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किसान

रबी फसलों के लिए फसल बीमा पोर्टल चालू, अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025

04-Dec-2025
रायपुर ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ शासन ने रबी मौसम 2025-26 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का पोर्टल चालू कर दिया है। यह योजना किसानों को प्रतिकूल मौसम, सूखा, बाढ़, जलभराव, कीट-व्याधि और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सुरक्षा कवच प्रदान करती है। पिछले वर्ष रबी सीजन में फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर जिले के 28,037 किसानों को 48 करोड़ 62 लाख रुपये की दावा राशि का भुगतान किया गया था। इस वर्ष जिले के 420 से अधिक अधिसूचित ग्रामों के किसान अपनी रबी फसलों का बीमा करवा सकते हैं। बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तय की गई है।
इस बार गेहूं सिंचित, गेहूं असिंचित, चना, अलसी और सरसों जैसी अधिसूचित फसलों का बीमा किया जा सकेगा। योजना में ऋणी, अऋणी, भू-धारक और बटाईदार सभी प्रकार के किसान शामिल हो सकते हैं। अधिसूचित ग्रामों में अधिसूचित फसल बोने वाला हर इच्छुक किसान इस योजना का लाभ उठा सकता है।
प्रीमियम दरों के अनुसार किसानों को प्रति हेक्टेयर गेहूं सिंचित के लिए 690 रुपये, गेहूं असिंचित के लिए 405 रुपये, चना के लिए 645 रुपये, अलसी के लिए 315 रुपये और सरसों के लिए 375 रुपये जमा करने होंगे।
किसान अपने निकटतम बैंक शाखा, ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, सेवा सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र या भारत सरकार के बीमा पोर्टल के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं। प्रशासन ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि अंतिम तिथि से पूर्व अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि, राजस्व, बैंक या बीमा कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
 

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने शिवप्रसाद नगर धान खरीदी केंद्र का किया औचक निरीक्षण

03-Dec-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शिवप्रसाद नगर स्थित धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने धान खरीदी की व्यवस्था, किसानों को दी जा रही सुविधाओं, मापक यंत्रों, तौल व्यवस्था तथा धान उपार्जन की संपूर्ण प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री राजवाड़े ने केंद्र में पहुंचे किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। किसानों ने उन्हें बताया कि धान खरीदी प्रक्रिया सुव्यवस्थित रूप से चल रही है और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। उन्होंने किसानों से समर्थन मूल्य, तुलाई की गति, बारदाने की उपलब्धता तथा परिवहन व्यवस्था को लेकर भी फीडबैक लिया।
मंत्री राजवाड़े कहा कि राज्य सरकार किसानों से समय पर और पारदर्शी तरीके से धान खरीदी के लिए कृतसंकल्पित है। किसानों की मेहनत और उत्पादन का उचित मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री राजवाड़े ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि केंद्र में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, कृषकगण और ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।





 

तकनीक बनी किसानों की ताकत: भीखमलाल ने बेचा 123 क्विंटल धान बिना किसी परेशानी

03-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) दुर्ग जिले के कुर्मीगुंडरा गांव के मेहनतकश किसान भीखमलाल वर्मा के लिए धान खरीदी का मौसम हमेशा उम्मीद और उत्साह लेकर आता है। खेतों में धूप हो या तेज़ बारिश, कीचड़ में घंटों खड़े रहकर की गई उनकी मेहनत का असली मूल्य इसी मौसम में मिलता है। किसानों के लिए धान खरीदी किसी त्योहार से कम नहीं होती क्योंकि इसी पर पूरे साल का घर‐परिवार, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की ज़रूरतें टिकी रहती हैं।
इस वर्ष भीखमलाल वर्मा ने तकनीक का लाभ उठाते हुए ऑनलाइन टोकन कटवाया और तय तारीख़ पर उपार्जन केन्द्र कुर्मीगुंडरा में पहुंचे। हाथों में टोकन लिए, उनके चेहरे पर संतोष और राहत साफ दिखाई दे रही थी क्योंकि वे जानते थे कि अब उनकी मेहनत का हर दाना समय पर और सुरक्षित तौला जाएगा।
उनके पास कुल 2.38 हेक्टेयर रकबा है, जिसके आधार पर उन्हें दो टोकन जारी हुए। निर्धारित समय पर पहुंचकर उन्होंने कुल 123 क्विंटल धान का विक्रय किया। खरीदी की प्रक्रिया सुगमता से पूरी हुई तो भीखमलाल के चेहरे पर चमकते संतोष ने मानो सारी थकान मिटा दी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि टोकन मिलते ही लगा कि अब सब काम बिना परेशानी के पूरा हो जाएगा। मेहनत की कीमत समय पर मिले, यही किसान की सबसे बड़ी खुशी है।
ऑनलाइन टोकन व्यवस्था ने न केवल उनके समय की बचत की, बल्कि खरीदी केंद्र में अनावश्यक भीड़ और इंतज़ार से भी मुक्ति दिलाई।भीखमलाल जैसे हजारों किसानों के लिए यह व्यवस्था अब उम्मीद, भरोसे और सुगमता का नया रास्ता बन चुकी है।






