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प्रधानमंत्री मोदी ने असम की संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहुंचाया : अमित शाह

07-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को हैलाकांडी जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए असम की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार की पहल पर प्रकाश डाला और कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने असम के सांस्कृतिक प्रतीकों को वैश्विक मंच पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के शासनकाल में असम की पारंपरिक ‘गमोचा’ को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है। राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस नेता ने ‘गमोचा’ पहनने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नई दिल्ली में एक भव्य प्रतिमा स्थापित करके अहोम सेनापति लचित बोरफुकन की विरासत का सम्मान किया है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि उनकी वीरता को विश्व स्तर पर मान्यता मिले।
चाय बागान श्रमिकों के भूमि अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने 707 चाय बागानों में लगभग 3.5 लाख परिवारों को भूमि स्वामित्व पट्टे प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 20 जिलों के 106 बागानों में यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। इस कदम का उद्देश्य चाय बागान समुदायों को सशक्त बनाना है। गृह मंत्री ने तीन तलाक को समाप्त करने सहित कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों पर भी जोर दिया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इसका विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि असम सरकार ने शिक्षा सुधारों के तहत 402 मदरसों को प्राथमिक विद्यालयों में परिवर्तित कर दिया है। यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) का समर्थन करते हुए शाह ने कहा कि यह बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाकर समानता सुनिश्चित करेगा। उन्होंने मतदाताओं से आगामी चुनावों में भाजपा का समर्थन करने का आग्रह किया ताकि राज्य में यूसीसी को लागू किया जा सके।
कल्याणकारी मोर्चे पर शाह ने किसानों को अधिक वित्तीय सहायता देने का वादा किया और कहा कि वार्षिक सहायता राशि 6,000 रुपए से बढ़ाकर 11,000 रुपए कर दी जाएगी। उन्होंने 10,000 किसानों के लिए ट्रैक्टर खरीद पर सब्सिडी की भी घोषणा की और धान, मक्का और सरसों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का आश्वासन दिया।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने वादा किया कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में वापस आती है, तो गरीब बच्चों को किंडरगार्टन से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक मुफ्त शिक्षा, मुफ्त चावल वितरण, रियायती दरों पर आवश्यक वस्तुएं और महिलाओं के लिए 3,000 रुपए का मासिक प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रदान किया जाएगा।
इससे पहले मंगलवार को उन्होंने असम के श्रीभूमि जिले के पथारकंडी में एक विशाल चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि केवल भाजपा ही राज्य को अवैध घुसपैठ से बचा सकती है और इसकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित कर सकती है। शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने घुसपैठियों की पहचान कर ली है और पार्टी के सत्ता में वापस आने पर उन्हें एक-एक करके बाहर निकालने का वादा किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध प्रवासी स्थानीय युवाओं, गरीब परिवारों और चाय बागान श्रमिकों के लिए निर्धारित नौकरियां, राशन लाभ और मजदूरी छीन रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया, “असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में भाजपा-एनडीए सरकारों के साथ घुसपैठ पूरी तरह से रुक जाएगी।”

 

भाजपा का स्थापना दिवस केवल उत्सव नहीं, संकल्प का दिन: नितिन नबीन

06-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार को पार्टी कार्यालय में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
नितिन नबीन ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला स्थापना दिवस है, जिसे कार्यकर्ताओं के साथ मनाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि पार्टी की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ताओं में निहित है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान उन्हें चांदनी चौक जिले के कार्यकर्ताओं के साथ काम करने का अवसर मिला था और आज उन्हीं के बीच उपस्थित होना उनके लिए भावनात्मक क्षण है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भाजपा का स्थापना दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि संकल्प का दिन है, जब कार्यकर्ता पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने का प्रण लेते हैं।
नितिन नबीन ने पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भाजपा की आज की मजबूत स्थिति लाखों कार्यकर्ताओं के समर्पण और त्याग का परिणाम है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1980 में पार्टी की स्थापना हुई, लेकिन इसकी वैचारिक जड़ें भारतीय जनसंघ से जुड़ी हैं, जिसने राष्ट्रवाद की भावना को मजबूती दी।
प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने 6 अप्रैल को भारतीय राजनीति के लिए ऐतिहासिक दिवस बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व ने पार्टी की मजबूत नींव रखी, जिसके चलते आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन सकी है।
कार्यक्रम में सह संगठन मंत्री प्रकाश ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि पार्टी लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है और हाल ही में कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य कार्यकर्ताओं में वैचारिक प्रतिबद्धता बढ़ाना और उनकी कार्यशैली को और प्रभावी बनाना है।
कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने “विकसित भारत” के संकल्प को दोहराया और पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने का प्रण लिया। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। 

