3100 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य ने खेती को न सिर्फ सुरक्षित बल्कि लाभकारी बना दिया है। वे कहते हैं कि धान विक्रय से मिली आय से परिवार का सालभर का खर्च, खेत की लागत, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक जिम्मेदारियाँ सभी आसानी से पूरी हो जाती हैं। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि धान की राशि सीधे बैंक खाते में पहुँच जाती है, जिससे बीज, खाद, जुताई और अन्य कृषि कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आती। खेती समय पर और सुचारू रूप से पूरी हो जाती है। वे बताते हैं कि खेती अब केवल गुजारा चलाने का साधन नहीं रही, बल्कि आर्थिक उन्नति मजबूत आधार बन गई है।
पटेल गर्व से बताते हैं कि उनके दो नाती एक कक्षा 11वीं और दूसरा 9वीं में अध्ययनरत है। दोनों की पढ़ाई का खर्च धान से प्राप्त आय से ही सुगमता से पूरा हो रहा है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि त्योहार तो बीत गए, लेकिन हमारे लिए असली त्योहार धान खरीदी ही है, क्योंकि इससे पूरे साल आर्थिक स्थिरता देती है। पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को सम्मान, सुरक्षा और विश्वास का जो वातावरण दिया है, वह पहले कभी देखने को नहीं मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के बेहतर नीतियों ने किसानों का जीवन संवार दिया है। हम जैसे छोटे किसानों के लिए धान खरीदी ही सबसे बड़ा सहारा व उत्सव है।

धान खरीदी व्यवस्था पर किसानों का बढ़ा भरोसा: टोकन सिस्टम ने घटाई भीड़, बढ़ाई सुगमता

28-Nov-2025
रायपुर ( शोर संदेश )  प्रदेशभर में जारी धान खरीदी तिहार किसानों के लिए राहत, पारदर्शिता और सुगमता का संदेश लेकर आया है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत रामपुर के कृषक एवं गांव के पटेल, कीर्तम राम पटेल ने खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष की धान खरीदी प्रक्रिया अत्यंत सरल, व्यवस्थित और किसान हित में है।
कृषक कीर्तम राम पटेल ने बताया कि वे इस सीजन में कुल 187 क्विंटल धान बेच रहे हैं। इनमें से 80 क्विंटल धान वे पहले ही टोकन के माध्यम से बेच चुके हैं, जबकि शेष 107 क्विंटल धान अगला टोकन जारी होने पर बेचेंगे। उन्होंने कहा कि टोकन प्रणाली से खरीदी केंद्रों में भीड़ कम हुई है और किसानों को निर्धारित समय पर धान बेचने की सुविधा मिल रही है।
उन्होंने बताया कि केंद्र में बारदाना की पर्याप्त उपलब्धता, कर्मचारियों का सहयोग, सटीक तुलाई, और पारदर्शी कार्यप्रणाली किसानों के भरोसे को और मजबूत कर रही है।
कृषक पटेल ने कहा कि पहले की तुलना में इस बार खरीदी व्यवस्था बहुत ही सुचारू और पारदर्शी है। किसी तरह की अव्यवस्था नहीं है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा धान का 3100 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय किए जाने से किसानों के चेहरे पर प्रसन्नता है।
उन्होंने बताया कि बेहतर व्यवस्थाओं के कारण किसानों को उचित मूल्य मिलने के साथ-साथ समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष धान खरीदी को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए टोकन वितरण, इलेक्ट्रॉनिक तुलाई, गुणवत्ता परीक्षण, बारदाना प्रबंधन, और भुगतान व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
किसान की यह संतुष्टि इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में संचालित धान खरीदी तिहार, किसानों को लाभ पहुंचाने और निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने में सफल हो रहा है।
 

खेती से कमाई, आधुनिकता की ओर कदम: प्रदीप पटेल खरीदेंगे ट्रैक्टर, बढ़ाएंगे खेती की रफ्तार

28-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )   सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के ग्राम गंधराचुवा के युवा एवं मेहनतकश किसान प्रदीप पटेल ने इस खरीफ सीजन में अपनी उपज बेचकर अपने एक बड़े सपने को सच करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
धान खरीदी केन्द्र कनकबीरा में प्रदीप ने करीब 2 एकड़ भूमि से प्राप्त 51.60 क्विंटल धान राज्य सरकार को बेचा है। प्रति क्विंटल 3100 रुपये के समर्थन मूल्य से वे बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि धान बिक्री से प्राप्त राशि में अपनी जमा पूंजी जोड़कर वे ट्रैक्टर खरीदने का सपना पूरा करेंगे—जो उनके कृषि कार्यों को और भी सरल, तेज़ और आधुनिक बनाएगा।
प्रदीप पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय किसानों के लिए बड़ी राहत है। साथ ही उन्होंने टोकन सिस्टम की भी प्रशंसा की। पहले जहाँ टोकन लेने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती थी, वहीं अब ऑनलाइन ‘तुंहर टोकन’ सुविधा से किसान अपने मोबाइल में ही टोकन काट पा रहे हैं।
धान खरीदी केन्द्र में पेयजल, गुणवत्तापूर्ण बारदाना और समय पर व्यवस्था मिलने से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है—यह बात भी प्रदीप ने खुशी जताते हुए कही।
प्रदीप पटेल की यह सफलता कहानी बताती है कि सरकारी योजनाएँ, तकनीकी सुविधाएँ और किसान की मेहनत मिलकर कैसे जीवन में प्रगति की नई राहें खोलती हैं।

