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सफलता की कहानी, किसान की जुबानी :सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और स्पष्ट धान खरीदी नीति से किसानों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

19-Nov-2025
रायपुर,। ( शोर संदेश )   प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों की आर्थिक तरक्की, उन्नति और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार बनते ही किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रति एकड़ 21 क्विंटल एवं प्रति क्विंटल 31 सौ रुपये की दर से धान खरीदी करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। इस किसान हितैषी नीति का लाभ गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी रायगढ़ जिले के किसानों को व्यापक रूप से प्राप्त हो रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुका है।
ग्राम कोड़तराई के किसानों में धान खरीदी को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। इसी क्रम में ग्राम के किसान श्याम दयाल पटेल ने बताया कि सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और स्पष्ट धान खरीदी नीति ने उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। तीन भाई मिलकर साझा खाते में 40 एकड़ भूमि पर धान की खेती करते हैं। इस वर्ष उनके परिवार का पहला टोकन जारी हुआ, जिसके अंतर्गत 44 क्विंटल धान की बिक्री की गई।
किसान श्याम दयाल पटेल ने कहा कि 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा और 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य ने उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। बढ़ी हुई आय से वे परिवार की आवश्यक जरूरतों की पूर्ति, बच्चों की उच्च शिक्षा, कृषि उपकरणों की खरीद, घर-परिवार की दैनिक आवश्यकताओं एवं भविष्य की योजनाओं को सुदृढ़ करने में सक्षम हो रहे हैं। इसे उन्होंने अपने आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया।
धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी खरीदी के लिए उत्कृष्ट तैयारी की गई है। उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठने की सुविधा, पीने के पानी की उपलब्धता, सटीक तौल व्यवस्था तथा पर्याप्त बारदाना जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। सहज, पारदर्शी और किसान-केंद्रित व्यवस्थाओं से ग्राम कोड़तराई सहित पूरे जिले के किसानों में प्रसन्नता और संतोष का माहौल है। किसानों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

 


टोकन तुहर हाथ’ ऐप से धान खरीदी में क्रांति—किसान बोले: अब प्रक्रिया हुई आसान और पारदर्शी

18-Nov-2025
रायपुर। ( शोर संदेश ) धान खरीदी की प्रक्रिया को सरल, सुविधाजनक और पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विकसित ‘टोकन तुहर हाथ’ ऐप इस वर्ष किसानों का सबसे बड़ा तकनीकी सहायक साबित हो रहा है। ऐप के माध्यम से किसान अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी तिथि के लिए घर बैठे ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उपार्जन केंद्रों में लाइन, भीड़ और लंबे इंतजार की समस्या लगभग समाप्त हो चुकी है।
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले के सभी 129 धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है। इसी क्रम में धान बेचने पहुंचे किसान कमलेश ने बताया कि ऐप आने के बाद खरीदी की व्यवस्था पहले की तुलना में कई गुना बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि अब घर बैठे मोबाइल से ही टोकन कट जाता है। न भीड़ में लगना पड़ता है, न धूप में खड़े रहना पड़ता है। हमारे लिए यह बहुत बड़ी सुविधा है।
ग्राम पदुमसरा के लोधी ने बताया कि पदमी में नया उपार्जन केंद्र खुलने से आसपास के किसानों को अत्यधिक राहत मिली है। पहले दूरस्थ केंद्रों तक धान ले जाने में समय, खर्च और असुविधाएँ आम थीं, लेकिन अब पास में ही केंद्र उपलब्ध होने से किसानों में उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा कि केंद्र में बोरे की पर्याप्त उपलब्धता, सुव्यवस्थित तौल, पीने के पानी, छाया और कर्मचारियों का सहयोग,सब कुछ किसान हित में सुनिश्चित है। किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।”
शासन द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को किसान ऐतिहासिक व अत्यंत लाभकारी निर्णय बता रहे हैं। किसान कमलेश लोधी ने कहा कि 31 सौ रुपए की दर किसानों के जीवन में नई खुशहाली लेकर आई है। यह अब तक का सबसे मजबूत किसान हितैषी कदम है।”
किसानों की सुविधाएँ, आधुनिक तकनीक का प्रयोग और उपार्जन केंद्रों में सुदृढ़ व्यवस्थाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि इस वर्ष की धान खरीदी पारदर्शिता, दक्षता और सुगमता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रही है।