सत्ता नहीं, संस्कार की है भाजपा की विकास यात्रा: मुख्यमंत्री योगी

06-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित हिंदू सेवाश्रम भवन की छत पर पार्टी का ध्वज फहराया। इस मौके पर उन्होंने पदाधिकारियों के साथ झंडे के सामने सेल्फी ली और सभी को स्थापना दिवस की बधाई व शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया और उनके योगदान की सराहना की।
सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें।” उन्होंने अपने संदेश में कहा कि दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल भाजपा ने ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के मंत्र के साथ ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की विकास यात्रा सत्ता की नहीं, बल्कि संस्कार की है। यह विस्तार की नहीं, बल्कि विचार की यात्रा है। उन्होंने ‘अंत्योदय से राष्ट्रोदय’ के संकल्प को पार्टी की मूल भावना बताते हुए कहा कि भाजपा ने हमेशा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के उत्थान को प्राथमिकता दी है।
सीएम योगी ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल बिहारी वाजपेयी के लोकतांत्रिक आदर्शों और सनातनी जीवन मूल्यों से प्रेरित एक जीवंत विचार परंपरा है।
उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से प्रेरित यह संगठन आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है, जो सेवा, संस्कार और समर्पण के जरिए 145 करोड़ देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं को नई ऊर्जा दे रहा है।
गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद रवि किशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह सहित कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। 
 

भाजपा स्थापना दिवस पर पीएम मोदी बोले—यूसीसी और वन नेशन-वन इलेक्शन हमारा अगला मिशन

06-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) और ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ पार्टी का अगला मिशन होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसा राजनीतिक दल है, जहां कार्यकर्ता पार्टी को अपनी मां मानते हैं। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनात्मक अवसर होता है, जो कार्यकर्ताओं को राष्ट्रसेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का मौका देता है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज भाजपा जिस शिखर पर है, उसके पीछे लाखों कार्यकर्ताओं का तप, त्याग और समर्पण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की भूमिका को पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि यही समर्पण संगठन को लगातार आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने आचरण से देश की राजनीति में ‘राष्ट्र प्रथम’ का सिद्धांत स्थापित किया है। नीयत, नीति और निष्ठा के आधार पर पार्टी ने अपनी लंबी यात्रा तय की है और सेवा आधारित राजनीति को मजबूत किया है।
प्रधानमंत्री ने 1984 के दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस को भारी बहुमत मिला था, लेकिन जनता का विश्वास धीरे-धीरे भाजपा की ओर बढ़ता गया। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में दो धाराएं स्पष्ट हुईं—एक सत्ता आधारित राजनीति और दूसरी सेवा आधारित राजनीति, जिसमें भाजपा ने अपनी अलग पहचान बनाई।
पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनमें तीन तलाक पर रोक, सीएए, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, नए संसद भवन का निर्माण और गरीबों के लिए 10% आरक्षण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी फैसले ईमानदार प्रयासों का परिणाम हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी अब अपने अगले मिशन—यूसीसी और ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’—पर आगे बढ़ेगी। साथ ही बदलती तकनीक के दौर में खुद को ढालने और नए लक्ष्यों पर काम करने की जरूरत पर भी बल दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यकर्ताओं के समर्पण से यह लक्ष्य जरूर हासिल होगा। 

अराघची ने बुशहर प्लांट के पास अमेरिकी-इजरायली हमले की निंदा की, खतरनाक नतीजों की दी चेतावनी