बड़ा कोसरा' की सफल खेती के लिए किसान देवा मांडवी बना प्रेरक

27-Nov-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश ) पारंपरिक धान के साथ-साथ अब मिलेट फसलों जैसे रागी, कुल्थी, कोदो, मंडिया और कोसरा की वैज्ञानिक एवं नवाचार आधारित खेती तेजी से बढ़ रही है। इसी कड़ी में  दंतेवाड़ा जिले के ग्राम पोटाली, पटेलपारा (विकासखंड कुआकोंडा) के किसान देवा मांडवी “बड़ा कोसरा” की आधुनिक तकनीक से खेती कर जिले की कृषि प्रगति का प्रेरक चेहरा बन गए हैं।
मांडवी ने एसएमआई  तकनीक अपनाकर बड़ा कोसरा की खेती में एक सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। निर्माण ऑर्गेनाइजेशन दंतेवाड़ा और कृषि विभाग ने उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने 15-21 दिन की नर्सरी तैयार कर 30-30 सेंटीमीटर की दूरी पर एकल पौध रोपाई की। नियमित साइकिल वीडिंग, जीवामृत और हांडी दवा जैसे जैविक उपचारों से फसल की गुणवत्ता में भी सुधार आया। अगस्त में रोपी गई फसल आज प्रति पौधा 30-40 बालियों के साथ उत्कृष्ट स्थिति में खड़ी है।
पिछले वर्ष अरकू (आंध्र प्रदेश) में हुए प्रशिक्षण और फसल भ्रमण ने मांडवी को आधुनिक खेती की नई समझ दी, जिसे उन्होंने अपने खेत में सफलतापूर्वक लागू किया। आज उनका खेत “मॉडल फार्म” के रूप में पहचाना जा रहा है। इस प्रक्रिया में निर्माण संस्था, कृषि विभाग और जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। मांडवी बताते हैं कि एसएमआई तकनीक से बड़ा कोसरा की खेती करने का निर्णय मेरे लिए बहुत लाभदायक साबित हुआ। तकनीकी सहायता ने मुझे नई दिशा दी है। मैं चाहता हूँ कि हमारे क्षेत्र के अन्य किसान भी इस विधि को अपनाएं, ताकि उनकी खेती अधिक मजबूत और लाभदायक बन सके।
कोसरा की सफल रोपाई से किसानों की आय में हो रही है वृद्धि
जिले के कई अन्य क्षेत्रों जैसे छिंदनार, बुधपदर, पालनार, भटपाल, गुटोली, गुमलनार, बड़े गुडरा, मोखपाल, बड़े तुमनार, छोटे तुमनार, बुरगुम, अचेली, बालूद, गंजेनार, पाहुरनार आदि ग्रामों में भी एसएमआई विधि से कोसरा की सफल रोपाई जारी है। भूमगादी समिति द्वारा किसानों को कोसरा चोप उपलब्ध कराया जा रहा है। निर्माण संस्था के फील्ड ऑफिसर  सुरेश कुमार नाग और स्थानीय संसाधन व्यक्ति निरंतर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में यह फसल तेजी से फैल रही है और बेहतर उत्पादन के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि तकनीक, प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग मिलकर किसानों की आय और क्षेत्र की कृषि उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

किसानों से धान खरीदी के लिए पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था

