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सतर्क भारत, सुरक्षित भारत: अफवाहों से बचें और केवल तथ्यों पर भरोसा करें -पीएम मोदी

29-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से भारत के सामने आई चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से जागरुक रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हम सब मिलकर कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रम के 132 वें एपिसोड में देशवासियों से अपील करते हुए कहा, “वो जागरूक रहें, अफवाहों के बहकावे में ना आएं। सरकार की तरफ से जो आपको निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएं।”
उन्होंने कहा, “मुझे हर बार की तरह इस बार भी विश्वास है कि जैसे हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर बहुत ही हलचल भरा रहा है। हम सबको याद है कि पूरा विश्व भूतकाल में कोविड के कारण एक लंबे समय तक अनेक समस्याओं से गुजरा था। हम सभी की अपेक्षा थी कि कोरोना के संकट से निकलने के बाद दुनिया नए सिरे से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगी, लेकिन, दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार युद्ध और संघर्ष की परिस्थितियां बनती चली गईं।
पीएम मोदी ने युद्धग्रस्त क्षेत्र में भारतीयों की मदद के लिए खाड़ी देशों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है। हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं। मैं खाड़ी देशों का बहुत आभारी हूं, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहां पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं।

मन की बात: पीएम मोदी ने देशवासियों को दिए फिटनेस टिप्स, शुगर और तेल का इस्तेमाल कम करें

29-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में देशवासियों से फिटनेस को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जीवनशैली और खानपान में थोड़ा बदलाव करने से कई बीमारियों से बचाव में मदद मिल सकती है। इसके लिए खाने में शुगर व तेल की कटौती और रोजाना व्यायाम सबसे अहम है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में अब सौ दिनों से भी कम समय बचा है और पूरी दुनिया में योग के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अफ्रीका के जिबूती में अल्मीस नाम के शख्स अपने अरविंद योग सेंटर के जरिए योग को बढ़ावा दे रहे हैं। वहां वे कई जगहों पर लोगों को योग सिखाते हैं और इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर उनके एक कमेंट को लेकर हो रही चर्चाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर युवराज दुआ के पोस्ट पर उनके रिप्लाई को लेकर कई लोग कमेंट्स कर रहे थे। उन्होंने बताया कि युवराज ने उनसे आग्रह किया था कि वे उनके पिता को शुगर इनटेक कम करने के लिए कहें। पीएम मोदी ने खुशी जताते हुए कहा कि उनके अनुरोध का उनके पिता पर सकारात्मक असर पड़ा।
पीएम मोदी ने देशवासियों से भी अपील की कि वे शुगर इनटेक कम करें और खाने के तेल में 10 प्रतिशत की कटौती करें। उन्होंने बताया कि ये छोटे-छोटे बदलाव मोटापे और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों से बचाने में मददगार होंगे। प्रधानमंत्री का कहना है कि फिटनेस केवल व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे परिवार और समाज को भी लाभ मिलता है। उन्होंने लोगों से रोजाना योग, व्यायाम और संतुलित खानपान को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी।












 