05-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास अमेरिका-इजरायल हमले की निंदा की और पश्चिम एशिया इलाके के लिए इसके खतरनाक नतीजों की चेतावनी दी। इससे पहले, तेहरान ने पुष्टि की कि शनिवार सुबह ईरान के इकलौते ऑपरेशनल न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा, जिसमें एक सुरक्षा कर्मी की मौत हो गई और साइट पर एक बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से यह चौथा ऐसा हमला था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, अराघची ने कहा, “इजरायल-अमेरिका ने अब तक हमारे बुशहर प्लांट पर चार बार बमबारी की है। रेडियोएक्टिव फॉलआउट जीसीसी की राजधानियों में जिंदगी खत्म कर देगा, तेहरान में नहीं।” ईरान की सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, स्ट्राइक से प्लांट में ऑपरेशन में कोई रुकावट नहीं आई, क्योंकि इसके मुख्य हिस्से सही-सलामत हैं।
इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने कहा कि स्ट्राइक के बाद रेडिएशन स्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। आईएईए के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और जोर दिया कि न्यूक्लियर पावर प्लांट की जगहों या आस-पास के इलाकों पर “कभी भी हमला नहीं होना चाहिए।” उन्होंने न्यूक्लियर हादसे के खतरे से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा सैन्य नियंत्रण रखने की अपील की।
सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि ईरान के दक्षिण-पश्चिमी खुजेस्तान प्रांत में कई पेट्रोकेमिकल कंपनियों पर यूएस-इजरायली हमलों में कम से कम पांच लोग घायल हो गए। अराघची ने कहा कि तेहरान पर थोपे गए अमेरिकी और इजरायली संघर्ष के “पक्के और हमेशा के लिए” खत्म होने की शर्तें सुनिश्चित करना चाहता है।
ईरान की आईआरजीसी नौसेना ने कहा कि उसने इजरायल से जुड़े एक जहाज पर ड्रोन से हमला किया, जिससे उसमें आग लग गई। इस बीच, अपने आधिकारिक न्यूज आउटलेट सेपा न्यूज पर एक बयान में, आईआरजीसी ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उसकी सेना ने बहरीन के एक पोर्ट पर इजरायल के मालिकाना हक वाले एक कमर्शियल जहाज को निशाना बनाया था।
यह घटना 28 फरवरी से ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त एयर स्ट्राइक के बाद बढ़े हुए क्षेत्रीय तनाव के बीच हुआ। वहीं अमेरिका और इजरायल के इस हमले के जवाब में ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने पूरे मिडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिका की संपत्तियों और बेस पर हमले किए।
 

केरल चुनाव: बेपोर में अमित शाह के रोड शो से उत्साहित जनता बोली, हम चाहते हैं बदलाव

05-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केरल विधानसभा चुनाव में एनडीए उम्मीदवार केपी प्रकाश बाबू के समर्थन में रोड शो के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को बेपोर पहुंचे। इस रोड शो को लेकर स्थानीय लोगों और भाजपा समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यह रोड शो मथोट्टम बिजिथ जंक्शन से शुरू होकर नदुवट्टम और पेराचनंगड़ी जैसे प्रमुख इलाकों से गुजरेगा। यह कार्यक्रम 9 अप्रैल को होने वाले केरल विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के चुनाव प्रचार अभियान का अहम हिस्सा है।
रोड शो से पहले ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटने लगे हैं। एक स्थानीय निवासी ने आईएएनएस से कहा, “हमारे नेता अमित शाह के लिए यहां बहुत लोग इकट्ठा हुए हैं। हम बहुत खुश हैं।” वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “हम बदलाव चाहते हैं और चाहते हैं कि यहां भाजपा की सरकार बने। अमित शाह के आने को लेकर हम उत्साहित हैं।”
एक भाजपा समर्थक ने दावा किया, “इस बार हर सीट भाजपा को मिलेगी। हम बदलाव चाहते हैं और हमारा समर्थन अमित शाह के साथ है।” एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने भी उम्मीद जताई कि इस बार राज्य में भाजपा की सरकार बने और शीर्ष नेतृत्व का दौरा इस दिशा में अहम साबित होगा।
रोड शो को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
इससे पहले कल शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के तिरुवल्ला में एक जनसभा को संबोधित किया था। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत ‘जय केरलम! जय विकसित केरलम!’ के नारों के साथ की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केरल में एनडीए के प्रति लोगों का बढ़ता विश्वास साफ नजर आ रहा है। उन्होंने खासतौर पर महिलाओं के समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार राज्य का माहौल बदला हुआ दिख रहा है और यह एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है।