 

सीमा पर कड़ी निगरानी: जशपुर प्रशासन ने अवैध धान परिवहन के विरुद्ध मोर्चा कसा

18-Nov-2025
रायपुर,। ( शोर संदेश ) प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ ही कुछ क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन की संभावनाओं को रोकने राज्य भर में प्रशासन सख़्त हो गया है।  इसी क्रम में जशपुर जिला  कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने जशपुर जिले का झारखंड सीमा से लगे चेकपोस्टों पर देर रात औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण दल में तहसीलदार जयश्री राजनपथे, नायब तहसीलदार अरुण कुमार, फूड इंस्पेक्टर आलोक टोप्पो, मंडी निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक तथा पटवारी शामिल थे। टीम ने भलमंडा, सकरडेगा और साईंटांगाटोली चेकपोस्टों का दौरा किया, जहाँ सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और वाहन चेकिंग प्रक्रिया को परखा गया। संभावित अवैध धान परिवहन पर रोक के लिए मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
इसी दौरान संबंधित ग्रामों के सरपंच और सचिव भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने तथा सीमा क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने आग्रह किया, ताकि अवैध आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती इलाकों में सतत निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।



 

धान खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं से किसान संतुष्ट

18-Nov-2025
रायपुर । ( शोर संदेश )  समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जिला प्रशासन बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा केन्द्रों में किसानों के लिए की गई व्यवस्थाओं से कृषक बेहद संतुष्ट और आत्मविश्वास से भरे हैं। जिले के ग्राम अमेरा के प्रगतिशील किसान विवेकानंद पटेल ने धान खरीदी केंद्र में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और सुचारू प्रक्रियाओं के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया है।
पटेल ने बताया कि इस वर्ष धान खरीदी केंद्र की व्यवस्थाएँ पूर्व की तुलना में अधिक व्यवस्थित, त्वरित और पारदर्शी हैं। किसानों को समय पर बारदाना उपलब्ध होने से तौलाई कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आई। इससे किसानों के श्रम और समय दोनों की बचत हुई है।
केंद्र परिसर में किसानों के लिए पर्याप्त छायादार बैठने की व्यवस्था की गई है, जिससे तौलाई के दौरान उन्हें आराम मिल सके। साथ ही स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। किसानों ने बताया कि केंद्र में तौल, भंडारण और पावती निर्गमन की संपूर्ण प्रक्रिया तेज, व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संचालित हो रही है। इससे किसानों में सरकार के प्रति भरोसा और संतोष बढ़ा है। किसान विवेकानंद पटेल का यह कथन इस बात का प्रमाण है कि सरकार की किसान-केंद्रित नीतियाँ और प्रशासनिक प्रयास धरातल पर किसानों को राहत दे रहे है। 










 