‘मन की बात’: पीएम मोदी ने की गर्मियों में जल संरक्षण संकल्प को दोहराने की अपील

29-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ में जल संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 50 लाख वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं और 70 हजार अमृत सरोवर बनाए गए। इसके साथ ही पीएम ने त्रिपुरा के वांगमुन, छत्तीसगढ़ के कोरिया और तेलंगाना के मुधिगुंटा में गांवों के जल संकट से निपटने की प्रेरक प्रयासों का भी जिक्र किया।
पीएम मोदी ने कहा कि देश के कई हिस्सों में गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है। ये समय जल संरक्षण के अपने संकल्प को फिर से दोहराने का है। पिछले 11 वर्षों में ‘जल संचय अभियान’ ने लोगों को बहुत जागरूक बनाया है। इस अभियान के तहत देशभर में करीब 50 लाख आर्टिफिशियल वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाए गए हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे ये देखकर अच्छा लगता है कि अब जल संकट से निपटने के लिए गांव-गांव में सामुदायिक स्तर पर प्रयास होने लगे हैं। कहीं पुराने तालाबों की सफाई हो रही है, कहीं बरसात के जल को सहेजने के लिए प्रयास किया जा रहा हैं। अमृत सरोवर अभियान के तहत भी देशभर में करीब 70 हजार अमृत सरोवर बनाए गए हैं। बारिश का मौसम आने से पहले इन सरोवरों की साफ-सफाई भी शुरू हो गई है।”
पीएम मोदी ने बताया कि त्रिपुरा की जंपुई पहाड़ियों में बसा वांगमुन गांव 3000 फीट की ऊंचाई पर बसा है। ये गांव पानी के गंभीर संकट का सामना कर रहा था। गर्मियों के दिनों में गांव के लोग पानी के लिए लंबी दूरी तय करते थे। आखिरकार गांव के लोगों ने बारिश की हर बूंद को सहेजने का निर्णय किया। आज वांगमुन गांव के लगभग हर घर में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित हो गया है। जो गांव कभी पानी की कमी से जूझ रहा था, वो जल संरक्षण की एक प्रेरक मिसाल बन गया है।
उन्होंने बताया कि इसी तरह छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में भी एक अनोखी पहल देखने को मिली। यहां के किसानों ने एक सरल लेकिन प्रभावशाली आइडिया पर काम किया। यहां के किसानों ने अपने खेतों में छोटे-छोटे रिचार्ज तालाब और सोखता गड्ढे बनाएं जिससे बारिश का पानी खेतों में ही रुकने लगा और धीरे-धीरे वह जमीन के अंदर जाने लगा। आज इस क्षेत्र के 1200 से अधिक किसान इस मॉडल को अपना चुके हैं और गांव का ग्राउंड वाटर लेवल बहुत बेहतर हो गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी तरह तेलंगाना के मंचेरियाल जिले के मुधिगुंटा गांव में भी लोगों ने मिलकर पानी की समस्या दूर की है। गांव के 400 परिवारों ने अपने घरों में सोख गड्ढे बनाए और जल संरक्षण को जन-आंदोलन बना दिया। इससे गांव का ग्राउंड वाटर लेवल बेहतर हुआ है, साथ ही प्रदूषित पानी की वजह से होने वाली बीमारियां बहुत कम हो गई हैं।








 

भारतीय सेना के तोपखाने की बढ़ेगी ताकत, 300 देसी बोफोर्स ‘धनुष’ की खरीद के प्रस्ताव को डीएसी ने दी मंजूरी

28-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारतीय सेना अपने आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रही है। खास तौर पर आर्टिलरी की ताकत को स्वदेशी तकनीक के जरिये बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय सेना के लिए स्वदेशी धनुष गन सिस्टम की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में सेना के लिए कई अहम फैसले लिए गए। उन फैसलों में से एक थलसेना के लिए 300 स्वदेशी आर्टिलरी गन सिस्टम की खरीद भी शामिल है।
इस खरीद प्रक्रिया के पूरा होने के बाद भारतीय सेना के पास 15 से ज्यादा रेजिमेंट और हो जाएंगी। फिलहाल करीब 3 रेजिमेंट भारतीय सेना में शामिल हो चुकी हैं, जबकि 3 और रेजिमेंट आने वाले दिनों में शामिल हो जाएंगी। धनुष को देसी बोफोर्स भी कहा जाता है। 155 मिमी, 45 कैलिबर की धनुष तोप 40 किलोमीटर तक मार कर सकती है, जो कि बोफोर्स की 27 किलोमीटर की रेंज से ज्यादा है। इसका निर्माण गन कैरिज फैक्ट्री कर रही है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी इसकी तैनाती की गई थी और इसका इस्तेमाल किया गया था।
1999 में शुरू हुए सेना के आधुनिकीकरण योजना में आर्टिलरी तोपें सबसे अहम हिस्सा रही हैं, जिसमें साल 2027 तक 2800 तोपें भारतीय सेना में शामिल करने का लक्ष्य है। 155 मिमी की अलग-अलग कैलिबर की तोपें ली जानी हैं और इस दिशा में काम तेजी से जारी है। इस योजना के मुताबिक टोड तोपें, जिन्हें गाड़ियों के जरिए खींचा जाता है; ट्रक-माउंटेड गन, यानी गाड़ियों पर लगी तोपें; ट्रैक्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड और व्हील्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड गन; तथा अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपें शामिल हैं। इन अल्ट्रा-लाइट तोपों को हेलीकॉप्टर के जरिए उन पहाड़ी इलाकों तक पहुंचाया जा सकता है, जहां सड़कों के माध्यम से पहुंचना मुश्किल होता है।
इनमें से 145 एम-777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपें पहले ही शामिल की जा चुकी हैं। इसके अलावा 100 ट्रैक्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड गन के-9 वज्र भी सेना में शामिल हैं।