 

आर्टेमिस II मिशन का चौथा दिन : मैनुअल पायलटिंग का सफल प्रदर्शन, फ्लाईबाई की तैयारी में जुटे एस्ट्रोनॉट्स

05-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के आर्टेमिस II मिशन के चौथे दिन क्रू सदस्यों ने ओरियन यान में मैनुअल पायलटिंग का सफल प्रदर्शन पूरा कर लिया। यह मिशन चंद्रमा के चारों ओर घूमकर वापस पृथ्वी लौटने का परीक्षण है। क्रू ने मून फ्लाईबाई की योजना की भी समीक्षा की।
नासा की एस्ट्रोनॉट क्रिस्टीना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसेन ने बारी-बारी से ओरियन यान को नियंत्रित किया। 41 मिनट तक उन्होंने दो अलग-अलग थ्रस्टर मोड का परीक्षण किया। इस परीक्षण से इंजीनियर्स को यान की पायलटिंग क्षमताओं के बारे में ज्यादा जानकारी मिली। सोमवार, 6 अप्रैल को अपने छह घंटे के फ्लाईबाई के दौरान वे तस्वीरें लेंगे और विश्लेषण करेंगे। फ्लाईबाई की अवधि 6 अप्रैल को दोपहर 2:45 बजे शुरू होगी।
मिशन कमांडर रीड वाइसमैन और पायलट विक्टर ग्लोवर इस प्रदर्शन को उड़ान के आठवें दिन यानी 9 अप्रैल को दोहराएंगे। इससे जमीनी टीम को यान के प्रदर्शन के विभिन्न पहलुओं की बेहतर समझ मिल सकेगी।
क्रू ने चंद्र विज्ञान टीम द्वारा भेजी गई चंद्रमा की सतह की विशेषताओं की सूची की समीक्षा की। अब सोमवार 6 अप्रैल को छह घंटे की चंद्र फ्लाईबाई के दौरान वे इन स्थानों की तस्वीरें लेंगे और उनका विश्लेषण करेंगे। फ्लाईबाई दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से शुरू होगी, इस दौरान ओरियन यान की मुख्य खिड़कियां चंद्रमा की ओर होंगी। इससे पहले क्रू ने ओरियन यान के सौर पैनल कैमरों का उपयोग करके कुछ सेल्फी लीं। ये तस्वीरें आने वाले दिनों में पृथ्वी पर भेजी जाएंगी।
आर्टेमिस II मिशन अपोलो के बाद पहली बार मानवयुक्त यान को चंद्रमा के पास ले जाने वाला है। चार सदस्यीय दल में रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। मिशन का उद्देश्य ओरियन यान की गहरे अंतरिक्ष में क्षमताओं का परीक्षण करना है, ताकि भविष्य में चंद्रमा पर मानव बस्ती बसाने की तैयारी हो सके।
आज 5 अप्रैल मिशन के पांचवें दिन तक धरती के गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव की वजह से कैप्सूल की रफ्तार धीमी हो जाएगी। जैसे ही यह चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में दाखिल होगा, इसकी गति फिर से बढ़ने लगेगी और चांद की ओर तेजी से बढ़ने लगेगा।