 

किसानों की सुविधा के लिए धान केंद्रों में छाया, पानी व मेडिकल किट—सरकार की पारदर्शी पहल सफल

03-Dec-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही पारदर्शी और किसान हितैषी धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों के चेहरे पर संतोष और भरोसे की नई चमक ला दी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के दौरान नारायणपुर जिले के 17 उपार्जन केंद्रों में बारदाना, छाया, पेयजल, मेडिकल किट जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। खरीदी प्रक्रिया को ज्यादा सहज और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसानों को अब लंबी कतारों और अनावश्यक प्रतीक्षा से मुक्ति मिल रही है। वहीं नोडल अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग के कारण किसानों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। धान विक्रय के बाद भुगतान भी दो दिनों के भीतर किसानों के खातों में अंतरित किया जा रहा है, जिससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा।
नारायणपुर जिले के माहका धान खरीदी केंद्र में अपना धान बेचने पहुंचे किसान नंद कुमार शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार की इस व्यवस्था की सराहना की। पाँच एकड़ खेत में इस वर्ष 60 क्विंटल धान का उत्पादन करने वाले शर्मा ने बताया कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मानक से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली ने प्रक्रिया को आसान बना दिया है और केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाएँ संतोषजनक हैं।
नंद कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग खेती-बाड़ी सुधार और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने में करने की बात कही।
केंद्र में मौजूद अन्य किसानों ने भी धान खरीदी की सुदृढ़ व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई कि ऐसी सुविधाएँ आने वाले वर्षों में भी जारी रहेंगी और सरकार के प्रयासों से किसानों का विश्वास निरंतर बढ़ता रहेगा।

किसानों की आय वृद्धि का नया युग—पीएम-आशा योजना से दलहन–तिलहन में आत्मनिर्भरता की राह