 

LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स को 350 से ज्यादा नोटिस जारी; 3,000 से ज्यादा छापेमारी,कई सिलेंडर जब्त: सरकार

28-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) सरकार ने गैस की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए सख्ती बढ़ा दी है और देश भर में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 350 से अधिक शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं। सरकार ने शुक्रवार को बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगातार कार्रवाई जारी है, जिसके तहत 3,000 से ज्यादा छापेमारी की गई है और 1,500 से अधिक एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने भी देश भर में 1,500 से अधिक रिटेल आउटलेट्स और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स पर अचानक निरीक्षण (सरप्राइज इंस्पेक्शन) किए हैं। यह जानकारी पश्चिम एशिया के हालात पर हुई अंतर-मंत्रालयी बैठक के बाद जारी बयान में दी गई।
सरकार ने कहा कि वह घरेलू एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है, साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों को भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाया गया है, बुकिंग के अंतराल में बदलाव किया गया है और सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर बांटा जा रहा है।
बयान में कहा गया है कि राज्यों को घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में मदद करने की सलाह दी गई है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें, अफवाहों से बचें।
सरकार ने लोगों को पीएनजी, इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है और रोजमर्रा के जीवन में ऊर्जा की बचत करने की अपील की है। सरकार ने यह भी कहा कि सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में कोई कमी नहीं है।
घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले दिन में, मध्य पूर्व संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर घटाई थी, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
सरकार ने डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपए प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर 29.5 रुपए प्रति लीटर का शुल्क भी लगाया है, ताकि घरेलू स्तर पर पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। इसके अलावा घरेलू रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्यात किए जाने वाले पेट्रोल का 50 प्रतिशत और डीजल का 30 प्रतिशत घरेलू बाजार में उपलब्ध कराएं, ताकि देश में ईंधन की कमी न हो।

 

पीएम मोदी आज जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का करेंगे उद्घाटन

28-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को उत्तर प्रदेश के जेवर में बहुप्रतीक्षित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे, जो भारत के विमानन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
पीएम मोदी का सुबह करीब 11:30 बजे जेवर, गौतम बुद्ध नगर पहुंचने का कार्यक्रम है, जहां वे टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे, जिसके बाद दोपहर में औपचारिक शुभारंभ होगा और एक सार्वजनिक संबोधन होगा, जिसमें परियोजना के महत्व और भविष्य की कार्ययोजना की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की तस्वीरें साझा करते हुए क्षेत्रीय संपर्क के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “एनसीआर की कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा! जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन कल होगा।”
उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी हवाई अड्डा परियोजना अब परिचालन शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, शनिवार को होने वाले भव्य उद्घाटन के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री के शनिवार को दोपहर के आसपास हवाई अड्डे का उद्घाटन करने के लिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। पूरे क्षेत्र को कई सुरक्षा क्षेत्रों में विभाजित किया गया है और प्रमुख स्थानों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
वहीं भारी भीड़ की आशंका को देखते हुए, अधिकारियों ने एक व्यापक यातायात प्रबंधन योजना भी लागू की है। शनिवार सुबह 7 बजे से लगभग 16 घंटे तक यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा एक्सप्रेसवे पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। वीआईपी की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने और आम जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा।
अधिकारियों ने यात्रियों से यातायात संबंधी निर्देशों का सख्ती से पालन करने और प्रतिबंधित अवधि के दौरान इन मार्गों पर गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया है। उद्घाटन समारोह और जनसभा में सुचारू भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उपस्थित लोगों के लिए विस्तृत दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।