भारत के समुद्री क्षेत्र की अपार क्षमता का पूरा उपयोग करेंगे : पीएम मोदी

05-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पीएम मोदी’नेशनल मेरीटाइम डे’ के अवसर पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों के योगदान को सराहा।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह दिन भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को याद करने और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के अमूल्य योगदान को सम्मान देने का अवसर है। समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों की मेहनत और समर्पण देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और कनेक्टिविटी को मजबूत बनाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत अपने समुद्री क्षेत्र की अपार संभावनाओं का उपयोग कर एक समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ता रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो संदेश भी साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा, “21वीं सदी में, भारत का समुद्री क्षेत्र तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। हमने सदियों पुराने औपनिवेशिक शिपिंग कानूनों की जगह 21वीं सदी के आधुनिक और भविष्योन्मुखी कानून लागू किए हैं। ये नए कानून राज्य समुद्री बोर्डों को सशक्त बनाते हैं, सुरक्षा और स्थिरता को मज़बूत करते हैं, और बंदरगाह प्रबंधन को डिजिटल बनाते हैं।”
उन्होंने बताया कि ‘मैरीटाइम इंडिया’ विज़न के तहत 150 से ज्यादा पहलें शुरू की गई हैं, जिसके बाद बड़े बंदरगाहों की क्षमता दोगुनी हो गई है, टर्नअराउंड समय कम हो गया है और क्रूज़ पर्यटन में तेजी आई है।
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर भारत के समुद्री क्षेत्र के कर्मियों को मेरी शुभकामनाएं।” उन्होंने कहा, “शांति के समय हो या मुश्किलों भरे दौर में, देश के विकास को आगे बढ़ाने में आपके पेशेवरपन और साहस ने अहम भूमिका निभाई है। देश आपकी निष्ठा को सलाम करता है।”
वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस मौके पर देश के नाविकों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को सलाम किया। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए कहा कि भारत की समुद्री विरासत हमारी ताकत है और यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार को आगे बढ़ाने के साथ-साथ देश के तटीय इलाकों की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने एक मजबूत और टिकाऊ समुद्री भविष्य के लिए प्रतिबद्धता दोहराई।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “सदियों से भारत की समुद्री मार्गों के ज़रिए दुनिया से जुड़ने की एक गौरवशाली परंपरा रही है। राष्ट्रीय समुद्री दिवस के मौके पर मैं साहसी और दिलेर नाविकों को बधाई देता हूं।”
बता दें कि राष्ट्रीय समुद्री दिवस हर साल 5 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन 1919 में भारत के पहले स्वामित्व वाले जहाज ‘एसएस लॉयल्टी’ की मुंबई से लंदन तक की पहली यात्रा की याद में मनाया जाता है। उस समय भारतीय शिपिंग ने ब्रिटिश एकाधिकार को चुनौती दी थी।
इस दिन का पहला आयोजन 1964 में किया गया था। भारत के विजन 2047 के तहत समुद्री क्षेत्र को और मजबूत बनाने की योजना है। वर्तमान में यह क्षेत्र देश की जीडीपी में लगभग 4 प्रतिशत का योगदान देता है, जिसे 2047 तक बढ़ाकर दो अंकों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने और 1 करोड़ से ज्यादा नई नौकरियां पैदा करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
 

होर्मुज को लेकर खाड़ी देशों का ‘विकल्पों’ पर जोर, बायपास करने की योजना में आई तेजी

05-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पश्चिम एशिया संघर्ष चरम पर है। वर्तमान हालात काबू से बाहर हैं, और होर्मुज चोक प्वाइंट को लेकर फिक्र बढ़ गई है। खाड़ी देश इससे काफी परेशान हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज के विकल्प को लेकर योजना तैयार है! दरअसल, यह ऐसा अहम रास्ता है जिससे होकर रोज करीब 20 मिलियन बैरल तेल गुजरता है। वहीं बढ़ते भूराजनीतिक जोखिम और हाल ही में जहाजों पर हुए हमलों ने पाइपलाइन और ओवरलैंड कॉरिडोर जैसे विकल्पों को लागू करने के लिए प्रेरित किया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात जैसे देश पहले से ही मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके स्ट्रेट को थोड़ा बाईपास कर रहे हैं।सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन, जिसे पेट्रोलाइन भी कहा जाता है, इस संकट के दौरान एक अहम संपत्ति के तौर पर उभरी है। किंगडम के पूर्वी तेल फील्ड से लाल सागर पोर्ट यानबू तक लगभग 1,200 किलोमीटर तक फैली इस पाइपलाइन की क्षमता लगभग 7 मिलियन बैरल प्रति दिन है और यह निर्यात प्रवाह बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।
यूएई भी अपनी अबू धाबी क्रूड ऑयल पाइपलाइन का इस्तेमाल कर रहा है, जो ऑनशोर हबशान फील्ड को ओमान की खाड़ी में फुजैराह पोर्ट से जोड़ती है। हर दिन 1.8 मिलियन बैरल तक की कैपेसिटी वाली यह पाइपलाइन एक्सपोर्ट को होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने में मदद करती है, हालांकि अभी इसका इस्तेमाल अपनी अधिकतम क्षमता से कम है।
विश्लेषकों ने बताया कि ये पाइपलाइन जरूरी ऑप्शन तो हैं, लेकिन ये गल्फ ऑयल शिपमेंट में किसी भी बड़ी रुकावट को थोड़ा ही ठीक कर सकती हैं। इसके जवाब में, दोनों देश अपनी एक्सपोर्ट फ्लेक्सिबिलिटी (निर्यात में थोड़ी नरमी) बढ़ाने के लिए एक्सपेंशन प्लान देख रहे हैं।
खबर है कि सऊदी अरब अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की क्षमता बढ़ाने या और रूट बनाने पर विचार कर रहा है, साथ ही अपने लाल सागर तट पर नए एक्सपोर्ट टर्मिनल डेवलप कर रहा है, जिसमें बड़ा नियोम प्रोजेक्ट भी शामिल है। इस बीच, यूएई अपनी बायपास क्षमता को और मजबूत करने के लिए फुजैराह तक दूसरी पाइपलाइन बनाने की संभावना देख रहा है। इन विकल्पों को मुश्किल क्रॉस-बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की तुलना में ज्यादा सही माना जा रहा है।
देश भर में विस्तारीकरण के अलावा, खाड़ी देश लंबे समय तक चलने वाली मजबूती को बेहतर बनाने के मकसद से बड़े रीजनल पाइपलाइन नेटवर्क पर भी विचार कर रहे हैं। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि पूरे इलाके में आपस में जुड़े कॉरिडोर का एक नेटवर्क अलग-अलग रूट की तुलना में ज्यादा सुरक्षा दे सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इंडस्ट्री के जानकारों ने कहा कि मौजूदा संकट ने ऐसे प्रोजेक्ट्स के बारे में सोचने पर मजबूर किया है। 

