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किसान

कलेक्टर एस. जयवर्धन ने धान खरीदी केंद्रों का किया निरीक्षण

30-Dec-2025
सूरजपुर, ।( शोर संदेश )   कलेक्टर एस. जयवर्धन द्वारा आज जिले के बतरा, सलका, करौटी ‘ब’ एवं चंद्रमेढ़ा स्थित धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खरीदी केंद्रों पर उपस्थित किसानों से सीधे संवाद कर धान खरीदी की व्यवस्था, सुविधा एवं प्रक्रिया की जानकारी ली।
कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सभी धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं, सुव्यवस्थित  एवं पारदर्शी खरीदी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा किसानों के हित में धान खरीदी कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु लगातार निगरानी एवं निरीक्षण किया जा रहा है।




 

धान उपार्जन केंद्रों की पारदर्शी व्यवस्था से किसानों को राहत, डिजिटल टोकन प्रणाली से धान विक्रय हुआ आसान

28-Dec-2025
रायपुर, । ( शोर संदेश )  प्रदेश में धान उपार्जन केंद्रों पर लागू पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत मिल रही है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली, त्वरित भुगतान और बेहतर प्रबंधन के कारण धान विक्रय की प्रक्रिया अब पूरी तरह सरल, सुगम और किसान-हितैषी बन गई है।
सरगुजा जिले सहित राज्य के विभिन्न जिलों में किसान ‘किसान तुंहर टोकन’ ऐप के माध्यम से घर बैठे टोकन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उन्हें उपार्जन केंद्रों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत भिट्ठी कला के किसान गुलाब राम राजवाड़े ने बताया कि इस वर्ष धान की उपज अच्छी हुई है और उनके पास कुल 109 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने डिजिटल माध्यम से 90.60 क्विंटल धान का पहला टोकन ऑनलाइन कटवाया।
किसान गुलाब राम राजवाड़े ने बताया कि धान विक्रय के मात्र 48 घंटे के भीतर समर्थन मूल्य की राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा हो गई, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली। उन्होंने बताया कि दूसरा टोकन भी 16 क्विंटल धान का मोबाइल के माध्यम से आसानी से कट गया और टोकन प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी या अन्य परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था के चलते समय, श्रम और व्यय की बचत हो रही है। टोकन के अनुसार जब वे उपार्जन केंद्र पहुंचे तो गेट पास जारी किया गया, नमी परीक्षण की प्रक्रिया त्वरित रूप से पूरी की गई तथा तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। धान विक्रय के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, बैठने और छांव जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
कृषक गुलाब राम राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों को धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है, जिससे किसानों को व्यापक आर्थिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्राप्त राशि का उपयोग वे कृषि उपकरण खरीदने, गेहूं, सब्जी एवं अन्य फसलों की खेती में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।
अंत में किसान गुलाब राम राजवाड़े ने धान खरीदी की वर्तमान व्यवस्था को अत्यंत सराहनीय बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से किसान वर्ग में संतोष और उत्साह का माहौल है।




 

महासमुंद जिले में तीन राइस मिलों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, हजारों बोरा जब्त

28-Dec-2025
महासमुंद। ( शोर संदेश ) जिले में धान के अवैध भंडारण, परिवहन और स्टॉक में गड़बड़ी के खिलाफ प्रशासन ने एक साथ बड़ी कार्रवाई की है। तीन अलग-अलग मामलों में राइस मिलों से हजारों बोरा धान और चावल जब्त किए गए हैं। 
सरायपाली में जांच टीम ने साईं राइस मिल का भौतिक सत्यापन किया। जांच में स्टॉक में गंभीर कमी सामने आई, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए मिल से 6,000 बोरा धान और 15,470 बोरा चावल जब्त कर लिया गया। इसी तरह बसना में टीम ने दो राइस मिलों पर दबिश दी। इस दौरान शिव शंकर राइस मिल से 287 बोरा और कामद राइस मिल से 407 बोरा अवैध धान जब्त किया गया। प्रशासन का कहना है कि जिले में धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जांच-पड़ताल का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निःशुल्क बिजली से छत्तीसगढ़ की खेती हुई आत्मनिर्भर