 

पीएम मोदी ने राज्यों से प्राकृतिक गैस के कनेक्शनों का विस्तार करने में तेजी लाने को कहा

28-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से जैव ईंधन, सौर ऊर्जा, गोबरधन पहल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने और पाइप द्वारा प्राकृतिक गैस के कनेक्शनों का विस्तार करने में तेजी लाने का आग्रह किया है। उन्होंने राज्यों के सक्रिय सहयोग के साथ घरेलू स्तर पर तेल और प्राकृतिक गैस की खोज बढ़ाने के महत्व को भी रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के पश्चिम एशिया घटनाक्रम और भारत पर उसके संभावित प्रभाव के संदर्भ में तैयारियों की समीक्षा के लिए कल शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उप राज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक बैठक की। इस दौरान, पीएम मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों द्वारा दिए गए अहम सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि ये सुझाव उभरती स्थिति का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने भावी चुनौतियों से निपटने के लिए सतर्कता, तैयारियों और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास इस तरह के वैश्विक व्यवधान से निपटने का पहले का अनुभव है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान किए गए सामूहिक प्रयासों को याद किया, जब केंद्र और राज्यों ने “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर आपूर्ति शृंखलाओं, व्यापार और दैनिक जीवन पर प्रभाव को कम करने के लिए काम किया। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि यही सहयोग और समन्वय की भावना वर्तमान परिस्थितियों से निपटने में भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हालात लगातार बदल रहे है, जिसके लिए निरंतर निगरानी और अनुकूल रणनीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 3 मार्च से एक अंतर-मंत्रालयी समूह सक्रिय है, जो दैनिक आधार पर स्थिति की समीक्षा कर रहा है और समय पर निर्णय ले रहा है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग एवं आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूती प्रदान करना है।
राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्णयों का प्रभावी कार्यान्वयन राज्य स्तर पर ही होता है। उन्होंने त्वरित और सुव्यवस्थित प्रतिक्रिया के लिए केंद्र और राज्यों के बीच निरंतर संवाद और समन्वय, समय पर जानकारी साझा करने और संयुक्त निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने राज्यों से आपूर्ति शृंखलाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने तथा जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ कड़े कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने व्यवधानों को रोकने के लिए राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय करने और प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विशेष रूप से उर्वरक के भंडारण और वितरण की निगरानी सहित कृषि क्षेत्र में पूर्वनियोजन की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि आगामी खरीफ मौसम में किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
पीएम मोदी ने गलत सूचना के प्रसार और अफवाहों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी देते हुए कहा कि समय पर सटीक और विश्वसनीय जानकारी का प्रसार भय फैलने से रोकने के लिए आवश्यक है। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी और नकली एजेंटों के प्रति भी सतर्क रहने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने नौवहन, आवश्यक आपूर्तियों और समुद्री संचालन से जुड़ी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए सीमावर्ती और तटीय राज्यों पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया
उन्होंने जनता का विश्वास बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के संबंध में आश्वासन नागरिकों में अनावश्यक भय फैलने से रोकने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिन राज्यों के नागरिक पश्चिम एशिया में हैं, वे प्रभावित परिवारों की सहायता और समय पर जानकारी के प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए हेल्पलाइन सक्रिय करें, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करें और जिला स्तर पर सहायता प्रणाली स्थापित करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक और आपूर्ति प्रणालियों को मजबूत करने की दिशा में हाल के वर्षों में लिए किए गए प्रयास वर्तमान परिस्थितियों में लाभकारी साबित हो रहे हैं। उन्होंने उद्योग और एमएसएमई के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने का आह्वान किया, ताकि उनकी चिंताओं का समाधान हो और उत्पादन व रोजगार में स्थिरता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जिनमें मुख्य सचिवों के स्तर पर नियमित समीक्षा और जिला स्तर पर निरंतर निगरानी शामिल है, ताकि बदलती परिस्थितियों का त्वरित और प्रभावी जवाब दिया जा सके।
वहीं राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने इस संकट के दौरान भारतीय नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए कूटनीतिक प्रयासों की भी प्रशंसा की। सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि स्थिति स्थिर बनी हुई है, पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है, और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी तंत्र मौजूद हैं।
उन्होंने ईंधन पर उत्पाद शुल्क घटाने के निर्णय का व्यापक रूप से स्वागत करते हुए कहा कि इससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच नागरिकों को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी। मुख्यमंत्रियों ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को संकट से पहले के 50% स्‍तर से बढ़ाकर 70% करने के निर्णय का भी स्वागत किया।
 