LPG पर खुशखबरी! भारतीय ध्वज वाले जहाज Green Asha ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

05-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) एलपीजी के मोर्चे पर देश के लिए खुशखबरी है। भारतीय ध्वज वाले जहाज ग्रीन आशा (Green Asha) ने ईरान के पास मौजूद संकरे समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव शुरू होने के बाद, यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने वाला भारत का नौवां जहाज है।
ईरान ने अमेरिका, इजरायल से युद्ध शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। दुनिया के एनर्जी सेक्टर के लिए यह रास्ता काफी अहम है, क्योंकि विश्व में होने वाले पेट्रोलियम के कुल व्यापार में से 20 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से होकर जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्रीन आशा एक एलपीजी टैंकर है और बढ़ते जोखिमों के बावजूद इसका सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करना, इस क्षेत्र पर भारत की निरंतर निर्भरता को दर्शाता है।
दरअसल, इस तनाव ने वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है, जिससे दुनिया के ऊर्जा बाजार कठिन चुनौती से गुजर रहे हैं। समुद्री आंकड़ों से पता चलता है कि इस मार्ग का उपयोग करने वाले लगभग 60 प्रतिशत मालवाहक जहाज या तो ईरान से आ रहे हैं या ईरान के लिए ही जा रहे हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों की गतिविधि अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।
ग्रीन आशा की यात्रा से पहले, कम से कम आठ भारतीय जहाज इस मार्ग से गुजर चुके थे। इनमें एलपीजी वाहक बीडब्ल्यू टीवाईआर और बीडब्ल्यू ईएलएम शामिल थे, जिन्होंने संघर्ष क्षेत्र से लगभग 94,000 टन माल का परिवहन किया। मार्च के अंत में, पाइन गैस और जग वसंत सहित चार भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकरों ने तीन दिनों की अवधि में 92,600 टन से अधिक एलपीजी की आपूर्ति की।
इससे पहले, एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी ने मार्च के मध्य में गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों तक लगभग 92,700 टन एलपीजी पहुंचाई थी।अन्य शिपमेंट में कच्चा और ईंधन शामिल थे। तेल टैंकर जग लाडकी ने संयुक्त अरब अमीरात से मुंद्रा तक 80,000 टन से अधिक कच्चे तेल का परिवहन किया, जबकि जग प्रकाश ने ओमान से अफ्रीकी बाजारों के लिए गैसोलीन ले जाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया। एक अन्य एलपीजी वाहक, ग्रीन सानवी ने भी हाल ही में लगभग 46,650 मीट्रिक टन कार्गो के साथ अपनी यात्रा पूरी की। 


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