27-Dec-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )  कभी बिजली बिल का डर, कभी सिंचाई के लिए कर्ज, ये हालात अब छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों के लिए बीते कल की बात हो गए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित कृषक जीवन ज्योति योजना ने खेती की लागत घटाकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। 5 अश्वशक्ति तक के कृषि पंपों को निःशुल्क और रियायती बिजली ने खेतों तक खुशहाली पहुंचाई है। 
इस योजना के तहत 3 अश्वशक्ति तक के कृषि पंपों को 6000 यूनिट और 3 से 5 अश्वशक्ति के पंपों को 7500 यूनिट प्रति वर्ष तक बिजली बिल में छूट दी जा रही है। इसका सीधा फायदा यह हुआ कि किसानों को सिंचाई के लिए अलग से खर्च नहीं करना पड़ रहा है। नतीजतन फसलों की समय पर सिंचाई और उत्पादन में वृद्धि हुई है।
योजना की सबसे खास बात है फ्लैट रेट विकल्प। इस विकल्प को चुनने वाले किसानों को बिजली खपत की कोई सीमा नहीं है। उन्हें सिर्फ 100 रूपए प्रति अश्वशक्ति प्रति माह की दर से बिल का भुगतान करना होता है। वहीं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए बिजली खपत पर कोई सीमा है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को सीधी राहत मिली है।
राज्य शासन ने बीते दो वर्षों में इस योजना के लिए करीब 13 हजार 523 करोड़ रूपए का अनुदान दिया है। वर्तमान में प्रदेश के 8 लाख 41 हजार कृषि पंप उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले रहे हैं। वर्ष 2025-26 के लिए भी शासन ने 3500 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया है, जिससे योजना को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।
खेती की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए योजना में द्वितीय और अतिरिक्त पंपों के लिए भी सरल दरें तय की गई हैं। 5 अश्वशक्ति तक के द्वितीय पंप पर 200 रूपए प्रति अश्वशक्ति प्रतिमाह और तृतीय व अन्य पंपों के लिए 300 रूपए प्रति अश्वशक्ति प्रतिमाह की दर से भुगतान की सुविधा दी जा रही है। किसानों का कहना है कि पहले बिजली बिल के कारण खेती घाटे का सौदा लगती थी, लेकिन अब निःशुल्क बिजली से सिंचाई आसान हो गई है। इससे बची रकम वे बीज, खाद और आधुनिक तकनीक पर खर्च कर पा रहे हैं।
कृषक जीवन ज्योति योजना ने यह साबित कर दिया है कि सही नीति और प्रभावी क्रियान्वयन से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है। निःशुल्क बिजली के सहारे छत्तीसगढ़ के खेत आज सिर्फ फसल नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी भी उगा रहे हैं।
 

ग्राफ्टेड टमाटर की खेती से युवराज साहू को मिला दोगुना मुनाफा

27-Dec-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश ) टमाटर की ग्राफ्टिंग, पौधों की पैदावार बढ़ाने और जड़ प्रणाली से जुड़ी बीमारियों और विकारों के खतरे को कम करने का एक अच्छा तरीका है। इससे पौधों की मजबूती बढ़ती है, पैदावार अधिक होती है और जड़ों के ऊपरी हिस्से के गलने की समस्या भी खत्म हो जाती है । बलौदाबाज़ार-भाटापारा ज़िले में ग्राफ्टेड तकनीक से सब्ज़ियों की खेती के बेहतरीन परिणाम देखने को मिल रहे हैं । ज़िले के भाटापारा ब्लॉक के कृषक  युवराज साहू पिता श्री रामनारायण साहू ने ग्राफ्टेड टमाटर की खेती करके एक सीजन में करीब 3 लाख रूपए प्रति एकड़ की शुद्ध लाभ प्राप्त किया है।
युवराज साहू ने बताया पहले वो परंपरागत तरीके से टमाटर की खेती करते थे, तब पौधों के सूखने की समस्या और रोग की समस्या आती थी, जिसके कारण काफ़ी नुकसान भी होता था। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को नयी तकनीक से जोड़ने और सब्जी उत्पादन बढ़ाने की दिशा में यह प्रदर्शन सफल साबित हो रहा है। ग्राफ्टेड टमाटर में बीमारी का प्रकोप सामान्य खेती की तुलना में कम देखा गया है। साथ-साथ इसमें तीनों सीजन में उत्पादन प्राप्त होता है। कम पानी एवं मजदूरी लागत भी कम आती है। पौधे मजबूत होने से उत्पादन में सुधार हुआ है, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से लाभ मिल रहा है।
किसान ने बताया कि ग्राफ्टेड विधि से उपज होनी वाली इस टमाटर की खेती साल में 2 से 3 बार किया जा सकता हैं। वहीं सामान्य टमाटर की तरह की ये भी टमाटर होता हैं, इसका इस्तेमाल सब्जियों में अधिक होता हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अन्तर्गत किसानों को उद्यानिकी विभाग द्वारा  प्रति प्रदर्शन राशि रू. 30000 का अनुदान दिया जा रहा है। विभाग द्वारा जिले के 188 कृषकों का चयन कर उन्हें इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।