01-Dec-2025
रायपुर,( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री-अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना के तहत  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दलहन एवं तिलहन आत्मनिर्भरता मिशन की शुरुआत की गई, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने का लक्ष्य है। योजना का उद्देश्य कृषकों से दलहनी तथा तिलहनी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय करना है।
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम.आशा) एक व्यापक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करके लाभकारी मूल्य दिलाना है। इसमें तीन मुख्य घटक शामिल हैं: मूल्य समर्थन योजना (PSS), मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF), और मूल्य घाटा भुगतान योजना (PDPS) है । इसका मुख्य लक्ष्य किसानों की आय को बढ़ाना और उनकी आय के संरक्षण की दिशा में काम करना है। इस योजनांतर्गत राज्य में उत्पादित किये जाने वाली अरहर, उड़द एवं मसूर का शत् प्रतिशत उपार्जन तथा शेष फसलों यथा मूंगफली, सोयाबीन, मूंग, चना, सरसों का राज्य के उत्पादन का 25 प्रतिशत उपार्जन केन्द्र सरकार द्वारा अपनी प्रापण संस्थाओं (प्रोक्योरमेंट एजेंसीज) नाफेड तथा एनसीसीएफ के माध्यम से किया जायेगा। सबसे खास बात यह है कि सरकार न केवल दालों के उत्पादन को बढ़ाकर देश को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है, बल्कि किसानों की आमदनी को बढ़ाना चाहती है। 
सरकार चाहती है कि दाल उगाने वाले किसानों को उनकी मेहनत का पूरा पैसा मिले और उनकी फसल की समय पर खरीद की जा सके। इसी दिशा में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) शुरू किया गया है, जो किसानों की आर्थिक सुरक्षा को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस कदम है। इसके तहत किसानों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी की जाएगी। 
पीएम-आशा के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत जिले में 5 उपार्जन केन्द्रों  विकासखंड बलौदाबाजार जिले में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बलौदाबाजार, विकासखंड पलारी में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति अमेरा, विकासखंड भाटापारा में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति धुर्राबांधा, विकासखंड कसडोल में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति कसडोल, विकासखंड सिमगा में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सिमगा का नाम शासन द्वारा अधिसूचित किया गया है। 
योजनांतर्गत उपज विक्रय हेतु इच्छुक कृषक को अपना पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल पर कराना तथा समीपस्थ उपार्जन केन्द्र संबंधित का उल्लेख करना अनिवार्य है। पंजीयन के दौरान चिन्हित उपार्जन केन्द्र के चयन द्वारा विपणन किया जा सकता है। प्रत्येक अधिसूचित फसल की उपार्जन अवधि 90 दिवस निर्धारित होती है। इस योजना के माध्यम से न सिर्फ कृषक द्वारा उसके उत्पाद का उचित मूल्य पर विक्रय किया जा सकता है अपितु प्रतिस्पर्धा विकास के द्वारा बाजार में उपज का अधिक मूल्य भी प्राप्त हो सकता है। यह समस्त स्थिति फसल विविधिकरण के लिए अनुकूल परिस्थितियों निर्मित करने में भी सहायक हो सकती है।
 

सख्त मॉनिटरिंग का असर: धमतरी में धान खरीदी रफ्तार पकड़ रही है

30-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )।  धमतरी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन पूरी पारदर्शिता, सुगमता और मजबूत प्रशासनिक निगरानी के साथ सुचारू रूप से जारी है। जिले की 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित 100 उपार्जन केन्द्रों में कुल 1,27,851 किसानों द्वारा 1,19,541.09 हेक्टेयर रकबा पंजीकृत किया गया है, जिनमें 76,046 सीमांत, 49,493 लघु और 2,312 दीर्घ किसान शामिल हैं।
15 से 28 नवम्बर 2025 के बीच 17,580 किसानों से 81,704.52 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। खरीदी गई उपज का कुल मूल्य 193.86 करोड़ रुपये है, जिसका निर्वहन प्रतिदिन नियमित रूप से किसानों के खातों में किया जा रहा है।
जिले ने खरीदी व्यवस्था को मजबूत करने प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। अधिकारी हर सप्ताह स्थल निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानों के अनुकूल रहे।
अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर रोक के लिए राजस्व, कृषि, खाद्य, सहकारिता और मंडी विभाग का संयुक्त उड़नदस्ता दल सक्रिय है। उड़ीसा सीमा से सटे बोराई (घुटकेल), बांसपानी, बनरौद और सांकरा चेकपोस्ट पर 24×7 निगरानी की व्यवस्था की गई है।अब तक अवैध परिवहन/भंडारण के 28 प्रकरण दर्ज, कुल 1,253 मीट्रिक टन धान और दो वाहन जप्त किए गए हैं। कार्रवाई निरंतर जारी है।
विपणन वर्ष 2024-25 में अर्जित धान की मिलिंग हेतु जिले में 102 राइस मिलों का पंजीयन हुआ है। इनमें से 55 मिलों को 2,51,552 मीट्रिक टन धान उठाव की अनुमति दी गई है, जबकि 1,99,248 मीट्रिक टन का अनुबंध पूरा किया जा चुका है।
कलेक्टोरेट के कक्ष क्रमांक 11 में जिले का कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित है। अभी तक प्राप्त 17 में से 14 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष 3 पर कार्यवाही जारी है।इसके लिए
07722-232808 पर सम्पर्क किया जा सकता है। धमतरी जिला प्रशासन किसानों को सुविधा, सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ धान खरीदी उपलब्ध कराने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है।
















 

पीएम आशा योजना के तहत दलहन-तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीदी 1 दिसंबर से शुरू