27-Nov-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )  समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का काम प्रदेशभर में सुचारू रूप से चल रहा है। सुव्यवस्थित प्रबंधन, पारदर्शी प्रक्रिया और सुविधाजनक व्यवस्था से किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच रहे हैं। धान उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए पीने के पानी, छाया, टोकन, बारदाना, तौल मशीन, सुगम परिवहन व्यवस्था जैसे सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। इन व्यवस्थाओं ने किसानों को लंबी प्रतीक्षा और अनावश्यक परेशानी से निजात दिलाई है।
बेमेतरा जिले के ग्राम बलौदीकला की किसान गीता पटेल ने आज बारगांव धान खरीदी केंद्र में 105 क्विंटल धान बेचा। वहां धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से डिजिटल साधनों से संपन्न की जा रही है, जिससे किसानों को त्वरित पर्ची और समय पर भुगतान की गारंटी मिल रही है। गीता पटेल ने धान खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार और जिला प्रशासन द्वारा किसान हित में जो प्रबंध किए गए हैं, उससे धान बेचने में बिल्कुल भी समस्या नहीं हो रही है। समय पर टोकन, सही तौल और भुगतान की सुनिश्चितता किसानों के लिए बड़ा सहारा है।       
जिला प्रशासन की सक्रियता से बेमेतरा के 129 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी कार्य लगातार सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। प्रशासन ने किसानों को सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के देने के लिए पहले से ही व्यापक तैयारी की है। अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग, स्थल निरीक्षण और त्वरित समाधान की व्यवस्था से किसानों को काफी सहूलियत हो रही है। बारगांव केंद्र में भी खरीदी कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ जारी है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान अपना धान बेचने पहुंच रहे हैं। धान खरीदी की बेहतर व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता ने किसानों का भरोसा बढ़ाया है। 
 

 


प्रदेश के धान खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए सभी सुविधाएँ सुनिश्चित—खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू

26-Nov-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश भर में चल रहा धान खरीदी अभियान पूरी तरह सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रहा है। जशपुर जिले के सभी 46 धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि प्रत्येक पंजीकृत किसान बिना किसी परेशानी के अपने धान की बिक्री कर सके।
प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसानों का धान प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाए और किसी भी स्तर पर देरी या असुविधा न हो। इसी व्यवस्था के अंतर्गत पत्थलगांव विकासखण्ड के बागबहार धान खरीदी केंद्र में ग्राम मयूरनांचा के किसान सुशांत कुमार साहू ने आज अपना धान बेचा। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र में व्यवस्था अत्यंत संतोषजनक थी। कर्मचारियों ने सहयोगपूर्ण व्यवहार किया और धान तौलने से लेकर रसीद प्राप्त करने तक पूरे प्रक्रिया में उन्हें कहीं भी कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि सोसायटी में उनके नाम से पंजीयन पहले से ही सही तरीके से दर्ज था, जिसके कारण खरीदी प्रक्रिया और भी सरल हो गई।
किसान सुशांत कुमार ने प्रशासन व सोसायटी की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र में पानी, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध थीं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। जिले में इस वर्ष धान खरीदी की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव किसानों तक सीधे रूप से पहुंच रहा है।




















 

धान खरीदी केंद्रों में किसानों को दी जा रही सुविधाओं और सुगम व्यवस्था से किसानों को राहत

26-Nov-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )   राज्य शासन की किसान हितैषी नीतियों और पारदर्शी व्यवस्था का सकारात्मक असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। धान खरीदी केंद्रों में किसानों को दी जा रही सुविधाएँ और सुगम व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इस साल धान बेचने की सहज-सरल व्यवस्था के अनुभव से गुजर चुकी बेमेतरा के ग्राम खाती की किसान मैना बाई साहू बताती हैं कि पहली बार उपार्जन केंद्र में इतनी सहजता से धान की बिक्री हुई। उन्होंने सेवा सहकारी समिति मर्यादित खाती में इस वर्ष 21 क्विंटल धान बेचा है। 
मैना बाई बताती हैं कि धान तौलाई तथा टोकन से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया इतनी सरल और पारदर्शी रही कि सब कुछ तेजी से हो गया। पहले धान बेचने के लिए बहुत भाग-दौड़ करनी पड़ती थी। कभी लाइन में लंबा इंतजार... कभी कागजों की दिक्कत... लेकिन इस बार सोसाइटी में व्यवस्था बहुत अच्छी थी। सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरा सहयोग कर रहे थे। समय पर मेरी धान की तौलाई हुई, मुझे बिलकुल भी परेशानी नहीं हुई।
मैना बाई कहती हैं कि इस बार सरकार ने किसानों के लिए अच्छी व्यवस्था की है। धान खरीदी केंद्र में पेयजल, बैठने की व्यवस्था, सही तौल, टोकन सिस्टम, भुगतान की समयबद्धता जैसी सुविधाओं ने किसानों का भरोसा बढ़ाया है। वे धान खरीदी की अच्छी व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ शासन को धन्यवाद देते हुए कहती हैं कि अब किसान बेफिक्र होकर धान बेच पा रहे हैं। राज्य में धान खरीदी की मजबूत और सुव्यवस्थित व्यवस्था इस बात का प्रमाण है कि सरकार किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम देने के लिए हर स्तर पर तत्पर है।