 

धान का सर्वाधिक मूल्य मिलने से किसानों की आय में हो रही वृद्धि

25-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )।  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अपने संकल्प के अनुसार राज्य के किसानों को प्रति क्विंटल के मान से धान का सर्वाधिक मूल्य 3100 रूपए दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। अम्बिकापुर जिले के ग्राम मुड़ेसा निवासी किसान अखिलेश कुमार शासन की पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित धान खरीदी व्यवस्था की सराहना की है।
अखिलेश कुमार ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से मोबाइल द्वारा घर बैठे ही धान विक्रय हेतु टोकन कटवाया, जिससे समय की बचत हुई और समिति कार्यालय के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़े। डिजिटल टोकन व्यवस्था से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं सुविधाजनक हुई है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्रों में नाप-तौल एवं खरीदी की व्यवस्था सुचारू है तथा किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। अखिलेश कुमार ने बताया कि गत वर्ष धान विक्रय कर उन्हें अच्छा लाभ प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने ट्रैक्टर की खरीदी की। इससे कृषि कार्यों में तेजी आई है और लागत में भी कमी हुई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान विक्रय कर अन्य कृषि उपकरण एवं आवश्यक संसाधन क्रय करने की योजना है।
किसान अखिलेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को धान का उचित एवं सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है और किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं और उनका जीवन स्तर निरंतर सुधर रहा है।
 

खेतों में अब सिर्फ धान नहीं, खुशबू भी उग रही है: पुष्प खेती से बदल रही किसानों की तकदीर