रूस 1 अप्रैल से स्थानीय उत्पादनकर्ताओं के गैसोलीन एक्सपोर्ट पर लगाएगा बैन

28-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) मध्य पूर्व संकट के बीच रूस 1 अप्रैल से घरेलू प्रोड्यूसर्स द्वारा गैसोलीन एक्सपोर्ट पर बैन लगाएगा। रूस के सरकारी बयान के अनुसार, उपप्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने शुक्रवार को यह बात कही। यह बैन 31 जुलाई तक लागू रहेगा।
रूस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि डिप्टी पीएम नोवाक ने ऊर्जा मंत्री, फेडरल एंटीमोनोपॉली सर्विस, सेंट पीटर्सबर्ग एक्सचेंज और उद्योग कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक में स्थिति की समीक्षा और चर्चा के बाद यह कदम उठाया गया है।
सरकारी न्यूज एजेंसी टास ने इस मामले से जुड़े दो सूत्रों के हवाले से बताया कि रूस के इस कदम का मकसद घरेलू फ्यूल की कीमतों को स्थिर करना है। मीटिंग के दौरान, नोवाक ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट मार्केट में इन-दिनों उथल-पुथल मचा हुआ है। इसके बावजूद, विदेशी बाजार में रूसी ऊर्जा संसाधनों की ज्यादा डिमांड एक सकारात्मक फैक्टर बनी हुई है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ऑयल रिफाइनिंग वॉल्यूम मार्च 2025 के स्तर पर बना हुआ है, जिससे पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई स्थिर रहेगी। औद्योगिक कंपनियों ने घरेलू डिमांड को पूरा करने के लिए काफी गैसोलीन और डीजल रिजर्व, साथ ही रिफाइनरी क्षमता के ज्यादा इस्तेमाल की पुष्टि की है।
बता दें, होर्मुज स्ट्रेट से आम तौर पर 20 मिलियन बैरल तेल गुजरता है। हालांकि, ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका के संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग में काफी परेशानी आ रही है। हालात को देखते हुए होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग कॉस्ट भी बढ़ा दी गई है। इसका असर वैश्विक स्तर पर दिखई दे रहा है। ग्लोबल ऑयल की कीमतें बढ़ गई हैं।
यूएन ने जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए यूएन के टॉप लॉजिस्टिक्स अधिकारी जॉर्ज मोरेरा दा सिल्वा के नेतृत्व में एक नई टास्क फोर्स बनाई है।
न्यूयॉर्क में ईरान के यूएन दूत, अली बहरीनी, ने शुक्रवार को कहा कि तेहरान ने संयुक्त राष्ट्र की अपील मान ली है कि मानवीय शिपमेंट के सुरक्षित रास्ते को और तेज करने में मदद की जाए। यूएन के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि अगर यह पहल सफल होती है, तो इससे देशों में “संघर्ष के लिए डिप्लोमैटिक तरीके में भरोसा बनाने में भी मदद मिल सकती है और यह एक बड़े राजनीतिक समाधान की दिशा में एक अहम कदम होगा। 
 