बेहतर व्यवस्थाओं से धान उपार्जन केंद्रों में खुशहाल किसान

18-Nov-2025
रायपुर, । ( शोर संदेश )  प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप 15 नवम्बर से राज्यभर में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सबसे बड़ा महापर्व प्रारंभ हो गया है। इस महाअभियान को लेकर सक्ती जिले के किसानों में उत्साह का वातावरण है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के प्रथम दिन देवरघटा धान उपार्जन केंद्र में किसान गेंदराम साहू ने सबसे पहले धान विक्रय किया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया और जिले में धान खरीदी महाअभियान का शुभारंभ किया।
 साहू ने बताया कि उन्होंने तुहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से समय पर टोकन बुक किया था, जिससे उन्हें खरीदी केंद्र में किसी प्रकार की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी। धान तौल प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। नमी परीक्षण, बारदाना उपलब्धता और तौल प्रबंधन सभी चरणों में सोसायटी कर्मचारियों ने मदद की। साहू ने बताया कि उनके द्वारा बेचे गए धान का समर्थन मूल्य मिलने के साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के माध्यम से आदान सहायता भी मिलेगी। कुल मिलाकर उन्हें उनके धान का प्रति क्विंटल 3100 मूल्य मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
जिला प्रशासन द्वारा जिले के समस्त उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा हेतु पारदर्शी टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, पर्याप्त बारदाना और सुचारू भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि 31 जनवरी 2026 तक चलने वाले इस अभियान के दौरान किसी भी किसान को कतार, भुगतान या खरीदी से संबंधित किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
 

 


भोर के साथ धान खरीदी शुरू: किसानों के विश्वास का उत्सव मनाया छत्तीसगढ़ ने

16-Nov-2025
रायपुर। ( शोर संदेश )   भोर की पहली सुनहरी किरणों के साथ छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे किसानों की मेहनत और सरकार पर उनके विश्वास का उत्सव बताते हुए कहा कि राज्य सरकार धान खरीदी को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध रूप में संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धान खरीदी की सभी तैयारियाँ समय पर पूर्ण कर ली गई हैं और प्रदेश के सभी उपार्जन केंद्रों में आवश्यक आधारभूत सुविधाएँ पूरी तरह सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
धान खरीदी व्यवस्था को तकनीक-सक्षम बनाते हुए सरकार ने इस वर्ष तुँहर टोकन एप, जीपीएस आधारित परिवहन, सतर्क एप, और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर जैसे आधुनिक सिस्टम लागू किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कदम पर हमारी प्राथमिकता किसानों को सुविधा, सम्मानजनक खरीदी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का अटूट विश्वास ही छत्तीसगढ़ की प्रगति की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की आत्मा हमारे किसान हैं। आज शुरू हो रही धान खरीदी उनके परिश्रम को सम्मान देने का अवसर है। 
धान खरीदी की शुरुआत के साथ ही प्रदेशभर में किसानों में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया और मजबूत तकनीकी व्यवस्था से इस बार की खरीदी और अधिक सहज और व्यवस्थित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि का यह सफर आज फिर एक नई उम्मीद और किसानों के अटूट विश्वास की रोशनी के साथ आगे बढ़ रहा है।

अच्छी बारिश और बढ़े समर्थन मूल्य से खिले किसानों के चेहरे

15-Nov-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश ) पहाड़ी इलाके में कठिन परिश्रम कर खेत जोतने और धान बोने वाले कोरबा जिले के ग्राम पतरापाली के किसान राजाराम को अब राहत है कि इस साल बारिश ने उनका साथ दिया। राजाराम राठिया के चेहरे पर इन दिनों खुशी झलक रही है। कुछ महीने पहले तक जो चेहरे चिंता की लकीरों से भरे थे, अब वही चेहरे मेहनत की फसल देखकर खिल उठे हैं। राजाराम बताते हैं कि जून-जुलाई के महीनों में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने बीज बोए थे, लेकिन मन में यह डर भी था कि कहीं बारिश धोखा न दे। उनकी मेहनत रंग लाई - खेत लहलहा उठे और अब वे पकी फसल की कटाई कर खलिहान तक पहुंचाने में जुटे हैं।
किसान राजाराम राठिया कहते हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल कर देना हम किसानों के लिए बहुत बड़ा तोहफा है। इसके साथ ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी का निर्णय किसानों को आर्थिक संबल देगा। लगभग 20 एकड़ में फसल लेने वाले राजाराम ने बताया कि कटाई का काम अंतिम चरण में है और जल्द ही वे अपनी उपज कोरकोमा धान उपार्जन केंद्र में बेचेंगे। उनका पंजीयन भी पूरा हो चुका है।
राजाराम की पत्नी जानकी बाई राठिया कहती हैं कि हम सबने मिलकर धान बोया था, आज उसे पकते और लहलहाते देखना बहुत सुखद है। पहले कई बार बारिश की कमी से फसल खेतों में ही सूख जाती थी, पर इस बार मौसम ने साथ दिया और मेहनत सफल हुई।
पतरापाली क्षेत्र के किसानों के लिए यह मौसम उम्मीदों और खुशियों का संगम लेकर आया है। खेतों में झूमती फसलें, खलिहानों में पहुंचते धान के ढेर और किसानों के चेहरों पर मुस्कान यह सब मिलकर एक नई कहानी कह रहे हैं कि जब मेहनत और मौसम दोनों साथ हों, तो किसानी सचमुच खुशहाली का पर्याय बन जाती है।
 