25-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ के खेतों में अब धान की फसल के साथ-साथ खुशबू और रंग भी लहलहाने लगे हैं। परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए प्रदेश के किसान तेजी से पुष्प खेती की ओर रुख कर रहे हैं। बीते दो वर्षों में राज्य में फूलों की खेती का रकबा 3405 हेक्टेयर बढ़ा है और उत्पादन 35 हजार 866 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। यह बदलाव न सिर्फ खेती के स्वरूप को बदल रहा है, बल्कि किसानों की आमदनी में भी नई खुशहाली घोल रहा है।
राज्य सरकार की फसल विविधिकरण नीति के तहत वर्तमान में पुष्प फसलों का कुल रकबा 12 हजार हेक्टेयर हो चुका है। किसान अब ग्लेडियोलस, रजनीगंधा और गेंदा जैसे फूलों की खेती कर रहे हैं, जिन्हें बाजार आसानी से मिल जाता है। मांग स्थिर होने के कारण फूल किसानों के लिए नगदी फसल बनते जा रहे हैं।
केंद्र परिवर्तित राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत पुष्प क्षेत्र विस्तार के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार से 2.50 लाख रुपए की इकाई लागत पर 40 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है, यानि किसानों को 20 हजार से एक लाख रुपए तक की सहायता सीधे मिल रही है। 
उद्यानिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्लेडियोलस और रजनीगंधा फूल की अधिकतम दो हेक्टेयर में खेती पर अनुदान की पत्रता का प्रावधान है, जो कि 2.5 लाख की इकाई लागत पर एक लाख रुपए है। राज्य में इस वर्ष 125 हेक्टेयर में ग्लेडियोलस तथा 50 हेक्टेयर में रजनीगंधा पुष्प की खेती का लक्ष्य रखा गया है। गेंदा फूल की खेती के लिए इस वर्ष 1200 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। इसकी खेती करने पर 50 हजार की लागत पर 20 हजार रुपए अनुदान का प्रावधान है। इस तरह राज्य में कुल 1375 हेक्टेयर क्षेत्र में पुष्प खेती के लिए सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्य में संरक्षित खेती के तहत पॉलीहाउस और शेडनेट में एंथुरियम, ऑर्किड, कार्नेशन, जरबेरा, गुलाब, क्राइसेंथिमम और लीलियम जैसे उच्च मूल्य वाले फूलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। एंथुरियम और ऑर्किड के लिए 4000 वर्गमीटर तक 1000 रुपए प्रति वर्गमीटर की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इसी तरह गुलाब, क्राइसेंथिमम और लीलियम पर 45 रुपए प्रति वर्गमीटर की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि पुष्प खेती किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को कृषि से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। सरकार अनुदान, तकनीक और बाजार की व्यवस्था कर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ फूलों की खेती का बड़ा केंद्र बनेगा। पुष्प खेती अब किसानों के लिए स्थायी आय का मजबूत साधन बन रही है। सरकारी प्रोत्साहन, बाजार की मांग और नई तकनीक के सहारे छत्तीसगढ़ के खेतों में फूलों की यह खुशबू दूर-दूर तक फैलने लगी है।
    

धान बिक्री से कृषक कामता चुकाएंगे अपना ऋण : 24 घंटे ऑनलाइन ‘तुंहर टोकन’ व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत

24-Dec-2025
रायपुर,।  ( शोर संदेश ) खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों की सुविधा और हितों को सर्वोपरि रखते हुए राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप आधारित 24 घंटे ऑनलाइन टोकन व्यवस्था जिले में सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत किसान अब घर बैठे, किसी भी समय धान बिक्री के लिए टोकन प्राप्त कर पा रहे हैं। इससे धान खरीदी प्रक्रिया न केवल पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम हुई है, बल्कि किसानों को लंबी कतारों और अनावश्यक इंतज़ार से भी राहत मिली है। मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन मिलने से किसानों का समय और संसाधन दोनों की बचत हो रही है।
इस नवाचारी व्यवस्था का लाभ खुड़मुड़ा निवासी किसान कामता प्रसाद सोनकर को मिला। उन्होंने घुघवा उपार्जन केंद्र में ‘तुंहर टोकन ऐप’ के माध्यम से धान बिक्री हेतु टोकन प्राप्त किया, जिसमें 63.20 क्विंटल धान की मात्रा दर्ज थी। केंद्र पर उनकी उपज की इलेक्ट्रॉनिक तौल सुचारू रूप से, बिना किसी परेशानी के संपन्न हुई।
जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में मोटा, पतला एवं सरना किस्म के धान की खरीदी नियमित रूप से जारी है। किसानों को पूरी पारदर्शिता के साथ उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए समर्थन मूल्य की दर सूची भी केंद्रों पर स्पष्ट रूप से चस्पा की गई है।
किसान कामता प्रसाद सोनकर ने बताया कि धान बिक्री से प्राप्त राशि से वे अपने कृषि संबंधी ऋण का भुगतान कर पाएंगे। उन्होंने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष धान खरीदी की प्रक्रिया अत्यंत सरल और सुविधाजनक बना दी गई है। 24 घंटे ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के चलते अब टोकन को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती और समय पर पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाती है। सुव्यवस्थित और पारदर्शी धान खरीदी प्रणाली से किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।