30-Nov-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )। किसानों की आय में वृद्धि तथा दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा योजना) अंतर्गत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी के लिए व्यापक तैयारी की गई है। सहकारी समितियों के माध्यम से होने वाली इस खरीदी से किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। इसके लिए शासन ने अरहर, मूंग, उड़द, सोयाबीन, मूंगफली, सरसों, चना एवं मसूर की खरीदी हेतु निर्धारित तिथियाँ घोषित कर दी हैं।
अधिसूचना के अनुसार अरहर और सरसों की खरीदी 15 फरवरी से 15 मई 2026 तक, मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन की खरीदी 1 दिसम्बर से 28 फरवरी 2026 तक तथा चना व मसूर की खरीदी 1 मार्च से 30 मई तक की जाएगी। खरीदी कार्य के लिए नाफेड उपार्जन एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।
कृषि विभाग ने खरीफ और रबी दोनों मौसम में दलहन-तिलहन के उपार्जन को लेकर तैयारियाँ प्रारंभ कर दी हैं। फसलों के उपार्जन हेतु शासन द्वारा प्रति एकड़ अधिकतम उपार्जन सीमा निर्धारित की गई है। खरीदी का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को कृषि विभाग द्वारा संचालित एकीकृत किसान पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होगा। नाफेड द्वारा प्रदर्शित इस पंजीयन डेटा के आधार पर उपार्जन एवं भुगतान की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की जाएगी।
भारत सरकार तथा राज्य शासन द्वारा दलहन-तिलहन क्षेत्र के विस्तार के लिए यह महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिससे किसानों में उत्साह है। रबी मौसम में चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी से क्षेत्र में रबी फसलों का रकबा बढ़ने की संभावना है। इससे उन क्षेत्रों के किसानों को भी लाभ मिलेगा, जहां अब तक प्रमुख रूप से केवल खरीफ में धान की खेती की जाती थी। किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, नेशनल मिशन ऑन ऑयलसीड, द्वि-फसलीय क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम तथा आत्मा योजना के तहत अनुदान सहायता भी दी जा रही है। कृषि विभाग ने किसानों से अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर विक्रय करने की अपील की है।

किसानों की मेहनत को मिल रहा उचित मूल्य

29-Nov-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )   खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार के मंशानुरूप जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। जिले के 182 धान उपार्जन केन्द्रों में आज दिनांक तक 80 हजार 600 टन धान की खरीदी की जा चुकी है। बता दें कि जिले में धान खरीदी का अभी 40 दिन शेष है।
जिले के सभी धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी शुरू हो गई है। महासमुंद जिले के ग्राम बेलसोंडा धान उपार्जन केंद्र में विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी सुचारू और पारदर्शी तरीके से जारी है। अब तक इस केंद्र में 9,330.80 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है, जिसमें 2,346.80 क्विंटल मोटा धान तथा 6,984 क्विंटल सरना (पतला) धान शामिल है। किसानों की बढ़ती भागीदारी और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ खरीदी केंद्र की सफलता को दर्शाती हैं। बेलसोंडा के केंद्र प्रभारी ने बताया कि अधिकांश किसान पहले से ही ऑनलाइन टोकन कटवाकर निर्धारित समय पर धान लेकर केंद्र पहुंच रहे हैं। इससे खरीदी प्रक्रिया तेज़, सरल और भीड़मुक्त बनी हुई है।
यहां धान बेचने आए नांदगांव के किसान भूपेंद्र कुमार पटेल ने अपने 7 एकड़ खेत से उपजाया 80 क्विंटल धान बेचकर खरीदी प्रक्रिया पूरी की। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली से उन्हें केंद्र पर इंतजार नहीं करना पड़ा और पूरी प्रक्रिया सहज रही। इसी तरह नांदगांव की सतीश सोनी ने अपने 5 एकड़ खेत से उपजाए गए धान में से 28 क्विंटल धान बेलसोंडा केंद्र में बेचा। वे भी निर्धारित समय पर पहुंचीं और बिना किसी परेशानी के खरीदी प्रक्रिया संपन्न की।
घोड़ारी गांव के लघु कृषक पवन कुमार चक्रधारी ने 2 एकड कृषि भूमि पर अपनी मेहनत से उपजाएं 44.40 क्विंटल धान केंद्र में आसानी से विक्रय किया। छोटे किसान होने के बावजूद उन्होंने समय पर टोकन कटवा कर खरीदी का लाभ उठाया और सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना की। केंद्र प्रभारी ने बताया कि केंद्र में खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता और कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया के साथ किया जा रहा है।
टोकन की सुविधा नजदीकी सीएससी, मोबाइल ऐप व सहकारी समिति कार्यालय में उपलब्ध है। यहां बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। तौल, नमी की जांच और भुगतान प्रणाली पूरी तरह डिजिटाइज्ड है। किसानों को 72 घंटे के भीतर भुगतान सीधे बैंक खाते में जमा किया जा रहा है। बेलसोंडा केंद्र में सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के चलते किसानों का विश्वास और सहभागिता लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में और अधिक मात्रा में किसानों के धान की खरीदी होने की उम्मीद है।
 