पॉलीहाउस टमाटर खेती से किसान सुरेश सिन्हा ने कमाए 2.35 लाख, बने आत्मनिर्भर

14-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )।  शासन की किसान हितैषी योजनाओं एवं उद्यानिकी फसलों की असीम संभावनाओं के कारण अब राजनांदगांव जिले के किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। इसी कड़ी में विकासखण्ड राजनांदगांव के ग्राम गातापारखुर्द के प्रगतिशील किसान सुरेश सिन्हा ने आधुनिक पद्धति से पॉलीहाउस में टमाटर की खेती कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने टमाटर की ‘माल्या वैरायटी’ की फसल लगाकर लगभग 2 लाख 35 हजार रूपए का लाभ अर्जित किया है।
सिन्हा ने बताया कि पॉलीहाउस में उपयुक्त तापमान बनाए रखते हुए मल्चिंग विधि का उपयोग किया गया, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में वृद्धि हुई। टमाटर की बाजार में अच्छी मांग होने से प्रति क्विंटल 700 से 800 रूपए की दर प्राप्त हुई। यहां उत्पादित टमाटर कोरबा, कोलकाता, उत्तर प्रदेश, ओडिशा सहित स्थानीय बाजारों में भी भेजा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत संरक्षित खेती के लिए पॉलीहाउस निर्माण हेतु 17 लाख रूपए का शासन द्वारा अनुदान प्राप्त हुआ। पॉलीहाउस की कुल लागत 34 लाख रूपए रही। इसके अतिरिक्त पैक हाउस निर्माण हेतु 2 लाख रूपए का अनुदान तथा दवाई छिड़काव के लिए स्ट्रिप मशीन पर 50 प्रतिशत अनुदान शासन द्वारा प्रदान किया गया।
सिन्हा के पास कुल 15 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें से 8 एकड़ में धान एवं 7 एकड़ में सब्जियों की खेती की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 1.5 एकड़ में लौकी की फसल से लगभग 35 टन उत्पादन हुआ, जिससे उन्हें 50 प्रतिशत की शुद्ध आमदनी प्राप्त हुई। पॉलीहाउस में टमाटर के साथ खाली स्थान का उपयोग करते हुए उन्होंने मिश्रित खेती के रूप में फूलगोभी, नवलकोल, प्याज और मूली की फसलें भी लगाई हैं।
 सिन्हा ने बताया कि धान की तुलना में सब्जियों की खेती से तीन से चार गुना अधिक आमदनी होती है। इसमें कम पानी की आवश्यकता होती है और एक वर्ष में तीन से चार फसलें ली जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी विभाग से समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं परामर्श प्राप्त होता रहता है, जिससे खेती में नई तकनीकों का लाभ मिल रहा है।




 

पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आमदनी: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिया संदेश