धान खरीदी के लिए टोकन जारी व्यवस्था लागू, किसानों की सुविधा को मिला बढ़ावा

26-Nov-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेश में धान उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू एवं पारदर्शी रूप से संचालित करने के लिए राज्य शासन द्वारा धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। लगभग 50 कार्य दिवसों में खरीदी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों की सुविधा के लिए पूर्व की भांति इस वर्ष भी टोकन जारी कर धान खरीदी की जा रही है।
टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन उपलब्ध
राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार किसानों की भूमि धारिता के आधार पर टोकन जारी किए जा रहे हैं। 2 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एक टोकन, 2 से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को अधिकतम  2 टोकन और 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को अधिकतम 3 टोकन जारी किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि किसान टोकन उपार्जन केंद्र से सीधे प्राप्त कर सकते हैं अथवा टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं भी टोकन ले सकते हैं। यह मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है।
शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर
इसके अलावा धान खरीदी से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा कॉल सेंटर का गठन किया गया है, जो धान की रीसाइक्लिंग पर रोक, कोचियों/बिचौलियों की गतिविधियों की निगरानी और धान के उठाव एवं परिवहन की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर रहा है। 
प्रशासन ने अपील की है कि उपार्जन केंद्र में धान लाते समय किसान-धान को अच्छी तरह सुखाकर लाएं, जिसमें नमी 17 प्रतिशत से अधिक न हो, धान साफ-सुथरा एवं अशुद्धियों से मुक्त हो। साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका एवं आधार कार्ड अवश्य रखें। जिला प्रशासन ने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित निर्देशों का पालन करते हुए समय पर धान विक्रय करें, जिससे खरीदी कार्य सुचारू एवं बाधारहित पूर्ण किया जा सके।
 

डिजिटल सिस्टम से धान खरीदी में आई तेजी, किसानों को मिल रहा त्वरित भुगतान

26-Nov-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )  प्रदेश में धान खरीदी ने रफ्तार पकड़ ली है धान विक्रय होने के बाद त्वरित रूप से किसानों के खाते में भुगतान भी किया जा रहा है, जिससे किसान काफी खुश हैं। बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखण्ड के धान उपार्जन केंद्र सेंदरी पहंचे ग्राम अमतरा के किसान धनीराम देवांगन को धान बेचने के बाद त्वरित रूप से 1 लाख 91 हजार रूपए की राशि खाते में आ गई। उन्होंने बताया कि टोकन कटाने से लेकर भुगतान प्राप्त करने में उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं हुई। इस त्वरित व्यवस्था से वे काफी खुश है, उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से किसानों का जीवन अब संवर रहा है।  
5 दिन के भीतर उनके खाते में राशि का हस्तांतरण 
बिल्हा विकासखंड के सेंदरी धान उपार्जन केंद्र पहंचे ग्राम अमतरा के किसान धनीराम देवांगन ने बताया कि वे 6 एकड़ में खेती करते हैं और इस वर्ष उन्होंने 140 क्विंटल धान बेचा। धान बेचने की पूरी प्रक्रिया में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि धान बेचने के बाद 5 दिन के भीतर उनके खाते में राशि का हस्तांतरण कर दिया गया है। बोनस राशि का भुगतान भी कुछ समय बाद मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा किसानों के हित में लाई गई अनेक योजनों से किसानों को काफी लाभ मिल रहा है, खेती करना अब लाभदायक बन चुका है। उन्होंने बताया कि उन्हें किसान सम्मान निधि का लाभ भी मिल रहा है। सरकार की यह मदद छोटे किसानों के लिए बड़ा सहारा है। खेती किसानी के बहुत से खर्च इस राशि से पूरे हो जाते है।

धान खरीदी तिहार सुचारू: भिट्ठी कला के किसानों ने सरकार की पारदर्शी व्यवस्था पर जताया भरोसा

25-Nov-2025
रायपुर( शोर संदेश )। प्रदेश में इस वर्ष धान खरीदी तिहार पूरी तरह सुगमता, पारदर्शिता और सुव्यवस्था के साथ संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में राज्य के सभी धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित किए जाने से किसानों में उत्साह और विश्वास का माहौल है।
सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत भिट्ठी कला स्थित आदिमजाति सहकारी मर्यादित समिति मेंड्राकला में धान विक्रय करने पहुँचे किसान इस वर्ष की खरीदी व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट दिखाई दिए। किसानों ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुचारू, सुविधाजनक और पारदर्शी है।
किसान बनकेश्वर राम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान मूल्य से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र में तुलाई, नमी परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएँ बिना किसी कठिनाई के पूरी हुईं, जिससे खरीदी का अनुभव सहज रहा।
उपार्जन केंद्र में उपलब्ध सुव्यवस्थित व्यवस्था देखकर किसान बनकेश्वर राम ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों—बारदाना उपलब्धता, पारदर्शी तुलाई, त्वरित भुगतान प्रणाली और लगातार निगरानी—ने किसानों के बीच प्रक्रिया के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है।
 

 




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