बालोद में बड़ी कार्रवाई: 89.90 लाख मूल्य का 4585 क्विंटल अवैध धान जब्त

29-Nov-2025
बालोद  ( शोर संदेश )  जिले में धान की अवैध खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने के लिए संचालित जांच-पड़ताल अभियान के तहत अब तक जिले में 4585 क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 89 लाख 90 हजार रुपये है। इसका उद्देश्य केवल वास्तविक एवं पात्र कृषकों के वास्तविक रकबे के आधार पर ही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुनिश्चित करना है, साथ ही कोचियों, व्यापारियों तथा अवैध विक्रेताओं की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है।
28 नवंबर को कृषि उपज मंडी, खाद्य विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने डौंडी विकासखंड के ग्राम चिपरा में दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कार्रवाई की। इस दौरान फुटकर व्यापारी ऐशुराम जामड़े द्वारा अपने चचेरे भाई के घर में रखे गए 644 क्विंटल धान को जब्त किया गया, जिसकी कीमत 12 लाख 23 हजार 600 रुपये है। इसी प्रकार पवन कुमार सिन्हा द्वारा अपने परिचित के घर में रखे गए 40 क्विंटल धान को भी जब्त किया गया, जिसकी कीमत 88 हजार रुपये है।



 

मेहनत की फसल, सम्मान की कीमत

28-Nov-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )   छत्तीसगढ़ में किसानों की मेहनत अब उपार्जन केंद्रों में खुशियों के रूप में नजर आ रही है। खेतों में छह माह तक की अथक साधना, बीज से लेकर बालियों तक का सफर, आज अपने अनमोल मूल्य के रूप में किसानों को लौट रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान का क्रय 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर किया जा रहा है। इसका सकारात्मक प्रभाव किसानों की संतुष्टि, आत्मविश्वास और मुस्कान में स्पष्ट झलक रहा है।
नारायणपुर जिले के महावीर चौक निवासी किसान बाबूलाल देवांगन इसी सफलता के सजीव उदाहरण हैं। परंपरागत तरीकों से अपने 2 एकड़ कृषि भूमि में धान की खेती करने वाले देवांगन ने इस वर्ष उत्कृष्ट उपज प्राप्त की और माहका उपार्जन केंद्र में 40 क्विंटल धान बेचा। खेती में उनकी पत्नी का सहयोग और परिवार के चार बेटे-बहुओं का संयुक्त प्रयास उनकी खेती-किसानी की निरंतर प्रगति का आधार है।
देवांगन ने धान खरीदी प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि सरकार द्वारा समय पर खरीदी, सुविधाजनक व्यवस्था और उचित मूल्य प्रदान किए जाने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि धान बेचकर प्राप्त राशि से हम परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ खेती को और उन्नत बनाने की दिशा में कार्य करेंगे।
प्रदेश सरकार कृषि को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए किसानों के कठिन परिश्रम का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। समर्थन मूल्य पर सुगम और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों में आत्मसंतोष का संचार किया है। सरकार के इसी दूरदर्शी प्रयास ने बाबूलाल जैसे अनगिनत किसानों के चेहरों पर मुस्कान और जीवन में नई आशा का संचार किया है।
 



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