14-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम नवाडीह (लपटी) में आयोजित जिला स्तरीय पशु-पक्षी प्रदर्शनी मेला का अवलोकन किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि पशु-पक्षी जीवन का आधार है। उन्होंने पशुपालन का महत्व बताते हुए किसानों को खेती के साथ पशुपालन कर अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने उन्नत नस्ल के पशुओं के संवर्धन के लिए भी प्रेरित किया। साव ने लोरमी में पशु चिकित्सालय के नए भवन के निर्माण के लिए 40 लाख रुपए देने की घोषणा की।
पशु-पक्षी प्रदर्शनी मेला में पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। मेले में विभिन्न नस्ल के पशुओं की प्रदर्शनी लगाई गई और उत्कृष्ट पशुपालकों को सम्मानित किया गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्राइवेट कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता पुष्पकांत शर्मा को नस्ल सुधार कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कलेक्टर कुंदन कुमार, जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, जनपद पंचायत की उपाध्यक्ष वर्षा विक्रम सिंह ठाकुर, पशु चिकित्सा सेवाओं के उप संचालक डॉ. आर.एम. त्रिपाठी, डॉ. शिव पटेल और डा. प्रमोद नामदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, किसान और पशुपालक इस दौरान मौजूद थे।

सौर सुजला योजना से किसानों को हुई अतिरिक्त आय

13-Nov-2025
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ शासन की सौर सुजला योजना खेती में ऊर्जा की बाधा दूर कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही है। सूर्य ऊर्जा आधारित सिंचाई पंपों की स्थापना से किसानों को अब निर्बाध सिंचाई सुविधा मिल रही है, जिससे खेती का रकबा बढ़ा है और किसानों की आमदनी में लगातार वृद्धि हो रही है।
वर्ष 2016-17 से प्रारंभ इस योजना के अंतर्गत सरगुजा जिले के 8893 किसानों को अब तक सौर पंपों का लाभ प्राप्त हुआ है। इन पंपों से किसानों की बिजली पर निर्भरता समाप्त हुई है, लागत घटी है और उत्पादन क्षमता बढ़ी है। उप संचालक कृषि पीताम्बर सिंह दीवान ने बताया कि सौर पंप मिलने से वर्षभर सिंचाई संभव हो पाई है, जिससे द्विफसली और बहुफसली खेती का दायरा बढ़ा है।
सौर सुजला योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कम से कम 1 एकड़ भूमि होना आवश्यक है। इच्छुक किसान बी-1, खसरा, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, दो पासपोर्ट फोटो, जल स्त्रोत का फोटो, सरपंच की अनापत्ति प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र सहित अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
किसानों के लिए 2 एचपी, 3 एचपी और 5 एचपी क्षमता के सौर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिन पर वर्गवार अंशदान निर्धारित है। 2 एचपी पंप पर अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति किसानों का अंशदान 5000 रुपए, अन्य पिछड़ा वर्ग का 9000 रुपए और सामान्य वर्ग का 16000 रुपए है। 3 एचपी पंप पर अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति ₹7000, अन्य पिछड़ा वर्ग ₹ 12000 और सामान्य वर्ग 18000 रुपए, वहीं 5 एचपी पंप पर अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति 10000, अन्य पिछड़ा वर्ग 15000 और सामान्य वर्ग 20000 रुपए अंशदान देय है। इसके अतिरिक्त 4800 रुपए प्रोसेसिंग शुल्क जमा करना होता है।
लखनपुर विकासखण्ड के ग्राम ईरगंवा निवासी कृषक लबेद सिंह ने बताया कि पहले वे अपनी 2.665 हेक्टेयर भूमि में केवल धान की खेती कर पाते थे, लेकिन सौर पंप लगवाने के बाद अब वे धान के साथ दलहन, तिलहन, सब्जियां, फलदार वृक्ष और फूलों की खेती भी कर रहे हैं। साथ ही मछली पालन से उनकी आय में और वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सौर सुजला योजना से उनका कृषि व्यवसाय मजबूत हुआ है और वे शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
सौर सुजला योजना की निरंतर प्रगति से सरगुजा सहित प्रदेश के अन्य जिलों में कृषि उत्पादन, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और दिशा मिल रही है।
 



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