पीएम मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का किया उद्घाटन

28-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण (फेज-1) का उद्घाटन कर दिया है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रा करना आसान हो जाएगा, साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। करीब 11,200 करोड़ रुपए की लागत से बने इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) द्वारा विकसित और संचालित किया जा रहा है, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है। इस प्रोजेक्ट में केंद्र और राज्य सरकार की भी भागीदारी है।
यमुना एक्सप्रेसवे के पास स्थित यह एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का दूसरा सिविल एयरपोर्ट है और भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। इस एयरपोर्ट को मार्च 2026 में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से एयरोड्रोम लाइसेंस मिल चुका है, जिसमें ‘ऑल वेदर ऑपरेशन’ की अनुमति दी गई है। इसका मतलब है कि यहां आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, रनवे लाइटिंग और एयर ट्रैफिक सिस्टम मौजूद हैं, जिससे कम दृश्यता में भी विमान आसानी से उड़ान भर और उतर सकेंगे।
एयरपोर्ट की शुरुआती क्षमता सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की है, जिसे आगे चलकर 7 करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है। पहले चरण में 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जो बड़े विमानों (वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट) को संभाल सकता है। इस रनवे के दोनों सिरों पर आईएलएस सिस्टम लगाया गया है, जिससे विमान हवा की दिशा के अनुसार किसी भी तरफ से लैंड कर सकते हैं।रनवे के साथ आधुनिक लाइटिंग सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे रात और खराब मौसम में भी उड़ान संचालन सुचारू रूप से हो सके।
इसके अलावा, यह एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट होगा जहां इन-हाउस मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा होगी। यहां कार्गो हैंडलिंग की क्षमता भी काफी बड़ी है, जो सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा माल संभाल सकेगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एनसीआर के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गेटवे के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे देश और विदेश के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और भारत के एविएशन सेक्टर को मजबूती मिलेगी। यह एयरपोर्ट मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में भी विकसित किया जा रहा है, जहां सड़क, रेल, मेट्रो और अन्य परिवहन सेवाओं का बेहतर तालमेल होगा, जिससे यात्रियों और माल ढुलाई दोनों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी।
इसके साथ ही जानकारी के लिए बता दें कि एक्सप्रेस-वे प्रदेश, सर्वाधिक मेट्रो संचालित प्रदेश, सर्वप्रथम रैपिड-रेल संचालित करने वाले प्रदेश के साथ-साथ पहले इनलैंड वाटर-वे वाला यूपी आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ अब सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू एयरपोर्ट्स का गौरवशाली प्रदेश है।



 

ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती से राहत, अमित शाह ने पीएम मोदी का जताया आभार

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के फैसले के लिए नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इस निर्णय को आम जनता के लिए बड़ी राहत बताया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया संकट के चलते दुनिया के कई देश ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में भारत सरकार का यह फैसला नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
उन्होंने कहा कि जहां कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं, वहीं भारत में एक्साइज ड्यूटी में कटौती सरकार की जन-केंद्रित और संवेदनशील नीति को दर्शाती है।
गृह मंत्री ने संकेत दिया कि इस फैसले से आम लोगों को महंगाई के दबाव से कुछ राहत मिलेगी और ईंधन की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
 


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