धान बिक्री से किसानों के सपने हो रहे साकार : अजय करेंगे भतीजे की शादी

24-Dec-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश )  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के धान उपार्जन केन्द्रों पर धान खरीदी का कार्य तेज़ी से जारी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है और वे अपने पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों को सहजता से पूरा कर पा रहे हैं।
अंबागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम गोपनीलचुवा निवासी किसान श्री अजय कुमार जुरेशिया ने बताया कि वे धान उपार्जन केन्द्र आड़ेझार में इस वर्ष 250 कट्टा धान की बिक्री के लिए पहुंचे। उनके पास 8 एकड़ कृषि भूमि है, जहाँ वे परंपरागत पद्धति से धान की खेती करते हैं। शासन द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी किए जाने से उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, वहीं बिक्री की राशि 24 घंटे के भीतर सीधे ऑनलाइन खाते में जमा हो रही है।
किसान अजय कुमार ने बताया कि इस वर्ष धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने भतीजे की शादी में करेंगे। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से शासन के प्रति किसानों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। प्राप्त राशि से वे न केवल घरेलू आवश्यकताओं को पूरा कर पा रहे हैं, बल्कि खेती-किसानी के कार्यों में भी निवेश कर पा रहे हैं।
उन्होंने उपार्जन केन्द्र पर की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए बताया कि पर्याप्त बारदाने की उपलब्धता, पारदर्शी इलेक्ट्रॉनिक तौल तथा डिजिटलीकृत भुगतान प्रणाली से धान बिक्री की प्रक्रिया सरल, तेज़ और सुविधाजनक हो गई है। अंत में उन्होंने किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।








 

सुशासन की नींव पर टिकी धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिला सम्मान, सुविधा और सही मूल्य

24-Dec-2025
रायपुर,( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन एवं किसान हितैषी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता, सुगमता एवं निर्बाध रूप से निरंतर जारी है। खेत से लेकर उपार्जन केंद्र तक किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। शासन द्वारा की गई बेहतर योजना, सर्वाधिक समर्थन मूल्य तथा सुदृढ़ व्यवस्थाओं के चलते किसानों में विश्वास और संतोष का वातावरण निर्मित हुआ है।
राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, सम्मानजनक प्रक्रिया तथा सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु प्रशासनिक अमले द्वारा सतत निरीक्षण किया जा रहा है, जिससे तौल, पंजीयन, भुगतान एवं अन्य प्रक्रियाएं समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हो रही हैं। उपार्जन केंद्रों पर किसानों के बैठने, छाया, पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
इसी क्रम में जिले के ग्राम तरदा निवासी कृषक गोवर्धन प्रसाद कैवर्त ने अपनी मेहनत की उपज 52 क्विंटल धान का विक्रय कनकी स्थित उपार्जन केंद्र में किया। कैवर्त के पास लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई “तुंहर टोकन” ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से उन्होंने घर बैठे ही टोकन प्राप्त कर लिया, जिससे उन्हें समिति कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े और समय की भी बचत हुई। यह डिजिटल व्यवस्था किसानों के लिए अत्यंत सुविधाजनक सिद्ध हो रही है।
कृषक कैवर्त ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष उन्होंने 105 क्विंटल धान का विक्रय किया था और उस समय भी उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया सरल, सुचारू एवं परेशानी मुक्त है। उपार्जन केंद्र पर पहुंचते ही तौल, पंजीयन एवं अन्य औपचारिकताएं सहजता से पूरी हो जाती हैं, जिससे किसानों को संतोष का अनुभव हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि शासन द्वारा घोषित सर्वाधिक समर्थन मूल्य किसानों के लिए आर्थिक संबल प्रदान कर रहा है। साथ ही, उपार्जन केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाएं और अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किसानों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार यह दर्शाता है कि शासन वास्तव में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। निरंतर निगरानी एवं व्यवस्था की पारदर्शिता के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार का संदेह या भय नहीं रहता।
कृषक गोवर्धन प्रसाद कैवर्त ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार में किसान स्वयं को सम्मानित, सुरक्षित और सशक्त महसूस कर रहे हैं। उन्होंने जिले में बेहतर धान खरीदी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन कोरबा की भी सराहना की और धन्यवाद ज्ञापित किया। उल्लेखनीय है कि जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ संचालित की जा रही है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ उनमें शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो रहा है।



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